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‘महा-भूकंप’ का खतरा? 1000 वर्षों से जमा हो रहा तनाव लॉस एंजेलिस के लिए बन सकता है चुनौती

 कैलिफोर्निया वैज्ञानिकों ने एक नए शोध में चेतावनी दी है कि दक्षिणी कैलिफोर्निया की दो सबसे प्रमुख फॉल्ट लाइनों सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो  में पिछले 1000 सालों की तुलना में इस समय सबसे अधिक दबाव जमा हो चुका है. यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई और यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के विशेषज्ञों के नेतृत्व में किए गए इस स्टडी ने भूकंपीय खतरों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।  शोधकर्ताओं ने एक आधुनिक 'फिजिक्स-बेस्ड मॉडल' का उपयोग करके साल 1000 ईस्वी (CE) से लेकर वर्तमान समय तक इन फॉल्ट्स पर बढ़ते दबाव को ट्रैक किया है. इस स्टडी के परिणाम बताते हैं कि लॉस एंजेलिस और रिवरसाइड जैसे घने बसे हुए महानगरीय क्षेत्रों के नीचे जमीन के भीतर एक बहुत बड़ा खतरा पनप रहा है, जो कभी भी एक बड़े विनाशकारी भूकंप का रूप ले सकता है।  क्या है यह नया शोध और कैसे मापा गया दबाव? इस ऐतिहासिक शोध में वैज्ञानिकों ने पारंपरिक तरीकों से हटकर एक खास कंप्यूटर मॉडल का इस्तेमाल किया है, जो पृथ्वी के भीतर होने वाली भौतिक हलचलों और टेक्टोनिक प्लेटों के दबाव को समझता है. इस मॉडल की मदद से पिछले एक हजार साल के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिससे यह पता चल सके कि समय के साथ इन फॉल्ट्स के अलग हिस्सों पर कितना दबाव बढ़ा या घटा है।  स्टडी में पाया गया कि सैन एंड्रियास फॉल्ट के 'मोजावे साउथ' हिस्से पर दबाव बढ़कर 2.8 मेगापास्कल (MPa) तक पहुंच गया है. वहीं दूसरी ओर, सैन जैसिंटो फॉल्ट की 'बरनार्डिनो स्ट्रैंड' पर यह दबाव और भी अधिक यानी 3.6 मेगापास्कल (MPa) दर्ज किया गया है।  वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 1000 वर्षों के इतिहास में इन दोनों जगहों पर दबाव का यह अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है. यह दबाव इस बात का संकेत है कि धरती के नीचे की चट्टानें अब अपनी सहनशीलता की आखिरी सीमा पर हैं।  कजोन पास: महा-भूकंप का संभावित केंद्र इस पूरे शोध में सबसे चिंताजनक बात 'कजोन पास' को लेकर सामने आई है. कजोन पास वह भौगोलिक स्थान है जहां सैन एंड्रियास और सैन जैसिंटो फॉल्ट्स एक-दूसरे के बेहद करीब आते हैं. वैज्ञानिक इस जगह को एक मुख्य 'जंक्शन' या संपर्क बिंदु मान रहे हैं।  कजोन पास के कारण दोनों फॉल्ट्स आपस में इस तरह जुड़ सकते हैं कि यदि किसी एक फॉल्ट पर भूकंप की शुरुआत होती है, तो उसका कंपन या दरार दूसरे फॉल्ट को भी सक्रिय कर देगी.अगर ऐसा होता है, तो यह कई दरारों का एक साथ टूटना होगा, जो इतिहास के किसी भी सामान्य भूकंप से कहीं ज्यादा बड़ा और विनाशकारी हो सकता है।  दो बड़ी फॉल्ट लाइनों के एक साथ मिलने से पैदा होने वाला भूकंप रिक्टर पैमाने पर 7.5 या उससे भी अधिक तीव्रता का हो सकता है, जिससे दक्षिणी कैलिफोर्निया के एक बहुत बड़े हिस्से में भारी तबाही मच सकती है।  दशकों की शांति बढ़ा रही है बड़ा खतरा कैलिफोर्निया के इतिहास पर नजर डालें तो सैन एंड्रियास के मोजावे साउथ हिस्से में साल 1857 के बाद से कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है. वहीं सैन जैसिंटो की बरनार्डिनो शाखा में आखिरी बार साल 1968 में हलचल देखी गई थी. पिछले कई दशकों या कहें तो सदियों की यह शांति वास्तव में कोई राहत की बात नहीं है, बल्कि यह एक बड़े खतरे की दस्तक है।  जब दो टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में रगड़ खाती हैं और उनके बीच की फॉल्ट लाइन हिलती नहीं है, तो वहां लगातार ऊर्जा और दबाव जमा होता रहता है. इसे सिस्मिक गैप कहा जाता है. चूंकि पिछले 150 से अधिक सालों से मोजावे साउथ सेगमेंट पूरी तरह शांत है, इसलिए वहां इतनी भारी मात्रा में दबाव जमा हो चुका है कि जब भी यह फॉल्ट टूटेगा, तो इससे निकलने वाली ऊर्जा अकल्पनीय होगी।  यह भविष्यवाणी नहीं, बल्कि तैयारी की चेतावनी है इस शोध की मुख्य लेखिका लिलियन बर्कहार्ड ने स्पष्ट किया है कि उनके इस स्टडी का उद्देश्य किसी निश्चित तारीख या समय पर भूकंप आने की भविष्यवाणी करना बिल्कुल नहीं है. वर्तमान विज्ञान के पास ऐसी कोई तकनीक नहीं है जो यह बता सके कि भूकंप ठीक किस दिन या किस समय आएगा।  बर्कहार्ड के अनुसार, इस रिसर्च का असली मकसद प्रशासन और आम जनता को आने वाले कल के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है. यह डेटा लॉस एंजेलिस, रिवरसाइड और सैन बर्नार्डिनो जैसे शहरों के लिए आपदा प्रबंधन और शहरी नियोजन में बेहद मददगार साबित होगा।  इस जानकारी का उपयोग करके स्थानीय सरकारें अपने बिल्डिंग कोड को और सख्त बना सकती हैं, ताकि भविष्य में बनने वाली इमारतें इतने ऊंचे दबाव से पैदा होने वाले झटकों को झेल सकें. इसके अलावा, पुराने बुनियादी ढांचे, जैसे कि पुल, पानी की पाइपलाइनें और बिजली ग्रिड को मजबूत करने के लिए भी इस डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। 

लुधियाना-हलवारा एयरपोर्ट की बढ़ी लोकप्रियता, 49% सीटें रहीं फुल; एयरलाइंस उत्साहित

लुधियाना लुधियाना के हलवारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने को लेकर यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 15 मई से 10 जून तक का यात्री डेटा जारी किया है।  एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार, नए एयरपोर्ट के लिहाज से यह आंकड़ा संतोषजनक माना जा रहा है। यात्रियों के क्रेज से एयरलाइंस की उम्मीदें जगी हैं। इस एयरपोर्ट ने शुरुआती 26 दिनों यानि 15 मई से 10 जून तक उम्मीद से कई ज्यादा यात्री आए हैं। यात्रियों के क्रेज को देखते हुए कुछ दिन पहले एयर इंडिया ने लुधियाना से कनेक्टिंग फ्लाइट का शेड्यूल भी जारी किया था।     कुल उड़ानें और सीटें: हलवारा एयरपोर्ट से फिलहाल रोजाना औसतन 4 उड़ानें (आने और जाने वाली मिलाकर) संचालित हो रही हैं। हलवारा एयरपोर्ट पर उतरने वाले एयर इंडिया के जहाज में यात्रियों के लिए 138 सीटें हैं। इस लिहाज से हर दिन एयरपोर्ट पर कुल 552 सीटों (आने जाने की) की उपलब्धता रहती है। 26 दिनों के संचालन के दौरान एयरलाइंस के पास कुल 14352 सीटें उपलब्ध थीं।     सीटें बुक होने का प्रतिशत: इन 14352 उपलब्ध सीटों में से 7,008 यात्रियों ने सफर किया। इस हिसाब से पहले ही महीने में हलवारा एयरपोर्ट पर लगभग 49% सीटें बुक हुईं, जिसे एविएशन इंडस्ट्री में नए एयरपोर्ट के लिए एक बेहतरीन शुरुआत माना जाता है।     हर फ्लाइट में औसतन 68 यात्री कर रहे सफर: एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के आंकड़ो की केलकुलेशन करें तो 26 दिनों में 4 उड़ानों के हिसाब से कुल 104 फ्लाइट्स ने टेकऑफ और लैंडिंग की। इसमें 7,008 यात्रियों ने सफर किया, यानी हर फ्लाइट में औसतन 67 से 68 यात्री सफर कर रहे हैं। इस तरह एक दिन में औसतन 272 यात्री फ्लाइट्स से आ जा रहे हैं।     समर वेकेशन में मिला उछाल: समर वेकेशन पर जाने वाले लोगों ने हलवारा एयरपोर्ट का खूब इस्तेमाल किया। हवाई अड्डे के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 10 जून के बीच 1,368 यात्री हलवारा हवाई अड्डे पर पहुंचे, जो प्रतिदिन औसतन लगभग 137 यात्री हैं। यह 15 मई से 31 मई के बीच की अवधि की तुलना में 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।     1,921 यात्रियों ने हवाई अड्डे से यात्रा की: इसी तरह, 1 से 10 जून के दौरान प्रस्थान (जाने वाले यात्रियों) में 67 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई, जिसमें 1,921 यात्रियों ने हवाई अड्डे से यात्रा की, जो दैनिक औसतन लगभग 192 यात्री हैं। मई में, जब उड़ान संचालन शुरू हुआ था, प्रति दिन औसत आगमन 105 यात्री था जबकि औसत प्रस्थान 115 यात्री प्रति दिन था। एयर इंडिया इसे मान रही है बेहद पॉजिटिव साइन हलवारा से मुख्य रूप से उड़ानें संचालित कर रही एयर इंडिया और एयरपोर्ट अथॉरिटी इस रिस्पॉन्स से बेहद गदगद हैं। एयर इंडिया के सूत्रों के मुताबिक, किसी भी नए घरेलू या इंटरनेशनल रूट पर शुरुआती महीने में 49% की ऑक्यूपेंसी मिलना और हर फ्लाइट में औसतन 67+ यात्रियों का होना एक बेहद पॉजिटिव साइन है। बिजनेस ट्रैवलर्स व कॉर्पोरेट बुकिंग बढ़ने की उम्मीद लुधियाना पंजाब का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर (इंडस्ट्रियल हब) है। यहां के कारोबारियों और एनआरआई (NRI) को पहले दिल्ली या अमृतसर जाना पड़ता था। एयर इंडिया का मानना है कि आने वाले दिनों में जैसे ही बिजनेस ट्रैवलर्स और कॉर्पोरेट बुकिंग्स बढ़ेंगी, यह ऑक्यूपेंसी 70 से 80 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने की समीक्षा हाल ही में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी खुद दिल्ली से हवाई मार्ग से हलवारा पहुंचे और उन्होंने एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने इस शानदार शुरुआत के लिए टीम की तारीफ की।

Monsoon 2026 Update: मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक तय, कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर करवट ली है। IMD ने अगले 5 दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, बारिश, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और उसके प्रभाव से प्रदेश में व्यापक वर्षा गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। MP में मानसून का इंतजार अब अंतिम चरण में दिखाई दे रहा है। आईएमडी के अनुसार सोमवार को प्रदेश का वातावरण तेजी से मानसूनी स्वरूप ग्रहण कर रहा है। रात के तापमान में गिरावट, हवा में बढ़ती नमी और अधिकांश क्षेत्रों में हो रही बारिश संकेत है कि मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 5 डिग्री कम है। राजगढ़, दमोह, शिवपुरी और ग्वालियर जैसे जिलों में भी रात का तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। यह स्थिति बताती है कि बादलों और नमी की उपस्थिति के कारण वातावरण में शीतलता बनी हुई है। शिवपुरी में सबसे अधिक बारिश दर्ज पिछले 24 घंटों में शिवपुरी में 20.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो प्रदेश में सर्वाधिक रही। इसके अलावा मालांजखंड, ग्वालियर, जबलपुर और गुना में भी बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि वर्षा अभी पूरे प्रदेश में एक समान नहीं हुई है, लेकिन यह स्पष्ट संकेत है कि वातावरण में पर्याप्त नमी और अस्थिरता मौजूद है।     अगले 5 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की संभावना।     कुछ जिलों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं तेज हवाएं।     भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा समेत कई जिले अलर्ट पर।     ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में भी मौसम बदलेगा।     मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। प्रदेश के किन इलाकों में रहेगा ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार 16 से 20 जून के बीच भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, जबलपुर, डिंडोरी, उमरिया, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, सागर और आसपास के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। दिन-रात के तापमान में 2 से 5 डिग्री गिरावट बारिश की गतिविधियों के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। कई जिलों में मौसम सुहावना बना हुआ है। खरीफ फसलों के लिए वरदान साबित होगी बारिश मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि अगले कुछ दिनों तक समुद्री नमी का प्रवाह इसी तरह बना रहता है तो मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून का तेजी से विस्तार हो सकता है। किसानों से लेकर आम नागरिकों तक सभी की निगाहें अब उस पहली व्यापक मानसूनी बारिश पर टिकी हैं, जो गर्मी से राहत देने के साथ खरीफ फसलों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। मौसम विभाग की सलाह     खराब मौसम के दौरान पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।     बिजली चमकने पर खुले मैदान में न जाएं।     किसान फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करें।     तेज हवा और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।

आज का राशिफल 17 जून: करियर, धन और सेहत के लिहाज से कैसा रहेगा आपका दिन?

मेष 17 जून के दिन आप खुलकर बात करेंगे। मददगार दोस्तों को आकर्षित कर सकते हैं। नई स्किल्स सीखना आपके मन को उत्साहित करेगी। किसी रोमांचक टास्क की जिम्मेदारी लेने से पहले समझदारी से योजना बनाएं। तैयारी आपके लिए नए द्वार खोलती है। वृषभ 17 जून के दिन दिल खोलकर सोचें। आप गहरी रचनात्मकता और कोमल भावनाओं का अनुभव करेंगे। अपनी एनर्जी स्टेबल रखने के लिए कला और आराम के बीच संतुलन बनाए रखें। देखभाल करने वाले दोस्तों के माध्यम से सरप्राइज मिल सकते हैं। मिथुन 17 जून के दिन बड़े सपने देखें। घर और स्कूल की लाइफस्टाइल शांति दिला सकती है। चुनाव करते समय खुद पर भरोसा करें। दयालु कार्य सकारात्मक भावना फैलाते हैं। चुनाव करते समय अपनी भावनाओं पर भरोसा करें। कर्क 17 जून के दिन दोस्तों के साथ मधुर संबंध पूरे दिन खुशियां महसूस कराएंगे। नए विचार उत्साह जगाते हैं। आपकी एनर्जी उच्च स्तर पर है। आज का दिन आपके लिए अच्छा मूड और रोमांच की भावना लेकर आएगा। सिंह 17 जून के दिन आप क्रिएटिव सोच या दिलचस्प बातचीत की ओर आकर्षित हो सकते हैं। आपकी जिज्ञासा आपको नई चीजें आजमाने के लिए मोटिवेट कर सकती है। दोस्तों या सहकर्मियों का सपोर्ट आपको कॉन्फिडेंट महसूस कराता है। कन्या 17 जून के दिन आपको अपनी भावनाओं पर भरोसा करने की जरूरत है। आप शांत पलों में शांति पा सकते हैं। आपके आस-पास के लोग आपकी सलाह ले सकते हैं, और आप दयालुता के साथ उन्हें ज्ञान प्रदान करेंगे। तुला 17 जून के दिन आज बारीकियों पर आपका ध्यान समस्या-समाधान कौशल को निखारता है। आप उन पैटर्न पर ध्यान दे सकते हैं, जो दूसरे लोग अनदेखा कर देते हैं, जिससे समाधान निकलते हैं। आत्मविश्वास और प्रगति के लिए धैर्य बनाए रखे और व्यवस्थित रहें। वृश्चिक 17 जून के दिन शांत रहें, जो सबसे सबसे मायने रखता है, उस पर ध्यान केंद्रित करें और ध्यान भटकाने से बचें। आपका देखभाल करने वाला स्वभाव काम आएगा। आज रिश्तों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करें। बेहतर करियर ग्रोथ के लिए प्रोफेशनल मौकों का उपयोग करें। धनु 17 जून के दिन पूरे दिन पॉजिटिव रहेंगे। धैर्य से आप कार्यों, रिश्तों और स्वास्थ्य को आसानी से संभाल पाएंगे और क्लेरिटी लाएंगे। आपकी एनर्जी और सोच-समझकर लिए गए फैसलों के साथ दिन सुचारू रूप से बीतेगा। मकर 17 जून के दिन एक शांत और प्रोडक्टिव वातावरण रहेगा। जैसे-जैसे आप अपनी लाइफस्टाइल में स्टेबल होंगे, आपको छोटी-छोटी सफलता मिलती जाएगी। आपके आस-पास के लोग सहयोगी रहेंगे और आपके प्रयासों की तारीफ की जाएगी। कुंभ 17 जून के दिन पॉजिटिव दृष्टिकोण और व्यवस्थित मन तनाव को दूर रखेगा। आज का दिन आपको प्यार, काम और स्वास्थ्य के मामले में सही डिसीजन लेने में मदद करता है। इमोशनल संतुलन आपके दिन में सुकून और शांति लाता है। अचानक से धन लाभ हो सकता है। मीन 17 जून के दिन नौकरी में उत्पादकता संबंधी समस्याओं पर काबू पाएं। छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं हो सकती हैं और आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। लव लाइफ में समस्याओं को सुलझाएं और अपने साथी के साथ एक्स्ट्रा टाइम स्पेंड करें।  

मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा के विस्तार और तकनीकी चुनौतियों के समाधान पर भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

भोपाल  नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनु वास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां ऊर्जा सुरक्षा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने का माध्यम बनेंगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार, नीति समर्थन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से राज्य में हरित ऊर्जा के विस्तार को नई गति मिलेगी। मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक  अमनबीर सिंह बैंस ने कहा कि आधुनिक तकनीकों और प्रभावी ग्रिड प्रबंधन के माध्यम से विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है तथा इससे राज्य की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस अवसर पर अतिथियों ने पुस्तक विमोचन भी किया। “मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा परिनियोजन को आगे बढ़ाना” विषय पर भोपाल में आयोजित कार्यशाला में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, परियोजना विकासकर्ताओं, शोधकर्ताओं, डिस्कॉम प्रतिनिधियों तथा सरकारी एवं निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय जलवायु पहल (आईकेआई), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्यप्रदेश शासन तथा मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार एवं तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश में एग्रीफोटोवोल्टिक्स पर व्यापक कानूनी एवं व्यवहार्यता मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया गया। इसके साथ ही सौर ऊर्जा संयंत्रों के प्रदर्शन विश्लेषण, रिएक्टिव पावर मापन, रिले एवं ट्रांसफार्मर समन्वय, 11 केवी ग्रिड इंजेक्शन से जुड़ी चुनौतियों तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न तकनीकी विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।कार्यशाला में जर्मनी के संघीय आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्रालय, जर्मन दूतावास, जीआईजेड इंडिया तथा केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने मध्यप्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, तकनीकी नवाचार और संस्थागत समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।  

आंगनवाड़ी दीदी के प्रयास से कुपोषण के चक्रव्यूह से बाहर आई मासूम माहिका

भोपाल  जब सरकारी प्रयास और एक माँ का संकल्प आपस में मिलते हैं, तो कुपोषण जैसी गंभीर चुनौती को भी मात दी जा सकती है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जमीनी प्रयासों और 'पोषण पखवाड़ा' अभियान की सफलता की एक बेहद भावुक और प्रेरक कहानी ग्वालियर जिले से सामने आई है। यहाँ के शहरी परियोजना-01 के अंतर्गत आने वाले पीएचई कॉलोनी (सेक्टर 3, वार्ड 7) आंगनबाड़ी केंद्र की सजगता से 'सैम' (SAM – Severe Acute Malnutrition) यानी गंभीर कुपोषण की शिकार एक मासूम बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य श्रेणी में आ चुकी है। इस सफलता ने न केवल एक परिवार को खुशियाँ लौटाई हैं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए कुपोषण के खिलाफ जंग में एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। ग्वालियर की पीएचई कॉलोनी में रहने वाली  मोना के घर 14 मार्च 2025 को बेटी माहिका का जन्म हुआ था। जन्म के कुछ महीनों बाद ही माहिका का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा और वह शारीरिक रूप से कमजोर होने लगी। जनवरी 2026 में जब आंगनबाड़ी केंद्र पर उसका वजन और लंबाई मापी गई, तो आंकड़े बेहद चिंताजनक थे। महज 5 किलो 500 ग्राम वजन और 68 सेंटीमीटर लंबाई के साथ माहिका 'सैम' (गंभीर कुपोषण) की श्रेणी में जा चुकी थी। एक माँ के लिए अपनी संतान को इस हालत में देखना किसी सदमे से कम नहीं था। माहिका की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता  माधुरी राजावत ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने 19 जनवरी 2026 को माहिका को विशेष 'C-SAM' कार्यक्रम के तहत पंजीकृत किया और उस पर विशेष ध्यान देना शुरू किया। इस पूरी मुहिम में बड़ा बदलाव तब आया जब अप्रैल माह में आयोजित 8वें पोषण पखवाड़े के दौरान परियोजना अधिकारी डॉ. मनोज गुप्ता और सेक्टर पर्यवेक्षक  सुमन पांडे ने खुद इस मामले में गहरी रुचि ली। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी टीम ने केंद्र पर आए हितग्राहियों को परामर्श देते हुए भोजन में मोटे अनाज, मौसमी सब्जियों, फलों और 'तिरंगा भोजन' के महत्व को समझाया। इसके साथ ही 6 माह से 2 वर्ष के बच्चों के लिए नियमित स्तनपान के साथ दिन में तीन से चार बार ऊपरी आहार देने की सलाह दी गई। इस आयोजन में माहिका की माँ मोना भी सम्मिलित हुईं और उन्होंने वहाँ दी गई हर सीख को गहराई से समझा। विभागीय अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की टीम ने माहिका के घर जाकर गृहभेंट की और परिवार का हौसला बढ़ाया। आंगनबाड़ी केंद्र से मिली सीख को  मोना ने पूरी निष्ठा से अपने जीवन में लागू किया। उन्होंने आंगनबाड़ी से मिलने वाले टेक होम राशन (THR) का सही उपयोग कर अपनी बेटी के लिए नियमित रूप से पौष्टिक हलवा और खिचड़ी बनाना शुरू किया। पोषण के साथ माँ ने माहिका के मानसिक विकास पर भी ध्यान दिया, जिसके तहत उन्होंने बच्ची के साथ खेलना, उसे कविताएं सुनाना और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना प्रारंभ किया। सघन प्रयास के बाद प्रत्येक सप्ताह माहिका की ग्रोथ मॉनिटरिंग की जाने लगी, जिसके सुखद परिणाम अब सामने आ चुके हैं। विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन और माँ की अथक मेहनत से वर्तमान में माहिका का वजन और लंबाई दोनों ही पूरी तरह से सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं। मासूम माहिका के स्वास्थ्य में आया यह क्रांतिकारी सुधार देखकर उसके माता-पिता और पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। आंगनबाड़ी दीदी की इस ममतामयी पहल और विभाग की मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि सही पोषण, सही देखभाल और निरंतर निगरानी से हर आंगन को खुशहाल बनाया जा सकता है।    

मुरैना के डायल-112 हीरोज कुएँ में गिरकर घायल हुए 45 वर्षीय व्यक्ति को पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  मुरैना जिले के थाना कैलारस क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता से कुएँ में गिरकर घायल हुए 45 वर्षीय व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर समय पर अस्पताल पहुँचाया गया। त्वरित सहायता के कारण घायल व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया जा सका। 16 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कैलारस क्षेत्र अंतर्गत डोंगरपुर नरवुआ के पास एक व्यक्ति कुएँ में गिर गया है तथा उसे तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कैलारस थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया या। डायल-112 स्टाफ आरक्षक  विजयपाल गुर्जर एवं पायलट  संतोषी ने मौके पर पहुंचकर पाया कि 45 वर्षीय व्यक्ति कुएँ में गिर जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए स्थानीय लोगों की सहायता से घायल व्यक्ति को सुरक्षित कुएँ से बाहर निकाला और एफआरव्ही वाहन से शासकीय अस्पताल कैलारस पहुँचाकर भर्ती कराया। डायल-112 की समयबद्ध एवं संवेदनशील कार्यवाही से घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर संकट की घड़ी में मानवीय संवेदनाओं के साथ नागरिकों की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।  

हीट वेव की चुनौती को देखते हुए पूरे प्रदेश में लागू होगी एक समान अवकाश व्यवस्था

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और हीट वेव की परिस्थितियों को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाकर 24 जून तक कर दी गई है।  अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब प्रत्येक वर्ष 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा तथा 25 जून से विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन प्रारंभ होगा। योगी सरकार का उद्देश्य बच्चों को भीषण गर्मी से सुरक्षित रखते हुए नए शैक्षणिक सत्र की बेहतर और व्यवस्थित शुरुआत सुनिश्चित करना है। प्रदेश सरकार ने यह निर्णय पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए लिया है, जब हीट वेव की स्थिति के कारण जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर बार-बार अवकाश बढ़ाना पड़ता था। नई व्यवस्था से पूरे प्रदेश में एकरूपता सुनिश्चित होगी और विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों को स्पष्ट शैक्षणिक कैलेंडर उपलब्ध हो सकेगा। 22 जून से विद्यालय पहुंचेंगे शिक्षक, नए सत्र की तैयारियां होंगी पूरी योगी सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि विद्यालय खुलने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इसके लिए 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। इस अवधि में लेसन प्लान तैयार करने, मध्याह्न भोजन व्यवस्था को अंतिम रूप देने, पाठ्यपुस्तक वितरण की तैयारी, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक, बाल वाटिका संचालन की तैयारी, विद्यालय परिसर, रसोईघर एवं शौचालयों की साफ-सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता तथा स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब को क्रियाशील बनाने जैसे कार्य संपन्न किए जाएंगे। 220 कार्यदिवस और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर रहेगा विशेष जोर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 220 कार्यदिवस और नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित करने से पूर्व इस विधिक प्रावधान को ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए हैं। योगी सरकार का मानना है कि बच्चों के अधिगम परिणामों में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना आवश्यक है। योग, स्वच्छता और बेहतर अधिगम वातावरण पर फोकस आदेश में विद्यालयों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं की सहभागिता से सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सकारात्मक सोच से जोड़ना भी है।

जनसुनवाई में छात्रा ने रखी परिवार की पीड़ा, पुनर्वास और मुआवजे को लेकर उठाए सवाल

 इंदौर स्कूल चले हम अभियान के अंतर्गत कलेक्टर शिवम वर्मा ने मंगलवार को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर में विद्यार्थियों से संवाद किया। संवाद के दौरान मुसाखेड़ी क्षेत्र की रहने वाली छात्रा सानिया ने कलेक्टर वर्मा से सवाल पूछा कि उज्जैन और इंदौर में विकास के लिए घर तोड़े जा रहे हैं, यह जरूरी है? लोगों को इसके लिए मुआवजा या रहने की जगह नहीं दी जाती। इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जब भी सड़क बनती है तब इस तरह की परिस्थिति बनती है। इसके लिए लोगों को मुआवजा भी दिया जाता है और रहने की जगह भी दी जाती है। छात्रा ने बताया कि रामनगर पालदा में चौड़ीकरण के दौरान मकान तोड़ने की कार्रवाई की गई, लेकिन कई लोगों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला। जब घर पर इस तरह की बातें सुनीं तो यह सवाल किया। संवाद के दौरान कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल अकादमिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि प्रभावी संवाद कौशल (कम्युनिकेशन स्किल) और नेतृत्व क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं है, बल्कि यह जीवन के अनेक महत्वपूर्ण कौशल सीखने का मंच भी है। मित्रों, शिक्षकों और सहपाठियों के साथ संवाद करते हुए बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता, टीमवर्क और नेतृत्व जैसे गुण विकसित होते हैं, जो आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समय के साथ स्वयं को करें अपडेट कलेटर वर्मा ने कहा कि समय के साथ तकनीक में कितने बड़े बदलाव आए हैं और आने वाले वर्षों में भी यह परिवर्तन लगातार जारी रहेगा। विद्यार्थियों को नई तकनीकों, नए उपकरणों और नई जानकारियों को सीखने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। जो लोग समय के साथ स्वयं को अपडेट रखते हैं, वही भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो पाते हैं। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी भार्गव, प्राचार्य पूजा सक्सेना आदि मौजूद रहीं। जिन स्कूलों को मरम्मत की जरूरत, वहां नहीं गए अधिकारी डीपीसी कार्यालय से जारी सूची के अनुसार 154 स्कूलों में कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को पढ़ाने के लिए जाना था। लेकिन कार्यालय से सिर्फ उन्हीं स्कूलों को चिह्नित किया जो हाईटेक हैं और वहां समस्याएं नहीं हैं। जबकि जर्जर स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई नहीं गया। हर वर्ष की तरह वे राह देखते रह गए कि कोई अधिकारी आए और व्यवस्थाओं में सुधार लाए। एसडीएम, सीएमएचओ नहीं गए पढ़ाने एसडीएम प्रिया वर्मा, सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी सहित 20 प्रतिशत अधिकारी विद्यार्थियों को स्कूल में पढ़ाने के लिए ही नहीं पहुंचे। विद्यार्थी सुबह से इनकी राह देखते रहे कि कोई अधिकारी आएगा, जिनसे वे अपने सवाल पूछ सकेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि एसडीएम वर्मा अवकाश पर होने के कारण नहीं जा पाईं। विद्यार्थियों ने कलेक्टर से पूछे सवाल सवाल: अच्छे लीडर की क्या खूबियां होती हैं? – अदिति, कक्षा 12वीं जवाब: एक अच्छा लीडर वही होता है जो अपने साथ काम करने वाले लोगों के लक्ष्य, उनकी आवश्यकताओं और उनकी सोच को समझकर उन्हें प्रेरित कर सके तथा सही दिशा दिखा सके। सवाल: मुझे डांस, म्यूजिक पसंद है। क्या सिर्फ पढ़ाई करके ही करियर बना सकते हैं? – तपस्या त्रिपाठी, कक्षा 12वीं जवाब: समाज में अक्सर कला, संगीत, नृत्य, चित्रकला गतिविधियों को केवल सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के रूप में देखा जाता है, जबकि वर्तमान समय में ये उत्कृष्ट करियर विकल्प के रूप में भी उभरकर सामने आए हैं। सवाल: करियर के लिए कई विकल्प होते हैं, सही का चयन कैसे करें? – आदित्य शर्मा, कक्षा 11वीं जवाब: जब मैं कॉलेज में था, तब वहां प्रशासनिक अधिकारी आते थे, उन्हें देखकर लगा था कि यह अच्छा करियर है। यदि किसी क्षेत्र में रुचि हो तो उसे पूरे समर्पण और ईमानदारी के साथ अपनाना चाहिए। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और हर उपलब्धि के पीछे कठोर परिश्रम छिपा होता है।  

56 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, युवाओं को दिए क्रिकेट किट

रायपुर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने 5 गांवों में लगाई चौपाल उप मुख्यमंत्री तथा स्थानीय विधायक  अरुण साव ने लोरमी के खेकतरा, कुम्हरौली, मोहतरा कुर्मी, पीपरखुंटा और औराबांधा में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने इन गांवों में 56 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने जनचौपाल में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनके सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने इस दौरान मोदी सरकार और साय सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने गांववालों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया। उप मुख्यमंत्री  साव ने खेकतरा में महामाया मंदिर में ज्योति कलश भवन का लोकार्पण कर ग्रामवासियों को समर्पित किया। उन्होंने औराबांधा में नवनिर्मित सामुदायिक भवन एवं खाद्यान्न भंडारण भवन का लोकार्पण किया।  साव ने पांचों गांवों के युवाओं को क्रिकेट किट भी प्रदान किया। उन्होंने युवाओं को खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।