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पीएम नरेंद्र मोदी अफ्रीकी देश नामीबिया पहुंचे, पारंपरिक नृत्य के साथ हुआ स्वागत

नामीबिया पांच देशों के विदेश यात्रा के अंतिम पड़ाव में पीएम नरेंद्र मोदी अफ्रीकी देश नामीबिया पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह 11 बजे (भारतीय समयानुसार) दक्षिण अफ्रीकी देश नामीबिया पहुंचे। राजधानी विंडहोक के एयरपोर्ट पर लैंड होने के बाद पीएम मोदी का पारंपरिक नृत्य के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री भी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने खुद कलाकारों के साथ नामीबियाई पारंपरिक ढोलक भी बजाया। मोदी राष्ट्रपति नंदी-नदैतवा के निमंत्रण पर नामीबिया की यात्रा पर पहुंचे हैं। नामीबियाई राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली नामीबिया यात्रा है। साथ ही 27 सालों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का नामीबिया दौरा है। वहीं भारत से किसी प्रधानमंत्री की तीसरी यात्रा है। PM मोदी से पहले 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नामीबिया गए थे। इससे पहले 1990 में उस वक्त PM रहे वीपी सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी सहित कई हाई रैंक लीडर नामीबिया के स्वतंत्रता दिवस पर वहां गए थे। प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति नंदी-नदैतवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री नामीबिया के संस्थापक जनक एवं प्रथम राष्ट्रपति दिवंगत डॉ. सैम नुजोमा को भी श्रद्धांजलि देंगे। साथ ही नामीबिया की संसद को भी संबोधित करेंगे। पीएम मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा, शिक्षा, रक्षा, व्यापार, और वन्यजीव संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है. भारत, नामीबिया में तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहता है, जो ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी, जिसमें स्वास्थ्य और औषधि निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल हैं। मोदी यहां राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवा से मिलेंगे। दोनों देशों के बीच डायमंड बिजनेस, जरूरी खनिजों और यूरेनियम सप्लाई पर चर्चा की संभावना है। इसके अलावा मोदी नामीबिया की संसद को भी संबोधित करेंगे। मोदी का नामीबिया दौरा 2 जुलाई से 10 जुलाई तक 5 देशों की यात्रा का हिस्सा है, जिसमें घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया शामिल हैं। नामीबिया हीरा, यूरेनियम, तांबा, फॉस्फेट और अन्य खनिजों से समृद्ध देश है। नामीबिया में क्या है खास? नामीबिया में यूरेनियम, लिथियम और डिसप्रोशियम जैसे दुर्लभ खनिजों के विशाल भंडार हैं। ये खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हैं. भारत यूरेनियम आयात को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहा है। नामीबिया डायमंड प्रोसेसिंग का हब भी है। यह देश हीरे, सोना, और अन्य खनिजों के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है. यहां का नामीब रेगिस्तान दुनिया के सबसे खूबसूरत और प्राचीन रेगिस्तानों में से एक है। यह अपनी सुंदरता और लाल रेत के टीलों के लिए प्रसिद्ध है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नामीब सैंड सी का हिस्सा है। यहां के एटोशा नेशनल पार्क, स्वाकॉपमुंड और स्केलेटन कोस्ट जैसे क्षेत्र वन्यजीव और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं।

‘INS निस्तर’ समंदर में दुश्मन को ढूंढने वाला योद्धा, अब नए रूप में मारी एंट्री, समुद्र में रेस्क्यू ऑपरेशन होंगे और मजबूत

 विशाखापट्टनम   विशाखापट्टनम में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल ‘निस्तार’ सौंपा. यह जहाज भारत में ही डिजाइन और बनाया गया है. यह गहरे समुद्र में रेस्क्यू ऑपरेशन की क्षमता को बढ़ाएगा.  ‘निस्तार’ क्या है और क्यों खास है? ‘निस्तार’ एक ऐसा युद्धपोत है, जो गहरे समुद्र में गोताखोरी और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बनाया गया है. इसका नाम संस्कृत शब्द ‘निस्तार’ से आया है, जिसका मतलब है मुक्ति, बचाव या उद्धार. यह दुनिया के कुछ चुनिंदा नौसेनाओं के पास मौजूद खास तकनीक वाला जहाज है.     आकार और वजन: यह जहाज 118 मीटर लंबा है और इसका वजन करीब 10,000 टन है.     खास उपकरण: इसमें आधुनिक डाइविंग उपकरण हैं, जो 300 मीटर गहराई तक सैचुरेशन डाइविंग (लंबे समय तक गहरे पानी में रहना) और 75 मीटर तक साइड डाइविंग ऑपरेशन कर सकते हैं.     रेस्क्यू की क्षमता: यह जहाज डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू वेसल (DSRV) के लिए ‘मदर शिप’ का काम करता है. अगर किसी पनडुब्बी में आपातकालीन स्थिति हो, तो यह लोगों को बचाने में मदद करता है.     गहरे समुद्र में काम: इसमें रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (ROVs) हैं, जो 1000 मीटर गहराई तक गोताखोरों की निगरानी और सैल्वेज ऑपरेशन (समुद्र से चीजें निकालना) कर सकते हैं. स्वदेशी तकनीक का कमाल ‘निस्तार’ को हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है. इसे इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (IRS) के नियमों के अनुसार डिजाइन किया गया है. इस जहाज में 75% से ज्यादा हिस्सा स्वदेशी है. यह भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल का शानदार उदाहरण है. ‘निस्तार’ का महत्व     नौसेना की ताकत बढ़ी: ‘निस्तार’ भारतीय नौसेना को गहरे समुद्र में रेस्क्यू ऑपरेशन करने की नई ताकत देगा। यह खासकर पनडुब्बी आपातकाल में बहुत जरूरी है.      दुर्लभ क्षमता: दुनिया में बहुत कम नौसेनाओं के पास ऐसी तकनीक है. यह जहाज भारत को समुद्री रक्षा में और मजबूत बनाता है.     स्वदेशी गर्व: इस जहाज का निर्माण भारत में हुआ है, जो हमारी तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है. कैसे काम करता है ‘निस्तार’? ‘निस्तार’ का मुख्य काम गहरे समुद्र में गोताखोरी और बचाव कार्य करना है. अगर कोई पनडुब्बी समुद्र में फंस जाए या उसमें कोई खराबी हो, तो यह जहाज तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर सकता है. इसके ROVs समुद्र की गहराई में जाकर स्थिति का जायजा लेते हैं. जरूरी सामान या लोगों को बचाने में मदद करते हैं. इसके अलावा, यह जहाज समुद्र में डूबी चीजों को निकालने के लिए भी इस्तेमाल हो सकता है. भारत के लिए गर्व की बात ‘निस्तार’ का भारतीय नौसेना में शामिल होना एक बड़ा कदम है. यह न सिर्फ हमारी नौसेना को मजबूत करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारत अब ऐसी उन्नत तकनीक अपने दम पर बना सकता है. हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड और भारतीय वैज्ञानिकों की मेहनत ने इस सपने को हकीकत में बदला है. INS निस्तर’ समंदर में दुश्मन को ढूंढने वाला योद्धा भारतीय नौसेना अपनी ताकत को और मजबूत करने जा रही है. 18 जुलाई को भारतीय नौसेना के बेड़े में एक बेहद खास जहाज शामिल होने जा रहा है “INS निस्तर”. यह सिर्फ एक सपोर्ट शिप नहीं, बल्कि समुद्र की गहराइयों में दुश्मन की किसी भी चाल को नाकाम करने वाला साइलेंट किलर है. INS निस्तर का नाम सुनते ही 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग की याद ताजा हो जाती है. उस जंग में पाकिस्तान ने अपनी सबसे घातक पनडुब्बी PNS गाजी को INS विक्रांत को निशाना बनाने भेजा था. लेकिन भारतीय नौसेना की चतुराई से गाजी को विशाखापत्तनम के पास समंदर की गहराई में ही खत्म कर दिया गया. उस ऑपरेशन में जो डाइविंग टेंडर इस्तेमाल हुआ था, उसी का नाम था INS निस्तर. अब उसी विरासत को नया जीवन देकर भारत ने INS निस्तर को और आधुनिक रूप में तैयार किया है. INS निस्तर क्यों है खास?     INS निस्तर भारतीय नौसेना का पहला डेडिकेटेड डायविंग सपोर्ट वेसल (DSV) होगा, जिसे आपात स्थिति में किसी भी पनडुब्बी को बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.     यह जहाज करीब 80 फीसदी स्वदेशी तकनीक और सामग्री से बना है.     इसका वजन 9350 टन है और यह 120 मीटर लंबा है.     INS निस्तर में 200 से ज्यादा नौसैनिक तैनात रह सकते हैं और यह बिना बंदरगाह लौटे 60 दिन तक समंदर में ऑपरेशन कर सकता है.     इसमें डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हेकिल (DSRV) लगी है, जो समंदर में 650 मीटर गहराई तक जाकर किसी भी फंसी पनडुब्बी के सैनिकों को बचा सकती है.     इसमें हेलिकॉप्टर ऑपरेशन की सुविधा भी है, जिससे आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा.     अब तक भारतीय नौसेना को पनडुब्बी हादसों या रेस्क्यू मिशन में ONGC या निजी कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता था. लेकिन INS निस्तर और इसके जुड़वां जहाज INS निपुण के आने से भारत पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगा.     INS निस्तर को पूर्वी तट यानी ईस्ट कोस्ट पर तैनात किया जाएगा, जबकि INS निपुण पश्चिमी तट यानी वेस्ट कोस्ट पर रहेगा. इससे किसी भी कोने में पनडुब्बी हादसे की स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सकेगी. पाकिस्तान और चीन को करारा जवाब पाकिस्तान के पास फिलहाल 5 ऑपरेशनल पनडुब्बियां हैं, लेकिन उसने चीन से 8 नई पनडुब्बियों का ऑर्डर दिया है. इनमें से चार कराची में और चार चीन में बन रही हैं. अनुमान है कि 2027 तक ये सब पाकिस्तानी नेवी में शामिल हो जाएंगी. वहीं, चीन लगातार हिंद महासागर में अपनी पनडुब्बियों की मौजूदगी बढ़ा रहा है. ऐसे में भारत के लिए सिर्फ अटैक क्षमता ही नहीं, बल्कि मजबूत रेस्क्यू और सपोर्ट सिस्टम भी जरूरी था. INS निस्तर और निपुण इस रणनीति को पूरा करेंगे. स्वदेशी निर्माण से आत्मनिर्भर भारत की ओर एक कदम INS निस्तर का 80 फीसदी हिस्सा देश में ही तैयार हुआ है. यह मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान की ताकत दिखाता है. यह जहाज न सिर्फ भारतीय नौसेना की जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर मित्र देशों की पनडुब्बियों को भी बचा सकेगा. आज जब भारत की अंडरवॉटर ताकत तेजी से बढ़ रही है 17 … Read more

यश दयाल का जवाब आया सामने, रेप आरोपों पर किया सफाईभरा बयान

नई दिल्ली  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज यश दयाल कथित महिला मित्र के द्वारा लगाए संगीन आरोप के बाद मुश्किल में फंस गए हैं। हालांकि, अब उन्होंने इन सभी चीजों के ऊपर अपनी चुप्पी तोड़ी है। गाजियाबाद की एक महिला ने उन पर शादी का झांसा देकर 'यौन शोषण' करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। बता दें कि यश दयाल पिछले सीजन के आईपीएल चैंपियन आरसीबी के लिए यश दयाल ने कमाल का खेल दिखाया था। आरसीबी को चैंपियन बनाने में यश दयाल की अहम भूमिका रही थी। ऐसे में अब इस स्टार खिलाड़ी ने अपने बचाव में पहली बार सफाई पेश की है। यश दयाल ने महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए प्रयागराज पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। 27 साल के तेज गेंदबाज ने खुल्दाबाद पुलिस स्टेशन से महिला के खिलाफ मामला दर्ज करने की अपील की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यश ने महिला पर एक आईफोन और एक लैपटॉप चोरी करने का आरोप लगाया है। यश दयाल ने भी दर्ज कराई शिकायत बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने प्रयागराज पुलिस को यह भी बताया कि वह 2021 में इंस्टाग्राम के जरिए महिला से परिचित हुए थे, जिसके बाद उन्होंने एक-दूसरे से बातचीत करना शुरू कर दिया। यश दयाल ने यह भी आरोप लगाया है कि महिला ने खुद और अपने परिवार के इलाज के बहाने उनसे लाखों रुपये उधार लिए जिसे चुकाने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया है कि महिला ने उनसे बार-बार शॉपिंग के लिए पैसे उधार लिए। क्रिकेटर का कहना है कि उनके पास इन दावों का समर्थन करने के लिए सबूत हैं। यश दयाल ने यह भी कहा कि जब उन्हें पता चला कि महिला ने उनके खिलाफ गाजियाबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है तो उन्होंने महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया। महिला के परिवार भी यश ने किया केस तीन पेज की शिकायत में यश दयाल ने महिला और उसके परिवार के दो सदस्यों के साथ-साथ कई अन्य लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला द्वारा यश दयाल (27) के खिलाफ रविवार को इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन में बीएनएस धारा 69 (धोखे से यौन संबंध बनाना, जिसमें शादी का झूठा वादा भी शामिल है) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह कार्रवाई तब की गई जब एक महिला ने 21 जून को आईजीआरएस माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की, जिसमें आरोप लगाया गया कि क्रिकेटर जिसके साथ वह पांच साल से रिश्ते में थी उसने उसका शारीरिक शोषण किया।

जांजगीर चांपा में कुएं में पानी के ऊपर तैरती मिली सीलबंद सरकारी दवाइयां, पशु चिकित्सा विभाग का कारनामा

जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पशु चिकित्सा विभाग ने बीमार पशुओं के लिए मिली सरकारी दवाइयों को कुएं में डाल दिया। यहां कुएं में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां पानी के ऊपर तैरती मिली हैं। बताया जा रहा है कि शासन से मिली लाखों की दवाइयों को पशु पालकों को बांटने के बजाए कुएं में फेंक दिया गया है। माना जा रहा है कि यहां दवाई खरीदी में हुई गड़बड़ियों को छिपाने के लिए ऐसा किया गया है। हालांकि, अब मामला सामने आने पर अधिकारी जांच कराने का दावा कर रहे हैं। दरअसल, पशु पालकों की सुविधा और जानवरों के इलाज के लिए हर साल शासन करोड़ों रुपए खर्च करती है। पशुओं के लिए निशुल्क दवा वितरण की योजना भी है। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य शासन से दवाइयों की सप्लाई की जाती है। इसके अलावा जिला स्तर पर भी दवाइंयों की खरीदी की जाती है। ताकि, पशु पालकों के लिए दवाइयों की कमी न हो। बताया जा रहा है कि जिले में पशु चिकित्सा विभाग से मिली सरकारी दवाइयों के अलावा जिला स्तर पर बड़े पैमाने पर दवाइयों की खरीदी कर ली गई थी। इन दवाइयों का वितरण सरकारी अस्पतालों में किया जाना था। इनमें ऐसी दवाइयों की खरीदी कर ली गई, जिसका जिले में कोई उपयोग ही नहीं है। यही वजह है कि खरीदी के बाद दवाइयां कार्यालय में पड़ी रह गई और एक्सपायरी हो गई। पशु चिकित्सा विभाग के परिसर में है कुआं जिला मुख्यालय के कचहरी चौक में पशु चिकित्सा विभाग का दफ्तर है। यहां परिसर में ही कुआं है। आमतौर पर कुएं पर लोगों की नजर नहीं पड़ती। क्योंकि, अब लोग कुएं के पानी का इस्तेमाल नहीं करते। ऐसे में बारिश के बाद अचानक कुएं में पानी भरा तब उसमें से विभाग द्वारा सप्लाई की जाने वाली सरकारी दवाइयों का जखीरा तैरते मिला। बारिश का पानी ऊपर आने के बाद दवाइयां भी पानी के ऊपर आ गई।   कुएं को बनाया सरकारी दवाई खपाने का अड्डा विभाग के जानकारों का कहना है कि पशु चिकित्सा विभाग में इस तरह का खेल हर साल किया जाता है। अगर, कुएं की सही तरीके से तलाशी ली जाए तो वहां लाखों रुपए कीमती दवाइंया मिलेगी और अफसरों का कारनामा उजागर हो जाएगा। विभाग के अफसर कमीशन के चक्कर में मनमाने तरीके से दवाइयों की खरीदी करते हैं। साल भर तक दवाइयां कार्यालय में पड़ी-पड़ी एक्सपायर हो जाती हैं फिर नए सिरे से खरीदी करने के लिए इसे कुएं में डाल दिया जाता है।

महानदी उफान पर, अमेठी एनीकट पुल पूरी तरह जलमग्न, आवाजाही ठप

बलौदाबाजार-भाटापारा बलौदा बाजार जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। जुलाई के पहले सप्ताह में आमतौर पर शांत रहने वाली महानदी इस बार लबालब भर चुकी है। क्षेत्र में नदी का जलस्तर सामान्य से 10 से 15 फीट तक ऊपर पहुंच गया है, जिससे अमेठी एनीकट पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है। अमेठी एनीकट से होकर कसडोल विकासखंड और महासमुंद जिले की ओर जाने वाले राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुल के डूब जाने से दोनों तरफ बसे ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। जानकारी के अनुसार, जलस्तर में तेजी से हुई वृद्धि के चलते एनीकट पर लगभग 3 से 4 फीट तक पानी बह रहा है। फिलहाल क्षेत्र में बाढ़ जैसी कोई गंभीर स्थिति नहीं बनी है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। संभावित खतरे को देखते हुए संबंधित इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से नदी के किनारे जाने से परहेज करने की अपील की गई है। प्रशासन ने जलस्तर में और वृद्धि की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड में रखा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत व बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

उत्तर प्रदेश के 22 पीसीएस अधिकारियों को आईएएस सेवा में किया पदोन्नत, आदेश जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के 22 पीसीएस अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) काडर में पदोन्नति दे दी गई है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की अधिसूचना के क्रम में इस संबंध में उत्तर प्रदेश के नियुक्ति विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, सहारनपुर के अपर आयुक्त भानु प्रताप यादव, यूपीएसएसएससी के परीक्षा नियंत्रक विधान जायसवाल, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार सिंह, सिद्धार्थनगर के सीडीओ बलराम सिंह, यीडा के विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया, यूपीपीएससी के उप सचिव देवी प्रसाद पाल, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की सचिव अंजू लता, दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय के संयुक्त निदेशक जयनाथ यादव, अपर निदेशक (प्रशासन) कृषि तथा अपर मेला अधिकारी कुंभ मेला दयानंद प्रसाद को पदोन्नति दी गई है। इसी तरह से यूपीपीएससी के उप सचिव विनोद कुमार गौड़ व विवेक कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक मंडी परिषद सचिन कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हाथरस बसंत अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वाराणसी वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अयोध्या महेंद्र कुमार सिंह,, अपर जिलाधिकारी प्रशासन बिजनौर विनय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मुरादाबाद गुलाब चंद्र, सदस्य वक्फ न्याायधिकरण लखनऊ राम सुरेश वर्मा , अपर जिलाधिकारी प्रशासन गाजियाबाद रण विजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) गौतमबुद्धनगर राजेश कुमार, उप निदेशक मंडी योगेंद्र कुमार और अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा निदेशालय नीलम को भी आईएएस काडर में पदोन्नति दे दे गई है। इन सभी अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान में तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है।

डॉ. यादव बोले– गुरु ही हैं वह दीपक जो अंधकार से निकालकर दिखाते हैं ज्ञान का रास्ता

10 जुलाई गुरू पूर्णिमा पर विशेष अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं गुरूः मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरु अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश डॉ. यादव बोले– गुरु ही हैं वह दीपक जो अंधकार से निकालकर दिखाते हैं ज्ञान का रास्ता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुरू हमें अज्ञानता के अधंकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। भारतीय संस्कृति में गुरू को ईश्वर के समान माना गया है। गुरू का शिक्षा का प्रकाश ही जीवन को सही दिशा दिखाते हैं। इस दिन शिष्य अपने गुरूओं का पूजन करते हैं, उनके चरण वंदन कर आशीर्वाद लेते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में 10 जुलाई से 2 दिवसीय गुरू पूर्णिमा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गुरू पूर्णिमा उत्सव कार्यक्रम में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध नागरिकों, गुरूजनों एवं साधु-संतों की भागीदारी रहेगी। गुरू पूर्णिमा का दिन गुरू-शिष्य परंपरा की समृद्ध विरासत के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने दिन का है। प्रदेश में अनेक शिक्षक हैं जिन्होंने अपने उल्लेखनीय कार्य से विद्यार्थियों के साथ समाज में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश में सिंगरौली की एक शिक्षिका ने अनोखी पहल कर शिक्षा का प्रकाश घर-घर तक पहुँचाया। सिंगरौली के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैढ़न में पदस्थ माध्यमिक शिक्षिका सुऊषा दुबेने एक स्कूटी को ‘चलती-फिरती लाइब्रेरी’ में बदलकर मोहल्लों और गांवों में बच्चों तक किताबें पहुँचाईं। बच्चों ने उन्हें प्यार और आदर से किताबों वाली दीदी कह कर सम्मान दिया। उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीअपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कर चुके हैं। सुऊषा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्कूलों के बच्चे ताजे कमल के फूल लेकर घर आये, बच्चों की भावना को समझकर उनका भरोसा बनाये रखने के लिए मैने अपने अध्यापन को क्लास-रूम से बाहर निकाल कर चलता-फिरता पुस्तकालय बना दिया। इससे बच्चे खुश हो गये उन्हें खुश देख कर मुझे बच्चों को निरंतर पढ़ाई से जोड़े रखने के लिये स्कूटी पर चलता-फिरता पुस्तकालय जारी रखने की प्रेरणा मिली। वे बताती है कि मैंने गांव-गांव जाकर बच्चों को रीडिंग हेबिट्स से जोड़े रखा है मेरे लिये वह गौरव का क्षण था जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस प्रयास का जिक्र अपने मासिक कार्यक्रम "मन की बात" में किया। सुऊषा ने बताया, “इसके बाद मैने गांवों में स्वच्छता-जागरुकता के लिये साबुन बैंक बनाया। मेरे पुस्तकालय से जुड़े बच्चों ने अपने जन्मदिन के मौके पर साबुन दान करना शुरू किया, तब लगा कि शिक्षा से संस्कार के साथ आदतें भी बदली जा सकती हैं। बच्चों का उत्साह मुझे आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करता है। सैंकड़ों बच्चों पर सफल प्रयोग सीहोर जिले के भैरूंदा तहसील (नसरूल्लागंज) के माध्यमिक शिक्षक संतोष कुमार धनवारे ने अपने क्षेत्र के अनेक बच्चों पर सफल प्रयोग किया। वे बताते हैं कि शिक्षक के रूप में छात्रों का जीवन संवारने और भविष्य बनाने के लिये वह लगातार प्रयास करते रहे हैं। बच्चों के लिये सपनों की डायरी, टीचिंग लर्निंग मटेरियल, फ्लैश कार्ड और पोर्ट फोलियो तैयार किये हैं। धनवार ने बताया कि जिन सरकारी स्कूलों में उनकी पदस्थापना रही वहां वे अपने कामों के साथ बच्चों के साथ घुल-मिल गये। उन्होंने बच्चों के अलावा पालकों के साथ भी संवाद कायम रखा। उनके सिखाने की कला ने टाटा ट्रस्ट के पराग द्वारा प्रकाशित पत्रिका में उनका उल्लेख किया गया। संतोष बताते हैं कि उन्होंने अपने पदस्थापना वाले स्कूल में चित्रकला, रंगरोगन और कला कौशल के साथ खुद के खर्चे पर विद्यालय का वातावरण बदला। उनके इस काम के फलस्वरूप उनके पदस्थापना वाले स्कूल में विकास के लिये शासन ने 5 लाख रूपये की राशि प्रदान की। उनके पढ़ाये बच्चे आज अपने जीवन के अलग-अलग क्षेत्र में लगातार सफलता पा रहे हैं। उनका मानना है कि बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं। एक अच्छा शिक्षक अपने परिश्रम से उन्हें एक अच्छे सांचे में ढाल सकता है।  

बीआरटीएस हटने से मृत्यु में 70 और हादसों में 51 प्रतिशत कमी आई: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश की लाड़ली बहनों को 12 जुलाई को मिलेगी राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के नवाचार को जेएनयू दिल्ली ने भी अपनाया म.प्र. की तरह जेएनयू में भी अब कुलगुरु के नाम से जाने जायेंगे कुलपति बीआरटीएस हटने से मृत्यु में 70 और हादसों में 51 प्रतिशत कमी आई गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय का होगा लोकार्पण जिलों में भी होंगे गुरु पूर्णिमा के कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लाडली बहनों के खाते में 12 जुलाई को राशि अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले माह आने वाले रक्षाबंधन के अवसर पर लाडली बहना योजना के तहत वर्तमान में दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता राशि के अतिरिक्त 250 रूपए की विशेष सहायता राशि भी अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की करीब 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार के एक नवाचार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भी अपना लिया है। मध्यप्रदेश की तरह जेएनयू दिल्ली में भी कुलपति अब कुलगुरु के नाम से जाने जाएंगे। जेएनयू ने मध्यप्रदेश से प्रेरणा लेकर यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को है। इस दिन प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालय में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री भी प्रमुखता से शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक, गुरुजन एवं साधु संतों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भोपाल शहर में (कमला नेहरू स्कूल)  सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीआरटीएस हटाने से बड़े ही सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि बीआरटीएस हटाने से हादसों में 51 प्रतिशत और हादसों की वजह से मृत्यु में 70 प्रतिशत तक की कमी आई है। यह मध्यप्रदेश सरकार के जनहित में लिए गए निर्णयों के सुचारू क्रियान्वयन का सुखद परिणाम है। उन्होंने बताया कि सरकार ने जनवरी 2024 में बीआरटीएस हटाने का निर्णय लिया था। निषादराज सम्मेलन होंगे 12 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन के क्षेत्र में कार्यरत सभी व्यक्तियों के समग्र कल्याण एवं सम्मान के लिए निषादराज सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि निषादराज जयंती 10 जुलाई को है, परंतु प्रदेश में समन्वित रूप से 12 जुलाई को निषादराज सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इस सम्मेलन में मत्स्य पालन क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तियों की पारिश्रमिक दरों में वृद्धि, बोनस वितरण, उनके विश्राम के लिए जलाशयों के किनारे प्लेटफॉर्म्स की स्थापना के संबंध में प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में करीब 5 करोड़ की लागत से आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। विधानसभावार बनवायें विज़न डाक्यूमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रीगण से कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के विजन 2023 के संदर्भ में अपने-अपने प्रभार के जिलों में भ्रमण करें और शेष रह गयीं विधानसभा से विज़न डाक्यूमेंट तैयार करने संबंधी कार्यों को अगले 10 दिन में पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि विधानसभा के विकास से संबंधित कार्यों को बजट में शामिल करायें और इनके क्रियान्वयन के लिए भी समुचित कार्रवाई करें। लुधियाना के उद्योगपति भी जुड़ना चाहते हैं मध्यप्रदेश से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत 7 जुलाई को पंजाब के लुधियाना में उद्योगपतियों के साथ हुए संवाद  के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर वहां बड़े उद्योगपतियों से चर्चा हुई। इन्टरैक्टिव सेशन में उद्योग जगत के 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने बड़ी आत्मीयता और सक्रियता से भाग लिया। उन्होंने बताया कि लुधियाना सत्र में सरकार को 15606 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस निवेश के धरातल पर आने से मध्यप्रदेश में लगभग 20275 से अधिक नये रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब के सभी उद्योगपति मध्यप्रदेश से आत्मीयता से जुड़ना चाहते हैं। 13 से 19 जुलाई के दौरान होगी दुबई और स्पेन यात्रा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल 13 से 19 जुलाई के दौरान दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल व्यावसायिक बैठकों और विभिन्न कंपनियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग भी करेगा। उन्होंने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में निवेश प्राप्त करना, प्रौद्योगिकी के पारस्परिक हस्तांतरण और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक अपनी पहुंच बनाना, रोजगार के नए अवसर सृजित करने एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में और अधिक इजाफा करना है। उन्होंने कहा कि म.प्र. में वैश्विक निवेश की संभावनाएं तलाशने की दिशा में यह प्रवास एक बड़ा कदम साबित होगा। समय पर हो जाति प्रमाण-पत्र प्रदाय की समुचित व्यवस्था मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले नगरीय प्रशासन एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उनकी सहदृयता के लिए पौधा भेंटकर स्वागत-सम्मान किया। उन्होंने बताया कि जाति प्रमाण-पत्र में आंशिक त्रुटि होने के कारण गत दिवस एमपीपीएससी से चयनित दो अभ्यार्थियों की जॉइनिंग में परेशानी आ रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ओर से संबंधित जिला कलेक्टर को निर्देशित किये जाने पर उन दोनों अभ्यर्थियों को समय पर जाति प्रमाण-पत्र मिल गया और अब उन्होंने अपने नए पद पर ज्वाइन कर लिया है। इस प्रसंग का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे सभी जरूरतमंदों को जाति प्रमाण-पत्र की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समुचित व्यवस्था करें। सिर्फ जाति प्रमाण-पत्र के अभाव या इसमें आंशिक त्रुटि के कारण किसी को भी परेशान न होना पड़े। 

राजकुमार राव और पत्रलेखा बनने वाले हैं माता-पिता, घर आने वाला है नन्हा मेहमान

मुंबई  बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव बहुत जल्द पापा बनने वाले हैं. एक्टर और उनकी वाइफ पत्रलेखा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करते हुए ये गुड न्यूज फैंस के साथ शेयर की है. कपल के प्रेग्नेंट होने की खबर सुनते हैं उनके फैंस उन्हें भर-भरकर बधाईयां दे रहे हैं. वहीं सेलेब्स भी कपल को मुबारकबाद दे रहे हैं. मैं उन आवाज़ों में से एक हूं, जो एंटरटेनमेंट की दुनिया को न सिर्फ सुनती है, बल्कि उसे समझती और दर्शकों तक असरदार तरीके से पहुंचाती भी है. ABP न्यूज़ की एंटरटेनमेंट डेस्क पर मैं बतौर पत्रकार सिनेमा की चमक-दमक से आगे जाकर उसकी गहराइयों में झांकती हूं. खासतौर पर बॉक्स ऑफिस ट्रेंड्स और फ़िल्म इंडस्ट्री की पर्सेप्शन बिल्डिंग में मेरी गहरी पकड़ है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद मैंने मीडिया को सिर्फ प्रोफेशन नहीं, बल्कि अपना पैशन बनाया. कैमरा मेरी ताक़त है, कॉन्फिडेंस मेरी पहचान. मैं मानती हूं कि मेहनत कभी ट्रेंड से बाहर नहीं जाती और मैं हर दिन उसी सोच के साथ काम करती हूं. हिंदी में लिखती हूं, लेकिन अंग्रेजी, उर्दू और भोजपुरी भाषा पर भी पकड़ रखती हूं. राजकुमार राव और पत्रलेखा का रिश्ता उनकी प्रेम कहानी बॉलीवुड की सबसे दिल को छू लेने वाली रोमांस में से एक है. दोनों की मुलाकात एक दशक पहले हुई थी, और समय के साथ उनका बंधन और मजबूत होता गया. राजकुमार ने अक्सर कहा है कि उन्होंने पहली बार पत्रलेखा को एक विज्ञापन में देखा था और तभी से उन्हें पता था कि वह ही उनकी जीवनसाथी होंगी. उनका संबंध 2014 में फिल्म सिटी लाइट्स में एक साथ काम करने के दौरान और भी गहरा हो गया. अक्टूबर 2021 में, राजकुमार ने पत्रलेखा को एक निजी समारोह में प्रपोज किया, और दोनों ने एक महीने बाद 15 नवंबर को चंडीगढ़ में शादी कर ली. उनकी शादी एक शांत, सुंदर समारोह था जिसमें करीबी दोस्त और परिवार शामिल थे. पत्रलेखा ने एक लाल साड़ी पहनी थी जिसमें उनकी घूंघट पर बंगाली श्लोक कढ़ाई किए गए थे, जबकि राजकुमार ने हाथीदांत रंग का परिधान पहना था. अपनी पत्नी की तारीफ करते हुए, राजकुमार राव ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा, “इस शहर में आप बहुत अकेला महसूस कर सकते हैं, खासकर जब आप बाहर से आकर अभिनेता बनने की कोशिश कर रहे हों. लेकिन मैं बहुत भाग्यशाली था कि मुझे अपने करियर की शुरुआत में ही 2010 में पत्रलेखा मिली. और यह 15 साल हो गए हैं, 11 साल डेटिंग के और 3 साल शादी के. उसने हमेशा मुझे जमीन से जुड़े रखा है और मेरी सबसे बड़ी ताकत रही है.” राजकुमार राव की आने वाली फिल्में राजकुमार राव अपनी फिल्म मालिक की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं, जो 11 जुलाई को रिलीज होगी. पुलकित द्वारा निर्देशित, मालिक सत्ता, राजनीति और विश्वासघात की दुनिया में गहराई से उतरती है, जो इलाहाबाद की तीव्र पृष्ठभूमि में सेट है. राजकुमार राव एक निर्दयी गैंगस्टर की भूमिका निभा रहे हैं, जिसे उनके सबसे शक्तिशाली किरदारों में से एक माना जा रहा है. वहीं, मानुषी छिल्लर भी अपनी दमदार अदाकारी से स्क्रीन पर आग लगा रही हैं.  

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता स्व. दाऊलाल वैष्णव की अंत्येष्टि में हुए शामिल

जयपुर,  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को जोधपुर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता स्व. दाऊलाल वैष्णव की अंत्येष्टि में शामिल हुए और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने जोधपुर में मोक्षधाम पहुंच कर स्व. दाऊलाल वैष्णव की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन किए और पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने और इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की। स्व. दाऊलाल वैष्णव की अंतिम यात्रा में पाली सांसद  पीपी चौधरी, राज्यसभा सांसद  राजेंद्र गहलोत, जालौर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी, विधानसभा के मुख्य सचेतक  जोगेश्वर गर्ग, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक अतुल भंसाली, भैराराम सियोल सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्यजन और बड़ी संख्या में आमजन भी शामिल हुए।