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सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी, कहा- अगर हिम्मत है तो भेजो मुझे डिटेनशन सेंटर

कोलकाता  पश्चिम बंगल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा शासित राज्यों में बंगाली बोलने वाले लोगों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। इस दौरान ममता ने कहा कि वो आगे से अब बंगाली ही बोलेंगी। यह रैली कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर से शुरू होकर धर्मतला के दोरीना क्रॉसिंग तक गई, जिसमें टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस रैली में शामिल हुए। लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस मार्च के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। करीब 1,500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए और कई सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। विरोध मार्च के दौरान सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगालियों के प्रति भाजपा के रवैये से मैं शर्मिंदा और निराश हूं। सीएम ने कहा कि मैंने अब से ज्यादा बांग्ला में बोलने का फैसला किया है, अब इसके लिए अगर हो सके तो मुझे हिरासत शिविरों में बंद कर दो।  

कांग्रेस का हमला तेज: बालासोर केस को लेकर ओडिशा सरकार पर इस्तीफा देने का दबाव

भुवनेश्वर  कांग्रेस ने बालासोर की घटना पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का इस्तीफा मांगा है। इसके साथ राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महिला विंग की अध्यक्ष अलका लांबा बुधवार को भुवनेश्वर पहुंचीं, जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। अलका लांबा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के तहत ओडिशा महिलाओं के लिए असुरक्षित होता जा रहा है। उन्होंने छात्रा की मौत के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही घटना को प्रशासनिक असफलता व जवाबदेही की कमी का नतीजा बताया। अलका लांबा ने कहा कि राज्य मशीनरी पूरी तरह असफल हो गई है। एक लड़की को न्याय मांगने के लिए खुद को आग लगानी पड़ी। मीडिया से बातचीत में अलका लांबा ने कहा, "आज हकीकत यह कहती है कि पूरा ओडिशा बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री (मोहन चरण माझी) अनुभवहीन हैं। यह एक साल में फेल साबित हुए हैं। इन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।" उन्होंने कहा, "जब कानून-व्यवस्था चरमरा जाए, अपराधी खुलेआम घूमें और पीड़ित न्याय के इंतजार में दम तोड़ दें, तब मुख्यमंत्री का इस्तीफा देना जरूरी होता है। हम उनका तुरंत इस्तीफा मांगते हैं और ओडिशा में राष्ट्रपति शासन लागू करने का आग्रह करते हैं।" अलका लांबा ने कथित तौर पर छात्रा के इलाज में देरी और प्रशासन की ओर से तुरंत कार्रवाई न करने की भी निंदा की। उन्होंने कहा, "उसे (छात्रा) समय पर इलाज से बचाया जा सकता था। जब एक बच्ची जल रही थी, तब व्यवस्था मूकदर्शक बनी रही।" कांग्रेस की महिला नेता ने जानकारी दी कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बालासोर का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए छात्रा के पिता से बात की। पिता भावुक थे, राहुल गांधी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि तब तक न्याय नहीं मिल जाता है कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। राहुल गांधी दोबारा लौटेंगे और प्रियंका गांधी भी आएंगी।" उन्होंने कहा कि ओडिशा के सभी अभिभावकों को हम विश्वास दिलाने आए हैं कि आप अकेले नहीं हैं। कांग्रेस न्याय का हक मिलने तक साथ खड़ी है। इस दौरान अलका लांबा ने राज्य की जनता से 17 जुलाई को 'ओडिशा बंद' में हिस्सा लेने की अपील की।

पहली सवारी में संकरे पड़े गए मार्ग, प्रशासन के लिए यह है बड़ा अलर्ट, सवारी मार्ग का चौड़ीकरण जरूरी

उज्जैन  श्रावण के पहले सोमवार को राजाधिराज महाकाल की निकली भव्य सवारी के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साफ कर दिया है कि मौजूदा सवारी मार्ग इस विशाल जनसमूह के दबाव को सहने में सक्षम नहीं है। समय आ गया है कि अब बिना कोई देरी किए महाकाल सवारी मार्ग को मास्टर प्लान अनुसार 15 से 24 मीटर चौड़ा किया जाए। भीड़, अव्यवस्था और सीमित मार्ग की वजह से श्रद्धालुओं को जो कठिनाई हुई, वह प्रशासन के लिए चेतावनी से कम नहीं है। स्थितियों को देख शासन-प्रशासन ने इस मार्ग को चौड़ा करने का काम प्राथमिक सूची में शामिल कर लिया है। मालूम हो कि महाकाल सवारी मार्ग केवल एक रास्ता नहीं, यह आस्था की वह धारा है जिससे उज्जैन की सांस्कृतिक, धार्मिक और विकास की दिशा जुड़ी है। अब जबकि सिंहस्थ की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, तो इस मार्ग को उसकी गरिमा के अनुरूप बनाना समय की मांग है। प्रदेश सरकार, इसी वर्ष अप्रैल में इस कार्य के लिए 64 करोड़ रुपये स्वीकृत कर चुकी है, लेकिन अब तक ठेकेदार तय करने को निविदा प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो सकी है। इस विषय पर पिछले सप्ताह महापौर मुकेश टटवाल ने योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए थे। उनका ‘नईदुनिया’ से कहना है कि महाकाल सवारी मार्ग को अब उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड नहीं, बल्कि नगर निगम खुद अपने स्तर पर विस्तृत कार्य योजना बनाकर क्रियान्वित करेगा। यह काम उनकी प्राथमिकता में पहले भी था, आज भी है और भविष्य में भी रहेगा। 4.3 किलोमीटर लंबे महाकाल सवारी मार्ग को मास्टर प्लान-2035 में 15 से 24 मीटर चौड़ा करने का लेख है। चौड़ीकरण के लिए सरकार 64 करोड़ रुपये अप्रैल में मंजूर कर चुकी है। स्पष्ट किया है कि मार्ग में डिवाइडर नहीं बनाएंगे। मार्ग में आने वाली ऐतिहासिक धरोहरों को फसाड़ लाइट से आकर्षक स्वरुप दिया जाएगा। बिजली, पानी और सीवरेज की सभी लाइनें भूमिगत की जाएंगीं। चौराहों को त्रिशूल, डमरू, नंदी जैसी कलाकृतियों से सजाया जाएगा। 2023 में बनी थी 110 करोड़ की योजना, विरोध के कारण काम नहीं हुआ महाकाल सवारी मार्ग काे चौड़ा करने को 110 करोड़ रुपये की योजना वर्ष 2023 में उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बनाई थी। सर्वे में 2500 भवन प्रभाव में आना चिह्नित किए थे। एक हिस्से का काम शुरू भी हुआ था, लेकिन विरोध और न्यायालय में याचिका के चलते काम आगे न बढ़ा और बंद हो गया। अब जब महाकुंभ सिंहस्थ-2028 निकट है, तो शासन इस कार्य को पुनः पूर्ण करने को तत्पर है। जन सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से बेहतर जरूरी श्रावण और भादौ मास में हर सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी को देखने लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। भविष्य में सिंहस्थ जैसे आयोजनों में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की आमद तय मानी जा रही है। ऐसे में सवारी मार्ग का चौड़ीकरण यातायात, सुरक्षा और सुविधा तीनों ही दृष्टि से बेहद आवश्यक हो गया है।

चीन से फंडिंग पाने वालों को विदेश नीति पर बोलने का हक नहीं: तरुण चुघ

नई दिल्ली  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर पर भारत की विदेश नीति को कमजोर करने का आरोप लगाया है। इसी पर अब भाजपा नेता तरुण चुघ की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने एजेंसी से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी हमें विदेश नीति पर ज्ञान दे रहे हैं। वह हमें किसी भी प्रकार का ज्ञान नही दें, तो बेहतर रहेगा, क्योंकि इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि राहुल गांधी ही वह शख्स हैं, जो छुप-छुप कर चीनी अधिकारियों से मुलाकात किया करते थे। भाजपा नेता ने कहा कि जिन लोगों ने चीन के साथ एमओयू साइन किया है, वे हमें कैसे विदेश नीति पर ज्ञान दे सकते हैं। राहुल गांधी ने हमेशा से ही भारत की विदेश नीति को नीचा दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि देश अब इस बात को जान चुका है कि गांधी परिवार का चीन प्रेम बहुत पुराना है। देश इस बात को भूला नहीं है कि जब कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा देकर देश की झोली में 1962 का युद्ध डाला था। तरुण चुघ ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भारत की विदेश नीति कमजोर थी, सभी लोग भारत को छोटी नजरों से देखा करते थे। लेकिन, आज ऐसी स्थिति नहीं है। आज की तारीख में भारत की विदेश नीति काफी मजबूत हुई है। आज की तारीख में पूरी दुनिया में भारत को सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है। कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए वैश्विक मंच पर देश की विदेश नीति को कमजोर करने का अपनी तरफ से भरसक प्रयास किया था। लेकिन, आज जब देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, तो कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहा है। इसके अलावा, शंघाई सहयोग संगठन में विदेश मंत्री एस जयशंकर की तरफ से पहलगाम आतंकी हमले को उठाए जाने की तारीफ की और कहा कि विदेश मंत्री ने वैश्विक मंच पर आतंक के मुद्दे को उठाया है। उन्होंने पूरी दुनिया में यह संदेश फैलाने की कोशिश की कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध है। भारत ने हमेशा से ही आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करके रखा और आगे भी रखेगा।

NTPC को मिली हरी झंडी, 20,000 करोड़ खर्च करेगा रिन्यूएबल एनर्जी पर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने बुधवार को एनटीपीसी लिमिटेड को एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और उसके अन्य संयुक्त उद्यमों/सहायक कंपनियों में निवेश के लिए 20,000 करोड़ रुपए तक के परिव्यय के साथ रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता स्थापित करने के लिए बिजली के बढ़े हुए आवंटन को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने महारत्न सीपीएसई को विद्युत आवंटन के मौजूदा दिशानिर्देशों से एनटीपीसी लिमिटेड को विद्युत आवंटन में वृद्धि की अनुमति दी है ताकि वह अपनी सहायक कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल) में निवेश कर सके और इसके बाद, एनजीईएल एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनआरईएल) और उसकी अन्य संयुक्त उद्यमों/सहायक कंपनियों में निवेश कर सके। 2032 तक 60 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी (आरई) क्षमता बढ़ाने के लिए यह राशि पूर्व में स्वीकृत 7,500 करोड़ रुपए की निर्धारित सीमा से बढ़कर 20,000 करोड़ रुपए तक हो सकती है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एनटीपीसी और एनजीईएल को दिया गया यह विस्तारित आवंटन देश में रिन्यूएबल प्रोजेक्ट के त्वरित विकास में सहायक होगा। एक कैबिनेट नोट के अनुसार, "यह कदम पावर स्ट्रक्चर को मजबूत करने और पूरे देश में चौबीसों घंटे विश्वसनीय बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में निवेश सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।" रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन चरण के साथ-साथ ऑपरेशन एंड मेनटेनेंस (ओ एंड एम) चरण के दौरान स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगे। इससे लोकल सप्लायर्स, लोकल उद्यमों/एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा और देश में उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही देश में रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। भारत ने अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त कर अपनी ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता तक पहुंचना है। एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम और देश की अग्रणी विद्युत उपयोगिता कंपनी के रूप में, एनटीपीसी का लक्ष्य 2032 तक 60 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ना है, जिससे देश को इस लक्ष्य को प्राप्त करने और 2070 तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी। एनजीईएल, जैविक और अजैविक विकास के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता वृद्धि के लिए एनटीपीसी ग्रुप की अग्रणी सूचीबद्ध सहायक कंपनी है।

बालक आश्रम में मिली लापरवाही: सांसद के निरीक्षण में प्रधान अध्यापक नशे में धुत

कांकेर विकासखंड दुर्गुकोंदल अंतर्गत बालक आश्रम सुरूंगदोह में पदस्थ प्रधान अध्यापक एवं प्रभारी अधीक्षक ओकेश्वर चुरेन्द्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने आश्रम का औचक निरीक्षण किया और निरीक्षण के दौरान चुरेन्द्र को नशे की हालत में पाया गया। सांसद की जानकारी पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मंडल संयोजक द्वारा जांच कर रिपोर्ट सौंपी गई, जिसके आधार पर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग कांकेर ने पाया कि अधिकारी का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (उप-नियम 1, 2, 3) के विरुद्ध है। इसके फलस्वरूप उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण (नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान चुरेन्द्र का मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोयलीबेड़ा नियत किया गया है। इस संबंध में कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने जानकारी देते हुए बताया कि सांसद के निरीक्षण में अधीक्षक को नशे की हालत में पाया गया था, जिसकी सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी आश्रम छात्रावासों की औचक जांच के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सभी बच्चों को उचित सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।

रेत ढोने पर कार्रवाई: 18 ट्रैक्टर जब्त, पीएम आवास योजना की छूट का हवाला देकर एसडीएम दफ्तर पहुंचे वाहन मालिक

गरियाबंद देवभोग तहसील में बहने वाले तेल नदी से अवैध रेत परिवहन में लगे 18 ट्रैक्टरों को आज माइनिंग विभाग की टीम ने जब्त किया. जिला खनिज अधिकारी रोहित साहू के नेतृत्व में यह कार्रवाई हुई. सभी जब्त वाहनों को देवभोग थाना के सुपुर्द किया गया है. इस कार्रवाई के बाद ट्रैक्टर वाहन मालिकों ने कार्रवाई का विरोध भी किया है. समाधान के लिए एसडीएम दफ्तर भी पहुंचे पर नियम का हवाला देकर अफसरों ने कार्रवाई को जायज ठहराया. पीएम आवास के लिए मिली थी छूट कार्रवाई रुकवाने एसडीएम दफ्तर पहुंचे ट्रैक्टर मालिक प्रह्लाद बीसी, सुशील पांडे ने कहा कि ट्रैक्टर मालिकों की दलील है कि सरकार ने खुद विधानसभा से पीएम आवास के लिए रेत परिवहन को छूट देने का ऐलान किया था, लेकिन कार्रवाई क्यों की जा रही है. सिनापली के विद्याधर ध्रुव समेत कुछ चालकों ने पंचायत का वह प्रमाण पत्र भी दिखाया, जिसमें आवास हितग्राहियों के लिए परिवहन का जिक्र किया गया था, लेकिन इनकी सुनवाई नहीं हुई. एकतरफा कार्रवाई का आरोप, भंडारण पर उठा सवाल 10 जून को रेत परिवहन बंद होने के बावजूद यहां कुछ रेत गिरोह द्वारा प्रति ट्रैक्टर 300 रुपए की अवैध उगाही की जा रही थी. कुछ को 600 रुपए की भंडारण रॉयल्टी पर्ची दी गई, लेकिन परिवहन भंडारण स्थल के बजाए रेत घाट से हो रही थी. यहां तक कि पुरना पानी घाट में रात के अंधेरे में फोकलेन लगाकर हाइवा से बेधड़क सप्लाई हो रही थी. इसकी शिकायत ऊपर तक हुई. इस शिकायत के बाद एक गुट ने ट्रैक्टर में हो रहे परिवहन की शिकायत कर दी. आज माइनिंग की टीम दो शिकायतों के आधार पर कार्यवाही करने पहुंची पर भंडारण और अवैध उगाही की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की. जिला खनिज अधिकारी बोले – अवैध उगाही पर भी कार्रवाई करेंगे मामले में जिला खनिज अधिकारी रोहित साहू ने दो प्रकार से हुई शिकायत की पुष्टि की है. रोहित साहू ने कहा कि फिलहाल कुम्हड़ाई घाट पर अवैध परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई है. आगे पुरना पानी घाट में होने वाले अवैध उगाही की भी जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे. ट्रैक्टर के चलते बंद हो गया था हाईवा कारोबार ट्रैक्टरों के दौड़ने से हाईवा वाले बड़े रसूखदारों का कारोबार पूरी तरह से बंद हो गया था. इन दिनों ज्यादातर निर्माण पीएम आवास का चल रहा है. ऐसे में गांव गांव में छोटे हितग्राही कम कीमतों पर आसानी से रेत हासिल कर रहे थे. अब ट्रैक्टरों पर लगी रोक के बाद रात के अंधेरे का बड़ा अवैध कारोबार फिर से शुरू हो जाएगा. प्रति हाईवा 10 से 15 हजार के बीच सप्लाई की जाएगी. देवभोग में जिस समय भंडारण की अनुमति दी गई उस समय तक वैध खदान शुरू नहीं हो सका था, लेकिन बंद होने से पहले महज 10 दिनों तक वैध खदान जारी रहा. नियम अनुसार विभाग ने भंडारण स्थल का पूर्व और खदान बंद होने के बाद का सत्यापन कैसे किया है. इस पर भी ट्रैक्टर मालिकों ने सवाल खड़ा कर दिया है.

बारिश और बाढ़ बनी आफत: पाकिस्तान में 116 की दर्दनाक मौत

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने बताया कि देश में मानसून की भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने 26 जून से अब तक 116 लोगों की जान ले ली है। इसके अलावा, 253 लोग घायल हुए हैं। एनडीएमए की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बारिश से संबंधित घटनाओं में 5 और लोगों की मौतें हुई हैं, जबकि 41 लोग घायल हुए हैं। समाचार के अनुसार, सबसे ज्यादा 44 मौतें पूर्वी पंजाब प्रांत में हुई हैं। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा में 37, दक्षिणी सिंध में 18 और दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान में 16 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 1 मौत हुई और 5 लोग घायल हुए, जबकि गिलगित-बाल्टिस्तान और इस्लामाबाद में कोई हताहत नहीं हुआ है। एजेंसी ने पाकिस्तान के कई राज्यों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है। एनडीएमए के मुताबिक, पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के कुछ हिस्सों में गुरुवार तक भारी बारिश और बाढ़ की आशंका जताई गई है। पिछले सप्ताह प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने खैबर पख्तूनख्वा में 11 से 17 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान जताया था, जिससे बाढ़ का खतरा और भी बढ़ सकता है। पाकिस्तान में मानसून जून से सितंबर तक रहता है और हर साल भारी बारिश से बाढ़, भूस्खलन और विस्थापन होता है। खासकर घनी आबादी और खराब जल निकासी वाले क्षेत्रों में ये समस्याएं बढ़ जाती हैं। सिंध के थारपारकर, मीरपुर खास, सांघर, सक्खर, लरकाना, दादू, जैकोबाबाद, खैरपुर और शहीद बेनजीराबाद में 14 से 16 जुलाई तक बारिश और तूफान के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार 'डॉन' के अनुसार, मौसम विभाग ने इस्लामाबाद, रावलपिंडी, गुजरांवाला, लाहौर, सियालकोट, सरगोधा, फैसलाबाद, खानेवाल, मुल्तान, साहिवाल, ओकारा, बहावलपुर, बहावलनगर, वेहारी, नौशेरा और पेशावर के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है। 26 जून से 14 जुलाई के बीच बिजली का करंट लगना बारिश से जुड़ी मौतों का प्रमुख कारण रहा है। इसके बाद अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचाई है। जून के अंत में एक दुखद घटना में 13 पर्यटकों की नदी में बहने से मौत हो गई थी। अधिकारियों ने निचले और जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। साथ ही बचाव और राहत कार्य प्रभावित क्षेत्रों में जारी हैं। हालांकि, सिंध सरकार ने नालों और सीवर लाइनों की सफाई के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए, जिससे कई इलाके जलमग्न हैं, जबकि 15 जुलाई से फिर से बारिश होने की संभावना है। पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, सिंध के हैदराबाद में घनी आबादी वाले इलाकों में मुख्य नालियां कचरे से भरी हैं और नालियों के किनारे की टूटी या गायब दीवारें ठीक नहीं की गई हैं। इस वजह से स्थानीय जनता काफी चिंतित है। मौसम विभाग ने सिंध सरकार को बारिश की चेतावनी दी थी, जिसके बाद उच्च-स्तरीय बैठकों में आयुक्तों, उपायुक्तों और स्थानीय नगर निकायों को शहरी बाढ़ की संभावना के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। इससे पहले, सिंध स्थानीय निकाय विभाग ने 10 जुलाई को हैदराबाद नगर निगम सहित विभिन्न नगर निगमों को जरूरी उपाय करने का निर्देश दिया था, लेकिन 48 घंटे बीतने के बाद भी कोई जमीन पर तैयारी शुरू नहीं हुई। सरकार से हर महीने 12 लाख रुपए अनुदान मिलने के बावजूद संबंधित यूनियन समितियों ने इस स्थिति पर ध्यान नहीं दिया। वेतन और बिजली बिलों के भुगतान के बाद भी नाली रखरखाव जैसे जरूरी सामुदायिक कार्यों के लिए यह राशि उपयोग नहीं की गई। विडंबना यह है कि हर साल सिंध सरकार और स्थानीय निकाय आपातकालीन बैठकें करते हैं और बारिश की तैयारी योजनाएं बनाते हैं, जिसके लिए बजट में लाखों रुपए आवंटित किए जाते हैं। हालांकि, वास्तव में एक भी नाले की पूरी तरह से सफाई नहीं की गई और हर साल नालों की सफाई के नाम पर फर्जी बिल भी बनाए जाते हैं।

शिवसेना महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष समेत पूरी टीम कांग्रेस में हुई शामिल, दीपक बैज ने किया स्वागत

 रायपुर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत शिवसेना महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष और उनकी पूरी टीम ने आज कांग्रेस पार्टी में औपचारिक रूप से प्रवेश किया। यह शामिल कार्यक्रम राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में हुआ, जहां सभी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात की। दीपक बैज ने इस अवसर पर सभी नवप्रवेशी सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “शिवसेना महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष और उनकी पूरी टीम का कांग्रेस में शामिल होना हमारे लिए गर्व का विषय है। निश्चित रूप से इससे कांग्रेस पार्टी की ताकत और व्यापकता में वृद्धि होगी।” उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी की रीति-नीति व विचारधारा से प्रभावित होकर लिया गया है। दीपक बैज ने विश्वास जताया कि महिला विंग की भागीदारी से कांग्रेस की जमीनी पकड़ और संगठनात्मक शक्ति को मजबूती मिलेगी, जिससे आगामी समय में पार्टी और अधिक सशक्त रूप से उभरेगी।

मंत्री पटेल ने कहा- मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, लेकिन जल संकट की आहट को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि ग्रामीण विकास एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे पंचायत प्रतिनिधियों को नियत और न्याय की भावना से स्वीकार करना होगा। मंत्री श्री पटेल धार में आयोजित पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि सांसद रहते हुए उन्होंने सदैव कृषि और ग्रामीण विकास विषयक संसदीय समितियों में रहकर देश भर में इन विषयों को गहराई से समझने का प्रयास किया। प्रदेश में मंत्री के रूप में उन्हें इन नीतियों को लागू करने का अवसर मिला है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, वृक्षारोपण और योजनाओं का रिकॉर्ड पारदर्शिता से रखें। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का आहवान मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, लेकिन जल संकट की आहट को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। जल संरक्षण के लिये वृक्षारोपण ही सबसे स्थायी उपाय है। उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण का आहवान किया और कहा कि “जो पौधा आप लगाते हैं, उसकी देखभाल भी आपकी व्यक्तिगत जवाबदेही है।” उन्होंने कहा कि “वृक्षारोपण अभियान 2025” में महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को भी बल मिलेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पुराने, जीर्ण-शीर्ण पंचायत भवनों को तोड़कर 48 लाख और 37 लाख रुपये की लागत से नए भवनों की मंजूरी दी गई है। कोई भी पंचायत अब भवन विहीन नहीं रहेगी। धार जिले में इस वर्ष 81 पंचायत भवन और 85 पुलियों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। चौथे चरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत अब मजरे-टोले को भी जोड़ा जा सकेगा, जिसके लिए राजस्व ग्राम की शर्त हटा दी गई है। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सवित्री ठाकुर ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार की योजनाओं को गाँव-गाँव तक पहुँचाने का कार्य करें और प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में जुट जाएँ। सम्मेलन में अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेढ़ा, विधायक नीना वर्मा और कालूसिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव,नीलेश भारती एवं चंचल पाटीदार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में अधिकारी सहित बड़ी संख्या में सरपंच व पंच उपस्थित रहे।