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एसडीईआरएफ तथा होमगार्ड की टीम ने सोन नदी में फसे गोवंश को सुरक्षित नदी पार कराया

सीधी   एसडीईआरएफ और होमगार्ड सीधी के द्वारा कड़ी मेहनत और सूझबूझ के साथ सोन नदी के जोगदहा घाट में लगभग 25 की संख्या में फसे समस्त गौवंशों को नदी पार करवा दिया गया। गौवंशों को पार करवाने के पश्चात पूरी टीम को रोप लेडर के माध्यम से दोबारा पुल के ऊपर खींचने के बाद ,सोन घड़ियाल अभ्यारण्य से होकर पुल तक पूरा एरिया सर्च किया गया। इस दौरान कुछ गौवंश नदी किनारे पर चरते पाए गए, कुछ ऊपर पहाड़ में चढ़ कर अन्य कही चले गए। इस दौरान एक बछड़ा नदी में फंसा मिला जिसे उचित तरीके से रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।    सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए उन्हें और अधिक समय तक रोके जाने पर उनकी जान को खतरा हो सकता था, इसलिए थोड़ा जोखिम लेते हुए उन्हें नदी पार करवाना ही एकमात्र विकल्प था। नदी में काफी नुकीली चट्टानें हैं जहां बोट चलाने में मुश्किल होती है बाढ़ के दौरान साथ ही पूरा इलाका मगरमच्छों एवं घड़ियालों के लिए संरक्षित होने एवं उनकी मौजूदगी के कारण वहां जवानों की जान का जोखिम सदैव ही बना रहता है। बावजूद इसके दूसरे किनारे पर सर्च करने पर उस पूरे क्षेत्र में में किसी गौवंश की हताहत होने की खबर नहीं मिली और न ही प्रत्यक्ष तौर पर हताहत गौवंश देखे गए।    इस दौरान राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम द्वारा उपस्थित रहकर आवश्यक मदद की गई।

लॉर्ड्स में टीम इंडिया को बनाने हैं 135 रन, मुकाबला मांचक मोड़ पर

लंदन   भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का तीसरा मैच लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है. इस मुकाबले में भारत को 5वें दिन जीत के लिए 135 रनों की जरूरत है. इंग्लैंड की दूसरी पारी 192 के स्कोर पर सिमट गई. वाशिंगटन सुंदर को 4 विकेट मिले हैं. जबकि बुमराह और सिराज को दो-दो सफलताएं मिली हैं. भारत की भी शुरूआत खराब रही है और दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 4 विकेट गंवा दिए थे. भारत का स्कोर अभी 58 रन है. केएल राहुल नाबाद हैं. भारत को जीत के लिए 135 रन बनाने हैं. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 387 रन बनाए थे. जवबा में भारतीय टीम की पहली पारी भी 387 रनों पर ही सिमटी. यानी पहली पारी में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा. दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 192 रन बनाए. अब लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को जीत के लिए 193 रन बनाने हैं. लॉर्ड्स टेस्ट मैच में आज क्या होगा बताना मुश्किल है. 387 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में इंग्लैंड की टीम 192 रन पर सिमट गई. भारत ने पहली पारी में 387 रन ही बनाए थे. दूसरी पारी में ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने 4 विकेट निकालकर मैच का रुख मोड़ दिया. उन्होंने कहा कि लंच के बाद पांचवें दिन भारत जीत हासिल करने का इरादा रखता है. वहीं इंग्लैंड के बैटिंग कोच मार्कस ट्रेस्कोथिक ने कहा उनकी टीम ने कम रन बनाए हैं लेकिन मैच जीतने की स्थिति में है. कौन जीतेगा तीसरा टेस्ट? जीत के लिए 193 रनों का लक्ष्य पीछा करते हुए भारत ने चौथे दिन का खेल 58 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे. स्टंप्स के समय केएल राहुल 33 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि बेन स्टोक्स ने दिन की आखिरी गेंद पर नाइट-वॉचमैन आकाश दीप को आउट किया. भारत ने ओपनर यशस्वी जायसवाल (0), करुण नायर (14), और कप्तान शुभमन गिल (6) को सस्ते में खो दिया, और अंतिम दिन में 135 रनों से पीछे है. भारत जीत के करीब नजर आ रहा है लेकिन उसके लिए शुरुआती सेशन में इंग्लैंड के गेंदबाजों से बचना आसान नहीं होगा. सीरीज में जीत हासिल करने का मौका दोनों टीम के पास है. गिल ने द्रविड़-कोहली को छोड़ा पीछे, इंग्लैंड में ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही मौजूदा टेस्ट सीरीज में शुभमन गिल ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है. गिल अब इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं. उन्होंने यह रिकॉर्ड भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ और विराट कोहली जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए बनाया. 603* रन बनाकर गिल शीर्ष पर 2025 की इस ऐतिहासिक सीरीज में गिल ने अब तक 603 रन (नाबाद) बना लिए हैं, और सीरीज अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने लगातार शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए कई अहम पारियां खेलीं, जिनमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं. उनका यह प्रदर्शन बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आया, जहां गेंदबाज़ों को मदद मिल रही थी और पिचें बल्लेबाज़ों के लिए आसान नहीं थीं. बावजूद इसके, गिल ने धैर्य, तकनीक और आक्रामकता का बेहतरीन मेल दिखाया. इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ 1. शुभमन गिल (2025) – 603* रन 2. राहुल द्रविड़ (2002) – 602 रन 3. विराट कोहली (2018) – 593 रन 4. सुनील गावस्कर (1979) – 542 रन 5. राहुल द्रविड़ (2011) – 461 रन इस सूची में गौर करने वाली बात यह है कि राहुल द्रविड़ दो बार टॉप-5 में शामिल हैं, जो उनके इंग्लैंड में शानदार रिकॉर्ड को दर्शाता है. लेकिन गिल ने अब यह मुकाम हासिल करके खुद को भारतीय टेस्ट इतिहास के शीर्ष बल्लेबाज़ों की कतार में शामिल कर लिया है. गिल तोड़ सकते हैं इन दिग्गजों का रिकॉर्ड एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी डॉन ब्रेडमैन के नाम है. जिन्होंने 1930 में एशेज में इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैच की 7 पारियों में 974 रन बनाए थे. इसमें उन्होंने एक तिहरा शतक भी लगाया था. वहीं, दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के हैमांड का नाम आता है जिन्होंने 5 मैच की 9 पारियों में 905 रन बनाए थे. इसके बाद एमए टेलर ने 1989 में एक सीरीज में 839 रन बनाए. वहीं, इस लिस्ट में तीन भारतीय खिलाड़ियों का नाम आता है. पहला नाम सुनील गावस्कर का है, जिन्होंने 1970-71 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 4 मैच की 8 पारियों में 774 रन बनाए थे. 1978-89 में फिर गावस्कर ने एक सीरीज में 732 रन बनाए. वहीं, 2023 में यशस्वी जायसवाल ने 5 मैच की 9 पारियों में 712 रन बनाए. वहीं, 2014-15 में विराट कोहली ने 4 मैच की सीरीज में 692 रन बनाए थे. सुंदर ने दिखाया स्पिन का जलवा, भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ाई लॉर्ड्स की पिच पर जहां स्पिनरों को खास मदद नहीं मिल रही थी, वहीं वॉशिंगटन सुंदर ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की रीढ़ तोड़ी. उन्होंने जो रूट, बेन स्टोक्स और जेमी स्मिथ जैसे अहम बल्लेबाजों को आउट किया और 22 रन देकर 4 विकेट झटके. लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की पारी की शुरुआत खराब रही. यशस्वी जायसवाल (0) एक बार फिर जोफ्रा आर्चर के शिकार बने. करुण नायर (14) भी फ्लॉप साबित हुए. कप्तान शुभमन गिल (6) को ब्रायडन कार्स ने चकमा देकर सस्ते में चलता किया. दिन की अंतिम गेंद पर बेन स्टोक्स ने नाइटवॉचमैन आकाश दीप (1) को क्लीन बोल्ड कर भारत को चौथा झटका दे दिया. चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत का स्कोर 58/4 था और टीम को जीत के लिए अभी 135 रन और बनाने हैं, जबकि इंग्लैंड को सिर्फ 6 विकेट की जरूरत है. सीरीज में बढ़त के लिए दोनों टीमों के पास अब बराबर का मौका है. भारत को इस मैदान पर जीतने के लिए इतिहास बदलना पड़ेगा. लॉर्ड्स में भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 1986 में जीत हासिल की थी, तब चेज करने के लिए स्कोर 136 रन का था. टीम इंडिया के लिए राहत की बात होगी कि उसके इनफॉर्म बल्लेबाज केएल राहुल क्रीज पर … Read more

ऐसे हटा सकते हैं अपने पीसी से डुप्लीसकेट फाइल्सि

पर्सनल कम्यू नी टर में मौजूद डुप्लींकेट फाइल्सा, न केवल कीमती स्टो रेज स्पे स को गैरजरूरी रूप से उपयोग करती हैं। बल्कि यह यूजर को कन्फ्यूिज भी करती हैं। यानी जब भी आप कम्यूररे टर में सर्च प्रोग्राम चलाएंगे, तो आपको दो रिजल्ट् दिखेंगे। यदि आप डुप्लीजकेट फाइल्सक को मैनुअली हटाएंगे तो इसमें काफी समय लगेगा तथा इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि सारी फाइल्डं आप हटा लेंगे। कैसे एकत्रित होती हैं डुप्लीपकेट फाइल्स:- कई बार यूजर फाइल्सट को डाउनलोड करके भूल जाते हैं। फिर उसी फाइल को दोबारा डाउनलोड कर लेते हैं। इस प्रकार से एक ही फाइल की दो कॉपी बन जाती हैं। इसी तरह डेटा फोल्डनर की कॉपी करने से भी कई बार डुप्लीकेट फाइल्स बन जाती हैं। आइए, जानते हैं कि किस प्रकार से डुप्लीइकेट फाइल्सं से छुटकारा पाया जा सकता है… डुपगुरु: डुपगुरु ऐसा प्रोग्राम है, जो पीसी से डुप्लीकेट फाइल्सह को खोजता है। यह प्रोग्राम विंडोज के साथ ही मैक और लिनक्स् ऑपरेटिंग सिस्ट्म पर भी चलाया जा सकता है। अगर आपके पास डुपगुरु नहीं है तो आप सीक्लिनर को भी उपयोग कर सकते हैं। यह प्रोग्राम भी मशीन से डुप्ली्केट फाइल्से को खोजता है। ऐसे उपयोग करें: डुपगुरु को इंस्टॉइल करने के बाद आपको एक स्क्रीइन दिखाई देगी। यहां आपको डुप्लीतकेट फाइल्सथ को सर्च किए जाने वाले फोल्डीर्स को चुनना होगा। चुनने के बाद आप स्कैनन पर क्लिक करिए और यह प्रोग्राम अपना काम शुरू कर देगा। हो सकता है कि स्कैटनिंग में यह कुछ समय लगाए, लेकिन टास्कप पूरा होन के बाद यह आपको डुप्लीककेट फाइल्सर की लिस्टस दिखाएगा। यहां ओरिजिनल फाइल्सइ नीले रंग की दिखाई देंगी और डुप्लीरकेट फाइल ठीक इसी के नीचे दिखाई देगी। आप यहां सिलेक्टं ऑल करके सारी डुप्लीरकेट फाइल्सय को चुन सकते हैं या फिर मैनुअली एक-एक फाइल भी सिलेक्टय कर सकते हैं। इसके बाद आप चाहें तो इन फाइल्सप को डिलीट कर दें, या फिर किसी अन्यड ड्राइव अथवा फोल्ड्र में रख लें।  

सिनर ने कार्लोस अल्काराज का दिल तोड़ते हुए अपना पहला विंबलडन खिताब जीत लिया

लंदन  यानिक सिनर  विंबलडन टेनिस ग्रैंडस्लैम के पुरुष एकल के फाइनल में कार्लोस अल्काराज को हराकर पहली बार विंबलडन का खिताब अपने नाम किया। सिनर पिछले दो बार के विजेता कार्लोस अल्काराज को 4-6, 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर ऑल इंग्लैंड क्लब में पहली बार चैंपियन बने।इस हार के साथ दूसरे वरीय अल्कराज का लगातार 24 मैचों की जीत का सिलसिला खत्म हो गया है। 23 वर्षीय सिनर1968 के बाद से सेंटर कोर्ट पर ट्रॉफी उठाने वाले 23वें खिलाड़ी बन गए हैं। यानिक सिनर विंबलडन एकल खिताब जीतने वाले इटली के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। सिनर ने रौलां गैरो में मिली हार के पांच हफ्ते बाद, विंबलडन में शानदार अंदाज में अल्काराज से बदला लिया और अपना चौथा मेजर खिताब जीता। चैंपियनशिप में अपने पहले फाइनल में, दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी ने एक बेहतरीन मुकाबले में स्पेनिश खिलाड़ी को मात दी। अल्काराज ने सिनर के खिलाफ पिछले पांच मुकाबले जीते थे, जिसमें हालिया जीत आठ जून को रोलां गैरां में लगभग साढ़े पांच घंटे तक चली पांच सेटों की भिड़ंत में आई थी। सिनर ने उस मैच में दो सेट की बढ़त बना ली थी लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। इससे अल्काराज का मेजर फाइनल में स्कोर 5-0 हो गया था। सिनर ने ऑल इंग्लैंड क्लब में ऐसे मैच में अपनी छाप छोड़ी, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। हालांकि बीच-बीच में चूक भी हुई। अल्काराज ने सेंटर कोर्ट में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 24 मैच की जीत के साथ उतरे थे। उन्होंने ऑल इंग्लैंड क्लब में लगातार 20 मैच जीते थे जिसमें 2023 और 2024 के फाइनल में नोवाक जोकोविच के खिलाफ जीत भी शामिल है। विंबलडन में पिछली बार अल्काराज को हराने वाले खिलाड़ी सिनर हैं जिन्होंने 2022 में चौथे दौर में उन्हें शिकस्त दी थी। कार्लोस अल्काराज ने विंबलडन के शुक्रवार को खेले गए पहले सेमीफाइनल में टेलर फ्रिट्ज को 6-4, 5-7, 6-3, 7-6 (6) से हराकर लगातार तीसरी विंबलडन चैंपियनशिप में जगह बनाई थी। वहीं सिनर ने नोवाक जोकोविच को 6-3, 6-3, 6-4 से हराकर पहली बार ऑल इंग्लैंड क्लब में फाइनल में प्रवेश किया। अल्काराज 22 साल की उम्र में लगातार तीसरा विम्बलडन खिताब और कुल मिलाकर छठा ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने से चूक गए। इससे पहले फ्रेंच ओपन के फाइनल में अल्काराज ने पांच घंटे 29 मिनट तक चले मुकाबले में सिनर के खिलाफ जीत हासिल की थी। Wimbledon 2025 का खिताब जीतकर Jannik Sinner ने रचा इतिहास दरअसल, सिनर (Jannik Sinner) विंबलडन का खिताब जीतने वाले इटली के पहले खिलाड़ी बने। 148 सालों के विंबलडन इतिहास में किसी भी इतालवी खिलाड़ी को पुरुष सिंग्लस चैंपियन का ताज आजतक नहीं पहनते देखा गया। 1877 में पहली बार आयोजित इस टूर्नामेंट में सिनर चैंपियन बनने वाले पहले इतालवी खिलाड़ी बने। इसके साथ ही सिनर ने पिछले महीने फ्रेंच ओपन के फाइनल में अल्कराज से मिली हार का भी हिसाब चुकता कर लिया। बता दें कि ये सिनर के करियर का चौथा ग्रैंड स्लैम खिताब रहा। उन्होंने अब तक चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं, जबकि कार्लोस अलकराज के नाम पांच ग्रैंड स्लैम खिताब हैं। इस जीत के साथ, सिनर अब अलकराज से सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम पीछे हैं। 23 साल के सिनर को ये खिताब जीतने के बाद कितनी प्राइज मनी आइए जानते हैं। विंबलडन चैंपियन बनने के बाद सिनर को कितनी प्राइज मनी मिली? विंबलडन 2025 जीतने के बाद जानिक सिनर ने £3,000,000 (तीन मिलियन पाउंड) की राशि जीती। भारतीय रुपये में उन्हें 34 करोड़ रुपये से ज्यादा की इनाम राशि मिली। विंबलडन उपविजेता के रूप में अलकराज ने कितनी कमाई की? विंबलडन 2025 में उपविजेता रहने के बाद कार्लोस अलकराज ने £1,520,000 (एक मिलियन पांच सौ बीस हजार पाउंड) जीते। भारतीय मुद्रा में यह आंकड़ा लगभग ₹17 करोड़ है। सेमीफाइनलिस्ट के रूप में जोकोविच और फ्रिट्ज ने कितनी कमाई की? नोवाक जोकोविच और टेलर फ्रिट्ज ने सेमीफाइनल में पहुंचने पर हर खिलाड़ी को £775,000 (775 हजार पाउंड) मिले, जो करीब ₹9 करोड़ के बराबर है।

नवजात माताओं के लिए खुशखबरी: रीवा में मेटरनिटी विंग शुरू, उप मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

उप मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय रीवा में नवीन मेटरनिटी विंग कक्ष का किया शुभारंभ भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय रीवा के नवीन मेटरनिटीविंग कक्ष का शुभारंभ किया। उन्होंने मेटरनिटी विंग के बन जाने से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर बताया गया कि नवीन मेटरनिटीविंग में प्रसूति एवं स्त्री रोग से संबंधित मरीजों को पृथक से ओपीडी की सुविधा के साथ जांच के लिए सेम्पल प्राप्त करने के लिये व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला चिकित्सालय के 100 बिस्तर के अतिरिक्त भवन के बन जाने से मरीजों को और सुविधा मिलेगी साथ ही इसमें मेटरनिटीविंग के लिए भी स्थान आरक्षित रहेगा। उप मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय के विस्तार भवन का अवलोकन किया तथा शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ल सहित चिकित्सक उपस्थित रहे। ग्राम शाहपुर में माँ भगवती हेल्थ केयर सेंटर का किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्राम शाहपुर हिनौता में माँ भगवती हेल्थ केयर सेंटर का उद्घाटन किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हम स्वस्थ्य रहेंगे तभी हर तरह का विकास सार्थक होगा। हेल्थ केयर सेंटर आसपास के पूरे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य की जांच और उपचार की अच्छी सुविधा देगा। कई बार समय पर जांच होने से रोग का उपचार तत्काल शुरू हो जाता है। समय पर उपचार से कैंसर का रोग भी साध्य हो जाता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कई गंभीर रोगों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है। टेलीमेडिसीन के माध्यम से उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा प्राथमिकत स्वास्थ्य केन्द्र मेडिकल कालेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपचार की सुविधा मिल रही है। इस अवसर पर विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व विधायक श्री के.पी. त्रिपाठी तथा अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे BAPS मंदिर, आध्यात्मिक वातावरण में बिताया समय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दुबई प्रवास के दौरान बीएपीएस हिन्दू मंदिर में दर्शन किये। इस दौरान मंदिर के प्रमुख महंत पूज्य ब्रहृविहारी स्वामी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और मंदिर की विशेषताओं से अवगत कराया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के अधिकारियों की टीम भी उपस्थित रही। भारत और यूएई के बीच मित्रता का प्रमाण है मंदिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 फरवरी 2024 को बीएपीएस हिन्दू मंदिर का उद्घाटन किया था। बीएपीएस हिंदू मंदिर मिडिल ईस्ट का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर है। यह भारत और यूएई के बीच मित्रता का प्रमाण है, जो सांस्कृतिक समावेशिता, अंतर-धार्मिक सद्भाव और सामुदायिक सहयोग की भावना को दर्शाता है। यह मंदिर अबू मुरेइखा क्षेत्र में 27 एकड़ भूमि पर स्थित है और पारंपरिक भारतीय वास्तुकला के अनुसार बिना लोहे या स्टील के निर्मित किया गया है। इसमें भारत और अन्य देशों से लाए गए पत्थरों और संगमरमर का उपयोग किया गया है। इस भव्य मंदिर की दीवारों पर वैदिक कथाओं, भारतीय देवी-देवताओं और वनस्पति-जीवों की अत्यंत सूक्ष्म और आकर्षक नक्काशी की गई है। जो हिन्दू धर्म के शांति, सहिष्णुता और सह-अस्तित्व जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को दर्शाती है। 

धीरे-धीरे जुड़ेगा टूटा रिश्ता, इसे ऐसे संभालें…

रिश्तों का जुड़ना जितना मुश्किल होता है, उन्हें सहेजना उससे भी ज्यादा कठिन। इसके विपरीत तोड़ने के लिए एक झटका ही काफी है। यह झटका कुछ भी हो सकता है- कोई कड़वी बात, किसी मसले पर उपेक्षा, कोई मामूली गलती, गलतफहमियां या कुछ और। मुश्किल यह है कि ऐसा जब भी होता है तो इसका पहले से कोई एहसास नहीं होता। पता ही तब चलता है, जब घटना घट चुकी होती है। अगर समय से पता चल जाए कि जो हम कहने या करने जा रहे हैं, वह हमारे संबंधों पर क्या असर डालेगा तो अधिकतर संबंध बिगड़ने ही न पाएं। कई बार ऐसा भी होता भी है कि गलती के बाद तुरंत एहसास हो जाता है। ऐसी स्थिति में समझदार लोग बात को संभालने की कोशिश भी करते हैं। कई बार बात बन भी जाती है, लेकिन कई बार यह कोशिश बेकार साबित होती है। इसीलिए कवि रहीम ने कहा है- रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाय टूटे से फिर ना जुडे, जुडे तो गांठ पड़ जाय। अक्सर देखा जाता है कि ऐसे रिश्तों में जुड़ने के बाद भी कुछ कसक-सी रह जाती है। हालांकि आधुनिक मनोविज्ञान का मानना है कि यह मुश्किल ही है, असंभव नहीं। अगर रिश्ते में आई दरार की वजह को समझते हुए ठीक तरह से प्रयास किए जाएं तो उस कसक का मिटना भी असंभव नहीं है। इसके पहले कि किसी टूटे हुए रिश्ते को नए सिरे से सहेजने की कोशिश शुरू की जाए, सबसे जरूरी है कि उसके वास्तविक कारण की तलाश की जाए। देखें अपनी ओर यह जरूरी नहीं कि संबंध टूटने के मामले में गलती हर बार आपकी ही हो, पर ऐसे मामले में देखना सबसे पहले अपनी ओर ही चाहिए। अधिकतर होता यह है कि हम स्थितियों को समझे बिना ही दूसरे पक्ष को जिम्मेदार मान लेते हैं। यह सोचे बगैर कि उसने ऐसा कुछ किया भी तो किन हालात में। यह गौर करना चाहिए कि अगले व्यक्ति ने जो कुछ भी किया, उस पर हमारी प्रतिक्रिया क्या थी। हमने जो किया, क्या वह सही था! ऐसा तो नहीं कि हमने उसकी बात को समझे बिना ही प्रतिक्रिया दी और उसका दिल दुखाया! ऐसा कुछ लगे तो अपनी गलती स्वीकार कर, माफी मांग लेने में कोई हर्ज नहीं है। स्वीकारें दूसरों को दूसरों में ही गलती ढूंढने का एक कारण यह है कि अधिकतर लोग दूसरे के व्यक्तित्व को स्वीकार नहीं पाते। हर व्यक्ति दूसरों से अपनी अपेक्षाओं पर खरा उतरने की उम्मीद करता है। खासकर रिश्तों के मामले में हर किसी के मन में एक फ्रेम होता है। सभी चाहते हैं कि संबंधित व्यक्ति उसी फ्रेम में फिट बैठे। कुछ लोग किसी का भी इस फ्रेम से बाहर जाना बर्दाश्त नहीं कर पाते। लेकिन, दुनिया में सब कुछ किसी की अपेक्षा के अनुरूप ही हो, यह कैसे संभव है? हमें यह बात समझनी चाहिए कि हर किसी का अपना व्यक्तित्व है। किसी से अपने जैसा बनने की अपेक्षा या उसे अपने अनुरूप ढालने की कोशिश खतरनाक हो सकती है। बेहतर होगा कि जो जैसा है, उसे वैसा ही स्वीकार करें। व्यक्ति का सम्मान रिश्ता कोई भी हो, टूटने का कारण अधिकतर अहं का टकराव होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि यह होता क्यों है? इसकी एक वजह तो यही होती है कि हम दूसरे के व्यक्तित्व को वैसे ही स्वीकार नहीं कर पाते, जैसा वह है। दूसरी यह कि किसी पर अपने व्यक्तित्व और अपनी अपेक्षाओं को थोपने की कोशिश करने लगते हैं। ऐसी स्थिति में अगर दूसरा व्यक्ति हमसे मजबूत हुआ तो वह खुद को साबित करने में लग जाता है और अगर कमजोर हुआ तो समर्पण जैसी अवस्था में आ जाता है। ये दोनों ही स्थितियां सही नहीं हैं। दोनों ही स्थितियों में अहं का टकराव तय है। अगर आपकी ऐसी किसी प्रवृत्ति के कारण कोई संबंध टूटने की ओर बढ़ रहा है, सचेत हो जाएं। पहले तो दूसरों पर अपनी अपेक्षाएं और अपना व्यक्तित्व थोपना बंद कर दें। धीरे-धीरे यह एहसास कराएं कि आपने खुद को बदलना शुरू किया है। प्रशंसा है जरूरी रिश्ते चाहे निजी हों या प्रोफेशनल, सभी पौधों की तरह होते हैं। वे फूलते-फलते रहें, इसके लिए उन्हें सींचना अनिवार्य है और रिश्तों की सिंचाई के लिए अच्छे कार्यों की प्रशंसा से बेहतर जल नहीं हो सकता। कोई जब अच्छा कार्य करता है तो वह प्रशंसा चाहता है। होता अक्सर उल्टा है। किसी से कोई गलती हो जाने पर तो हम उसे दस बातें सुना देते हैं, लेकिन अच्छे काम को उसका कर्तव्य मानकर टाल देते हैं। इसके विपरीत अगर अच्छा काम करने पर किसी की प्रशंसा की जाए तो गलतियों पर टोके जाने से भी उसे पर बुरा नहीं लगता। आभार जताएं जिस तरह अपेक्षाएं स्वाभाविक हैं, वैसे ही उनके पूरे होने पर आभार जताना भी। कई बार रिश्ते इसलिए टूट जाते हैं कि हम अपना काम हो जाने के बाद संबंधित व्यक्ति को धन्यवाद तक नहीं बोलते। रिश्ते बने रहें, इसके लिए उन्हें सहेजना जरूरी है। जारी रहे संवाद बेशक कई बार गलती आपकी नहीं होती, दूसरा पक्ष ही गलत होता है और यह बात जाहिर होती है। यदि यह बात बार-बार की है तो स्थिति अलग है, लेकिन अगर पहली-दूसरी बार की बात है तो क्षमा कर देना बेहतर है। ध्यान रहे, ऐसी स्थिति में संवाद नहीं टूटना चाहिए। क्योंकि किसी भी रिश्ते को बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी तत्व है संवाद। संवाद टूट जाने की स्थिति में बने-बनाए रिश्ते भी बेजान होने लगते हैं और टूटे रिश्तों को फिर से जोड़ने में तो सबसे महत्वपूर्ण भूमिका ही संवाद की होती है।  

CM यादव की बड़ी पहल: निवेश और सहयोग के लिए शुरू होगा संवाद कार्यक्रम

दुबई यात्रा का दूसरा दिन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दुबई यात्रा के दूसरे दिन मध्यप्रदेश में निवेश के व्यापक अवसरों को लेकर उद्योग जगत, वैश्विक कंपनियों और नीति निर्माताओं के साथ संवाद करेंगे। उद्योग, तकनीक, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव कई महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेंगे। 14 जुलाई की प्रमुख गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस दिन भारतीय कोंसुल जनरल से शिष्टाचार भेंट होगी, जहां वे यूएई में भारत के व्यापारिक हितों और सहयोग की दिशा में चर्चा करेंगे। इसके बाद वे द इंडस एंटरप्रेन्योर्स के चेयरमैन पी.के. गुलाटी से मुलाकात कर स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में संभावनाओं पर संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमिरेट्स एयरलाइंस के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक में एयर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर विचार करेंगे। मुख्यमंत्री बाद में ग्रू एनर्जी जैसी अग्रणी ग्रीन एनर्जी कंपनी तथा जैन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन (JITO) प्रतिनिधियों से मिलेंगे और सतत विकास से जुड़े विषयों पर मध्यप्रदेश की प्राथमिकताएं साझा करेंगे। दोपहर बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूएई के विदेश व्यापार मामलों के मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ियोदी से मुलाकात करेंगे। यह बैठक भारत-यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार सहयोग को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टेक्समस एसोसिएशन परिसर का दौरा करेंगे और दुबई टेक्सटाइल सिटी में टेक्सटाइल उत्पादन व निर्यात गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। इस दौरान वे एक इंटरेक्टिव सत्र और नेटवर्किंग लंच में हिस्सा लेंगे, जहां मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर की क्षमताएं और पीएम मित्रा पार्क जैसी योजनाएं प्रस्तुत की जाएंगी। लुलु ग्रुप, सराफ डीजी, ईसा एआई से मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुलु ग्रुप, सराफ डीजी, ईसा एआई अल गुरैर ग्रुप, गल्फ इस्लामिक इन्वेस्टमेंट्स, जी42 इण्डिया और टाटा संस मिडिल ईस्ट जैसी बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मिलेंगे और प्रदेश में निवेश के क्षेत्र तय करेंगे। गल्फ महाराष्ट्र बिजनेस फोरम और एमआईडीसी के साथ होने वाली चर्चा में आपसी सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा होगी। समापन इन्वेस्ट मध्यप्रदेश दुबई बिजनेस फोरम एंड नेटवर्किंग डिनर के साथ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को संबोधित करेंगे और उन्हें मध्यप्रदेश के उद्योग परिदृश्य के साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित करेंगे। इस कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में निवेश को केंद्र में रखकर एक विशेष राउंडटेबल मीटिंग भी आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता प्रमुख सचिव पर्यटन करेंगे।  

हीरा तो पन्ना में मिलता है, लेकिन मप्र के डायमंड तो दुबई में भी मिल रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश आपको बुला रहा है, बेहिचक निवेश करें, हम भी आपको रिटर्न गिफ्ट देने में कोई कमी नहीं रखेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. ने निवेशकों के लिए 18 पारदर्शी नीतियां लागू की, हमारी नीतियों का भरपूर लाभ उठाएं हीरा तो पन्ना में मिलता है, लेकिन मप्र के डायमंड तो दुबई में भी मिल रहे हैं दुबई में प्रवासी भारतीयों के फ्रैंड्स आफ एमपी इंटरनेशनल समूह से किया आत्मीय संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब देश का सर्वाधिक प्रगतिशील प्रदेश बन गया है। निवेशकों के लिए हमारी सरकार ने सभी द्वार खोल दिए हैं। हमने मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए 18 प्रकार की पारदर्शी औद्योगिक नीतियां लागू की हैं। हमारी सभी औद्योगिक नीतियां बेहद साफ सुथरी हैं। मध्यप्रदेश में आने वाले निवेशकों को किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता। आईए मध्यप्रदेश आपको बुला रहा है, हम पर भरोसा करें, मध्यप्रदेश में निवेश करें, हम भी आपको रिटर्न गिफ्ट देने में कोई कमी नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को दुबई में प्रवासी भारतीयों के फ्रेंड्स ऑफ एमपी इंटरनेशनल समूह के साथ आत्मीय संवाद कर रहे थे। उन्होंने निवेशकों से कहा कि यदि आप मध्यप्रदेश के लोगों को रोजगार देने वाला कोई बड़ा उद्योग लगाते हैं तो हमारी सरकार अगले 10 साल तक प्रति लेबर 5 हजार रुपए की सहायता राशि भी मुहैया कराएगी। यदि मेडिकल एजुकेशन या मेडिकल कॉलेज जैसा बड़ा कोई निवेश करना चाहते हैं तो, हमारी सरकार आपको मात्र एक रूपए में जमीन देगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम पर निवेशकों के साथ है। मध्यप्रदेश को अपना दूसरा घर बनाइये और यहां निवेश जरूर कीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि दुबई मध्यप्रदेश के लोगों के लिए एक तरह से दूसरी मां के समान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। राज्य सरकार ने उद्योग केंद्रित पारदर्शी नीतियां लागू की हैं। उद्योगपतियों को निवेश करने और इंडस्ट्री शुरू करने के लिए सिंगल विंडो फैसिलिटी प्रदान की जा रही है। उद्योगपतियों को बिजली के बिलों में छूट दी जा रही है। प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और जीआईएस के माध्यम से लगभग 30 लाख करोड़ रूपये का निवेश मिला है। मध्यप्रदेश निवेशकों को आमंत्रित कर रहा है आप लोग आइए और सभी क्षेत्रों में उद्योग स्थापित कर प्रगति करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापारी अपनी युक्ति बुद्धि से उद्यमशीलता को बढ़ाते हैं। प्रदेश के पन्ना में हीरा मिलता है। मध्यप्रदेश के हीरे दुबई में भी मिल रहे हैं। उद्योगपति एक मौसम विज्ञानी की तरह हवा का रुख समझ लेते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है, जिन्होंने भारत ही नहीं, दूसरे देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों की भी कठिन समय में हर संभव मदद की है। विकास का रास्ता भारत से होकर ही गुजरता है। कई देश भारत के साथ आजाद हुए। आज भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के गरीब और जरूरतमंदों को 4 करोड़ पक्के मकान बनाकर दिए हैं और 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन बांटा जा रहा है। यह संख्या करीब 100 देशों की आबादी के बराबर है।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय लोग दूध में शक्कर की तरह घुल मिल जाते हैं, जो दुनियाभर में मिठास घोल रहे हैं। दुबई में निर्मित स्वामीनारायण मंदिर में सभी संप्रदायों की झलक नजर आती है। भारतीय संस्कृति में सभी का सम्मान है, जो विश्व कल्याण की भावना से ओतप्रोत है। कोविड काल में दूसरे देशों को मेडीसिन भेजकर भारत ने वसुधैब कुटुंबकम की भावना को चरितार्थ किया है। यूएई में रहने वाले मध्यप्रदेश के प्रवासी आज कई लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। नरेश भावनानी ने मंदसौर से आकर अपने पुरुषार्थ के बल पर यूएई में टेक्सटाइल सेक्टर का बड़ा उद्योग स्थापित किया है।   जितेंद्र वैद्य ने बाबा महाकाल के उद्घोष के साथ संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामान्य परिवार से आते हैं, जिन्होंने हमेशा मानव सेवा को सर्वोपरि रखा। अपने छात्र जीवन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कई जनहितैषी आंदोलनों में हिस्सा लिया। छात्र जीवन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉलेज के सीनियर्स का सम्मान करते हुए उनके लिए छात्र संघ चुनाव में दावेदारी छोड़ दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में प्रदेश के धार्मिक पर्यटन में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। अब उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ आने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में विकास की नई इबारत लिख दी है। प्रदेश के हर वर्ग को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। यूएई में भारतीय महावाणिज्यदूत सतीश सिवान ने कहा कि यूएई में 44 लाख प्रवासी भारतीय निवास करते हैं। मध्य प्रदेश न केवल भारत का हृदय प्रदेश है, बल्कि यह यूएई में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए भी हार्ट के समान है। अपर मुख्य सचिव, नगरीय प्रशासन एवं आवास संजय दुबे ने कहा कि दुबई में हुए आत्मीय स्वागत से हम अभिभूत हैं। वर्तमान में राज्य सरकार 13 देशों के साथ मिलकर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दे रही है। आप सभी यहां मध्य प्रदेश के हृदय के रूप में उपस्थित हैं। मध्य प्रदेश हर सेक्टर के निवेशक को निवेश के लिए आकर्षित कर रहा है। मध्यप्रदेश आर्थिक प्रगति और कृषि समेत अन्य क्षेत्रों में प्रथम स्थान पर है। मध्यप्रदेश वनों से समृद्ध है, जहां बिग कैट फैमिली के सभी वन्यप्राणी मौजूद हैं। प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क है। प्रदेश रोड, रेल और एयर नेटर्वक से जुड़ा है।    प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला राज्य है। यह पिछले 10 साल से अग्रणी बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फोकस प्रदेश के औद्योगिक विकास पर है। वे प्रदेश के समग्र विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विजन के अनुरूप सरकार ने रीजनल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की और निवेशकों को अवसर उपलब्ध कराए। प्रदेश सरकार ने 18 नई नीतियां लागू की हैं, जो देश में सर्वश्रेष्ठ हैं। भोपाल में फरवरी 2025 में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में लगभग 30.77 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दुबई में भारत के कॉन्सुल जनरल से मुलाकात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई प्रवास के दौरान रविवार को दुबई स्थित भारत सरकार के कॉन्सुल जनरल श्री सतीश कुमार सिवन ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन के दौरे पर रहेंगे। इस विदेश यात्रा का प्रमुख उद्देश्य मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेश को आकर्षित करना, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण सुनिश्चित करना और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर तैयार करना है। मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा प्रदेश को वैश्विक मंच पर एक निवेश-अनुकूल और उभरते हुए औद्योगिक केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ श्री सिवन निवेशक संवाद में शामिल हुए।