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विदेश में अपहरण: जयपुर के मैनेजर की पत्नी का दर्द– प्रधानमंत्री जी, मेरे पति को बचाइए

जयपुर जयपुर के वैशाली नगर निवासी 61 वर्षीय प्रकाशचंद जोशी का पश्चिम अफ्रीकी देश माली में आतंकियों द्वारा अपहरण कर लिया गया है। घटना को लेकर जोशी का परिवार बेहद आहत और भयभीत है। पत्नी सुमन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भावुक अपील करते हुए कहा कि वापस ले आओ मेरा सुहाग मोदी जी। इस हादसे से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और अब उन्हें बस भगवान और पीएम मोदी से ही उम्मीद है। जानकारी के अनुसार प्रकाश जोशी एक वरिष्ठ प्रोजेक्ट मैनेजर हैं और देश-विदेश की नामी सीमेंट कंपनियों के लिए काम कर चुके हैं। हाल ही में हैदराबाद की एक कंपनी द्वारा माली में शुरू किए गए सीमेंट प्लांट में उन्हें नियुक्त किया गया था। 30 मई को वह तीन महीने की ड्यूटी के लिए माली रवाना हुए थे और 5 जून को उन्होंने प्लांट में कार्यभार संभाला था। 1 जुलाई की शाम करीब 7 बजे सौ से ज्यादा हथियारबंद आतंकियों ने प्लांट पर हमला कर दिया और लूटपाट, आगजनी और तोड़फोड़ करते हुए पूरे प्लांट को तहस-नहस कर प्रकाश जोशी सहित दो अन्य भारतीयों को अगवा करके जंगलों की तरफ ले गए। हमले की जिम्मेदारी अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन ने ली है। प्रकाश जोशी की परिवार से आखिरी बार बातचीत 30 जून को हुई थी। इसके बाद 2 जुलाई को कंपनी की ओर से उनके अगवा होने की सूचना दी गई। तब से ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है। कुछ दिनों बाद तीनों बंधकों की एक फोटो जारी की गई, जिसमें वे जंगली इलाके में नजर आए। परिवार का कहना है कि 14 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी है। हालांकि भारतीय दूतावास और कंपनी द्वारा आश्वासन दिया जा रहा है कि जल्द स्थिति संभलेगी लेकिन विदेश मंत्रालय की ओर से न तो कोई जवाब आया है और न ही कोई प्रतिक्रिया। अगवा किए गए प्रकाश जोशी की पत्नी सुमन जोशी और बड़ी बेटी चित्रा जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि हमें भरोसा है कि पीएम मोदी हमारे परिवार की आवाज जरूर सुनेंगे। उन्होंने पहले भी विदेशों में फंसे भारतीयों को बचाया है, आज हम भी उन्हीं से उम्मीद लगाए बैठे हैं। मेरी बस यही प्रार्थना है कि मोदी जी, मेरा सुहाग सुरक्षित वापस ले आइए। चित्रा जोशी, जो मुंबई में काम करती हैं, अपनी बीमार मां को संभालने के लिए जयपुर आ गई हैं। उनका कहना है कि दिन-रात डर का साया परिवार पर मंडरा रहा है। हर पल उन्हें अनहोनी की आशंका सता रही है। जयपुर के चित्रकूट रोड स्थित उनके घर में अब हर आहट पर नजरें दरवाजे की ओर जाती हैं। परिवार को पूरी आशा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में खुद हस्तक्षेप करेंगे और तीनों बंधकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करवाएंगे।

शहडोल में वन्य संकट: हाथियों के झुंड की दस्तक, डीएफओ ने लोगों को किया सतर्क

शहडोल  इन दिनों बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ से हाथियों का झुंड शहडोल संभाग में आया है. जो सोमवार तड़के सुबह विचारपुर से ग्राम ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गया. स्थानीय ग्रामीणों की माने तो झुंड में 4 हाथी देखे गए हैं. इन हाथियों की निगरानी में वन विभाग की टीम जुटी हुई है. शहडोल संभाग में हाथियों का मूवमेंट पिछले कुछ समय से शहडोल संभाग में लगातार हाथियों का मूवमेंट देखने को मिल रहा है. यह हाथी कभी अनूपपुर में धमाचौकड़ी मचाते हैं, तो कभी शहडोल में चहलकदमी करते नजर आते हैं. वर्तमान में छत्तीसगढ़ से आए हुए ये हाथी अनूपपुर के रास्ते उमरिया होते हुए शहडोल पहुंचे हैं. जो कि शहडोल जिला मुख्यालय से लगे ग्राम ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गए हैं. ऐन्ताझर जंगल में चहलकदमी करते दिखे हाथी ऐन्ताझर के फॉरेस्ट गार्ड राजनाथ बैगा ने बताया कि ''4 हाथी सोमवार तड़के सुबह ऐन्ताझर पहुंचे हैं, सभी हाथी अभी जंगल में हैं. उनकी हम लगातार निगरानी कर रहे हैं." जानकारी के अनुसार, हाथियों ने शहडोल जिले के बैगिन टोला निवासी चंद्रवती बैगा के घर को नुकसान पहुंचाया है. साथ ही कुछ जगहों पर पेड़ पौधे को भी नुकसान पहुंचाया है. हाथियों ने विचारपुर में बिताई छुट्टी बता दें कि, हाथी छत्तीसगढ़ से पहले अनूपपुर जिले में आए, जहां कुछ गांवों में जमकर धमाचौकड़ी मचाने के बाद अहिरगमा रेंज से होते हुए उमरिया जिले के घुनघुटी रेंज में पहुंच गए. यहां से शहडोल के विचारपुर गांव पहुंचे. जहां बीते रविवार को पूरे दिन रहे. फिर यहां से सोमवार तड़के सुबह ऐन्ताझर के जंगलों में पहुंच गए हैं. छत्तीसगढ़ वापस लौटने की राह चारों हाथी व्यस्क और दंतैल बताए जा रहे हैं. फिलहाल ये सभी पतखई घाट के रास्ते छत्तीसगढ़ वापस लौटने की राह पर नजर आ रहे हैं. हालांकि वन विभाग की टीम एक्टिव हो गई है. साउथ डीएफओ श्रद्धा प्रेंद्रे ने कहा, "छत्तीसगढ़ से 4 हाथी ऐन्ताझर जंगल में पहुंच गए हैं. ये सभी अनूपपुर के रास्ते उमरिया होते हुए यहां तक पहुंचे हैं." उन्होंने आगे बताया कि "वन विभाग की टीम लगातार इन हाथियों पर नजर बनाए हुए हैं, उनकी निगरानी में वन विभाग की टीम को तैनात किया गया है. लोगों को इनसे डरने की बजाए सतर्क रहना चाहिए. जंगल की ओर जाने से लोग बचें और हाथियों को देखने पर उनके साथ छेड़छाड़ न करें."

MP के निवाड़ी में 102%, टीकमगढ़ में 90% हुई बरसात, श्योपुर में क्वारी नदी उफान पर, विजयपुर-आगरा मार्ग बंद

भोपाल स्ट्रॉन्ग सिस्टम की बदौलत मध्यप्रदेश में 1 महीने के अंदर ही कोटे की 45% यानी, औसत 17.4 इंच बारिश हो गई है। निवाड़ी में कोटा फुल हो चुका है। यहां 102% पानी गिर चुका है। टीकमगढ़ में 90 फीसदी बारिश हुई है।मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कई जिलों में आंधी और बारिश वाला मौसम रहा। सबसे ज्यादा बारिश रतलाम और गुना जिलों में हुई। श्योपुर में 2.8 इंच और गुना में 2.7 इंच पानी गिर गया। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी बारिश का दौर जारी रहा। प्रदेश में मानसून के एंटर हुए 16 जुलाई को 1 महीना हो जाएगा। हालांकि, मानसूनी सीजन 1 जून से ही शुरू हो गया था। यानी, डेढ़ महीने में करीब आधी बारिश हो चुकी है। इस बार लगातार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। इस कारण पूर्वी हिस्से में बाढ़ आ गई। छतरपुर, मंडला, सिवनी, शिवपुरी, उमरिया समेत कई जिलों में एक सप्ताह से बाढ़ के हालात है। नदियां उफान पर हैं। नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस वजह से बारिश का आंकड़ा भी बढ़ा है। मध्य प्रदेश के 20 जिलों में आज अति भारी बारिश की चेतावनी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुककर बारिश का दौर अभी जारी है। प्रदेश के भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, रतलाम मंदसौर और नीमच जिलों में आज अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इंदौर और आस-पास के इलाकों में सुबह से फुहारों का दौर जारी है। टीकमगढ़ 24 घंटे में 167 मिमी बारिश से मुख्य मार्गों पर जलभराव हो गया। इससे जिले का झांसी, ललितपुर, छतरपुर, सागर से संपर्क टूट गया है। सबसे ज्यादा बारिश टीकमगढ़ तहसील क्षेत्र में 215.0 मिमी बारिश दर्ज हुई है। बाढ़ जैसे हालात बनने से हर कोई परेशान है। बान सुजारा बांध के गेट खुलने से धसान नदी भी काफी उफान पर रही, जिसमें 10 से 12 फीट तक जलस्तर बढ़ गया। प्रशासन ने अगले 24 घंटों में टीकमगढ़ के अधिकांश स्थानों पर गरज के साथ बहुत भारी बारिश 115.0 मिमी से 204.4 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताई है। निवाड़ी के बछोंड़ा-पृथ्वीपुर मार्ग पर पड़ने वाले बरुआ नाले में रविवार को एक पिकअप वाहन गिर गया। जेसीबी की मदद से उसे निकला गया। शिवपुरी में नाले में बहे युवक, पेड़ पकड़कर बची जान शिवपुरी में आधी रात के बाद से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछोर के ग्राम मनका में नाला उफान पर आ गया। गांव के सुरदीप यादव, राजदीप यादव सहित एक अन्य युवक ने बाइक पर सवार होकर उफनते नाले को पार करने का स्टंट दिखाना चाहा। बीच नाले में पहुंचते ही पानी के तेज बहाव में चालक बाइक पर से नियंत्रण खो बैठा। मौसम विभाग के अनुसार, अभी भी मानसून सीजन के ढाई महीने बाकी है। ऐसे में मौसम विभाग ने 125 प्रतिशत यानी, 45 इंच से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। बता दें कि मौसम विभाग ने इस बार प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। मंडला में 33 इंच से ज्यादा पानी गिरा मंडला की औसत बारिश 47 इंच है। जिसके मुकाबले 33.17 इंच पानी गिर चुका है। इंच में यह सबसे ज्यादा बारिश है। निवाड़ी में साढ़े 30 इंच की जगह 31.27 इंच बारिश हो चुकी है। यानी, इस जिले में कोटा पूरा हो गया। टीकमगढ़ की औसत 35.89 इंच बारिश के मुकाबले 32 इंच पानी गिर चुका है। कई डैम ओवरफ्लो हुए अब तक हुई बारिश की वजह से कई डैम  ओवरफ्लो हो गए हैं। भोपाल के बड़ा तालाब, केरवा-कलियासोत डैम में भी पानी आया है। हालांकि, पिछले साल जुलाई में ही कई डैमों के सभी गेट खुल गए थे। इस बार भी जौहिला, बरगी डैम के गेट खुल चुके हैं।   30 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     मंडला, टीकमगढ़, निवाड़ी। 20 से 30 इंच तक बारिश वाले जिले     रायसेन, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, श्योपुर, सीधी, नर्मदापुरम। 10 से 19 इंच बारिश वाले जिले     भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, हरदा, बैतूल, सतना, सिंगरौली, रीवा, मुरैना, भिंड, नीमच, रतलाम, ग्वालियर, गुना, छिंदवाड़ा। इन जिलों में हुई 10 इंच से कम बारिश     इंदौर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, दतिया, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, खरगोन, टीकमगढ़, रायसेन, मंडला, सागर, उमरिया, दतिया, छिंदवाड़ा, बैतूल, बालाघाट, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, आगर-मालवा, राजगढ़ समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। सोमवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल में मानसून टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) का असर देखने को मिलेगा। कुल 35 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। इनमें से 9 जिलों में अति भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री को जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

बलिया योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। यह धमकी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी गई है, जिसमें आरोपी युवक ने लिखा है कि ‘ मैं ओमप्रकाश राजभर को गोली मार दूंगा…। बताया जा रहा है कि धमकी देने वाला युवक करणी सेना का जिलाध्यक्ष है, जिसका नाम कमलेश सिंह है। इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद सुभासपा के वरिष्ठ नेता अरुण राजभर ने नाराज़गी जताई है और कहा है कि इस संबंध में रसड़ा थाने में तहरीर दी जाएगी। छानबीन में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। सोशल मीडिया पर धमकी देने की बात को गंभीरता से लेते हुए संबंधित युवक की भूमिका खंगाली जा रही है।

कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी पर जमकर हुआ हंगामा

भास्कर मिश्रा को नही मिली जमानत, आज सोमवार को होगी सुनवाई, पहुंचे जेल, समर्थको ने जमकर की नारेबाजी, कांग्रेस पार्टी दो गुटों में दिखी सिंगरौली   जिले में बरगवां से लेकर  रजमिलान-गड़ाखाड़ के बीच कोल वाहनों से आये दिन हो रहे सड़क हादसे को लेकर इस पर रोक लगाने के लिए कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा के नेतृत्व में परसौना तिराहा पर आज दिन रविवार  की सुबह चक्काजाम शुरू किया। इसी दौरान भास्कर मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर पहले सिविल लाईन ले गई। इसके बाद उनके समर्थको ने जगह-जगह हंगामा शुरू कर दिये और यह दौर देर शाम तक चलता रहा। गौरतलब है कि बरगवां से लेकर परसौना, रजमिलान, गड़ाखाड़, सरई-गन्नई मार्ग में आये दिन कोल समेत अन्य बड़े वाहनों से अनायास लोग काल के गाल में समा रहे हैं। आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण एवं फोरलेन न होने के कारण सड़क हादसा थमने का नाम नही ले रहा है। आये दिन किसी न किसी के घर का चिराग बूझ जा रहे हैं। इन्हें ज्वलंत समस्या को लेकर कांग्रेस नेता भास्कर मिश्रा ने आज अपने समर्थको के साथ पूर्व  सूचना के आधार पर परसौना-तिराहा पहुंच माल वाहको को जाने पर रोक-टोक करते हुये चक्काजाम शुरू कर दिये। जबकि सवारी वाहनो को आने-जाने पर रोक नही लगाया था। इसी दौरान सीएसपी विंध्यनगर के नेतृत्व में पुलिस पहुंची और भास्कर मिश्रा तथा पार्षद रामगोपाल पाल समेत आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार करते हुये पुलिस सिविल लाईन ले गई। भास्कर मिश्रा की गिरफ्तारी को सून ग्रामीण सड़क पर उतर आये। जगह-जगह नारेबाजी करने लगे। यहां तक कि सैकड़ों लोग के अलावा जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह राजू, अतुल शुक्ला भी अपने समर्थको के साथ सिविल लाईन पहुंच भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी का विरोध करने लगे। इस दौरान पुलिस के खिलाफ नारेबाजी एवं तूतू-मैंमैं शुरू हो गई। हालांकि पुलिस के पास कोई ठोस जवाब नही आ रहा था। बाद में उन्हें बैढ़न न्यायालय में पेश की। जहां से विचाराधीन मानते हुये जेल भेज दिया था। चर्चा है कि कल दिन सोमवार को सुनवाई होगी। भास्कर मिश्रा के समर्थक ने कांग्रेस पार्टी सिंगरौली ग्रामीण जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र द्विवेदी, पूर्व जिला अध्यक्ष सूर्या द्विवेदी, कांग्रेस नेता अमित द्विवेदी, रामशिरोमणि शाहवाल, अशोक सिंह पैगाम, राजेश सिंह राजू, अनिल सिंह, रूपेश पाण्डेय  अखिलेश सिंह सहित भारी संख्या में कांग्रेसी व ग्रामीणजन भी पहुंचे थे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह पुलिस लोकतंत्र की हत्या कर रही है। आगे कहा कि भास्कर मिश्रा की गिरफ्तार पूरी तरह से गलत है। दिन भर परसौना से लेकर न्यायालय परिसर के बाहर रहा गहमा-गहमी आज रविवार पूरे दिन हंगामा से भरा रहा है। परसौना से लेकर सिविल लाईन, कचनी एवं न्यायालय परिसर के बाहर भारी संख्या में लोग पहुंच कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी कह रहे थे कि यहां की पुलिस डण्डे के बल पर लोगों के आवाज को दबाना चाहती है। भास्कर मिश्रा के साथ भी ऐसा ही हुआ है। पुलिस ने लोकतंत्र की हत्या करते हुये मौलिक अधिकारो को छिनने का प्रयास की है। जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह राजू, अशोक सिंह पैगाम, सीपीएम नेता संजय नामदेव ने भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी कर जमकर विरोध किया है और कहा कि बैढ़न पुलिस बाबा साहेब अम्बेडकर के संविदान को नही मानती। इसीलिए भास्कर की गिरफ्तारी की गई है। इस दौरान पुलिस को काफी पापड़ बेलने पड़े। दिनमान भी आसमान में तारे नजर आने लगे थे। वही पुलिस के इस कार्रवाई का चौतरफा विरोध हो रहा है। आरआई ने की महिला के साथ धक्कामुक्की, हुआ जमकर हंगामा भास्कर मिश्रा के गिरफ्तारी के बाद आक्रोषित ग्रामीणों एवं उनके समर्थक जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह राजू सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस लाईन पहुंच  नारेबाजी शुरू कर दी है। इसी दौरान भारी संख्या में पुलिस भी मौजूद थी। तभी भीड़ आगे बढ़ रही थी कि पुलिस लाईन के रक्षित निरीक्षक केशव सिंह चौहान ने एक महिला को हाथ से जोर का छटका दिया। जहां महिला गिरते-गिरते बची। इसी बात से गुस्साए लोगों ने आरआई से उलझ गये। मामला इतना गरमाया कि तनाव की स्थिति निर्मित होने लगी। लेकिन कुछ समझदार पुलिस कर्मी भाप गये कि आरआई ने बड़ी गलती कर दी है। तत्काल आरआई को पीछे जाने के लिए इशारा किये। तब कहीं जाकर कुछ स्थिति संभल पाई। आरआई को अंतत: बैकफूट पर आना पड़ा। लेकिन इस बीच पुलिस एवं ग्रामीणों के बीच जमकर तूतू-मैंमैं हुआ है। इनका कहना:- मुझे सुबह 7:30 बजे सूचना मिली कि परसौना में कुछ लोक एकत्रित होकर छोटे व बड़े वाहनों के साथ स्कूल बसों को रोका गया था। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद बैढ़न समेत आसपास के पुलिस के साथ पहुंच मनाने एवं समझाने का प्रयास किया गया। वही स्कूली छोटे-छोटे बच्चे परेशान हो रहे थे। न मानने पर अभिरक्षा में ले लिया गया है। पीएस परस्ते सीएसपी, विंध्यनगर

नितिन गडकरी बोले सिस्टम में ऐसे लोग चाहिए जो सरकार को जवाबदेह बनाएं

नागपुर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि समाज में कुछ ऐसे लोग भी होने चाहिए, जो सरकार के खिलाफ अर्जी दाखिल कर सकें। उन्होंने नागपुर में दिवंगत प्रकाश देशपांडे स्मृति कुशल संगठक पुरस्कार कार्यक्रम के मौके पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन में अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी है कि किसी भी गलती पर अदालत का रुख किया जाए। अदालत के माध्यम से प्रशासन में अनुशासन बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग ऐसे होने चाहिए, जो सरकार के खिलाफ अदालत में अर्जी दाखिल कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से नेता अनुशासन में रहते हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि कई बार सरकार में बैठे मंत्री भी वह काम नहीं कर पाते हैं, जो अदालत के आदेश पर हो जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जनता को लुभाने की राजनीति नेताओं और मंत्रियों के आड़े आती है और वे जनहित में कदम नहीं उठा पाते। इस दौरान उन्होंने ऐसे कई लोगों के उदाहरण भी दिए, जिन्होंने सरकार के खिलाफ ही किसी मामले में अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह जरूरी चीज है। नितिन गडकरी ने कहा कि कई बार ऐसा हुआ है कि जब लोग अदालत गए तो सरकार को अपने किसी फैसले से पीछे हटना पड़ा।

बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने पारुपल्ली से तोड़ा रिश्ता

नई दिल्ली भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता सायना नेहवाल ने अपने पति और पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप से अलगाव की घोषणा की है. यह जोड़ा लगभग सात वर्षों से विवाहबंधन में था. रविवार देर रात सायना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर इस खबर की पुष्टि की, जिसने खेल जगत को हैरानी में डाल दिया. सायना ने सोशल मीडिया में साझा की जानकारी सायना ने अपने पोस्ट में लिखा कि कई बार ज़िंदगी हमें अलग राहों पर ले जाती है. काफी सोच-विचार के बाद हमने अलग होने का फैसला किया है. हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, आत्मविकास और मानसिक संतुलन को चुन रहे हैं. मैं इन यादों के लिए आभारी हूं और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं. इस दौरान हमें समझने और हमारी निजता का सम्मान करने के लिए धन्यवाद.” 7 साल पहले हुई थी शादी सायना और कश्यप की शादी दिसंबर 2018 में हुई थी. दोनों की मुलाकात हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में हुई थी, जहां से उन्होंने साथ में करियर की शुरुआत की थी. बैडमिंटन में दोनों की शानदार उपलब्धियां     सायना नेहवाल ने 2008 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीतने के बाद ओलंपिक में डेब्यू किया था और उसी साल क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं.     2012 के लंदन ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा.     उन्हें 2009 में अर्जुन पुरस्कार, 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न और 2016 में पद्म भूषण से नवाजा गया.     सायना अब तक की इकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने विश्व नंबर-1 रैंकिंग हासिल की है. वहीं, पारुपल्ली कश्यप ने 2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर 32 सालों बाद भारत को इस स्पर्धा में पुरुष एकल में गोल्ड दिलाया था. 2012 के लंदन ओलंपिक में वे क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे और 2013 में उन्होंने विश्व रैंकिंग में छठा स्थान हासिल किया था. कश्यप ने 2024 में संन्यास लिया और अब वे कोचिंग में सक्रिय हैं. सायना और कश्यप की यह जुदाई खेल प्रेमियों के लिए एक भावुक पल है, लेकिन दोनों ने सकारात्मकता और शांति को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ने का फैसला लिया है.

वैवाहिक झगड़ों में गुप्त ऑडियो रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल संभव: सुप्रीम कोर्ट का मार्गदर्शन

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वैवाहिक मामलों को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में पति-पत्नी की बातचीत की गुप्त रिकॉर्डिंग को बतौर साक्ष्य कोर्ट में स्वीकार्य किया जा सकता है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि पति-पत्नी का एक-दूसरे पर नजर रखना इसका सबूत है कि विवाह मजबूत नहीं चल रहा है। इसलिए रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल न्यायिक कार्यवाही में किया जा सकता है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि पति-पत्नी के बीच गुप्त बातचीत साक्ष्य अधिनियम की धारा 122 के तहत संरक्षित है और इसका इस्तेमाल न्यायिक कार्यवाही में नहीं किया जा सकता। पीठ ने निचली अदालत के आदेश को बहाल रखा और कहा कि वैवाहिक कार्यवाही के दौरान रिकॉर्ड की गई बातचीत पर ध्यान दिया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने पारिवारिक न्यायालय से रिकॉर्ड की गई बातचीत का न्यायिक संज्ञान लेने के बाद मामले को आगे बढ़ाने को कहा। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि पति-पत्नी द्वारा एक-दूसरे की बातचीत रिकॉर्ड करना अपने आप में इस बात का सबूत है कि उनका विवाह मजबूत नहीं चल रहा है और इसलिए इसका इस्तेमाल न्यायिक कार्यवाही में किया जा सकता है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने कहा कि अगर शादी इस मुकाम पर पहुंच गई है कि पति-पत्नी एक-दूसरे पर सक्रिय रूप से नजर रख रहे हैं, तो यह अपने आप में टूटे हुए रिश्ते का लक्षण है और उनके बीच विश्वास की कमी को दर्शाता है। बठिंडा की पारिवारिक अदालत ने रिकॉर्डिंग को माना था सबूत बठिंडा की एक पारिवारिक अदालत ने अपने फैसले में पति को क्रूरता के दावों के समर्थन में अपनी पत्नी के साथ हुई फोन कॉल की रिकॉर्डिंग वाली एक कॉम्पैक्ट डिस्क का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। पत्नी ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी और तर्क दिया था कि रिकॉर्डिंग उसकी जानकारी या सहमति के बिना की गई थी और यह उसकी निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था पारिवारिक अदालत का फैसला उच्च न्यायालय ने पत्नी की याचिका स्वीकार की और साक्ष्य को अस्वीकार्य करार देते हुए कहा कि गुप्त रिकॉर्डिंग निजता का स्पष्ट उल्लंघन है और कानूनी रूप से अनुचित है। हाईकोर्ट ने कहा था कि कुछ तर्क दिए गए हैं कि इस तरह के साक्ष्य की अनुमति देने से घरेलू सौहार्द और वैवाहिक संबंध खतरे में पड़ जाएंगे क्योंकि इससे पति-पत्नी पर जासूसी को बढ़ावा मिलेगा। इससे साक्ष्य अधिनियम की धारा 122 के उद्देश्य का उल्लंघन होगा।

महाकाल सवारी उज्जैन में थ्री लेयर सिक्योरिटी के साथ भव्य आयोजन, सुरक्षा में ड्रोन लगाए

उज्जैन महाकाल की सवारी को लेकर पुलिस खासी सतर्क है। सवारी में सुरक्षा के लिए 1400 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरे सवारी मार्ग पर बैरिकेड लगाए गए हैं। पुलिस व स्मार्ट सिटी के अलावा 200 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी मार्ग डायवर्ट किए हैं। श्री महाकालेश्वर की श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली सवारी की सुरक्षा को लेकर पुलिस काफी सतर्क है। इस बार पुलिस ने सवारी मार्ग पर बैरिकेड लगा दिए हैं। सुरक्षा के लिए 1400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सवारी मार्ग पर सभी ऊंचे भवनों जवानों को तैनात किया जा रहा है। यहां से संदिग्धों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा पांच ड्रोन कैमरों से सवारी मार्ग व आसपास की गलियों से छतों की भी जांच कर सतत निगरानी की जा रही है। पुलिस तथा स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी कैमरों के अलावा सवारी मार्ग पर 200 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उज्जैन में थ्री लेयर सिक्योरिटी के साथ भव्य आयोजन उज्जैन में सावन-भादौ माह में बाबा महाकाल की शाही सवारी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 14 जुलाई से शुरू होने वाली इस सवारी में थ्री लेयर सिक्योरिटी सुनिश्चित की गई है। 1300 पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। भक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने चेकिंग तेज कर दी है। इस बार कुल छह सवारियां निकलेंगी, जिसमें भव्य थीम और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। सवारी की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन-भादौ माह में बाबा महाकाल की सवारी का आयोजन भव्यता के साथ किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सवारी मार्ग पर तीन ड्रोन तैनात होंगे, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सभी ऊंची इमारतों की छतों की जांच की जा रही है। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी से 15 दिन पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। सवारी मार्ग पर नजर रख रहे 3 ड्रोन आज श्रावण माह का प्रथम सोमवार है। भगवान श्री महाकालेश्वर श्री मनमहेश के रूप में पालकी में विराजित होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री मनमहेश का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उसके बाद भगवान श्री मनमहेश रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस बल के सशस्त्र जवान पालकी में विराजित भगवान को सलामी देंगे। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी के लिए 3 ड्रोन और थ्री लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसकी तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ड्रोन कैमरे से शहर के संवेदनशील इलाकों महाकाल लोक, मंदिर परिसर और सवारी मार्ग पर नजर रखी जा रही है। शहर में चेकिंग अभियान तेज किया है। सवारी मार्ग पर 3 ड्र्रोन लगाए हैं, जो चप्पे-चप्पे पर लगातार नजर रखेंगे। ड्रोन से ही सभी बिल्डिंग की छत की चेकिंग की जा रही है। ये भी देखा जा रहा है कि छत पर किसी ने ईंट पत्थर तो जमा नहीं कर रखे हैं। सवारी मार्ग की वीडियोग्राफी के साथ महाकाल मंदिर परिसर में लगातार ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। सवारी का शेड्यूल और थीम इस बार बाबा महाकाल की कुल छह सवारियां निकलेंगी, जिसमें चार सावन माह (14, 21, 28 जुलाई और 4 अगस्त) और दो भादौ माह (11 और 18 अगस्त) में होंगी। पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर होगी, जबकि पांचवीं सवारी धार्मिक थीम पर आधारित होगी, जिसमें श्री कृष्ण पाथेय और मध्य प्रदेश के धार्मिक स्थलों की झांकियां शामिल होंगी। अंतिम राजसी सवारी 18 अगस्त को भव्य रूप में निकाली जाएगी, जिसमें 70 से अधिक भजन मंडलियां प्रस्तुति देंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा और नियम पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सवारी के दौरान सेल्फी लेने पर प्रतिबंध रहेगा, ताकि अव्यवस्था और हादसों को रोका जा सके। सवारी मार्ग पर मोबाइल डिटेक्शन टीम तैनात होगी, जो नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करेगी। इसके अलावा, सवारी के दिन स्कूलों की छुट्टी रहेगी, ताकि भीड़ और यातायात की समस्या कम हो। बड़नगर, रतलाम, नागदा मंदसौर एवं नीमच जाने वाले वाहन शांति पैलेस चौराहे से डायवर्ट रहेंगे। देवास गेट बस स्टैंड से भारी वाहन एवं बसें हरिफाटक टी एवं हरिफाटक चौराहे तरफ नहीं जा सकेंगे। चार पहिया वाहन हरिफाटक टी से बेगमबाग, कोट मोहल्ला एवं गोपाल मंदिर तरफ नहीं जा सकेंगे। चार पहिया वाहन दौलतगंज चौराहे से कोट मोहल्ला, तेलीवाड़ा चौराहे से दानीगेट तरफ, कार्तिक चौक से हरसिद्धि पाल तरफ नहीं जा सकेंगे। इन मार्गों को किया गया प्रतिबंधित     देवासगेट चौराहे से दौलतगंज चौराहा की ओर।     इंदौरगेट से दौलतगंज की ओर।     यादव धर्मशाला, बेगमबाग से महाकाल घाटी की ओर।     हरसिद्धि की पाल से गुदरी चौराहा की ओर।     दानीगेट से ढाबा रोड, कमरी मार्ग की ओर।     जूना सोमवारिया से केडी गेट की ओर। यहां इतने वाहनों की रहेगी पार्किंग व्यवस्था     मन्नत गार्डन पार्किंग में 450 वाहनों की क्षमता है।     वाकणकर ब्रिज के नीचे 400 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था।     कर्कराज पार्किंग में 1000 चार पहिया वाहनों की क्षमता।     भील समाज पार्किंग में 700 चार पहिया वाहनों की क्षमता।     कलोता समाज धर्मशाला में 2000 दो पहिया वाहनों की क्षमता।     नृसिंहघाट पार्किंग में 250 चार पहिया वाहन रखे जा सकेंगे। यहां भी रख सकेंगे वाहन     उपरोक्त पार्किंग भर जाने के बाद उजड़खेडा चौराहा से मुरलीपुरा, शंकराचार्य चौराहा से वाहनों को कार्तिक मेला मैदान पार्किंग में भेजे जाएंगे।     बड़नगर, रतलाम, नागदा की ओर से आने वाले दर्शनार्थी अपने चार पहिया वाहन कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्क कर सकेंगे। इसके अलावा छोटी रपट से गणगौर दरवाजा होते हुए रामानुज कोट से हरसिद्धि की पाल पार्किंग में वाहन रख सकेंगे।     आगर रोड से आने वाले दर्शनार्थी अपने वाहन मकोडिया आम चौराहा, खाक चौक, जाट धर्मशाला, पिपलीनाका, जूना सोमवारिया से होते हुए … Read more

काम पर निकले थे, लौटे नहीं: आंध्र प्रदेश में ट्रक पलटने से 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत

 अन्नमय्या अन्नमय्या जिले में रात दर्दनाक हादसा हो गया। आमों से लदा एक ट्रक पलट गया जिससे 9 मजदूरों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हैं। मृतकों में 5 महिलाएं शामिल हैं। घायलों को राजमपेट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा पुल्लमपेटा मंडल के रेड्डी चेरुवु कट्टा में हुआ, जो कडपा शहर से लगभग 60 किमी दूर है। पुलिस के अनुसार, आमों के ढेर के ऊपर बैठे मजदूर ट्रक पलटने से उसके नीचे दब गए। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रक चालक इस हादसे में बच गया। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि सामने से आ रही कार से टक्कर से बचने की कोशिश में नियंत्रण खो दिया। रेलवे कोडुरु और तिरुपति जिले के वेंकटगिरी मंडल के 21 दिहाड़ी मजदूर एसुकापल्ली और आसपास के गांवों में आम तोड़ने गए थे। ट्रक आमों के साथ रेलवे कोडुरु बाजार जा रहा था और मजदूर इसके ऊपर बैठे थे। हादसे में मजदूर 30-40 टन आमों के नीचे दब गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत ट्रक और आमों के ढेर के नीचे दबने से 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। इनकी पहचान गज्जाला दुर्गैया, गज्जाला लक्ष्मी देवी, गज्जाला रमना, गज्जाला श्रीनु, राधा, वेंकट सुब्बम्मा, चित्तेम्मा और सुब्बा रत्नम्मा के रूप में हुई। मुनिचंद्र की मौत राजमपेट के अस्पताल में हुई। घायलों को बेहतर इलाज के लिए कडपा के रिम्स में शिफ्ट किया गया है। परिवहन मंत्री मंडिपल्ली रामप्रसाद रेड्डी और जिला प्रभारी मंत्री बीसी जनार्दन रेड्डी ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी शोक व्यक्त करते हुए घायलों के लिए बेहतर इलाज और मृतकों के परिवारों के लिए सहायता की मांग की।