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इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाए 387 रन, भारत का पहला विकेट गिरा, जोफ्रा आर्चर ने यशस्वी को भेजा पवेलियन

लॉर्ड्स  इंग्लैंड की टीम ने भारत के खिलाफ लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे तीसरे मुकाबले में पहली पारी में 387 रन बनाए हैं। इसके जवाब में भारत ने पहला विकेट गंवा दिया है। जो रूट ने तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन की पहली ही गेंद पर चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड को मैच के दूसरे दिन तीन झटके दिए हैं। उन्होंने कप्तान बेन स्टोक्स (44) और जो रूट (104) को क्लीन बोल्ड किया और फिर क्रिस वोक्स को कैच आउट करवाया। दूसरे दिन लंच के बाद मोहम्मद सिराज ने जेमी स्मिथ को पवेलियन का रास्ता दिखाया। जेमी 56 गेंद में 51 रन बनाकर आउट हुए। जोफ्रा आर्च 4 रन बनाकर बुमराह का शिकार बने। उन्होंने पांच विकेट हॉल भी लिया। बशीर और ब्रायडन कार्स क्रीज पर मौजूद हैं। भारत का पहला विकेट गिरा भारतीय टीम को दूसरे ओवर में पहला झटका लगा है। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को जोफ्रा आर्चर ने पवेलियन का रास्ता दिखाया है। यशस्वी 13 रन बनाकर आउट हुए। इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाए 387 रन इंग्लैंड की टीम ने लॉर्ड्स टेस्ट में पहली पारी में 112.3 ओवर में सभी विकेट खोकर 387 रन बनाए हैं। भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने 5 विकेट हॉल लिए। 

भविष्य के लिए हरित शहरीकरण विषय पर हुआ सत्र

हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, कार्बन क्रेडिट, स्मार्ट सिटी और नागरिकों की भागीदारी जैसे विषय पर हुई चर्चा भोपाल प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री नवनीत मोहन कोठारी ने कहा कि सरकार नीतियों एवं चुनौतियों को सुदृढ़ करते हुये हरित नगरों का विकास कर सतत विकास को बढ़ावा देने का प्रयास जारी है। शहरों का विकास इस तरह से करना चाहिए कि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। श्री कोठारी इंदौर के ब्रिलियेंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को आयोजित मध्यप्रदेश ग्रोथ कान्क्लेव 2025 के अंतर्गत "भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण" विषयक सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में कार्यकारी निर्देशक सीएसई सुश्री अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि समुदाय हरित विकास की योजना बनाने और उसे लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पर्यावरण को बचाने और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने में सक्रिय सहभागिता करते है। अधोसंरचना तत्परता के लिये भवन निर्माण एवं वाहन क्षेत्र में उचित वेस्ट मैनेजमेंट किया जाना चाहिए। रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान देना चाहिये। रीएनर्जी डायनेमिक्स प्राइवेट के सीईओ और सह-संस्थापक श्री वरुण कराड ने कहा कि भविष्योन्मुखी शहरों का निर्माण किया जाना चाहिए जो अगले कई सालों तक यथावत रहे। ग्रीन बॉन्ड ,कार्बन क्रेडिट और पीपीपी मॉडल इस ओर एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वर्बियो इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री आशीष कुमार ने बायो फ्यूल में पीपीपी मॉडल, नीति आधारित समावेशी प्रबंधन विषयों पर चर्चा कर निजी क्षेत्र में तकनीकी अनुभव, प्रमाणित तकनीक एवं प्रमाणीकरण के महत्व पर ज़ोर दिया गया है। एसएस गैस लैब एशिया सदस्य आईएफजीई अध्यक्ष नेट जीरो,लघु उद्योग भारती की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री जयंती गोएला ने तीव्र औद्योगिक विकास के दौर में ट्रांज़िशन तकनीकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए ऐसी तकनीकों के विकास पर विशेष बल दिया जिनसे कार्बन फुटप्रिंट को नियंत्रित किया जा सके। ईकेआई एनर्जी उपाध्यक्ष और वैश्विक व्यापार विकास के प्रमुख श्री सिद्धांत गुप्ता ने नेट जीरो लक्ष्‍य, सस्टेनेबल प्लानिंग, कार्बन क्रेडिट मॉनिटरिंग आदि विषयों पर चर्चा की। सत्र में अन्य सदस्यों ने इंटीग्रेटेड टाउन प्लानिंग, वेस्ट मैनेजमेंट,हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता,जल संरक्षण स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषयों पर विचार मंथन किया। सत्र के अन्त में पूर्व लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे शहरीकरण पर अपने विचार रखें।  

देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूती, नौसेना के फ्लीट सपोर्ट शिप की आधारशिला रखी गई

चेन्नई भारतीय नौसेना के तीसरे फ्लीट सपोर्ट शिप्स (एफएसएस) के 'कील लेइंग' समारोह का आयोजन यहां बुधवार को कट्टुपल्ली में एल एंड टी शिपयार्ड में किया गया।  जहाज का निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया 'कील लेइंग' कहलाती है और यह एक औपचारिक समारोह के साथ शुरु होती है जिसे 'कील लेइंग' समारोह कहते हैं। शुक्रवार को पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) (रक्षा) की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि समारोह युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण नियंत्रक वाइस एडमिरल राजाराम स्वामीनाथन और भारतीय नौसेना, हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) एवं एलएंडटी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय नौसेना ने अगस्त 2023 में पांच फ्लीट सपोर्ट शिप्स (एफएसएस) के अधिग्रहण के लिए एचएसएल के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसकी आपूर्ति 2027 के मध्य में शुरू होगी। देश की जहाज निर्माण क्षमता का प्रभावी ढंग से उपयोग करने और आपूर्ति की कठोर समयसीमा को पूरा करने के लिए एचएसएल ने मेसर्स एलएंडटी शिपयार्ड, कट्टुपल्ली को दो जहाजों के निर्माण का उप-अनुबंध दिया है। विज्ञप्ति के अनुसार, ''नौसेना में शामिल होने पर एफएसएस समुद्र में बेड़े के जहाजों की पुनःपूर्ति के माध्यम से भारतीय नौसेना की क्षमताओं को मजबूत करेगा। ये जहाज ईंधन, पानी, गोला-बारूद और अन्य सामग्री ले जाएंगे जो समुद्र में बेड़े के दीर्घकालिक और निरंतर संचालन को सक्षम बनाते हैं, जिससे इसकी पहुंच और गतिशीलता में वृद्धि होती है।'' विज्ञप्ति में कहा गया है, ''अपनी सहायक भूमिका में ये जहाज प्राकृतिक आपदाओं के दौरान कर्मियों को निकालने और राहत सामग्री के शीघ्र वितरण के वास्ते मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) कार्यों के लिए सुसज्जित होंगे।'' स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित यह युद्धपोत भारतीय मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) से प्राप्त प्रमुख उपकरणों से सुसज्जित है।  

PHC सुधार को लेकर सरकार की पहल, हाईकोर्ट से मांगी 10 दिन की मोहलत

जबलपुर:  मप्र हाईकोर्ट ने अनूपपुर जिले के राजनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति तथा उपकरण सहित अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू करने के निर्देश दिये थे. याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए व्यवस्थाओं के लिए दस दिन का समय मांगा गया. एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 30 जुलाई को निर्धारित की है. अनूपपुर निवासी विकास सिंह ने दायर की है जनहित याचिका अनूपपुर निवासी विकास प्रताप सिंह ने राजनगर स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की थी. जिसमें कहा था कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के निर्धारित पदों की संख्या 15 है. इसके अलावा पैरामेडिकल व अन्य स्टाफ के पद भी निर्धारित हैं. निर्धारित पदों के हिसाब से डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टॉफ सहित अन्य पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है. केंद्र पर केवल एक ही डॉक्टर पदस्थ है, वह भी सप्ताह में सिर्फ दो दिन एक घंटे के लिए आते हैं. केंद्र तक पहुंचने वाली सड़क ऐसी हालत में है कि लोगों के लिए उस पर चलना भी मुश्किल है. युगलपीठ ने शासन से सड़क की स्थिति व अन्य सुविधाओं के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेष जारी किये थे. सरकार की तरफ से पेश की गई स्टेट्स रिपोर्ट में कहा गया था कि केन्द्र में डॉक्टरों के निर्धारित 7 पद हैं. इसके अलावा बीपी तथा ईसीजी मशीन के अलावा लॉक बॉक्स व टेबल-कुर्सी सहित अन्य समान हैं. याचिकाकर्ता ने स्टेटस रिपोर्ट को बताया गलत स्वास्थ्य केन्द्र में व्यवस्था को सुधारने के लिए दस दिन का समय दिया जाए. याचिकाकर्ता की तरफ से विरोध करते हुए बताया गया कि उप केन्द्र के समय डॉक्टरों के निर्धारित पद सात होते हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदों की संख्या 15 निर्धारित है. युगलपीठ ने सुनवाई के बाद ये आदेश जारी किए. 

आम आदमी पार्टी का ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन

एमसीबी/मनेंद्रगढ़ आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष रमाशंकर मिश्रा ने बताया कि, युक्तियुक्तकरण के खिलाफ आम आदमी पार्टी द्वारा आज 11 जुलाई 2025 को मनेंद्रगढ़-चिरमिरि-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार शिक्षा नीति के मोर्चे पर विफल रही है। युक्तियुक्तकरण के नाम पर हज़ारों स्कूलों को बंद कर देने के बाद कई स्कूल शिक्षक विहीन हो गए हैं। 63 हजार शिक्षकों के पदों को भरने में नाकाम रही है सरकार,नाकामी छुपाने 10 हजार स्कूल बंद कर दिया गया ताकि छत्तीसगढ़ के युवाओं को नौकरी नहीं देना पड़े इसलिए युक्तियुक्तकरण किया गया है। युवाओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आम आदमी पार्टी विरोध जताती है। रमाशंकर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने युक्तियुक्तकरण के तहत स्कूलों को आपस में मिलाया गया, शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया और कई छोटे स्कूलों को बंद किया गया। लेकिन वास्तविकता में इसके नतीजे कई जगहों पर नकारात्मक साबित हुए।    युक्तियुक्तकरण के तहत जब दो स्कूलों को मिलाया गया, तो कई छात्रों को अब 3-5 किमी दूर स्कूल जाना पड़ रहा है। इससे खासकर बालिकाओं की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है। जहाँ एक ओर शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया, वहीं कई स्कूल ऐसे रह गए जहाँ विषय विशेषज्ञ शिक्षक ही नहीं हैं।      रमाशंकर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा की बदहाल व्यवस्था देख लीजिये की बच्चों को पढ़ाई लिखाई छोड़कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है? बस्तर, सरगुजा, कांकेर जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में छात्र संख्या में गिरावट और स्कूल से ड्रॉपआउट दर में इज़ाफ़ा देखा गया है।दंतेवाड़ा में एक स्कूल को 7 किमी दूर स्थानांतरित किया गया, जिससे बच्चे आना बंद कर दिए हैं! गांव के एक स्कूल में तो शिक्षक ना होने के कारण बच्चों ने खुद स्कूल में ताला लगा दिया। आम आदमी पार्टी राज्य सरकार से मांग करती है कि, इस युक्तियुक्तकरण को सरकार तुरंत रद्द करे और यदि निर्धारित समय सीमा में शिक्षा में सुधार नहीं होता है तो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावित जनता के साथ मिलकर इससे भी बड़ा आंदोलन किया जायेगा।    इस दौरान कोरबा लोकसभा उपाध्यक्ष, कृषि स्थायी समिति सभापति व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुखमंती सिंह, मनमोहन सांधे, रज्जू सिंह, गुलाबिया सिंह, अन्नू ध्रुव, लीलावती सिंह, राजीव गुप्ता, राजेन्द्र सिंह, हरिशंकर सिंह, रामनारायण बैगा, बैजनाथ यादव, अजय कुशवाहा, रामप्रवेश साहू सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई करें, उनके उज्जवल भविष्य की चिंता सरकार करेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2047 तक भारत विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनेगा और इसमें देश के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रदेश सरकार बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है। सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। शासकीय स्कूलों में कक्षा 6 और 9 के विद्यार्थियों को लगभग 5 लाख साइकिलें वितरित की जा रही हैं। बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म तैयार करवाकर दी जाएंगी। सरकार ने शैक्षणिक-सत्र की शुरुआत से पहले ही बच्चों को किताबें बांटी हैं। अब पुण्योदय प्रकल्प के माध्यम से कॉपियां भी उपलब्ध करा रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में हिंद रक्षक संगठन द्वारा पुण्योदय प्रकल्प के 21वें वर्ष के अवसर पर बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स परिसर में प्रियजनों की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉपी वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया और जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि: शुल्क कॉपी वितरित की। स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगी इलेक्ट्रिक स्कूटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में बच्चों के सपने पूरे किए जा रहे हैं, जो विद्यार्थी स्कूल में टॉप करेगा, राज्य सरकार उसे इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान करेगी। नीट पास करने वाले विद्यार्थियों के चिकित्सा शिक्षा की फीस में भी सरकार सहायता कर रही है। आगामी दो वर्ष में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंचेगी। सरकार द्वारा युवाओं के स्वावलंबन के लिए प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पूर्व मंत्री स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में समाज सेवा के क्षेत्र में बहुत से उल्लेखनीय कार्य किये। विद्यार्थियों को नि:शुल्क कॉपियां वितरण का कार्य भी उनकी पुण्य-स्मृति में ही है। इंदौर में प्रतिवर्ष रंगपंचमी मनाने का अपना अलग आनंद है, रंगपंचमी को यह भव्य स्वरूप प्रदान करने का श्रेय भी पूर्व मंत्री स्व. श्री लक्ष्मण सिंह गौड़ को ही जाता है। कार्यक्रम के आयोजक "हिंद रक्षक संगठन" के संयोजक श्री एकलव्य लक्ष्मण सिंह गौड़ ने "पुण्योदय प्रकल्प" के बारे में बताते हुए कहा कि वर्ष 2003 से इंदौर शहर के लगभग 300 समाजसेवी परिवार मिलकर प्रति वर्ष साढ़े तीन लाख से अधिक कॉपियां विद्यार्थियों को प्रति कॉपी मात्र एक रुपए के सांकेतिक शुल्क पर वितरित करते हैं। विद्यार्थियों को कॉपी वितरण का कार्य प्रतिवर्ष 11 जुलाई से 11 अगस्त तक जारी रहता है। उन्होंने इस कार्य में भागीदारी करने वाले सभी परिवारों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक सुश्री ऊषा ठाकुर, महापौर इंदौर डॉ. पुष्यमित्र भार्गव, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।  

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत जिले भर में हुई जागरूकता शिविर का आयोजन

एमसीबी    भारत सरकार की बहुप्रशंसित योजना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण मिशन शक्ति ( HUB) द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के निर्देशन में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आज जिले की  मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, खड़गवां और जनकपुर परियोजनाओं में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को बढ़ती जनसंख्या दर के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और परिवार नियोजन, महिला शिक्षा व सशक्तिकरण के संदेश को व्यापक रूप से फैलाना था। शिविरों का आयोजन कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी आर.के. खाती के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का समन्वय जिला मिशन समन्वयक (मिशन शक्ति  HUB) श्रीमती तारा कुशवाहा द्वारा किया गया, जिन्होंने सभी परियोजनाओं में उत्कृष्ट संचालन और मार्गदर्शन प्रदान किया।         मनेन्द्रगढ़ परियोजना में आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि सरजु यादव सहित मुकेश अग्रवाल, अजय जयसवाल, काशी प्रसाद, सुनैना विश्वकर्मा, सुशिला सिंह, उर्मिला जयसवाल, माया सोनकर, नीलू जयसवाल, हुसैना बेगम और शांता जयसवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती सुमन सिंह की भूमिका भी सराहनीय रही। वहीं खड़गवां परियोजना में कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों, जनपद सदस्यों और सरपंचों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं चिरमिरी परियोजना में महापौर श्री रामनरेश राय एवं परियोजना अधिकारी सहित स्थानीय जनसमुदाय ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। जनकपुर में विधायक प्रतिनिधि दुर्गाशंकर मिश्रा, नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षदगण और विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम ने जनजागरूकता के नए आयाम स्थापित किए।       कार्यक्रम में नवा बिहान की संरक्षण अधिकारी श्रीमती नीता पांडेय, जेंडर विशेषज्ञ शैलजा गुप्ता, वित्तीय साक्षरता समन्वयक श्रीमती अनीता कुमारी साह एवं सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक श्रीमती प्रियंका राजवाड़े की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाया। इन शिविरों के माध्यम से लिंगानुपात में संतुलन, महिला सशक्तिकरण, कन्या शिक्षा, जनसंख्या नियंत्रण और परिवार कल्याण योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों एवं शहरी जनता को दी गई ।

दमोह की नदी में घात लगाए मगरमच्छ, महिला पर किया घातक हमला

दमोह मध्यप्रदेश के दमोह जिले में शुक्रवार की सुबह एक मगरमच्छ ने नदी के किनारे बैठी 40 वर्षीय महिला को मार डाला। स्थानीय लोगों ने बताया कि पीड़िता मालती बाई सावन के पवित्र महीने के पहले दिन कनियाघाट पट्टी गाँव में नदी में नहाने गई थी। क्षेत्र के उप मंडल दंडाधिकारी आर एल बागरी ने बताया कि मालती नदी के पास बैठी थी, तभी एक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और उसे पानी में खींच लिया। उनके अनुसार, ग्रामीणों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि बाद में, वन विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ने बचाव अभियान चलाया। अधिकारी ने बताया कि महिला का शव जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर नदी से एसडीआरएफ की एक टीम ने बरामद किया। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव मालती के परिवार को सौंप दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि वन विभाग ने जलाशय के पास होर्डिंग लगाकर ग्रामीणों को नदी में न जाने की चेतावनी दी है क्योंकि मगरमच्छों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।  

नरेश मीणा को हाईकोर्ट से राहत, रिहाई का रास्ता साफ

जयपुर देवली-उनियारा आगजनी प्रकरण में लंबे समय से जेल में बंद नरेश मीणा को आखिरकार राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश प्रवीण भटनागर ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए नरेश मीणा की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इससे पहले, इसी प्रकरण से जुड़े थप्पड़कांड मामले में भी मीणा को जमानत मिल चुकी है। नरेश मीणा पिछले करीब आठ महीनों से न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें 13 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वे जेल में बंद थे। अब कोर्ट के फैसले के बाद नरेश मीणा की सोमवार को टोंक जिला जेल से रिहाई संभावित है। मीणा के संघर्ष के साथी सरपंच मुकेश मीणा ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि नरेश मीणा को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है और सोमवार को वे रिहा होंगे। जेल से बाहर आने के बाद नरेश सबसे पहले समरावता गांव आएंगे, जहां समर्थक उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वे अपने गृह जिले बारां जाएंगे। नरेश मीणा की रिहाई को उनके समर्थक एक 'संघर्ष की जीत' के रूप में देख रहे हैं और कई जगहों पर उनके स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मामले में अगली कानूनी प्रक्रिया क्या दिशा लेगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।  

महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून : POSH अधिनियम 2013

भोपाल  अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिये भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013 में लागू किया गया। इस कानून में “कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम” (POSH एक्ट, 2013) महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी और मजबूत कानूनी संरचना के रूप में सामने आया है। इस अधिनियम का उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करना, उत्पीड़न की घटनाओं को रोकना, और समुचित समाधान की प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। सुश्री मिश्रा शुक्रवार को मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा पं. सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। सुश्री मिश्रा ने कहा कि POSH अधिनियम महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। पुलिस विभाग इसे केवल कानून प्रावधान नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में देखता है। कार्यस्थल पर पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने के लिये प्रेरित करना चाहिए। शासकीय सेवा में नियुक्ति के समय महिलाओं के साथ पुरूषों का भी ओरिएंटेशन किया जाना चाहिए। सुश्री मिश्रा ने कहा कि कार्यस्थल पर गठित समिति को देखना चाहिए कि POSH अधिनियम का दुरूपयोग न किया जा रहा हो। पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत कपूर ने कहा कि कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न दण्डनीय अपराध है। POSH अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकना, उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसरों वाला कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में उत्पीड़न समिति के सदस्यों का नाम नोटिस बोर्ड पर प्रमुखता से लिखा होना चाहिए। साथ ही कार्यालय में पारदर्शिता से कार्य, सीसीटीवी और शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना चाहिए। श्री कपूर ने कहा कि इस अधिनियम के तहत पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखते हुए पूरे मामले की संवेदनशीलता के साथ जांच की जाती है। म.प्र. बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती निशा सक्सेना ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला कर्मचारियों को POSH अधिनियम के प्रति जागरूक करना है। राज्य महिला आयोग के सचिव श्री सुरेश तोमर ने कहा कि POSH अधिनियम की जानकारी सभी कर्मचारियों को देना संस्थानों की जिम्मेदारी है। समय-समय पर कर्मचारियों के लिये संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करता है बल्कि संस्थानों को नैतिक और कानूनी रूप से जवाबदेह भी बनाता है। कार्यशाला में सुफल सर्व उत्थान फॉर आर्ट, लाइफ एण्ड कल्चर वेलफेयर सोसायटी की श्रीमती भावना त्रिपाठी ने कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न, निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष विषय पर विस्तृत जानकारी दी।