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शशि थरूर बोले– आज का भारत अलग है, इमरजेंसी जैसे हालात दोहराए नहीं जा सकते

नई दिल्ली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल की कड़ी आलोचना करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि इससे पता चलता है कि किस तरह से अक्सर आजादी को छीना जाता है. उन्होंने कहा कि आपातकाल यह भी दिखाता है कि कैसे दुनिया 'मानवाधिकारों के हनन' से अनजान रही. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 1975 की इमरजेंसी पर एक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने इंदिरा गांधी के इस फैसले की जमकर आलोचना की है. लोकतंत्र के समर्थक रहें सतर्क प्रोजेक्ट सिंडीकेट की तरफ से प्रकाशित लेख में थरूर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सत्तावादी नजरिये ने सार्वजनिक जीवन को डर और दमन की स्थिति में धकेल दिया. थरूर ने लिखा कि पचास साल पहले प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल ने दिखाया था कि कैसे आज़ादी को छीना जाता है, शुरू में तो धीरे-धीरे, भले-बुरे लगने वाले मकसद के नाम पर छोटी-छोटी लगने वाली आजादियों को छीन लिया जाता है. इसलिए यह एक ज़बरदस्त चेतावनी है और लोकतंत्र के समर्थकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए. थरूर ने लिखा, 'इंदिरा गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि कठोर कदम जरूरी थे, सिर्फ आपातकाल की स्थिति ही आंतरिक अव्यवस्था और बाहरी खतरों से निपट सकती थी, और अराजक देश में अनुशासन और दक्षता ला सकती थी.' जून 1975 से मार्च 1977 तक करीब दो साल तक चले आपातकाल में नागरिक स्वतंत्रताएं निलंबित कर दी गईं और विपक्षी नेताओं को जेल में भर दिया गया.  उन्होंने कहा कि अनुशासन और व्यवस्था की चाहत अक्सर बिना कहे ही क्रूरता में तब्दील हो जाती थी, जिसका उदाहरण इंदिराजी के बेटे संजय गांधी की ओर से चलाए गए जबरन नसबंदी अभियान थे, जो गरीब और ग्रामीण इलाकों में केंद्रित थे, जहां मनमाने लक्ष्य हासिल करने के लिए ज़बरदस्ती और हिंसा का इस्तेमाल किया जाता था. इमरजेंसी में हजारों लोग हुए बेघर उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे शहरी केंद्रों में बेरहमी से की गई झुग्गी-झोपड़ियों को ढहाने की कार्रवाई ने हज़ारों लोगों को बेघर कर दिया और उनके कल्याण की कोई चिंता नहीं की गई. उन्होंने लिखा कि आपातकाल ने इस बात का ज्वलंत उदाहरण पेश किया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं कितनी कमज़ोर हो सकती हैं, यहां तक कि ऐसे देश में भी जहां वे मज़बूत दिखती हैं. इसने हमें याद दिलाया कि एक सरकार अपनी नैतिक दिशा और उन लोगों के प्रति जवाबदेही की भावना खो सकती है जिनकी वह सेवा करने का दावा करती है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता थरूर ने यह भी बताया कि किस तरह अहम लोकतांत्रिक स्तंभों को खामोश कर दिया गया और हिरासत में यातनाएं दी गईं. एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल हत्याएं बड़े पैमाने पर की गईं, जिससे उन लोगों के लिए 'काली सच्चाई' की तस्वीर सामने आई, जिन्होंने शासन की अवहेलना करने की हिम्मत दिखाई थी.  थरूर ने कहा कि न्यायपालिका भी भारी दबाव के आगे झुक गई, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण और नागरिकों के स्वतंत्रता के अधिकार को निलंबित कर दिया. उन्होंने कहा, 'पत्रकार, कार्यकर्ता और विपक्षी नेता सलाखों के पीछे पाए गए. व्यापक संवैधानिक उल्लंघनों ने मानवाधिकारों के हनन की एक भयावह सीरीज को को जन्म दिया. आज का भारत ज्यादा मजबूत अपने लेख में थरूर ने कहा कि आज का भारत 1975 का भारत नहीं है. हम ज़्यादा आत्मविश्वासी, ज़्यादा समृद्ध और कई मायनों में ज़्यादा मज़बूत लोकतंत्र हैं. फिर भी आपातकाल के सबक चिंताजनक रूप से प्रासंगिक बने हुए हैं. सत्ता को केंद्रीकृत करने, आलोचकों को चुप कराने और संवैधानिक सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने का लालच कई रूपों में उभर सकता है. उन्होंने कहा कि अक्सर राष्ट्रीय हित, इस अर्थ में आपातकाल एक ज़बरदस्त चेतावनी के रूप में काम करना चाहिए और लोकतंत्र के समर्थकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए.

अम्बिकापुर : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु 21 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन

अम्बिकापुर  बाल विकास परियोजना अम्बिकापुर (ग्रामीण) के परियोजना अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंन्द्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के रिक्त पदों पर आवेदन पत्र 21 जुलाई 2025 तक आमंत्रित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि  ग्राम मानिकप्रकाशपुर के आंगनबाड़ी केंन्द्र मानिकप्रकाशपुर एक में कार्यकर्ता के 01 पद एवं ग्राम लब्जी के आंगनबाड़ी केंन्द्र बैगापारा में 01 सहायिका पद पर भर्ती की जानी है। इस हेतु केवल महिला ही आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए आयु सीमा आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। वे अपना आवेदन पत्र परियोजना कार्यालय अम्बिकापुर (ग्रामीण) से प्राप्त कर निर्धारित अंतिम तिथि तक परियोजना कार्यालय (ग्रामीण) में पंजीकृत डाक अथवा स्वयं उपस्थित होकर आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।

उत्तर बस्तर कांकेर : जिले में अब तक 4020 मिलीमीटर वर्षा दर्ज

उत्तर बस्तर कांकेर  जिले में 01 जून से अब तक कुल 4020.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक सर्वाधिक वर्षा बांदे तहसील में 553.8 मिलीमीटर तथा सबसे कम कोयलीबेड़ा तहसील में 155.9 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। इसी प्रकार कांकेर तहसील में 202.2 मिलीमीटर, भानुप्रतापपुर तहसील में 417.1 मिलीमीटर, दुर्गूकोंदल में 489.4 मिलीमीटर, चारामा़ में 364.5 मिमी., अंतागढ़ में 437.5, पखांजूर में   354.4, नरहरपुर में 308.3, सरोना में 272.4 मिलीमीटर और आमाबेड़ा में 465 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में बांदे तहसील में सबसे अधिक 40.7 मिलीमीटर और सरोना तहसील में सबसे कम 01 मिलीमीटर वर्षा आंकी गई है।

जगदलपुर : प्राकृतिक आपदा पीड़ित 02 परिवारों को 08 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

जगदलपुर कलेक्टर श्री हरिस एस. द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् प्राकृतिक आपदा पीड़ित 02 परिवारों को 08 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके तहत् तहसील लोहण्डीगुड़ा ग्राम हर्राकोडेर निवासी सुशांत की मृत्यु पानी डूबने से माता श्रीमती लालबती को और ग्राम भेजा निवासी अनिता ठाकुर की मृत्यु पानी में डूबने से पिता श्री नरेश कुमार ठाकुर प्रत्येक को चार-चार लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।

जगदलपुर : शासकीय कन्या पाॅलीटेक्निक जगदलपुर में होगा 13 जुलाई तक प्रवेश

जगदलपुर : शासकीय कन्या पाॅलीटेक्निक जगदलपुर में होगा 13 जुलाई तक प्रवेश जगदलपुर बस्तर अंचल के विद्यार्थियों को पीपीटी परीक्षा से छूट प्रदान कर त्रिवर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम हेतु पाॅलीटेक्निक संस्था में सीधे प्रवेश का अवसर देते हुए शासकीय कन्या पाॅलीटेक्निक जगदलपुर में संचालित पाठ्यक्रमों के रिक्त सीटों को तृतीय चरण की काउंसलिंग के माध्यम से भरा जाना है। इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया एवं आवेदन के तृतीय चरण की काउंसलिंग 10 जुलाई से 13 जुलाई 2025 तक होना है। आवेदन के लिए ऑनलाइन पोर्टल 13 जुलाई 2025 तक खुला रहेगा। इस हेतु https://cgdteraipur.cgstate.gov.in/   एवं  https://cgdte.admissions.nic.in/   पोर्टल में  ऑनलाइन   आवेदन कर छात्राएं संस्था में सीधे प्रवेश का अवसर प्राप्त कर सकती हैं। इस हेतु संस्था में भी अभ्यर्थी सुविधा केन्द्र बनाया गया है, जिसमें उपस्थित होकर जानकारी ली जा सकती है।

रायगढ़ के बनोरा गांव स्थित अघोर गुरुपीठ में पहुंचे मुख्यमंत्री साय, गुरु पूर्णिमा पर लिया आशीर्वाद

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने गुरु पीठ आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने आश्रम में अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन भी किए और मार्गदर्शन प्राप्त किया । इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, लोक सभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह , विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

घरेलू विवाद में हिंसक वारदात, ओडिशा में पति ने की पत्नी और लिव-इन पार्टनर पर निर्मम क्रूरता

जाजपुर ओडिशा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप हैं कि एक शख्स ने अलग रह रही पत्नी और उसके लिव इन पार्टनर पर जानलेवा हमला किया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। खबर है कि एक ओर जहां महिला का गला रेता गया है। वहीं, उनके साथी के गुप्तांगों को काट दिया।  घटना राज्य के जाजपुर में मालाहाट गांव की है। रिपोर्ट में पुलिस को हवाले से बताया गया है कि आरोपी की पहचान मनोज कुमार मोहंती के रूप में हुई है। जरादा गांव के मनोज ने अलग रह रही पत्नी और उसके साथी प्रशांत नाथ पर हमला कर दिया था। इसमें दोनों को गंभीर चोट आई हैं। पुलिस का कहना है कि महिला का गला रेता गया है और उसके साथी के गुप्तांगों पर धारदार हथियार चलाए गए हैं। क्या था मामला रिपोर्ट के अनुसार, महिला करीब एक साल पहले ससुराल कथित तौर पर छोड़कर आ गई थी और प्रशांत के साथ रह रही थी। इसके चलते ही महिला का विवाद पहले पति के परिवार के साथ हुआ। महिला का दावा है कि पति उसके साथ मारपीट करता था और महीनों तक सहन करने के बाद वह घर से भाग निकली। रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने बताया है कि उसे और प्रशांत को मालाहाट के पास परिवार से सुलह करने के नाम पर बुलाया गया था। महिला का दावा है कि उनपर हमला कर दिया गया। उन्होंने बताया, 'उन लोगों ने हमें मालाहाट के पास साथीपुर पुल पर बुलाया। हमारे पहुंचने के साथ ही मेरे देवर और ससुर ने हमें बांध दिया। उन लोगों हमारी गर्दन काट दी और नीचे पटक दिया।' खबर है कि स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर और घायल दंपति को देखकर बचाया और अस्पताल पहुंचाया।

गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा की धूम, सीएम योगी ने की विशेष आरती और पूजन

गोरखपुर गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का पारंपरिक रूप से विशेष पूजन किया। उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ, दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ और योगिराज बाबा गंभीरनाथ समेत नाथपंथ के सभी गुरुओं की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। सुबह पांच बजे से शुरू हुए गुरु पूर्णिमा के विशेष अनुष्ठान की पूर्णता सामूहिक महाआरती के साथ हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित सभी देव विग्रहों एवं गुरुओं की प्रतिमाओं का पूजन कर लोकमंगल की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने गुरु गोरखनाथ को रोट का महाप्रसाद भी अर्पित किया। मुख्यमंत्री योगी ने देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं और गुरु परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। वैसे तो गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं, गुरु गोरखनाथ जी तथा नाथपंथ के गुरुजन का दर्शन-पूजन उनकी दिनचर्या का हिस्सा होता है। पर, गुरु पूर्णिमा का अवसर गोरखनाथ मंदिर में विशिष्ट पूजा का होता है। गुरुवार को गोरक्षपीठाधीश्वर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महायोगी गुरु गोरखनाथ सहित मंदिर परिसर में मौजूद सभी देव विग्रहों और नाथपंथ के गुरुओं की प्रतिमाओं के समक्ष विधि विधान के साथ पूजन किया। अनुष्ठानिक कार्यक्रमों के क्रम में उन्होंने सबसे पहले नाथपंथ के आदिगुरु भगवान गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी पूजा की। योगी परिसर में मौजूद सभी देव-विग्रहों के पास पहुंचे और उनका पूजन किया। उसके बाद वह बारी-बारी से बाबा गंभीरनाथ, अपने दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ समेत ब्रह्मलीन गुरुओं की समाधि पर गए। सभी का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन कर आशीर्वाद लिया। गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार गुरु गोरखनाथ को रोट का महाप्रसाद भी अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना की अनुष्ठानिक प्रक्रिया संपन्न होने के बाद गुरु पूर्णिमा पर होने वाली परंपरागत महाआरती हुई तथा सभी गुरुओं के प्रति आस्था निवेदित की गई।  

एमएलसी में एमआई न्यूयॉर्क की बड़ी जीत, यूनिकॉर्न्स को मात देकर क्वालीफायर-2 में प्रवेश

फ्लोरिडा एमआई न्यूयॉर्क ने मेजर लीग क्रिकेट-2025 (एमएलसी) के एलिमिनेटर मैच में सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स को दो विकेट से शिकस्त दी। इसी के साथ टीम ने क्वालीफायर-2 में अपनी जगह बना ली है, जहां उसका सामना टेक्सास सुपर किंग्स से होगा। डलास में खेले गए एलिमिनेटर मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी सैन फ्रांसिस्को की टीम 19.1 ओवरों में 131 रन पर सिमट गई। टीम 62 के स्कोर तक अपने सात विकेट गंवा चुकी थी। इस बीच कूपर कोनोली ने 19 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 23 रन बनाए। इसके बाद जेवियर बार्टलेट ने ब्रूडी काउच के साथ आठवें विकेट के लिए 59 रन की साझेदारी की, जिसने टीम को संकट से बाहर निकाला। बार्टलेट ने 24 गेंदों में 44 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और दो चौके शामिल रहे। वहीं, काउच ने 19 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। विपक्षी टीम की ओर से रुशिल उगरकर ने सर्वाधिक तीन शिकार किए, जबकि ट्रेंट बोल्ट और नोस्टुश केंजीगे को दो-दो विकेट हाथ लगे। इसके जवाब में एमआई न्यूयॉर्क ने 19.3 ओवरों में जीत दर्ज कर ली। मोनांक पटेल और क्विंटन डी कॉक के बीच पहले विकेट के लिए 43 रन की साझेदारी हुई। मोनांक पटेल ने 32 गेंदों में दो छक्कों के साथ 33 रन जड़े, जबकि क्विंटन डी कॉक ने 24 गेंदों में इतने ही रन की पारी खेली। इनके अलावा माइकल ब्रेसवेल ने 18 और ट्रेंट बोल्ट ने नाबाद 22 रन बनाए। सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स की ओर से हसन खान ने सर्वाधिक चार विकेट झटके, जबकि कप्तान मैथ्यू शॉर्ट को तीन विकेट हाथ लगे। टेक्सास सुपर किंग्स और वाशिंगटन फ्रीडम के बीच क्वालिफायर-1 बारिश के चलते रद्द हुआ था, जिसके बाद वाशिंगटन फ्रीडम ने फाइनल में जगह बना ली थी। ऐसे में क्वालिफायर-2 जीतने वाली टीम फाइनल में फ्रीडम से भिड़ेगी।  

एमपी ट्रांसको को मिला गौरव, इंजीनियर तिवारी के शोधकार्य को वैश्विक मंच पर मिली सराहना

एमपी ट्रांसको के इंजीनियर तिवारी के शोधपत्र को अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मिली सराहना MP ट्रांसको के इंजीनियर तिवारी को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, शोधपत्र को मिली सराहना इंजीनियर तिवारी का कमाल, MP ट्रांसको के शोधपत्र की अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में हुई तारीफ एमपी ट्रांसको को मिला गौरव, इंजीनियर तिवारी के शोधकार्य को वैश्विक मंच पर मिली सराहना तकनीकी समाधान और सुझावों को विशेषज्ञों ने माना उपयोगी भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में कार्यरत कार्यपालन अभियंता हितेश कुमार तिवारी द्वारा प्रस्तुत तकनीकी शोधपत्र को जयपुर में आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सराहना मिली। यह सम्मेलन अमेरिका मुख्यालय स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर्स (IEEE) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। तिवारी का शोधपत्र "प्रस्तावित 2×800 मेगावाट उत्पादन इकाइयों से विद्युत निकासी के लिये ट्रांसमिशन सिस्टम नेटवर्क की तकनीकी-आर्थिक योजना" विषय पर आधारित है। यह शोध पत्र डॉ. राजीव कुमार चौहान एवं डॉ. संजय कुमार मौर्य के सहयोग से 5वें IEEE अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया। इसमें सतत ऊर्जा एवं भविष्य की विद्युत परिवहन प्रणालियों पर भी गहन मंथन हुआ। ट्रांसमिशन क्षेत्र के लिए सुझाये अनेक उपाय सम्मेलन का उद्देश्य सतत ऊर्जा समाधान एवं भविष्य की विद्युत प्रणालियों के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी विकास को साझा करना भी था। तिवारी द्वारा प्रस्तुत शोधपत्र ने न केवल विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि ट्रांसमिशन प्रणाली की योजना, निष्पादन और मूल्यांकन के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शन भी प्रस्तुत किया। शोधपत्र में तिवारी ने ट्रांसमिशन सिस्टम की स्थिरता, सामान्य परिचालन परिस्थितियों में प्रदर्शन तथा आपात स्थिति में ग्रिड की लचीलापन क्षमता का विश्लेषण विशेषज्ञों के सामने रखा। उनके द्वारा दिए गए तकनीकी समाधान और सुझावों को बिजली क्षेत्र के दिग्गज विशेषज्ञों ने गंभीरता से लिया और ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना। एमपी ट्रांसको के लिए यह एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।