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शिक्षा सुधार का असर, युक्तियुक्तकरण से रायपुर के स्कूलों में फिर से आई रौनक

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में लौटी रौनक रायपुर: युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में लौटी चहल-पहल, बढ़ी शिक्षण गुणवत्ता शिक्षा सुधार का असर, युक्तियुक्तकरण से रायपुर के स्कूलों में फिर से आई रौनक अंग्रेजी, गणित और कला विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति से बच्चों और पालकों में जगी नई उम्मीद रायपुर महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल मोहगांव में शिक्षक नियुक्ति के साथ ही शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है। वर्ष 2022 में स्थापित इस विद्यालय को माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोला गया था, लेकिन प्रारंभ से ही शिक्षकों की कमी के कारण यह संस्था शिक्षकविहीन स्थिति में संचालित हो रही थी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और अभिभावकों में निराशा व्याप्त थी। शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय में तीन विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। अब अंग्रेजी, गणित एवं कला जैसे प्रमुख विषयों के लिए नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इन विषयों में क्रमशः श्री देवेंद्र चंद्राकर, श्री शैलेन्द्र ठाकुर और श्री रामसिंह नाग की नियुक्ति की गई है। साथ ही विज्ञान सहायक श्री भूपेंद्र जसपाल भी विद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षकों की उपलब्धता के साथ विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिली है। कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं और विद्यार्थियों की उपस्थिति में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। बच्चे अब पूरे उत्साह के साथ पढ़ाई में जुटे हैं। विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति से न केवल बच्चों की पढ़ाई में सुधार हुआ है, बल्कि मोहगांव सहित आसपास के गांवों के पालकों और ग्रामीणों में भी प्रसन्नता का माहौल है। ग्रामवासियों ने शासन और शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय ग्रामीण अंचल में शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। गांव के जनपद सदस्य श्री भूपेंद्र दीवान, सरपंच श्री नरेन्द्र दीवान तथा एसएमसी अध्यक्ष डॉ. चेतन साहू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा सबके लिए के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में विद्यालय में अन्य आवश्यक संसाधन भी शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और समग्र शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

लॉर्ड्स में ‘बैजबॉल’ हुआ बेअसर, इंग्लैंड की टीम खेलने लगी टुकटुक क्रिकेट

लॉर्ड्स  भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2024-25 का तीसरा मुकाबला गुरुवार (10 जुलाई) से लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर शुरू हुआ है. मुकाबले में पहले दिन का खेल समाप्त हो चुका है. इंग्लैंड ने पहले दिन स्टम्प तक अपनी पहली पारी में चार विकेट के नुकसान पर 251 रन बना लिए. जो रूट 99 और बेन स्टोक्स 39 रन पर नाबाद है. दोनों देशों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला लीड्स में खेला गया था, जिसमें मेजबान टीम ने 5 विकेट से जीत हासिल की थी. इसके बाद भारतीय टीम ने शानदार कमबैक करते हुए एजबेस्टन टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 336 रनों से हराया और पांच मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबर कर ली. ऐसी रही है इंग्लैंड की पहली पारी पहली पारी में इंग्लैंड की शुरुआत सधी रही. बेन डकेट (23 रन) और जैक क्राउली (18 रन) ने मिलकर पहले विकेट के लिए 43 रनों की पार्टनरशिप की. नीतीश कुमार रेड्डी ने एक ही ओवर में इन दोनों सलामी बल्लेबाजों को आउट किया. यहां से जो रूट और ओली पोप ने 109 रनों की पार्टनरशिप करके इंग्लैंड को संभाला. रूट ने भारत के खिलाफ शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 102 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. इस दौरान उन्होंने भारतीय टीम के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 3000 हजार रन भी पूरे कर लिए. भारतीय टीम को तीसरी सफलता चाय के बाद के खेल में मिली, जब रवींद्र जडेजा ने सेट हो चुके ओली पोप को विकेट के पीछे कैच आउट कराया. पोप ने 104 गेंदों पर 44 रन बनाए, जिसमें चार चौके शामिल रहे. फिर जसप्रीत बुमराह ने हैरी ब्रूक (11 रन) को बोल्ड करके भारत को चौथी सफलता दिलाई. यहां से जो रूट और बेन स्टोक्स ने नाबाद 79 रनों की पार्टनरशिप की. रूट ने 9 चौके की मदद से अब तक 191 गेंदों पर 99 रन बनाए हैं. वहीं स्टोक्स ने तीन चौके की मदद से 102 बॉल पर 39* रन बनाए.  लॉर्ड्स में 'बैजबॉल' हुआ बेअसर, इंग्लैंड की टीम खेलने लगी टुकटुक क्रिकेट लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन (10 जुलाई) जो कुछ हुआ, उससे एक बात तो जाह‍िर थी कि 'बैजबॉल' वाला माइंडसेट लेकर बेन स्टोक्स एंड कंपनी नहीं उतरी थी. क्योंकि इंग्लैंड टीम का रन रेट पूरे दिन किसी भी सेशन में 4 से ऊपर नहीं गया. कुल मिलाकर इंग्लैंड की टीम ने टुकटुक (बेहद धीमी गत‍ि) क्रिकेट खेला.  पहले दिन का खेल 251/4 पर खत्म हुआ, ये सभी रन अंग्रेज टीम ने 3.02  रन प्रत‍ि ओवर के ह‍िसाब से 83 ओवर में बनाए थे.  वहीं दिन के आख‍िरी 10 ओवर में तो अंग्रेज टीम और रुक-रुककर यानी टिककर खेली. पूरा ट्रेड‍िशनल टेस्ट क्रिकेट दिखाया. आख‍िरी 10 ओवर्स में अंग्रेज टीम ने 25 रन ढाई रन प्रत‍ि ओवर के ह‍िसाब से बनाए.  थोड़ा पहले दिन की शुरुआत में जाते हैं. पहले सेशन में लंच तक इंग्लैंड टीम ने 83/2 रन 25 ओवर्स में बनाए, रन रेट रहा 3.32 का. दूसरे सेशन में इंग्लैंड ने 24 ओवर में 2.91/ओवर की औसत से 70 रन बनाए. यह बैजबॉल युग में इंग्लैंड का घरेलू टेस्ट में दूसरा सबसे धीमा स्कोर रहा, इससे पहले 2022 में लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे दिन दूसरे सत्र में 2.72/ओवर की औसत से स्कोर बनाया गया था.  द‍िन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड की टीम ने 251/4 का स्कोर बनाया. जो बैजबॉल युग में पहले दिन के खेल में इंग्लैंड का सबसे कम स्कोर है, जहां वे आउट नहीं हुए थे, पहले दिन उनका प्रत‍ि ओवर स्कोर‍िंग रेट 3.02 का था.  इस अवधि में एक दिन के खेल में उनका दूसरा सबसे कम स्कोर है, जहां उन्होंने कम से कम 50 ओवर बल्लेबाजी की है. इससे पहले 2024 में रांची में तीसरे दिन 2.69 रन प्रत‍ि ओवर के ह‍िसाब से (53.5 ओवर में 145) बनाए थे.  यानी एक बात तो साफ है कि जो रूट भले ही 99 नाबाद (191 गेंद, स्ट्राइक रेट 51.83), कप्तान बेन स्टोक्स 39 नाबाद (102 गेंद, 38.23 स्ट्राइक रेट) नाबाद जमे हों, लेकिन वह भारतीय टीम से डर-डर कर खेल रहे हैं. द‍िमाग में कहीं ना कहीं एजबेस्टन में मिली हार का डर भी है. वहीं इंग्लैंड टीम के जो 4 बल्लेबाज भी आउट हुए, उनका स्ट्राइक रेट कहीं से भी बैजबॉल (टेस्ट में तेजी से रन बनाना) वाले मानक पर खरा नहीं उतरता है. कुल मिलाकर भारतीय गेंदबाजों की गेंदबाजी से अंग्रेज खौफ में दिखे, यही वजह थी क‍ि वो पूरे मैच में किसी भी क्षण खुलकर नहीं खेल पाए. बेन डकेट का बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट पहली पारी में 57.50 दर्ज किया गया, जो इंग्लैंड के क‍िसी भी बल्लेबाज का लॉर्ड्स में सबसे अध‍िक था.   जो रूट की नाबाद 99 रनों की पारी की बदौलत इंग्लैंड ने गुरुवार को लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन अपनी पारंपरिक आक्रामक बल्लेबाजी शैली को त्यागकर भारतीय गेंदबाजों के लगातार प्रेशर के बीच ट्रेड‍िशनल टेस्ट बल्लेबाजी का सहारा लिया और चार विकेट पर 251 रन बनाए. स्टंप्स के समय रूट 191 गेंदों पर 39 रन बनाकर अपने 37वें टेस्ट शतक से एक रन दूर थे और बेन स्टोक्स (102 गेंदों पर 39 रन) के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे. दोनों नाबाद 79 रन जोड़ चुके हैं.  वैसे बैजबॉल युग में केवल दूसरी बार घरेलू मैच में इंग्लैंड टीम ने बल्लेबाजी करने का फैसला किया. दरअसल, मैच से पहले एक द‍िन पहले प‍िच हरी-भरी दिख रही थी, लेकिन टॉस से पहले प‍िच से घास गायब हो गई. अब देखना होगा कि शुक्रवार (11 जुलाई) को मैच के दूसरे दिन इंग्लैंड टीम का स्टैंड क्या होगा? क्या ट्रेड‍िशनल क्रिकेट होगा या बैजबॉल के दर्शन होंगे? 

गेंदबाजी का करिश्मा: आयरलैंड के स्टार ने 5 गेंदों पर 5 विकेट लेकर तोड़ा रिकॉर्ड

नई दिल्ली आयरलैंड के ऑलराउंडर कर्टिस कैंपर ने मेंस क्रिकेट में उस समय इतिहास रचा जब उन्होंने 5 गेंदों पर लगातार 5 विकेट लिए। कर्टिस कैंपर इसी के साथ मेंस क्रिकेट में ऐसा करनामा करने वाले पहले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यह वर्ल्ड रिकॉर्ड इंटर-प्रांतीय टी20 ट्रॉफी में नॉर्थ-वेस्ट वॉरियर्स के खिलाफ मुंस्टर रेड्स की ओर से खेलते हुए बनाया। उन्होंने 2.3 ओवर में मात्र 16 रन देकर यह 5 विकेट चटकाए। एक समय पर नॉर्थ-वेस्ट वॉरियर्स का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 87 रन था। कर्टिस कैंपर की घातक गेंदबाजी के आगे टीम इसके बाद ताश के पत्तों की तरह ढह गई और 88 रन पर ऑलआउट हो गई। मुंस्टर रेड्स के कप्तान कैंपर ने अपने दूसरे और तीसरे ओवर यह सभी पांच विकेट लिए। 189 रनों के टारगेट का पीछा कर रही नॉर्थ-वेस्ट वॉरियर्स के खिलाफ कैंपर ने अपना पहला विकेट 12वें ओवर की पांचवी गेंद पर लिया। जेरेड विल्सन को उन्होंने बोल्ड किया, उनकी अगली गेंद पर, ग्राहम ह्यूम बैकफुट पर LBW आउट हो गए। इसके बाद 14वें ओवर में गेंदबाजी करने आए कैंपर ने अपनी पहली गेंद पर विकेट लेकर हैट्रीक पूरी की। इस दौरान उन्होंने एंडी मैकब्राइन को डीप मिडविकेट पर अपना शिकार बनाया। इसके बाद मुंस्टर रेड्स के कप्तान के कप्तान ने नंबर-10 पर आए रॉबी मिलर और 11 पर आए जोश विल्सन को अपना शिकार बनाया। कैंपर ने मैच के बाद बताया कि जब उन्होंने दो ओवरों में लगातार 5 विकेट लिए तो उन्हें इस रिकॉर्ड के बारे में नहीं पता था। उन्होंने क्रिकेट आयरलैंड को बताया, "मुझे सच में समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। मैं बस अपनी बात पर अड़ा रहा और इसे बहुत सरल रखा और खुशकिस्मती से यह कामयाब हो गया।" बता दें, कैंपर ने इससे पहले 2021 टी20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड के खिलाफ चार गेंदों पर चार विकेट लिए थे।

इतिहास रच दिया! महिला टीम ने इंग्लैंड में पहली बार T20 सीरीज अपने नाम की

मैनचेस्‍टर  हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय वुमेंस क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड में उस समय इतिहास रचा जब उन्होंने मेजबान टीम को चौथी T20I में 6 विकेट से धूल चटाई। इंग्लैंड की सरजमीं पर पहली बार 2006 में T20I मैच खेलने वाली टीम इंडिया ने इंग्लिश टीम को उन्हीं के घर पर पहली बार 2 या उससे अधिक मैच की टी20 सीरीज में धूल चटाई है। यह कारनामा टीम इंडिया अपने स्पिनर्स के दम पर करने में कामयाब रही। भारत ने पहले गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड को मात्र 126 के स्कोर पर रोक दिया, इसके बाद इस स्कोर का पीछा उन्होंने 6 विकेट और तीन ओवर रहते आसानी से कर लिया। राधा यादव को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पावरप्ले में ही टीम ने 38 के स्कोर पर दो विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद श्री चरणी और राधा यावद ने अपनी घूमती गेंदों के आगे इंग्लिश बल्लेबाजों की एक ना चलने दी। भारत की कसी हुई गेंदबाजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कोई भी इंग्लिश बैटर 25 रन का आंकड़ा नहीं छू पाई। श्री चरणी और राधा यादव ने मिलकर 4 विकेट चटकाए और इंग्लैंड को निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 126 के स्कोर पर रोका। राधा यादव ने इस दौरान अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 15 रन खर्च कर 2 विकेट चटकाए। 127 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को स्मृति मंधाना (32) और शैफाली वर्मा (31) की ओपनिंग जोड़ी ने धाकड़ शुरुआत दी। 7 ओवर में दोनों ने मिलकर 56 रन जोड़ जीत की नींव रखी। इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स (24) और हरमनप्रीत कौर (26) ने छोटी-छोटी पारी खेल टीम को जीत के नजदीक पहुंचाया। भारत ने 18 गेंदें और 6 विकेट रहते मैच को अपने नाम किया और 5 मैच की सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त बनाई।

यमन में झेली दरिंदगी, निमिषा प्रिया ने खोले तलाल के जुल्मों के राज, दोस्तों के साथ संबंध बनाने को मजबूर करता था

 पलक्कड़ केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को यमन में फांसी होने वाली है। भारत सरकार उनकी जान बचाने की पुरजोर कोशिश में जुटी है। निमिषा ने गलती से बिजनेस पार्टनर की हत्या कर दी थी। यमन का रहने वाला तलाल अब्दो महदी निमिषा का बिजनेस पार्टनर था, लेकिन बाद में उसकी बुरी नजर प्रिया पर पड़ गई और खूब प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। यहां तक कि वह रात में अपने घर पर दोस्तों को बुलाता और निमिषा को उनके साथ भी संबंध बनाने के लिए मजबूर करता। उसने अस्पताल में सभी के सामने कई बार निमिषा को प्रताड़ित किया और यहां तक कि उस पर थूकता भी था। जब निमिषा को तलाल की हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई, तब जेल से उसने तलाल की कई पोल खोली थी। 'द न्यूज मिनट' वेबसाइट से बात करते हुए निमिषा ने पूर्व में बताया था कि तलाल ने सभी लोगों से यहां तक बताना शुरू कर दिया था कि वह उसकी पत्नी है, जबकि निमिषा की पहले ही केरल में थॉमस नामक शख्स से शादी हो चुकी थी और दोनों के एक बच्ची थी। साल 2015 में यमन में सिविल वॉर शुरू होने के बाद तलाल में बदलाव आने लगे और फिर दोनों के बीच अक्सर लड़ाई होने लगी। निमिषा ने बताया था, ''क्लिनिक की शुरुआत अच्छी रही थी। महीनेभर के अंदर ही मुझे अच्छी कमाई होने लगी। तलाल ने शुरू में मेरी मदद की थी, जैसे कि पैसे और सामान को लाने में। पर जब मेरी अच्छी कमाई होने लगी तो तलाल ने उसमें से हर महीने शेयर मांगना शुरू कर दिया। यहां तक कि उसने क्लिनिक के शेयरहोल्डर में भी अपना नाम जुड़वा लिया।'' 'मुझे अपने दोस्तों के साथ संबंध बनाने को कहता था' सजा पाने के बाद जेल से ही बात करते हुए निमिषा ने बताया था, ''उसने मुझे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। वह क्लिनिक के कर्मचारियों के सामने मुझे पीटता और मुझपर थूकता था। 2016 में मैंने पुलिस थाने में उसकी शिकायत दर्ज करवाई। उसने मेरा पासपोर्ट भी अपने पास रख लिया और अपने साथ रहने पर मजबूर करने लगा। वह नशा करके घर आता और मुझे मारता-पीटता।'' भारतीय नर्स ने आगे कहा, ''वह रात में अपने दोस्तों को भी घर पर लाता और मुझे उनके साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था। मैं खुद को बचाने के लिए बाहर भागती थी। मैं उससे बचने के लिए यमन की सड़कों पर रात में अकेले भागती थी, जबकि यह एक ऐसी जगह है, जहां रात में सड़क पर कोई महिला नहीं दिखाई देती।'' इन सबके बाद साल 2017 में निमिषा ने उसे नशीली दवा देकर बेहोश करने की कोशिश की, जिससे वह अपना पासपोर्ट वापस ले सके। पहली बार में वह इतने नशे में था कि उस पर दवा ने कोई असर नहीं किया। दोबारा नशे की दवा का ओवरडोज ज्यादा होने की वजह से तलाल की मौत हो गई। इसके बाद, पुलिस ने निमिषा को गिरफ्तार किया और बाद में उसे फांसी की सजा सुनाई गई।

न्यू मार्केट में दिखे सीएम, बिना तामझाम के फल खरीदते देख हैरान रह गए लोग

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 10 जुलाई की रात एक चौंकाने वाला लेकिन शानदार नजारा देखने को मिला, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक न्यू मार्केट पहुंचे। आम जनता के बीच पहुंचकर उन्होंने न केवल लोगों से बातचीत की और हालचाल जाना, बल्कि एक ठेले वाले से फल भी खरीदे और उसका डिजिटल पेमेंट किया। मुख्यमंत्री का यह सादगी भरा अंदाज लोगों को बेहद पसंद आया। बाजार में सीएम को देख चौंके लोग सीएम को अचानक बाजार में देख लोगों को उनकी सादगी पसंद आई। लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि उनके मुख्यमंत्री इतनी सहजता से उनके बीच खड़े हैं। अचानक सीएम को अपने बीच में देखकर लोग अचंभित नजर आए। काफिले में नहीं, सिर्फ दो गाडियों से पहुंचे न्यू मार्केट मुख्यमंत्री डॉ. यादव सादगी के साथ सिर्फ दो वाहनों में बाजार पहुंचे और 15 मिनट रुक कर फल खरीदे और निवास लौट गए। ट्रैफिक सिग्नल का किया पालन आमतौर पर सीएम का काफिला जिस रूट से गुजरता है। अमूमन 10-15 मिनट पहले पुलिस उस रूट पर ट्रैफिक रोक देती है लेकिन, सीएम ने अपने दौरे की किसी को जानकारी नहीं दी। वे जब फल लेकर वापस सीएम हाउस की तरफ जाने लगे तो सिग्नल पर रेड लाइट देखकर उनकी गाड़ी रुक गई। सीएम ने सिग्नल पर ट्रैफिक नहीं रोकने दिया। बल्कि, ग्रीन सिग्नल होने पर ही वे आगे बढ़े। इस दौरान लोगों ने सीएम का यह अंदाज देख वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर किया। डॉ. मोहन यादव बिना भारी-भरकम सुरक्षा के केवल दो वाहनों के काफिले के साथ बाजार पहुंचे और करीब 15 मिनट तक वहां रुके। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक नियमों का भी पूरी तरह पालन किया। फल विक्रेता से उन्होंने न सिर्फ सामान लिया, बल्कि उसके व्यवसाय और हालचाल की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री को यूं अपने बीच सहजता से खड़ा देख लोग आश्चर्यचकित रह गए और उनके इस व्यवहार की जमकर सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह बेफिक्र और जनता से जुड़ाव दर्शाने वाला अंदाज सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ट्रैफिक सिग्नल का किया पालन इतना ही नहीं, लौटते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेड सिग्नल पर अपनी गाड़ी रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन किया। उनके इस आचरण से यह स्पष्ट संदेश गया कि कानून का पालन हर नागरिक की जिम्मेदारी है, चाहे वह आम व्यक्ति हो या कोई पदाधिकारी। उनका सादगीभरा व्यवहार प्रदेशवासियों को यह सिखाता है कि सच्चे नेतृत्व का अर्थ केवल पद ग्रहण करना नहीं, बल्कि अपने आचरण से आदर्श प्रस्तुत करना भी है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम, ग्रामीण स्कूलों की गुणवत्ता में आई मजबूती

ग्रामीण स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में आया सुधार शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम, ग्रामीण स्कूलों की गुणवत्ता में आई मजबूती रायपुर राज्य शासन द्वारा शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का सकारात्मक असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। दुर्ग जिले के ब्लॉक धमधा के अंतर्गत हाई स्कूल दनिया में इस प्रक्रिया के अंतर्गत चार नए विषयों के शिक्षकों की तैनाती की गई है, जिससे विद्यार्थियों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है। हाई स्कूल दनिया में पढ़ने वाली कक्षा 10वीं की छात्रा हितेश्वरी बताती है कि पहले स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती थी। अब विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेज़ी जैसे विषयों के शिक्षक मिल गए हैं।  विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, युक्तियुक्तकरण के बाद विद्यालय में शिक्षकों की संख्या में संतुलन आया है। अब प्रत्येक विषय के लिए प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिल रहा है। इसके चलते बच्चों की उपस्थिति में भी सुधार देखा गया है। विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि यह पहल विशेषकर ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब छात्र नियमित रूप से कक्षा में सभी विषयों की पढ़ाई कर पा रहे हैं और उन्हें किसी बाहरी सहायता की आवश्यकता नहीं रह गई है। ज्ञातव्य हो कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षकों का प्रभावी पुनर्विनियोजन कर ऐसी जगहों पर उनकी नियुक्ति करना है, जहाँ शिक्षकों की आवश्यकता अधिक है। यह कदम न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को भी नई दिशा मिल रही है।

छत्तीसगढ़ के दिव्यांग खिलाड़ियों को मिली अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा की मंजूरी, देश का नाम करेंगे रोशन

रायपुर : छत्तीसगढ़ के दिव्यांग खिलाड़ी करेंगे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन रायपुर: छत्तीसगढ़ के दिव्यांग खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर दिखाएंगे प्रतिभा, बढ़ाएंगे देश का मान छत्तीसगढ़ के दिव्यांग खिलाड़ियों को मिली अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा की मंजूरी, देश का नाम करेंगे रोशन रायपुर छत्तीसगढ़ में खेलों को नया आयाम देते हुए प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए पहली बार राजधानी रायपुर में दो दिवसीय पैरा कैनो वर्कशॉप का सफल आयोजन हुआ। छत्तीसगढ़ प्रदेश कयाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन एवं भारतीय कयाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन कार्यालय, इंडोर स्टेडियम और बूढ़ा तालाब में आयोजित की गई। राज्यपाल रमेन डेका से पैरा कैनो एथलीट प्राची यादव, मनीष कौरव और अन्य खिलाड़ियों ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वर्कशॉप के अंत में डॉ. प्रशांत चतुर्वेदी ने दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के दौरान संभावित इंजुरी से बचने और उनकी रोकथाम पर विशेष सेशन लिया, जिससे खिलाड़ियों को सुरक्षित प्रशिक्षण के टिप्स भी मिले। छत्तीसगढ़ के खेल मंत्री माननीय टंक राम वर्मा ने झण्डा दिखाकर दिव्यांग खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों से चर्चा भी की और पैरा कैनो खेल की बारीकियों को समझा। खेल मंत्री ने दिव्यांग खिलाड़ियों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। इस वर्कशॉप का उद्देश्य प्रदेश के पैरा खिलाड़ियों को तकनीकी जानकारी देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता बनाने की दिशा में तैयार करना था। प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के दिव्यांग खिलाड़ी जल्द ही इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। एक ही दिन में खिलाड़ियों ने बोट्स को बैलेंसिंग सहित चलाना सीख लिया, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कार्यशाला के दौरान अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पैरा कैनो एथलीट प्राची यादव और मनीष कौरव ने खिलाड़ियों का टेस्ट लिया और उनकी पात्रता की जांच की। चयनित खिलाड़ियों को अब भोपाल के पैरा सेंटर में अंतर्राष्ट्रीय पैरा चेयरपर्सन मयंक ठाकुर से प्रशिक्षण मिलेगा।  इस अवसर पर डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया महासचिव छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन, प्रशांत सिंह रघुवंशी चेयरमैन सीजी पैरा कैनोइंग एवं सह सचिव भारतीय कयाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन, जिला खेल अधिकारी प्रवेश जोशी सहित खिलाड़ी और संबंधित लोग उपस्थित थे।

रायपुर: कोलकाता में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने दिखाया दम, पर्यटकों को किया आकर्षित

रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन ने कोलकाता में दर्ज कराई प्रभावशाली उपस्थिति कोलकाता में छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रभावशाली प्रस्तुति, राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मिली सराहना रायपुर: कोलकाता में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने दिखाया दम, पर्यटकों को किया आकर्षित रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों में आज एक महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ी है। कोलकाता में चल रहे ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अपनी विशिष्ट और समृद्ध विरासत के साथ शानदार उपस्थिति दर्ज करायी। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कोलकाता के टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट को छत्तीसगढ़ के टूर पैकेज के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ मंच साझा किया।  इस अवसर पर अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध राज्य को भारत के इस प्रमुख पर्यटन मंच पर प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। हमारा राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। छत्तीसगढ़ को आज भी ‘अनदेखा भारत‘ कहा जाता है और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे चित्रकोट जलप्रपात, कांगेर घाटी, सिरपुर, बस्तर का धुड़मारास के साथ-साथ भोरमदेव, डोंगरगढ़, दंतेवाड़ा आदि धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स से आग्रह किया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में छत्तीसगढ़ को भी शामिल करें। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को अब उद्योग का दर्जा प्राप्त है और पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे, रिसॉर्ट्स, ट्राइबल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। हमारा उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सतत विकास को भी मजबूत करना है। शर्मा ने यह भी बताया कि कोलकाता में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का स्थायी सूचना केंद्र स्थापित किया गया है, जिससे कोलकाता के टूर ऑपरेटर्स और पर्यटकों को सीधी और सुविधा-सम्पन्न सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। इस मौके पर कोलकाता के 50 टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट पंजीकृत हुए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने उपस्थित अतिथियों, टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर के समक्ष प्रेजेंटेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदरता,संस्कृति एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा टूरिज्म को लेकर लिए गए निर्णय से भी अवगत कराया। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा जी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि भारत को समझने के लिए छत्तीसगढ़ को जानना जरूरी है। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि छत्तीसगढ़ आइए, इसे महसूस कीजिए और भारत की आत्मा से मिलिए।  इस अवसर पर सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी थापा, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी,थाईलैंड की महावाणिज्यदूत सुश्रीपोन तांतिपन्याथेप के साथ ही वेस्ट बंगाल टूर ऑपरेटर एवम ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन कोलकाता के लगभग 500 से भी अधिक सदस्य उपस्थित थे।

नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, सभी महापौर और आयुक्त हुए शामिल

 महापौरो और आयुक्तों के इंदौर शहर के अध्ययन भ्रमण का छत्तीसगढ़ को मिलेगा लाभ: उप मुख्यमंत्री अरुण साव  महापौरो और आयुक्तो ने शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के साथ किया मंथन नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, सभी महापौर और आयुक्त हुए शामिल उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने दिया मार्गदर्शन अन्य नगरीय निकायों के अध्यक्षों और सीएमओ को भी स्वच्छ्तम शहरों के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जायेगा रायपुर   प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरो एवं आयुक्तों की आज नवा रायपुर स्थित सर्किट हॉउस में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई । कार्यशाला में सभी नगर पालिक निगमों के महापौर एवं आयुक्त ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के समक्ष अपने इंदौर अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को साझा किया । साथ ही प्रदेश में स्वच्छता अभियान को लेकर भविष्य की योजनाओं तथा विभिन्न नवाचारो पर चर्चा की गयी तथा आगे की रणनीति पर मंथन किया गया । उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कार्यशाला में कहा कि एक महापौर अपने शहर का प्रथम नागरिक और  मुखिया  होता है, महापौर को अपने निगम क्षेत्र में असीमित अधिकार एवं संसाधन प्राप्त है, किसी और जन प्रतिनिधि के पास इतने अधिकार एवं संसाधन नहीं होते है, उन्होंने आगे कहा की जब हम अपने लिए घर बनाते है तब हम विचार करते है की घर भले ही छोटा हो लेकिन साफ स्वच्छ एवं सुविधायुक्त हो, इसी प्रकार हमें अपने शहर की भी कार्य योजना बनाते समय ध्यान रखना होगा कि शहर साफ, स्वच्छ एवं सुविधापूर्ण हो, जिसमे आम नागरिको के लिए आवश्यक सुविधाओ की कमी न रहे | उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यशाला में कहा कि किसी राज्य की छवि उसके शहरों से बनती है, यदि आपका शहर साफ स्वच्छ एवं सुविधापूर्ण होगा तो आपके प्रदेश की छवि भी सुधरेगी | एक मुखिया होने के नाते पूरा शहर आपका घर है और घर को साफ स्वच्छ एवं सुविधा पूर्ण बनाना मुखिया की जिम्मेदारी होती है| साव ने आगे कहा की इंदौर शहर विगत सात वर्षो से भारत सरकार की स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त कर रहा है| इसीलिए महापौरों एवं आयुक्तों को  इंदौर शहर के भ्रमण पर भेजा गया था कि आप खुद जाकर वहां की कार्यप्रणाली का अवलोकन करे और उन अनुभवों  को अपने शहर में क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य नगरीय निकायों के अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी देश के स्वच्छ्तम शहरों के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जायेगा|    कार्यशाला में रायपुर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने इंदौर भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां की सबसे अच्छी बात शहर की नालियों का पूरी तरह से कवर्ड और अंडरग्राउंड होना है जिससे कचरा नालियों में नहीं जाता है और नालियां जाम  नहीं होती है| उन्होंने बताया कि इंदौर शहर की स्वच्छता में जनप्रतिनिधि और जनता का पूरा समन्वय दिखाई देता है| इसके लिए आवश्यक है कि जनप्रतिनिधि भी जनता के बीच जनजागरूकता लाने हेतु प्रयास करे, केवल सरकार के भरोसे यह संभव नहीं है|  नगर निगम बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने इंदौर भ्रमण के अनुभव साझा करते हुए बताया कि भ्रमण के दौरान पूरे शहर में उन्हें कहीं  भी सड़क पर मवेशी या कुत्ता दिखाई नहीं दिया,   सड़क किनारे बने नालियों के ऊपर ठेले-खोमचे वाले भी नहीं दिखे, यह केवल निगम, जनप्रतिधि तथा जनता के बीच परस्पर समन्वय से ही संभव हो सकता है|  कार्यशाला में नगर निगम  कोरबा की महापौर श्रीमती संजुदेवी राजपूत ने कहा की इंदौर शहर में बैनर एवं होर्डिंग्स पर विशेष प्रावधान लागू किया गया है, बैनर तथा होर्डिंग्स लगाने वालों को चाहे वह राजनीतिक  हो या गैर राजनीतिक उन्हें २४ घंटे के भीतर स्वयं हटाना पड़ता है| इससे भी शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद मिलती है| इंदौर की मोनिटरिंग प्रणाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ए-आई आधारित मोनिटरिंग प्रणाली के माध्यम से सभी गाडियों की लोकेशन ट्रेस की जाती है जिससे निर्धारित समय पर कचरे का संग्रहण किया जा सकता है| उन्होंने कहा कि कोरबा नगर निगम में भी इंदौर से प्राप्त अनुभवों को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है| नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक आर.एक्का, सुडा के अतिरिक्त सीईओ दुष्यंत कुमार रायस्त और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य भी कार्यशाला में मौजूद थे।