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सेंसर बोर्ड ने काटा सुपरमैन का सीन, भड़के भारतीय दर्शक

भारत में 'सुपरमैन' देखने गए दर्शक यह जानकर निराश हो गए कि जेम्स गन की निर्देशित इस फिल्म से किसिंग सीन हटा दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर लोगों के शिकायतों की बाढ़ आ गई, कई फैंस ने सेंसरशिप की आलोचना की और उन रोमांटिक सीन्स को काटने के पीछे के कारण पर सवाल उठाए जिन्हें वे मानक मानते थे। कई यूजर्स ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की आलोचना की कि वो स्क्रीन पर एक साधारण किस दिखाने की इजाजत नहीं सकते हैं, खासकर सुपरमैन जैसी फिल्म में। 11 जुलाई को दुनिया भर में रिलीज हुई यह फिल्म एक नए डीसी यूनिवर्स की शुरुआत को दिखाती है, जिसमें डेविड कोरेंसवेट क्लार्क केंट और रेचल ब्रोसनाहन लोइस लेन हैं। भारत में इस फिल्म को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। सीबीएफसी ने कथित तौर पर कई सारी एडिटिंग की है, जिसमें डेविड और रेचल के बीच 33 सेकंड के किसिंग सीन को छोटा कर दिया गया है। किसिंग सीन हटने से नाराज जनता बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीबीएफसी ने इसे कामुक सीन बताते हुए इस पर आपत्ति जताई और सीन को छोटा करने को कहा। एक सूत्र के अनुसार, मेकर्स यूए सर्टिफिकेशन मिलने के बाद इन कट्स के लिए राजी हो गए। 'सुपरमैन' के फैंस हुए निराश हालांकि, लोगों को इस बात पर बहुत गुस्सा आ रहा है। उनके रिएक्शन जरा भी पॉजिटिव नहीं हैं। एक ने रिएक्ट करते हुए लिखा- सुपरमैन अविश्वसनीय है। गन कमाल हैं… डेविड कोरेंस्वेट सुपरमैन के रोल के लिए ही बने हैं… थिएटर से बहुत खुश होकर बाहर निकले। एक दर्शक ने इसे 8.5/10 रेटिंग देते हुए कहा- यह फिल्म अद्भुत थी, अब तक की टॉप 10 बेस्ट सुपरहीरो फिल्मों में से एक। मुझे विश्वास है कि एक आदमी उड़ सकता है वाह। एक ने तो कह दिया- लानत है, ये भी नहीं दिखा सके। कुछ को पसंद नहीं आई फिल्म लेकिन जेम्स गन के विजन से सभी सहमत नहीं थे, कई लोग बीच में ही अटके हुए थे। एक ने लिखा- ठीक है, सुपरमैन शानदार भी है और भयानक भी… फिल्मों में सुपरमैन के सबसे बेहतरीन किरदारों में से एक और सबसे बेतुकी कहानियों में से एक। एक दर्शक ने आगे कहा- स्पॉइलर-फ्री, ठीक ठाक थी फिल्म। बाहर निकलते समय आपको गुस्सा आएगा, लेकिन फिल्म पसंद आई।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील की राह आसान, ट्रंप नहीं भेजेंगे चेतावनी लेटर, टैरिफ में राहत तय

नई दिल्ली भारत और अमेरिका एक अंतरिम व्यापार समझौते की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं, जिससे प्रस्तावित टैरिफ को 20% से नीचे लाया जा सकता है। यह समझौता भारत को क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में व्यापारिक रूप से अधिक अच्छी स्थिति में रखेगा। खबरों की मानें तो अमेरिका इस सप्ताह भारत को टैरिफ बढ़ाने की औपचारिक सूचना नहीं देगा, जबकि कई अन्य देशों को अप्रत्याशित रूप से 50% तक के टैरिफ का सामना करना पड़ा है। ट्रंप करीब 20 देशों को टैरिफ लगाने संबंधी लेटर भेज चुके हैं। जिनमें काफी सख्त चेतावनी और धमकियां तक दी गई हैं। हालांकि भारत को अभी इस तरह का कोई लेटर भेजने का इरादा नहीं है। इसकी वजह है- दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ता। भारत पर 20% से नीचे लाया जा सकता है टैरिफ ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि यह प्रस्तावित अंतरिम समझौता दोनों देशों को आगे की बातचीत के लिए समय देगा, जिससे भारत को लंबित मुद्दों को व्यापक समझौते से पहले सुलझाने का अवसर मिलेगा। इस समझौते की औपचारिक घोषणा किसी आधिकारिक बयान के माध्यम से की जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक रूप से अमेरिका ने भारत के लिए 26% का टैरिफ प्रस्तावित किया था, लेकिन अब इस दर को घटाकर 20% से नीचे लाया जा सकता है। साथ ही, अंतिम समझौते के तहत आगे और भी संशोधन की संभावना रखी जाएगी। हालांकि, अंतरिम समझौते की सटीक समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है, तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने ट्रंप प्रशासन के साथ व्यापार समझौते किए हैं। अब तक केवल ब्रिटेन ने ही अमेरिका के साथ औपचारिक व्यापार समझौता किया है। वहीं, वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों को 20% तक की शुल्क दरें घोषित की जा चुकी हैं, जबकि लाओस और म्यांमार को 40% तक के उच्च शुल्कों का सामना करना पड़ रहा है। भारत वियतनाम के साथ हुए समझौते की तुलना में अधिक अनुकूल समझौता चाहता है। वियतनाम 20% की उच्च शुल्क दर से चौंक गया था और अब उस दर को कम करने की मांग कर रहा है। ट्रंप के निशाने पर कई देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को NBC न्यूज को बताया कि वह उन देशों पर 15% से 20% की सामान्य टैरिफ दर लगाने पर विचार कर रहे हैं, जिन्होंने अभी तक अमेरिका के साथ कोई विशेष टैरिफ दर तय नहीं की है। वर्तमान में अधिकांश अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों के लिए औसत टैरिफ दर 10% है। हालांकि भारत ने वर्ष की शुरुआत में ही अमेरिका के साथ व्यापार वार्ताएं शुरू कर दी थीं, हाल के महीनों में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में कुछ तनाव देखने को मिला है। ट्रंप प्रशासन की ओर से भारत की ब्रिक्स सदस्यता को लेकर भी अतिरिक्त शुल्क लगाने के संकेत मिले हैं। भारतीय वार्ता दल जल्द ही वाशिंगटन की यात्रा कर सकता है ताकि व्यापार वार्ताओं को गति दी जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पहले ही अपनी अंतिम पेशकश अमेरिका को दे चुका है और कुछ मुद्दों पर स्पष्ट रूप से ‘गैर-समझौतावादी रुख’ अपना चुका है। भारत ने बता दी अपनी "लक्ष्मण रेखा" व्यापार वार्ताओं में सबसे बड़ा अड़चन अमेरिका की यह मांग है कि भारत जैव-संशोधित (GM) फसलों को अनुमति दे, जिसे भारत ने किसानों की चिंता के चलते ठुकरा दिया है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में गैर-टैरिफ बाधाएं और फार्मा सेक्टर में नियामकीय चुनौतियां भी प्रमुख अवरोध बने हुए हैं। भारत ने इस समझौते के लिए अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, खासकर कृषि और डेयरी क्षेत्रों में। भारतीय वार्ताकारों ने अमेरिका को स्पष्ट रूप से अपनी "लक्ष्मण रेखा" बता दी है, जिसमें डेयरी और कृषि उत्पादों पर रियायतों से इनकार शामिल है। भारत ने पहले भी अपने डेयरी क्षेत्र को सभी व्यापार समझौतों में संरक्षित रखा है और इस बार भी यही रुख अपनाया है। इसके बदले, भारत ने टेक्सटाइल और फुटवियर जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में अमेरिकी उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुंच की पेशकश की है।भारतीय वाणिज्य मंत्रालय की एक टीम जल्द ही वाशिंगटन का दौरा करने वाली है, ताकि इस समझौते को आगे बढ़ाया जा सके। भारत ने पहले ही अपनी सर्वश्रेष्ठ पेशकश ट्रम्प प्रशासन के सामने रख दी है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि वह कुछ मुद्दों पर समझौता नहीं करेगा।  

शराब के नशे में स्कूल पहुंचे प्रधान पाठक, खुद को कमरे में किया बंद, तत्काल प्रभाव से हुए निलंबित

मुंगेली छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही कुछ शिक्षकों के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचने के मामले सामने आने लगे हैं. ऐसा ही एक मामला मुंगेली जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय सिंघनपुरी में सामने आया, जहां प्रधानपाठक सतनाम दास दो दिन पहले शराब के नशे में स्कूल पहुंचे. इस दौरान प्रधानपाठक ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया. सूचना पर बीईओ प्रतिभार मंडलोई मौके पर पहुंची थी. अब इस मामले में एक्शन लेते हुए सतनाम दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, 10 जुलाई को शासकीय प्राथमिक विद्यालय सिंघनपूरी में टल्ली टीचर प्रधान पाठक सतनाम दास ने खूब ड्रामा किया. खुद को एक कमरे में बंद कर लिया. घटना की जानकारी मिलते ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) प्रतिभा मंडलोई मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाकर प्रधान पाठक को कमरे से बाहर निकलवाया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. बीईओ ने तत्काल उच्च अधिकारियों को मामले की सूचना दी, जिसके बाद प्रधान पाठक का डॉक्टरी मुलाहिजा भी कराया गया. कलेक्टर कुंन्दन कुमार के निर्देश और बीईओ प्रतिभा मंडलोई के जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सीके धृतलहरे ने सतनाम दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में घटना को लेकर आक्रोश है. उनका कहना है कि जिस स्थान को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है, वहां इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

भ्रष्टाचारी पंचायत सचिव राशन पर्ची ऑनलाइन कराने के एवज में घूस लेते दिखा रिश्वखोर

मुंगावली सरकार की तमाम सख्तियों और छापामार टीमों की लगातार कार्रवाईयों के बावजूद मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ता जा रहा है। आलम ये है कि प्रदेश में हर रोज किसी न किसी विभाग का अफसर या कर्मचारी रिश्वतखोरी करते गिरफ्तार किया जा रहा है। बावजूद इसके रिश्वतखोरों की भूख कम होने का नाम नहीं ले रही। रिश्वतखोरी की ताजा बानगी सूबे के अशोकनगर में सामने आई है। यहां एक पंचायत सचिव राशन पर्ची ऑनलाइन करने के एवज में ग्रामीण से 1 हजार रुपए की रिश्वत ली है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आया है। दरअसल, मुंगावली तहसील के पारकना पंचायत सचिव राजधर सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि, जनवरी 2025 में उसने एक ग्रामीण से राशन पर्ची ऑनलाइन करने के नाम पर 1 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। उसने काम पूरा करने की गारंटी ली थी। लेकिन, पैसे लेने के बाद भी आज तक हितग्राही को पर्ची उपलब्ध नहीं करवाई है, जिसके चलते पीड़ित ने अब उसका रिकॉर्ड किया रिश्वतखोरी का वीड उसने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। हालांकि, इस मामले में अब तक विभाग के किसी अधिकारी या पीड़ित पक्ष की ओर से किसी तरह का बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि, प्रशासन इस मामले पर क्या कार्रवाई करता है?

उत्तर प्रदेश में बजा पंचायत चुनाव का बिगुल, ऐसे बनेंगे वोटर, जानिए कब आएगी वोटर लिस्ट?

लखनऊ उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी है. 18 जुलाई 2025 से पंचायत चुनाव की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू होंगी. निर्वाचन नामावली का अंतिम प्रकाशन 15 जनवरी 2026 को होगा. इसके बाद मार्च 2026 में पंचायत चुनाव का महासंग्राम होगा. इस बीच चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों के तबादलों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. OSD राज्य निर्वाचन आयोग, IAS डॉ. अखिलेश मिश्रा ने इस संबंध में सभी ज़िलाधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है. वोटर लिस्ट में संशोधन का कार्य हो चुका है शुरू जून 2025 से वोटर लिस्ट में संशोधन का कार्य शुरू हो चुका है. जिसमें मृतकों के नाम हटाने और नए मतदाताओं को जोड़ने का काम होगा. इसके साथ ही बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. यह चुनाव ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, और जिला पंचायत अध्यक्षों के चयन के लिए महत्वपूर्ण हैं नए परिसीमन के तहत यूपी में 512 ग्राम पंचायतें हुईं कम यूपी पंचायत चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले 'सेमीफाइनल' के रूप में देखा जा रहा है. उत्तर प्रदेश में 57,695 ग्राम पंचायतों, 826 ब्लॉकों और 75 जिला पंचायतों में होने वाले ये चुनाव राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. हाल ही में पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का कार्य पूरा किया है, जिसके तहत 512 ग्राम पंचायतें कम कर दी गई हैं, अब कुल 57,694 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे. नए परिसीमन में प्रदेश के तीन जिलों में सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें कम हुई हैं, जो चित्रकूट, आजमगढ़ और देवरिया हैं.   अगले साल यानी 2026 में यूपी पंचायत चुनाव होने हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। मतदाता पुनरीक्षण का कार्य 18 जुलाई से शुरू हो जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 15 जनवरी 2026 को जारी की जाएगी। मार्च-अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने अगले साल की पहली तिमाही में पंचायत चुनाव कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके पहले चरण में वोटर लिस्ट के व्यापक पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। 18 जुलाई से इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। 14 अगस्त से बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर पहुंचकर सर्वे करेंगे और अर्ह लोगों को वोटर बनाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह ने  इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत के किसी हिस्से या पूरी ग्राम पंचायत के शहरी निकाय में शामिल होने की स्थिति में वहां की वोटर लिस्ट डिलीट करने से होगी। साथ ही BLO और पर्यवेक्षकों को इस अवधि में उनके कार्यक्षेत्र का आवंटन भी किया जाएगा। 1 जनवरी, 2026 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान छुट्टियों के दिन भी दफ्तर खुलेंगे। किसी भी स्थिति में अभियान की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। आयोग की वेबसाइट https://sec.up.nic.in/OnlineVoters/ के जरिए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकेगा। BLO इन आवेदनों के आधार पर भी आवेदक के घर जाकर दस्तावेजों की जांच करेंगे और उसके आधार पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज किया जाएगा। कब क्या होगा?     18 जुलाई-13 अगस्त : बीएलओ को कार्यक्षेत्र का आवंटन     14 अगस्त-29 सितंबर : घर-घर सर्वे, अर्ह वोटरों का नाम जोड़ना     14 अगस्त-22 सितंबर : ऑनलाइन आवेदन की अवधि     23 सितंबर-29 सितंबर : ऑनलाइन आवेदनों की घर जाकर जांच     30 सितंबर -24 नवंबर : वोटर लिस्ट की डिजिटल कॉपी तैयार करना     25 नवंबर-04 दिसंबर : बूथों की नंबरिंग, मैपिंग     05 दिसंबर : वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी होगा     6-12 दिसंबर : दावे व आपत्तियां प्राप्त करना     13-19 दिसंबर : दावों व आपत्तियों का समाधान     15 जनवरी : फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन

TIT कॉलेज गैंगरेप प्रकरण: छठे आरोपी को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने लगाई स्ट्रिक्ट शर्तें

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के टीआईटी कॉलेज में स्टूडेंट्स से गैंगरेप मामले के छठे आरोपी की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। 20 जून को आरोपी अबरार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। न्यायाधीश नीलू राजीव श्रृंगीऋषि ने फैसला सुनाया है। गैंगरेप के सभी आरोपी अब जेल के सलाखों के पीछे है। यह था मामला दरअसल, राजधानी भोपाल में लव जिहाद का सनसनीखेज मामला सामने आया था। आरोपियों ने धर्म देखकर रेप की वारदात को अंजाम दिया था। धर्म देखकर दोस्ती की फिर तीन युवतियों से रेप किया गया। फरहान खान, साहिल खान और अली खान ने पहले नाम बदलकर दोस्ती की थी। नशा देकर आपत्तिजनक फोटो, वीडियो बनाए राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, रेप, ब्लैकमेलिंग ही नहीं, जबरन धर्म परिवर्तन की दबाव भी बनाया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट देर फंसाया। पीड़िताओं को नशा देकर आपत्तिजनक फोटो, वीडियो बनाए गए। इन वीडियो का इस्तेमाल कर उन्हें डराया गया और दूसरी लड़कियों को फंसाया गया। आयोग ने यह भी पाया कि आरोपी आर्थिक रूप से साधारण परिवारों से थे। आरोपियों की भव्य जीवनशैली ड्रग या अपराध के नेटवर्क से जुड़ाव की ओर इशारा करता है। भोपाल में भी सामने आया अजमेर जैसा कांड  भोपाल में रायसेन रोड स्थित TIT कॉलेज से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यह केस इस कदर खौफनाक है कि 1992 के कुख्यात अजमेर रेप कांड की याद दिला देता है। TIT कॉलेज में एक संगठित गिरोह ने कथित तौर पर हिंदू छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उनके साथ रेप किया, अश्लील वीडियो बनाए और इन वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उनकी सहेलियों और बहनों को भी निशाना बनाया। पुलिस ने इस मामले में 2 मुख्य आरोपियों, फरहान खान और मोहम्मद साद को गिरफ्तार कर लिया है, और SIT मामले की गहन जांच कर रहा है। 20 वर्षीय छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए कराई FIR यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया, जब 17 अप्रैल 2025 को बैतूल की रहने वाली एक 20 साल की छात्रा ने बागसेवनिया थाने में हिम्मत जुटाकर FIR दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि फरहान खान ने 2022 में उसे प्रेम जाल में फंसाया और जहांगीराबाद स्थित अपने दोस्त हमीद के घर ले जाकर उसके साथ रेप किया। इस दौरान उसका अश्लील वीडियो बनाया गया, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसका यौन शोषण किया जाता रहा। यही नहीं, फरहान ने उसकी बहन को भी इसी तरह ब्लैकमेल कर शिकार बनाया। पीड़िता ने जब फरहान के मोबाइल में अन्य लड़कियों के अश्लील वीडियो देखे, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। मांस खाने का बनाया दबाव और धर्मांतरण की कोशिश पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हिंदू छात्राओं को निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, पीड़िताओं को गांजा, शराब जैसे नशीले पदार्थ दिए गए और जबरन मांस, खासकर मटन, खिलाने का दबाव बनाया गया। कुछ पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उन पर धर्मांतरण का दबाव भी डाला गया। बैतूल की 2 सगी बहनों ने बताया कि फरहान और उसके साथियों ने उन्हें गांजा पिलाया, मांस खिलाया, और फिर गिरोह के अन्य सदस्यों को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि बाकी लोगों ने भी उनका यौन शोषण किया। आरोपियों की हरकतों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक पीड़िता ने डर के मारे तीसरे वर्ष में पढ़ाई तक छोड़ दी। 3 थानों में दर्ज की गई FIR, जांच के लिए SIT गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। बागसेवनिया, अशोका गार्डन, और जहांगीराबाद थानों में 3 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें BNS, POCSO एक्ट, IT एक्ट, और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। चौथी पीड़िता की काउंसलिंग जारी है, जिसके बाद एक और FIR दर्ज हो सकती है। पुलिस ने TIT कॉलेज के छात्र और जहांगीराबाद के रहने वाले मुख्य आरोपी फरहान खान के साथ-साथ प्राइवेट नौकरी करने वाले और अशोका गार्डन में रहने वाले मोहम्मद साद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से 10 से 15 अन्य युवतियों के अश्लील वीडियो मिले हैं, जिनकी साइबर फॉरेंसिक टीम जांच रही है। अजमेर रेप कांड से मिलता-जुलता है यह केस DCP जोन-2 संजय अग्रवाल ने बताया, ‘बागसेवनिया थाने में एक नाबालिग पीड़िता की शिकायत पर जीरो FIR दर्ज की गई है। POCSO और रेप की धाराओं में कार्रवाई शुरू की गई है। वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग की पुष्टि हुई है, और SIT इसकी गहन जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जा सके।’ पुलिस के अनुसार, यह मामला 1992 के अजमेर रेप कांड से मिलता-जुलता है, जहां एक गिरोह ने छात्राओं को प्रेम जाल में फंसाकर उनके अश्लील वीडियो बनाए और ब्लैकमेल कर उनकी सहेलियों को भी निशाना बनाया। भोपाल में भी आरोपियों ने पहले एक छात्रा को फंसाया, उसका वीडियो बनाया, और फिर उसे अपनी सहेलियों से मिलवाने के लिए मजबूर किया। बीजेपी नेताओं ने की सख्त सजा की मांग भोपाल के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को ‘केरल स्टोरी जैसी साजिश’ करार देते हुए आरोपियों को सार्वजनिक सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘जिन्होंने बेटियों के वीडियो बनाकर उनका अपमान किया, उन्हें बंद कमरों में क्यों रखा जा रहा है? उनकी ठुकाई सार्वजनिक होनी चाहिए। यह अकेली घटना नहीं, तीन ऐसी वारदातें हुई हैं। सरकार हर एंगल से जांच कर रही है, और किसी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।’ मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा, ‘पुलिस ने तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार किया। SIT का गठन किया गया है ताकि इस साजिश की हर कड़ी का खुलासा हो। मध्य प्रदेश में लव जिहाद जैसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

विश्व धरोहर स्थल में शामिलहुए 12 मराठा किले, 11 महाराष्ट्र में और 1 तमिलनाडु

नई दिल्ली भारत की सांस्कृतिक विरासत में यूनेस्को ने 'मराठा मिलिट्री लैंडस्केप' यानी 'मराठा सैन्य परिदृश्य' को अपनी विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है. इसमें मराठा साम्राज्य के 12 ऐतिहासिक किलों को शामिल किया गया है, जिनमें 11 महाराष्ट्र और 1 तमिलनाडु में स्थित हैं. यह भारत की 44वीं संपत्ति है जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, "इस सम्मान से हर भारतीय गदगद है. इन 'मराठा मिलिट्री लैंडस्केप' में 12 भव्य किले शामिल हैं, जिनमें से 11 महाराष्ट्र में और 1 तमिलनाडु में है." ऐसा है मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स "भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य" वर्ष 2024-25 के लिए यूनेस्को की विश्व विरासत सूची के लिए नामांकन किया गया था. इसमें बारह घटक भाग हैं- महाराष्ट्र में सालहेर किला, शिवनेरी किला, लोहागढ़, खंडेरी किला, रायगढ़, राजगढ़, प्रतापगढ़, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला किला, विजय दुर्ग, सिंधुदुर्ग और तमिलनाडु में जिंजी किला. वैविध्यपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों एवं क्षेत्रों में फैले हुए ये घटक मराठा शासन की रणनीतिक सैन्य शक्तियों को प्रदर्शित करते हैं. सुवर्णदुर्ग किला 17वीं और 19वीं शताब्दी के बीच विकसित हुए भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य तत्कालीन  मराठा शासकों द्वारा परिकल्पित की गई एक असाधारण किलेबंदी और सैन्य प्रणाली का प्रतिनिधित्व करते हैं. किलों का यह असाधारण तन्त्र, पदानुक्रम, पैमाने और प्रतीकात्मक वर्गीकरण की विशेषताओं में भिन्नता लिए हुए  भारतीय प्रायद्वीप में सह्याद्री पर्वत श्रृंखलाओं, कोंकण तट, दक्कन के पठार और पूर्वी घाटों के लिए विशिष्ट परिदृश्य,क्षेत्र एवं भौगोलिक विशेषताओं को एकीकृत करने का परिणाम है. सिंधुदुर्ग किला महाराष्ट्र में विद्यमान 390 से अधिक किलों में से केवल 12 किले भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य के अंतर्गत चुने गए है और  इनमें से आठ किले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (आर्कियोलोजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया) द्वारा संरक्षित हैं. ये हैं शिवनेरी किला, लोहगढ़, रायगढ़, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला किला, विजयदुर्ग, सिंधुदुर्ग और जिंजी किलाI जबकि सालहेर किला, राजगढ़, खंडेरी किला और प्रतापगढ़ पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय, महाराष्ट्र सरकार द्वारा संरक्षित हैं. भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य में सालहेर किला, शिवनेरी किला, लोहागढ़, रायगढ़, राजगढ़ और जिंजी किला पहाड़ी किले हैं, वहीं प्रतापगढ़ पहाड़ी-वन्य किला है एवं  पन्हाला पहाड़ी-पठार किला है तथा विजयदुर्ग तटीय किला है जबकि खंडेरी किला, सुवर्णदुर्ग और सिंधुदुर्ग द्वीपीय किले हैंI पन्हाला किला मराठा सैन्य विचारधारा की शुरुआत 17वीं शताब्दी में मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज के शासनकाल के समय 1670 ई. में हुई और यह बाद के नियमों के अनुसार 1818 ई. तक चले पेशवा शासन तक जारी रही.   सुशासन, सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक कल्याण पीएम मोदी ने आगे लिखा, "जब हम गौरवशाली मराठा साम्राज्य की बात करते हैं, तो हम इसे सुशासन, सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक कल्याण पर जोर से जोड़ते हैं. महान शासक किसी भी अन्याय के आगे न झुकने के अपने साहस से हमें प्रेरित करते हैं. मैं सभी से इन किलों को देखने और मराठा साम्राज्य के समृद्ध इतिहास के बारे में जानने का आह्वान करता हूं." पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट करते हुए लिखा, "ये 2014 में रायगढ़ किले की मेरी यात्रा की तस्वीरें हैं. छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन करने का अवसर मिला था. उस यात्रा को मैं हमेशा संजो कर रखूंगा." महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस उपलब्धि पर एक्स पोस्ट में लिखा, "सचमुच, यह महाराष्ट्र और भारत के लिए एक अद्भुत क्षण है." उन्होंने संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का जिक्र करते हुए कहा, "इसे संभव बनाने के लिए आपके सभी प्रयासों और समर्थन के लिए धन्यवाद." वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह सम्मान भारत की प्राचीन सभ्यता और मराठा साम्राज्य की वास्तुकला की उत्कृष्टता को रेखांकित करता है. 'गौरव का क्षण…' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "यह सभी देशवासियों के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है, जब UNESCO ने महाराजाधिराज छत्रपति शिवाजी महाराज जी के जीवन से जुड़े 12 किलों को UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया है. अभी कुछ ही दिन पहले रायगढ़ किले पर जाकर छत्रपति शिवाजी महाराज जी के जीवन से जुड़े प्रतीकों से आत्मसाक्षात्कार का सौभाग्य प्राप्त हुआ था." अमित शाह ने आगे कहा कि ये किले हिंदवी स्वराज की रक्षा के प्रमुख स्तंभ रहे हैं, और यहीं से स्वभाषा तथा स्वसंस्कृति के प्रति करोड़ों देशवासियों को सतत प्रेरणा मिलती रही है. ऐसा है इतिहास ये किले 17वीं से 19वीं सदी के बीच निर्मित हुए और मराठा साम्राज्य की सैन्य रणनीति, स्थापत्य कला और पर्यावरण के साथ सामंजस्य का प्रतीक हैं. इन किलों में रायगढ़, शिवनेरी, तोरण, लोहगढ़ और साल्हेर जैसे नाम शामिल हैं, जो मराठा शौर्य और साहस की कहानियां बयां करते हैं. इस उपलब्धि से महाराष्ट्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री और महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने किया पौधारोपण अभियान का शुभारंभ

भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा से पेड़-पौधों में भी जीवन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में पौधे अवश्य लगाना चाहिए मुख्यमंत्री और महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने किया पौधारोपण अभियान का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय वैदिक साहित्य और परंपरागत ज्ञान ने हमें सिखाया है कि पेड़-पौधों में भी जीवन है। इसी आधार पर हम पेड़ -पौधों की पूजा भी करते हैं और उनको अपना संरक्षक भी मानते हैं। वे हमारे लिए जीवन यापन का महत्वपूर्ण साधन भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन में महाकाल परिसर में पौधारोपण अभियान का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। अभियान का शुभारंभ मंत्रोउच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी और महाकालेश्वर मंदिर के महंत विनीत गिरी महाराज का शाल और महाकाल का प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बोस ने विदेशों में जाकर यह सिद्ध किया कि वनस्पतियों में भी जीवन है। वहां के लोगों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। विदेशी नागरिकों ने कहा कि जब आप यह बात भारत में बताएंगे तो आपकी खूब प्रशंसा होगी। इस पर डॉ. बोस ने बताया हम भारतीय तो परंपरागत ज्ञान से ही जानते हैं कि पेड़-पौधों में जीवन होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में पौधे अवश्य लगाना चाहिए। इससे हमें प्रकृति के उपकार को चुकाने अवसर मिलता है। हम कोशिश करें कि वर्षा ऋतु में पांच पौधे अवश्य लगाएं, इससे हम प्रकृति को उसके आशीर्वाद के बदले एक उपहार दे सकते हैं। इस अवसर पर उज्जैन प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद और संत उमेश नाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सतीश मालवीय, अनिल जैन कालूखेड़ा, संजय अग्रवाल और अन्य अतिथि उपस्थित रहे।  

लखनऊ में शुरू हुई कार्यशाला, CM योगी बोले– ‘पशुधन विकास से मिल सकती है पशुपालकों की समृद्धि’

लखनऊ  राजधानी लखनऊ में शनिवार को 'भारत में पशु नस्लों का विकास' विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के हाल में किया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य 'पशुधन में वृद्धि से पशुपालकों की समृद्धि' है। इस मौके पर योगी सरकार में पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बंघेल, केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन मौजूद रहे।  

दक्षिण अफ्रीका दौरे से बाहर हुए पैट कमिंस, फिटनेस को लेकर बढ़ी चिंता

किंग्स्टन ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान पैट कमिंस अगले महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज में नहीं खेलेंगे। तेज गेंदबाज का फोकस इस साल के अंत में होने वाली एशेज सीरीज की तैयारी पर है। पैट कमिंस को पहले ही मिचेल स्टार्क और ट्रेविस हेड के साथ वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में आराम दिया गया था। कमिंस गर्मियों में घरेलू मुकाबलों की तैयारी के लिए फिटनेस पर फोकस करेंगे। वहीं, जोश हेजलवुड पहले टीम में शामिल थे, लेकिन अब वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद वह स्वदेश लौटेंगे। उनकी जगह जेवियर बार्टलेट को टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, जोश हेजलवुड अगस्त में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में खेलने के लिए तैयार हैं। दोनों देश 10-24 अगस्त के बीच तीन टी20 और इतने ही मुकाबलों की वनडे सीरीज खेलेंगे। यह मैच डार्विन, केर्न्स और मैके में आयोजित होंगे। पैट कमिंस अक्टूबर की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज लिए वापसी की योजना बना रहे हैं। कमिंस नवंबर के अंत में होने वाली एशेज सीरीज से पहले भारत के खिलाफ सीमित ओवरों के कुछ मैच खेल सकते हैं। यह तेज गेंदबाज न्यू साउथ वेल्स के लिए शेफील्ड शील्ड मुकाबले भी खेल सकता है। पैट कमिंस ने सबीना पार्क में पत्रकारों से कहा, “अगले कुछ छह हफ्तों में मेरे पास ट्रेनिंग का शानदार मौका होगा। मुझे गेंदबाजी से ज्यादा जिम में मेहनत करनी होगी। मेरा शरीर काफी अच्छा महसूस कर रहा है, लेकिन कुछ छोटी-छोटी चीजें ऐसी होती हैं, जिन्हें आप हमेशा ठीक करने की कोशिश करते हैं। हमें न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ कुछ मैच खेलने हैं, संभवतः शील्ड मैच और फिर गर्मियों में कुछ घरेलू मुकाबले भी हैं।” कमिंस ने विश्व कप-2023 के फाइनल के बाद से सिर्फ दो बार ही वनडे में अपनी टीम की कप्तानी की है। भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान टखने की समस्या के चलते वह इस साल चैंपियंस ट्रॉफी में भी नहीं खेल पाए थे।