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पीने के साफ पानी की किल्लत, ग्रामीणों की सेहत पर संकट

संगरूर  पंजाब में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक अनूठी पहल के तहत, पंजाब के कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सुनाम विधानसभा क्षेत्र के चीमा कस्बे में बहुउपयोगी बस स्टैंड का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि अमन अरोड़ा की कल्पना पर आधारित यह अभिनव सुविधा राज्य में पहली बार सार्वजनिक परिवहन को समर्पित खेल परिसर के साथ एकीकृत करती है। जनता को यह सुविधा समर्पित करते हुए अरोड़ा ने कहा कि 5.06 करोड़ की लागत से 16,555 वर्ग फुट में निर्मित यह अत्याधुनिक बस स्टैंड केवल परिवहन केंद्र न होकर सामुदायिक गतिविधियों का सशक्त केंद्र है।  उन्होंने कहा, खेल सुविधाओं से युक्त यह बस स्टैंड मॉडल सार्वजनिक उपयोगिता को अधिकतम करने और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए छह बस काउंटर, विशाल प्रतीक्षालय, छह व्यावसायिक दुकानें, अड्डा फ़ीस कार्यालय, लोडिंग-अनलोडिंग प्लेटफार्म, सार्वजनिक पार्किंग और आधुनिक शौचालय ब्लॉक शामिल हैं। इससे यात्रियों और स्थानीय व्यवसायियों दोनों को सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित: NHM हड़ताल को झारखंड चिकित्साकर्मी संघ का समर्थन, केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग

 रायपुर महीनेभर से काम बंद कर हड़ताल पर बैठे एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को मंगलवार को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया है. इस बीच झारखंड के चिकित्साकर्मी संघ ने एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है. संघ की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है, जिसमें इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है. शिकायत में बताया गया कि 18 अगस्त 2025 से छत्तीसगढ़ के 16 हजार एनएचएम कर्मचारी अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने संघ के प्रतिनिधियों को आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत सरकार ने संघ के प्रमुख पदाधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया और आदेश जारी किया कि अगर कर्मचारी 16 सितंबर तक ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते तो उनकी जगह नए कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी. इसे कर्मचारी संघ ने दुर्भाग्यपूर्ण कदम बताया है. शिकायत में आगे कहा गया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ लंबे समय से विभिन्न माध्यमों से अपनी मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहा है, लेकिन समाधान के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए. इस संबंध में छतीसगढ़ प्रदेश एन एच एम कर्मचारी संघ द्वारा दिया गया ज्ञापन ही पूरी स्थिति को स्पष्ट करता है. साथ ही अनुरोध किया गया कि केंद्रीय स्तर पर व्यक्तिगत पहल कर छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं. संघ की चेतावनी संघ ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की मांगों पर उचित दिशा-निर्देश नहीं दिए तो झारखंड के एनएचएम और जेएसएसीएस कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होने को बाध्य होंगे.

गंगरेल बांध में मछली व पक्षी संरक्षण पर जनहित याचिका: हाईकोर्ट में मत्स्य विभाग का जवाब पेश

बिलासपुर गंगरेल बांध में मछली और पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए पेश जनहित याचिका पर हुई सुनवाई में राज्य शासन के मत्स्य विभाग ने जवाब पेश कर बताया कि 779 में से से 679 केज हटा दिए गए हैं. अब सिर्फ 100 केज हटाना बाकी है. इस मामले में चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई होगी. धमतरी की वाइल्ड लाइफ वेलफेयर सोसायटी ने जनहित याचिका लगाई है, जिसमें आरोप लगाया है कि, गंगरेल जलाशय में बिना वैध अनुमति के पिंजरों के जरिए बड़े पैमाने पर मछलियों का शिकार किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. याचिकाकर्ता का कहना है कि, शासन ने छह माह पूर्व ही इस अवैध गतिविधि को रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. मामले की सुनवाई के दौरान मत्स्य विभाग की ओर से प्रस्तुत शपथपत्र में बताया गया था कि जलाशय के लाभार्थियों ने जिला मजिस्ट्रेट-सह-कलेक्टर,धमतरी के समक्ष आवेदन देकर अपने पिंजरों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की, जिला धमतरी ने 24 फरवरी 2025 को कार्यपालक अभियंता, जल प्रबंधन संभाग को पत्र लिखकर पिंजरों के स्थानांतरण के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने का अनुरोध किया था. उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी इस संबंध में अभियंता से भेंट की, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका.इसकी जानकारी निदेशक (मत्स्य पालन) को भेजी गई थी. शपथपत्र में कहा गया कि फुटाहामुड़ा क्षेत्र, जो एक आर्द्रभूमि है, उसमें कुल 774 पिंजरे लगाए गए हैं और अधिकांश किसानों ने इन्हें स्थानांतरित करने पर सहमति जता दी है, जैसे ही सिंचाई विभाग उपयुक्त स्थान चिन्हित करेगा, पिंजरों का स्थानांतरण कर दिया जाएगा. आज हुई सुनवाई में मत्स्य विभाग ने कोर्ट को बताया कि, ज्यादातर केज हटा दिए गए हैं, जहां मछलियों का शिकार किया जा रहा था.अब मात्र 100 केज ही बचे रह गए हैं. धीरे धीरे इन्हें भी पूरा हटा लिया जाएगा. यह सुनने के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने 4 सप्ताह बाद अगली सुनवाई निर्धारित कर दी है.

सागर हत्याकांड: एक बार फिर सुशील पहलवान पर जांच की तलवार, झज्जर पुलिस ने भेजा समन

झज्जर सागर हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे दिल्ली के पहलवान सुशील की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अब झज्जर पुलिस ने उन पर एक और गंभीर आरोप की परतें खोली हैं। पुलिस का दावा है कि सुशील ने झज्जर के एक खिलाड़ी को हथियार उपलब्ध कराए थे। इसी सिलसिले में उन्हें प्रोटैक्शन वारंट पर लाने की तैयारी चल रही है। झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने प्रेसवार्ता में बताया कि हाल ही में अपराध शाखा ने छुछकवास के पास एक युवक को संदिग्ध हालत में पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से इटली निर्मित बराटा पिस्टल और आधा दर्जन जिंदा कारतूस बरामद हुए। युवक की पहचान विशाल उर्फ चोटीवाला निवासी बहरोड़, जिला झज्जर के रूप में हुई। कबूलनामे में आया सुशील का नाम पूछताछ के दौरान विशाल ने बताया कि वह अंडर-19 नेशनल में खेल चुका है और 2014 में छत्रशाल स्टेडियम में कुश्ती सीखते समय उसकी मुलाकात सुशील से हुई थी। रिश्तेदारी के चलते उसका सुशील के घर आना-जाना भी था। आरोपी ने कबूल किया कि मई माह में रोहिणी कोर्ट पेशी के दौरान सुशील ने उसे एक गाड़ी से पिस्टल और बीस कारतूस लाने को कहा था। हथियार लेकर वह गांव पहुंचा और हवाबाजी में दर्जनभर गोलियां भी चला दीं। शेष कारतूस और पिस्टल उसके पास से बरामद हुए। अदालत और जमानत विवाद गौरतलब है कि सुशील को दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 मार्च को जमानत दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त को रद्द कर दिया। इसी बीच कोर्ट पेशी के दौरान हथियार सौंपने का आरोप सामने आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कमिश्नर डॉ. राजश्री के अनुसार, सुशील को प्रोटैक्शन वारंट पर लाने के बाद ही इस पूरे मामले की असलियत का खुलासा संभव हो सकेगा।

21 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम? बिहार के इन जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी

पटना बिहार में मानसून पूरी तरह एक्टिव है। पिछले तीन दिनों से पटना समेत कई इलाकों में बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी युक्त हवाएं राज्य के ऊपर सक्रिय हैं, जिससे बारिश की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश के ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण की भी पुष्टि की गई है। मौसम अगले पांच से सात दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, तापमान में किसी विशेष बदलाव के आसार नहीं हैं। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, पटना, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, नवादा, मधुबनी, दरभंगा, जमुई, नालंदा, अरवल, जहानाबाद, वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, समस्तीपुर में अलगे एक से तीन घंटे तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इधर, पटना समेत कई इलाकों में मंगलवार सुबह से ही बारिश हो रही है। जानिए, किस क्षेत्र में किस तारीख को बारिश के आसार     उत्तर पश्चिम बिहार (पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान)- 16 और 17 सितंबर को अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं। वहीं 18 से 21 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं।     विज्ञापन     उत्तर मध्य बिहार (मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर): – 16 और 19 सितंबर तक  अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं।     उत्तर पूर्व बिहार (सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा): 18 और 19 सितंबर तक अनके स्थानों पर बारिश के आसार हैं।     दक्षिण पश्चिम बिहार (भोजपुर, बक्सर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल)- 16 से 17 सितंबर तक अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं।     दक्षिण मध्य बिहार (गया, जहानाबाद, पटना, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय):-  17  और 18 सितंबर को अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं।     दक्षिण पूर्व बिहार ( भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, खगड़िया): – 17 से 18 सितंबर तक अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं। जानिए, किस जिले में कितना रहा अधिकतम तापमान मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी अगले 5 दिनों तक सामान्य बना रहेगा। पिछले 24 घंटे में पटना में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस, गया में 31.8 सेल्सियस, भागलपुर में 32.3 डिग्री सेल्सियस, पूर्णिया 33.4 डिग्री सेल्सियस, दरभंगा में 31.8 डिग्री सेल्सियस, बक्सर में 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

जैश सरगना मसूद अजहर के परिवार पर करारा प्रहार, ऑपरेशन सिंदूर से हड़कंप

नई दिल्ली  पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए किए गए ऑपरेशन सिंदूर में कुख्यात आतंकी मसूद अजहर के परिवार के चिथड़े उड़ गए हैं। यह कबूलनामा जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर ने की है। इस सैन्य कार्रवाई के महीनों बाद जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने यह स्वीकार किया है कि बहावलपुर में भारत द्वारा किए गए हमलों में आतंकी समूह के शीर्ष कमांडर मसूद अजहर के परिवार के 'टुकड़े-टुकड़े' हो गए थे। इंटरनेट पर वायरल एक वीडियो में, जैश कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी को यह बताते हुए सुना जा सकता है कि कैसे भारतीय सशस्त्र बलों ने उनके ठिकानों में घुसकर उन पर हमले किए। वीडियो में इलियास कश्मीरी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 7 मई को बहावलपुर के आतंकी अड्डे पर जब भारत ने हमला किया तो आतंकी मसूद अजहर का परिवार टुकड़ों-टुकड़ों में तक्सीम हो गया, रेजा-रेजा हो गया। मंच पर पीछे कई बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी वायरल वीडियो में कश्मीरी ने उर्दू में कहा, "आतंकवाद को गले लगाते हुए, हमने इस देश की सीमाओं की रक्षा के लिए दिल्ली, काबुल और कंधार से लड़ाई लड़ी। सब कुछ बलिदान करने के बाद, 7 मई को मौलाना मसूद अजहर के परिवार को बहावलपुर में भारतीय सुरक्षा बलों ने खत्म कर दिया।" कश्मीरी जिस मंच से यह कबूल कर रहा था और लोगों को संबोधित कर रहा था, उस मंच पर उसके पीछे कई बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी उसे घेरे हुए थे। नौ ठिकानों पर भारत ने किए थे हमले बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना के कुछ हफ़्तों बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मदऔर लश्कर-ए-तैयबा के कुल नौ ठिकानों पर रातोंरात हमले कर उसे ध्वस्त कर दिया था। उसी में बहावलपुर स्थित जैश -ए मोहम्मद का ठिकाना भी शामिल था। पाकिस्तान ने बाद में स्वीकार किया था कि हमलों में बहावलपुर, कोटली और मुरीदके के नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया था। ये सभी आतंकी ठिकानों के केंद्र रहे हैं।  

स्कूल के बाहर से नर्सरी छात्र का अपहरण, 6 घंटे में पुलिस ने बच्चे को छुड़ाया

पश्चिमी चंपारण बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के लौरिया थाना क्षेत्र स्थित व्यासपुर के एक निजी विद्यालय से अपहृत नर्सरी के छात्र को पुलिस ने गोरखपुर से सकुशल बरामद कर लिया है। छह वर्षीय आर्यन कुमार के अपहरण की सूचना सोमवार दोपहर उसके पिता अनुप कुमार श्रीवास्तव ने दी थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। विद्यालय के शिक्षक से मिली जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने बच्चे के बारे में पूछताछ की थी। जांच के क्रम में यह सामने आया कि अपहरणकर्ता पीले रंग की टी- शर्ट पहने हुए था और स्कूल के बाहर से ही बच्चे को लेकर चला गया। पश्चिम चंपारण के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ विवेक दीप के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के साथ- साथ मानवीय इनपुट के जरिए आरोपी की पहचान की गई। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पता चला कि आरोपी रामनगर स्टेशन से अवध असम एक्सप्रेस से गोरखपुर गया है। तत्काल गोरखपुर पुलिस, रेल जीआरपी और वरिष्ठ रेल अधिकारियों की मदद से बच्चे और आरोपी की जानकारी साझा की गई। गोरखपुर पुलिस और रेल जीआरपी की तत्परता से कार्रवाई करते हुए छात्र को छह घंटे के अंदर सुरक्षित बरामद कर लिया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बेतिया पुलिस टीम छात्र को लेकर वापस लौट आई है और आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस ने छह घंटे के अंदर गोरखपुर से बरामद कर लिया।

मारुति की नई मिड-साइज धाकड़ SUV Victoris हुई लॉन्च, कीमत ₹10.5 लाख से शुरू

मुंबई  स्वदेशी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने कुछ समय पहले ही अपनी नई मिड-साइज एसयूवी Maruti Suzuki Victoris का खुलासा किया था, लेकिन इसकी कीमतों की घोषणा नहीं की गई थी. लेकिन अब कंपनी ने इसकी कीमतों का खुलासा कर दिया है. इस कार को कुल छह ट्रिम लेवल में पेश किया गया है, और इसकी शुरुआती कीमत 10.5 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है, जबकि इसके टॉप-स्पेक वेरिएंट की कीमत 19.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है. कंपनी ने जानकारी दी है कि Maruti Victoris की बुकिंग 3 सितंबर, 2025 से शुरू हो चुकी है और इस कार को विशेष रूप से Maruti Arena शोरूम के माध्यम से बेचा जाएगा. Maruti Suzuki Victoris के पावरट्रेन और गियरबॉक्स इसमें मिलने वाले पावरट्रेन की बात करें तो इसमें Maruti Grand Vitara के ही इंजन विकल्प मिलते हैं. कार में तीन मुख्य पावरट्रेन हैं, जिनमें पहला 102 bhp की पावर देने वाला 1.5-लीटर, 4-सिलेंडर माइल्ड हाइब्रिड पेट्रोल इंजन, दूसरा 114 bhp की पावर देने वाला 1.5-लीटर, 3-सिलेंडर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन, और तीसरा 88 bhp की पावर देने वाला 1.5-लीटर पेट्रोल-सीएनजी इंजन शामिल हैं. Maruti Suzuki ने इसके CNG टैंक को अंडरबॉडी में स्थानांतरित कर दिया है, जिससे इसमें मिलने वाला बूट स्पेस खाली हो गया है. गियरबॉक्स विकल्पों की बात करें तो इसमें पेट्रोल इंजन के लिए 5-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमेटिक, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड के लिए ई-सीवीटी और सीएनजी वेरिएंट के लिए 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है. Maruti Victoris में पेट्रोल-ऑटो कॉन्फ़िगरेशन के साथ ऑल-व्हील ड्राइव का विकल्प भी दिया गया है. Maruti Suzuki Victoris की प्राइस लिस्ट Maruti Suzuki Victoris वेरिएंट के अनुसार एक्स-शोरूम कीमत वेरिएंट LXI VXI ZXI ZXI(O) ZXI+ ZXI+(O) 1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड 5-स्पीड MT 10.5 लाख रुपये 11.8 लाख रुपये 13.57 लाख रुपये 14.08 लाख रुपये 15.24 लाख रुपये 15.82 लाख रुपये 1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड 6-स्पीड AT – 13.36 लाख रुपये 15.13 लाख रुपये 15.64 लाख रुपये 17.19 लाख रुपये 17.77 लाख रुपये 1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड 6-स्पीड AT, AWD – – – – 18.64 लाख रुपये 19.22 लाख रुपये 1.5-लीटर CNG 5-स्पीड MT 11.5 लाख रुपये 12.8 लाख रुपये 14.57 लाख रुपये – – – 1.5-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड eCVT – 16.38 लाख रुपये 17.80 लाख रुपये 18.39 लाख रुपये 19.47 लाख रुपये 19.99 लाख रुपये इन कीमतों के अलावा, कंपनी ने Maruti Victoris के लिए मासिक सब्सक्रिप्शन की सुविधा भी पेश की है, जिसे 27,707 रुपये से शुरू किया गया है. ध्यान देने वाली बात यह है कि Maruti Suzuki की सब्सक्रिप्शन योजना के तहत मासिक किराये में वाहन की लागत, रजिस्ट्रेशन, मेंटेनेंस, इश्योरेंस और रोड साइड असिस्टेंस की सुविधा शामिल है. Maruti Suzuki Victoris का इंटीरियर इसके इंटीरियर की बात करें तो नए Maruti Victoris को ज़्यादा तकनीक-केंद्रित डैशबोर्ड डिज़ाइन के साथ कंपनी की मौजूदा Maruti Grand Vitara से काफ़ी अलग रखा गया है. इसके डैशबोर्ड के ऊपर एक बड़ा 10.25-इंच का इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन, दाईं ओर एक डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और तीन-स्पोक वाला स्टीयरिंग व्हील दिया गया है. गौरतलब है कि Maruti Victors को एक 5-सीटर कार के तौर पर पेश किया गया है. Maruti Suzuki Victoris में ADAS 2.0 के फीचर्स Maruti Victoris के सेफ्टी पैकेज में स्टैंडर्ड तौर पर छह एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, ट्रैक्शन कंट्रोल, ब्रेक असिस्ट, हिल होल्ड कंट्रोल और ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरेज जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इसके हायर वेरिएंट में 360-डिग्री कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और मारुति मॉडल में पहली बार लेवल 2 ADAS भी मिलता है. इसके अलावा, Maruti Victoris को भारत NCAP क्रैश सेफ्टी रेटिंग में 5-स्टार हासिल किया है. Maruti Suzuki Victoris के प्रतिद्वंद्वी सबसे नई Maruti Victoris का मुकाबला, अपनी ही सिबलिंग Maruti Grand Vitara से होने वाला है. ऐसा इसलिए, क्योंकि Maruti Victoris के अलावा Maruti Grand Vitara कंपनी की बेहद लोकप्रिय मिडसाइज़ एसयूवी है. इसके अलावा, भारत में इस कार का मुकाबला, Hyundai Creta, Kia Seltos, Toyota Urban Cruiser, MG Astor और Honda Elevate जैसी कारों से होने वाला है.

मध्यप्रदेश में कोदो-कुटकी की MSP पर खरीदी का आगाज़, 15 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू

 जबलपुर  मध्य प्रदेश सरकार पहली बार किसानों से कोदो-कुटकी खरीदेगी। इसकी शुरुआत जबलपुर के कुंडम तहसील से हो रही है। 15 सितंबर से सरकार को फसल बेचने वाले किसानों का पंजीयन शुरू हो गया है। कुंडम तहसील में करीब सात हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने कोदो-कुटकी की खेती की है।सीएम ने कहा कि इस कृषि उत्‍पाद को देश के साथ-साथ विदेश में भी पहुंचाया जाएगा. उन्‍होंने धान उत्‍पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रुपये बोनस देने की बात भी कही. प्रशासन ने यह जिम्मा कृषि विभाग को सौंपा है। जिसके बाद विभाग, किसानों से फसल खरीदने के लिए एफपीओ चयनित करेगा। पहले चरण में सिर्फ एक एफपीओ, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को यह काम दिया जाएगा। कृषि विभाग के उपसंचालक डॉ. एसके निगम ने बताया कि खरीदी में प्रदेश सरकार पारंपरिक पब्लिक-प्रोक्योरमेंट यानी धान, गेहूं जैसी खरीदी नहीं करेगा, बल्कि सरकार इसमें केवल व्यवस्था का समन्वय करेगी, जबकि खरीदे गए अनाज का भुगतान अन्न फेडरेशन कंपनी, भोपाल द्वारा किया जाएगा। राघवेंद्र सिंह (कलेक्टर जबलपुर) के अनुसार, इस बार जिले के कुंडम तहसील में किसानों से कोदो और कुटकी की खरीदी करने जा रहे हैं। एफपीओ के माध्यम से खरीदी होगी, जिसके लिए पंजीयन सोमवार से शुरू हो गया है। सरकार हर एक किलो पर 10 रुपये का समर्थन मूल्य भी देगी। देश में पहली बार ऐसा हो रहा यह देश में संभवत: पहली बार हो रहा है कि सरकार अनाज की खरीदी किए बगैर किसानों को बोनस देने जा रही है। सरकार का बोनस देने का मकसद प्रदेश में आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक किसानों को कोदी-कुटकी की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गत 3 जनवरी को जबलपुर में हुई कैबिनेट की बैठक में रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई थी। योजना में मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहन देने और किसानों से उचित दाम पर इसकी समरीदी का कार्य किया जाना है। बैठक में मिलेट्स का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रति किलो 10 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद सरकार ने मिलेट्स की खरीदी से लेकर इसके प्रसंस्करण, ब्रांडिंग व मार्केटिंग के लिए मिलेट्स फेडरेशन का गठन किया। कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में कोदो- कुटकी की बुवाई की गई है। मिलेट्स फेडरेशन को राजस्व विभाग से इसका फाइनल आंकड़ा मिलना बाकी है। इस तरह कोदो-कुटकी के रकबे के आधार पर सरकार किसानों को प्रति विटेयर 3900 रुपए के हिसाब से करीब 40 करोड़ का बोनस देगी। सचिव कृषि विभाग एम, सेलवेदन का कहना है कि जल्द ही किसानों के खाते में बोनस की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसकी तैयारी की जा रही है।

अमेरिका ने माना कूटनीति विफल, इजरायल ने गाजा पर तेज़ हमलों का आगाज किया

 तेल अवीव कतर में सोमवार को 60 मुस्लिम देशों की मीटिंग हुई, जिसमें इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ। वहीं उसी समय इजरायल में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मौजूद थे। उन्होंने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ कई घंटे तक मीटिंग की और मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि गाजा में जारी जंग का कोई कूटनीतिक समाधान होने की उम्मीद नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि हमास एक आतंकी और बर्बर संगठन है। वह जब तक सरेंडर नहीं करेगा, तब तक फिलिस्तीन के मसले पर किसी समाधान की उम्मीद करना बेमानी होगा। उनका यह स्टैंड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एकदम उलट है, जिन्होंने पिछले दिनों कहा था कि जल्दी ही गाजा में जंग समाप्त होगी। मार्को रुबियो के बयान से स्पष्ट है कि गाजा में अब इजरायल और आक्रामक हो सकता है क्योंकि उसे अमेरिका की ओर से समर्थन हासिल है। यही नहीं इजरायल ने गाजा पर हमले करना शुरू भी कर दिया है। सोमवार देर रात से ही इजरायल की ओर से गाजा पर हमले जारी हैं। रुबियो ने कहा कि हम चाहते हैं कि जंग समाप्त हो, लेकिन हमास एक आतंकी संगठन है, जो सरेंडर नहीं कर रहा है। उसके सरेंडर किए बिना गाजा में जंग का कोई कूटनीतिक समाधान निकलने की उम्मीद बेहद कम है। उन्होंने कहा कि हमास का घोषित लक्ष्य इजरायल की बर्बादी है। उसने लगातार कई हमले इजरायल पर किए हैं। इसलिए उसके खात्मे के साथ ही समाधान संभव है। फिलहाल गाजा में भीषण हमलों का दौर जारी है। इजरायल की चेतावनी के बाद से हजारों लोग गाजा छोड़कर निकल रहे हैं। इसी को लेकर रुबियो ने चेतावनी दी है कि हमास के पास कुछ दिन का ही वक्त बचा है। वह सीजफायर डील को स्वीकार कर ले या फिर गाजा पर इसी तरह बमबारी जारी रहेगी। इजरायल ने तो ऑपरेशन शुरू भी कर दिया है। हालांकि इजरायल के लिए भी राह आसान नहीं है। एक तरफ मुस्लिम देश एकजुट हैं तो वहीं यूरोप के कई मुल्क भी इजरायल के खिलाफ हैं। अब लग्जमबर्ग का भी कहना है कि वह संयुक्त राष्ट्र आम सभा में फिलिस्तीन को मान्यता देने के प्रस्ताव का समर्थन करेगा। इससे पहले ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी ऐसा प्रस्ताव रख चुके हैं। बता दें कि रुबियो ने इजरायल की यात्रा के बाद अब कतर का दौरा किया है। वहीं कतर के पीएम इस्लामिक देशों की मीटिंग से पहले अमेरिका गए थे। माना जा रहा है कि अमेरिकी दखल के चलते ही कतर शांत है और मध्यस्थता की मीटिंग जारी रखने पर सहमत है। वहीं नेतन्याहू का कहना है कि कतर पर हमले से पहले उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को जानकारी दी थी, लेकिन उनकी ओर से रोका नहीं गया।