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राज्यपाल पटेल ने हाट बाजारों में सिकल सेल और टीबी की स्क्रीनिंग कराने की दी सलाह

राज्यपाल पटेल का निर्देश: हाट बाजार में स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, सिकल सेल और टीबी पर खास ध्यान सिकल सेल अभियान की अवधि बढ़ाएं : राज्यपाल पटेल राजभवन में हुई समीक्षा बैठक भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हाट बाजारों में सिकल सेल और टीबी की स्क्रीनिंग शिविर लगाए जाने चाहिए जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की विरल आबादी तक पहुंच हो सके। उन्होंने कहा कि सिकल सेल जाँच के 100 दिवसीय अभियान की उपलब्धियां प्रभावी है और अभियान को 125 दिन तक बढ़ाया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल राजभवन के जवाहर खण्ड में बुधवार को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आगनबाड़ियों के साथ सतत संपर्क पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के प्रभावी संचालन में आगनबाड़ी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिलों के प्रवास के दौरान वह पीएम जनमन, धरती आबा अभियान, सिकल सेल और टी.बी. रोग की समीक्षा अनिर्वायत: करेंगे। उन्होंने अपेक्षा की है कि जिलों में राज्यपाल के प्रवास के दौरान कार्यक्रम स्थल पर टी.बी., सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जन प्रतिनिधियों का सहयोग प्राप्त करने की भी जरूरत बताई है। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सांसद और विधायक निधि से वित्तीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि वे सहयोग की जनप्रतिनिधियों से भी अपील करेंगे।    राज्यपाल पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सफलता में स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम कड़ी तक पहुंच बहुत महत्वपूर्ण है। समुदाय के बीच पहुंच कर स्वास्थ्य शिक्षा के प्रयास बहुत प्रभावी होते हैं। उन्होंने एकलव्य विद्यालयों में सिकल सेल जांच शिविरों के आयोजन की पहल की सराहना की। जनजातीय छात्रावास के प्राचार्य और शिक्षकों को सिकल सेल रोग के संबंध में सेंसेटाईज करने के प्रयास करने के लिए कहा है। राज्यपाल पटेल ने आयुर्वेदिक औषधियों की वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने सिकल सेल रोगियों को आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध करवाने को कहा। बताया गया कि विभाग द्वारा चयनित पायलट जिले धार में 1546 और बड़वानी में 1015 रोगियों को सिकल सेल की आयुर्वेदिक औषधियाँ दी जा रही है। प्रदेश में 17 सितम्बर से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान चलाया जाएगा। सिकल सेल के लिए संचालित 100 दिवसीय अभियान के दौरान सिकल सेल रोगियों को जेनेटिक कार्ड वितरण कार्य बहुत तेज गति से हुआ है। अभियान अवधि में 12 लाख से अधिक कार्ड वितरित हुए है। विभाग द्वारा 1 करोड़ वां कार्ड प्रधानमंत्री द्वारा वितरित करावाने की योजना है। प्रदेश में टी.बी. और सिकल सेल रोग प्रबंधन प्रयासों के परिणामों के बेहतर संकेत मिल रहे हैं। टी.बी. रोगियों के ड्रॉप आउट और मृत्यु दर में कमी दिख रही है। सिकल सेल प्रबंधन से मातृ मृत्यु दर में भी कमी होने की जानकारी मिली है।          बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संदीप यादव, आयुक्त आयुष श्रीमती उमा महेश्वरी, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुसलोनी सिडाना, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती जमुना भिड़े मौजूद थीं।        

बच्चों की मौत के बाद इंदौर में चूहों पर अभियान, ऑपरेशन रैट किल में मारे और पकड़े गए चूहों की जांच

इंदौर इंदौर के सरकारी एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से दो नवजातों की मौत के बाद पेस्ट कंट्रोल एजाइल कंपनी को हटाने की जानकारी सामने आई है। अब इस काम की मॉनिटरिंग के लिए मंगलवार रात डॉ. महेश कछारिया को असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट की नियुक्ति कर विशेष जिम्मेदारी।  अस्पताल में चूहों को पकड़ने के लिए चूहामार दवाइयां (कुछ विशेष तरह का पॉयजन, जिसका तुरंत असर हो) डाली जा रही हैं। साथ ही हर यूनिट में बड़े पिंजरे और रोडेंट ग्लू ट्रेप (जिसमें कुतरने वाले जीव, खासकर चूहे, फंस जाते हैं) लगाए जा रहे हैं। बता दें, नवजातों की मौत के मामले में डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया और सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव सहित अन्य पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कितने चूहे पकड़ाए, इसकी जवाबदेही इंचार्ज की चूहों को पकड़ने को लेकर तुरंत फीडबैक लिया जा रहा है कि रातभर में कितने चूहे पकड़े गए और कितने मारे गए। इसके लिए हर यूनिट के इंचार्ज की जवाबदेही तय की गई है कि 24 घंटे में क्या नतीजे रहे। इसमें NICU (Neonatal Intensive Care Unit) और PICU (Pediatric Intensive Care Unit) पर खास फोकस है। नवजातों को शिकार बनाते हैं चूहे दूसरी मंजिल पर इन NICU और PICU में पूरे कॉरिडोर में गार्डों को सख्त हिदायत दी गई है कि यहां किसी भी हालत में चूहों की एंट्री नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। दरअसल, इन दोनों यूनिट्स में उन गंभीर नवजात शिशुओं को रखा जाता है, जिनकी स्थिति काफी क्रिटिकल रहती है। इनमें से अधिकतर वेंटिलेटर पर रहते हैं। कम वजनी इन नवजातों का हर अंग नाजुक होता है। जिन गंभीर बीमारियों के कारण उन्हें इन यूनिट्स में एडमिट किया जाता है, उनकी वजह से वे पहले से ही काफी कमजोर रहते हैं और बीमारियों से लड़ने की क्षमता (Immunity Power) बहुत कम होती है। ऐसे में इन दूधमुंहे नवजातों को बड़े चूहे आसानी से अपने भोजन का शिकार बना लेते हैं। हाल की दो घटनाओं में, चूहों ने एक नवजात की चारों उंगलियां तक खा लीं। अस्पताल के बाहर बम चेक करने जैसी चेकिंग चूहों के आतंक को खत्म करने के लिए अस्पताल के और भी ज्यादा सख्ती की गई है। यहां तीन-तीन गार्डों की ड्यूटी लगाई गई है। वे दिन-रात एंट्री करने वाले अटेंडर्स के सामान को बारीकी से चेक कर रहे हैं कि उसमें कोई खाद्य पदार्थ तो नहीं है। इसके अलावा परिसर के बाहर, जहां सार्वजनिक पार्किंग और अस्पताल के बगीचे हैं, वहां किसी भी जूठन या अन्य वेस्ट खाद्य पदार्थ तो नहीं है, उस पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। सीढ़ियों और 6 लिफ्टों में चूहों पर नजर मुख्य सीढ़ियों सहित छह लिफ्टों में चूहो नजर आते हैं तो इसकी जानकारी तुरंत इंचार्ज को देने के लिए कहा गया है। इसे लेकर हर फ्लोर और अन्य स्थानों पर पर्चे चिपकाए गए हैं, जिनमें लिखा है कि यदि किसी स्टाफ को चूहे दिखें तो वे तुरंत इन नंबरों पर सूचना दें। आखिरी तक झूठ बोलते रहे जिम्मेदार केस में जिम्मेदार कहते रहे कि चूहों ने मामूली काटा है। मौत का कारण नवजात का हीमोग्लोबिन कम होना और अंदरूनी अंगों का पूरी तरह से विकसित न होना बताया गया। इन सारे झूठों का खुलासा शनिवार को तब हुआ, जब धार निवासी मंजू के नवजात का शव लेकर परिवार अपने गांव पहुंचा। वहां रात को लाइट नहीं थी, तो उन्होंने मोबाइल की रोशनी में शव की पैकिंग खोली। देखा तो एक हाथ की चारों उंगलियां गायब थीं और घाव देखकर सभी सिहर उठे। दरअसल, चूहों के लिए भोजन के रूप में नवजातों की उंगलियां ही सबसे पहले रहती हैं। वहां से वे धीरे-धीरे शरीर का बड़ा हिस्सा कुतर सकते हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि चूहों ने दो दिनों में उसे कितना जख्मी किया होगा। सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे मॉनिटरिंग चूहों की धरपकड़ के लिए हर कॉरिडोर, वार्ड और यूनिट में लगे सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जा रही है। हालांकि अस्पताल में चूहों का ज्यादातर मूवमेंट फ्लोर पर ही रहा है। साथ हा वे पलंग, स्लाइन बोतलों के स्टैंड, वार्डों में मरीजों और ड्यूटी रूम में रखी भोजन की छोटी आलमारियों और बड़ी टेबलों तक पहुंच जाते हैं। वे टेबलों और अलमारियों में रखी दवाइयां तक खा जाते हैं। खाने का लालच देकर घेराबंदी कर रहे चूहों की घेराबंदी के लिए सरकारी कैंसर और चाचा नेहरू अस्पताल की सीमा तक प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए टीमें उन्हें बिस्किट, केक और दानों का लालच देकर पास बुला रही हैं। हालांकि दिन में सक्रियता कम रहती है। कई स्थानों पर रात में रोडेंट ग्लू ट्रैप में अनाज के दाने रखे गए, जिससे चूहे लालच में आकर चिपक गए और मर गए। अलसुबह इन रोडेंट ग्लू ट्रैप में चिपके मृत चूहों को तुरंत उठाकर ठिकाने लगाया जा रहा है। ऐसे में बाहर और सड़कों पर मृत चूहे देखे जा रहे हैं। बड़े स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं दूसरी ओर, डीन द्वारा एजाइल कंपनी को हटाकर उसे ब्लैकलिस्टेड करने के लिए भोपाल पत्र लिखा गया है। इस मामले में एजाइल कंपनी पर सिर्फ एक लाख रुपए जुर्माना लगाकर खानापूर्ति कर दी गई, जबकि हटाने संबंधी अधिकृत पत्र की पुष्टि नहीं की गई। जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर भी अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। इन डॉक्टर्स को कारण बताओ नोटिस मंगलवार को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में इस मामले की कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरी कार्यवाही निष्पक्षता, पारदर्शिता और तथ्यों के आधार पर की जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं स्वास्थ्य सेवाओं की छवि को धूमिल करती हैं, दोषी व्यक्तियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी रोकथाम उपाय तुरंत लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल सुपरिटेंडेट डॉ. अशोक यादव, डॉ. बृजेश लाहोटी (HOD, PIC), प्रो. डॉ. मनोज जोशी और सहायक प्रभारी नर्सिंग अधिकारी कलावती भलावी को घटना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। डॉ. मुकेश जायसवाल (असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट और भवन प्रभारी), प्रवीणा सिंह (प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर), नर्सिंग ऑफिसर आकांक्षा बेंजामिन और श्वेता चौहान को सस्पेंड किया गया है। नर्सिंग … Read more

राजस्थान में टूटे 107 साल पुराने मानसून रिकॉर्ड, सितंबर में विदाई की उम्मीद

जयपुर राजस्थान में इस सीजन का मानसून ऐतिहासिक बन गया है। प्रदेश में 107 वर्ष बाद रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। वर्ष 1917 में राजस्थान में 844.2 मिमी वर्षा हुई थी, जो अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड था। इस वर्ष 2025 में मानसून सीजन के दौरान अब तक 693.1 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार औसत से अधिक वर्षा के कारण प्रदेश के सभी जिलों में जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अब मानसून धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। 11 सितंबर के बाद से बारिश में तेज गिरावट देखने को मिलेगी। पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से मानसून की गतिविधियां धीमी हो जाएंगी और 20 सितंबर के बाद प्रदेश से इसकी पूरी तरह विदाई की संभावना है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य में भारी बारिश की गतिविधियों से मंगलवार से ही राहत मिलने की पूरी संभावना है. इसके अनुसार पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, उदयपुर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह बारिश की गतिविधियों में गिरावट जारी रहने व केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इसी तरह पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों में भी आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी से गिरावट होने व 11 सितंबर से अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. इसके अनुसार मंगलवार को बाड़मेर, जैसलमेर व आसपास के जिलों में कहीं-कहीं हल्की व मध्यम बारिश होने की संभावना है। मानसून सीजन में प्रदेश में 23 जिलों में सामान्य से अत्यधिक, 17 जिलों में सामान्य से अधिक तथा 1 जिले में सामान्य वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में सीजन की सर्वाधिक वर्षा सिरोही जिले में हुई। यहां सीजन में कुल  2163 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं सीजन में एक ही दिन में सर्वाधिक वर्षा बूंदी के नैनवा में 502 एमएम दर्ज की गई। सामान्य से अत्यधिक वर्षा वाले राजस्थान के जिले:     अजमेर     बालोतरा      बारां     ब्यावर     बूंदी     चूरू     दौसा     धौलपुर     डीडवाना-कुचामन     गंगानगर     हनुमानगढ़     जयपुर     जालौर     झुंझुनूं     जोधपुर     करौली     कोटा     नागौर     पाली     फलौदी     सवाई माधोपुर     सीकर     टोंक इन जिलों में हुई सामान्य से अधिक वर्षा     अलवर     जैसलमेर     बांसवाड़ा     बाड़मेर     भरतपुर     भीलवाड़ा     बीकानेर     चित्तौड़गढ़     डीग     डूंगरपुर     झालावाड़     खेड़थल-तिजारा     कोटपूतली-बहरोड़     प्रतापगढ़     राजसमंद     सलूम्बर     उदयपुर वहीं इस सीजन में जैसलमेर में सामान्य वर्षा दर्ज की गई।

मध्यप्रदेश की प्रगति पर CM डॉ. यादव का बयान, राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कोलकाता में निवेशकों से सीधा संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर तेजी से गतिमान है। उन्होंने कहा कि रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के विजन को आत्मसात कर मध्यप्रदेश अपनी युवा शक्ति एवं उद्योग हितैषी नीतियों के साथ भारत के मानचित्र पर निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी कड़ी में बुधवार को कोलकाता में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर इंटरैक्टिव सत्र में निवेशकों से सीधा संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपार निवेश से ही मध्यप्रदेश में एक समृद्ध परिवेश का निर्माण होगा।  

तेजस ट्रेन के नए फेरे से इंदौर-मुंबई यात्रा हुई आसान, शेड्यूल में बदलाव यात्रियों के लिए खुशखबरी

इंदौर ट्रेन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को रेलवे ने बड़ा तोहफा दिया है। पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा विशेष रूप से यात्रा की मांग को ध्यान में रखते हुए मुंबई सेंट्रल से इंदौर के मध्य चलने वाली मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाए गए हैं। 30 सितंबर तक इस दिन चलेगी ट्रेन मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस स्पेशल ट्रेन(Tejas Express Indore-Mumbai) का अंतिम फेरा 12 सितंबर 2025 तक निर्धारित है। अब यह 29 सितंबर 2025 तक मुंबई सेंट्रल से प्रति सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को चलेगी। इंदौर-मुंबई सेंट्रल तेजस स्पेशल ट्रेन का अंतिम फेरा 13 सितंबर 2025 निर्धारित था। यह 30 सितंबर 2025 तक इंदौर से प्रति मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को चलेगी। ट्रेन पूर्व निर्धारित मार्ग, कोच कंपोजिशन दिन एवं ठहराव के साथ ही चलेगी। इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। आईआरसीटीसी पर बुकिंग तेजस स्‍पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, सेकंड एसी एवं थर्ड एसी कोच होंगे। ट्रेन टिकट बुकिंग पीआरएस काउंटर और आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से कर सकते हैं। 21 जुलाई से शुरू हुई थी बुकिंग ट्रेन संख्या 09085 एवं 09086 की बुकिंग 21 जुलाई से सभी पीआरएस काउंटरों एवं आईआरसीटीसी वेबसाइट पर प्रारंभ हुई। ट्रेनों के ठहराव, समय और संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

कोर्ट ने पिता को दी 4 साल की बेटी की कस्टडी, स्कूल इवेंट्स में होंगे दोनों साथ

रायपुर/बिलासपुर पति पत्नी के बीच सालों से चल रहा विवाद हाई कोर्ट में आपसी सहमति से सुलझ गया. दरअसल, बेटी की कस्टडी के मामले को लेकर विवाद को हाई कोर्ट ने मध्यस्थता से सुलह का प्रयास करने की पहल करते हुए दोनों को प्रशिक्षित मध्यस्थ के पास भेजा था. कई दौर की बैठकों के बाद दोनों आखिरकार सहमति से विवाद सुलझाने पर सहमत हो गए. वहीं, बेटी के जन्मदिन और पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में दोनों की उपस्थिति अनिवार्य होगी. रायपुर निवासी और वर्तमान में जबलपुर के डूमना एयरपोर्ट में पदस्थ सीआईएसएफ के जवान रवि कुमार राय ने धमतरी के फैमिली कोर्ट के आदेश के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. दरअसल, मां के पास रह रही 4 साल की बेटी की कस्टडी की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में मामला प्रस्तुत किया गया था. फैमिली कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था. इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की. जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की पहल करते हुए दोनों को प्रशिक्षित मध्यस्थ एडवोकेट बीनू शर्मा के पास भेजा. मध्यस्थ की मौजूदगी में दोनों के बीच बातचीत हुई, इसके बाद दोनों ने सहमति से विवाद सुलझाने का निर्णय लिया. महीने मे एक बार मिल सकेगी मां नाबालिग बेटी की कस्टडी पिता को दे दी गई है. मां को महीने में एक बार मुलाकात का अधिकार होगा. मुलाकात का समय और स्थान फोन पर आपसी सहमति से तय किया जाएगा. मां चाहे तो वीडियो कॉल पर भी बात कर सकेगी. मां को छुट्टियों में बेटी को अपने साथ ले जाने का अधिकार होगा, लेकिन पिता को इसकी पूर्व सूचना देनी होगी. स्कूल रिकॉर्ड में मां सह अभिभावक बेटी को दिए गए उपहारों का उपयोग करने का अधिकार होगा. बेटी के जन्मदिन और स्कूल की पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में मां की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी. स्कूल रिकॉर्ड में मां का नाम सह अभिभावक के रूप में दर्ज होगा. पुराने केस वापस लेगी पत्नी इसके अलावा मां ने घरेलू हिंसा अधिनियम और अन्य लंबित प्रकरणों को वापस लेने पर भी सहमति जताई. दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तय किया कि भविष्य में एक-दूसरे पर कोई नया केस दर्ज नहीं करेंगे.

गोलू अग्निहोत्री की संपत्ति पर ईडी का बड़ा कदम, 34 करोड़ की प्रॉपर्टी हुई अटैच

इंदौर  इंदौर के कांग्रेस नेता गोलू अग्निहोत्री पर प्रवर्तन निदेशालय(ईडी)ने शिकंजा कसा है। दस माह पहले गोलू के घर और दफ्तर में ईडी ने छापा मारा था। उस पर आनलाइन सट्टा चलाने व डिब्बा ट्रेडिंग का आरोप है। तब उसके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था। ईडी ने गोलू सहित उसके छह साथियों की 34 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। इसमें नकदी के अलावा कृषि भूमि, फ्लैट, पेट्रोल पंप, प्लाॅट सहित अन्य संपत्ति शामिल है।   गोलू के साथ उसके व्यापारिक साझेदार हितेश अग्रवाल, तरुण श्रीवास्तव, करण सोलंकी, धवल जैन, श्रीनिवास व अन्य है। ईडी की जांच में पता चला था कि गोलू व उसके साझेदारों ने कई प्लेफार्मों का संचालन कर सट्टा व डिब्बा ट्रेडिंग से करोड़ों रुपये कमाए। निवेशकों व प्रतिभागियों को पैसा हवाला चैनलों व क्रिप्टो के जरिए दिया जाता था। मनी लांड्रिंग कर पैसा इधर-उधर खपाया जाता था। गोलू की इंदौर के अलावा महाराष्ट्र व दूसरे शहरों में भी संपत्ति है। इसके अलावा मुबंई और पुणे में भी दफ्तार है।उसका भी पता लगाया जा रहा है। गोलू व उसके साथियों के तार दुबई तक सट्टा कारोबार से जुड़े है। कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष रह चुका है गोलू अग्निहोत्री शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष रह चुका है। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र का एक बार टिकट भी मिला था, लेकिन विरोध के कारण फिर प्रत्याशी बदला गया था। गोलू की गिनती कमल नाथ समर्थकों में होती है। गोलू के भाई राजा अग्निहोत्री व गोलू की पत्नी भी पार्षद रह चुकी है।  

ज्वेलरी केस में बड़ा खुलासा: व्यापारी की 11 करोड़ की ज्वेलरी जब्त, खर्चा-पानी के आरोप पर SP ने टीआई को किया निलंबित

रायपुर/खैरागढ़ 500 करोड़ रुपए से अधिक का टर्नओवर करने वाले राजधानी रायपुर के एक बड़े सराफा व्यापारी की 11 करोड़ से अधिक की ज्वेलरी को रोककर वसूली करने के आरोप में खैरागढ़ एसपी ने टीआई समेत 3 को तत्काल निलंबित कर दिया है. जानकारी के मुताबिक जंगल के रास्ते से करीब 10 किलो Gold ज्वेलरी लेकर आ रही कार को पुलिस चेकिंग पाइंट पर पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया गया. जानकारी के मुताबिक इस मामले में टीआई और अन्य कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है और पुलिस पर लेन-देन के भी आरोप लगे है. जिसके बाद खैरागढ़ एसपी लक्ष्य शर्मा ने गातापार थाना प्रभारी आलोक साहू, एसआई नंदकिशोर वैष्णव और प्रधान आरक्षक तैजान ध्रुव को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. कैसे पकड़ा गया मामला शनिवार रात गातापार में वाहनों की जांच के लिए बैरियर लगाया गया था. इसी दौरान मध्यप्रदेश से आ रही एक कार को रोका गया. तलाशी में सीट के भीतर से सोने के करीब 10 किलो का जखीरा मिला. दावा ये है कि कार सवारों के पास सोने से जुड़े किसी भी प्रकार के दस्तावेज की मौजूदगी नहीं थी, दावा एक ये भी है कि उस व्यापारी के पास इसके बिल मौजूद है और व्यापारी रायपुर सराफा बाजार का एक बड़ा व्यापारी है और वे सालाना 500 करोड़ से अधिक का टर्नओवर करते है. पुलिस जांच में सामने आया कि यह सोना महाराष्ट्र से एमपी होते हुए गातापार के जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ लाया जा रहा था. योजना इसे खैरागढ़ के ग्रामीण इलाकों से होकर रायपुर तक पहुंचाने की थी. गाड़ी का नंबर ट्रेस कर आगे की पड़ताल शुरू कर दी गई है. कुछ सूत्रों ने गोल्ड की ज्वेलरी के जगह कच्चे सोने की बात भी कही है, ये पुलिस की जांच में पता चलेगा कि ये ज्वेलरी थी या कच्चा सोना. चेकिंग पाइंट पर हुई डील? जानकारी के मुताबिक, कार को चेक पाइंट में लंबे समय तक रोके रखा गया. इस दौरान कुछ स्थानीय व्यापारी वहां पहुंचे और मामले को दबाने की कोशिश की. थाना प्रभारी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को देने के बजाय मात्र 2 हजार रुपए का चालान काटकर गाड़ी को छोड़ दिया. घटना की भनक लगते ही एसपी लक्ष्य शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया.

बिहार में पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, CM नीतीश ने तुरंत ट्रांसफर किया 1100 रुपए

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अन्तर्गत 1263.95 करोड़ रूपये की राशि एक करोड़ 13 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी) के माध्यम से हस्तांतरित की। नीतीश कुमार ने आज एक अणे मार्ग स्थित‘संकल्प'में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों को अगस्त माह की 1100 रूपये की पेंशन राशि उनके खाते में हस्तांतरित की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जून माह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं विधवा महिलाओं को हर माह मिलने वाली पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये प्रतिमाह कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरू से ही सभी वर्गों के उत्थान के लिए कई योजनाएँ चलाई हैं। समाज के कमजोर तबकों के हित के लिए सरकार निरंतर काम कर रही हैं। वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं विधवा महिलाओं की सहूलियत के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनायें चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी योग्य सामाजिक पेंशनधारी छूटे नहीं इसका विशेष ख्याल रखें। आज सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों को अगस्त माह की 1100 रुपये की पेंशन राशि उनके खाते में अंतरित की गई है। सरकार सभी के जीवन को सम्मानजनक तथा बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष समाज कल्याण विभाग द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने बताया कि समाज कल्याण विभाग सभी योग्य सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को इसका ससमय लाभ दिलाने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि माह जून एवं जूलाई 2025 की बढ़ी हुई दर से पेंशन राशि का हस्तांतरण मुख्यमंत्री के द्वारा पहले किया जा चुका है। अगस्त माह का मासिक पेंशन राशि का भुगतान 1100 रूपये प्रति माह की दर से आज डीबीटी की माध्यम से किया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में पिछले माह की तुलना में एक लाख 23 हजार नये लाभुकों को स्वीकृति प्रदान की गई है। माह जून से अगस्त तक कुल पेंशनधारियों की संख्या में 2.22 लाख की वृद्धि हुई है। गौरतलब है कि आज 06 सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों के खाते में राशि अंतरित की गई। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशनधारियों की संख्या 35,38,296 है, जिनके खाते में आज कुल 389 करोड़ 30 लाख 96 हजार रूपये की राशि अंतरित की गयी है। मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत पेंशनधारियों की संख्या 51,98,211 है, जिनके खाते में आज 585 करोड़ 86 लाख 97 हजार 900 रूपये की राशि अंतरित की गयी है। इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशनधारियों की संख्या 6,35,719 है, जिनके खाते में आज 70 करोड़ 31 लाख 93 हजार 100 रूपये की राशि अंतरित की गयी है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्तता पेंशन योजना के अन्तर्गत पेंशनधारियों की संख्या 1,10,319 है, जिनके खाते में आज 12 करोड़ 13 लाख 79 हजार 700 रूपये की राशि अंतरित की गयी है। लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पेंशनधारियों की संख्या 8,81,680 है, जिनके खाते में आज 97 करोड़ 97 लाख 82 हजार 700 रूपये की राशि अंतरित की गयी है। बिहार नि:शक्तता पेंशन योजना के तहत पेंशनधारियों की संख्या 9,78,483 है, जिनके खाते में आज 108 करोड़ 33 लाख 2 हजार 300 रूपये की राशि अंतरित की गयी है। यह समावेशी विकास और सामाजिक न्याय को दर्शाता है। कार्यक्रम में  बंदना प्रेयषी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हरित पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय की निदेशक रंजीता, समेकित बाल विकास सेवायें निदेशालय के निदेशक अमित कुमार पांडेय, दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय के निदेशक योगेश कुमार सागर सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण एवं लाभार्थीगण कार्यक्रम से जुड़े थे।

टीकमगढ़ में 18 कॉलोनियों पर रोक, कलेक्टर ने अवैध घोषित किया प्लॉट और नामांतरण; राजनीतिक कॉलोनी भी प्रभावित

टीकमगढ़ टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने शहर की 18 कॉलोनियों को अवैध घोषित करते हुए उनके प्लॉट विक्रय और नामांतरण पर तत्काल रोक लगा दी है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश नगर पालिका नियम 2021 के तहत की गई है। आदेश के अनुसार, ये कॉलोनियां अनधिकृत तरीके से विकसित की गई थीं और नगर पालिका के मानकों का पालन नहीं कर रही थीं। कलेक्टर ने बताया कि कॉलोनी विकसित करते समय नियमों के अनुसार केवल 65% एरिया ही बेचा जा सकता है। शेष भूमि पर सड़क, गार्डन, मंदिर और सीवर लाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है, लेकिन किसी भी कॉलोनी में इन नियमों का पालन नहीं किया गया। इस कार्रवाई में भाजपा नेता की कॉलोनी सहित 18 लोगों के नाम शामिल हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह पहली कार्रवाई है, जिसके तहत प्लॉट विक्रय और नामांतरण पर रोक लगाई गई है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो दूसरी कार्रवाई में मामले दर्ज होंगे और तीसरी कार्रवाई के तहत अवैध कॉलोनियां तोड़ी जाएंगी। कलेक्टर ने कहा कि नियमों की अनदेखी से भविष्य में आम नागरिकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड को भी पत्र लिखा है ताकि शहर को नियमों के अनुसार विकसित किया जा सके। भाजपा जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत ने कहा कि वह इस मामले पर कलेक्टर से चर्चा करेंगी।