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कचरा और गंदा पानी बनेगा संसाधन! सरकार का इनोवेटिव प्लान बदलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर: मंत्री गडकरी

नई दिल्ली सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी वर्तमान में केंद्र सरकार में एक अहम चेहरा हैं. वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और अपने कामकाज की वजह से उन्हें अक्सर हाईवे मैन ऑफ इंडिया भी कहा जाता है. नितिन गडकरी ने  देश को प्रदूषण मुक्त करने और कचरा हटाकर उसका निस्तारण करने का सरकार का एक प्लान एबीपी के मंच से साझा किया है. नितिन गडकरी का कहना है कि भविष्य में टॉयलेट के पानी और कचरे से इमारतें व सड़कें बनाई जाएगी. चलिए जानें कि यह कैसे संभव होगा.  कचरे से कैसे बनेगी सड़क?  नितिन गड़करी ने सरकार का भविष्य का प्लान बताते हुए कहा, ‘80 लाख टन सॉलिड कचरा रोड बनाने के वक्त डाला गया है. दिल्ली-मुंबई हाईवे और UR2 रोड को बनाने में उस कचरे का इस्तेमाल किया गया है. अब सरकार का प्लान है कि 2027 खत्म होने से पहले इस देश का पूरा सॉलिड कचरा अलग करके रोड बनाने में डाला जाएगा और इससे देश को प्रदूषण के मुक्त किया जाएगा.’  टॉयलेट के गंदे पानी का कैसे होगा इस्तेमाल? नितिन गडकरी ने गंदे पानी के इस्तेमाल को लेकर कहा, ‘इसके अलावा टॉयलेट का जो गंदा पानी है, जो कि रिसाइकिल होता है उसको रिसाइकिल करके उसकी टेस्टिंग करके अब ऑर्डर निकाला जाएगा कि बिल्डिंग और रोड बनाने के लिए उस फिल्टर पानी का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे देश का प्रदूषण कम होगा और जनता को इससे मुक्ति मिलेगी.’ क्यों जरूरी है यह कदम? भारत में हर दिन लाखों टन कचरा और गंदा पानी निकलता है. अब तक इसका बड़ा हिस्सा खुले में फेंका जाता रहा है, जिससे नदियां, जमीन और हवा प्रदूषित हो रही हैं. अगर इन्हें निर्माण में उपयोग किया जाए तो कचरे का बोझ कम होगा और पर्यावरण पर दबाव घटेगा, साथ ही साथ शहरी विकास परियोजनाओं में सस्ती और टिकाऊ सामग्री की उपलब्धता भी बढ़ेगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो चुका है प्रयोग ऐसा नहीं है कि भारत में इस तकनीक का पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है, बल्कि ऐसी तकनीकें यूरोप और एशियाई देशों में पहले से अपनाई जा रही हैं. वहां सीवेज स्लज और रीसाइकिल्ड वेस्ट से हाईवे, फ्लाईओवर और पब्लिक बिल्डिंग्स बनाई जा चुकी हैं. भारत में यह कदम कचरे से संपदा मिशन के तहत उठाया जा रहा है.

15 साल का इंतजार खत्म, हरियाणा ओलंपिक गेम्स नवंबर में धमाका करने को तैयार

चंडीगढ़  पंद्रह साल का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। इस नवंबर हरियाणा फिर खेलों का अखाड़ा बनेगा, जहां तालियों की गड़गड़ाहट गूंजेगी और खिलाड़ियों के नाम पुकारे जाएंगे। प्रदेश का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ ‘हरियाणा ओलंपिक गेम्स’ भव्य अंदाज में लौट रहा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आयोजन को मंजूरी देते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक पल के गवाह वे खुद बनेंगे और गेम्स का उद्घाटन करेंगे। मंगलवार को हरियाणा ओलंपिक संघ (एचओए) अध्यक्ष कप्तान जसविंद्र मीनू बेनीवाल और प्रधान महासचिव एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। फर्जीवाड़े पर सख्ती खेलों में गड़बड़ी रोकने के लिए एचओए ने कड़ा कदम उठाया है। अब खिलाड़ियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट पर माता-पिता का नाम, आधार नंबर और जन्मतिथि दर्ज होगी। इससे नकली खिलाड़ियों की एंट्री पूरी तरह बंद होगी और मेहनत करने वाले असली खिलाड़ियों को ही लाभ मिलेगा। सेवा पखवाड़ा से जुड़ा खेल अभियान बैठक में पंचायत मंत्री पंवार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान 75 गांवों में व्यायामशालाएं और इंडोर स्टेडियम शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलेगा। सरकार का मानना है कि इन पहलों से गांवों में खेल संस्कृति, स्वास्थ्य और स्वच्छता—तीनों को बढ़ावा मिलेगा। हरियाणा ने खेलों में अपनी पहचान बनाई : बेनीवाल ओलंपिक संघ अध्यक्ष मीनू बेनीवाल ने कहा कि हरियाणा ने हमेशा खेलों में अपनी पहचान बनाई है। यहां के खिलाड़ियों ने ओलंपिक और एशियाई खेलों में देश को बार-बार मेडल दिलाए हैं। ऐसे में 15 साल बाद लौट रहे हरियाणा ओलंपिक गेम्स युवाओं में नया उत्साह भरेंगे। यह आयोजन न सिर्फ प्रतियोगिता का बड़ा मंच बनेगा, बल्कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में ‘खेलो हरियाणा – बढ़ो आगे’ के संदेश को भी मजबूत करेगा।

इंदिरा एकादशी व्रत 2025: शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और खास नियम

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत बहुत महत्व रखता है. एकादशी का व्रत श्रीहरि विष्णु भगवान के लिए रखा जाता है. साल में कुल 24 एकादशी के व्रत पड़ते हैं. इस व्रत को करने से समस्त पापों का नाश होता है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है. एकादशी के व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है. साल 2025 में आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस एकादशी का विशेष महत्व है क्योंकि यह व्रत पितृपक्ष के दौरान आता है. इंदिरा एकादशी के दिन उन लोगों का श्राद्ध कर्म किया जाता है जिनकी मृत्यु कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन हुई हो. इंदिरा एकादशी के दिन पूरी श्रद्धा और नियमों का पालन करते हुए व्रत करने से पितरों की कृपा के साथ-साथ भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही पितृ ऋण से मुक्ति भी मिलती है. इंदिरा एकादशी 2025 तिथि व समय     एकादशी तिथि प्रारंभ: 17 सितंबर 2025, बुधवार, रात 12:21 बजे     एकादशी तिथि समाप्त: 17 सितंबर 2025, रात 11:39 बजे व्रत पारण     एकादशी व्रत का पारण 18 सितंबर, गुरुवार को सुबह 6:07 से 8:34 बजे के बीच कर सकते हैं.     व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना अनिवार्य है. इस दिन द्वादशी तिथि रात 11:24 बजे समाप्त होगी. पूजन-विधि     इंदिरा एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें.     भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाकर धूप, फूल, तुलसीदल और पंचामृत से पूजा करें.     श्रीहरि को पीले वस्त्र और मौसमी फल अर्पित करें.     विष्णु सहस्रनाम या विष्णु मंत्र का जाप करें.     दिनभर उपवास रखते हुए पितरों का स्मरण करें.     शाम को कथा सुनें और भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करें. पंचांग के अनुसार एकादशी का व्रत शुभ योगों में रखा जाएगा. इस दिन परिघ योग का निर्माण हो रहा है. साथ ही शिव योग का संयोग रहेगा. इस व्रत को करने से श्राद्ध कर्म के अनुसार पुण्य फल की प्राप्ति होती है.

मौलाना शहाबुद्दीन का आरोप: वक्फ बोर्ड बन गया करप्शन का अड्डा, योगी सरकार करे कार्रवाई

बरेली ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि वक्फ बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए क्योंकि यह करप्शन का अड्डा बन चुका है। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए संतुलित फैसला सुनाया है। यह फैसला देश, समाज और मुसलमानों के हित में है।मौलाना ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड का दफ्तर रिश्वतखोरी का गढ़ बन चुका है। छोटी-छोटी मस्जिद, कब्रिस्तान या दरगाह की कमेटी गठित कराने के लिए वर्षों चक्कर लगाने पड़ते हैं और बिना रिश्वत कोई काम नहीं होता। लखनऊ का जुमला याद कराया, लगाए आरोप मौलाना ने कहा है किलखनऊ में यह जुमला मशहूर है कि वक्फ बोर्ड की एक-एक ईंट पैसा मांगती है। भाजपा सरकार करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, इसलिए वक्फ बोर्ड से जुड़े सभी भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चहेते हैं और 18 साल से सत्ता बदलने के बावजूद पद पर जमे हुए हैं। सपा, बसपा और यहां तक कि भाजपा शासनकाल में भी उन्हें कुर्सी पर बनाए रखा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनमें ऐसी कौन-सी खूबियां हैं, जिसकी वजह से उन्हें लगातार अध्यक्ष बनाए रखा गया। मुस्लिम संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के कुछ अहम प्रावधानों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने का मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) समेत कई संगठनों और धर्मगुरुओं ने सोमवार को स्वागत किया। शीर्ष अदालत में इस विवादित अधिनियम को चुनौती देने वाली जमीयत के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि उनका संगठन इस ‘काले कानून’ के ख़त्म होने तक ‘अपनी क़ानूनी और लोकतांत्रिक जद्दोजहद को जारी रखेगा।” वहीं, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि उसे अदालतों पर पूरा भरोसा है और इंसाफ मिलने की उम्मीद है।  

वोटिंग लिस्ट से नाम हटाएं तो क्या बदलाव होगा? यूपी चुनाव आयोग का ताजा आदेश

लखनऊ  यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग वोटिंग लिस्ट को दुरुस्त करने में जुट गया है। वोटर लिस्ट में सभी का नाम जोड़ने और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर प्रदेशभर से जुटे अधिकारियों की ट्रेनिंग कराई गई। ट्रेनिंग में 8 जिला निर्वाचन अधिकारियों और 137 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने हिस्सा लिया। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूची से नाम हटाने की कार्यवाही नियमों के अनुसार हो और सभी संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि ट्रेनिंग का उद्देश्य अधिकारियों को निर्वाचक नामावली से संबंधित कानूनी प्रावधानों, ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप, एनजीएसपी पोर्टल और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षित करना था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और समावेशी बनाना बेहद ज़रूरी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त ईआरओ अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में छोटे-छोटे समूहों में बीएलओ और सुपरवाइजरों को भी प्रशिक्षित करें। उन्होंने उन मतदान केंद्रों की पहचान कर कार्ययोजना बनाने के लिए कहा जहां लिंगानुपात (gender ratio) असंतुलित है, ताकि जागरूकता अभियान चलाकर सुधार किया जा सके। 18-19 आयु वर्ग के युवाओं को भी मतदाता सूची में शामिल करने पर विशेष बल दिया गया। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों में नए अनुभाग बनाने के निर्देश भी दिए गए। प्रशिक्षण में 2003 की मतदाता सूची को 2025 की सूची के साथ मैप करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। बीएलओ को घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित करने और मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों को दी गई इसकी जानकारी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम-1960 के तहत उनके कानूनी दायित्व बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ बेहतर समन्वय दावे और आपत्तियों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण ईआरओ नेट और बीएलओ ऐप जैसे तकनीकी पहलुओं का उपयोग आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण में मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका  

Asia Cup 2025 :सुपर फोर में होगी भारत-पाक भिड़ंत? 21 तारीख की टक्कर पर टिकी हैं निगाहें

दुबई  अपनी कमजोरियों और बाहरी विवादों से जूझ रही पाकिस्तानी टीम को अगर सुपर-फोर में पहुंचना है तो हर हाल में यूएई के खिलाफ 17 सितंबर को होने वाला मैच जीतना ही होगा. मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा.पाकिस्तान ने दो मैचों में एक जीत और एक हार दर्ज की है और फिलहाल वह दो अंकों के साथ ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर है. नेट रन रेट के आधार पर वह यूएई (दो अंक) से आगे है, लेकिन यहां एक भी चूक उसे बाहर का रास्ता दिखा देगी. पाकिस्तान का पीछा नहीं छोड़ रहा हैंडशेक विवाद हैंडशेक विवाद के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को हटाने की डिमांड रद्द कर दी गई है. पाइक्रॉफ्ट को टूर्नामेंट के पाकिस्तान के आखिरी लीग मैच के दौरान मैच रेफरी की भूमिका निभानी है. भले ही यह फैसला प्रशासनिक स्तर का है, लेकिन पाकिस्तान के खिलाड़ी इससे अपना ध्यान हटा पाएंगे ऐसा मुश्किल लगता है. भारत से हारते ही पाकिस्तान की कमियां उजागर भारत के खिलाफ सात विकेट की करारी हार ने इस पाकिस्तानी टीम की कमजोरी उजागर कर दी है. ओमान जैसी कमजोर टीम को बड़े अंतर से हराने के बाद पाकिस्तान को अपने बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण टी-20 में विश्व चैंपियन भारत के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा. एक जीत और सुपर-फोर में पाकिस्तान यूएई के खिलाफ जीत हासिल करने पर पाकिस्तान सुपर 4 में जगह बना लेगा. भारत पहले ही इस ग्रुप से अगले चरण के लिए क्वालीफाई कर चुका है. पाकिस्तान के क्वालीफाई करने पर दोनों टीम की टक्कर 21 सितंबर यानी रविवार को दुबई में होगी. पाकिस्तानी बल्लेबाज स्पिन खेलने में विफल रहे थे तो गेंदबाजों को भारतीय बैटर्स ने जमकर कूटा था. क्या पाकिस्तान को हरा सकता है UAE? यूएई की टीम भले ही भारत की तरह मजबूत नहीं है लेकिन वह उलटफेर करने में सक्षम है. ओमान के खिलाफ जीत से उसका मनोबल बढ़ा होगा, उसने भारत के खिलाफ मिली करारी हार के बाद अच्छी वापसी की है और उसकी टीम अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध होगी. कप्तान मोहम्मद वसीम और अलीशान शराफू जैसे बल्लेबाज टी-20 प्रारूप में काफी अनुभवी हैं. गेंदबाजी में यूएई के पास अनुभवी जुनैद सिद्दीकी और बाएं हाथ के स्पिनर हैदर अली हैं, लेकिन उन्हें साथी स्पिनर ध्रुव पाराशर और हर्षित कौशिक से अधिक सहयोग की आवश्यकता होगी. पाकिस्तान का स्क्वॉड: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमान, हारिस रऊफ, हसन अली, हसन नवाज, हुसैन तलत, खुशदिल शाह, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद वसीम जूनियर, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, सलमान मिर्जा, शाहीन अफरीदी, सुफयान मोकिम. संयुक्त अरब अमीरात का स्क्वॉड: मुहम्मद वसीम (कप्तान), अलीशान शराफू, अर्यांश शर्मा, आसिफ खान, ध्रुव पराशर, एथन डिसूजा, हैदर अली, हर्षित कौशिक, जुनैद सिद्दीकी, मतीउल्लाह खान, मुहम्मद फारूक, मुहम्मद जवादुल्लाह, मुहम्मद जोहैब, राहुल चोपड़ा, रोहिद खान, सिमरनजीत सिंह, सगीर खान.

दिल्ली के 50 हजार सीनियर सिटिज़न को मिलेगा गिफ्ट, पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुरू होगी खास स्कीम

 दिल्ली प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर दिल्ली के 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने रविवार को घोषित की गई तीन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में और जानकारी दी। योग्य पेंशनभोगियों को ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन जमा करने होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों से इस योजना का लाभ उठाने के लिए तुरंत आवेदन करने की अपील की, क्योंकि लाभार्थियों का चयन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा। रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि इस योजना के लिए चालू वित्त वर्ष में लगभग ₹149 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “50,000 नई पेंशनों के साथ कई परिवारों को वित्तीय राहत मिलेगी। यह इस बात को दर्शाता है कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि वरिष्ठ नागरिक सम्मान और गरिमा के साथ अपना जीवन जी सकें।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि भविष्य में लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है और अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है, तो सरकार बिना किसी देरी के अतिरिक्त बजटीय सहायता प्रदान करेगी। मार्च में अपने बजट भाषण में, मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 60-69 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मासिक सहायता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये की जा रही है और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि अमित शाह दिव्यांग बच्चों के लिए 10 नए 'रिसोर्स सेंटर' भी शुरू करेंगे, जिससे लगभग 12,500 बच्चों को लाभ होगा। ये केंद्र चिकित्सा, शैक्षिक और परामर्श सेवाओं को एकीकृत करेंगे, जिससे बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह पहल केवल स्कूल में प्रवेश के बारे में नहीं है। यह हर बच्चे के लिए गरिमा, सशक्तिकरण और समान अवसर के बारे में है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा चिकित्सा या सामाजिक जरूरतों के पूरा न होने के कारण पीछे न रह जाए।” मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, प्रत्येक केंद्र एक सेवा केंद्र के रूप में काम करेगा जिसमें छह विशेषज्ञों की एक टीम होगी, जिसमें एक स्पीच थेरेपिस्ट (वाक चिकित्सक), फिजियोथेरेपिस्ट (भौतिक चिकित्सक), ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट (व्यावसायिक चिकित्सक), और एक बिहेवियरल काउंसलर (व्यवहार परामर्शदाता) शामिल होंगे। ये टीम बच्चों की सीखने और रोजमर्रा की गतिविधियों में सहायता के लिए व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करेगी। सुश्री गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि इन सेवाओं का शैक्षिक उपलब्धि और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। मार्च में अपने बजट भाषण में, मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 60-69 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मासिक सहायता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 की जा रही है और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,000 की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि अमित शाह दिव्यांग बच्चों के लिए 10 नए 'रिसोर्स सेंटर' भी शुरू करेंगे, जिससे लगभग 12,500 बच्चों को लाभ होगा। ये केंद्र चिकित्सा, शैक्षिक और परामर्श सेवाओं को जोड़ेंगे, जिससे बच्चों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक संपूर्ण दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा।

पीने के साफ पानी की किल्लत, ग्रामीणों की सेहत पर संकट

संगरूर  पंजाब में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक अनूठी पहल के तहत, पंजाब के कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सुनाम विधानसभा क्षेत्र के चीमा कस्बे में बहुउपयोगी बस स्टैंड का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि अमन अरोड़ा की कल्पना पर आधारित यह अभिनव सुविधा राज्य में पहली बार सार्वजनिक परिवहन को समर्पित खेल परिसर के साथ एकीकृत करती है। जनता को यह सुविधा समर्पित करते हुए अरोड़ा ने कहा कि 5.06 करोड़ की लागत से 16,555 वर्ग फुट में निर्मित यह अत्याधुनिक बस स्टैंड केवल परिवहन केंद्र न होकर सामुदायिक गतिविधियों का सशक्त केंद्र है।  उन्होंने कहा, खेल सुविधाओं से युक्त यह बस स्टैंड मॉडल सार्वजनिक उपयोगिता को अधिकतम करने और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए छह बस काउंटर, विशाल प्रतीक्षालय, छह व्यावसायिक दुकानें, अड्डा फ़ीस कार्यालय, लोडिंग-अनलोडिंग प्लेटफार्म, सार्वजनिक पार्किंग और आधुनिक शौचालय ब्लॉक शामिल हैं। इससे यात्रियों और स्थानीय व्यवसायियों दोनों को सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित: NHM हड़ताल को झारखंड चिकित्साकर्मी संघ का समर्थन, केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग

 रायपुर महीनेभर से काम बंद कर हड़ताल पर बैठे एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को मंगलवार को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया है. इस बीच झारखंड के चिकित्साकर्मी संघ ने एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है. संघ की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है, जिसमें इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है. शिकायत में बताया गया कि 18 अगस्त 2025 से छत्तीसगढ़ के 16 हजार एनएचएम कर्मचारी अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने संघ के प्रतिनिधियों को आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत सरकार ने संघ के प्रमुख पदाधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया और आदेश जारी किया कि अगर कर्मचारी 16 सितंबर तक ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते तो उनकी जगह नए कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी. इसे कर्मचारी संघ ने दुर्भाग्यपूर्ण कदम बताया है. शिकायत में आगे कहा गया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ लंबे समय से विभिन्न माध्यमों से अपनी मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहा है, लेकिन समाधान के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए. इस संबंध में छतीसगढ़ प्रदेश एन एच एम कर्मचारी संघ द्वारा दिया गया ज्ञापन ही पूरी स्थिति को स्पष्ट करता है. साथ ही अनुरोध किया गया कि केंद्रीय स्तर पर व्यक्तिगत पहल कर छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं. संघ की चेतावनी संघ ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की मांगों पर उचित दिशा-निर्देश नहीं दिए तो झारखंड के एनएचएम और जेएसएसीएस कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होने को बाध्य होंगे.

गंगरेल बांध में मछली व पक्षी संरक्षण पर जनहित याचिका: हाईकोर्ट में मत्स्य विभाग का जवाब पेश

बिलासपुर गंगरेल बांध में मछली और पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए पेश जनहित याचिका पर हुई सुनवाई में राज्य शासन के मत्स्य विभाग ने जवाब पेश कर बताया कि 779 में से से 679 केज हटा दिए गए हैं. अब सिर्फ 100 केज हटाना बाकी है. इस मामले में चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई होगी. धमतरी की वाइल्ड लाइफ वेलफेयर सोसायटी ने जनहित याचिका लगाई है, जिसमें आरोप लगाया है कि, गंगरेल जलाशय में बिना वैध अनुमति के पिंजरों के जरिए बड़े पैमाने पर मछलियों का शिकार किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. याचिकाकर्ता का कहना है कि, शासन ने छह माह पूर्व ही इस अवैध गतिविधि को रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. मामले की सुनवाई के दौरान मत्स्य विभाग की ओर से प्रस्तुत शपथपत्र में बताया गया था कि जलाशय के लाभार्थियों ने जिला मजिस्ट्रेट-सह-कलेक्टर,धमतरी के समक्ष आवेदन देकर अपने पिंजरों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की, जिला धमतरी ने 24 फरवरी 2025 को कार्यपालक अभियंता, जल प्रबंधन संभाग को पत्र लिखकर पिंजरों के स्थानांतरण के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने का अनुरोध किया था. उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी इस संबंध में अभियंता से भेंट की, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका.इसकी जानकारी निदेशक (मत्स्य पालन) को भेजी गई थी. शपथपत्र में कहा गया कि फुटाहामुड़ा क्षेत्र, जो एक आर्द्रभूमि है, उसमें कुल 774 पिंजरे लगाए गए हैं और अधिकांश किसानों ने इन्हें स्थानांतरित करने पर सहमति जता दी है, जैसे ही सिंचाई विभाग उपयुक्त स्थान चिन्हित करेगा, पिंजरों का स्थानांतरण कर दिया जाएगा. आज हुई सुनवाई में मत्स्य विभाग ने कोर्ट को बताया कि, ज्यादातर केज हटा दिए गए हैं, जहां मछलियों का शिकार किया जा रहा था.अब मात्र 100 केज ही बचे रह गए हैं. धीरे धीरे इन्हें भी पूरा हटा लिया जाएगा. यह सुनने के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने 4 सप्ताह बाद अगली सुनवाई निर्धारित कर दी है.