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ग्रीव्स, रदरफोर्ड और वारिकन को क्रिकेट वेस्टइंडीज का अनुबंध मिला

नई दिल्ली क्रिकेट वेस्टइंडीज ने 2025-26 सीजन के लिए पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय रिटेनर कॉन्ट्रैक्ट्स की सूची में तीन बदलाव किए हैं। जस्टिन ग्रीव्स, शेरफेन रदरफोर्ड और जोमेल वारिकन को 15 सदस्यीय सूची में शामिल किया गया है। पूर्व टेस्ट कप्तान क्रेग ब्रैथवेट, विकेटकीपर-बल्लेबाज जोशुआ डी सिल्वा और ऑलराउंडर केवेम हॉज को इस बार सूची में जगह नहीं मिली है। ये कॉन्ट्रैक्ट्स 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे। महिलाओं के अंतरराष्ट्रीय रिटेनर की सूची में, तेज गेंदबाज जैनिलिया ग्लासगो और शॉनिशा हेक्टर को 13 खिलाड़ियों के साथ शामिल किया गया है, लेकिन शमिलिया कॉनेल, चेरी एन फ्रेजर, चेडियन नेशन और रशदा विलियम्स सूची में अपनी जगह नहीं बना सकीं। पुरुष खिलाड़ियों में शाई होप, शमार जोसेफ, ब्रैंडन किंग, अल्जारी जोसेफ, गुडाकेश मोती और जेडन सील्स को रिटेन किया गया है। वहीं महिलाओं की लिस्ट में हेली मैथ्यूज, स्टेफनी टेलर, डिएंड्रा डॉटिन और शेमाइन कैंपबेल शामिल हैं। इसके अलावा, 15 पुरुष और 14 महिला खिलाड़ियों को एकेडमी अनुबंध दिए गए हैं। वेस्टइंडीज पुरुष अनुबंध 2025-26 : सीनियर पुरुष : एलिक अथानाजे, कीसी कार्टी, रोस्टन चेज, जस्टिन ग्रीव्स, शाई होप, अकील होसेन, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, ब्रैंडन किंग, गुडाकेश मोती, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स, रोमारियो शेफर्ड, जोमेल वारिकन। स्टार्टर अनुबंध : ज्वेल एंड्रयू, जेदिया ब्लेड्स, जोहान लेयने। पुरुष एकेडमी : ऐकीम अगस्टे, रयान बंदू, जेडीया ब्लेड्स, रिवाल्डो क्लार्क, मावेंद्र डिंडयाल, जियोवोंटे डेपेइजा, नाथन एडवर्ड, डेमल एवलिन, अमारी गुडरिज, मबेकी जोसेफ, जोहान लेने, जिशान मोटारा, केल्विन पिटमैन, रेनिको स्मिथ, कार्लोन टकेट। वेस्टइंडीज महिला अनुबंध 2025-26 : सीनियर महिला : आलियाह अलीन, शेमाइन कैंपबेल, डिएंड्रा डॉटिन, अफी फ्लेचर, जानिलिया ग्लासगो, शॉनिशा हेक्टर, चिनेले हेनरी, जैदा जेम्स, किआना जोसेफ, हेली मैथ्यूज, अश्मिनी मुनिसर, स्टेफनी टेलर, करिश्मा रामह्रैक। स्टार्टर अनुबंध : जहजारा क्लैक्सटन, रीलेना ग्रिमोंड। महिला एकेडमी : अबीगैल ब्राइस, असाबी कॉलेंडर, नैजानी कंबरबैच, शबिका गजनबी, ब्रायना हरीचरन, त्रिशन होल्डर, जेनाबा जोसेफ, निया लिचमैन, समारा रामनाथ, अमृता रामटहल, सेलेना रॉस, शुनेले सॉह, स्टेफी सोग्रीम, केट विल्मोट।  

केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट! महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी, सैलरी में होगा इज़ाफा

नई दिल्ली दिवाली-दशहरा से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को कैबिनेट ने महंगाई भत्ता में (DA Hike) 3 फीसदी की बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया. इसके साथ ही अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है. यह बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी माना जाएगा.  जनवरी में कितनी हुई थी DA-DR बढ़ोतरी? इससे पहले, केंद्रीय कैबिनेट ने 1 जनवरी, 2025 से महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी की थी, जिससे लगभग 1.15 करोड़ केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी खुश हुए थे. इस बढ़ोतरी के बाद, महंगाई भत्ता, बेसिक सैलरी के 53% से बढ़कर 55% हो गया था. ये बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर तय फॉर्मूले के अनुसार की गई थी. बता दें क‍ि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से बचाने और उनकी जीवन-यापन लागत को समायोजित करने के लिए दिया जाता है. कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का बकाया दिवाली से ठीक पहले अक्टूबर के वेतन के साथ दिया जाएगा. इसका मतलब है कि कर्मचारियों की सैलरी में तगड़ी बढ़ोतरी होगी. इससे कर्मचारी और पेंशनर्स त्‍योहारों पर जमकर खरीदारी करेंगे.यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग के तहत आने वाले सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स पर भी लागू होगी. 2025 का दूसरा बड़ा हाइक दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA Hike) और महंगाई राहत (DR Hike) में बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान किया जा चुका है. यह इस साल का दूसरा महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी है. बता दें सरकार की ओर से साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन किया जाता है.  कितनी बढ़ेगी सैलरी?  अगर किसी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है तो कर्मचारी को प्रति माह ₹900 अतिरिक्त मिलेंगे, जबकि ₹40,000 वेतन वाले कर्मचारी को ₹1,200 अतिरिक्त मिलेंगे. तीन महीनों में, बकाया राशि कुल ₹2,700 से ₹3,600 होगी. यह त्‍योहारों के समय में एक बड़ी राहत होगी. CPI-IW आंकड़े पर निर्भर करता है डीए बढ़ोतरी औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) द्वारा मापी गई मुद्रास्फीति के रुझानों के आधार पर, महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को वर्ष में दो बार, जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है. हालांकि ऐलान अक्सर देर से होती हैं, लेकिन बकाया राशि इस देरी की भरपाई कर देती है. यह संशोधन सातवें वेतन आयोग के तहत अंतिम होने की उम्मीद है. जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू हो सकता है.  कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?  फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55% है. इसमें करीब 3% की बढ़ोतरी का ऐलान हो सकता है, जिसके बाद DA बढ़कर 58% हो जाएगा. ये बढ़ोतरी जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी. यानी कर्मचरियों को उनकी बेसिक सैलरी का 58% महंगाई भत्ते के तौर पर दिया जाएगा.  जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 60,000 रुपये है, उन्‍हें अभी महंगाई भत्ते के तौर पर 33,000 रुपये मिलता है. 3% की बढ़ोतरी के बाद उन्‍हें महंगाई भत्ते के रूप में 34,800 रुपये मिलेगा. यानी उनकी ग्रॉस सैलरी में 1,800 रुपये बढ़ जाएंगे.  करोड़ों कर्मचारियों को लाभ  कैबिनेट के इस फैसले के बाद महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा. इससे 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों या पूर्व कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.  65 लाख पेंशनभोगियों को भी मिलेगा फायदा जानकारी के अनुसार महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और तकरीबन 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। बता दें दोनों लंबे समय से इसके बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। अब महानवमी पर केंद्र सरकार के इस ऐलान ने केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। कब लागू होंगी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें जानकारी के अनुसार सातवें वेतन आयोग का अंतिम DA समायोजित होगा, क्योंकि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होने वाली हैं। केंद्रीय कर्मचारियों को अब आठवें वेतन आयोग के गठन का इंतजार है। बता दें केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों ने इस मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की है। यूनियन पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप कर आठवें वेतन आयोग के जल्द गठन की मांग की है।

टू-व्हीलर चलाते समय पुलिस को भी हेलमेट पहनना होगा जरूरी, नियम न माने तो लाइसेंस होगा कैंसिल

भोपाल   मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। वहीं, नियम ना मानने वालों पर बड़ी सख्ती की तैयारी की जा रही है। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने हेलमेट लगाने का नियम सभी के लिए कड़ाई से पालन करना होगा। फिर भले ही वो आमजन हो या पुलिस, सभी को वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाना होगा। पुलिस विभाग की ओर से इसके आदेश जारी किए गए हैं। मध्य प्रदेश में अब सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी या निजी काम के दौरान दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने वालों पर न केवल चालानी कार्रवाई होगी बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई और लाइसेंस निरस्ती भी की जाएगी।  पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि कई बार पुलिसकर्मी बिना हेलमेट वाहन चलाते हैं। इससे सड़क हादसों में गंभीर चोटें आने के साथ कई मौतें भी हो चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी वायरल होते रहते हैं, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित होती है। राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हर पुलिसकर्मी को हेलमेट लगाना जरूरी होगा। नियम की अवहेलना करने पर चालानी कार्रवाई को की ही जाएगी। साथ ही साथ, ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं. 30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. हेलमेट पर सख्ती  कार्रवाई के बावजूद भी अगर कोई पुलिसकर्मी हेलमेट लगाए बिना टू-व्हीलर वाहन चलाते पाए जाते हैं तो ऐसे पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। आपको बता दें कि, नियम का कड़ाई से पालन इसलिए भी नहीं हो पा रहा है क्योकि, कई बार देखा गया है कि, कुद पुलिसकर्मी ही वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं लगाए होते। ऐसे में आमजन के बीच ये भावना उत्पन्न होती है अगर हम हेलमेट नहीं लगाते तो चालानी कार्रवाई होती है और अगर पुलिस हेलमेट न लगाए तो कोई कारर्वाई नहीं। लोगों में बन रही ऐसी भावना से ना सिर्फ लोगों में नियम के प्रति गंभीरता नहीं दिख रही थी तो वहीं पुलिस विभाग की किरकिरी तक हो रही थी। सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं. 30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.

पन्ना में मजदूर को सड़क किनारे मिला 4 कैरेट का बेशकीमती हीरा, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

पन्ना  पन्ना जिले में एक बार फिर यह कहावत सच साबित हुई कि यहां की धरती किसी को भी रंक से राजा बना सकती है। पन्ना शहर से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खेरा माता के दर्शन कर लौट रहे एक मजदूर को सड़क किनारे जैम्स क्वालिटी का 4.04 कैरेट का हीरा पड़ा हुआ मिला। इस हीरे की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। ​रहूंनिया गुर्जर निवासी गोविंद सिंह आदिवासी (59 वर्ष) रोज की तरह सुबह खेरा माता के दर्शन के लिए गए थे। वापस लौटते समय उन्हें सड़क किनारे एक चमचमाता पत्थर दिखा, जिसे जिज्ञासावश उठाकर वह घर ले आए। परिवार को दिखाने पर उन्हें यह हीरे जैसा लगा, जिसके बाद वे इसे लेकर हीरा कार्यालय पहुंचे। हीरा पारखी अनुपम सिंह ने जब पत्थर की जांच की, तो वह 4.04 कैरेट का जेम्स क्वालिटी का हीरा निकला। ​गोविंद सिंह और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। नीलामी के पैसों से घर बनवाएंगे गोविंद गोविंद सिंह ने बताया कि वे सब्जी की खेती करते हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से वे माता रानी से प्रार्थना कर रहे थे कि वे ट्रैक्टर खरीद सकें। उन्होंने यह भी बताया कि नीलामी से मिलने वाले पैसों से वे पहले अपना अधूरा मकान बनवाएंगे और अगर अच्छी रकम मिली तो ट्रैक्टर भी खरीदेंगे। हीरो पार्क की अनुपम सिंह ने बताया कि यह जैम्स क्वालिटी का हीरा है जिसकी मार्केट में अच्छी डिमांड होती है इस हीरे को आगामी नीलामी में रखा जाएगा।  

संदीप पासवान को बांका पुलिस ने दबोचा, भेजी थीं हथियारों की तस्वीरें

बांका बांका पुलिस ने बिहार सरकार के भवन निर्माण मंत्री और अमरपुर विधायक जयंत राज कुशवाहा को फेसबुक मैसेंजर के जरिए जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। गिरफ्तारी पंजाब के लुधियाना से हुई और धमकी भेजने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। पंजाब से पकड़ा गया आरोपी एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा के अनुसार, मामला 22 सितंबर का है, जब मंत्री को उनके फेसबुक अकाउंट पर जान से मारने की धमकी भरा संदेश मिला था। इस संदेश में आपत्तिजनक टिप्पणियां, हथियारों की तस्वीरें और कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े होने का दावा किया गया था। धमकी के बाद, मंत्री जयंत राज के सचिव मोहन कुमार सिंह ने बांका जिले के अमरपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। आर्म्स एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तुरंत मामला दर्ज किया गया। वर्मा ने कहा, "मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, हमने बांका एसडीपीओ अमर विश्वास और साइबर डीएसपी अनूपेश नारायण के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया। तकनीकी निगरानी और साइबर ट्रैकिंग का उपयोग करते हुए, टीम ने आरोपी को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया।" गिरफ्तार आरोपी संदीप पासवान बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव का निवासी है। उसे आगे की पूछताछ के लिए ट्रांजिट रिमांड पर बिहार वापस लाया गया। पुलिस अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या पासवान का आपराधिक नेटवर्क से कोई वास्तविक संबंध था या गिरोह से जुड़ाव का दावा डराने के लिए किया गया एक झूठा दावा था।  

फेसलेस सर्विस प्रोजेक्ट के तहत परिवहन विभाग ने सेवाओं की संख्या बढ़ाकर 51 की, लाइसेंस बनाना हुआ आसान

भोपाल  अब ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, ट्रांसफर सर्टिफिकेट या बैंक कर्ज अदा होने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए परिवहन कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। परिवहन विभाग ने फेसलेस सर्विस एक्सटेंशन प्रोजेक्ट के तहत सेवाओं की संख्या 51 कर दी है।इसकी शुरुआत परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा, सचिव मनीष सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा मौजूद रहे। परिवहन मंत्री सिंह ने कार्यक्रम के दौरान राहवीर योजना के तहत घायलों की मदद करने वालों को सम्मानित किया गया। ऐसे ले सकेंगे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ     आवेदन और स्वीकृति अब ‘वाहन’ और ’सारथी’ पोर्टल से।     आवेदक के मोबाइल पर ओटीपी और आपत्तियों की सूचना मिलेगी।     शादी, पार्टी या सीजनल बिजनेस के लिए बसों के अस्थाई परमिट ऑटो-अप्रूवल सिस्टम से मिलेंगे।     वाहन कर जमा करना हो या अन्य राज्यों के वाहनों का टैक्स सब कुछ ई-चेकपोस्ट मॉड्यूल से होगा।     प्रदूषण जांच को पारदर्शी बनाने के लिए पीयूसी 2.0 सिस्टम लागू किया गया है।     जल्द ही प्रदेश में ई-डिटेक्शन चालान प्रणाली लागू होगी। नियम उल्लंघन पर स्वत: चालान कटेगा। 51 सेवाएं हुईं फेसलेस नई व्यवस्था में लर्निंग लाइसेंस, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस, पता-नाम बदलवाना, इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट, कंडक्टर लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन, डुप्लीकेट फिटनेस सर्टिफिकेट, कमर्शियल परमिट, अस्थाई परमिट जैसे काम ऑनलाइन होंगे। आवेदकों को सभी प्रमाणपत्र व दस्तावेज कोरियर के माध्यम से घर भेजे जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फेसलेस सेवा की शुरुआत भोपाल से हुई है। विभाग जल्द ही इसे पहले प्रदेश के बड़े शहर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में लागू करेगा, इसके बाद पूरे प्रदेश में विस्तार होगा। मंत्री बोले- विभाग के कई पद खाली पड़े उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग में कई पद खाली पद खाली पड़े हुए हैं। इन हालात में काम करना आसान नहीं है। यह विभाग प्रदेश के उन विभागों में गिना जाता है, जहां कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। आज भी केवल 1100 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा पद पदोन्नति, रिटायरमेंट और अन्य कारणों से खाली पड़े हुए हैं। पहले लाइसेंस या वाहन पंजीयन जैसी साधारण सेवाओं के लिए लोगों को दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। दलालों और बिचौलियों का बोलबाला था। आने वाले समय में विभाग में 175 कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त किए जा रहे हैं।

तमीम इकबाल ने बीसीबी चुनावों से नामांकन लिया वापस

ढाका बंगलादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने छह अक्टूबर को होने वाले बंगलादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के चुनाव से अपनी बुधवार को उम्मीदवारी वापस ले ली है। बाए हाथ के इस सलामी बल्लेबाज ने आज औपचारिक रूप से अपना नामांकन पत्र वापस लेने के लिए बीसीबी मुख्यालय का दौरा किया। बाद में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “आप जानते हैं कि आज हमने अपना नामांकन वापस ले लिया है। मुझे मिलाकर हममें से लगभग 14-15 लोगों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इस वापसी का कारण सभी को पता है मुझे नहीं लगता कि आपको कोई विवरण या स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता है।” तमीम ने शुरुआत में बीसीबी चुनाव में निदेशक पद के लिए चुनाव लड़ने में रुचि दिखाई थी, लेकिन आखिरी समय में उन्होंने अपना मन बदल लिया। नामांकन दाखिल करने के बाद, उन्होंने खुले तौर पर इस प्रक्रिया में सरकारी हस्तक्षेप का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मैं शुरू से ही एक बात कहता रहा हूं और अब आप सभी इस बारे में स्पष्ट हैं… यह चुनाव किस दिशा में जा रहा है या इसे कैसे संचालित किया जा रहा है। जो भी किसी भी समय सही लगता है, जो भी वे करना चाहते हैं, किया जा रहा है। वास्तव में चुनाव नहीं है और यह किसी भी तरह से क्रिकेट के अनुकूल नहीं है। मुझे यकीन है कि जब चुनाव आयोग आज नाम वापस लेने वालों की सूची देगा, तो आप उनके नाम देखकर समझ जाएंगे कि वे सभी अपने आप में बड़े नाम हैं, और उनका वोट बैंक भी बहुत मजबूत है। यह हमारा विरोध करने का तरीका है कि हम इस गंदगी का हिस्सा नहीं बन सकते।” उन्होंने कहा, “मैं यह भी कहना चाहूंगा, मुझे नहीं पता कि कितने लोग इसे स्वीकार करेंगे, लेकिन आज और भी कई लोग पीछे हट जाते। उन्हें रोकने के लिए तरह-तरह से समझाया या दबाव डाला गया है। लेकिन उनके अलावा, आज कई लोग पीछे हट जाते। फिर भी अगर आज 15 लोगों ने ऐसा किया है, अगर मैं सही हूं, तो यह एक बड़ी संख्या है। लगभग पचास प्रतिशत लोग पीछे हट गए हैं। मैं इस बारे में आपसे बाद में विस्तार से बात करुंगा।”  

जो सपने रह गये अधूरे, अब उन्हें मौका है पूरा करने का : संजय श्रीवास्तव

रायपुर नागरिक आपूर्ति निगम मुख्यालय नवा रायपुर में पदस्थ श्री सत्यनारायण सूर्यवंशी (एजीएम) को 62 वर्ष की अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण करने पर सेवानिवृत्त के अवसर पर भावभीनी बिदाई दी गई। यह समारोह दिनांक 30 सितम्बर 2025 को निगम के मुख्यालय नवा रायपुर स्थित सभा कक्ष में आयोजित किया गया। इस अवसर पर निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारी कों शाल, श्रीफल देकर सम्मानित किया। निगम कि ओर से उन्हे स्मृति चिन्ह, उपहार भी भेट किये गये। अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने अपने उदबोधन में कहा की रिटायरमेंट एक ऐसा समय है जब एक व्यक्ति अपने जिदंगी के एक महत्वपूर्ण अध्याय को पूरा करके नये सफर की शुरूआत करता है। रिटायरमेंट का पल हर इंशान के जीवन का एक खास मोड़ होता है। यह एक भावनात्मक क्षण है।   श्री एस.एन. सूर्यवंशी ने निगम की प्रगति में लगभग 37 वर्षो तक निष्ठापूर्ण सेवा देकर निगम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होनें सेवानिवृत्त अधिकारी के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद, एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दी।      इस अवसर पर निगम मुख्यालय रायपुर से प्रभारी प्रबंध संचालक/कार्यपालन संचालक वित्त  राजेश कुमार सिसोदिया, कंपनी सचिव-संदीप अग्रवाल, एजीएम-श्रीमती हेलना तिग्गा, महेन्द्र साहू, एस.बी. खापर्डे, डिप्टी एजीएम-मनोज वर्मा, श्रीमती प्रज्ञा कदम, त्रिनाधा रेड्डी, मैनेजर-टीके यदु श्रीमती शिर्षा राव, एन.के. मिश्रा, कर्मचारी संघ के महामंत्री अमृतांशु शुक्ला के साथ-साथ किशन चेलक, रजीत जैन, दिवाकर राव कदम, केशर सिंह मरकाम, शशी शर्मा, मनहरण यादव, पुनित धुव्र एवं निगम मुख्यालय के समस्त अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन को किया नमन

वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी हों संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन को किया नमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी प्रदेशवासियों से संकल्पित होने का आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवतुल्य वृद्धजन को नमन करते हुए कहा कि वृद्धजन किसी भी संस्कृति, राष्ट्र, समाज और परिवार के सशक्त आधार होते हैं, उनके विराट अनुभव, ज्ञान और संस्कार से युवा पीढ़ी को निरंतर प्रेरणा लेते रहना चाहिए। 15 लाख 75 हजार वृद्धजन को प्रतिमाह उपलब्ध कराई जा रही है पेंशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजन के मान-सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से राज्य के 15 लाख 75 हजार से अधिक वृद्धजन नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2024-25 में 1143 करोड़ 53 लाख रुपये राशि पेंशन के रूप में अंतरित की गई।  

सिंगापुर में गायक की मौत मामले में जुबीन गर्ग के मैनेजर और ऑर्गेनाइजर गिरफ्तार, दिल्ली से गुवाहाटी भेजा गया

गुवाहटी  पॉपलुर सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में दो बड़ी गिरफ्तारी हुई है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को बताया कि नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (एनईआईएफ) के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत और गायक जुबीन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा को कामरूप मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. अधिकारी ने बताया कि दोनों को सिंगापुर में गायक की मौत के सिलसिले में गिरफ्तार कर दिल्ली से गुवाहाटी लाया गया. महंत को सिंगापुर से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया, जबकि शर्मा को गुरुग्राम के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया. अधिकारी ने बताया कि शर्मा का पता लगाया और यह बात सामने निकलकर आई कि वह दिल्ली और राजस्थान जा रहा था. गुवाहाटी हवाई अड्डे पर उतरने के बाद, दोनों को कामरूप के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आवास पर ले जाया गया, क्योंकि दुर्गा पूजा के कारण अदालतें बंद थीं. अधिकारी के अनुसार, अदालत ने उन्हें 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. दोनों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आवास से सीआईडी ​​कार्यालय ले जाया गया. इस बीच, जुबीन की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग, जो दिवंगत गायक के तेरहवीं के अनुष्ठान के लिए जोरहाट में हैं, ने संवाददाताओं से कहा कि वह इस बात से संतुष्ट हैं कि दोनों को असम लाया गया है, क्योंकि 'हम सभी यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि उनके अंतिम क्षणों में उनके साथ क्या हुआ था'. गरिमा ने कहा कि उन्हें जांच टीम पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि अब उन्हें जल्द ही पता चल जाएगा कि सिंगापुर में असल में क्या हुआ था. इससे पहले असम सरकार ने सिंगर की मौत की जांच के लिए विशेष पुलिस महानिदेशक एमपी गुप्ता के नेतृत्व में 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पहले कहा था कि महंत और शर्मा के खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से एक 'लुकआउट नोटिस' जारी किया गया है, जिसमें उन्हें 6 अक्टूबर तक सीआईडी ​​​​के सामने पेश होने के लिए कहा गया है. शुरुआती रिपोर्ट्स में सिंगर की मौत की वजह समुद्र में डूबने से बताई जा रही है. बीती 19 सितंबर को जुबीन गर्ग की सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग करने गए थे. सिंगर सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में बतौर ब्रांड एंबेसडर शिरकत करने पहुंचे थे और इवेंट से एक दिन पहले ही उनकी मौत हो गई थी.