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‘सिस्टम हिल गया था’ – शिल्पा शिंदे के शो छोड़ने पर बोले मनमोहन तिवारी, जानिए क्या था कारण

मुंबई  'भाबी जी घर पर हैं' टेलीविजन का पॉपुलर शो है. शो को लेकर कई विवाद भी सामने आते रहते हैं. एक विवाद शिल्पा शिंदे को लेकर भी हुआ था.  शिल्पा ने शो में अंगूरी भाबी का किरदार निभाया था. उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग थी, लेकिन उनके अचानक शो छोड़ने के फैसले ने सबको हैरान कर दिया था. आज तक लोग ये नहीं जान पाए कि आखिर एक्ट्रेस ने करियर के पीक पर शो क्यों छोड़ा. 'भाबीजी घर पर हैं' में मनमोहन तिवारी का किरदार निभाने वाले रोहिताश्व गौड़ ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है.  शिल्पा शिंदे पर बोले रोहिताश्व गौड़ रोहिताश्व गौड़ से पूछा गया कि क्या जब शिल्पा शिंदे ने शो छोड़ा था, तो सिस्टम हिल गया था? सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- बहुत बड़ा सिस्टम हिल गया था. ऐसा लग रहा था कि शो बंद हो जाएगा. उनकी इतनी तगड़ी फैन फॉलोइंग थी कि दिल्ली की पॉलिटिकल पार्टीज उन्हें अपनी तरफ खींच रही थीं. उस समय स्मृति ईरानी के लेवल का क्रेज था. उन्होंने शो छोड़ा तो हम लोग हिल गए थे. लग रहा था प्रभु एक ओर राज योग दे रहा है. दूसरी तरफ चीजें खींच रहा है. मैं बहुत अपसेट हो गया था.  सलमान-प्रेम चोपड़ा ने की थी तारीफ  रोहिताश्व कहते हैं कि शिल्पा ने उस समय 'भाबीजी घर पर हैं' छोड़ा जब फिल्म स्टार्स तक शो की तारीफ कर रहे थे. उन्होंने कहा कि फिल्म एक्टर फोन करते थे. सलमान खान, जॉनी लिवर, प्रेम चोपड़ा और अनिल धवन ने आसिफ शेख को फोन करके शो की तारीफ की थी. भाबी जी सीरियल में भाभी जी शो छोड़ दें, तो क्या रह गया.  शिल्पा ने क्यों छोड़ा था शो आगे उन्होंने कहा कि उस समय जो गंदगी फैली. वो अलग था. वो किसी और पॉलिटिकल पार्टी के पास चली गईं कि मेरे साथ अनन्याय हुआ. जमाने भर का वो जो फैला ना उससे मन और खट्टा हो गया. रोहिताश्व ने शिल्पा के शो छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि प्रोड्यूसर और उनके बीच तनातनी हुई थी डेट्स को लेकर. शायद उनको कोई और प्रोजेक्ट भी करना था. वो शो के साथ दूसरा प्रोजेक्ट भी करना चाह रही थीं, लेकिन वो संभव नहीं था. क्योंकि भाबी जी चल रहा था और महीने में 22 दिन शूट करना है. तो ऐसे में कोई कैसे उन्हें दूसरा शो करने देगा. रोहिताश्व ने कहा कि शिल्पा ने भनक भी नहीं लगने दी कि वो शो छोड़ रही हैं और अगले दिन पता चला कि उन्होंने शो छोड़ दिया. ये हम सबके लिए बहुत शॉकिंग था. 

‘ताइवान की स्वतंत्रता कभी नहीं – जिनपिंग का राष्ट्रीय दिवस से पहले बड़ा बयान

चीन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का कहना है कि चीन ‘‘ताइवान की स्वतंत्रता'' को लेकर अलगाववादी गतिविधियों और बाहरी हस्तक्षेप का कड़ा विरोध करेगा और राष्ट्रीय संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की दृढ़ता से रक्षा करेगा। शी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की केंद्रीय समिति के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना की 76वीं वर्षगांठ मनाने के लिए बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में मंगलवार को आयोजित एक स्वागत समारोह में यह टिप्पणी की। शी ने कहा, ‘‘ताइवान जलडमरूमध्य में आदान-प्रदान और सहयोग को गहरा करने, 'ताइवान की स्वतंत्रता' की अलगाववादी गतिविधियों और बाहरी हस्तक्षेप का कड़ा विरोध करने और राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की दृढ़ता से रक्षा करने के पुरजोर प्रयास किए जाने चाहिए।'' इससे पहले, शी, सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और राज्य के अन्य नेताओं के साथ, मध्य बीजिंग के तियानमेन चौक पर एक समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय दिवस से एक दिन पहले, शहीद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। बुधवार से, चीन आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय दिवस मनाने के लिए एक सप्ताह का अवकाश मनाएगा। इस वर्ष द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी आक्रमण के विरुद्ध चीनी जन प्रतिरोध युद्ध में विजय की 80वीं वर्षगांठ भी है।   अपने संबोधन में, शी ने राष्ट्र के लोगों से कड़ी मेहनत करते रहने और आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। शी ने कहा, ‘‘चीनी राष्ट्र का महान कायाकल्प एक अभूतपूर्व कार्य है। आकांक्षाएँ और चुनौतियां, दोनों ही हमें हर पल का लाभ उठाने और अटूट उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।'' उन्होंने कहा कि नए चीन की स्थापना के बाद से 76 वर्षों में, सीपीसी ने आत्मनिर्भरता और निरंतर प्रयासों की भावना के माध्यम से लोगों को शानदार उपलब्धियं हासिल करने के लिए प्रेरित किया है।    

100 नकली नोट खपाने की कोशिश में दो नाबालिग गिरफ्तार

कांकेर नकली नोट खपाने की फिराक में घूम रहे दो नाबालिगों को कांकेर पुलिस ने पकड़ा है। इनके पास से 100-100 रुपए के कुल 53 जाली नोट बरामद किया गया। पुलिस ने कांकेर थाना में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर को सूचना मिली थी कि दो युवक दुकानों में नकली नोट देकर सामान खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईके एलीसेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिन्हा और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मोहसिन खान के निर्देशन में कांकेर पुलिस की टीम ने रेड कार्रवाई की। तलाशी के दौरान एक बालक के लोवर की जेब से 18 जाली नोट और दूसरे के जींस से 28 जाली नोट बरामद हुए। बाद में मेमोरण्डम के आधार पर 07 नोट और मिले। इस तरह कुल 53 नकली नोट जब्त किए गए। दोनों नाबालिगों के खिलाफ थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 358/2025 दर्ज कर धारा 179, 180, 305, 331(4) बीएनएस के तहत मामला कायम किया गया। दोनों को आज न्यायालय में पेश किया गया।

लाखों सरकारी कर्मचारियों की सैलरी फंसी, पर्यटन स्थलों पर भी लगा ब्रेक — क्या है कारण?

वाशिंगटन  दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में संघीय सरकार का कामकाज ठप हो गया है। इसे तकनीकी भाषा में 'गवर्नमेंट शटडाउन' कहा जाता है। यह संकट इसलिए पैदा हुआ क्योंकि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष के लिए सरकार को फंड देने वाला खर्च विधेयक (फंडिंग बिल) पास नहीं कर पाई। दरअसल रिपब्लिकन सांसदों ने एक ऐसा विधेयक पेश किया था जो सरकार को 21 नवंबर तक अल्पकालिक (शॉर्ट-टर्म) फंडिंग दे सकता था ताकि शटडाउन को टाला जा सके लेकिन मंगलवार शाम को हुए महत्वपूर्ण मतदान में यह बिल 55-45 के अंतर से पारित नहीं हो सका। सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी को इसे पास कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत थी। विपक्ष में बैठी डेमोक्रेट पार्टी ने इस बिल का विरोध किया जिसके कारण राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पहली बार सरकारी खजाना खाली हो गया और शटडाउन शुरू हो गया। क्या होता है 'शटडाउन'? शटडाउन का सीधा मतलब है कि संघीय सरकार के पास खर्च करने के लिए पैसा नहीं है। अमेरिका में हर साल 1 अक्टूबर को नया वित्तीय वर्ष शुरू होता है। इससे पहले सरकार को अपना वार्षिक बजट और खर्च की योजना संसद से पास करानी होती है। जब डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसद किसी कारण से इस खर्च विधेयक पर सहमत नहीं हो पाते और बिल पास नहीं होता तो कानूनन सरकार को गैर-जरूरी (Non-Essential) कामकाज बंद करना पड़ता है। यह कोई नई बात नहीं है। अमेरिकी राजनीति में बजट पर इस तरह का राजनीतिक गतिरोध सामान्य है। पिछले 50 सालों में अमेरिका में 20 बार सरकारी कामकाज फंडिंग की कमी के कारण अटक चुका है। विवाद की जड़ क्या है? राष्ट्रपति ट्रंप की सरकार लंबे समय से संघीय सरकार के खर्चों में कटौती करना चाहती है। हालाँकि विपक्षी डेमोक्रेट सांसद पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा शुरू किए गए 'ओबामा हेल्थ केयर सब्सिडी' कार्यक्रम को जारी रखने और बढ़ाने पर अड़े हैं। वहीं रिपब्लिकन पार्टी खर्चों में कटौती करने के अपने एजेंडे पर कायम है और इस सब्सिडी को बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। दोनों प्रमुख पार्टियों के अपने-अपने रुख पर अड़े रहने के कारण फंडिंग बिल पर सहमति नहीं बन पाई और बातचीत विफल होने के बाद शटडाउन की स्थिति आ गई।   बंद होने वाली सेवाएं: नेशनल पार्क और कई संघीय म्यूजियम बंद हो जाएंगे। सरकारी खाद्य मदद संबंधी कार्यक्रम रुक सकते हैं। संघीय मदद से चलने वाले स्कूल और छात्र ऋण से जुड़े काम भी बाधित होंगे। कई सरकारी दफ्तरों में काम रुकने से वीजा, पासपोर्ट जैसे जरूरी काम में देरी हो सकती है। जारी रहने वाली आपात सेवाएं: कुछ सेवाएं शटडाउन के बावजूद चलती रहती हैं क्योंकि वे जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए अति आवश्यक मानी जाती हैं: मेडिकल आपात सेवाएं। सीमा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था। हवाई सेवाएं (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) और सेना (Military)। हालांकि इन सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को भी शटडाउन खत्म होने तक सैलरी नहीं मिलती। आर्थिक नुकसान जानकारों का मानना है कि इस सरकारी बंदी का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार शटडाउन के चलते देश की आर्थिक विकास दर (GDP) में हर हफ्ते 0.1 से लेकर 0.2 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। पिछला सबसे लंबा शटडाउन साल 2018 में हुआ था जो 35 दिनों तक चला था और उसने अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुँचाया था।  

धारदार घटनाक्रम: महाअष्टमी की रात बदमाशों ने की फायरिंग, 1 की मौत, 1 घायल

नई दिल्ली महाअष्टमी की देर रात हावड़ा के संध्या बाजार इलाके में फायरिंग की घटना हुई। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ। घायल को हावड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटनास्थल पर हावड़ा सिटी पुलिस पहुंच मामले की जांच कर रही है। वहीं, अष्टमी की रात गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे बिहार के गोपालगंज के ग्राम पंचायत क्षेत्र के मुखिया सुरेश यादव (50) हावड़ा थाने के बिहारी बसु लेन पर टहल रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाशों ने कथित तौर पर उन्हें पीछे से तीन राउंड गोली मार दी। सुरेश मौके पर ही लहूलुहान अवस्था में गिर पड़े। सूचना मिलते ही हावड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उन्हें गंभीर हालत में हावड़ा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि सुरेश हावड़ा थाना क्षेत्र में घूमने आए थे। इसी मौके पर बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बदमाशों का बिहार से कोई संबंध तो नहीं है। घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए हैं।  

अमेरिका का अपमान नहीं सह सकता – ट्रंप ने नोबेल समिति पर साधा कटाक्ष

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने सात वैश्विक संघर्षों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है, इसके बावजूद अगर नोबेल पुरस्कार उन्हें नहीं दिया जाता है तो यह अमेरिका के लिए ‘‘बड़े अपमान की बात'' होगी। गाजा संघर्ष को समाप्त कराने की योजना का जिक्र करते हुए ट्रंप ने मंगलवार को क्वांटिको में सैन्य अधिकारियों को अपने संबोधन में कहा, ‘‘मुझे लगता है, हमने इसे सुलझा लिया है। अब, हमास को सहमत होना होगा और अगर वे नहीं मानते, तो उनके लिए बहुत मुश्किल होगा। सभी अरब, मुस्लिम राष्ट्र इससे सहमत हैं। इजराइल सहमत है। यह एक अद्भुत बात है कि सभी साथ आ गए हैं।'' ट्रंप ने कहा कि अगर सोमवार को घोषित गाजा संघर्ष को समाप्त कराने की उनकी योजना कामयाब हो जाती है तो उन्होंने कुछ ही महीनों में आठ संघर्षों को सुलझा लिया है। ट्रंप ने कहा, ‘‘यह शानदार है। कोई ऐसा कभी नहीं कर पाया। फिर भी, ‘क्या आपको नोबेल पुरस्कार मिलेगा?' बिल्कुल नहीं। वे इसे किसी ऐसे व्यक्ति को देंगे जिसने कुछ भी नहीं किया। वे इसे ऐसे व्यक्ति को देंगे जिसने डोनाल्ड ट्रंप के विचारों और युद्ध को सुलझाने के लिए क्या किया गया, इस पर कोई किताब लिखी है… जी हां, नोबेल पुरस्कार किसी लेखक को मिलेगा।   लेकिन देखते हैं क्या होता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लिए बड़े अपमान की बात होगी। मैं आपको बता दूं कि मैं ऐसा नहीं चाहता। मैं चाहता हूं कि यह देश को मिले। यह सम्मान देश को मिलना ही चाहिए क्योंकि ऐसा कुछ पहले कभी नहीं हुआ। इस बारे में सोचिएगा जरूर। मुझे लगता है कि यह (गाजा संघर्ष को समाप्त करने की योजना) सफल होगा। मैं यह बात हल्के में नहीं कह रहा, क्योंकि मैं समझौतों के बारे में किसी से भी ज्यादा जानता हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, आठ समझौते करना वाकई सम्मान की बात है।''    

PM मोदी का सहानुभूति संदेश: फिलीपींस में आए विनाशकारी भूकंप पर भारत खड़ा

फिलीपींस  फिलीपींस के सेंट्रल द्वीप प्रांत सेबू में मंगलवार रात एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.9 मापी गई। इस भूकंप के कारण कम से कम 69 लोगों की मौत हुई और लगभग 150 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद क्षेत्र में चार और झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 5 या उससे अधिक थी।भूकंप की केंद्रित स्थिति सेबू द्वीप के उत्तरी सिरे, बोगो शहर के पास थी, जो लगभग 90,000 लोगों का घर है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई भवन ढह गए और विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। सेबू प्रांत की सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में "आपदा की स्थिति" घोषित की है और जनता से आपातकालीन सहायता में सहयोग करने की अपील की है। गवर्नर पामेला बारिकुआत्रो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में कहा, "हम अभी भी नुकसान का आकलन कर रहे हैं, लेकिन स्थिति सोची गई से अधिक गंभीर हो सकती है। हमने राष्ट्रपति कार्यालय से संपर्क किया है और राहत सामग्री तथा मदद का अनुरोध किया है।" उन्होंने बताया कि कई घरों और अस्पतालों को नुकसान पहुंचा है और आपातकालीन मेडिकल टीमों को घायल लोगों के इलाज के लिए तैनात किया गया है।    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुःख जताया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपने संदेश में कहा, "फिलिपींस में भूकंप से हुई जनहानि और व्यापक नुकसान के बारे में जानकर अत्यंत दुःख हुआ। मेरी प्रार्थनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं और घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। इस कठिन समय में भारत फिलीपींस के साथ खड़ा है।"इस भूकंप के कारण कई सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की चेतावनी दी है।    

दीप्ति शर्मा ने किया कमाल, महिला वनडे विश्व कप में दोबारा कायम किया अनोखा कारनामा

गुवाहाटी भारत ने श्रीलंका के खिलाफ मंगलवार को गुवाहाटी में खेले गए ‘महिला विश्व कप 2025’ के पहले मुकाबले में डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर 59 रन से जीत दर्ज की। दीप्ति शर्मा को इस मुकाबले में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जिन्होंने बल्ले के बाद गेंद से अपनी चमक बिखेरते हुए ‘अनूठा कारनामा’ दोहराया। दीप्ति शर्मा ने वनडे क्रिकेट में दूसरी बार 50+ स्कोर के साथ 3 विकेट हासिल किए। उनके अलावा, इस लिस्ट में सिर्फ दो ही भारतीय महिला खिलाड़ियों का नाम शामिल है। छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरीं दीप्ति शर्मा ने 53 गेंदों में तीन चौकों के साथ 53 रन की पारी खेली। इसके बाद उन्होंने 10 ओवरों में 54 रन देकर 3 विकेट हासिल करते हुए भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले, साल 2017 में दीप्ति ने आयरलैंड के विरुद्ध नाबाद 51 रन बनाने के साथ 20 रन देकर 3 विकेट हासिल किए थे। दीप्ति के अलावा, जेमिमा रोड्रिग्स और शिखा पांडे यह कारनामा करने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। जेमिमा ने साल 2023 में बांग्लादेश के विरुद्ध 86 रन बनाने के साथ महज 3 रन देकर 4 विकेट हासिल किए थे। वहीं, शिखा पांडे साल 2014 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 59 रन बनाने के अलावा, 19 रन देकर 3 विकेट ले चुकी हैं। मंगलवार को बारसापरा क्रिकेट स्टेडियम में टॉस हारकर बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में 47 ओवरों में 8 विकेट खोकर 269 रन बनाए। टीम के लिए अमनजोत कौर ने सर्वाधिक 57 रन बनाए, जबकि दाप्ति शर्मा ने 53 रन की पारी खेली। इनके अलावा, हरलीन देओल ने 48 रन टीम के खाते में जोड़े। विपक्षी खेमे से इनोका रणवीरा ने सर्वाधिक 4 विकेट हासिल किए। डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर श्रीलंका को जीत के लिए 271 रन का टारगेट मिला, लेकिन श्रीलंकाई टीम 45.4 ओवरों में महज 211 रन पर सिमट गई। कप्तान चामरी अथापथु ने सर्वाधिक 43 रन बनाए, लेकिन श्रीलंका को जीत नहीं दिला सकीं। भारत के लिए दीप्ति शर्मा ने सर्वाधिक 3 विकेट झटके, जबकि स्नेह राणा और श्री चरणी को 2-2 सफलताएं हाथ लगीं।  

दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी से जूझ रहे युवांश के लिए आए 7 करोड़, अब नई उम्मीद की किरण

हरियाणा  हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल राजेश कुमार का बेटा युवांश स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित है। 9 अक्टूबर को युवांश का पहला जन्मदिन है, और परिवार को उम्मीद है कि उन्हें इस दिन लंबी जिंदगी का तोहफा मिल सकेगा। यह तोहफा स्विट्जरलैंड से आने वाला 9 करोड़ रुपए का एक विशेष इंजेक्शन है, जो उनके लिए जीवनरक्षक साबित होगा। महंगे इंजेक्शन के लिए क्राउड फंडिंग से जुटाए 7 करोड़ रुपए इस बीमारी के इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शन की मूल कीमत करीब 14.50 करोड़ रुपए है। लेकिन इंजेक्शन निर्माता कंपनी से बात करने पर, उन्होंने इसे 9 करोड़ रुपए में देने की सहमति दी है। अब तक क्राउड फंडिंग के जरिए 7 करोड़ रुपए जुटाए जा चुके हैं। 2 करोड़ रुपए और की आवश्यकता है। जैसे ही यह रकम पूरी हो जाएगी, इंजेक्शन स्विट्जरलैंड के जेनेवा से मंगवाया जाएगा। पुलिस कर्मी दे रहे हैं एक दिन का वेतन युवांश की मदद के लिए प्रदेश के 18 जिलों के पुलिसकर्मियों ने स्वेच्छा से एक-एक दिन का वेतन युवांश के इलाज के लिए दिया है। 4 और जिलों के पुलिस कर्मी भी इस महीने 1-1 दिन का वेतन देने वाले हैं। बता दें युवांश के पिता राजेश फतेहाबाद की साइबर शाखा में कॉन्स्टेबल हैं। मां किरण फतेहाबाद के फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट में क्लर्क के रूप में काम करती हैं। स्विट्जरलैंड से मंगवाया जाएगा जीवनदाता इंजेक्शन युवांश का इलाज जीन थेरेपी के जरिए होगा, जिसके लिए जोलगेन्समा नामक इंजेक्शन आवश्यक है। यह इंजेक्शन स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 का एकमात्र इलाज माना जाता है। राजनेताओं की मदद से जुटी बड़ी राशि     युवांश की मदद के लिए प्रदेश के कई मंत्रियों ने भी आर्थिक सहायता दी है।     ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अनिल विज ने 20 लाख रुपए की सबसे बड़ी ग्रांट दी।     अर्बन लोकल बॉडीज मिनिस्टर विपुल गोयल ने 9 लाख रुपए।     सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा, पर्यटन मंत्री राव नरबीर सिंह, पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने 5-5 लाख रुपए।     पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा और खेल मंत्री गौरव गौतम ने 2-2 लाख रुपए की ग्रांट दी। परिवार ने जनता से लगाई सहयोग की गुहार युवांश के पिता राजेश ने जनता से भी मदद की अपील की है ताकि 2 करोड़ रुपए की राशि जल्द से जल्द पूरी हो सके। उनका कहना है कि यह इंजेक्शन उनके बेटे के लिए जीवनदान से कम नहीं होगा।

अधिकारियों का बड़ा फेरबदल: पंजाब में 29 IAS/IPS अफसरों की नई पोस्टिंग

जालंधर डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व पंजाब द्वारा जारी आदेश की पालना करते हुए तथा लोकहित को ध्यान में रखकर जिले में पिछले लंबे समय से रजिस्ट्रेशन क्लर्क (आर.सी) की पोस्ट पर तैनात रहते आ रहे 29 जूनियर सहायकों व क्लर्कों के तबादले व नियुक्ति के आदेश जारी किए है। डीसी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन क्लर्क की परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें आगामी 6 महीनों के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव ने राज्य भर की तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की कवायद में ही लंबे समय से तैनात होते आ रहे सभी रजिस्ट्रेशन क्लर्कों के तबादले करने के आदेश जारी किए थे। ताकि कालोनाइजरों, अर्जीनवीस व अन्य लोगों के आर.सी के साथ सांठगांठ व नेक्सस को तोड़ा जा सके। इसी के तहत डीसी ने जिला से संबंधित 29 कर्मचारियों से आर.सी का कार्यभार वापस लेकर उन्हें अन्य प्रशासनिक विभागों में तैनात कर दिया है और उनके स्थान पर नए चेहरों को आर.सी लगाया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने एक अन्य आदेश जारी करते हुए जिला की तहसीलों व सब तहसीलों में तैनात 40 सेवादारों के तबादले करके उनकी नए स्थानों पर नियुक्ति की है। इन क्लर्कों व जूनियर सहायकों का हुआ तबादला इन आदेश में निखिल क्लर्क को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-से नजारत शाखा, इंदरपाल सिंह, क्लर्क को नज़रात शाखा से रजिस्ट्री क्लर्क जालंधर-1, जतिंदर सिंह, जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-1 से रीडर टू तहसीलदार जालंधर-1, पवन शर्मा क्लर्क को रीडर टू तहसीलदार-1 से रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-1, अरुण शर्मा को आर.आई.ए. शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2, अमरीक चंद जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2 से आर.आई.ए. शाखा, दीपिका शर्मा को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2 से असला शाखा, रणवीर सिद्धू जूनियर सहायक को असला शाखा से फुटकल-2 शाखा, अरुण भटेज़ा क्लर्क को फुटकल-2 शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार जालंधर-2, सतबीर कौर क्लर्क को दफ्तर तहसीलदार नकोदर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर एस.डी.एम. शाहकोट, परमिंदर सिंह जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क सब रजिस्टार शाहकोट से दफ्तर एस.डी.एम. शाहकोट, अभिषेक सिंगला क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम. शाहकोट से दफ्तर एस.डी.एम. फिल्लौर, जसवंत राय जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार फिल्लौर से दफ्तर एस.डी.एम. फिल्लौर, मुकेश कुमार क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम. फिल्लौर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार फिल्लौर, उमंग शर्मा जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार करतारपुर से डी.आर.ए. (एम.एंड.टी.) शाखा, सुमिंदर कौर क्लर्क को डी.आर.ए. (एम.एंड.टी.) शाखा से विकास शाखा, वरुण कुमार क्लर्क को विकास शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार करतारपुर, वरिंदर शर्मा जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार गोराया से दफ्तर तहसीलदार फिल्लौर, हरप्रीत सिंह क्लर्क को दफ्तर तहसीलदार फिल्लौर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार गोराया, राज कुमार जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार महितपुर से दफ्तर एस.डी.एम. नकोदर, अजय कुमार क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम. नकोदर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार महितपुर, हनी बांसल जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार नूरमहल से एच.आर.सी. शाखा, रिपुदमन क्लर्क को एच.आर.सी. शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार नूरमहल, सुरजीत सिंह जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार लोहीया से दफ्तर तहसीलदार शाहकोट, गुरप्रीत सिंह क्लर्क को दफ्तर तहसीलदार शाहकोट से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार लोहीया, राजिंदर सिंह क्लर्क को फुटकल शाखा से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार आदमपुर, सूरज विग क्लर्क को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर सब रजिस्टार आदमपुर से फुटकल-2 शाखा, परमजीत सिंह जूनियर सहायक को रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्ट्रार भोगपुर से दफ्तर एस.डी.एम. आदमपुर, बलजीत क्लर्क को दफ्तर एस.डी.एम आदमपुर से रजिस्ट्रेशन क्लर्क दफ्तर जॉइंट सब रजिस्टार भोगपुर तैनात किया है।