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12वें भोपाल विज्ञान मेले में एम.पी. ट्रांसको को मिला प्रथम स्थान

भोपाल विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत के तत्वावधान में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, स्थित ज्ञान विज्ञान भवन में आयोजित 12वें भोपाल विज्ञान मेले में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के स्टॉल को शासकीय वर्ग मे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। विज्ञान मेले के समापन समारोह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह पुरस्कार प्रदान किया। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एम.पी. ट्रांसको को इस सफलता पर बधाई दी है। नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकों का हुआ प्रदर्शन 26 सितंबर से प्रारंभ हुए इस मेले में एम.पी. ट्रांसको का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। स्टॉल में एम.पी. ट्रांसको द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क में उपयोग की जा रही अत्याधुनिक तकनीकों और नवाचारों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया। इनमें चार्ज ट्रांसमिशन लाइन पर हॉटलाइन तकनीक और वेयर हेंड तकनीक से सुधार कार्य, गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (जी.आई.एस.) तकनीक से संचालित एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के मॉडल सहित अनेक तकनीकी डिस्प्ले प्रमुख आकर्षण रहे। विद्यार्थियों और आगंतुको ने ट्रांसमिशन सिस्टम की बारीकियों को जिज्ञासा और उत्साह से समझा। शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने भी गत दिवस ट्रांसको के स्टॉल का अवलोकन कर ट्रांसमिशन सिस्टम में नई-नई तकनीकें और नवाचार के उपयोग को सराहनीय बताया था।  

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को हासिल हुई एनएबीएल की चार वर्ष की मान्यता

भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी (STPS) स्थि‍त कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्ट‍िंग एन्ड कैलिब्रेशन लेबोरेट्रीज (एनएबीएल) से चार वर्षों की नवीन मान्यता हासिल हुई है। सारनी कोयला गुणवत्ता प्रयोगशाला को यह मान्यता आईएसओ/आईईसी 17025:2017 के मानकों के अनुरूप प्रदान की गई है। कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को यह मान्यता 5 सितंबर 2029 तक की अवधि के लिए दी गई है। मान्यता सटीकता, विश्वसनीयता व पारदर्श‍िता का प्रतीक मध्यप्रदेश पावर जनेरटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने कहा कि सारनी कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को एनएबीएल से चार वर्ष की मान्यता प्राप्त होना प्रयोगशाला की कोयला परीक्षण की सटीकता, विश्वसनीयता व पारदर्श‍िता का परिचायक है। एनएबीएल द्वारा कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को मान्यता देने का कार्य कई चरणों में पूर्ण किया गया, जिसमें आन साइट सर्विलांस ऑडिट जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रि‍या शामिल थी। एनएबीएल द्वारा इसके अलावा प्रयोगशाला की कार्यप्रणालि‍यों, अभिलेखों और वहां पर कार्यरत कार्मिकों की क्षमता व कुशलता को परखा गया। इन समस्त मापदंडों में सारनी की कोयला प्रयोगशाला को सफलता मिली है। मानकों के अनुसार प्रतिबद्धता की पुष्ट‍ि अंतर्राष्ट्रीय मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की सारनी कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला की यह सफलता टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। इस मान्यता से अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार गुणवत्ता और क्षमता के प्रति प्रयोगशाला की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्ट‍ि होती है।  

भारतीय फार्मा सेक्टर को बड़ा तोहफा, चीन ने लगाया शुल्क मुक्त नीति

चीन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका लगा है। जहां एक ओर ट्रंप ने भारतीय फॉर्मा कंपनियों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाया था, वहीं दूसरी ओर चीन ने भारतीय फॉर्मा4 कंपनियों पर टैरिफ हटा लिया है। अभी तक चीन भारतीय फॉर्मा कंपनियों ने 30 प्रतिशत टैरिफ लेता था। अब चीन में बिना किसी शुल्क के भारतीय दवाएं निर्यात हो सकेंगी। चीन का यह फैसला ट्रंप के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत, चीन और रूस के साथ आने के बाद से ट्रंप को घेरने की योजना बन रही थी। अब दिशा में कदम उठाए जाने लगे हैं। चीन ने भारतीय दवाईंयों पर टैरिफ शून्य किया, भारत ट्रंप टैरिफ पर कोई प्रतिक्रिया नहीं कर रहा हैं, वहीं रूस ट्रंप की लाख धमकियों के बाद भी यूक्रेन के खिलाफ अपना रुख बनाए हुए है। तीन महाशक्तियों के एक साथ आने से ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। चीन पहले भी निवेश की कर चुका है पहल हाल ही में चीन के राजदूत ने भारत का दौरा किया था। इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने चीन का दौरा किया था। दोनों देशों के बीच एक बार फिर से ट्रेड डील की शुरुआत दिखाई दे रही है। चीन के राजदूत ने चीन में निवेश के लिए भारतीय कंपनियों का आव्हान किया था। उन्होंने भारत पर लगे 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ का विरोध किया था। चीन लगातार भारतीय कंपनियों के लिए नरम रुख दिखा रहा है। इन देशों के हो रही भारत की बात केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत ट्रेड के लिए नए देशों में भी संभावनाएं तलाश रहा है। कहा कि हम यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड, ओमान, पेरू और चिली के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। कतर और बहरीन के मंत्रियों ने हाल ही में भारत का दौरा किया था और भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने में रुचि व्यक्त की थी। यूरेशिया के साथ विचारार्थ विषय अंतिम रूप दे दिए गए हैं। यह विकसित देशों सहित कई देशों की भारत में रुचि को दर्शाता है। गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ भी हमारी व्यापार वार्ता जारी है।

पांडुर्णा में ऊर्जीकृत हुआ 200 एम.व्ही.ए. का नया पावर ट्रांसफार्मर

 महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण को मिली फ्लेक्सिबिलिटी : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि महाराष्ट्र के कमलेश्वर से विद्युत आदान-प्रदान को और अधिक विश्वसनीय एवं लचीला बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 13 करोड़ 47 लाख रुपये की अनुमानित लागत से पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर क्षमता वृद्धि करते हुए एक नया 200 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से अब महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण के लिए 40 एम.व्ही.ए. अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही इस ट्रांसफार्मर के जरिए आवश्यकता पड़ने पर पीजीसीआईएल बैतूल के 400 केवी सबस्टेशन से भी अतिरिक्त बिजली प्राप्त की जा सकेगी। इससे बोरगांव और मुलताई सहित छिंदवाड़ा जिले को पर्याप्त एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। क्षमता बढकर हुई 360 एमव्हीए एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमर कीर्ति सक्सेना ने बताया कि पूर्व में पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर 160 एम.व्ही.ए. क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मर स्थापित थे। उस व्यवस्था में महाराष्ट्र से विद्युत आदान-प्रदान में कभी-कभी दिक्कत आती थी, जिससे न तो मध्यप्रदेश को आवश्यकता अनुसार अधिक बिजली मिल पाती थी और न ही महाराष्ट्र को अतिरिक्त विद्युत दी जा सकती थी। इस कमी को दूर करने के लिए सबस्टेशन पर क्षमता वृद्धि की गई और अब नया 200 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। जिसे पांडुर्णा 220 के व्ही सब स्टेशन मे 220 केव्ही साइड की क्षमता बढ़कर 360 एम.व्ही.ए. हो गई है। इन क्षेत्रों को भी होगा लाभ पांडुर्णा में नए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से बोरगांव 132 केवी सबस्टेशन, मुलताई 132 केवी सबस्टेशन तथा 220 केवी सबस्टेशन छिंदवाड़ा से जुड़े जिले के विभिन्न क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पीजीसीआईएल बैतूल से भी अतिरिक्त विद्युत प्राप्त की जा सकेगी।  

लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन मानने का कनाडा का फैसला, भारत-कनाडा रिश्तों पर असर

नई दिल्ली भारत में संबंधों में सुधार के बीच कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। कंजर्वेटिव और एनडीपी नेताओं की मांग के बाद कनाडा सरकार ने यह फैसला लिया है। पिछले साल आरसीएमपी ने भारत पर बिश्नोई गिरोह का इस्तेमाल कनाडा के लोगों, खासकर खालिस्तान नामक एक अलग सिख देश के निर्माण की वकालत करने वालों को निशाना बनाकर हत्याओं और जबरन वसूली के लिए करने का आरोप लगाया था। हालांकि, भारत ने कनाडा के इन दावों को खारिज कर दिया था और कहा है कि वह ओटावा के साथ मिलकर गिरोह को रोकने की कोशिश कर रहा है। द कैनेडियन प्रेस के अनुसार, सेंटर फॉर इंटरनेशनल गवर्नेंस इनोवेशन के वरिष्ठ फेलो वेस्ली वार्क ने पहले कहा था कि आतंकवादी सूची में शामिल होने से इस गिरोह पर लगाम लगने की संभावना नहीं है, क्योंकि कनाडा की मुख्य समस्या आपराधिक खुफिया जानकारी इकट्ठा करने की क्षमता का अभाव है।

पंजाब में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा, CM मान के नेतृत्व में मोहाली बनेगा मेडिकल हब

चंडीगढ़  पंजाब को “रंगला, सेहतमंद, और भविष्य के लिए तैयार” बनाने की मुहिम में एक बड़ा कदम उठाते हुए, फोर्टिस हेल्थकेयर ने मोहाली में अपने कैंपस के विस्तार के लिए ₹900 करोड़ का ऐलान किया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि इस निवेश के तहत 400 से अधिक नये बेड्स जुड़ेंगे और इसे 13.4 एकड़ में फैला कर विश्वस्तरीय उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) बनाया जाएगा जिससे पंजाब मेडिकल, रोज़गार और आधुनिक सुविधाओं का नया गढ़ बन रहा है। प्रदेश सरकार की सक्रियता, मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदृष्टि और मज़बूत नेतृत्व के चलते, फोर्टिस का यह अभूतपूर्व निवेश प्रदेश के युवाओं के लिए 2,200 से अधिक नई नौकरियां और हजारों अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर लेकर आएगा। यह परियोजना सीधे–सीधे 2500 से ज़्यादा लोगों को रोज़गार देगी, जिससे पंजाब के युवाओं को भविष्य की हेल्थकेयर इंडस्ट्री में दमदार शुरुआत मिलेगी।   इस विस्तार में अत्याधुनिक ICU, कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, अंग प्रत्यारोपण, रोबोटिक सर्जरी, और 40 से ज़्यादा सुपरस्पेशलिटी सुविधाएं शामिल होंगी। मौजूदा फोर्टिस कैंपस पहले ही 375 बेड्स और 194 ICU बेड्स सहित, क्षेत्र में उच्चतम क्वॉलिटी की सेवाएं दे रहा है। राज्य सरकार ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की मज़बूत साझेदारी (Public–Private Partnership) के ज़रिये, पंजाब को हेल्थ और मेडिकल का ग्लोबल हब बनाने का निश्चय कर लिया है। इस विज़न के तहत न केवल मोहाली, बल्कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और अन्य ज़िलों में भी मल्टी–स्पेशलिस्ट अस्पतालों की शुरुआत की गई है, ताकि हर नागरिक को उनके घर के पास बेहतरीन चिकित्सा मिले।   फोर्टिस हेल्थकेयर ने 2013 से अब तक पंजाब में ₹1,500 करोड़ से भी अधिक का निवेश किया है और राज्यभर में आधुनिक, विश्वस्तरीय अस्पतालों का नेटवर्क बनाया है। लुधियाना में 259 बेड वाले सुपरस्पेशलिटी कैंपस, अमृतसर और जालंधर में भी अग्रणी स्वास्थ्य सेवाएँ दी जा रही है। यह निवेश योजना पंजाब के “Sehatmand, Rangla Punjab” विजन को धरातल पर उतारने का प्रमाण है — जहां हर नागरिक को समय पर, सुलभ और उम्दा स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो। स्वास्थ्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “पंजाब सरकार हेल्थकेयर में संपूर्ण परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश के नागरिकों को वैश्विक स्तर की सुविधाएँ देने के लिए लगातार निवेश और सुधार कर रही है” पंजाब सरकार द्वारा हॉस्पिटल PPP एक्ट पास करने के बाद, प्रदेश में निजी और सरकारी सहयोग से कई पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू हो रहे है, जिससे चिकित्सा संसाधन, नई तकनीकी, और डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर हुई है। इसका सीधा लाभ आम लोगों को फ्री या सस्ती सेवाओं के रूप में मिलेगा।इस मेडिकल हब के विकास से न सिर्फ मोहाली बल्कि पूरे पंजाब को मेडिकल टूरिज़्म में नई पहचान मिलेगी, और आने वाले वर्षों में पंजाब हेल्थकेयर इनोवेशन का नायक बनेगा। फोर्टिस के इस निवेश के चलते पंजाब नॉर्थ इंडिया के सबसे बड़े और रणनीतिक रूप से अहम हेल्थकेयर सेंटर के तौर पर उभरेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यभर में 800 से भी अधिक आम आदमी क्लीनिक, मुफ्त दवाई, और मुफ्त 38 प्रकार की डायग्नॉस्टिक सेवाएं शुरू की है जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में पंजाब का रैंकिंग ऊपर आई है और प्रदेश का हर नागरिक “सस्ती, समय पर, और गुणवत्तापूर्ण” चिकित्सा सेवा का लाभ उठा रहा है।पंजाब सरकार और फोर्टिस हेल्थकेयर की यह साझेदारी भविष्य के स्वस्थ्य, उन्नत एवं खुशहाल पंजाब के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी और पंजाब का शोर्य, मज़बूती एवं सेहत पूरे भारत व विश्व में उदाहरण बनेगा।  

5 लाख लोगों की शपथ बनी पोषण जनआंदोलन

शाजापुर में ‘घर में पकायेंगे और घर का खायेंगे’ बना पोषण सूत्र भोपाल मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले ने राष्ट्रीय पोषण माह 2025 को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जनांदोलन में बदल दिया है। “घर में पकायेंगे – घर का खायेंगे” नवाचार के माध्यम से जिले ने पोषण, स्वास्थ्य और पारिवारिक सहभागिता को एक सूत्र में पिरोते हुए राज्य स्तर पर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए, बाजार के अस्वास्थ्यकर खाद्य विकल्पों से दूर रहने का जो संदेश शाजापुर ने दिया है, वह न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। पोषण माह पर 17 सितम्बर को स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें दाल बाटी चूरमा, मक्के की रोटी, ज्वार-बाजरे की रोटियां, सोयाबीन से बने उत्पाद, अंकुरित अनाज और गुड़-चना जैसे पौष्टिक विकल्पों को लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया। 5 लाख से अधिक लोगों ने ली शपथ जिलेभर में इस अभियान के अंतर्गत वृहद हस्ताक्षर और शपथ अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 5 लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लेकर “घर का खाना – सबसे अच्छा खाना” का संकल्प लिया है। अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी, स्कूल शिक्षक, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। बाहर के खाने से होने वाले नुकसान पर विशेष फोकस अभियान के दौरान फास्ट फूड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के दुष्परिणामों पर विशेष रूप से जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अभियान कार्यकर्ताओं द्वारा बताया जा रहा है कि बाहर के खाने से बच्चों में मोटापा, मधुमेह, पोषण की कमी और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। “पोषण भी, पढ़ाई भी” का संदेश अभियान को “पोषण भी, पढ़ाई भी” थीम से जोड़ा गया है। बच्चों को पोषण के साथ-साथ शिक्षा का महत्व भी बताया जा रहा है। अभियान का एक लोकप्रिय नारा “दादी/नानी बताएंगी, पापा लाएंगे, मम्मी पकाएंगी, बच्चे खायेंगे” अब हर गांव और मोहल्ले में गूंज रहा है। संपूर्ण परिवार की भागीदारी कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने बताया कि यह केवल पोषण अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी का उदाहरण है। “इस नवाचार ने यह साबित किया है कि यदि सही जागरूकता और समुदाय की भागीदारी हो, तो किसी भी योजना को जन आंदोलन में बदला जा सकता है।” सोशल मीडिया से भी जुड़ा जन-जागरूकता अभियान जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। छोटे वीडियो, स्लोगन, पोस्टर और रील्स के ज़रिए खासकर युवाओं को इससे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 

परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं का विस्तारीकरण

परिवहन मंत्री श्री सिंह मंगलवार को करेंगे लोकार्पण भोपाल  परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं का विस्तारीकरण का लोकार्पण मंगलवार 30 सितम्बर को दोपहर 03:00 बजे परिवहन स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह करेंगे। लोकार्पण समारोह क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कोकता, भोपाल में आयोजित किया गया है। फेसलेस सेवाओें का विस्तारीकरण का मकसद पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यावसायिक दक्षता के साथ सेवाओं का विस्तार करना है। कार्यक्रम में हेलमेट एवं राहवीर पुरस्कार वितरण, फेसलेस सेवाओं पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया जायेगा। कार्यक्रम में सचिव परिवहन विभाग एवं आयुक्त परिवहन भी मौजूद रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोटेगांव पहुंचकर मंत्री पटेल की माताजी के निधन पर दी श्रद्धांजलि

शोकाकुल परिजन से मिलकर दी सांत्वना भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को नरंसिहपुर जिले के गोटेगांव में पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल के निवास पहुंचे और उनकी पूज्य माताजी श्रीमती यशोदा पटेल के निधन पर गहन शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत श्रीमती यशोदा पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दुख की इस कठिन घड़ी में शोकाकुल पटेल परिवार से भेंटकर उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दिवंगत माताजी से पूर्व में भेंट हुई थी। किसी के भी जीवन में मां की कोई प्रतिपूर्ति नहीं हो सकती है। मंत्री श्री प्रहलाद एवं परिजनों ने माताजी की हर जरूरत का हमेशा ध्यान रखा। माताजी का आशीर्वाद सदैव हम सबको मिलता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को मोक्ष प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और वे स्वयं व्यक्तिगत रूप से दु:ख की इस घड़ी में पटेल परिवार के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिवंगत माताजी सादा जीवन, उच्च विचार की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने धर्मपरायण और सात्विक जीवन जिया। उनके आचार-विचार हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। इस दौरान स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, विधायक श्री महेन्द्र नागेश, वरिष्ठ समाजसेवी श्री मुलायम सिंह पटेल, श्री सरदार सिंह पटेल, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, कमिश्नर जबलपुर श्री धनंजय सिंह भदौरिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बावड़िया पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को हरदा जिले के ग्राम बावड़िया में श्री राजेंद्र सिंह राजपूत के निवास पर पहुँचकर उनके पिता स्व. दयाराम राजपूत के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने और शोक संतप्त परिवार को दुख की इस घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री डी.डी. उइके, म.प्र. के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन विभाग मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह, पूर्व विधायक टिमरनी श्री संजय शाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।