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जंबो तबादला की तैयारी में मध्यप्रदेश सरकार, 12 कलेक्टरों पर गाज गिरने का खतरा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने बीती शनिवार की देर रात 18 आइएएस और एसएएस के 8 अफसरों समेत 24 अधिकारियों के तबादले किए। एक जंबो सूची और आनी है। इसमें कई आइएएस अफसरों के नाम होंगे। चर्चा के अनुसार 12 से 15 कलेक्टरों पर गाज गिर सकती है। ये वे कलेक्टर होंगे, जिन्हें जिलों की कमान मिलने को दो से ढाई साल का आदर्श समय हो चुका है। बाकी ऐसे होंगे, जो पर्याप्त समय मिलने के बाद भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। हटाया जाना तय जिन कलेक्टरों की वजह से बार-बार विवाद की स्थिति बन चुकी है, उन कलेक्टरों को हटाया जाना तय बताया जा रहा है। इनमें भिंड जैसे जिलों के कलेक्टर दायरे में आ सकते हैं। हालांकि प्रशासन के ज्यादातर अधिकारी मानते हैं कि कलेक्टरों को कई बार घेरने के प्रयास भी होते है। कानूनी जवाब देने पर विवाद की स्थिति पैदा की जाती है। नहीं दिए बेहतर परिणाम लगभग यही बात मध्यप्रदेश आइएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी पूर्व में मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मिलकर कह चुके हैं। उक्त सूची में मुख्यमंत्री कार्यालय के उन अधिकारियों के नाम भी होने की संभावना है, जिन्हें मौके देने के बावजूद बेहतर परिणाम नहीं दे पा रहे। इनमें दो आइएएस और इतने ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का नाम होना बताया जा रहा है। इनकी जगह नए अफसरों को मौके दिए जा सकते हैं।

पृथ्वी की चाल में बदलाव! नासा ने बताया—चीन की मेगा डैम परियोजना से खिसकी धरती की धुरी, सिकुड़ा समय

बीजिंग  चीन के थ्री गॉर्जेस डैम (Three Gorges Dam) को दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोपावर परियोजना माना जाता है. अब नासा ने इस बांध को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. वैज्ञानिकों ने बताया कि इस डैम में संचित पानी की अपार मात्रा ने पृथ्वी की धुरी को करीब 2 सेंटीमीटर तक खिसका दिया है. इतना ही नहीं, पृथ्वी के घूमने की गति में भी मामूली बदलाव दर्ज किया गया है. नासा के मुताबिक थ्री गॉर्जेस डैम में अरबों टन पानी संग्रहीत है. जब यह पानी पृथ्वी की सतह पर फैलने के बजाय एक जगह पर इकट्ठा हो गया, तो मास डिस्ट्रीब्यूशन यानि द्रव्यमान का वितरण बदल गया. अब इसका असर पृथ्वी के घूमने की गति पर पड़ा. नासा ने कहा कि पृथ्वी की घूर्णन गति में बदलाव की वजह से ही दिन लगभग 0.06 माइक्रोसेकंड छोटा हो गया है. आखिर कैसे बदली पृथ्वी की चाल? थ्री गॉर्जेस डैम चीन का एक इंजीनियरिंग चमत्कार है, जो यांग्त्जी नदी पर स्थित है. यह दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रोइलेक्ट्रिक डैम है, जो ऊर्जा उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण और नेविगेशन सुधार के लिए बनाया गया. डैम का निर्माण 1994 में शुरू हुआ और 2012 में पूर्ण रूप से चालू हो गया. यह सैंडौपिंग, यिचांग शहर के पास हूबेई प्रांत में मौजूद हैं. इसकी इंजीनियरिंग को समझाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक उदाहरण दिया है- जैसे कोई फिगर स्केटर अपने हाथ फैलाकर धीमे घूमता है और हाथ समेटकर तेजी से. बिल्कुल उसी तरह जब द्रव्यमान खिसकता है तो पृथ्वी की घूर्णन गति भी प्रभावित होती है. यही वजह है कि दिन छोटे हो रहे हैं. चीन की खतरनाक इंजीनियरिंग चीन के थ्री गॉर्जेस डैम में इतना पानी आ सकता है कि यह अकेले ही 22,500 मेगावॉट से अधिक बिजली पैदा कर सकता है. यह न केवल चीन की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है बल्कि बाढ़ नियंत्रण और नेविगेशन को भी बेहतर बनाता है. हालांकि अब यह सामने आया है कि इसकी शक्ति पृथ्वी जैसे ग्रह की भौतिक संरचना पर भी प्रभाव डालने में सक्षम है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में महसूस नहीं किया जा सकता, लेकिन यह दिखाता है कि बड़े पैमाने पर इंसानी परियोजनाएं ग्रह की प्राकृतिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं. नासा ने इसे एक अहम उदाहरण बताया है कि कैसे इंसान की बनाई हुई संरचनाएं भी पृथ्वी की गतिशीलता पर असर डाल सकती हैं.

सुप्रीम कोर्ट नाराज़! फ्रॉड केस में बेल देने पर दो जजों को भेजा ट्रेनिंग पर, निचली अदालतों को चेतावनी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में दी गई जमानत को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने मजिस्ट्रेट और सेशन जज के जमानत देने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं. दोनों न्यायिक अधिकारियों को दिल्ली न्यायिक अकादमी में सात दिन की स्पेशल ट्रेनिंग का निर्देश दिया गया है. अदालत ने कहा कि चार्जशीट सामग्री की जांच किए बिना जमानत आदेश पारित किए गए थे.  कोर्ट ने पाया कि गंभीर तथ्यात्मक मैट्रिक्स के बावजूद जमानत नहीं दी जानी चाहिए थी. अदालत ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को मामले में जांच अधिकारियों की भूमिका की जांच करने का भी निर्देश दिया है.  जमानत के सिद्धांतों को तथ्यों से जोड़ा जाना चाहिए, उन्हें शून्यता में लागू नहीं किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने जाहिर की नाराजगी कोर्ट ने साफ कहा कि अगर वह एसीएमएम (ACMM) द्वारा आरोपी को जमानत दिए जाने और सेशन जज द्वारा इस पर हस्तक्षेप करने से इनकार करने के तरीके को नजरअंदाज करता है, तो यह अपनी ड्यूटी में फेल होगा. कोर्ट ने जमानत दिए जाने के आदेशों को रद्द करते हुए, दोनों न्यायिक अधिकारियों को करीब सात दिनों के विशेष न्यायिक प्रशिक्षण से गुजरने का निर्देश दिया.  कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से गुजारिश किया है कि दिल्ली न्यायिक अकादमी में ट्रेनिंग की उचित व्यवस्था की जाए, जिसमें उच्च न्यायालयों के फैसलों के महत्व पर न्यायिक अधिकारियों को संवेदनशील बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत आदेश चार्जशीट सामग्री की जांच किए बिना ही पारित कर दिए गए थे. कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई कि एसीएमएम (ACMM) का आदेश चार्जशीट में उपलब्ध सामग्री की जांच किए बिना कैसे पारित कर दिया गया. कोर्ट ने खुद नोट किया था कि 'धोखाधड़ी की कथित घटना में दोनों आरोपियों की भूमिका को चार्जशीट में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है.' कोर्ट ने कहा कि जमानत के मामले मुख्य रूप से कानून के किसी भी सिद्धांत को लागू करने से पहले तथ्यों और परिस्थितियों पर तय किए जाने चाहिए. प्रक्रियागत खामियां और जांच अधिकारियों की भूमिका… कोर्ट ने जमानत देने के तरीके में हुई कुछ प्रक्रियागत अनियमितताओं को भी उजागर किया, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने कहा कि आरोपी तकनीकी रूप से कोर्ट की कस्टडी में थे, फिर भी उन्हें औपचारिक रिहाई आदेश के बिना ही कोर्ट से जाने दिया गया था. अदालत ने यह भी कहा कि जांच अधिकारियों (IOs) की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसके चलते, दिल्ली पुलिस आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से आईओज (IOs) के आचरण की जांच करने और प्राथमिकता के आधार पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. क्या है मामला? यह मामला आरोपी पति और उसकी सह-आरोपी पत्नी से संबंधित था, जिन पर एक करोड़ नब्बे लाख रुपये लेने और जमीन हस्तांतरित करने का वादा करने का आरोप था. बाद में पता चला कि वह जमीन पहले ही गिरवी रख दी गई थी और किसी तीसरे पक्ष को बेची जा चुकी थी. अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि आरोपी आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ इसी तरह के छह मामले लंबित हैं. कोर्ट ने जमानत रद्द करने का एक प्रमुख कारण आरोपियों का आचरण बताया. 2019 में हाई कोर्ट ने मध्यस्थता की ख्वाहिश जताने पर उन्हें अंतरिम सुरक्षा दी थी, लेकिन करीब चार साल बीत जाने के बाद भी मध्यस्थता प्रक्रिया से कोई नतीजा नहीं निकला. कोर्ट ने कहा कि गंभीर तथ्यात्मक मैट्रिक्स के रोशनी में जमानत नहीं दी जानी चाहिए थी. कोर्ट ने दोहराया कि जमानत के सिद्धांत हमेशा विशिष्ट मामलों के तथ्यों के साथ जुड़े होने चाहिए.  

UIDAI ने बदले आधार से जुड़े नियम, जरूरी अपडेट नहीं किया तो आधार हो सकता है निष्क्रिय

भोपाल    आधार कार्ड को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। जिन लोगों के आधार कार्ड बने हुए 10 या इससे ज्यादा साल हो चुके हैं उनका आधार कार्ड रद्द हो सकता है। आधार कार्ड एक नागरिक के जीवन में अहम दस्तवेज है जो किसी भी काम काज के लिए सबसे पहले मांगा जाता है फिर चाहे वह सरकार की तरफ से दिया जाने वाला कोई लाभ हो या फिर हमारे मोबाइल से लेकर कोई काम, ऐसे में अगर किसी का आधार कार्ड रद्द हो जाए तो कितना मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।  लेकिन इन सभी सेवाओं का फायदा तभी मिल पाता है, जब आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर एक्टिव और सही हो। इसको लेकर एक नई अपडेट जारी कि गई है। जितने भी आधार कार्ड धारक हैं, सभी को यह जानना जरूरी है कि क्या-क्या अपडेट आप सभी को करना होगा। हाल ही में एक नई सूचना आई है कि अगर आप अपने आधार कार्ड को 10 साल से अपडेट नहीं कर रहे हैं, तो आपका आधार कार्ड बंद (डीएक्टिवेट) हो सकता है। इससे आपको कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। पहले मोबाइल नंबर ऑनलाइन अपडेट किया जा सकता था, लेकिन अब UIDAI ने यह सुविधा बंद कर दी है। अब अगर आपको अपने आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर को बदलना है तो आपको नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाकर ही यह काम करना होगा। तो इसलिए अब जल्दी अपने नजदीकी आधार केंद्र में जाएं और अपना मोबाइल नंबर अपडेट करवाएं।   आधार अपडेट के नए शुल्क और अनिवार्य नियम 1 अक्टूबर 2025 से आधार कार्ड में सामान्य सुधार (जैसे नाम या पता) के लिए 75 रुपये का शुल्क लगेगा. वहीं, अगर आप बायोमेट्रिक जानकारी, जैसे फिंगरप्रिंट, आइरिस या फोटो बदलना चाहते हैं, तो इसके लिए 125 रुपये देने होंगे. बच्चों (7 से 17 साल) के बायोमेट्रिक अपडेट के लिए भी अब 125 रुपये का शुल्क देना होगा. हालांकि, नया आधार कार्ड बनवाने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, ये पहले की तरह मुफ्त ही रहेगा. UIDAI के सीईओ, भुवनेश्वर कुमार के मुताबिक 1 अक्टूबर 2025 से 10 साल पुराने आधार कार्ड को अपडेट कराना अनिवार्य होगा. ये उन लोगों के लिए एक अतिरिक्त खर्च हो सकता है जो ग्रामीण और छोटे शहरों में रहते हैं. अगर आपने पिछले दस सालों में अपना आधार अपडेट नहीं कराया है, तो अब आपको अपने दस्तावेज जमा करके ये नया शुल्क देना होगा. बच्चों और किशोरों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट एक अच्छी खबर ये है कि 5 से 7 साल के बच्चों और 15 से 17 साल के किशोरों को अब बायोमेट्रिक अपडेट के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी. पहले ये 50 रुपये थी, जिसे अब माफ कर दिया गया है. हालांकि, इन आयु वर्गों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है. अगर इसे समय पर नहीं कराया गया, तो उनका आधार कार्ड अवैध हो सकता है. आधार कार्ड पर अब नहीं दिखेगा पति या पिता का नाम 15 अगस्त 2025 से, नए आधार कार्ड पर 18 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए पिता या पति का नाम नहीं दिखेगा. ये जानकारी सिर्फ UIDAI के रिकॉर्ड में रहेगी. इस बदलाव से बार-बार नाम बदलने की जरूरत नहीं होगी और लोगों की प्राइवेसी भी सुरक्षित रहेगी, खासकर महिलाओं के लिए ये एक बड़ा कदम है. जन्मदिन और ‘केयर ऑफ’ कॉलम में बदलाव अब आपके आधार कार्ड पर जन्मतिथि सिर्फ साल (जैसे 1990) के रूप में दिखेगी, जबकि पूरी जन्मतिथि (जैसे 01/01/1990) UIDAI के रिकॉर्ड में ही रहेगी. इसके अलावा, कार्ड से 'केयर ऑफ' (C/o) कॉलम हटा दिया गया है. अब आपके आधार कार्ड पर सिर्फ आपका नाम, उम्र और पता ही दिखाई देगा. एड्रेस अपडेट के लिए नए दस्तावेज और डिजिटल प्रक्रिया जनवरी 2025 से पता बदलने के लिए सिर्फ बैंक स्टेटमेंट या यूटिलिटी बिल (बिजली, पानी, गैस का बिल) ही स्वीकार होंगे. अन्य सुधारों जैसे नाम या जन्मतिथि के लिए पैन कार्ड, वोटर आईडी या बर्थ सर्टिफिकेट ही मान्य होंगे. 1 अक्टूबर 2025 से अपडेट की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी. इसका मतलब है कि आप UIDAI की वेबसाइट (uidai.gov.in) या mAadhaar ऐप पर रिक्वेस्ट सबमिट करके नजदीकी आधार केंद्र पर अपने डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई करा सकते हैं. इसके बाद अपडेट ऑनलाइन ही हो जाएगा. ये सभी बदलाव लोगों को आधार अपडेट कराने में सहूलियत देने और कार्ड की जानकारी को और सुरक्षित बनाने के लिए किए जा रहे हैं.

ऑटो सेक्टर में मंदी के बीच पाकिस्तान ने खोला सेकेंड हैंड गाड़ियों का रास्ता, कई कंपनियां कर रहीं पलायन

नई दिल्ली पाकिस्तान की माली हालत खराब है. विदेशी कर्ज़ का बोझ बढ़ा हुआ है, डॉलर की तंगी है और दूसरी तरफ़ IMF की शर्तें सामने रखी हुई हैं. ऐसे में पाकिस्तान की ऑटोमोटिव इंडस्ट्री भी इस समय गंभीर संकट से जूझ रही है. देश की माली स्थिति, IMF का दबाव और इसी बीच पाकिस्तान सरकार ने एक ऐसा फ़ैसला लिया है, जिसने पाक ऑटो इंडस्ट्री को चुनौतीपूर्ण स्थिति में ला दिया है.  हाल ही में हुए इकोनॉमिक कोऑर्डिनेशन कमेटी (ECC) ने पुरानी यानी सेकेंड हैंड (Used Cars) गाड़ियों के आयात को मंजूरी दे दी है. सरकार इसे सुधार और आज़ादी की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, लेकिन कार मैन्युफैक्चरर्स और ऑटो पार्ट्स मेकर्स कह रहे हैं कि यह फ़ैसला उनकी जड़ों को खोद देगा. वहीं, पाकिस्तान ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (PAMA) ने चेतावनी दी है कि देश की पिछड़ी और शोषणकारी नीतियों के कारण विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है और कुछ अन्य दिग्गज कंपनियाँ बाज़ार छोड़ सकती हैं. पाकिस्तान सरकार का फैसला वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब की अध्यक्षता में ने न्यूयॉर्क से होने वाली वर्चुअली ECC की बैठक में तय हुआ कि, पहले चरण में सिर्फ़ 5 साल तक की पुरानी गाड़ियाँ आगामी 30 जून 2026 तक आयात की जा सकेंगी. इस पर 40 फ़ीसदी रेगुलेटरी ड्यूटी भी लगेगी, जो हर साल 10-10 प्वाइंट घटती जाएगी और 2029-30 तक ख़त्म हो जाएगी. बाद में पुरानी गाड़ियों पर उम्र की कोई पाबंदी नहीं रहेगी. ऑटो इंडस्ट्री की चिंता अरब न्यूज में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, टोयोटा, होंडा, सुज़ुकी, हुंडई और किआ जैसे बड़े ब्रांड्स का कहना है कि ये फ़ैसला उनकी मैन्युफैक्चरिंग को चौपट कर देगा. पाकिस्तान ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (PAMA) के डायरेक्टर जनरल अब्दुल वहीद खान ने साफ कहा “40 फ़ीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाकर भी मार्केट पुरानी यानी यूज्ड कारों से भर जाएगा और लोकल मैन्युफैक्चरिंग तबाह हो जाएगी.” इसी तरह पाकिस्तान ऑटोमोबाइल पार्ट्स एंड एक्सेसरीज़ मैन्युफैक्चरर्स (PAAPAM) ने भी चिंता जताई है. संगठन के वाइस चेयरमैन शेहरयार क़ादिर ने मीडिया से कहा कि, इससे 1,200 लोकल कंपनियाँ बंद होने के कगार पर पहुँच जाएँगी, जो स्टील, प्लास्टिक, रबर, कॉपर और एल्युमिनियम जैसी पार्ट्स सप्लाई करती हैं. उनके मुताबिक़ 18 लाख से ज़्यादा लोगों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ेगा. IMF का दबाव और डॉलर की तंगी यह फ़ैसला IMF मिशन के पाकिस्तान पहुँचने से ठीक पहले लिया गया है. IMF ने अपने 7 अरब डॉलर के लोन प्रोग्राम के तहत पाकिस्तान से व्यापार को खोलने और यूज्ड गाड़ियों पर रोक हटाने की शर्त रखी थी. विश्लेषकों का मानना है कि सेकेंड हैंड गाड़ियों का आयात पाकिस्तान के पहले से ही कमज़ोर विदेशी मुद्रा भंडार (जो अभी महज़ 14 अरब डॉलर है) पर और बोझ डालेगा. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टॉपलाइन सिक्योरिटीज़ के विश्लेषक शंकर तलरेजा के अनुसार, पहले छोटे हैचबैक मॉडल्स की आयात ही ज़्यादा होती थी, लेकिन अब रेगुलेटरी ड्यूटी में साल-दर-साल कमी के साथ मिड-एंड कार्स का आयात भी बढ़ सकता है. लोकल इंडस्ट्री के लिए चुनौती कार निर्माताओं का कहना है कि यह क़दम उनके लिए सीधे घाटे का सौदा है. जैसा कि PAMA के वहीद खान ने कहा “एक गाड़ी का आयात मतलब प्रोडक्शन लाइन पर एक गाड़ी का नुकसान. आयातित गाड़ियाँ और लोकल गाड़ियाँ, दोनों एक-दूसरे की सीधी प्रतिद्वंद्वी हैं.” निचोड़ यह है कि पाकिस्तान की सरकार IMF की शर्तें पूरी करने के लिए लोकल इंडस्ट्री को बलि का बकरा बना रही है. लेकिन सवाल यही है कि इससे पाकिस्तानी कार इंडस्ट्री बचेगी कैसे, और लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी का क्या होगा? पाकिस्तान छोड़ भाग रही हैं कंपनियां: PAMA की चेतावनी हाल ही में जापानी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी यामाहा ने पाकिस्तान में अपने ऑपरेशन बंद करने का ऐलान किया था. अब पाकिस्तान ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि देश में “पिछड़े और शोषणकारी” नीतियों के चलते कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ पाकिस्तान छोड़ सकती हैं.  पाकिस्तान टुड में छपी एक रिपोर्ट में एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल अब्दुल वहीद खान के हवाले से कहा गया है कि, पाकिस्तान में ऑटो सेक्टर में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) बेहद कम रहा है, और शेल, उबर, केरीम, माइक्रोसॉफ्ट और टेलिनोर जैसी बड़ी कंपनियाँ पहले ही पाकिस्तान का बाज़ार छोड़ चुकी हैं. यामाहा की हाल ही में पाकिस्तान से निकासी पर चर्चा करते हुए खान ने स्थानीय मीडिया को दिए अपने बयान में बताया कि, कंपनी का यह निर्णय उस नीति के कारण हुआ, जिसमें ऑटो निर्माताओं को कच्चे माल और कंपोनेंट के आयात के लिए अनिवार्य इंपोर्ट टार्गेट पूरे करने होते थे. खान ने इस नीति की आलोचना करते हुए कहा कि यह देश की वास्तविक आर्थिक परिस्थितियों से पूरी तरह कट चुकी है और संघर्ष कर रहे ऑटो सेक्टर पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है. यामाहा ने 2015 में पाकिस्तान में 100 मिलियन डॉलर के निवेश के साथ वापसी की थी. कंपनी ने तकरीबन एक दशक पर पाकिस्तान में अपने वाहनों की असेंबलिंग और बिक्री की और तमाम रोजगार पैदा किए. लेकिन अब यामाहा ने बाजार छोड़ दिया है. बता दें कि, यामाहा दूसरी जापानी कंपनी होंडा के अलावा, पाकिस्तान में इंजन उत्पादन का लोकलाइजेशन करने वाली एकमात्र कंपनी थी.

सीमा पार दोस्ती को मिलेगी रफ्तार: भारत-भूटान के बीच चलेंगी ट्रेनें, दो नई रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी

नई दिल्ली भारत और भूटान के रिश्तों को नई मजबूती देने के लिए सरकार ने सोमवार को 4,033 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़े रेल प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी. इन परियोजनाओं से न सिर्फ दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और लोगों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी. सबसे खास बात, अब आप ट्रेन से सीधे भूटान जा सकेंगे. पश्चिम बंगाल में हासीमारा तक ट्रेन थी, अब यह सीधे भूटान के गालेफू तक चलेगी. अब तक हा पहला प्रोजेक्ट असम के कोकराझार से भूटान के गालेफू तक रेल लाइन बिछाने का है. 69 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर 3,456 करोड़ रुपये खर्च होंगे. दूसरा प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल के बनरहाट से भूटान के समत्से को जोड़ने के लिए है। इसकी लंबाई 20 किलोमीटर होगी और इस पर 577 करोड़ रुपये की लागत आएगी. रेल मंत्री अश्व‍िनी वैष्‍णव ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा, भारत और भूटान के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं. भारत,भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और उसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारतीय बंदरगाह अहम भूमिका निभाते हैं. भूटान के समत्से और गालेफू बड़े एक्सपोर्ट-इंपोर्ट हब हैं,जो भारत-भूटान की करीब 700 किलोमीटर लंबी सीमा को जोड़ते हैं. भारत ने भरोसा दिया है कि भूटान के इन आर्थिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे. यह भूटान में बनने वाला पहला रेल प्रोजेक्ट है,जो भारत से सीधा जोड़ेगा. लोगों और सामान की आवाजाही पहले से कहीं आसान हो जाएगी. इस प्रोजेक्ट से इलाके के लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर बढ़ेंगे. गालेफू को एक माइंडफुलनेस सिटी (शांतिपूर्ण और आधुनिक शहर) के रूप में विकसित किया जा रहा है,जिससे पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. क‍िसी तीसरे देश का दखल नहीं भारत और भूटान के बीच नई रेल लाइन परियोजना पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि यह पूरी तरह द्विपक्षीय समझौते (MoU) के आधार पर हो रही है और इसमें किसी तीसरे देश का कोई हस्तक्षेप नहीं है. उन्होंने साफ किया कि यह कदम चीन को सीधा संदेश है कि भूटान में भारत की साझेदारी मजबूत है और बाहरी दखल की गुंजाइश नहीं है. इस रेल लाइन से दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी और भरोसा और गहरा होगा, साथ ही व्यापार और पर्यटन के नए रास्ते भी खुलेंगे। इसे भारत की रणनीतिक पहल माना जा रहा है. आवाजाही आसान होगी विदेश सच‍िव विक्रम मिसरी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान यात्रा पर गए थे. भूटान और भारत के बीच आपसी संबंध काफी अच्छे रहे हैं. भारतीय निजी कंपनी भूटान में पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं. कनेक्टिविटी को लेकर रोड कनेक्टिविटी पर काफी काम हुआ है. हम इसे और आगे बढ़ाने की कोश‍िश कर रहे हैं. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही और आसान होगी. पूरा होने में चार साल लगेंगे  भारत और भूटान को जोड़ने वाली कोकराझार (असम) से गालेफू (भूटान) तक नई रेल लाइन बनाने का काम शुरू हो रहा है. इस प्रोजेक्ट पर करीब 3,456 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे पूरा करने में 4 साल लगेंगे. रूट की लंबाई: 69 किलोमीटर भूटान का इलाका: सरपांग जिला भारत का इलाका: असम के कोकराझार और चिरांग जिले कुल स्टेशन: 6 बड़े पुल: 29 छोटे पुल: 65 महत्वपूर्ण ब्रिज: 2 वायडक्ट (लंबा ऊंचा पुल): 2 रूब्स (रेलवे अंडरब्रिज): 39 रोब्स (रेलवे ओवरब्रिज): 1 गुड्स शेड (माल लोडिंग-प्वाइंट): 2 इस रेल लाइन से भारत-भूटान के बीच व्यापार और पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी और सीमा क्षेत्रों के लोगों को भी बड़ा फायदा होगा. सीमावर्ती इलाकों में रोजगार भी बढ़ेगा विशेषज्ञों का मानना है कि यह रेल कनेक्टिविटी न केवल दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी, बल्कि सीमावर्ती इलाकों के लोगों को रोजगार और विकास के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी. पर्यटक आसानी से भूटान तक ट्रेन से सफर कर सकेंगे, जिससे पर्यटन उद्योग को भी गति मिलेगी. भारत और भूटान लंबे समय से एक-दूसरे के भरोसेमंद साझेदार रहे हैं. इन प्रोजेक्ट्स को इस रिश्ते को और गहराई देने वाला कदम माना जा रहा है. सरकार का मानना है कि जब ये लाइनें तैयार होंगी, तो लोगों की जिंदगी और कारोबार दोनों ही और बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे.

इंदौर-पीथमपुर के बीच दौड़ेगी मेट्रो, सीएम मोहन यादव ने की घोषणा; एक और जिला होगा शामिल

इंदौर  मेट्रो को रेडिसन चौराहे तक संचालित करने के लिए ट्रैक के बाद अब स्टेशन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने अफसर-ठेकेदारों की बैठक ली है। इस बीच इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रैक बनानेे के लिए सर्वे का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को सौंपा गया है, टीम ने प्राथमिक जानकारी के आधार पर काम शुरू भी कर दिया है। सीएम ने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन (Indore Metro Rail) के संचालन की घोषणा की है। इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो (Indore Metro Rail) का सर्वे करने वाली डीएमआरसी को करीब 2 करोड़ 70 लाख में सर्वे के साथ डीपीआर बनाने के लिए जिम्मेदारी दी है। दिल्ली की टीम ने स्थानीय अफसरों के साथ तैयारी भी शुरू कर दी है। उज्जैन में अंडरग्राउंड ट्रैक नहीं इंदौर से उज्जैन के बीच भी डीएमआरसी का सर्वे हो चुका है, लवकुश चौराहे से महाकाल मंदिर व उज्जैन रेलवे स्टेशन तक मेट्रो चलाने की प्लानिंग है। उज्जैन में ट्रैक को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव था, लेकिन ज्यादा खर्च होने से शहर में एलिवेटेड ट्रैक का सुझाव दिया गया। जल्द ही संशोधन के बाद प्रस्ताव पेश होगा जिसके बाद डीपीआर की स्थिति बन सकती है। महू तक मेट्रो ले जाने पर विचार नहीं अफसरों के मुताबिक, इंदौर से पीथमपुर के बीच (Indore Metro Run Between Indore Pithampur) करीब 30 किमी लंबा ट्रैक प्रस्तावित है। एयरपोर्ट से पीथमपुर अथवा एबी रोड राजेंद्रनगर से राऊ होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प के आधार पर सर्वे होगा। शुरुआती दौर में इंदौर से राऊ, महू होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प पर चर्चा हुई, लेकिन महू जाने के प्रस्ताव को फिलहाल छोड़ दिया गया है। महू जाने पर करीब 10 किमी अतिरिक्त ट्रैक बनता जिसे देखते हुए विकल्प को छोड़ा गया है। डीएमआरसी की टीम जल्द मैदानी सर्वे शुरू कर देगी। इंदौर मेट्रो का विस्तार जारी है, पहले फेज के शुभारंभ के बाद अब सेकंड फेज का ट्रायल  इंदौर मेट्रो जहां अपनी रफ्तार से दौड़ रही है तो वहीं मेट्रो के अगले चरणों की रफ्तार भी तेज है. पहले फेज के बाद अब दूसरे फेज में मेट्रो ट्रेन दौड़ने को तैयार है. दीपावली तक मेट्रो शहर में एंट्री करेगी. शुक्रवार को मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने सुपर कॉरिडोर से एम आर 10 रोड तक मेट्रो से सफर किया. मेट्रो रेल कंपनी की पूर्व घोषणा के मुताबिक दीपावली तक इंदौर मेट्रो अपने सेकंड फेज का काम पूर्ण करेगी. सेकंड फेज में रेडिसन चौराहे से मालवीय नगर दूसरे फेज के तहत इंदौर मेट्रो शहर के रेडिसन से होते हुए मालवीय नगर स्टेशन तक पहुंच जाएगी. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "इंदौर मेट्रो का सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया गया. वर्तमान में मेट्रो का संचालन गांधीनगर डिपो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 तक 6 किलोमीटर का हो रहा है. शुक्रवार को मेट्रो कंपनी ने सुपर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया." 17 किमी ट्रैक शुरू होते ही कमर्शियल रन दीपावली तक इंदौर मेट्रो का दायरा 4 किलोमीटर तक और बढ़ जाएगा. इस तरह इंदौर मेट्रो 17 में से 10 किलोमीटर सफर प्रारम्भ होने की स्थिति मे पहुंच गई है. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "17 km का ट्रैक तैयार होने के बाद ही कमर्शियल रन प्रारंभ होगा." गौरतलब है करीब 1520 करोड़ के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन सितंबर 2019 को कमलनाथ सरकार के दौरान हुआ था, जिसके पहले ट्रायल रन का शुभारंभ 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर किया था. अभी पिकनिक के तौर पर ही मेट्रो का आनंद इंदौर मेट्रो के शुभारंभ के दौरान सुपर कॉरिडोर के 6 स्टेशनों पर ट्रेन ने रन किया था. अब इसको सेकंड फेज में 11 किलोमीटर तक चलाया जाएगा. फिलहाल 6 स्टेशन के बीच ट्रेन में आम लोग सिर्फ पिकनिक की तरह ही सफर कर रहे हैं लेकिन सेकंड फेज के बाद लोग मेट्रो से सुपर करिडोर से लेकर रेडिसन होटल तक सुविधाजनक सफर कर पाएंगे. जून में हुए ट्रायल में क्या-क्या हुआ था इससे पहले जून में मेट्रो ट्रायल के दौरान ट्रैक के साथ ही मेट्रो स्टेशनों के निरीक्षण किया गया था. इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति की भी जानकारी के साथ सभी स्टेशनों के सिविल तथा सिस्टम संबंधी कार्यों का अवलोकन किया गया था. निरीक्षण के दौरान मुख्यत: स्टेशन के दोनों ओर एंट्री-एग्जिट, लिफ्ट, एस्कलेटर, कंट्रोल रूम, विभिन्न सिस्टम रूम, टिकटिंग रूम, PEB/शेड इत्यादि निर्माण कार्यों के साथ-2 आंतरिक एवं बाहरी कार्यों को चेक किया था.  

महाअष्टमी पर कन्या पूजन का वक्त और विधि – जानिए शुभ मुहूर्त

 वैसे तो शारदीय नवरात्र के पूरे 9 दिन बहुत ही खास और विशेष माने जाते हैं, लेकिन महाअष्टमी और महानवमी नवरात्र के दो सबसे महत्वपूर्ण दिन होते हैं. इस बार महाअष्टमी 30 सितंबर, आज मंगलवार को मनाई जाएगी और महानवमी 1 अक्टूबर, बुधवार को मनाई जाएगी. ज्योतिषियों के मुताबिक, इन दोनों दिनों पर शारदीय नवरात्र के पारण के लिए कन्या पूजन किया जाता है. कन्या पूजन पर 9 कन्याओं को मां दुर्गा के रूप में पूजकर, उनको हलवा-पूरी का भोग लगाया जाता है. तो चलिए जानते हैं कि इन दोनों शुभ दिनों पर मां दुर्गा के किन स्वरूपों की पूजा होती है और क्या रहेगा कन्या पूजन का मुहूर्त. महाअष्टमी 2025 कन्या पूजन मुहूर्त महाअष्टमी के पूर्वी भारत में महा दुर्गाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. महाअष्टमी दुर्गा पूजा का सबसे खास माना जाता है. शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि की शुरुआत इस बार 29 सितंबर को शाम 4 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 30 सितंबर की शाम 6 बजकर 06 मिनट पर होगा.  वहीं, महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन का पहला मुहूर्त सुबह 5 बजकर 01 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजकर 41 मिनट दोपहर 12 बजकर 11 मिनट रहेगा. साथ ही, अभिजीत मुहूर्त भी कन्या पूजन जैसे कार्यों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है, जो कि सुबह 11 बजकर 47 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. इन तीनों मुहूर्तों में आप कन्या पूजन कर सकते हैं.  महाअष्टमी के दिन किसकी होती है पूजा? शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप माता महागौरी की उपासना की जाती है. माता महागौरी को उज्ज्वलता और पवित्रता की देवी माना गया है. मान्यता है कि मां महागौरी की उपासना से भक्त के जीवन से सभी दुख और कठिनाइयां दूर होती हैं और उसे नई ऊर्जा और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है.  महानवमी 2025 कन्या पूजन मुहूर्त  इस बार शारदीय नवरात्र की महानवमी 1 अक्टूबर को मनाई जाएगी. इस दिन का पारण भी कन्या पूजन से किया जाता है. पंचांग के मुताबिक, महानवमी के दिन कन्या पूजन का मुहूर्त 1 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 01 मिनट से सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त, दोपहर 2 बजकर 09 मिनट से लेकर 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. महानवमी के दिन किसकी होती है पूजा? महानवमी के दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. ये मां दुर्गा का अंतिम स्वरूप है. जैसा की इनके नाम से ही स्पष्ट हो रहा है कि मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सभी प्रकार की सिद्धियां और मनचाही इच्छाएं प्रदान करती हैं. ऐसे करें कन्या पूजन नवरात्र की अष्टमी तिथि पर कन्याओं को आमंत्रित करें और उनका पूरे विधि-विधान के साथ स्वागत करें. कन्याओं को बिठाकर उनके पैरों को दूध से धोएं और उनके माथे पर कुमकुम लगाएं. मां भगवती का ध्यान करके कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा और उपहार दें. अंत में कन्याओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें.

आज का राशिफल: कुछ राशियों पर बरसेगी किस्मत, तो कुछ को करना होगा संभलकर काम

मेष राशि- आज आपका दिन जोश और उत्साह से भरा रहेगा। आपने जिन नये प्रोजेक्ट्स पर सोचा था, उनमें कुछ शुरुआत दिख सकती है। कामकाज के मोर्चे पर चुनौतियाँ तो होंगी, पर आपकी ऊर्जा और दृढ़ निश्चय उन्हें पार कर लेगी। वित्तीय दृष्टि से छोटी-छोटी आय के स्रोत सक्रिय रहेंगे, लेकिन बड़े निवेश में सतर्कता रखें। प्रेम जीवन में संवाद की भूमिका बढ़ेगी। खुली बातों से रिश्ते में सामंजस्य बनेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान देना जरूरी है। थकान या हल्की परेशानी हो सकती है। आज सावधानी और संतुलन दोनों साथ रखें। वृषभ राशि- आज आपके पारिवारिक और घरेलू मामले आपको चिंतित कर सकते हैं। घर के सदस्यों से मेलजोल बढ़ाना आवश्यक होगा। कामकाज में निरंतरता बनाए रखें। नौकरी या व्यापार में जो बाधाएँ आई हों, उन्हें धैर्य और बुद्धि से सुलझाएँ। आर्थिक पक्ष थोड़ा स्थिर रहेगा। कुछ अनपेक्षित खर्च हो सकते हैं, इसलिए बजट पर ध्यान दें। जो लोग निवेश की योजना बना रहे थे, उन्हें आज थोड़ा रुकना चाहिए। प्रेम में हल्के मनमुटाव हो सकते हैं, लेकिन समझौता संभव है। स्वास्थ्य के लिए नियमित दिनचर्या फायदेमंद रहेगी। मिथुन राशि- आज आपकी संचार शक्ति और बुद्धि दोनों साथ देंगे। नए विचार मन में आएंगे और आप उन्हें आगे बढ़ा सकते हैं। व्यापार या कामकाज में नई पहल सफल हो सकती है। सुनने और समझने की क्षमता आपको लोगों से जोड़ने में मदद करेगी। धन लाभ के मौके भी सामने आएंगे, लेकिन जांच पड़ताल अवश्य करें। प्रेम जीवन में रोमांच रहेगा। नए झगड़े नहीं, बल्कि मीठी बहसें होंगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, हल्की थकावट हो सकती है। आज अपने विचारों को साझा करने में पीछे न हटें। कर्क राशि- आज आपके अंदर शांत रहने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। घर और मन दोनों जगह आपको शांति चाहिए। कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। इनका सामना धैर्य से करें। आर्थिक दृष्टि से, कुछ योजनाएँ अटक सकती हैं; अनियोजनित खर्चों से बचें। प्रेम संबंधों में भावनात्मक असमंजस हो सकता है। एक-दूसरे को समझने की कोशिश करें। स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक तनाव से सावधान रहना है। ध्यान, योग या मेडिटेशन लाभ देगा। आज अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानें और उसे शांतिपूर्वक प्रयोग करें। सिंह राशि- आज आपका आत्मविश्वास ऊंचा रहेगा। कामकाज में आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी। आपको सम्मान और मान-सम्मान मिलने की संभावना है। आर्थिक मोर्चे पर कुछ लाभदायक अवसर हाथ आ सकते हैं — उन्हें समय रहते पहचानें और उपयोग करें। प्रेम जीवन में आकर्षण बना रहेगा, लेकिन अहंकार से दूरी रखें। स्वास्थ्य की दृष्टि से ऊर्जा बनी रहेगी, पर अधिक थकावट से बचें। आज असावधानी से चोट लग सकती है, तो सावधानी बरतें। कन्या राशि– आज आप अपने काम में अधिक सावधानी और तप देना चाहेंगे। छोटी-छोटी गलतियाँ बड़ा असर डाल सकती हैं। इस लिए काम को दुबारा चेक करें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। व्यापार या नौकरी में आपके अनुरूप अवसर दिख सकते हैं। प्रेम संबंधों में कम-उच्च संवाद रहेगा। जरूरत हो तो क्षमा भाव रखें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन पेट या पाचन से संबंधित समस्या हो सकती है। हल्का और पौष्टिक आहार लें। तुला राशि– आपका आज का दिन संतुलन और सौम्यता वाला रहेगा। सामाजिक संबंधों में आपको लाभ होगा। लोग आपकी राय सुनना चाहेंगे। कामकाज में सहयोगी मिलेंगे और बारीकियों पर ध्यान देने से सफलता संभव है। आर्थिक मोर्चे पर अच्छी गति बनी हुई है, लेकिन निवेशों में जल्दबाजी से बचें। प्रेम जीवन में रोमांच और मृदु भाव दोनों मिलेंगे। अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करें। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, हल्की-फुलकी सैर लाभदायक है। वृश्चिक राशि- आज आप गहरे विचारों में डूब सकते हैं। काम में एकाग्रता ज़रूरी होगी। चुनौतियाँ आएंगी, लेकिन अंत में आप वहाँ सफल होंगे। आर्थिक मामले में कुछ अनिश्चितता हो सकती है। जोखिम लेने से पहले सोच लें। प्रेम जीवन में भावनाएं तीव्र हों सकती हैं। नकारात्मकता से बचें और शांतिपूर्वक बात करें। स्वास्थ्य की दृष्टि से मन और मस्तिष्क को शांत रखने की जरूरत है। तनाव न लें। आज अपने आत्मविश्वास और सूझ-बूझ पर भरोसा रखें। धनु राशि- आज आपका दायरा विस्तृत हो सकता है। यात्रा, अध्ययन या किसी नई योजना की शुरुआत हो सकती है। आपके अंदर उत्साह होगा और जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। आर्थिक मोर्चे पर अतिरिक्त स्रोत मिल सकते हैं, पर उन्हें अच्छी तरह जांच लें। प्रेम जीवन में हल्की मतभेद हो सकते हैं, लेकिन आप समझौता करने में सक्षम रहेंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से सक्रियता बनी रहेगी, पर नियंत्रण न रखने पर थकान हो सकती है। आज की चुनौतियां आपकी वृद्धि का साधन बनेंगी। मकर राशि- आपका आज का दिन व्यवस्थित रहेगा। कामकाज में आप योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे। आपके प्रयासों का परिणाम दिखाई देने लगेगा। आर्थिक दृष्टि से स्थिरता बनी रहेगी, और यदि आपने कोई निवेश या कोई बड़ा निर्णय स्थगित किया था, अब उस पर विचार कर सकते हैं। प्रेम जीवन में स्थिरता रहेगी। बढ़ती समझ आपके रिश्तों को मजबूती देगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से हड्डियों, जोड़ या पीठ संबंधी दर्द हो सकता है। व्यायाम और स्ट्रेचिंग करें। कुंभ राशि- आज आपकी सोच क्रिएटिव और इनोवेटिव होगी। आप सामान्य से हटकर काम करना चाहेंगे। कामकाज में नए विचार सफल हो सकते हैं, यदि उन्हें सही समय पर प्रस्तुत करें। आर्थिक रूप से अवसर मिलेंगे, पर उनका चयन सोच-समझकर करें। प्रेम जीवन में दोस्ती की झलक मिलेगी। पहले दोस्त बनें, फिर आगे बढ़ें। स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक थकान हो सकती है। विश्राम और नींद ठीक रखें। आज आपका प्रयोग और अन्वेषण लाभदायक रहेगा। मीन राशि- आज आपका संवेदनशील पक्ष सक्रिय रहेगा। आपकी अंतःदृष्टि आपको सही दिशा दिखाएगी। कामकाज में आपकी संवेदनशीलता और समझदारी लाभदायक होगी। आर्थिक रूप से आपको नए स्रोतों की जानकारी मिल सकती है, पर जल्दबाजी न करें। प्रेम जीवन में रोमांटिक भावनाएँ उभरेंगी। साथी को समय दें। स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक शांति जरूरी है। आज आपका मन शांत और रचनात्मक बने रहने की संभावना है।

PoK में विरोध की लहर: लोगों ने किया बंद, ठप हुई रोज़मर्रा की ज़िंदगी

नई दिल्ली  पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सोमवार को पब्लिक एक्शन कमेटी की ओर से की गई हड़ताल के आह्वान के बाद लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर ली और चक्का जाम हड़ताल की। स्थानीय न्यूज टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, होटल और दुकानें बंद रहीं जबकि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से थम गई। स्कूलों में भी कक्षाएं खाली रहीं क्योंकि अधिकांश छात्र पढ़ने नहीं पहुंचे। इस बीच, पीओके में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी बंद रहीं। टेलीफोन सेवाओं में भी बाधा रही, जिससे लोग बाहरी दुनिया से कटे रहे। पब्लिक एक्शन कमेटी ने अपनी 38 सूत्रीय मांगों में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करने और अभिजात वर्ग को दिए गए विशेषाधिकारों को वापस लेने जैसी बातें शामिल की हैं। समिति ने चेतावनी दी है कि दिन में बाद में एक बड़ी रैली भी निकाली जाएगी। बता दें कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के लोग लंबे समय से आतंकवाद और सरकारी नीतियों के कारण भारी मानव, आर्थिक और मानसिक संकट झेल रहे हैं। यह मुद्दा हाल ही में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की 60वीं बैठक में भी उठाया गया था, जहां वक्ताओं ने पीओके के लोगों की स्थिति को पाकिस्तान की आतंकवादी नीतियों का परिणाम बताया। ग्रीक सिटी टाइम्स में पॉल एंटोनोपोलोस ने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों और खुले स्रोत के आंकड़ों से स्पष्ट है कि यह क्षेत्र आतंकवाद का सबसे बड़ा शिकार है। लगातार हमलों और अस्थिरता ने विकास परियोजनाओं को बाधित किया है। पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा सुधार की योजनाएं बार-बार रुक जाती हैं और संसाधन सुरक्षा पर खर्च हो जाती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जो थोड़ी बहुत उद्योग और पर्यटन की संभावनाएं यहां बनीं, उनका लाभ भी पाकिस्तान सेना से जुड़ी कंपनियां उठा लेती हैं, जिससे स्थानीय लोग खाली हाथ रह जाते हैं।