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सफर अब और आसान: Rail Neer का पानी अब होगा किफायती

नई दिेल्ली इंडियन रेलवे ने जीएसटी सुधारों के बाद रेल नीर की कीमतों में कटौती का एलान किया है। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी नोटफिकेशन के अनुसार, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) द्वारा निर्मित रेल नीर की एक लीटर की बोतल की कीमत 15 रुपये से घटाकर 14 रुपये कर दी गई है। वहीं, 500 मिलीलीटर पानी की बोतल की कीमत 9 रुपये से घटाकर 10 रुपये कर दी गई है। नोटिफिकेशन में कहा गया है, "पैकेज्ड पेयजल बोतल 'रेल नीर' का अधिकतम खुदरा मूल्य एक लीटर क्षमता वाली बोतल के लिए 15 रुपये से घटाकर 14 रुपये और 500 मिलीलीटर क्षमता वाली बोतल के लिए 10 रुपये से घटाकर 9 रुपये किया जाएगा।"   रेल नीर हुआ सस्ता नई कीतमें देश भर के रेलवे परिसरों और ट्रेनों में बेची जाने वाली सभी ब्रांडों की अन्य 'शॉर्टलिस्टेड' पैकेज्ड पेयजल बोतलों पर भी लागू होगा। रेलवे परिसरों/ट्रेनों में बेची जाने वाली आईआरसीटीसी/रेलवे द्वारा चयनित अन्य ब्रांडों की पैकेज्ड पानी की बोतलों का अधिकतम खुदरा मूल्य भी एक लीटर की बोतल के लिए 15 रुपये से घटाकर 14 रुपये और 500 मिलीलीटर की बोतल के लिए 10 रुपये से घटाकर 9 रुपये कर दिया जाएगा। जीएसटी सुधार क्या हैं? आज से  लागू होने वाले जीएसटी रिफॉर्म में अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं पर 5 और 18 प्रतिशत का कर लगेगा। लग्जरी वस्तुओं पर 40 प्रतिशत कर लगाया जाएगा। अभी जीएसटी 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की चार स्लैब में लगाया जाता है। इसके अलावा, विलासिता वस्तुओं और अवगुण या पाप वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है।  

जबलपुर-रायपुर कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा, 150 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण जल्द

जबलपुर जबलपुर से रायपुर की सड़क की दशा जल्द बदलेगी। इस सड़क के कुछ हिस्से पर वाहन चालक चलने से घबराते हैं। इस सड़क को अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन बनाने जा रहा है। सड़क की न सिर्फ चौड़ाई बढ़ेगी बल्कि नए तरह से निर्माण किया जाएगा। जबलपुर से चिल्पी तक करीब 150 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण एनएचएआइ करेगा। इस मार्ग के निर्माण में 4500 करोड़ का व्यय होगा। फिलहाल सडक निर्माण के लिए कंसल्टेंसी नियुक्त करने का प्रयास हो रहा है ताकि इसकी डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा सके। सब कुछ ठीक रहा तो यह सड़क जो अभी एमपी रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के पास है, इसे वापस एनएचएआइ सड़क का हस्तातंरण करेगा। वन्य जीवों के लिए सुरक्षित मार्ग जबलपुर से चिल्पी के बीच मंडला क्षेत्र में आने वाला कान्हा नेशनल पार्क का कोर एरिया आता है। जहां वन्यजीवों की घनी आबादी विचरण करती है। ऐसे में एनएचएआई मार्ग में जगह-जगह अंडरपास और ओवर ब्रिज का निर्माण करेंगा ताकि वाहन निकलने से वन्य जीवों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। कई जगह साउंड प्रूफ उपकरण भी लगाए जाएंगे जिससे बंदरों और अन्य जीवों को वाहनों की आवाजाही खलल न पैदा करें। बता दें करीब 25 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत आ रही है। फोरलेन बनने से बढ़ेगी रफ्तार फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जबलपुर से रायपुर के बीच दो लेन है। इस वजह से वाहनों की आवाजाही में थोड़ी परेशानी होती है। मौसम खराब होने पर वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग जाती है। आवागमन भी बाधित होता है। यहां कुछ जगह लैंड स्लाइडिंग की भी समस्या बनी हुई है इसके लिए लगातार एमपीआरडीसी को शिकायत होती है लेकिन वहां से कोई भी राहत नहीं मिल पा रही है। एमपीआरडीसी द्वारा इस सड़क का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से कराया जा रहा था। वर्षों से यह सड़क बेहद खराब स्थिति में है जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इस सड़क को सरकार फोरलेन में तब्दील होगी तो बड़े स्तर पर राहत मिलने की संभावना है। इस सड़क के लिए गडकरी ने मांगी थी माफी जबलपुर मंडला की यह वही सड़क है जिसके लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सड़क की खराब गुणवत्ता के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी। गडकरी 2022 में मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे। तब उन्होंने मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे की इस बदहाल सड़क को देखा। उन्होंने शर्मिंदगी महसूस की। सड़क की स्थिति को देखते हुए मंच से ही माफी मांगी थी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने ये बयान सात नवंबर 2022 को मध्य प्रदेश के मंडला में दिया था। गडकरी ने जबलपुर से मंडला के बीच नेशनल हाईवे के टेंडर रद्द कर सड़क के इस हिस्से को फिर से बनवाने के निर्देश दिए थे। बाद में इस मार्ग को सुधारने के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से सुधार का काम हुआ था। 2015 में शुरू हुआ था निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 251 करोड़ की लागत से जबलपुर से मंडला के बीच इस राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन को निर्माण एजेंसी बनाया था। तीन फेस में बनने वाली इस सड़क का काम साल 2015 में शुरू हुआ था, जिसे दिसंबर 2016 तक पूरा हो जाना था। लेकिन, अब तक हाईवे का निर्माण अधूरा है और जहां हाईवे बना वो घटिया निर्माण से टूट-फूट का शिकार है।  

रेलवे लाया स्पेशल टूर पैकेज: 9 दिन में सात ज्योतिर्लिंग, बजट में पूरी यात्रा!

ग्वालियर त्योहार के सीजन के साथ ही सर्दी के मौसम में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC Tour Package) द्वारा अगले तीन माह विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें सितंबर से लेकर दिसंबर माह तक विभिन्न स्थानों से ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनमें आगरा, ग्वालियर व झांसी से भी टिकट बुकिंग का विकल्प रहेगा। फिलहाल आइआरसीटीसी ने आगरा, ग्वालियर, झांसी स्टेशन से बैठने की सुविधा वाली दो ट्रेनों की घोषणा कर दी है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी और भी ट्रेनें तीर्थ स्थलों के लिए संचालित की जाएंगी जिसमें लोग बुकिंग करा सकते हैं। अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को आइआरसीटीसी द्वारा अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को किया जाएगा। ये गंगासागर-पुरी यात्रा स्पेशल ट्रेन होगी, जो दिल्ली सफदरजंग से शुरू होकर संचालित की जाएगी। इस ट्रेन में दिल्ली के अलावा मथुरा, आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या स्टेशन से चढ़ने के विकल्प रहेंगे। इस ट्रेन पैकेज में गया में महाबोधि मंदिर एवं विष्णुपद मंदिर, पुरी में जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क सूर्य मंदिर, कोलकाता में गंगासागर और कालीघाट काली मंदिर, जसीडीह में बैद्यनाथ धाम, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन शामिल रहेंगे। ये नौ रात और 10 दिन की यात्रा रहेगी, जिसमें स्लीपर श्रेणी की 640, थर्ड एसी की 70 और सेकंड एसी की 50 बर्थ मौजूद रहेंगी।   ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का इसी प्रकार आगामी 18 नवंबर को सात ज्योतिर्लिंग की यात्रा शुरू होगी। ये ट्रेन योग नगरी ऋषिकेश से चलेगी और इसमें ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, हरदोई, लखनऊ, कानपुर, उरई, झांसी और ललितपुर स्टेशन से चढ़ने की व्यवस्था रहेगी। ग्वालियर के श्रद्धालु झांसी स्टेशन से ट्रेन में सवार हो सकेंगे। ये ट्रेन ओंकारेश्वर, महाकाल, सोमनाथ, नागेश्वर के साथ ही द्वारिका व भेंट द्वारिका, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, गिरनेश्वर के दर्शन कराएगी। 13 सितंबर को भी रवाना हुई थी ट्रेन, दिसंबर में और संभावनाएं- इसी माह गंगासागर-पुरी यात्रा के लिए भी 13 तारीख को ट्रेन रवाना हुई थी, जिसमें आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या से बैठने की सुविधा थी। ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का था। सर्दी के मौसम में बढ़ता है धार्मिक पर्यटन आइआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि सर्दी के मौसम में धार्मिक पर्यटन बढ़ता है। इसके अलावा लोग भी घूमने-फिरने में रुचि लेते हैं, क्योंकि इस मौसम में घूमने में लोगों को ज्यादा समस्या नहीं होती है। इसको देखते हुए दिसंबर माह में भी दो ट्रेनों के संचालन की संभावना है। आइआरसीटीसी की ओर से सितंबर माह में एक ट्रेन संचालित की गई थी। अक्टूबर माह में त्योहार होने के कारण फिलहाल ट्रेन नहीं है। नवंबर माह में दो ट्रेनें रवाना होंगी। दिसंबर में भी धार्मिक स्थलों के लिए ट्रेन संचालित होने की संभावना है। – अजीत सिन्हा, मुख्य क्षेत्रीय अधिकारी, आइआरसीटीसी

कुत्ता-बिल्ली के झगड़े ने पति-पत्नी के रिश्ते में पैदा की दरार, जानें पूरा मामला

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला तलाक का मामला सामने आया है। यहां एक दंपति तलाक लेने की वजह सिर्फ यह बताई है कि दोनों को एक-दूसरे के पालतू जानवर पसंद नहीं हैं। आपको बता दें कि दंपति की शादी सिर्फ 8 महीने पहले 2024 में हुई थी। पति यूपी का रहने वाला है और पत्नी भोपाल की। दोनों की मुलाकात पालतू जानवरों के हित में आयोजित आंदोलन के दौरान हुई थी। शादी के समय दोनों ने यह तय किया था कि वे एक-दूसरे के पालतू की देखभाल में मदद करेंगे। पालतू जानवरों के कारण तलाक की अर्जी शादी के बाद विवाद तब शुरू हुआ जब पत्नी अपनी बिल्ली को साथ लाईं, जबकि पति के पास पहले से ही दो कुत्ते, मछली और खरगोश थे। महिला ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पति के कुत्ते उसकी बिल्ली को डराते हैं और बार-बार भौंकते हैं, तो वहीं इन आरोपों पर पति का कहना है कि महिला की बिल्ली लगातार म्याऊं करती है और उसकी मछलियों को नुकसान पहुंचाती है। इन्हीं विवादों के कारण दोनों ने अलग रहने का निर्णय लिया और तलाक के लिए फैमिली कोर्ट का रुख किया। दोनों को समझाने का प्रयास जारी बता दें कि कोर्ट में काउंसलर शैल अवस्थी दोनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे मतभेद भुलाकर रिश्ते को बचाएं. पहली काउंसलिंग में पति ने जिद की कि बिल्ली की वजह से वह अपने जानवरों के साथ अलग रहना चाहता है। पत्नी ने कहा कि वह अपनी बिल्ली को उदास नहीं देख सकती। अगली काउंसलिंग दशहरा के बाद होगी, जिसमें फिर से दोनों को समझाने की कोशिश होगी।  

लाइन में लगने से छुटकारा! 2 मिनट में बनेगा तत्काल टिकट

रायबरेली उत्तर प्रदेश के रायबरेली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इंटरनेट की स्पीड बढ़ाई जाएगी। यह फैसला तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान नेटवर्क की धीमी गति की समस्या को दूर करने के लिए लिया गया है, जहां ज्यादा स्पीड वाला एमपीएस सिस्टम स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में स्टेशन पर 100 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड उपलब्ध है, लेकिन तत्काल टिकट बुकिंग के लिए यह पर्याप्त नहीं होती है। स्पीड बढ़ने की वजह से रिजर्वेशन प्रक्रिया आसान होगी और काउंटरों पर लगने वाली भीड़ भी कम होगी। रेलटेल कंपनी इस सुविधा को अन्य स्टेशनों पर भी उपलब्ध कराएगी।   आम थीं नेटवर्क स्लो होने की शिकायतें बता दें कि तत्काल टिकट बुकिंग के समय नेटवर्क स्लो होने की शिकायतें आम थीं। एसी कोच के लिए सुबह 10 से 10:30 बजे और स्लीपर क्लास के लिए 11 से 11:30 बजे तक टिकट बुकिंग होती है। लेकिन धीमे नेटवर्क की वजह से कई बार एक टिकट बनाने में 15 से 20 मिनट तक का समय लग जाता था। ऐसे में काउंटरों पर खड़े यात्रियों को टिकट समय पर नहीं मिल पाते थे। दो रिजर्वेशन काउंटरों पर तो कमजोर नेटवर्क के चलते एक समय में केवल दो से पांच टिकट ही बन पाते थे। एक-दो मिनट में बन जाएगा टिकट अब रेलवे अधिकारियों ने उच्च क्षमता वाला नेटवर्क सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद टिकट बनाने का समय घटकर केवल एक से दो मिनट रह जाएगा। इससे अधिक यात्री समय पर टिकट ले सकेंगे और काउंटरों पर भीड़ भी घटेगी। यात्री कमलकिशोर ने कहा कि नवरात्र और त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग का यह कदम बेहद सराहनीय है। चूंकि स्टेशन से 35 से अधिक जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है, इसलिए बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर (टेलीकॉम) संदीप सोनकर के अनुसार, रेलटेल कंपनी द्वारा रायबरेली, बछरावां, ऊंचाहार, डलमऊ और लालगंज स्टेशनों पर यह नया सिस्टम लगाया जाएगा। इसके बाद इसे अन्य स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा।

नवपंचम राजयोग बनेगा दिवाली पर, इन 3 राशियों की किस्मत में आ रहा है पैसा ही पैसा

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रह-नक्षत्रों का गोचर जातक के जीवन में कई तरह के बदलाव लाता है. हर पर्व-त्योहार पर ग्रहों की विशेष स्थिति बनती है, जो सभी 12 राशियों पर शुभ और अशुभ प्रभाव डालती है. इस साल दिवाली का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा और इस दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शक्तिशाली योग बनने वाला है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार दिवाली पर शनि और बुध का विशेष संयोग बनेगा, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यह राजयोग विशेष रूप से कुछ राशियों के लिए धन, सफलता और उन्नति के द्वार खोल सकता है. वृषभ राशि (Taurus): वृषभ राशि के जातकों के लिए यह योग बेहद खास रहने वाला है. आपको मनचाही उपलब्धियां मिल सकती हैं. करियर में प्रगति होगी. व्यापार में बड़ा लाभ होने के योग हैं. इस दौरान आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. परिवार में शुभ समाचार मिलेगा और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी. शनि-बुध का ये दुर्लभ संयोग आपको साल के अंत में खूब लाभ देने वाला है. कर्क राशि (Cancer): दिवाली पर बन रहे इस खास राजयोग का सीधा असर कर्क राशि के जातकों पर दिखाई देगा. लंबे समय से अटके कार्यों में सफलता मिल सकती है. पुराने अटके पैसे वापस मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. नौकरीपेशा लोगों को आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं. जीवन में सुख-सुविधाएं बनी रहेंगी. संतान की ओर से शुभ समाचार मिल सकता है.  मकर राशि (Capricorn) शनि और बुध का यह दुर्लभ संयोग आपके लिए नई उपलब्धियों और तरक्की के द्वार खोलने वाला है. कार्यक्षेत्र में किसी बड़ी जिम्मेदारी की प्राप्ति हो सकती है. इस दौरान भाग्य पूरी तरह आपका साथ देगा.दांपत्य जीवन में चल रही दूरियां और गलतफहमियां खत्म होंगी, रिश्तों में मधुरता आएगी. व्यापारियों को अचानक बड़े मुनाफे का लाभ हो सकता है. व्यापार में लंबे समय से जो घाटा आप झेल रहे थे, उस पर अंकुश लग सकता है.

आज का राशिफल सोमवार 22 सितंबर: बदलेगी इन राशियों की किस्मत, देखें दैनिक राशिफल

मेष: आज के दिन प्रेम संबंध अच्छी सिचूऐशन में हैं। उत्पादक बनने के लिए पेशेवर चुनौतियों का समाधान करें। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। आर्थिक सफलता मिलेगी और यह आपको अपने धन को बढ़ाने के लिए नए विकल्प आजमाने के लिए भी प्रेरित करेगी। वृषभ: आज के दिन ऑफिस और निजी जीवन दोनों ही उत्पादक हैं। संतुलन बनाए रखें। आपकी सफल वित्तीय स्थिति आपको महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद करेगी। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मिथुन: मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। करियर में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले सलाह जरूर लें। लव लाइफ में टेंशन का माहौल बन सकता है। कर्क: आज के दिन आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। आपका पार्टनर आपके लिए सरप्राइज डेट प्लान कर सकता है। वहीं, आपको स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रॉपर्टी के मसलों में ध्यान दें, हानि हो सकती है। छात्रों के लिए भी ये दिन अच्छा रहने वाला है। सिंह: आज का दिन आपके लिए सकारात्मक रहने वाला है। पार्टनर के साथ वैकेशन पर भी जाने की संभावना है। वहीं, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रॉपर्टी से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आपको करियर में सफलता मिलेगी। कन्या: आज के दिन प्रेम संबंधों में मधुरता बनाए रखने के लिए जीवन में आ रही मुश्किलों का इल्जाम साथी के सिर न डालें। व्यावसायिक सफलता का अनुभव भी करेंगे। आपके जीवन में छोटी-मोटी आर्थिक परेशानियां भी रहेंगी। तुला: आज के दिन व्यापार में थोड़ी बहुत दिक्कतें आ सकती हैं, जिसे आप अपनी सूझबूझ के साथ आसानी से हल कर लेंगे। आपकी आय में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। बेवजह की यात्रा से बचें। वृश्चिक: आज के दिन आपकी सेहत और आर्थिक स्थिति दोनों दमदार रहने वाली हैं। वृश्चिक राशि के लोग जीवन को खुशहाल बनाने के लिए लव लाइफ में आ रही दिक्कतों को सुझाएं। रोमांस में कुछ लोग डूबे रहेंगे। धनु: आज के दिन व्यापार से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। बच्चों के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं। सालों से रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। काम के सिलसिले में विदेश यात्रा पर जा सकते हैं। मकर: आज के दिन ऑफिस में पॉलिटिक्स से दूर रहना आपके लिए बेहतर रहेगा। हर सोमवार शिव जी की उपासना करें। सेहत में सुधार होगा। जीवनसाथी के साथ चल रही मतभेदों को बैठकर बातचीत कर सुलझाएं। कुंभ: आज के दिन स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। आपका दिन फायदेमंद माना जा रहा है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। व्यापार में धन लाभ होने की संभावना है। बिजनेस कर रहे लोगों को कोई अच्छी डील भी मिल सकती है। मीन: मीन राशि के लोगों को रिश्तों में छोटी-मोटी समस्याएं आ सकती हैं लेकिन बात-चीत कर इन दिक्कतों को सुलझाना बेहतर रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए चुनौतियों का बखूबी सामना करें।

जोश और संकल्प की दौड़: मैराथन में झलकती हमारी युवा शक्ति

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कुरुक्षेत्र के द्रोणाचार्य खेल स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित 'नमो युवा रन' मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं भी युवाओं के साथ मैराथन में हिस्सा लिया। इस मौके पर युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की यह मैराथन हमारी युवा शक्ति की ऊर्जा, जोश और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक है। कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की यह पहल युवाओं के भविष्य को उज्जवल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह रन केवल 5 किलोमीटर की नहीं, बल्कि देश की तरक्की की दौड़ है जो हर युवा के मन में समर्पण, धैर्य और मेहनत की भावना को जगाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं के स्वाभिमान और उनकी योग्यता का सम्मान किया है। योग्यता के आधार पर बिना खर्ची-बिना पर्ची के 1 लाख 80 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अवसर न केवल हमें एक साथ जोड़ते है, बल्कि हमें एक महान प्रेरणा भी देता है। प्रधानमंत्री की अद्भुत नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शिता और देश के प्रति अटूट समर्पण ने हमें एक नए भारत का सपना दिखाया है। हमें उस सपने को साकार करने की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री ने हमारे सामने 'विकसित भारत' का विजन रखा है। ऐसा विजन जहां हर नागरिक सशक्त हो, जहां हर युवा की रोजगार मिले और जहां हमारी अर्थव्यवस्था विश्व के सामने अपने कदम मजबूती से बढ़ा सके। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में, 'मेक इन इंडिया', 'लोकल फॉर वोकल', 'डिजिटल इंडिया', 'स्टार्टअप इंडिया' और 'स्किल इंडिया' जैसी पहले देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। चाहे कोई भी क्षेत्र हो, जब हम एकजुट होकर देश के विकास के लिए काम करते हैं, तभी हमारा राष्ट्र वास्तव में विकसित बनता है। कौशल विकास और युवा सशक्तिकरण भी इसी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि युवा अपने स्वास्थ्य और फिटनेस के साथ अपने कौशल विकास पर भी ध्यान दें। हमें 'विकसित भारत-विकसित हरियाणा' के विजन को साकार करने के लिए मिलकर काम करना है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारा देश युवा शक्ति का देश है। हमारी सबसे बड़ी संपत्ति हमारे युवा हैं। प्रधानमंत्री ने भी बार-बार युवाओं को आगे आने, कौशल सीखने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया है। आज युवाओं के लिए अवसरों के नये क्षितिज खुल रहे हैं। हमारी सरकार इसके लिए पूरी ताकत के साथ काम कर रही है। स्किल युवाओं की सबसे बड़ी ताकत है। लगातार स्किल में बदलाव करना और कुछ नया सीखना समय की मांग है। आपकी क्षमता ही आपको दूसरों से अलग बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में युवाओं को आधुनिक रोजगारपरक विषयों का शिक्षण व प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लिए पलवल में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी है। 'हरियाणा कौशल विकास मिशन' के तहत 1 लाख 10 हजार युवाओं को कौशल प्रदान किया है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें। उन्होंने कहा कि कौशल प्राप्त युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए उद्योगों को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है। इसलिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को गति देने के लिए राज्य में अलग से 'एम.एस.एम.ई. विभाग' का गठन किया है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और अनुसंधान के लिए भारत दुनियाभर में एक केन्द्र के रूप में उभर रहा है। हरियाणा में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 'नई स्टार्टअप नीति' बनाई है। इस नीति के तहत युवाओं को आर्थिक व तकनीकी सहायता देकर उन्हें अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 9 हजार 500 युवा स्टार्टअप स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया एक ग्लोबल विलेज में बदल गई है। इस समय विदेशों में रोजगार तलाश करने वाले युवाओं की संख्या काफी अधिक है, लेकिन ये युवा कई बार विदेश भेजने का झांसा देने वाले जालसाजों के जाल में फंस जाते हैं। हमने उन्हें विदेशों में शिक्षा व रोजगार दिलाने के लिए 'विदेश सहयोग विभाग' बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की खेलों में उपलब्धियों का जिक्र होते ही हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियाई खेलों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी शारीरिक दक्षता और मानसिक दृढ़ता का लोहा मनवाया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक में देश को मिले 6 में से 4 पदक जीतकर हमें गौरवान्वित किया है। कांस्य पदक जीतने वाली हॉकी टीम में भी हरियाणा के 3 खिलाड़ी हैं। मैडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये तक नकद पुरस्कार देने के साथ-साथ सरकारी नौकरियां भी दी जा रही हैं। अवार्ड पाने वाले खिलाड़ियों को मासिक मानदेय भी दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी जितनी अधिक होगी, देश व प्रदेश का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा। इसलिए हमारे युवाओं को राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि देश को आधुनिक सोच का नया नेतृत्व मिले। राजनीति में आपकी भागीदारी वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति को समाप्त कर देगी। 

कमाल की इनोवेशन! दिल्ली के युवक ने बनाया AlterEgo, बोले बिना होगी बातचीत

नई दिल्ली साइंस फिक्शन फिल्मों में आपने देखा होगा कि किस तरह से लोग बिना बोले एक दूसरे से मन ही मन बात कर पाते हैं। अब ऐसा असल दुनिया में भी हो पाएगा। दरअसल दिल्ली में जन्मे और अमेरिका की MIT से पढ़े अर्णव कपूर ने एक हैरतअंगेज डिवाइस बनाया है, जिसकी मदद से लोग बिना एक शब्द भी बोले आपस में बात कर पाएंगे। इतना ही नहीं इस डिवाइस का इस्तेमाल करके इंसान मशीनों के साथ भी बात-चीत कर सकेंगे। यहां गौर करने वाली बात यह है कि इस डिवाइस की मदद से बातचीत करते हुए बात करने वालों को न तो हाथ-पैर हिलाने पड़ेंगे और न ही किसी तरह का भाव चहरे पर दिखाना होगा। अर्णव का यह डिवाइस बनाने का मकसद यही है कि जिन लोगों को बात करने में किसी भी वजह से तकलीफ होती है, वह इस डिवाइस को इस्तेमाल कर पाएं। हालांकि इसे इस्तेमाल हर कोई कर सकता है। चलिए अर्णव के AlterEgo नाम के इस डिवाइस के बारे में डिटेल में बात करते हैं। AlterEgo क्या है? AlterEgo एक डिवाइस का नाम है जिसे कि सिर पर पहन कर किसी शख्स से बिना बोले बात की जा सकती है। इसका इस्तेमाल मशीनों के साथ बातचीत करने में भी किया जा सकता है। यह मशीन इंसान के दिमाग में चलने वाले विचारों को पकड़कर उन्हें शब्दों में बदल देता है। MIT के अनुसार, यह डिवाइस 'इंटरनल आर्टिक्यूलेशन ऑफ वर्ड्स' के सिद्धांत पर काम करता है। इसका मतलब है कि जब आप अपने मन में कुछ सोचते हैं, तो यह दिमाग में उठने वाली ऊर्जा या करंट को पकड़ पाता है। जिसे कि यह शब्दों में बदल सकता है। इस तकनीक खासियत है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए शरीर में किसी तरह का कोई डिवाइस इम्पलांट नहीं करना पड़ता। इस डिवाइस की मदद से इंसान बिना एक भी शब्द बोले AI, कंप्यूटर और दूसरे लोगों से प्राकृतिक भाषा में बात कर सकता है। कौन हैं अर्णव कपूर? अर्णव कपूर भारतीय मूल के शोधकर्ता हैं और उन्होंने AlterEgo प्रोजेक्ट को शुरू किया है। वह MIT यानी कि Massachusetts Institute of Technology से पढ़ाई कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल अर्णव कैम्ब्रिज में AlterEgo प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं और इस टेक्नोलॉजी को प्रोटोटाइप से इस्तेमाल के लायक एक कमर्शिलय प्रोजेक्ट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कैसे काम करता है AlterEgo? AlterEgo की वेबसाइट के मुताबिक जब भी कोई शख्स कुछ सोचता है, तो उसके चेहरे और गले की मांसपेशियां हल्की सी हरकत करती हैं। इन बारीक हरकतों को हमारी आंखें नहीं देख सकती हैं। AlterEgo इन्हीं छोटे-छोटे न्यूरल सिग्नल्स को पकड़ता है और उन्हें कंप्यूटर की भाषा में बदल देता है। इससे जुड़ी एक वीडियो भी इंटरनेट पर मौजूद है जहां अर्णव कपूर से सवाल पूछे जा रहे हैं और वे बिना कुछ बोले तुरंत जवाब दे रहे हैं। इस टेक्नोलॉजी की खासियत है कि यह सिर्फ जानकारी भेजता नहीं है बल्कि उसे रिसीव भी कर सकता है। यही वजह है कि इस डिवाइस को पहने दो शख्स आपस में बिना बोले लंबी बातचीत कर सकते हैं। किस काम आएगा AlterEgo? AlterEgo की वेबसाइट के मुताबिक AlterEgo का मकसद उन लोगों की मदद करना है जिन्हें बोलने में समस्या होती है। ALS यानी कि एमियोट्रॉफिक लेटरल स्क्लेरोसिस और MS यानी कि मल्टिपल स्क्लेरोसिस जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग इसका सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। हालांकि इसके और भी यूज केस हैं। आम लोग इसका इस्तेमाल रोजमर्रा के कामों में कंप्यूटिंग को आसान बनाने के लिए कर सकते हैं। अर्णव कपूर का यह आविष्कार न सिर्फ दिव्यांगों के लिए वरदान साबित हो सकता है बल्कि टेक्नोलॉजी की दुनिया का नया अध्याय भी शुरू कर सकता है। अगर अर्णव इसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करवा पाने में कामियाब होते हैं, तो इंसानों की बात करने का तरीका भी पूरी तरह से बदल सकता है।

कारीगरों की मेहनत से सारंगपुर बन रहा है स्वदेशी शक्ति केंद्र : मंत्री टेटवाल

हथकरघा और शिल्पकला से प्रदेश को मिलेगी वैश्विक पहचान भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री( स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए लोकल फ़ॉर वोकल के संदेश ने न केवल देश में स्वदेशी वस्तुओं की खपत को बढ़ाया है, बल्कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। इसी दिशा में राजगढ़ जिले के सारंगपुर जैसे कस्बे अपने हुनर और कारीगरी के माध्यम से लगातार प्रगति कर रहे हैं और प्रदेश को समर्थ बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने सारंगपुर विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया और वार्डों में कुटीर उद्योग से जुड़े कारीगरों, बुनकरों और व्यापारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सारंगपुर की शिल्पकला और हस्तनिर्मित वस्तुएं आने वाले समय में इस क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाएंगी। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर हथकरघा और बुनकरों के कार्यों में निरंतर आगे बढ़ रहा है। यहां तैयार की जा रही सिल्क की साड़ियां पहले से ही कई स्थानों पर प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार ताड़ से बनाई जा रही चटाइयां और अन्य उपयोगी वस्तुएं की भी लोगों के बीच बड़ी मांग हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सारंगपुर के कारीगरों की मेहनत से यहां की पारंपरिक कला और उत्पाद न केवल देश के बाजारों में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशेष पहचान बनाएंगे। वोकल फॉर लोकल को जनआंदोलन बनाने की अपील मंत्री श्री टेटवाल ने कारीगरों और व्यापारियों से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों के निर्माण और उपयोग को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी लोकल उत्पादों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करेंगे तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश और देश की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का जो अभियान चलाया जा रहा है, वह तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर इसमें भागीदार बनेगा। सारंगपुर के कारीगरों का हुनर और समर्पण इस दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि कैसे एक छोटा सा कस्बा भी लोकल से ग्लोबल पहचान बना सकता है।