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टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की योजना, अफगान सलामी जोड़ी मैदान में उतरी

नई दिल्ली एशिया कप 2025 के 11वें मैच में आज ग्रुप बी की अफगानिस्‍तान टीम का सामना श्रीलंका से हो रहा है। अफगानिस्‍तान के कप्‍तान राशिद खान ने टॉस जीतकर बल्‍लेबाजी करने का फैसला लिया है। मुकाबला अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में खेला जा रहा है। अफगानिस्‍तान के लिए यह मैच करो या मरो वाला है। एक और हार टीम को सुपर-4 की रेस से बाहर कर देगी। ग्रुप बी की जंग काफी रोमांचक है। श्रीलंका ने 2 में से 2 मैच जीते हैं और उसके 4 अंक (+1.546) हैं। 3 में से 2 जीते साथ बांग्‍लादेश के 4 प्‍वाइंट्स (-0.270) हैं। वहीं अफगानिस्‍तान ने 2 में से 1 मैच जीता है और टीम के 2 अंक (+2.150) हैं। हांगकांग 3 हार के साथ पहले ही बाहर हो चुकी है। अफगान टीम अगर आज जीतती है तो 3 टीमों के 4-4 अंक होंगे। हालांकि, बेहतर नेट रन रेट के चलते श्रीलंका और अफगानिस्‍तान टीम सुपर-4 में पहुंचेगी। 

टी दिलीप ने Asia Cup 2025 के लिए दी फील्डिंग में गेम-चेंजिंग सलाह

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप ने कहा है कि दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में हवा में लहराने वाले ऊंचे कैच लेने के लिए एक सेकंड के लिए भी गेंद पर से नजर नहीं हटाना जरूरी है। दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में फ्लडलाइट्स की व्यवस्था पारंपरिक व्यवस्था से काफी अलग है। दिलीप ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड द्वारा एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो में ये बात कही। यह आग के वृत्त (रिंग ऑफ फायर) की तरह होती है जो मूल रूप से गुंबद में होती है न कि खंभों पर, जैसा कि हम आमतौर पर देखते हैं। दिलीप ने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में सबसे बड़ी चुनौती सीमा रेखा पर कैच लेने की होती है। ऐसे में आपको एक पल के लिए भी गेंद से नजर नहीं हटानी होती है।  

बिहार की राजनीति में हलचल: अमित शाह-नीतीश की बैठक से बदल सकते हैं समीकरण

पटना  पटना के होटल मौर्या में गुरुवार को गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात ने बिहार की सियासत में तूफान ला दिया। विधानसभा चुनाव 2025 से पहले हुई इस अहम बैठक को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है कि एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय कर लिया गया है। सीट बंटवारे पर अहम बातचीत सूत्रों के अनुसार, मुलाकात में जेडीयू और बीजेपी के बीच सीट शेयरिंग पर अंतिम दौर की बातचीत हुई। चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की सीटों की मांग पर भी गहन चर्चा चली। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ही एनडीए के अंदरूनी समीकरण लगभग फाइनल कर लिए गए। खुशमिजाज माहौल, लेकिन गहरी रणनीति बता दें कि सीएम नीतीश होटल मौर्य पहुंचे तो अमित शाह ने आगे बढ़कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच बातचीत सहज और सकारात्मक माहौल में हुई। हालांकि बाहर आकर किसी ने भी आधिकारिक बयान नहीं दिया। बैठक से बाहर निकलने का क्रम भी दिलचस्प इस बीच, मीटिंग से सबसे पहले डेप्युटी सीएम सम्राट चौधरी और विजय चौधरी बाहर निकले। उसके बाद सीएम नीतीश सहयोगी संजय झा से बातचीत करते हुए होटल से बाहर आए। गृहमंत्री शाह यहां से सीधे डेहरी रवाना हो गए, जहां उन्हें बीजेपी कार्यकर्ताओं से मिलना था।   बिहार में नया समीकरण या मजबूती? हालांकि नेताओं की मुस्कान और चुप्पी दोनों ही संकेत देती हैं कि चुनावी रणनीति का बड़ा खाका तैयार हो चुका है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीटों की औपचारिक घोषणा कब होती है और इसमें किसे कितना हिस्सा मिलता है।

राजफेड की समीक्षा बैठक: आगामी दलहन-तिलहन खरीद के लिए आवश्यक तैयारियां करें सुनिश्चित

आवश्यकता के अनुरूप खरीद केन्द्रों की संख्या में की जाए वृद्धि  खरीद प्रक्रिया में बायोमीट्रिक सिस्टम किया जाए लागू  खरीद की संभावित मात्रा के अनुरूप बारदाने का रखें पर्याप्त इंतजाम: सहकारिता मंत्री   जयपुर सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि खरीफ-2025 सीजन में समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत आगामी दलहन-तिलहन खरीद के लिए अभी से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आवश्यकता के अनुरूप खरीद केन्द्रों की संख्या में वृद्धि की जाए, जिससे किसानों को अपना माल तुलवाने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। श्री दक गुरूवार को राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संघ (राजफेड) कार्यालय में संस्था से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने राजफेड अधिकारियों को निर्देश दिए कि मूंग, मूंगफली, उड़द और सोयाबीन खरीद की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से शुरु करने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। एक्टिव पैक्स को खरीद केन्द्रों के रूप में अधिसूचित किया जाए। साथ ही, किसानों की बायोमीट्रिक पहचान की प्रक्रिया को भी इसी माह पूरा कर आगामी खरीद से लागू कर दिया जाए। उन्होंने पिछली खरीद में जिन स्थानों से शिकायतें प्राप्त हुई, वहां पर नया टेंडर करने एवं हैण्डलिंग व परिवहन के टेंडर में नये लोगों को अवसर देने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही, कहा कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी सिस्टम तैयार किया जाए।   सहकारिता मंत्री ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में शामिल एजेंसियां पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करें। कृषि विभाग से प्राप्त उत्पादन के आंकड़ों के अनुरूप आकलन कर पर्याप्त संख्या में खरीद केन्द्र स्थापित किये जाएं, जिससे किसानों को लाइन में नहीं लगना पड़े। खरीद की संभावित मात्रा के अनुरूप बारदाने का भी पर्याप्त इंतजाम रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि समितियों को भुगतान के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाते हुए समय सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने राजफेड द्वारा नई गतिविधियां शुरू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजफेड की उपलब्ध भूमियों का विवरण तथा उनके बेहतर उपयोग से संबंधित कार्ययोजना तैयार की जाए। सहकारिता मंत्री ने बैठक में दलहन-तिलहन खरीद की कार्ययोजना, खरीद केन्द्रों की स्थिति, भण्डारण व्यवस्था, बारदाना की उपलब्धता, विगत वर्षों में दलहन-तिलहन की खरीद, हैण्डलिंग एवं परिवहन व्यवस्था, वित्त व्यवस्था और नवाचारों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि तिलम संघ की साफ-सुथरी पृष्ठभूमि वाली एक्टिव सोसायटियों को भी खरीद प्रक्रिया में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि खरीद कार्य करने वाली समितियों को समय पर भुगतान हो, इसके लिए राजफेड को संवेदनशील होकर कार्य करने की आवश्यकता है। राजफेड के प्रबंध संचालक श्री टीकम चन्द बोहरा ने बताया कि खरीद प्रक्रिया निर्बाध रूप से सम्पन्न करने के लिए आवश्यक तैयारियां जारी हैं। बारदाना के लिए ऑर्डर दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही के लिए विजिलेंस टीम का गठन किया हुआ है। प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। बैठक में राजफेड के अधिकारियों ने अवगत करवाया कि बारदाने की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित रखने के लिए इस बार राजफेड के स्तर पर भी फर्मों को इम्पैनल किया गया है, जिनसे आवश्यकता पड़ने पर बारदाना की खरीद की जा सकेगी। संस्था में लगभग तीन दशक बाद नये पदों पर भर्ती हुई है, जिसका असर कार्यप्रणाली पर दिखेगा। रिक्त 18 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव शीघ्र सहकारी भर्ती बोर्ड को भिजवाया जाएगा। नई पशु आहार फैक्ट्री के लिए डीपीआर तैयार करवाई जा रही है तथा संस्था द्वारा उत्पादित पशु आहार की मार्केटिंग भी करवाई जा रही है। राजफेड द्वारा गैस एजेंसी का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। बैठक में संयुक्त शासन सचिव श्री प्रह्लाद सहाय नागा सहित एनसीसीएफ, नैफेड व तिलम संघ के अधिकारी तथा राजफेड के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

एयर इंडिया का ड्रामा: 103 यात्रियों के बीच अचानक इमरजेंसी लैंडिंग, यात्रा तनावपूर्ण

विशाखापत्तनम  विशाखापत्तनम से हैदराबाद जा रही एअर इंडिया की एक उड़ान को पक्षी के टकराने के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। विमान में 103 यात्री सवार थे। इंजन में खराबी आने के बाद पायलट ने विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर वापस लौटने का फैसला किया। सभी यात्री सुरक्षित हैं और एयरलाइन वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद यह घटना हुई।   विशाखापत्तनम हवाई अड्डे के निदेशक एस राजा रेड्डी ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस के फ्लाइट नंबर IX 2658 के पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग का अनुरोध किया और हैदराबाद की यात्रा रद्द करके विशाखापत्तनम लौट आया। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित रेड्डी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि विशाखापत्तनम से उड़ान भरने के बाद, पायलट ने इंजन में कुछ समस्या की सूचना दी। इसलिए, उसने आपातकालीन लैंडिंग का अनुरोध किया और विशाखापत्तनम लौट आया। विमान सुरक्षित रूप से उतर गया और यात्रियों को उतार लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि एयरलाइन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।  

मौसम विभाग की चेतावनी: तेज बारिश, आंधी और वज्रपात से रहें सतर्क

पटना  बिहार में एक बार फिर मौसम बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग पटना ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा।  मौसम विभाग पटना ने जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और खगड़िया में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। वहीं दो जिलों, पश्चिमी चंपारण और गोपालगंज में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही विभाग द्वारा पूरे राज्य में आंधी-तूफान और ठनका गिरने की चेतावनी जारी की गई है। ये भी कहा गया है कि अगले दो दिनों कर पूरे राज्य में ऐसी स्थिति बनी रह सकती है।  नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी  वहीं अगर बीते 24 घंटे की बात करें तो शिवहर, सीवान, नालंदा, बेतिया, रक्सौल, समस्तीपुर और गोपालगंज सहित कई जिलों भारी बारिश हुई है, जिसके चलते राज्य की नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।    

हिंडनबर्ग के दावों पर SEBI का फैसला: अदाणी ग्रुप को मिली क्लीन चिट

नई दिल्ली भारत के अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी को बड़ी राहत मिली है। हिंडनबर्ग मामले में सेबी ने अदाणी समूह को क्लीनचिट दे दी है। शेयर बाजार नियामक संस्था, SEBI ने कहा है कि अदाणी ग्रुप पर लगे आरोप साबित नहीं हुए। सेबी ने अपनी जांच के बाद बताया कि हिंडनबर्ग द्वारा अदाणी समूह पर लगाए गए इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप साबित नहीं हुए। सेबी ने 18 सितंबर को पारित अपने अंतिम आदेश में गौतम अदाणी, उनके भाई राजेश अदाणी, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी पावर और एडिकॉर्प एंटरप्राइजेज को दोषमुक्त कर दिया है। SEBI ने ऑर्डर में क्या कहा? सेबी के पूर्णकालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने आदेश में लिखा, "मुझे लगता है कि एससीएन में नोटिसियों के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए, नोटिसियों पर किसी भी दायित्व के हस्तांतरण का सवाल ही नहीं उठता है और इसलिए जुर्माने की मात्रा के निर्धारण के सवाल पर भी किसी विचार-विमर्श की आवश्यकता नहीं है।" 24 जनवरी, 2023 को, अमेरिका स्थित शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें शेयरों में हेराफेरी, अकाउंटिंग धोखाधड़ी और फंड ट्रांसफर के लिए ऑफशोर टैक्स हेवन और शेल कंपनियों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगाए थे। हिंडनबर्ग ने कहा था कि अदाणी ग्रुप द्वारा नियंत्रित संस्थाओं से कई टैक्स हेवन के ज़रिए फंड निकाला गया और फिर शेयर की कीमतों को आर्टिफिशियल तरीके से बढ़ाने के लिए बाजार में लिस्टेड अदाणी ग्रुप की कंपनियों में निवेश किया गया।

जानें किस देश ने सबसे पहले किया था EVM का इस्तेमाल और अब वहां कैसी है स्थिति

नई दिल्ली  भारत में अक्सर चुनावी हार के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल उठाए जाते हैं। विपक्ष का आरोप होता है कि ईवीएम में हेराफेरी की गई, जिससे उन्हें कम वोट मिले। हालांकि, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना किसी भी लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बहुत से लोग मानते हैं कि भारत EVM का इस्तेमाल करने वाला पहला देश था, लेकिन सच्चाई कुछ और है। दुनिया में सबसे पहले EVM का प्रयोग अमेरिका में हुआ था। अमेरिका में हुई थी शुरुआत यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि दुनिया में सबसे पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल अमेरिका में हुआ था। 1960 के दशक के अंत और 1970 के दशक की शुरुआत में अमेरिका के कुछ राज्यों ने मतदान प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर प्रयोग शुरू किए। इन प्रयोगों ने ही आधुनिक EVM की नींव रखी। अमेरिका में EVM का विकास अमेरिका में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग का पहला प्रयोग 1964 में ऑटोमैटिक वोटिंग मशीन (AVM) के रूप में हुआ। इसके बाद, 1970 के दशक में डायरेक्ट रिकॉर्डिंग इलेक्ट्रॉनिक (DRE) मशीनों का इस्तेमाल शुरू हुआ, जिसमें मतदाता बटन दबाकर या टचस्क्रीन के जरिए अपना वोट दर्ज करते थे। 1980 के दशक तक, अमेरिका के कई राज्यों ने इन मशीनों को अपना लिया था। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य मतदान की गति और सुविधा बढ़ाना था। वर्तमान स्थिति: पारदर्शिता पर जोर आज अमेरिका पूरी तरह से EVM पर निर्भर नहीं है। साल 2000 के राष्ट्रपति चुनाव में फ्लोरिडा के बैलेट विवाद के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम पर सवाल उठने लगे। इसके बाद से सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर लगातार बहस जारी है। परिणामस्वरूप, कई राज्यों ने अब पेपर बैलेट और EVM का हाइब्रिड सिस्टम अपनाया है। इस प्रणाली में वोट इलेक्ट्रॉनिक मशीन से दर्ज होते हैं, लेकिन साथ ही एक पेपर रिकॉर्ड भी तैयार होता है, जिसे पेपर ट्रेल कहा जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर वोटों की दोबारा गिनती की जा सके।   वर्तमान में, अमेरिका में लगभग 70% वोटिंग मशीनें इलेक्ट्रॉनिक और पेपर बैकअप सिस्टम पर आधारित हैं, जबकि कुछ राज्य अब भी केवल पेपर बैलेट का उपयोग करते हैं। चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि जहां EVM ने सुविधा दी है, वहीं साइबर सुरक्षा और हैकिंग के खतरों ने इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। यही कारण है कि अमेरिका में अब EVM और पेपर ट्रेल (जैसे VVPAT सिस्टम) का मिश्रित मॉडल सबसे ज्यादा प्रचलित है। अमेरिका, जिसने सबसे पहले EVM का इस्तेमाल शुरू किया, आज भी इस तकनीक पर पूरी तरह भरोसा नहीं करता है। वहां के चुनावों में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के साथ पेपर बैकअप को अनिवार्य बना दिया गया है।  

वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई कर 9 करोड़ 59 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी

फर्जी चालान व ई-वे बिल से आयरन स्क्रेप की फर्जी खरीद दिखाई   जयपुर राज्य में बोगस, फेक फर्मो द्वारा की जा रही राजस्व क्षति रोकने के लिए राज्य कर विभाग सर्तक है। विभाग के मुख्य आयुक्त श्री कुमार पाल गौतम के निर्देशन में इस सम्बंध निरन्तर की जा रही कार्रवाई की कड़ी में  प्रवर्तन शाखा प्रथम की टीम ने जयपुर स्थित विश्वकर्मा इण्डस्ट्रियल एरिया में  आयरन एवं स्क्रेप का कागजी कारोबार करने वाली दो फर्मों बाबा मैटल्स तथा खण्डेलवाल एण्टरप्राईजेज पर एक साथ सर्च और सर्वे की कार्रवाई की। मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर 29 सितम्बर तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।   मुख्य आयुक्त ने बताया कि कार्रवाई से पूर्व विभाग ने जीएसटी पोर्टल पर दोनों फर्मो के खरीद फरोख्त संबंधी आंकड़ो का विश्लेषण किया तथा अपने गुप्त स्त्रोतों से इन फर्मो की व्यापारिक गतिविधियों की सूचना जुटाई । इस दौरान पाया गया कि दोनों फर्मो का संचालन मास्टरमाइंड महेन्द्र खण्डेलवाल द्वारा किया जा रहा है। विभागीय जांच में स्पष्ट हुआ कि महेन्द्र खण्डेलवाल द्वारा अपनी दोनों फर्मो में कूटरचित बोगस बिलों के आधार पर कुल 53 करोड़ 27 लाख रूपये की खरीद दिखाकर 9 करोड़ 59 लाख रूपये की राजस्व हानि की गई है। महेन्द्र खण्डेलवाल ने सुनियोजित तरीके से राज्य के बाहर स्थित आयरन एवं स्क्रेप के बोगस कारोबारियों से संबंध स्थापित किये तथा दिल्ली, उत्तरप्रदेश, आगरा स्थित बोगस फर्मो से बिलों की खरीद कर  आगत कर (आईटीसी) का अनुचित लाभ लेकर राजस्व की हानि की।  श्री गौतम ने बताया कि जब विभाग ने इन फर्मो में माल की खरीद के लिए निर्मित ई-वे बिलों की गहनता से पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। ई-वे बिल में जिन वाहनों का नम्बर दर्ज किया गया था, उनका फर्मों के घोषित व्यवसाय स्थल, गोदाम आदि पर आगमन होना नही पाया गया। इनमें से कई वाहनो का संचालन तो राज्य के बाहर होना पाया गया। इस प्रकार मास्टरमाइंड महेन्द्र खण्डेलवाल द्वारा आगत कर दुरूपयोग (आईटीसी मिसयूज) की सोची समझी रणनीति के तहत माल की वास्तविक आपूर्ति प्राप्त किये बिना ही कूटरचित ई-वे बिलों का निर्माण किया गया और केवल कागजी संव्यवहार के द्वारा बोगस बिलों से खरीद दिखाकर मिथ्या आगत कर का लाभ प्राप्त कर राजस्व की क्षति की गई।  श्री गौतम ने बताया कि सर्च कार्यवाही के पश्चात् बोगस कारोबारी महेन्द्र खण्डेलवाल विभाग को चकमा देकर भूमिगत हो गया। मास्टरमांइड ने अपना मोबाइल फोन बन्द कर लिया और रोज नये ठिकाने बदलता रहा। विभाग के बार-बार सम्मन जारी करने पर भी पेशी पर उपस्थित नही हुआ। जिस पर मुख्य आयुक्त के सुपरविजन में प्रवर्तन शाखा प्रथम की टीम गठित की गई और मास्टरमाइंड के सभी संभावित ठिकानों, रिश्तेदारो के घरों पर रैकी करवायी गयी। टीम के कई सदस्य बोगस ग्राहक बनकर आयरन एवं स्क्रेप कारोबारियों से सम्पर्क करते रहे। इसी बीच टीम को अपने गुप्त स्त्रोतो से किसी सामाजिक कार्यक्रम में मास्टरमाइंड के उपस्थित होने के सूचना मिली। जिस पर टीम के दो सदस्य कैटरिंग वाले बनकर कार्यक्रम में शामिल हो गये और बाकी टीम को सूचित कर अभियुक्त महेन्द्र खण्डेलवाल को आरजीएसटी/सीजीएसटी एक्ट 2017 के प्रावधानो के तहत राजस्व चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर आर्थिक अपराध न्यायालय में पेश किया गया। अभियुक्त को 29 सितंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। विभाग द्वारा सम्पूर्ण प्रकरण की गहनता से जाँच की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आह्वान: स्वदेशी अपनाएं, MP को समृद्ध और भारत को आत्मनिर्भर बनाएं

स्वेदशी अपना कर मध्यप्रदेश को समृद्ध और देश को आत्मनिर्भर बनाकर बने देशभक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी के स्वदेशी अपनाने के आहवान का प्रदेशवासी करें अनुसरण लोगों के रोजगार और जीवनयापन का माध्यम हैं स्वदेशी सामग्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'स्वदेशी अपनाओ-मध्यप्रदेश समृद्ध बनाओ, स्वदेशी अपनाओ-देश को आत्मनिर्भर बनाओ' के संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि हमें गांव-गावं, शहर-शहर स्वदेशी का अभियान चलाना है। प्रदेशवासी स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों पर गर्व करें और गर्व से कहें कि हम स्वदेशी हैं। प्रदेश के छोटे दुकानदार, व्यापारी स्वदेशी वस्तुओं के क्रय-विक्रय को प्रोत्साहन दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से गुरूवार को जारी अपने संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों से यह विचार साझा किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे स्तर पर वस्तुओं के निर्माता अपने ढंग से अपनी क्षमता, योग्यता और कौशल के आधार पर स्वदेशी वस्तुओं के उत्पादन में अपनी मेहनत लगाते हैं। इससे हमारी हजारों सालों से चली आ रही आत्मनिर्भरता की परम्परा भी जीवित रहती है। स्वदेशी वस्तुओं की सुंगध और प्रभाव ही अलग है, यह सामग्री कई लोगों को रोजगार का अवसर देकर गरीब परिवारों के जीवनयापन का माध्यम बनती है और देश की आर्थिक समृद्धि का मार्ग भी स्वदेशी से ही प्रशस्त होता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के आहवान का सभी प्रदेशवासी अनुसरण करें। त्यौहारों के समय होने वाली खरीददारी में भी स्वदेशी वस्तुओं को अपनाया जाए। भारत को विश्व में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने की सामर्थ्य स्वदेशी में ही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी ने स्वदेशी के माध्यम से ही पूरे देश को एक सूत्र में पिरोया था। आज भी भारत को विश्व में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने की सामर्थ्य स्वदेशी में ही है। इसी आधार पर प्रधानमंत्री  मोदी देशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं स्वदेशी के अभियान समर्पित हैं। 'स्वदेशी अपनाओ देशभक्त कहलाओ' के भाव के साथ पूरा प्रदेश इस अभियान के साथ है।