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8.39 लाख निर्माण श्रमिकों को मिला लाभ: छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल की बड़ी उपलब्धि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए लगातार उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीयन एवं लाभांवित श्रम विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक लगभग 7.3 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है तथा वर्ष 2024 से 15 सितम्बर 2025 तक संचालित योजनाओं के माध्यम से लगभग 8.39 लाख श्रमिकों को लाभांवित हुए हैं, जिस पर लगभग 535.62 करोड़ रूपए व्यय किया गया है। उल्लेखनीय है कि असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में एक नई पहल शुरू की गई है। असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए अम्ब्रेला योजना ‘अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ प्रारंभ की गई है। प्रवासी श्रमिक साथियों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदाय करने हेतु प्रथम चरण में 5 राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात एवं महाराष्ट्र में जहां अधिक संख्या में श्रमिक प्रवास करते हैं, वहां ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है। इससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार सुविधा मिलेगी। इसी तरह राज्य शासन द्वारा श्रम विभाग की ‘अम्ब्रेला योजना अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के नाम से शुरू की गई है। इससे श्रमिकों तथा उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए ‘श्रमेव जयते‘ पोर्टल बनाया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने के लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जा रही है ताकि आत्म निर्भर बनते हुए स्वयं मालिक बनने की दिशा में बढ़ सकें। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सतत् निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय श्रम कल्याण कार्यालय के स्थापना की जा रही है।  श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण एवं सहायता हेतु राज्य के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र योजना अंतर्गत 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 94,300 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन/नवीनीकरण/योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु स्व-घोषणा प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करते हुये, ठेकेदार अथवा नियोजक के अधीन कार्य करने संबंधी नियोजक से नियोजन प्रमाण पत्र के स्थान पर श्रमिकों से ही निर्माण कार्य में नियोजित होने संबंधी स्वघोषणा पत्र का प्रावधान किया गया है। उक्त सरलीकरण करने से श्रमिकों को पंजीयन कराने में सुविधा हुई है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु 01 लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 1042 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित उक्त योजनांतर्गत कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रतिशत प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं छत्तीसगढ़ बोर्ड के मेरिट के प्रथम 10 में स्थान प्राप्त करने पर प्रत्येक श्रमिक बच्चों को राशि रूपये 01 लाख प्रोत्साहन राशि तथा रूपये 01 लाख दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु प्रदाय किया गया है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक निर्माण श्रमिक के 7478 पुत्र/पुत्रियों को 10 करोड़ 14 लाख 49 हजार 614 रूपए प्रदान किया गया है। प्रसूति सहायता योजना 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ अंतर्गत 65 हजार 010 महिला निर्माण श्रमिकों को लाभांवित किया गया है।शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना उक्त योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को 05 रूपए में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। 31 दिसम्बर 2023 की स्थिति में 29 भोजन केन्द्र संचालित थे, जो कि वर्तमान में बढ़कर 17 जिलों में 37 भोजन केन्द्र हो गये हैं। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 विभाग द्वारा 11,35,362 यूनिट भोजन (मिल) पंजीकृत संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को प्रदाय किया जा चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा राशि रूपये रूपये 52,865,395 व्यय हुआ है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना सामान्य मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को एक लाख रूपए की राशि, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को 5 लाख रूपए की राशि तथा कार्य स्थल पर दुर्घटना से स्थायी दिव्यांगता होने पर श्रमिक को ढ़ाई लाख रूपए की राशि दिए जाने का प्रावधान है। जिसके तहत् 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक कुल 3658 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को लाभांवित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2024 को डी०बी०टी० के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किया था। श्रम विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत् पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से लाभांवित करना प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 17 सितम्बर, 2024 से अब तक 16 योजनाओं में 6 लाख 48 हजार 633 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 327 करोड़ 13 लाख 53 हजार 108 रूपए से लाभांवित किया गया।

वेस्टइंडीज ने टेस्ट सीरीज के लिए टीम की घोषणा की, 2 अक्टूबर से भारत में मुकाबला

नई दिल्ली क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने भारत दौरे के लिए अपनी 15 सदस्यीय टेस्ट टीम का ऐलान कर दिया है. यह सीरीज 2 से 14 अक्टूबर तक अहमदाबाद और दिल्ली में खेली जाएगी. यह सीरीज आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) का हिस्सा है और मौजूदा चक्र में वेस्टइंडीज का पहला विदेशी टेस्ट दौरा होगा. साथ ही, यह 2018 के बाद भारत का उनका पहला टेस्ट दौरा है. इन खिलाड़ियों को मिला मौका टीम में तीन बदलाव किए गए हैं. तजेनरीन चंद्रपॉल और एलिक अथनाजे को टीम में शामिल किया गया है, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर खैरी पियरे को पहली बार टेस्ट कॉल-अप मिला है. चंद्रपॉल और अथनाज़े को टॉप ऑर्डर को मज़बूत करने के लिए लाया गया है, वहीं पियरे को दूसरे स्पिन विकल्प के रूप में जगह दी गई है. उन्होंने वेस्टइंडीज चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया था, जहां उन्होंने 13.56 की औसत से 41 विकेट झटके थे. गुडाकेश मोटी को इस सीरीज से आराम दिया गया है ताकि वे अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप और सीमित ओवरों की व्यस्त सीरीज़ के लिए फिट रह सकें. टीम के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि भारत में खेलना हमेशा एक बड़ी चुनौती होती है. टीम 22 सितंबर को भारत के लिए रवाना होगी और 24 सितंबर को अहमदाबाद पहुंचेगी. वेस्टइंडीज टेस्ट टीम (भारत दौरे के लिए): रोस्टन चेज़ (कप्तान), जोमेल वारिकन (उपकप्तान), केवलॉन एंडरसन, अलीक अथनाज़े, जॉन कैंपबेल, तगेनराइन चंद्रपॉल, जस्टिन ग्रीव्स, शाई होप, टेविन इमलाच, अल्जारी जोसेफ, शमार जोसेफ, ब्रैंडन किंग, एंडरसन फिलिप, खैरी पियरे, जेडन सील्स. पूरा कार्यक्रम: पहला टेस्ट: 2-6 अक्टूबर, नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद दूसरा टेस्ट: 10-14 अक्टूबर, अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली

रायपुर में मंत्री वर्मा का संदेश: शिक्षक व पत्रकार समाज के भविष्य के निर्माता

रायपुर बलौदाबाज़ार नगर भवन में मंगलवार को आयोजित भव्य शिक्षक एवं पत्रकार सम्मान समारोह में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज में सकारात्मक योगदान देने वाले शिक्षकों और पत्रकारों का सम्मान किया। मंत्री वर्मा ने कहा कि शिक्षक और पत्रकार समाज के दो मजबूत आधार स्तंभ हैं। शिक्षक जहां विद्यार्थियों को ज्ञान और मार्गदर्शन देकर भविष्य का निर्माण करते हैं, वहीं पत्रकार समाज की आवाज़ बनकर जनता की समस्याओं को जिम्मेदारों तक पहुँचाते हैं और जागरूकता फैलाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों वर्गों के योगदान को पहचानना और उनका सम्मान करना हम सबका कर्तव्य है। मंत्री वर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियाँ साझा करते हुए मंच से छत्तीसगढ़ी गीत भी प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंत्री के रूप में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बलौदाबाज़ार को राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक एवं पत्रकार उपस्थित थे।

एशिया कप में भारतीय बास्केटबॉल टीम सेमीफाइनल में पहुंची

रायपुर : भारत ने एशिया कप 2025 में लगातार 3 मैच जीतकर बनाया इतिहास एशिया कप में भारतीय बास्केटबॉल टीम सेमीफाइनल में पहुंची एशिया कप में महासमुंद की दिव्या भारतीय बास्केटबॉल टीम में शामिल रायपुर अंडर 16 वूमेंस एशिया कप 2025 का आयोजन मलेशिया में 13 से 19 सितम्बर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारतीय बास्केटबॉल टीम के अंडर 16 महिला बास्केटबॉल टीम में छत्तीसगढ़ से महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी शामिल है। इसके अलावा भारतीय टीम में तमिलनाडु, कर्नाटका, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना के खिलाड़ी शामिल हैं। एशिया कप में लगातार 3 मैच जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है तथा सेमीफाइनल में पहुंच गई है।             एशिया कप में इंडिया टीम शानदार खेल खेलते हुए पहले मैच में ईरान को 70 – 67 अंकों से हराया, दूसरे मैच में इंडिया ने उज्बेकिस्तान को 81- 69 अंकों से हराया, तीसरे मैच में इंडिया ने समोआ को 71 – 54 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। एशिया कप में लगातार 3 मैच जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है तथा सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारतीय टीम 18 सितंबर को सेमीफाइनल मैच खेलेगी। 3 मैच जीतकर बनाया इतिहास बनाने पर प्रदेश व जिले में खुशी की लहर है। सेमीफाइनल में प्रवेश करने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ के श्री राजीव जैन अध्यक्ष, चेयरमैन श्री विजय अग्रवाल, श्री नरेश डाकलिया, श्री राजीव चौबे, श्री राजेश गौर, भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक अनिथा पॉलदुरई, सहायक प्रशिक्षक श्री रोहित एवं श्री उमा कांत, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिंहा, कलेक्टर महासमुंद, जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद के अध्यक्ष एवं खिलाड़ियों ने महिला बास्केटबॉल टीम और दिव्या रंगारी शुभकामनाएं दी।

पीएम मोदी धार में खुले जीप से निकले, रास्ते में लोगों का किया अभिवादन

 धार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 75वें जन्मदिन पर आज मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। सुबह इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे यहां से धार के बदनावर पहुंचे हैं। पीएम बदनावर तहसील के भैंसोला गांव में पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखेंगे।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास और कृषि समृद्धि की ऐतिहासिक सुविधा देने जा रहे हैं। पीएम विशेष विमान से इंदौर पहुंचे हैं, यहां से हेलीकॉप्टर द्वारा धार जिले के भैंसोला में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए हैं। यहां खुली जीप में सवार होकर वे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच से निकले और उनका अभिवादन किया। पीएम यहां देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना से सिर्फ टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को ही लाभ नहीं पहुंचेगा बल्कि क्षेत्र के छह लाख कपास उत्पादक किसानों की प्रगति के नए द्वार भी खुलेंगे। पीएम मित्र पार्क से तीन लाख रोजगार सृजित होंगे। वह करीब सवा घंटे मध्य प्रदेश में रहेंगे। यह कदम न सिर्फ धार को काटन कैपिटल बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फार लोकल’ जैसे विजन को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री के उस सपने को साकार करेगी, जिसमें किसान का खेत, उद्योग का धागा और भारत का परिधान सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित प्रदेश व केंद्र के वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। भैंसोला में 2158 एकड़ भूमि पर 2100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला पार्क प्रदेश का कपास आधारित सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश प्रोजेक्ट है। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्य 65% पूरा हो चुका है। धार के जिस भैंसोला गांव का चयन पीएम मित्रा पार्क के लिए किया गया है, वह रेल नेटवर्क, हवाई नेटवर्क, हाईवे और पोर्ट से जुड़ा हुआ है। यहां से इंदौर एयरपोर्ट मात्र सवा घंटे और 4 लेन हाईवे सिर्फ आधा घंटे की दूरी पर है। यहां तैयार गारमेंट्स को विदेश में सीधे एक्सपोर्ट करने के लिए गुजरात के कांडला पोर्ट मात्र 12 घंटे में पहुंचा जा सकता है। इस पार्क से मालवा-निमाड़ के कॉटन उत्पादक किसानों को फायदा होगा। इसमें तीन लाख लोगों को रोजगार मिलने का दावा भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, धार के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप भी मौजूद रहेंगे। ये भी होंगे आयोजन     स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान का शुभारंभ करेंगे।     सेवा पर्व की शुरुआत करेंगे।     एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत पीएम महिला स्व-सहायता समूह की एक महिला को पौधा भेंट करेंगे।     सुमन सखी चैटबाट का लोकार्पण करेंगे।     सिकल सेल स्क्रीनिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण करेंगे। कपास उत्पादक किसानों में नया जोश भरेगा पार्क मप्र कपास उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। विशेषकर मालवा और निमाड़ अंचल- इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जैसे जिलों में कपास की भरपूर पैदावार होती है। तीन वर्षों में यहां लाखों टन कपास उत्पादन हुआ है। अब तक यह कपास बाहर भेजा जाता था, लेकिन पीएम मित्र पार्क शुरू होने के बाद यही कपास धागा बनेगा, वस्त्र में ढलेगा और परिधान के रूप में अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेगा। प्रधानमंत्री मोदी के विजन फार्म से फाइबर, फैक्ट्री से फैशन और फारेन को मूर्त रूप देने वाला यह पार्क किसानों, उद्योगपतियों और निर्यातकों सभी के लिए नए अवसर खोलेगा।  

मंत्री राजवाड़े का निर्णय: दृष्टिहीन बच्चों के लिए 20 लाख की मदद, आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं में सुधार

मंत्री राजवाड़े का  सरगुजा संभाग दौरा रायपुर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के दौरे पर पहुँचीं महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने एक ही दिन में संवेदनशीलता और सख़्ती दोनों का परिचय दिया। नेत्रहीन एवं दिव्यांग बच्चों को जहाँ उन्होंने 20 लाख रुपये की सौगात दी, वहीं विभागीय समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की लापरवाही पर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। आमाखेरवा स्थित नेत्रहीन एवं विकलांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय पहुँचकर मंत्री राजवाड़े का पारंपरिक स्वागत हुआ। बच्चों ने संगीत और कला प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर संस्था ने भवन मरम्मत, भरण-पोषण व कर्मचारियों के मानदेय सहित कई मांगें रखीं। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चे समाज की असली धरोहर हैं, इनके भविष्य को संवारना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।उन्होंने तत्काल 20 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत करने की घोषणा की और अन्य मांगों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि,सभी आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुलें और बंद हों।केंद्रों में स्वच्छता सर्वाेच्च प्राथमिकता हो ताकि किसी प्रकार का खतरा न हो।बच्चों के भोजन में पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जाए, मुनगा पत्ती को सप्ताह में 2-4 बार अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।साथ ही उन्होंने सुपरवाइजरों को चेतावनी दी कि निरीक्षण में लापरवाही पाई गई तो जवाबदेही तय होगी। बैठक में मंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महतारी वंदन योजना और महिला कोष ऋण योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इनका लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब हम बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँगे। सरकार की हर योजना का असली लाभ सबसे अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचना ही हमारी प्रतिबद्धता है। इस दौरान कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, सीईओ सुअंकिता सोम शर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

वनमंत्री कश्यप का निर्देश: छह वेटलैंड्स को रामसर साइट के लिए जल्द करें चिन्हित

वेटलैंड संरक्षण को लेकर लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय वनमंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की तीसरी बैठक संपन्न रायपुर वन मंत्री केदार कश्यप ने रामसर साईट के लिए कोपरा जलाशय, गिधवा-परसदा, कुरंदी, गंगरेल, नीमगांव जलाशय सहित मांढर जलाशय के छह वेटलैंड को प्राथमिकता से शामिल करने की बात कहीं। यह बात आज वनमंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की बैठक में कहीं। उक्त बैठक वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के हॉल में संपन्न हुई। बैठक में वन मंत्री कश्यप ने राज्य के सभी जिलों की जिला वेटलैंड संरक्षण समितियों को अपने-अपने क्षेत्रों में वेटलैंड के संरक्षण और संवर्धन हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अन्य राज्यों में वेटलैंड प्राधिकरण के सदस्य सचिवों के वित्तीय अधिकारों का अध्ययन कर संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजने के भी निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में वेटलैंड संरक्षण और प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की तीसरी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक अनिल साहू, सचिव वन अमरनाथ प्रसाद, आवास एवं पर्यावरण, जल संसाधन, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्य में रामसर स्थलों की पहचान को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कोपरा जलाशय (बिलासपुर) और गिधवा-परसदा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स (बेमेतरा), कुरंदी, गंगरेल, नीमगांव जलाशय सहित मांढर जलाशय को छह वेटलैंड को रामसर स्थलों के रूप में चिन्हित करने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, एनपीसीए योजना के तहत प्राकृतिक रूप से निर्मित तालाबों के चयन और नए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के द्वारा दो माह के भीतर आगामी सुनवाई के पहले समस्त कार्य से संबंधित सभी डाटा को राज्य की वेबसाईट में पब्लिश किया जाना सुनिश्चित करें। इस कार्य हेतु प्राथमिकता में वेबसाईट तैयार किया जाना आवश्यक है। अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती शर्मा ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर 15 दिवस के भीतर जिला वेटलैंड संरक्षण समिति द्वारा वेटलैंड के ग्राउण्डट्रूथिंग एवं डिमार्केशन संबंधी कार्य पूर्ण कर प्राधिकरण को प्रेषित करने के निर्देश दिए।  बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नवम्बर-दिसम्बर 2025 तक लगभग राज्य के 2.25 हेक्टेयर वाले 11 हजार वेटलैंड सर्वेक्षण के पश्चात फिजिकल मैप को जिला स्तर और राज्य स्तर पर पोर्टल में अपलोड कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वेटलैंड ऑथिरिटी में वेब पोर्टल डेव्हलप कर दिया गया है। बैठक में प्रस्तावित तकनीकी समिति में आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा मत्स्य विभाग को शामिल करने की अनुशंसा की गई, जिससे वेटलैंड संरक्षण में विभिन्न विभागों का समन्वय बेहतर हो सके। बैठक में वेटलैंड (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम 2017 तथा माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों का कानूनी विश्लेषण करवाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए, एडवोकेट जनरल कार्यालय से विधिक परामर्श लेने तथा अन्य राज्यों में अपनाई जा रही नीतियों का अध्ययन करने का सुझाव दिया गया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कई प्राकृतिक और कृत्रिम जलाशय, तालाब और जल स्रोत वेटलैंड का रूप लिए हुए हैं, जो जैवविविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। गिधवा-परसदा और कोपरा जलाशय जैसे वेटलैंड क्षेत्र, प्रवासी पक्षियों के लिए उपयुक्त स्थल हैं, जहां हर वर्ष हजारों पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। राज्य सरकार द्वारा वेटलैंड संरक्षण को लेकर किया जा रहा यह प्रयास महत्वपूर्ण हैं। प्राधिकरण की बैठक में लिए गए निर्णयों से न केवल वेटलैंड की पहचान और संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में जैव विविधता, जल संसाधन प्रबंधन और सतत विकास में भी सहायक होगा।

बरौदा सागर में लगाए जा रहें 21 हजार फलदार पौधे, मंत्री राजपूत ने किया निरीक्षण

सुरखी विधानसभा में बन रहा मध्यप्रदेश का पहला नमो फ्रूट वन उद्यान बरौदा सागर में लगाए जा रहें 21 हजार फलदार पौधे, मंत्री राजपूत ने किया निरीक्षण 10 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य, फूड प्रोसेसिंग एवं कुटीर उद्योग स्थापित करने की योजना- मंत्री राजपूत  मंत्री राजपूत ने थामी ट्रैक्टर की स्टेरिंग सुरखी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने मंगलवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरौदा सागर में 70 एकड़ भूमि पर विकसित किए जा रहे मध्यप्रदेश के पहले नमो फ्रूट फॉरेस्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री राजपूत ग्रामीणों के साथ स्वयं ट्रैक्टर चलाकर नमो फ्रूट फॉरेस्ट स्थल पर पहुंचे। मंत्री राजपूत ने निरीक्षण के दौरान वृक्षारोपण की स्थिति, पौधों की देखरेख, सिंचाई व्यवस्था तथा स्थानीय लोगों की सहभागिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सेवा पखवाड़ा के तहत पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुरखी विधानसभा के ग्राम बरौदा राजघाट के पास नमो फ्रूट फॉरेस्ट में 21 हजार फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। मंत्री राजपूत ने कहा कि यह प्रदेश का पहला ऐसा उद्यान है जहां सभी प्रकार के फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी इस उद्यान में 21 हजार फलदार पौधों का रोपण किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य 10 लाख पौधों के रोपण का है। बरौदा ग्राम में फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य कुटीर उद्योग स्थापित करने की भी कार्य योजना तैयार की जा रही है जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे । उन्होंने बताया कि तालचिरी में भी 10 एकड़ में नमो फल उद्यान बन रहा है। यहां भी फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। मंत्री राजपूत ने बताया कि नमो फूड फॉरेस्ट स्व सहायता समूह की महिला सदस्यों को सौंपा जाएगा, जिससे वह आत्मनिर्भर बनेंगी एवं आर्थिक रूप से समृद्ध भी होगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय सीमा के अंदर पूर्ण हो एवं यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पौधों की नियमित देखभाल हो। फ्रूट फॉरेस्ट में आम, अमरूद, कटहल, आंवला, नींबू, सीताफल,अनार आदि के हजारों फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। निरीक्षण के पश्चात मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने ग्रामीणों से पौधों की देखरेख करने और पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग देने का आह्वान किया।  

विद्यार्थियों से संबंधित समस्त प्रकिया डिजिटाइज करे विश्वविद्यालय : परमार

समग्र अध्ययन उपरांत डिजिटल यूनिवर्सिटी का ब्लू प्रिंट करें तैयार : मंत्री परमार विद्यार्थियों से संबंधित समस्त प्रकिया डिजिटाइज करे विश्वविद्यालय : परमार मंत्री परमार ने डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के सम्बन्ध में की बैठक भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर परमार ने मंगलवार को मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के सम्बन्ध में बैठक ली। बैठक में डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। मंत्री परमार ने नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी एवं इसी प्रकार कार्य कर रहे अन्य यूनिवर्सिटी के बारे में विस्तृत अध्ययन करने के उपरांत, राज्य के लिये एक डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का ब्लू प्रिंट तैयार करने के लिये निर्देशित किया। मंत्री परमार ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप, उनसे संबंधित समस्त प्रक्रिया को डिजिटाईज करने के लिये निर्देशित किया। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में आंतरिक मूल्यांकन को डिजिटाईज करने के लिये भी निर्देशित किया। इसी अनुकम में अगली बैठक में डिजिटल युनिवर्सिटी के एक्ट पर कुलसचिव राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिये गये। प्रस्तावित डिजिटल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत स्नातक एवं स्नातकोत्तर (UG/PG) एवं अन्य प्रोग्राम प्रारंभ करने पर चर्चा हुई। इसमें विशेषकर आर्टिफिसियल इंटेलीजेन्स एण्ड मशीन लर्निंग UG प्रोग्राम, सायबर सिक्यूरिटी एवं थ्रेट इंटेलीजेन्स पर PG प्रोग्राम, डिजिटल मार्केटिंग एण्ड एनालिटिक्स, डिजिटल सप्लाई चेन मैनेजमेन्ट पर एमबीए प्रोग्राम चलाने के बारे में विचार विमर्श किया गया। बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मनीष सिंह, आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा एवं कुलसचिव राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय डॉ. मोहन सेन और अधिकारी उपस्थित रहे।  

वन मंत्री केदार कश्यप का दावा: जनकल्याणकारी फैसलों से वनवासी हो रहे आत्मनिर्भर

वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्न रायपुर वन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति(आईडीसी)की 309वीं बैठक नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के हॉल में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति (आईडीसी) की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को ज्यादा लाभ होगा और वनवासियों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में बेहतर आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 308वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों – तेंदूपत्ता, ईमली (बीज रहित), महुआ फूल, गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज, जामुन पल आदि वनोपजों का विक्रय मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसी तरह बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू, सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।