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‘टू मच विद काजोल और ट्विंकल’ का ट्रेलर लॉन्च, शो में सलमान खान और आमिर खान भी होंगे गेस्ट

मुंबई, अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना और काजोल दोनों मिलकर नया शो होस्ट कर रही हैं। इस टॉक शो का नाम है ‘टू मच विद काजोल एंड ट्विंकल’। आज इसका ट्रेलर लॉन्च कर दिया गया। इसके ट्रेलर को देखकर आपको करण जौहर के शो कॉफी विद करण की याद आ जाएगी। ‘टू मच विद काजोल एंड ट्विंकल’ में बॉलीवुड स्टार्स की दुनिया और उनकी फिल्मों की बातें होंगी। यहां वो फिल्म और अपने जीवन से जुड़ी कुछ मजेदार घटनाओं के बारे में बताते दिखाई देंगे। इसका ट्रेलर शेयर करते हुए मेकर्स ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “कोई स्क्रिप्ट नहीं, कोई फिल्टर नहीं, वे बस बहुत मजे कर रहे हैं। नया टॉक शो ‘टू मच विद काजोल एंड ट्विंकल’ 25 सितंबर से प्राइम वीडियो पर देखें।” इसके ट्रेलर में काजोल और ट्विंकल खन्ना का एक अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा है। दोनों अपने गेस्ट से मजेदार सवाल पूछती दिख रही हैं, जैसे कि सलमान खान से पूछा जाता है, “आप शो का प्रचार कैसे करेंगे?” तो सलमान खान ‘ट्विंकल-ट्विंकल लिटिल स्टार’ कविता गाने लगते हैं। ट्रेलर में आमिर खान भी दिखाई दिए हैं। आमिर और सलमान खान साथ में गेस्ट बनकर यहां आए और कुछ मजेदार गेम्स खेलते दिखाई दिए। इसके ट्रेलर में सलमान और आमिर की भाई वाली केमिस्ट्री दिखाई दी और करण और जाह्नवी की मजेदार नोकझोंक दिखाई दी। ट्रेलर में गोविंदा और चंकी पांडे का कॉमिक अंदाज भी नजर आ रहा है। इसका ट्रेलर दर्शकों को उनके पसंदीदा स्टार्स की दुनिया की एक झलक देता है। इसमें मस्ती, यादगार पल और मसालेदार गॉसिप-लिंक-अप की बातें होंगी। काजोल ने इस शो के लॉन्च के मौके पर कहा था कि यह शो उनके लिए दोस्तों से मिलने जैसा था, लेकिन दर्शकों के लिए यह अपने पसंदीदा सितारों को एक ऐसे तरीके से देखने का, उनको करीब से जानने का मौका होगा। शो की गेस्ट लिस्ट में सलमान खान, आमिर खान, अक्षय कुमार, आलिया भट्ट, वरुण धवन, करण जौहर, कृति सेनन, विक्की कौशल, गोविंदा, जाह्नवी कपूर और कई बड़े बॉलीवुड स्टार्स शामिल हैं। इस शो का प्रीमियर 25 सितंबर को प्राइम वीडियो पर होगा। हर गुरुवार को इसका नया एपिसोड जारी किया जाएगा।  

आरडीएसएस में पश्चिम मप्र का 79वां सब स्टेशन ऊर्जीकृत

भोपाल ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण योजना रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) अंतर्गत पश्चिम मप्र का 79वां सब स्टेशन बड़वानी जिले के कोलकी (सेंधवा) में ऊर्जीकृत किया गया। इस ग्रिड की लागत लगभग दो करोड़ एक लाख रूपए है, इससे करीब दो हजार ग्रामीण घरेलू एवं कृषि क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर बधाई दी है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि आरडीएसएस अंतर्गत कंपनी क्षेत्र में सतत ही ग्रिड तैयार किए जा रहे है, इन्हें समय पर ऊर्जीकृत किया जा रहा हैं, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर लाभ मिले। प्रबंध निदेशक श्री सिंह ने बताया कि इंदौर जिले में भी 11 एवं उज्जैन जिले में 11 सब स्टेशन तैयार हुए है। मंदसौर, आगर, रतलाम, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, शाजापुर, आगर, देवास, झाबुआ जिलों में भी 2 से 9 सब-स्टेशन ऊर्जीकृत होकर विद्युत आपूर्ति सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। प्रबंध निदेशक श्री सिंह ने बताया कि आरडीएसएस अंतर्गत इन 5 एमवीए क्षमता के ग्रिडों की स्थापना से कंपनी क्षेत्र मालवा निमाड़ की विद्युत वितरण क्षमता में 395 एमवीए की बढ़ोत्तरी हुई है।  

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में हुआ निर्णय

परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को मिलेगी 1 करोड़ की अनुग्रह राशि रायपुर, युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद  सैनिकों की पत्नी अथवा उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि करते हुए इसे 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में लिया गया। आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं। हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं। सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं। भारत माँ की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है। आज की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है। बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा। भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा। बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिये गए। इनमें युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी अथवा आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है। अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को प्रथम भूमि/गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।   इस अवसर पर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन अमिताभ जैन ने मुख्यमंत्री को बालवृक्ष भेंट किया। तत्पश्चात् सैनिक कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक एवं राज्य सैनिक समिति के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मेडल (से.नि) ने राज्य सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने 13 जनवरी 2012 को आयोजित पाँचवीं राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक की कार्यवाही विवरण पर प्रगति रिपोर्ट दी और 6वीं बैठक में सम्मिलित एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा प्रारम्भ की। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम), अपर मुख्य सचिव गृह विभाग मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, केंद्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली के सचिव ब्रिगेडियर डी.एस. बसेरा (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडर छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा (सेना मेडल), सचिव वित्त विभाग अंकित आनंद, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अविनाश चंपावत, मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि), विंग कमांडर ए. श्रीनिवास राव (से.नि), विक्रांत सिंह एवं राजेश कुमार पाण्डेय राज्य सैनिक समिति छत्तीसगढ़ के सदस्यगण उपस्थित थे।

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश भर में महिलाओं, बेटियों और उनके परिवार के स्वास्थ्य परीक्षण को चलाया जाएगा अभियान

  – मोटापे को कम करने के लिये चीनी और तेल के प्रयोग को 10 प्रतिशत तक कम करने पर दिया जाएगा जोर – कैंसर, रक्तचाप, मधुमेह, आंख समेत होंगी विभिन्न जांचें, आयुष्मान और मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड का किया जाएगा वितरण लखनऊ,  योगी सरकार ने महिलाओं, बेटियों और उनके परिवार के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत सीएम योगी के निर्देश पर 17 सितंबर से पूरे प्रदेश में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश भर में 2 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत स्वास्थ्य शिविर, पोषण जागरूकता और मातृत्व लाभ वितरण आदि कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।  इसका उद्​देश्य महिलाओं और उनके परिवार का स्वास्थ्य मजबूत कर समाज को मजबूत करना है। कैंसर समेत होंगी विभिन्न तरह की जांचें, आयुष्मान कार्ड का किया जाएगा वितरण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश में चिकित्सा और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इसमें महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ पोषण जागरूकता पर विशेष कार्यक्रम होंगे। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मातृत्व लाभ भी वितरित किया जाएगा। अभियान के स्वास्थ्य शिविर में महिलाअों के रक्तचाप, मधुमेह, दांत, आंख और ईएनटी की जांच की जाएगी। इसके अलावा कैंसर (मुख, स्तन और ग्रीवा), गर्भवती महिलाओं आदि की जांच की जाएगी। साथ ही एनीमिया के स्तर, टीकाकरण, टेलीमानस सुविधाएं और सिकल सेल परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बनाने के लिए मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, आयुष्मान कार्ड और पोषण ट्रैकिंग का पंजीकरण भी किया जाएगा। स्वस्थ जीवनशैली और पोषण पर दिया जाएगा जोर अभियान के तहत लोगों को संतुलित आहार, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें मोटापे को कम करने चीनी और तेल के प्रयोग को 10 प्रतिशत तक कम करने, स्थानीय और मौसमी भोजन को बढ़ावा देने तथा बच्चों, किशोरियों के आहार व आयरन सेवन को सुनिश्चित करने पर बल दिया जाएगा। इसके अलावा टेक होम राशन  का वितरण और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। अभियान में प्रदेश के हर नागरिक को भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसमें रक्तदान शिविर, मित्र स्वयंसेवी पंजीकरण और आंगनबाड़ी पंजीकरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को अभियान से जोड़ा जाएगा।

हरियाणा के रेसलर अमन सहरावत अयोग्य घोषित, वजन में गड़बड़ी के कारण नहीं लड़ पाएंगे वर्ल्ड चैंपियनशिप

हिसार   विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भाग ले रही भारतीय टीम को रविवार को बड़ा झटका लगा, जब ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत को अधिक वजन पाए जाने के कारण जगरेब में चल रही प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया गया। पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाले अमन का वजन पुरुषों की फ्रीस्टाइल 57 किग्रा वर्ग में 1.7 किग्रा अधिक पाया गया। 2023 में जारी यूडब्ल्यूडब्ल्यू नियमों के अनुसार, विश्व कप, यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग सीरीज और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में दो किग्रा तक अधिक वजन की अनुमति है, लेकिन विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंटों में ऐसा प्रावधान नहीं है। बता दें कि इससे पहले पेरिस ओलंपिक 2024 में महिला पहलवान विनेश फोगाट को 50 किग्रा वर्ग में थोड़े अधिक वजन के कारण प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया था। 25 अगस्त को पहुंचे थे जगरेब  अमन सहरावत 25 अगस्त को अनुकूलन शिविर के लिए क्रोएशिया के जगरेब पहुंचे थे और उनके पास वजन कम करने का पर्याप्त समय था। छत्रसाल स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले 22 वर्षीय अमन भारतीय टीम के प्रमुख पदक प्रत्याशियों में से एक माने जा रहे थे। बता दें अमन सहरावत हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने कुश्ती में अपनी शुरुआती ट्रेनिंग और संघर्ष के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।   

हरियाणा के शिक्षकों के लिए खुशखबरी: जल्द घोषित होंगे राज्य पुरस्कार, 15 साल अनुभव अनिवार्य

चंडीगढ़  हरियाणा के योग्य शिक्षकों के लिए लंबे इंतजार के बाद खुशखबरी आने वाली है। पिछले दो वर्षों से राज्य शिक्षक पुरस्कार की घोषणा नहीं होने के कारण शिक्षकों में निराशा का माहौल था. लेकिन अब सरकार अक्टूबर के पहले हफ्ते में योग्य शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार देने पर विचार कर रही है। इसका ऐलान भी जल्द होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस विषय को लेकर सरकार और विभागीय अधिकारी गंभीर हैं और उन्होंने राज्य शिक्षक पुरस्कार देने संबंधी कई औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा कर लिया है।इससे शिक्षकों की मेहनत और उपलब्धियों को सम्मानित करने की प्रक्रिया अब जल्द शुरू होने वाली है। दो साल से नहीं मिले पुरस्कार हरियाणा में शिक्षकों को दो साल से राज्य शिक्षक पुरस्कार नहीं मिले हैं। 2024 और 2025 के पुरस्कारों की घोषणा अभी तक नहीं हुई है। पिछली बार 2023 में सरकार ने एक साथ 2022 और 2023 के पुरस्कार वितरित किए थे। लगातार दो साल से पुरस्कार का इंतजार कर रहे शिक्षकों को इस बार मिलने की उम्मीद है। शिक्षक संगठन लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे कि समय पर पुरस्कार घोषित किए जाएं, ताकि शिक्षकों का मनोबल बढ़े और मेहनती व उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सही सम्मान मिले। 1 लाख रुपए नगद मिलते हैं हरियाणा में राज्य शिक्षक पुरस्कार योजना के माध्यम से प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल प्रधानाध्यापक और उच्चतर माध्यमिक स्तर सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को ₹100,000 और प्रशस्ति पत्र सहित दस राज्य पुरस्कार दिए जाते हैं। आवेदन के लिए 15 साल का अनुभव जरूरी राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए आवेदन करने के लिए कक्षा शिक्षकों के पास कम से कम 15 वर्षों का नियमित शिक्षण अनुभव होना चाहिए। प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य जिनके पास 20 वर्षों का नियमित शिक्षण अनुभव हो, जिसमें से कम से कम 5 वर्षों की सेवा, सीडीसी प्रभार सहित, प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य के रूप में हो। आवेदक शिक्षकों की पिछले दस वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR-APR) में ग्रेडिंग (+A/A) है। पिछले 5 वर्षों के बोर्ड कक्षा के परिणाम (10वीं और 12वीं कक्षा के) बोर्ड परिणामों की तुलना में माइनस में नहीं हैं। संस्था प्रमुख के मामले में, पिछले 5 वर्षों के बोर्ड कक्षाओं (10वीं और 12वीं) के सामान्य स्कूल परिणाम बोर्ड परिणामों की तुलना में माइनस में नहीं होने चाहिए।

गोल्फ और पर्यावरण साथ-साथ: रायपुर में भारत गोल्फ महोत्सव में रोपे पौधे

रायपुर राजधानी रायपुर में 17 सितंबर से ‘भारत गोल्फ महोत्सव’ का भव्य आगाज होने जा रहा है। गोल्फ के जरिए देशभर के खिलाड़ी और युवा खेल, स्वास्थ्य और समाज को जोड़ने की पहल करेंगे। यह महोत्सव गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तुत GFI Tour 2025 का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के तहत आज गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया ने परोपकार फाउंडेशन के साथ मिलकर आर्मी और बीएसएफ के जवानों के साथ वृक्षारोपण अभियान चलाया। आयोजन में करीब 3 हजार पौधे लगाए गए। फेडरेशन के फाउंडर आर्यवीर आर्य ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश कि सीमा की रक्षा में लगे जवान हमारे लिए प्रेरणा हैं, इसलिए उनके साथ मिलकर हरियाली बढ़ाना गर्व की बात है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में योगदान दें। आर्यवीर आर्य ने कहा, वृक्षारोपण से न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि स्वस्थ जीवन और समाज में सकारात्मक बदलाव भी आएगा। बता दें कि भारत गोल्फ महोत्सव का उद्घाटन 17 सितंबर 2025 को रायपुर के Fairway Golf & Lake Resort में होगा और इसका समापन 12 जनवरी 2026 को किया जाएगा।

सीएम योगी के विजन व कुशल मार्गदर्शन में आधुनिक तकनीक का केंद्र बनकर उभर रहे यूपी की शक्ति की साक्षी बनेगी दुनिया

  -ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में हो रहे भव्य आयोजन में एआई मॉडल के लाइव डेमॉन्सट्रेशन के जरिए तकनीकी उन्नति को किया जाएगा प्रदर्शित -आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा 200 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में पवेलियन का होगा निर्माण, यूपीएलसी द्वारा कार्य पूरा किया जाएगा लखनऊ, उत्तर प्रदेश को उन्नत तकनीकी का गढ़ बनाने की दिशा में कार्य कर रही योगी सरकार ने यूपीआईटीएस 2025 को लेकर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन व कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश का कायाकल्प न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सुखद आश्चर्य का विषय बना हुआ है। योगी सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि कभी पिछड़ा कहा जाने वाला प्रदेश आज देश में उद्यम, उत्पादकता, तकनीकी कौशल व नवाचार का केंद्र बनकर उभरा है। प्रदेश की इसी सकारात्मक शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर के बीच यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तृतीय संस्करण (यूपीआईटीएस 2025) का आयोजन किया जा रहा है।          इस कड़ी में, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल का लाइव डेमॉन्सट्रेशन भी करेगा, जो दुनियाभर से यहां आने वाले आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस उद्देश्य से विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। कार्ययोजना के अनुसार, आयोजन स्थल के हॉल-5 के 200 वर्ग मीटर क्षेत्र में भव्य पवेलियन का संचालन किया जाएगा, जिसे उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएलसी) की देखरेख में तैयार किया जाएगा। कर्व्ड एलईडी वॉल समेत विभिन्न आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा पवेलियन योजना के अनुसार, यूपीएलसी की देखरेख में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का थीम आधारित कॉन्सेप्च्युलाइज्ड पवेलियन बनाया जाएगा। इसमें स्टार्टअप्स के लिए विशेष क्षेत्र भी तैयार किया जाएगा। विभाग के पंडाल में स्मार्ट एलईडी वीडियो वॉल तथा स्टार्टअप्स के लिए अलॉटेड एरिया में आधुनिक कर्व्ड वीडियो वॉल लगाई जाएगी। इनके माध्यम से योगी सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और तकनीकी प्रगति की गाथाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। पंडाल में मुख्य मंच (स्टेज) के साथ ही बैठकों के लिए वीआईपी लाउंज, कैफेटेरिया और कॉमन विजिटिंग एरिया जैसी सुविधाएं भी वैश्विक मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे आगंतुकों को भव्यता के साथ ही भविष्य की तकनीकों तथा इस दिशा में योगी सरकार के प्रयासों की जानकारी मिलेगी। लाइव सेटअप के आधार पर कार्य करेगा एआई मॉडल आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के पवेलियन में प्रस्तुत किया जाने वाला एआई मॉडल लाइव सेटअप पर आधारित होगा। यह न केवल कई भविष्य आधारित विशेषताओं से युक्त होगा, बल्कि तकनीकी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति को प्रदर्शित करने का माध्यम भी बनेगा। उल्लेखनीय है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। जहां एआई प्रज्ञा जैसे कार्यक्रम प्रदेश की युवा पीढ़ी व वर्कफोर्स को एआई दक्ष बना रहे हैं, वहीं महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों से लेकर विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और रोजमर्रा के कार्यों के कुशल निष्पादन में एआई की भूमिका अहम रही है। इसके अतिरिक्त,पंडाल में कंटेंट डिस्प्ले के लिए करीब 150 वर्ग फीट की एनामॉर्फिक डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जाएगी। साथ ही, पंडाल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए लाइव फीड सेटअप भी उपयोग में लाया जाएगा।

रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर होगी कार्रवाई, कबीरधाम पुलिस ने उठाया कदम

कबीरधाम आज सोमवार को कबीरधाम एसपी धमेन्द्र सिंह ने जिले के डीजे संचालकों की बैठक ली। बैठक के दौरान यह प्रमुख विषय सामने आया कि निर्धारित सीमा से अधिक आकार और ध्वनि वाले डीजे आम जनता के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनते हैं। अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों और मरीजों की नींद बाधित होती है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और आम लोगों में तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है। बड़े आकार के डीजे लगाने से भीड़ प्रबंधन कठिन हो जाता है और कई बार सामाजिक कार्यक्रम में अव्यवस्था फैल जाती है। बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि रात 10 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में डीजे या धुमाल का संचालन नहीं होगा। साथ ही, 10 इनटू 8 फीट (लंबाई-चौड़ाई) से बड़े डीजे व निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि पर सख्त रोक रहेगी। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कोई भी संचालक नियम का उल्लंघन न करे। यदि रात 10 बजे के बाद डीजे बजाया गया या निर्धारित आकार और ध्वनि सीमा से बाहर डीजे लगाए गए तो संबंधित संचालक का डीजे व सभी उपकरण वाहन समेत जब्त कर कोर्ट में पेश किया जाएगा। साथ ही कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस द्वारा सभी से अनुरोध किया कि नियमों का पालन करे। बैठक में उपस्थित डीजे संचालक ने आश्वस्त किया कि वे पुलिस प्रशासन द्वारा बनाए गए सभी नियम का पालन। यदि उनके द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो कार्रवाई किए जाने पर सहमत हैं।

‘परिक्रमा-कृपा सार’ से झलका आध्यात्मिक अनुभव, प्रहलाद पटेल ने लॉन्च की नई पुस्तक

इंदौर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मध्य प्रदेश के श्रम, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल की किताब ‘परिक्रमा-कृपा सार’ का विमोचन किया. यह किताब नर्मदा परिक्रमा के अनुभवों पर लिखी गई है. प्रहलाद पटेल ने सूबे की नदियों के उद्गम को बचाने के लिए ‘उद्गम मानस यात्रा’ शुरू की थी. उन्होंने बुक लॉन्चिंग के दौरान कहा कि अगर वो केंद्र से मध्य प्रदेश की राजनीति में न लौटते, तो शायद नदियों के उद्गम को बचाने का संकल्प न ले पाते.  प्रहलाद पटेल नर्मदा परिक्रमा के अनुभवों पर लिखी अपनी किताब ‘परिक्रमा-कृपा सार’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने 2 साल पहले ‘उद्गम मानस यात्रा’ शुरू की थी. इसके तहत वो अब तक 108 नदियों के उद्गम स्थलों तक पहुंच चुके हैं. प्रहलाद पटेल की इस यात्रा का मकसद मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी नदियों के पुनर्जीवन और संरक्षण को लेकर जनता में जागरूकता फैलाना है. इसके साथ ही पर्यावरण के प्रति लोगों में चेतान फैलाना भी है.  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे मोहन भागवत प्रहलाद पटेल की किताब ‘परिक्रमा-कृपा सार’ का विमोचन इंदौर के ‘ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर’ में 14 सितंबर (हिंदी दिवस) पर मोहन भागवत और महामंडलेश्वर श्री ईश्वरानंद जी महाराज की विशेष उपस्थिति में किया गया. विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. भागवत ने कहा, ‘नर्मदा परिक्रमा में जो कुछ प्रहलाद जी को बोध मिला होगा, उस बोध (पुस्तक) को सरसरी तौर पर जो मैंने पढ़ा है, उसमें तो यही है कि मैं और मेरा छोड़ो; अंतःकरण पवित्र करो. स्वार्थ बिल्कुल मत रखो. कर्तव्य, कर्म करते चलो, सबको अपना मानकर चलते जाओ.’ कार्यक्रम के दौरान प्रहलाद पटेल ने किताब के लेखन से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि 30 साल पहले उन्होंने अपने आराध्य श्रीश्री बाबाश्री जी की सेवा करते हुए नर्मदा परिक्रमा की थी. इस यात्रा का राजनीति से कोई संबंध नहीं था. उसी दौरान के अनुभव और अनुभूतियों को संकलन करके यह किताब सामने आई है. पुस्तक विमोचन से पहले मोहन भागवत को प्रहलाद पटेल ने अपनी ‘उद्गम मानस यात्रा’ के दौरान इकट्ठा किए गए 108 नदियों का पवित्र जल भी सौंपा.