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भारत रत्न विश्वेश्वरैया को वन मंत्री केदार कश्यप ने किया नमन

अभियंता दिवस के अवसर पर भारत रत्न विश्वेश्वरैया जीवनी का किया उल्लेख रायपुर, भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर अभियंता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने घड़ी चौक में स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया। उन्होंने कहा कि विश्वेश्वरैया ने अपने अद्वितीय योगदान और दूरदर्शी सोच से देश के निर्माण और विकास को नई दिशा दी तथा अभियंताओं की भूमिका और उनके योगदान को याद किया।      मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया एक सिविल इंजीनियर राजनेता और मैसूर के 19वें दीवान थे, जिन्होंने भारत के योगदान में अतुलनीय योगदान दिया। विश्वेश्वररैया की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियां में से एक मांड्या में कृष्ण राजा सागर बांध है। भारत के प्रथम अभियंता विश्वेश्वररैया को वर्ष 1955 में भारत के सर्वाेच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था।       कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, छोटेडोंगर सरपंच श्रीमती संध्या पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मण्डावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्य एवं नगर पालिका के पार्षदगण, सर्वआदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसडीएम अभयजीत मंडावी, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन के अशोक चौधरी, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता विनय वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं सभी विभागीय अभियंता उपस्थित थे।

‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ का ट्रेलर रिलीज, प्यार, कॉमेडी और कन्फ्यूजन से भरपूर कहानी

मुंबई, धर्मा प्रोडक्शंस की नई फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। इसने आते ही सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है। वरुण धवन और जान्हवी कपूर की जोड़ी एक बार फिर साथ आई है, लेकिन इस बार उनके साथ सान्या मल्होत्रा और रोहित सराफ भी नजर आ रहे हैं, जो कहानी में मजेदार ट्विस्ट लेकर आते हैं। ट्रेलर की शुरुआत दमदार बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ होती है, जिसमें ‘जियो रे बाहुबली’ की आवाज गूंजती है। इस सीन में वरुण धवन ‘बाहुबली’ के गेटअप में चलते दिखाई देते हैं। असल में वरुण का किरदार अनन्या नाम की लड़की को प्रपोज करना चाहता है, जिसकी पसंदीदा फिल्म ‘बाहुबली’ है। यही वजह है कि वह फिल्मी स्टाइल में, बाहुबली बनकर उसे प्रपोज करता है। अनन्या के किरदार में सान्या मल्होत्रा नजर आती हैं, जो वरुण के इस खास अंदाज के बावजूद उसका प्रपोजल ठुकरा देती हैं और शादी से इनकार कर देती हैं। यहीं से कहानी में दिल टूटने का एंगल आता है। इसके बाद एंट्री होती है जान्हवी कपूर और रोहित सराफ की। जान्हवी फिल्म में तुलसी नाम की एक सीधी-सादी स्कूल टीचर का किरदार निभा रही हैं, जबकि रोहित सराफ उनके एक्स-बॉयफ्रेंड के रोल में हैं। कहानी में नया मोड़ तब आता है, जब वरुण जान्हवी को बताता है कि उनकी एक्स और जान्हवी का एक्स दोनों एक-दूसरे से शादी करने वाले हैं। दोनों अपने-अपने टूटे दिलों के साथ एक-दूसरे के करीब आते हैं और मिलकर एक योजना बनाते हैं। दोनों तय करते हैं कि वे अपने पुराने प्यार को वापस पाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए वे अपना लुक पूरी तरह बदलते हैं और एक-दूसरे के बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड बनने का नाटक शुरू करते हैं। यहां से कहानी हल्की-फुल्की कॉमेडी, रोमांस और इमोशन के रास्ते पर निकल पड़ती है। दोनों मिलकर सोशल मीडिया पर रोमांटिक रील्स बनाते हैं, साथ घूमते हैं और दिखावा करते हैं कि वे एक-दूसरे से प्यार करते हैं। इस दौरान मनीष पॉल की एंट्री होती है, जो एक वेडिंग प्लानर की भूमिका निभा रहे हैं और फिल्म में हंसी का तड़का लगाते हैं। वरुण और जान्हवी को साथ देखकर सान्या और रोहित को जलन होने लगती है। दोनों अपने एक्स को किसी और के साथ देखकर असहज हो जाते हैं और यहीं से कहानी में भावनाओं का खेल तेज हो जाता है। ट्रेलर के आखिर में वरुण एक बड़ी दुविधा में दिखाई देते हैं। उन्हें समझ नहीं आता कि वह सान्या मल्होत्रा के किरदार के पास वापस लौटें या जान्हवी कपूर की तुलसी को ही अपना सच्चा प्यार मानें। ट्रेलर को देख अंदाजा लगाया जा रहा है कि फिल्म एक फुल एंटरटेनमेंट पैकेज है। सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ 2 अक्टूबर को रिलीज होगी।  

सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज़: ऊर्जा मंत्री तोमर ने MP ट्रांसको को एक साल पहले कार्य पूरा करने का दिया लक्ष्य

भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) उज्जैन में अपनी पारेषण प्रणाली को और सुदृढ़ बनाये। साथ ही सभी कार्य एक वर्ष पूर्व पूरा करने का लक्ष्य तय करें। मंत्री तोमर की मंशानुसार इस संबंध में साउथ जोन इंदौर स्थित एम.पी. ट्रांसको के प्रशासनिक भवन में समीक्षा बैठक हुई। प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ के कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और उन्हें समय-सीमा व उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। कार्ययोजना इस प्रकार बनाई जाए कि सिंहस्थ आयोजन से एक वर्ष पूर्व सभी कार्य पूर्ण हो जाएं, जिससे पारेषण तंत्र की स्थिरता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध हो सके। बैठक में इंदौर और उज्जैन मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। चिंतामन सब स्टेशन का निर्माण कार्य प्रारंभ अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजीव अग्रवाल ने जानकारी दी कि सिंहस्थ अवधि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पहले चरण में 132 के.व्ही. चिंतामन सबस्टेशन के निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। त्रिवेणी बिहार, उज्जैन में प्रस्तावित सबस्टेशन के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 220 के.व्ही. शंकरपुर सबस्टेशन पर वर्तमान 20 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर को अपग्रेड कर 50 एम.व्ही.ए. का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। 400 के.व्ही. ताजपुर सबस्टेशन का विस्तार मुख्य अभियंता अग्रवाल ने बताया कि 400 के.व्ही. ताजपुर (उज्जैन) सबस्टेशन में 132 के.व्ही. नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इसमें 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर 33 के.व्ही. के चार नए फीडर निकाले जाएंगे।  

भारतीय सेना की मालगाड़ी पहली बार पहुंची कश्मीर, वापसी में लाएगी सेब – विकास और भरोसे का संकेत

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर में एक ऐतिहासिक घटना हुई है. उद्धमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) पर भारतीय सेना की पहली विशेष मालगाड़ी सफलतापूर्वक चली. 12-13 सितंबर 2025 को यह गाड़ी बीडी बारी से अनंतनाग पहुंची. इसमें 753 मीट्रिक टन एडवांस्ड विंटर स्टॉकिंग (एडब्ल्यूएस) सामान लदा था, जो सेना की इकाइयों के लिए था. यह कदम सेना की सर्दियों की तैयारी में क्रांति लाएगा. यूएसबीआरएल क्या है और इसका महत्व? यूएसबीआरएल भारत का एक महत्वाकांक्षी रेल परियोजना है, जो जम्मू को कश्मीर घाटी से जोड़ती है. इसकी कुल लंबाई 272 किलोमीटर है. यह हिमालय के कठिन इलाके से गुजरती है. इसमें दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल चेनाब ब्रिज (359 मीटर ऊंचा) और भारत का सबसे लंबा रेल सुरंग पीर पंजाल (11.215 किमी) शामिल हैं. यह परियोजना 2002 में शुरू हुई और जून 2025 में पूरी तरह चालू हो गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2025 को इसकी शुरुआत की, जब वंदे भारत ट्रेन को फ्लैग ऑफ किया गया. इस रेल लिंक से कश्मीर घाटी बाकी भारत से जुड़ गई, जो सड़कों पर भूस्खलन या बाढ़ से होने वाली परेशानियों को कम करेगी. अगस्त 2025 में पहली मालगाड़ी अनंतनाग पहुंची, जो सीमेंट ले जा रही थी. लेकिन भारतीय सेना की यह गाड़ी पहली विशेष मालगाड़ी है, जो सैन्य और सिविल उपयोग का उदाहरण है. सेना की पहली विशेष मालगाड़ी: क्या लाया और क्यों खास? 12-13 सितंबर 2025 को चली यह मालगाड़ी बीडी बारी (कटरा के पास) से अनंतनाग पहुंची. इसमें 753 मीट्रिक टन एडब्ल्यूएस सामान लदा था, जैसे राशन, ईंधन, दवाइयां और अन्य जरूरी चीजें. ये सामान जम्मू-कश्मीर में तैनात सेना की इकाइयों के लिए था, ताकि सर्दियों में बर्फीले हिमालयी इलाके में कोई कमी न हो. पहले सेना सड़कों पर ट्रक से सामान भेजती थी, जो भूस्खलन या बर्फबारी से रुक जाती थी. अब रेल से तेज और सुरक्षित तरीके से स्टॉकिंग होगी. यह सेना की क्षमता विकास का हिस्सा है, जो कठिन इलाकों में ऑपरेशनल तैयारी सुनिश्चित करेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह कश्मीर को राष्ट्रीय फ्रेट नेटवर्क से जोड़ने का मील का पत्थर है.  सिविल-मिलिट्री फ्यूजन: कश्मीरी सेब का निर्यात यह गाड़ी सिर्फ सैन्य उपयोग की नहीं. वापसी में यह कश्मीरी सेब ले जाएगी, जो भारत के बाकी बाजारों में बेचे जाएंगे. यह ड्यूल-यूज लॉजिस्टिक्स का शानदार उदाहरण है. कश्मीरी किसान पहले भूस्खलन या बाढ़ से सड़कें बंद होने पर भारी नुकसान उठाते थे. अब रेल से उनका फल तेजी से बाजार पहुंचेगा, जिससे आर्थिक राहत मिलेगी. यह कदम सेना की राष्ट्र-निर्माण में भूमिका दिखाता है. सेना न सिर्फ रक्षा करती है, बल्कि कश्मीर के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान दे रही है. रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का सैन्य और सिविल उपयोग से क्षेत्र की लचीलापन, कनेक्टिविटी और समृद्धि बढ़ेगी. परियोजना से 5 करोड़ से ज्यादा मैन-डे रोजगार पैदा हुए हैं. यूएसबीआरएल के फायदे: कश्मीर के लिए नया दौर यह रेल लिंक कश्मीर को बदल देगी. पहले कश्मीर घाटी रेल से अलग-थलग थी, लेकिन अब पैसेंजर ट्रेनें (जैसे वंदे भारत) और मालगाड़ियां चलेंगी. इससे फल, हस्तशिल्प और अन्य सामान सस्ते में बाजार पहुंचेंगे. सेना के लिए यह सर्दियों की स्टॉकिंग आसान करेगा.  परियोजना में कई चुनौतियां थीं—जैसे हिमालय के युवा इलाके में भूगर्भीय समस्याएं. लेकिन सुरंगों में वेंटिलेशन और फायरफाइटिंग सिस्टम लगाकर सुरक्षा सुनिश्चित की गई. अब कश्मीर की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. Srinagar से रवाना हुई पहली  Rapid Cargo ट्रेन, इतने समय में तय करेगी Delhi तक का सफर  आज श्रीनगर से पहली माल ढुलाई ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना की गई है।  कश्मीर की अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए LG Manoj Sinha ने सोमवार को नौगाम रेलवे स्टेशन से कश्मीर और नई दिल्ली के बीच संयुक्त पार्सल उत्पाद-रैपिड कार्गो सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह नई पार्सल ट्रेन सेवा विशेष रूप से बागवानी उत्पादों के त्वरित परिवहन में मददगार साबित होगी और क्षेत्र के फल उत्पादकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आएगी।  मैं इस पहल के लिए रेलवे का आभारी हूँ।" उन्होंने कहा, "हमने देखा है कि भौगोलिक कारणों और खराब मौसम की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग कई बार अवरुद्ध हो जाते हैं। इस बंद होने से जल्दी खराब होने वाले सामानों को नुकसान होता है। रेलवे पार्सल सेवाओं की शुरुआत इस समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ी छलांग है।"   इस बीच, रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पार्सल सेवा बडगाम और आदर्श नगर, नई दिल्ली के बीच चलेगी, जिसका जम्मू के बारी ब्राह्मणा में एक निर्धारित ठहराव होगा। इस ट्रेन में 23-23 टन क्षमता वाले आठ पार्सल कोच हैं और शुरुआत में ये सेब और अखरोट ले जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि इस सुविधा से रसद व्यवस्था सुचारू होने, समय पर माल लदान और परिवहन घाटे में कमी आने की उम्मीद है। पहली ट्रेन ₹2.5 करोड़ मूल्य के फल लेकर 24 घंटे के भीतर दिल्ली पहुंचेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इसी तरह की 15 कोच वाली वीपी ट्रेन जल्द ही अनंतनाग से फल, खासकर सेब ले जाने के लिए चलेगी। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल न केवल कश्मीर के लिए, बल्कि पूरे जम्मू और कश्मीर क्षेत्र और भारतीय रेलवे के लिए गर्व का क्षण है।

iPhone खरीदना है तो पहले खरीदो पास! Flipkart के Big Billion Days का अजीब ऑफर वायरल

नई दिल्ली अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट की स्वामित्व वाली इंडियन ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart ने Big Billion Days सेल के लिए एक अनोखी स्कीम शुरू की है. सस्ते में iPhone खरीदने के लिए कंपनी ने 5000 रुपये का पास बेचना शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया पर इस स्कीम की लोग आलोचना भी कर रहे हैं. दरअसल Flipkart ने Big Billion Days के लैंडिंग पेज पर लिखा है कि iPhone 16 Pro सिर्फ 70 हजार रुपये में ही मिलेगा. जबकि iPhone 16 Pro की कीमत 1 लाख रुपये से ऊपर है. ऐसा कभी नहीं हुआ कि एक साल के अंदर Apple का कोई Pro फोन एक सिर्फ 70 हजार रुपये में मिलने लगा हो.  Flipkart के मुताबिक़ जो यूजर 5000 रुपये का पास खरीदता है उसे iPhone 16 Pro सस्ता मिलेगा. कंपनी ने दावा किया है कि Big Billion Days सेल के पहले 24 घंटे में एर्ली ऐक्सेस के तहत उन्हीं यूजर्स को सस्ते iPhone मिलेंगे जो 5000 रुपये का पास खरीदेंगे.  Flipkart का 5000 रुपये पास वाला ऑफ़र तीन स्मार्टफोन्स के लिए है. इनमे iPhone 16 Pro 128GB, iPhone 16 Pro 256GB और iPhone 16 Pro Max 256GB मॉडल्स शामिल हैं.  Flipkart ने दावा किया है कि सेल के दौरान iPhone 16 Pro सिर्फ 70 हज़ार रुपये से मिलना शुरू हो जाएगा. जबकि इसकी लॉन्च क़ीमत 1 लाख 30 हज़ार रुपये है.  iPhone 16 Pro Max को यूजर्स 90 हजार रुपये में ख़रीद सकेंगे, जबकि इसकी लॉन्च क़ीमत लगभग 1 लाख 45 हज़ार रुपये थी. आईफोन को लेकर भारत में काफी क्रेज है और कई लोगों ने पास खरीद भी लिया है. X पर कई लोगों की शिकायत है कि एरर की वजह से खरीद नहीं पा रहे हैं.  आपके लिए जानना इंपॉर्टेंट है कि ये 5000 रुपये वाला पास नॉन रिफंडेबल है और इसे आप कैंसिल भी नहीं करा सकते हैं. यानी अगर आप फैसला बदलते हैं तो आपको ये पैसा वापस नहीं मिलेगा. Flipkart का ये पास Big Billion Days Sals के शुरुआती 24 घंटे तक ही वैलिड रहेगा. यानी आप इसे अर्ली ऐक्सेस के तौर पर यूज कर पाएंगे. एक कस्टमर सिर्फ एक ही पास खरीद सकेगा.  फ़िलहाल ये साफ़ नहीं है कि जिन यूजर्स को 5000 रुपये वाला पास खरीदने के बाद भी iPhone 16 Pro या Pro Max नहीं मिलता है तो उस केस में क्या होगा? मुमकिन है कंपनी पैसे वापस कर दे. लेकिन कंपनी अगर ऐसा नहीं करती है तो ये यूजर्स के साथ नाइंसाफी होगी. 

इंदौर के सांदीपनि मालव कन्या विद्यालय को मिला एक्सीलेंस स्कूल अवार्ड, शिक्षा में रचा नया कीर्तिमान

इंदौर के सांदीपनि मालव कन्या विद्यालय को मिला एक्सीलेंस स्कूल अवार्ड फ्यूचर रेडी स्किल श्रेणी प्रतियोगिता में शामिल हुआ था विद्यालय  इंदौर सांदीपनि मालव कन्या विद्यालय ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) का एक्सीलेंस राष्ट्रीय स्तर का स्कूल अवार्ड जीता है। अलायंस फॉर री-इमेजिनिंग स्कूल एजुकेशन अवार्ड (अराइज) फिक्की का प्रतिष्ठित अवार्ड है। विद्यालय को अवार्ड बच्चों में अकादमिक विषयों से आगे बढ़कर भविष्य के लिये स्किल्स डेव्हलपमेंट के क्षेत्र में नवाचार किये जाने केलिये दिया गया है। विद्यालय के बच्चों को कम्प्यूटर में कोडिंग सिखाई जा रही है। इसी के साथ कम्युनिकेशन और क्रिएटिव की नई तकनीक सिखाई जा रही है। सरकारी स्कूल के बच्चों में स्किल डेवलप कर भविष्य के लिये तैयार किया जा रहा है। नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में हुए कार्यक्रम में अनेक शिक्षाविद् के साथ हाल ही में भारत से स्पेस स्टेशन पर गये ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी मौजूद थे। प्रदेश के लिये गौरव की बात है कि देश के एक हजार स्कूलों में इंदौर के सांदीपनि विद्यालय ने अपने नवाचार कार्यक्रम के जरिये यह पुरस्कार जीता है। पुरस्कार प्राचार्य श्री रामकृष्ण कोरी और उनकी टीम ने प्राप्त किया। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पीपल फाउंडेशन की मदद से बच्चों में कम्प्यूटर में दक्षता के लिये यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ज्यूरी सदस्यों में केन्द्र सरकार की पूर्व शिक्षा सचिव सुश्री अनीता करवाल और नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजुकेशन के चेयर पर्सन प्रो. पंकज अरोरा भी शामिल थे।  

शिल्पा शेट्टी ने सिखाया भ्रामरी योग, बोलीं- गुनगुनाकर पाएं मन की शांति

मुंबई, अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी अपनी फिटनेस, आकर्षक व्यक्तित्व और अनुशासित जीवनशैली के लिए जानी जाती हैं। वे लंबे समय से योग, स्वस्थ खानपान और नियमित व्यायाम को बढ़ावा देती रही हैं। सोमवार को उन्होंने अपने प्रशंसकों के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामरी प्राणायाम सिखाते हुए वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो के जरिए शिल्पा ने न केवल इस योग क्रिया को करने का आसान तरीका बताया, बल्कि इसके फायदों को भी उजागर किया। शिल्पा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में बताया कि यह एक ऐसी योग क्रिया है, जिसमें हल्की गुनगुनाहट के साथ सांस ली और छोड़ी जाती है। शिल्पा के मुताबिक, नियमित रूप से भ्रामरी करने से मन शांत रहता है, तनाव कम होता है और जीवन में संतुलन बना रहता है। यह योग मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ एकाग्रता बढ़ाने में भी मददगार है। वीडियो के साथ शिल्पा ने कैप्शन में लिखा, “गुनगुनाकर शांति पाएं।” इस संदेश के जरिए उन्होंने अपने प्रशंसकों को इस सरल योग क्रिया को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। शिल्पा ने यह भी बताया कि भ्रामरी प्राणायाम न केवल मन को सुकून देता है, बल्कि यह नींद की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है। शिल्पा शेट्टी लंबे समय से फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली की प्रबल समर्थक रही हैं। वह अपने सोशल मीडिया पर नियमित रूप से योगासन, व्यायाम के टिप्स और पौष्टिक खानपान से जुड़े नुस्खे साझा करती रहती हैं। इससे पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह एरोबिक्स स्टेप वर्कआउट करती दिख रही थीं। इसी के साथ उन्होंने इसके फायदे के बारे में भी बताया था। इस वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन लिखा, “कूदो, झुको, लेकिन कभी रुको मत।” शिल्पा जल्द ही कन्नड़ एक्शन ड्रामा फिल्म ‘केडी: द डेविल’ में दिखेंगी। इसके निर्देशक प्रेम हैं। फिल्म में शिल्पा के साथ ध्रुव सरजा, संजय दत्त, वी. रविचंद्रन, रमेश अरविंद, रीश्मा नानैया और नोरा फतेही जैसे सितारे नजर आएंगे।  

मुख्यमंत्री साय दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित दूरदर्शन केंद्र में आयोजित दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए और दूरदर्शन परिवार, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं दर्शकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ी अपनी स्मृतियाँ साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदर्शन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत तथा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री के समक्ष कलाकारों ने गौर नृत्य, बांस गीत, जवारा नृत्य, सुआ नृत्य और गौरी-गौरा जैसे लोकनृत्य प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरदर्शन ने मनोरंजन के साथ-साथ हमें वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारित करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने 1982 में एशियाई खेलों के रंगीन प्रसारण, रामायण और महाभारत जैसे धारावाहिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में दूरदर्शन का जादू ऐसा था कि प्रसारण के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “मिले सुर मेरा तुम्हारा” जैसे गीतों के माध्यम से दूरदर्शन ने देश की एकता और सांस्कृतिक एकरूपता का संदेश दिया। समाचारों की गरिमा और भाषा की शुचिता बनाए रखने में दूरदर्शन की परंपरा सदैव सराहनीय रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरदर्शन के प्रादेशिक केंद्रों ने स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है। रायपुर दूरदर्शन ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रमों और विशेषकर “हमर चिन्हारी” के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुँचाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कृषि दर्शन, महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों और युवाओं के लिए प्रस्तुत विशेष सामग्री के माध्यम से दूरदर्शन ने समाज के हर वर्ग को जोड़ा है। उन्होंने अपनी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सँभालने के बाद “अपनी बात” कार्यक्रम में दिए गए साक्षात्कार को याद करते हुए कहा कि दूरदर्शन हमेशा स्पष्टता से और विस्तारपूर्वक अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाखों हितग्राहियों को मिल रहा है और दूरदर्शन के द्वारा समाज में आने वाले सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी एक व्यक्ति की सफलता की कहानी दूरदर्शन पर प्रसारित होती है, तो वह लाखों लोगों के जीवन को बदलने का सशक्त आधार बनती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दूरदर्शन परिवार को पुनः स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि दूरदर्शन इसी प्रकार आम जनता का मनोरंजन, संस्कार और जागरूकता का प्रमुख माध्यम बना रहेगा। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दूरदर्शन ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी दूरदर्शन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक सशक्त रूप से दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर रायपुर दूरदर्शन केंद्र के उप महानिदेशक संजय कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

रिश्ते में दरार, कारण हैं हजार

कोई रिश्ता परफेक्ट नहीं होता। दोस्तों की बात अलग है। निकट के रिश्तों में दूरियां आते देर नहीं लगती। कैसे संभाले और ताउम्र बचा कर रखें ये रिश्ते। आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा, पहली मुलाकात में आपको अपनी सास, ननद या जेठानी बेहद खुले विचारों की और दोस्ताना लगी होंगी। पर जब आपने साथ रहना शुरू किया, तो छवि बदलते देर नहीं लगी। आपको लगता है कि रिश्ते में दूसरों का पलड़ा हमेशा भारी रहता है और आप हमेशा देने वाली मुद्रा में रहती हैं। अगर आप अपने अंदर झांकें और खुद से कुछ सवाल करें तो पाएंगी कि आप जिस रिश्ते में जितना देती हैं, बदले में आप उतना ही पाती हैं। कैसे संवारें अपने रिश्तों कोः कहते हैं, प्यार में कोई शर्त नहीं होती। इसका मतलब है, जो जैसा है, उसे उसी रूप में प्यार करना। लेकिन यही बात समय बीतने के साथ उसी रिश्ते में दरार का कारण बनती है। प्यार, देखभाल, विश्वास और सम्मान रिश्ते की जरूरत है। साथ ही साथ कुछ रिश्तों में समय भी देना पड़ता है। आप किसी के बारे में भी राय बनाने से पहले अपने आप को भी तौल लें। कई बार आप अपने जरूरत के हिसाब से भी रिश्ते बनाती हैं। नाजुक रिश्ते तभी मजबूत बनते हैं, जब आप दिल से उन्हें अपनाएंगी और उन्हें खुद को अपनाने देंगी। जब एक रिश्ते में सोच, विचार, आकांक्षा, मूल्यों तथा रहन-सहन में कोई सामंजस्य नहीं होता तो देर-सबेर परेशानी आनी तय है। आपको कुछ समय बाद पता चल जाएगा कि आप इस रिश्ते को जितना प्यार दे रही हैं, क्या आपको मिल रहा है? अपनी बात स्पष्ट रूप से रखना भी सीखें। अपनी किसी सहेली या घर वालों की राय लेने से पहले यह भी देख लें कि कहीं आप रिश्ते बनाने या तोड़ने में जल्दबाजी तो नहीं कर रहीं? विवाह सलाहकार डॉक्टर कुसुम शर्मा कहती हैं, ‘आज की तारीख में लगभग पचास प्रतिशत शादियों में टकराव की वजह परिवार होता है। कभी लड़के के परिवार वाले हावी हो जाते हैं, तो कभी लड़की के। पति-पत्नी के लिए जरूरी है कि वे दोनों परिवारों को अपने रिश्ते पर हावी होने ना दें। यह समझना जरूरी है कि कुछ रिश्तों को बनाने में वक्त लगता है।‘ दूसरे को सम्मान न देना कुछ महिलाओं और पुरुषों की यह सोच होती है कि यदि कोई हमसे प्यार करता है या हमारा जीवनसाथी है तो उसे हमारी हर बात माननी ही होगी। ऐसे लोग सारे निर्णय स्वयं लेना चाहते हैं और अपने साथी की बात व विचार को सम्मान नहीं देते हैं। इस स्थिति को भले ही कुछ समय के लिए नजरंदाज कर दिया जाए, पर ऐसे रिश्ते ताउम्र नहीं टिक पाते। कुछ समय बात बिखर जाते हैं। दूसरों पर यकीन करें: मां के घर में भी आपने अपने बहन-भाई, दादा-दादी और दूसरे रिश्तेदारों के साथ सामंजस्य बनाया ही होगा। बहनों की भी आपस में लड़ाइयां होती हैं और मनमुटाव भी। ऐसा ही मनमुटाव अगर सास या ननद से हो जाए, तो आप दिल पर क्यों ले लेती हैं? आप अपने किसी भी रिश्ते की तुलना एक-दूसरे से ना करें। सभी रिश्तों पर यकीन करें। आपका यकीन आपको धोखा नहीं देगा। रिश्तों की मजबूती के लिए वक्त चाहिए। आप अगर अपने आपको नहीं खोलेंगी, तो रिश्ते कभी आपके दिल को नहीं छू पाएंगे। खुलकर विचारों का आदान-प्रदान न करनाः किसी भी रिश्ते में विचारों का आदान-प्रदान व दूसरे के विचारों को सम्मान देना बेहद जरूरी होता है। जिन रिश्तों में संवाद की कमी होती है, उनमें अक्सर मतभेद, मनभेद में बदल जाते हैं, परिणामस्वरूप रिश्ता धीरे-धीरे टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। व्यवहार से जुड़ी परेशानी कोई भी इंसान ऐसे व्यक्ति के साथ वक्त बिताना नहीं पसंद करता जो जरूरत से ज्यादा गुस्से वाला हो या अत्यधिक शांत रहने वाला हो। ऐसे रिश्ते में विचारों, खुशियों व दुखों का आदान-प्रदान नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप साथी कुंठित महसूस करने लगता है। यह कुंठा कुछ समय बाद असहनीय हो जाती है और रिश्ता टूटने का कारण बन जाता है। खुशनुमा रिश्ते के लिए अपने साथी के साथ अपनी भावनाएं, अपने अनुभव, अपनी सोच जरूर साझा करें। रिश्ते में उदासीनता आना अक्सर शादी के कुछ सालों बाद हर रिश्ते में उदासीनता आने लगती है। प्पैसा, घर और गाड़ी पाने की दौड़ में आप रिश्तों की गर्माहट को भूलने लगती हैं। रिश्तों में एक किस्म की प्रतिद्वंद्विता घर करने लगती है। यह वक्त है रिश्तों की ओवर हॉलिंग का। उम्र के इस दौर में आपको भी अपनों का साथ चाहिए। देर नहीं हुई है। आप एक मैसेज करिए, फोन घुमाइए और उन सबको इकट्ठा कीजिए। पहले की तरह मनपसंद खाना और गप्पबाजी के साथ अपने आपको तरोताजा कीजिए। ये वो लोग हैं, जो आपके साथ चलते आए हैं और हमेशा चलेंगे।  

अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी प्रवीण महादेव थिप्से की मुख्यमंत्री साय से मुलाकात

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत के अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी एवं ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने थिप्से की खेल प्रतिभा और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनकी प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया सहित संघ के अन्य पदाधिकारी  उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रवीण महादेव थिप्से शतरंज में ग्रैंडमास्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हैं और राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।