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फालतू में मत फेंकें अपनी घड़ी, ये टिप्स कर देंगी समय सही!

नई दिल्ली काल यानी समय कभी नहीं रुकता है। जो समय के साथ चलता है, वही आगे बढ़ता है। जो ठहर जाता है वह खत्म हो जाता है। इसी समय को बताने के लिए हम घड़ी का इस्तेमाल करते हैं, जो हमेशा चलती रहनी चाहिए। मगर, यदि घड़ी बंद हो जाए, तो उसे घर से हटा देना चाहिए। दरअसल, यह निगेटिव एनर्जी पैदा करती है और इसकी वजह से कई तरह की परेशानियां जीवन में आने लगती हैं। इसीलिए बंद घड़ी को घर से बाहर निकाल दिया जाता है। वास्तु के अनुसार, बंद घड़ी आपके लिए लगातार नुकसान और बुरे समय का कारण भी बन सकती है। करियर पर भी डालती है असर बंद घड़ी को घर में रखने से करियर, आर्थिक स्थिति और रिश्तों में बाधा आ सकती है। ज्योतिष में घड़ी को ग्रहों से जोड़ा जाता है। घड़ी के बंद होने का मतलब है कि समय के फ्लो यानी बहाव में रुकावट आ रही है। इसका असर आपकी तरक्की पर भी पड़ता है। लिहाजा, अगर आपके घर में भी कोई बंद घड़ी पड़ी है, तो अब समय है कि उसे घर से बाहर कर दिया जाए। मगर, इससे पहले आप एक उपाय कर सकते हैं, जो आपकी किस्मत के बंद ताले को खोल सकता है। बंद घड़ी से करें ये उपाय घर में पड़ी खराब घड़ी को घर से बाहर निकालने से पहले आप जिस भी परेशानी से जूझ रहे हैं, उसे एक कागज पर लिख लें। इसके बाद उस कागज के टुकड़े को घड़ी के साथ रखकर काले कपड़े से लपेट दें। इसके बाद इस घड़ी को घर से दूर किसी कचरा फेंकने की जगह पर फेंक आएं। इस उपाय को करते समय आपको यह ध्यान रखना है कि आपको पीछे पलटकर नहीं देखना है। बस इतना करने के बाद आप देखेंगे कि धीरे-धीरे आपके जीवन से वह समस्या दूर हो रही है।

आईटीएम विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा श्री प्रदीप टंडन को डी.लिट् (Honoris Causa) की उपाधि प्रदान

रायपुर आईटीएम विश्वविद्यालय, रायपुर ने श्री प्रदीप टंडन को डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट्) की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें बिज़नेस मैनेजमेंट, कॉर्पोरेट नेतृत्व, छत्तीसगढ़ में औद्योगिक प्रोत्साहन तथा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण एवं परामर्श में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया है। श्री टंडन वर्तमान में भारत के शीर्ष कॉर्पोरेट – नवीन जिंदल समूह की कंपनी में अध्यक्ष (President) के रूप में कार्यरत हैं। बिज़नेस मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट कार्यों में तीन दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन में अहम भूमिका निभाई है। कॉर्पोरेट जगत से परे, श्री टंडन ने नीति वकालत (Policy Advocacy) के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे वर्तमान में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष तथा नेशनल एम्प्लॉयर्स फेडरेशन के अध्यक्ष हैं। इन भूमिकाओं में उन्होंने उद्योग और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाली प्रगतिशील नीतियों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। आईटीएम विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त यह डी.लिट् उपाधि उनके कॉर्पोरेट उत्कृष्टता, आर्थिक विकास और सामाजिक-औद्योगिक प्रगति के प्रति समर्पण की सराहना है। इस अवसर पर आभार व्यक्त करते हुए श्री टंडन ने कहा: “यह सम्मान मेरे लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मेरे सहकर्मियों, मार्गदर्शकों और उद्योग से जुड़े साथियों से मिले निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन का प्रतिबिंब है। मैं इस मान्यता के लिए आईटीएम विश्वविद्यालय का हृदय से आभारी हूँ। यह उपाधि मुझे समावेशी औद्योगिक विकास, नीति सुधार और सामाजिक-आर्थिक उन्नति की दिशा में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।”

अमेरिका में भारतीय की हत्या: सांसदों ने पुलिस पर उठाए सवाल, कहा– खूंखार अपराधी क्यों नहीं था सलाखों के पीछे?

वाशिंगटन यूएस में भारतीय मूल के शख्स की बेरहमी से की गई हत्या को लेकर अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा है कि हत्यारे को अमेरिका में नहीं रहने देना चाहिए। बता दें कि 50 साल के भारतीय अमेरिकी चंद्र मौली बॉब नागमल्लैया को उनके ही एक सहकर्मी योर्डानिस कोबोस मार्टनेज ने मार डाला था। आरोपी ने चाकू से उनकी गर्दन पर तबतक वार किया जब तक कि सिर धड़ से अलग नहीं हो गया। इसके बाद सिर पर लात मारी और कूड़ेदान में फेंक दिया। घटना के वक्त मृतक की पत्नी और बच्चा भी वहीं मौजूद था। खन्ना ने कहा, कड़ी मेहनत करने वाले एक भारतीय मूल के अमेरिकी की उसकी पत्नी और बच्चे के सामने नृशंस हत्या बेहद खौफनाक है। उन्होंने कहा कि आरोपी को पहले भी चोरी और अन्य अपराध के चलते गिरफ्तार किया गया था। उसे अमेरिकी की गलियों में यूं घूमने के लिए छोड़ना ही नहीं चाहिए था। नागमलैय्या पर हमले की गवाह उनकी पत्नी निशा और 18 वर्षीय बेटे गौरव की मदद के लिए शुरू किए गए चंदा अभियान के तहत करीब दो लाख अमेरिकी डॉलर की धनराशि एकत्र हो चुकी है। इस धनराशि का उपयोग नागमलैय्या के अंतिम संस्कार और गौरव की कॉलेज की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए किया जाएगा। नागमलैय्या (50) डाउनटाउन सुइट्स नामक होटल में काम कर करते थे। हिंसक आपराधिक इतिहास वाले क्यूबा के नागरिक और नागमलैय्या के सहकर्मी योरडानिस कोबोस-मार्टिनेज (37) ने सिर कलम करके उनकी हत्या कर दी थी। ह्यूस्टन स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास मामले पर नजर रखे हुए है और ‘कांसुलर’ सहायता प्रदान कर रहा है। महावाणिज्य दूत डी सी मंजूनाथ ने कहा कि वाणिज्य दूतावास “परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है।”  

‘होमबाउंड’ का इंतजार खत्म! ईशान खट्टर और जाह्नवी कपूर की फिल्म की रिलीज डेट घोषित

मुंबई  जाह्नवी कपूर, ईशान खट्टर और विशाल जेठवा स्टारर ‘होमबाउंड’ की दुनियाभर के फिल्म फेस्टिवल में खूब सराहना हुई है. इस फिल्म की रिलीज का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में गुड न्यूज है कि मेकर्स ने फाइनली इसकी रिलीज डेट शनिवार, 13 सितंबर यानी आज अनाउंस कर दी है. चलिए जानते हैं ‘होमबाउंड’ भारत और दुनियाभर के  सिनेमाघरों में कब रिलीज होगी? ‘होमबाउंड’ की रिलीज डेट हुई अनाउंस बता दें क टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और कान्स फिल्म फेस्टिवल जैसे प्रेस्टिजियस इवेंट्स में प्रदर्शित हुई ‘होमबाउंड’ को शानदार रिव्यू मिले थे और यहां तक कि इसके लिए नौ मिनट तक खड़े होकर तालियां भी बजाई गईं. वहीं अब ये फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज होने जा रही है. फिल्म मेकर नीरज घायवान की "होमबाउंड" 26 सितंबर को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है है, निर्माताओं ने शनिवार को इसकी घोषणा की. फिल्म के ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर इसकी दुनिया भर में रिलीज़ अनाउंस की गई है. पोस्ट में इसका नया पोस्टर था जिस पर रिलीज़ की तारीख लिखी थी. वहीं पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "कोई भी एहसास आखिरी नहीं होता. होमबाउंड 26 सितंबर को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है." होमबाउंड के बारे में फ़िल्म की इमोशनल कहानी और ईशान के शानदार अभिनय, दोनों की काफ़ी तारीफ़ हुई है. इस फिल्म को ईशान के अब तक के करियर की बेस्ट फ़िल्मों में से एक बताया जा रहा है. होमबाउंड का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फ़िल्म निर्माता नीरज घायवान ने किया है. धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित, यह फ़िल्म उत्तर भारत के एक छोटे से गाँव के दो बचपन के दोस्तों की कहानी है, जो पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखते हैं. उनका मानना ​​है कि वर्दी उन्हें आखिरकार वह सम्मान दिलाएगी जो उन्हें हमेशा से नहीं मिला. लेकिन जैसे-जैसे वे अपने लक्ष्य के करीब पहुँचते हैं, बढ़ती चुनौतियाँ और बढ़ते दबाव न केवल उनके दृढ़ संकल्प, बल्कि उनके रिश्ते की मज़बूती की भी परीक्षा लेने लगते हैं. इन दोनों दोस्तों का रोल विशाल जेठवा और ईशान खट्टर ने निभाया है. हाल ही में, यह फ़िल्म टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (TIFF) में प्रदर्शित की गई थी.

शहीदों का अपमान– पहलगाम हमले के पीड़ित की विधवा ने भारत-पाक मैच पर जताया विरोध

नई दिल्ली  पाहलगाम आतंकी हमले में मारे गिए एक व्यक्ति की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने आगामी भारत-पाकिस्तान एशिया कप 2025 मैच का कड़ा विरोध किया है और सभी से मैच का बहिष्कार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हमले में जान गंवाने वाले 26 लोगों के बलिदान की अनदेखी की जा रही है और पाकिस्तान जैसे आतंकी राष्ट्र के साथ क्रिकेट खेलना शहीद परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “BCCI को यह मैच स्वीकार नहीं करना चाहिए था। हमारे खिलाड़ी राष्ट्रवादी कहे जाते हैं, लेकिन 1-2 को छोड़कर किसी ने भी आगे आकर पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से मना नहीं किया। यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी थी कि देश के लिए खड़े हों। लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि मैच से मिलने वाला राजस्व किस काम आएगा। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान उस पैसे का इस्तेमाल सिर्फ आतंकवाद के लिए करेगा। स्पॉन्सर और ब्रॉडकास्टर भी सोचें कि क्या उनकी राष्ट्रीयता उन 26 परिवारों तक सीमित नहीं है? टीवी मत चालू करें, इस मैच का बहिष्कार करें।” भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार और BCCI पर निशाना साधा है। शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने पूछा – “क्या खून और क्रिकेट साथ-साथ बह सकते हैं?” महाराष्ट्र कांग्रेस ने कहा कि यह शहीदों और उनके परिवारों का अपमान है। शरद पवार की एनसीपी (एसपी) ने आरोप लगाया कि सरकार ने मैच को अनुमति देकर अपने दोहरे मानदंड उजागर कर दिए हैं। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें 14 सितंबर को दुबई में होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच पर रोक लगाने की मांग की गई थी।  

सांसद भड़कीं: ब्रिटेन में सिख महिला के साथ रेप, नस्लभेदी टिप्पणी से मचा हंगामा

लंदन यूनाइटेड किंगडम के ओल्डबरी कस्बे में एक सिख महिला के साथ हुई हैवानियत ने स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। 20 साल की बताई जा रही इस महिला के साथ दो व्यक्तियों ने रेप किया और उससे नस्लभेद से जुड़े आपत्तिजनक शब्द भी कहे। हमला पिछले मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे टेम रोड के पास हुआ। पुलिस ने इस घटना को “नस्लीय रूप से गंभीर अपराध” करार दिया है और कहा है कि वे हमलावरों की तलाश में जुटे हुए हैं। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि हमलावरों ने उस पर नस्लीय टिप्पणी करते हुए कहा कि “अपने देश वापस जाओ।” पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी और फॉरेंसिक जांच की जा रही है। कौन हैं संदिग्ध? स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्ध दोनों श्वेत पुरुष हैं। एक का सिर मुंडा हुआ था और उसने गहरे रंग का स्वेटशर्ट पहना था, जबकि दूसरा ग्रे रंग की टी-शर्ट में था। सिख समुदाय में आक्रोश इस घटना ने स्थानीय सिख समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा किया है। इसे सीधे तौर पर “जानबूझकर किया गया हमला” माना जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि समुदाय का गुस्सा “पूरी तरह जायज है” और उन्होंने आश्वासन दिया कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी। सांसदों की प्रतिक्रिया बर्मिंघम एडगबास्टन की सांसद प्रीत कौर गिल ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, “यह न सिर्फ अत्यधिक हिंसक अपराध है, बल्कि इसे नस्लीय रूप से भी अंजाम दिया गया है। हमलावरों ने कथित तौर पर पीड़िता से कहा कि वह यहां की नहीं है। सच्चाई यह है कि वह यहीं की है। हमारा सिख समुदाय और हर समुदाय सुरक्षित, सम्मानित और मूल्यवान महसूस करने का अधिकार रखता है। नस्लवाद और स्त्रीविरोध की ब्रिटेन में कोई जगह नहीं है।” इलफोर्ड साउथ से सांसद जस अठवाल ने इस हमले को “घृणित, नस्लवादी और स्त्री-विरोधी” करार दिया। उन्होंने कहा, “यह हमला हमारे देश में बढ़ते नस्लीय तनाव का नतीजा है। अब एक युवा महिला को जिंदगीभर के लिए मानसिक आघात झेलना पड़ेगा। इस मामले को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए।” हाल की दूसरी घटना यह घटना ऐसे समय हुई है जब महज एक महीने पहले वॉल्वरहैम्प्टन में रेलवे स्टेशन के बाहर तीन किशोरों ने दो बुजुर्ग सिख पुरुषों पर हमला किया था। उस दौरान हमलावरों ने उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा और उनका पगड़ी भी खुल गया था। वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से जुड़ी जानकारी है तो तुरंत संपर्क करें ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।  

क्रिकेट का चुटीला पल: अतुल वासन ने उड़ाया पाकिस्तान का मजाक, भारत की ‘बी’ टीम को बताया खतरनाक

नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 का छठा मुकाबला रविवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम एशिया कप में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मुकाबले में प्रबल दावेदार होगी। भारत और पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में बड़ी जीत के साथ आगाज किया है। भारत ने अपने पहले मुकाबले में यूएई को हराया, जबकि पाकिस्तान ने ओमान को करारी शिकस्त दी। हालांकि इस मैच को लेकर फैंस के बीच ज्यादा उत्सुकता नहीं है। वहीं भारत के पूर्व गेंदबाज अतुल वासन का मानना है कि पाकिस्तान की टीम काफी कमजोर और इंडिया की बी टीम भी उसे हरा सकती है। अतुल वासन का मानना है कि बदलाव के दौर में खेल के सबसे छोटे प्रारूप में भारतीय टीम को रोहित शर्मा और विराट कोहली की कमी नहीं महसूस हुई है। बल्कि ज्यादा विकल्प ने चयनकर्ताओं का काम मुश्किल कर दिया है। अतुल वास ने कहा, ''इंडिया बी टीम भी पाकिस्तान को हरा सकती है। क्योंकि चीजें बदल गईं हैं। जब हम 90 के दशक में खेलते थे, तब वे बहुत अच्छी टीम हुआ करते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। मुझे रोहित शर्मा और विराट कोहली की कमी नहीं खलेगी क्योंकि फिर मुझे सुनील गावस्कर और कपिल देव की भी याद आने लगेगी।” मीडिया से कहा, ''राजा अमर रहे। चीजें आगे बढ़ गईं हैं। नए सुपरस्टार्स आते हैं और मुझे चयनकर्ताओं पर तरस आता है क्योंकि सभी को इसमें शामिल रखना पड़ता है क्योंकि किसे बाहर करना है और किसे चुनना है।" कोहली और रोहित के जाने के बाद भारत ने 21 मैच खेले हैं और उसमें से सिर्फ तीन गंवाए हैं। पीयूष चावला ने कहा, ''अगर आप मौजूदा भारतीय टीम को देखें, रोहित और कोहली के जाने के बाद उन्होंने काफी मुकाबले जीते हैं और वे अच्छा कर रहे हैं। अर्शदीप जैसे खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल रहा है, जबकि वह विश्व टी20 गेंदबाजों में शीर्ष पांच में शामिल हैं। मुझे लगता है कि यह टीम पूरी तरह से तैयार लग रही है, और आपको हमेशा ऐसे खिलाड़ियों की कमी खलती है।''  

सूरजपुर : रजत महोत्सव अंतर्गत हरदिन हरघर आयुर्वेद अभियान के तहत जनजागरूकता रैली का किया गया आयोजन

सूरजपुर जिला प्रशासन के निर्देशन एवं जिला आयुष अधिकारी सूरजपुर  के मार्गदर्शन में रजत महोत्सव अंतर्गत हरदिन हरघर आयुर्वेद अभियान के तहत जनजागरूकता रैली  शासकीय कन्या उच्चतर  माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर एवं स्वामी आत्मा नन्द विद्यालय सूरजपुर के छात्रों  के सहभागिता में स्पे. थेरेपी सेंटर सूरजपुर एवं विभाग  के अधिकारी कर्मचारियों के दल  द्वारा छ. ग. रजत महोत्सव के बारे में बताते हुए, आयुर्वेद परिचय देते हुए,आयुर्वेद एवं योग, प्राणायाम के दैनिक जीवन में उपयोगिता, रोग प्रतिरोधक घरेलु औषधि  की जानकारी देते हुए व आयुरविद्या से सम्बंधित सभी विषयों जैसे दिनचर्या, रात्रिचार्य, ऋतुचार्य, आहार विहार, सदवृत के बारे में बताते हुए छात्र छात्राओं को आयुर्वेद के महत्ता पर व्याख्यान दिया गया| हरदिन हर घर आयुर्वेद जागरूकता रैली अग्रसेन चौक से जनपद कार्यालय एवं वापस स्कूल तक रैली के माध्यम से जनजागरूकता नारों के साथ अभियान का  सफल संचालन किया गया एवं नवाचार के तहत स्वास्थ्य जागरूकता सांप सीढ़ी खेल के आयोजन में छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया| कार्यक्रम में  संस्था के  डॉ कुलदीप द्विवेदी डॉ संतोष सिंह, डॉ अनीता पैकरा, वरिष्ठ व्याख्याता लिली नंदी, ए. के. टोप्पो, डी. सी. राम ,गुलाब झरी सिंह, दाऊ राम,धनसाय, श्रावण कुमार, समीर कुजूर एवं अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी सहित कुल 9 वीं से 12 तक कुल 230 छात्रों की सहभागिता रही |

सूरजपुर : प्रतापपुर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन कर रहे 04 वाहनों को किया गया जब्त

सूरजपुर प्रतापपुर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन पर सख्ती बरतते हुए राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है।  टीम ने अवैध रूप से गौण खनिज (रेत, मुरुम आदि) का परिवहन कर रहे चार वाहनों को जब्त किया । प्राप्त जानकारी के अनुसार   कार्यवाही के दौरान वाहनों से खनिज परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। दस्तावेजों के अभाव में खनिज अधिनियम के तहत  वाहनों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। इसके साथ ही संबंधित वाहन मालिकों एवं चालकों पर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई ।