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बिल्डिंग मटेरियल हुआ सस्ता: अब घर बनाना पड़ेगा सस्ता, जानें कितना घटे रेट

नई दिल्ली जीएसटी काउंसिल ने बड़ा फैसला लेते हुए GST के दरों में बड़ा बदलाव किया है. अभी जीएसटी के तहत 4 स्‍लैब- 5%, 12%, 18% और 28% है, लेकिन बदलाव के बाद सिर्फ दो स्‍लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी हो जाएगा. इस कारण तमाम जरूरत की चीजें सस्‍ती हो जाएगी, यहां तक कि घर बनवाने के लिए सीमेंट, ईंट और स्‍टील के दाम भी घटने वाले हैं. इन चीजों पर भी GST रेट में कटौती हुई है. 22 सितंबर से जीएसटी कटौती लागू होगी.  सीमेंट पर जीएसटी के रेट को 28 फीसदी की कैटेगरी से हटाकर 18% स्‍लैब में शामिल किया गया है. इसी तरह, ईंट और टाइल्‍स को 12% स्‍लैब से हटाकर 5 फीसदी स्‍लैब में रख दिया गया है. वहीं स्‍टील यानी सरिया पर भी GST को कम किया गया है, जो अब 28 फीसदी से घटकर 18 फीसदी हो जाएगा. आइए जीएसटी कैलकुलेशन से समझते हैं कि अब घर बनवाना कितना सस्‍ता हो सकता है.  सीमेंट के कितने कम होंगे दाम?  सीमेंट पर अभी जीएसटी 28% है, जो नई जीएसटी के बाद घटकर 18 फीसदी होगी यानी 10 फीसदी की कटौती होगी. अब मान लीजिए 50 किलो सीमेंट की बोरी ₹400 है. ऐसे में 10% GST कटौती के बाद 40 रुपये प्रति बोरी की कमी आएगी. वहीं 450 रुपये वाली बोरी पर 45 रुपये की कमी आएगी.  ईंट के दाम कितने घटेंगे?  ईंट पर जीएसटी रेट को 12 से कम करके 5 फीसदी किया गया है. ऐसे में इसपर जीएसटी रेट में 7 फीसदी की कमी आई है. अब मान लीजिए आप 1 लाख ईंट घर बनवाने के लिए मंगाते हैं और हर एक ईंट की कीमत 10 रुपये है तो कुल आपको 10 लाख रुपये का खर्च आएगा. ईंट पर जीएसटी 7% कम होने के बाद इसका कुल रेट घटकर 9 लाख 30 रुपये हो जाएंगे. यानी 1 लाख ईंट मंगाने पर आपको अब 70 हजार रुपये कम देने पड़ेंगे.  सरिया का रेट कितना कम होगा?  स्‍टील प्रोडक्‍ट्स पर जीएसटी रेट 28 फीसदी से कम करके 18 फीसदी किया गया है. ऐसे में 10 फीसदी रेट में कटौती हो सकता है. अब मान लीजिए 1 कुंतल सरिया का दाम 5000 रुपये है. ऐसे में प्रति कुंतल सरिया के दाम में 500 रुपये की कमी आएगी.  टाइल्‍स के रेट कितने घटेंगे?  टाइल्‍स जैसी चीजों पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% किया गया है. ऐसे में इसके दाम में भी 7 फीसदी की कटौती होने की उम्‍मीद है. अब 100 रुपये वर्ग फुट की एक टाइल्‍स पर 7 रुपये की कटौती होगी.  2500 वर्गफुट या 4BHK घर बनवाने में कितना खर्च आएगा?  एक अनुमान के मुताबिक, 2500 वर्गफुट घर बनवाने में करीब 1000 बोरी सीमेंट का यूज होता है. इसके अलावा, 25 हजार ईंट और सरिया 10 टन सरिया का इस्‍तेमाल हो सकता है. साथ ही लगभग 2200 वर्ग फुट टाइल्‍स का यूज भी मान लेते हैं. अब इसी अनुमान पर कैलकुलेशन करें तो…  पुरानी जीएसटी रेट पर      400 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से 1000 सीमेंट के दाम- 4 लाख रुपये      10 रुपये प्रति ईंट के हिसाब से 25000 ईंट के दाम- 2 लाख 50 हजार रुपये      50 हजार रुपये प्रति टन सरिया के हिसाब से 10 टन सरिया का दाम- 5 लाख रुपये      100 रुपये वर्गफुट टाइल्‍स के हिसाब से 2200 वर्ग फुट टाइल्‍स के दाम- 2 लाख 20 हजार रुपये      कुल खर्च- 13.70 लाख रुपये  नई जीएसटी रेट पर     360 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से 1000 सीमेंट के दाम- 3 लाख 60 हजार रुपये      9.3 रुपये प्रति ईंट के हिसाब से 25000 ईंट के दाम- 2 लाख 32.5 हजार रुपये      45 हजार रुपये प्रति टन सरिया के हिसाब से 10 टन सरिया का दाम- 4.50 लाख रुपये      93 रुपये वर्गफुट टाइल्‍स के हिसाब से 2200 वर्ग फुट टाइल्‍स के दाम- 2 लाख 4.6 हजार रुपये      कुल खर्च- 12.47 लाख रुपये  नई जीएसटी रेट लागू होने के बाद 2500 वर्ग फुट का घर बनवाने में 1.23 लाख रुपये की बचत हो सकती है. 

राजू हिरानी ने दिखाई कहानी differently, संजू में यह घटना हुई सिर्फ स्क्रीन पर

मुंबई  साल 2018 में आई संजय दत्त की बायोपिक फिल्म 'संजू' सुपरहिट रही थी। राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को काफी पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला और IMDb पर इसकी रेटिंग 7.4 है। फिल्म में रणबीर कपूर ने संजय दत्त का किरदार निभाया था और परेश रावल उनके पिता सुनील दत्त के किरदार में नजर आए थे। फिल्म की कहानी और इसके किरदार सत्य घटना पर आधारित थे, लेकिन इसमें एक सीन ऐसा भी था, जो संजय दत्त नहीं बल्कि निर्देशक राजकुमार हिरानी की जिंदगी पर आधारित था। संजू की जिंदगी का नहीं है किस्सा फिल्म में एक सीन है जिसमें संजय दत्त अंडरवर्ल्ड वालों से डरे हुए होते हैं और उनके पिता सुनील दत्त उन्हें गाड़ी से एक सुनसान जगह लेकर जाते हैं। दोनों बाप-बेटे इस बंदरगाह जैसी दिखने वाली जगह पर खड़े होते हैं। यहां पर सुनील दत्त अपने बेटे संजय दत्त को फिल्मी अंदाज में समझाते हैं और फिर इस तरह उसका डर निकल जाता है। लेकिन यह सीन असल में संजय दत्त की जिंदगी का है ही नहीं। यह किस्सा राजकुमार हिरानी की जिंदगी से लिया गया था क्योंकि सिचुएशन के हिसाब से फिट बैठता था। भूत के नाम पर हुई थी बहस खुद निर्देशक राजकुमार हिरानी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया, "मेरे पापा ने मुझसे कहा कि कोई भूत-वूत नहीं होते हैं, और मैंने कहा- नहीं पापा भूत होते हैं। तब मेरे पापा ने मुझसे कहा कि ठीक है तो मुझे दिखाओ। अब मैं कुछ पल तक खामोश था, क्योंकि मैंने बस कहानियां सुनी थीं, मैंने कभी भूत देखा नहीं था। अब यह रात के 9-10 बजे बात हो रही थी तो फिर कुछ घंटे और बीतने के बाद वो मुझे शहर से बाहर कहीं लेकर गए।" राजकुमार हिरानी ने बताया कि 20-25 मिनट ड्राइव करके दोनों शहर से बाहर गए। पिता ने निकाला भूतों का डर संजू के निर्देशक ने बताया कि उनके पिता उन्हें जिस जगह लेकर पहुंचे वहां पर सुनसान था, बिलकुल अंधेरा और उनकी हालत खराब हो रही थी। राजकुमार हिरानी ने बताया कि उन्हें लगा कि आज तो भूत दिखेगा हर हालत में। डायरेक्टर ने बताया कि वह पीछे खड़े थे और उनके पिता वहां पर चिल्लाने लगे जोर-जोर से, कि कहां हो भूत भाई, आ जाओ, एक बार मिल लो। उन्होंने मुझसे कहा कि उतरो गाड़ी से बाहर। वह डरते-डरते उतरे, और उनके पिता ने उनसे भूत-भूत चिल्लाने को कहा। राजकुमार हिरानी ने किसी तरह डर-डरकर चिल्लाया भी, लेकिन जब वो लौटे तो यह डर हमेशा के लिए निकल चुका था उनके मन से।

टियर-2 और 3 शहर भारत के इंजीनियरिंग वर्कफोर्स को आकार देने में निभाएंगे बड़ी भूमिका : रिपोर्ट

नई दिल्ली एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत के टियर-2 और टियर-3 शहर अगले कुछ वर्षों में देश के इंजीनियरिंग वर्कफोर्स को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाते नजर आएंगे। एनएलबी सर्विसेज द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, पारंपरिक महानगरों के बाहर नए संस्थान, टेक्नोलॉजी पार्क और स्किलिंग हब तेजी से उभर रहे हैं। इसलिए अनुमान है कि 2028 तक भारत के एडवांस्ड इंजीनियरों में टियर-2 और टियर-3 शहरों का योगदान लगभग 35 प्रतिशत हो जाएगा। जयपुर, वडोदरा, कोयंबटूर, कोच्चि, पुणे और इंदौर जैसे शहर कम लागत और उच्च प्रभाव वाली प्रतिभाओं की तलाश करने वाले उद्यमों को लुभाते हुए तेजी से उनके लिए आकर्षक गंतव्य बन रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत पहले से ही हर वर्ष लगभग 15 लाख इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स तैयार करता है, जिनमें मैकेनिकल, सिविल, आईटी, सॉफ्टवेयर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। हालांकि, वर्तमान में इनमें से केवल 45 प्रतिशत ही उद्योग मानकों को पूरा करते हैं, जबकि 60-72 प्रतिशत को व्यापक रूप से रोजगार योग्य माना जाता है। एआई, डेटा साइंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल और सेमीकंडक्टर जैसे न्यू एज फिल्ड्स में स्किल्स गैप एक चुनौती साबित हो रहा है। रिपोर्ट इस बात पर भी जोर देती है कि भारत की अर्थव्यवस्था का भविष्य एसटीईएम-लेड इनोवेशन से संचालित होगा। आने वाली 70 प्रतिशत नौकरियों में एसटीईएम स्किल की आवश्यकता होने की उम्मीद है, ऐसे में एआई, मशीन लर्निंग, डेटा इंजीनियरिंग, एम्बेडेड सिस्टम और नैतिक एआई शासन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को 2026 तक 10 लाख एआई-ट्रेन्ड इंजीनियरों की आवश्यकता होने का अनुमान है, लेकिन वर्तमान आपूर्ति इस मांग का केवल 20 प्रतिशत ही पूरा कर पाती है। इसी प्रकार, ईवी इंडस्ट्री 30-40 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रही है। इस इंडस्ट्री को 2030 तक बैटरी टेक्नोलॉजी, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और सस्टेनेबल डिजाइन जैसे क्षेत्रों में 10-20 लाख इंजीनियरों की आवश्यकता होने की उम्मीद है। भारत के पहले स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर, विक्रम 3201 के आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम के बाद सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री भी नए अवसर पेश कर रही है। देश को चिप डिजाइन, प्रोसेस इंजीनियरिंग और टेस्टिंग के लिए हर वर्ष 25,000-30,000 स्किल्ड इंजीनियरों की आवश्यकता होने की उम्मीद है।  

इंग्लैंड के खिलाफ टी.20 सीरीज से बाहर हुए केशव महाराज

मेनचेस्टरए दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर केशव महाराज इंग्लैंड के खिलाफ जारी टी20 सीरीज़ के बचे हुए दो मैचों से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। महाराज को ग्रोइन ;जांघद्ध में चोट लगी है। उनकी जगह 30 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर ब्योर्न फोर्टुइन को टीम में शामिल किया गया है। फोर्टुइन ने आखिरी बार सितंबर 2024 में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। कार्डिफ़ में खेले गए वर्षा बाधित पहले टी20 मैच में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को 14 रन ;डीएलएस पद्धतिद्ध से हराया था। सीरीज़ के बाकी दो मुकाबले मैनचेस्टर और नॉटिंघम में खेले जाएंगे।  

जानें सर्वपितृ अमावस्या पर वो वास्तु टिप्स जो दूर करेंगे सभी पितृ दोष

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की अमावस्या तिथि को सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है। यह दिन उन सभी पूर्वजों को समर्पित होता है जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती या जिनका श्राद्ध सही तिथि पर नहीं हो सका। यह दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस दिन अगर कुछ विशेष वास्तु उपाय किए जाएं, तो न केवल पितृ दोष से मुक्ति मिलती है, बल्कि घर-परिवार में सुख-समृद्धि और शांति भी बनी रहती है।आइए जानते हैं सर्वपितृ अमावस्या 2025 पर किए जाने वाले 5 सरल वास्तु उपाय, जो पितृ दोष को दूर कर सकते हैं। तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होती है। पितृ दोष से जुड़ी नकारात्मक शक्तियों को यह दूर करने में सहायक होती है। सर्वपितृ अमावस्या के दिन सुबह स्नान कर तुलसी के पौधे के पास तिल के तेल का दीपक जलाएं और गायत्री मंत्र या पितरों का तर्पण मंत्र पढ़ें। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और घर में सुख-शांति का वास होता है। दक्षिण दिशा की सफाई और पितरों की तस्वीर का ध्यान वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को पितृ दिशा कहा गया है। यह दिशा हमारे पूर्वजों से जुड़ी होती है। अगर यह दिशा गंदी या अव्यवस्थित हो, तो पितृ दोष उत्पन्न हो सकता है। इस दिन दक्षिण दिशा की विशेष सफाई करें और वहां पितरों की तस्वीर को साफ कर अगरबत्ती, दीप आदि लगाएं। तिल जल, फूल और अक्षत अर्पण कर श्रद्धा पूर्वक नमस्कार करें। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं। कौओं को भोजन कराएं कौवे को पितरों का प्रतिनिधि माना गया है। ऐसा माना जाता है कि सर्वपितृ अमावस्या पर कौए को भोजन कराने से पितरों को भोजन प्राप्त होता है। चावल, घी, रोटी या पका हुआ भोजन कौओं को खिलाएं। इससे पितृ संतुष्ट होते हैं और उनका आशीर्वाद परिवार को मिलता है। भोजन में काले तिल मिलाना और पीपल के पत्ते पर परोसना अत्यंत शुभ माना जाता है। पीपल के वृक्ष की पूजा करें पीपल का वृक्ष ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है और यह पितरों को प्रसन्न करने का एक सशक्त माध्यम है। इससे पितृ दोष शांत होता है। सर्वपितृ अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाएं, दीपक जलाएं और सात परिक्रमा करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या पितृ गायत्री मंत्र का जाप करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और पितरों की कृपा बनी रहती है।  ईशान कोण का रखें खास ध्यान इस दिन के बाद से ही नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है। यदि आप अपनी इस दिशा को साफ़-सुथरा रखते हैं तो जल्द ही आपको वास्तु दोष से मुक्ति मिलती है। इतना ही नहीं साथ में पूर्वजों का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।  

भारत-पाक मैच पर उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान, सड़क पर उतरने की चेतावनी

मुंबई  एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 14 सितंबर को होने वाले क्रिकेट मैच को लेकर शिवसेना (UBT) चीफ उद्धव ठाकरे ने सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक आतंकवादी देश के साथ मैच खेलने राष्ट्रीय भावना का अपमान है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना के कार्यकर्ता पूरे महाराष्ट्र में सड़कों पर उतरेंगे और मैच का विरोध करेंगे। उद्धव ठाकरे ने कहा, हमारे सैनिक सीमा पर अपनी जान कुर्बान कर रहे हैं, इस स्थिति में क्या हमें पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, 'मेरे पिता (बालासाहेब ठाकरे) ने जावेद मियांदाद से कहा था कि जब तक पाकिस्तान से भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियां जारी रहेंगी, तब तक क्रिकेट नहीं खेला जाएगा।' एक दिन पहले ही आदित्य ठाकरे ने कहा था कि बीजेपी ने अपनी विचारधारा बदल दी है। उन्होंने कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता लेकिन क्रिकेट मैच कैसे हो सकता है। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने इसे पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों और कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए सैनिकों का अपमान बताया। वहीं, शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) ने कहा कि मैच की अनुमति देने से सरकार का दोहरा चरित्र उजागर हो गया है। आलोचना का जवाब देते हुए, महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को द्विपक्षीय राजनीतिक गतिरोधों से प्रभावित नहीं किया जा सकता। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि इस क्रिकेट मैच की अनुमति देना एक कूटनीतिक विफलता है और पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों और कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए सैनिकों का अपमान है। एनसीपी प्रवक्ता जितेंद्र आव्हाड ने कहा, ‘‘इस क्रिकेट मैच ने सरकार और सत्तारूढ़ पार्टी के दोहरे मानदंडों को उजागर कर दिया है, जिनकी राजनीति भारत-पाकिस्तान के इर्द-गिर्द घूमती है।’’ इस बीच, भाजपा मंत्री शेलार, जो एशिया क्रिकेट परिषद बोर्ड में बीसीसीआई के प्रतिनिधि भी हैं, ने शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत पर इस मुद्दे पर ‘‘भारत विरोधी’’ रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है कि भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान का दौरा नहीं करेगी और पाकिस्तान की टीम भी भारत नहीं आएगी। हालांकि, हम अपनी टीम को किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने या भाग लेने से नहीं रोक सकते। यह कैसा रुख है? यह उचित रुख नहीं है?’’ शेलार ने कहा, ‘‘जो लोग अब भारत के मैच खेलने का विरोध कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि (दिवंगत शिवसेना संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे ने अपने आवास पर मियांदाद की मेजबानी की थी।’’  

सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने दिव्य और भव्य दीपोत्सव-25 की तैयारियां शुरू कीं

ग्रीन फायर वर्क्स शो श्रद्धालुओं के अाकर्षण का बनेगा केंद्र, संगीत और कोरियोग्राफ का अनेखा अनुभव उत्सव को बनाएगा यादगार करीब 10 मिनट तक चलने वाला शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी से होगा सजा  लखनऊ योगी सरकार दीपोत्सव-25 को भव्य और दिव्य बनाने की तैयारियों में जुट गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा 19 अक्टूबर को दीपोत्सव में ग्रीन फायर वर्क्स शो का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय ग्रीन फायर वर्क्स के मानक पर आधारित होगा। यह आतिशबाज़ी पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगी। इसके साथ ही दीपाेत्सव में पर्यटकों को संगीत और तकनीक के साथ कोरियोग्राफ का अनूठा अनुभव दिखने के साथ सुनने को मिलेगा।  हरित आतिशबाजी का आनंद उठाएंगे श्रद्धालु सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा दीपोत्सव-25 पर सरयू नदी के घाटों और राम की पैड़ी पर 26 लाख से अधिक दीपक जलाए जाएंगे, जो भगवान राम के अयोध्या आगमन का प्रतीक बनकर ये दीप असंख्य श्रद्धालुओं की आस्था का प्रकाश फैलाएंगे। भक्ति-भाव से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के बीच इस बार ग्रीन फायरवर्क्स शो खास आकर्षण का केंद्र होगा,  जो आस्था और नवाचार को साथ लाकर एक प्रदूषण-मुक्त रंग-बिरंगी रौशनी से जगमगाएगा। करीब 10 मिनट तक चलने वाला यह शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी से सजा होगा। कई मीटर से ऊंचाई तक उठने वाली आतिशबाज़ी सरयू के जल पर अद्भुत प्रतिबिंब बिखेरेंगी और वहां मौजूद हर दर्शक को रोमांचित कर देगी। दीपोत्सव-25 में दिखेगा परंपरा और नवाचार का उत्सव पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप दीपोत्सव-25 को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। इस पर बार 26 लाख से अधिक दीपक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदूषण-मुक्त आतिशबाज़ी के साथ हम अयोध्या की सांस्कृतिक भव्यता को प्रदर्शित करेंगे, जो हर श्रद्धालु को अविस्मरणीय अनुभव देगा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि इस बार के दीपोत्सव-25 में परंपरा और नवाचार दोनों का उत्सव देखने को मिलेगा। इस बार पर्यावरण हितैषी और कोरियोग्राफ्ड आतिशबाज़ी हमारे स्थायित्व के संकल्प को हर श्रद्धालुओं तक पहुंचाएगी। साथ ही अयोध्या की धरोहर को विश्व मंच पर प्रस्तुत करेगी। यह सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का गौरव है।

राजधानी में हड़कंप: ताज पैलेस को बम की धमकी, पुलिस ने घेरा होटल परिसर

नई दिल्ली  दिल्ली में स्कूलों और हाई कोर्ट में बम धमाके की धमकी के बाद अब दिल्ली के ताज पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ताज पैलेस को धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची है। जांच शुरू कर दी। जांच के बाद बम निरोधक दस्ते को ताज पैलेस परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर इसे अफवाह घोषित कर दिया गया। हालांकि, इस मामले की जांच की जा रही है और ईमेल भेजने वाले की तलाश की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में स्थित ताज पैलेस को धमकी भरा मेल मिला है, जिसमें बम धमाके की बात कही गई है। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में बम की धमकी दी गई थी, जिसके बाद हड़कंप मच गया था। मामले की सूचना मिलने के बाद परिसर को खाली करवाया गया था और जांच के बाद को संदिग्ध चीज नहीं मिली थी। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट परिसर के लोगों ने राहत की सांस ली। दिल्ली हाई कोर्ट को मिली बम की धमकी के बाद हड़कंप मच गया था। इस दौरान वकीलों और कर्मचारियों में भय का माहौल दिखा था। धमकी मिलने के बाद बम निरोधक दस्ता ऐक्शन में आया और पूरे हाई कोर्ट परिसर की तलाशी ली गई थीी। इस दौरान किसी तरह की संदिग्ध चीज ना मिलने पर उसे फर्जी करार दिया गया था। इस मामले में पुलिस का कहना है कि अब तक किसी की तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि ईमेल भेजने वाले की पहचान भी की जा रही है। पहचान हो जाने बाद ईमेल भेजने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस धमकी के बाद पुलिस ने हाई कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।  

राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बड़ा फैसला जल्द? BJP की सबसे बड़ी बाधा हुई दूर

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) कई महीनों से राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को टालती आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ शीर्ष भाजपा नेतृत्व के तल्ख रिश्ते को माना जा रहा है। हालांकि, बीते कुछ महीनों से दोनों ही तरफ से संबंधों को सामान्य करने और दिखाने की कोशिशें की जा रही हैं। आरएसएस और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने ही इसकी जिम्मेदारी संभाली है। इसके बाद अब इस बात की संभावना जताई जा रही है कि भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान पार्टी कभी भी कर सकती है। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरएसएस की जरूरत को लेकर बयान दिया तो हर कोई अचरज में पड़ गया। सूत्रों का कहना है कि आरएसएस को भी यह बात नागवार गुजरी। इसका खामियाजा भगवा पार्टी को लोकसभा चुनाव में देखने को मिला, जब भाजपा 240 सीटों पर सिमट कर रह गई, जबकि उसने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान 'अबकी बार 400 पार' का नारा दिया था। कहा जाता है कि संघ के कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव में अनमने ढंग से भाजपा का साथ दिया था। आपको बता दें कि नड्डा ने कहा था कि भाजपा को अब संघ की जरूरत नहीं रह गई है। 15 अगस्त को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किला से देश को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने आरएसएस की तारीफ करते हुआ इसे दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ बताया। इसके बाद मोहन भागवत ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आरएसएस के एक कार्यक्रम में साफ शब्दों में कहा था कि राजनीति हो या समाज सेवा इसमें रिटायरमेंट की कोई उम्र नहीं होती है। इससे पहले संघ प्रमुख ने ही कहा था कि 75 साल की उम्र में लोगों को खुद से रिटायर हो जाना चाहिए। आपको बता दें कि इसी साल प्रधानमंत्री 75 साल के होने वाले हैं। आरएसएस की प्रशंसा करने वालों में प्रधानमंत्री मोदी ही अकेले नहीं हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमिता शाह ने भी हाल ही में कई मौकों पर आरएसएस की सराहना की है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि उन्हें स्वयंसेवक होने पर गर्व है। आरएसएस का कार्यकर्ता होना किसी भी कीमत पर निगेटिव पॉइंट नहीं हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि किसी भी स्वयंसेवक को तब तक नहीं रुकना है जब तक कि भारत फिर से महान नहीं बन जाता है। भाजपा के दोनों दिग्गज नेताओं और आरएसएस चीफ के बयान से भाजपा और संघ के बीच रिश्ते सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं। अब इस बात की प्रबल संभावना है कि दोनों ही संगठन मिलकर जल्द ही भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं। हालांकि संघ न कई मौकों पर कहा है कि सरकार या भाजपा के कार्यों में आरएसएस का हस्तक्षेप नहीं होता है। आरएसएस और भाजपा के बीच सामान्य हुए रिश्तों में कई दावेदारों के नाम की चर्चा होने लगी है। उनमें सबसे पहला नाम शिवराज सिंह चौहान का आता है, जो कि वर्तमान केंद्र सरकार में मंत्री हैं। वहीं, नितिन गडकरी के नाम पर भी अंदरखाने चर्चा होने लगी है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और घर्मेंद्र प्रधान का नाम भी रेस में शामिल होने की चर्चा है। भाजपा अक्सर अपने फैसलों से सियासी पंडितों को चौंकाती रही है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनता है।  

उड़ान रद्द, रोड पर सफर: PM मोदी ने मणिपुर में पीड़ितों से की मुलाकात

इम्फाल  भारी बारिश और खराब मौसम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर जातीय हिंसा के पीड़ितों से मिलने से नहीं रोक सका. पीएम मोदी शनिवार को मणिपुर के इम्फाल पहुंचे तो भारी बारिश हो रही थी. 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह राज्य का उनका पहला दौरा था. मई 2023 में मणिपुर में घाटी में रहने वाले प्रमुख मैतेई समुदाय और पहाड़ों पर रहने वाले कुकी-जो समुदाय के बीच जातीय संघर्ष छिड़ गया. इस हिंसा में 250 से ज्यादा लोग मारे गए. हिंसा के कारण लगभग 60,000 लोग विस्थापित भी हुए, जो अब भी सरकार द्वारा स्थापित अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं. प्रधानमंत्री का पहला पड़ाव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित चुराचांदपुर शहर का पीस ग्राउंड था. इसके बाद वे सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व वाले कंगला किले पर पहुंचे. चुराचांदपुर वह स्थान है जहां कुकी-जो लोग रहते हैं, और इम्फाल जो मैतेई लोगों का गढ़ है, दोनों के बीच 61 किमी की दूरी है. अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि बारिश के कारण चुराचांदपुर तक हेलीकॉप्टर से यात्रा के लिए मौसम अनुकूल नहीं है. रैली स्थल सड़क मार्ग से लगभग डेढ़ घंटे की दूरी पर है. प्रधानमंत्री ने तय किया कि वह सड़क मार्ग से रैली स्थल पहुंचेंगे. सूत्रों ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे कितना भी समय लगे, वह अवश्य पहुंचेंगे, ताकि लोगों से बातचीत कर सकें. और उन्होंने ऐसा ही किया. पीएम मोदी ने चुराचांदपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं. इतनी भारी बारिश में भी आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए. मैं आपके प्यार के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं. भारी बारिश के कारण मेरा हेलीकॉप्टर नहीं आ सका, इसलिए मैंने सड़क मार्ग से आने का फैसला किया. आज मैंने सड़क पर जो दृश्य देखे, मेरा दिल कह रहा है कि अच्छा हुआ कि आज मेरा हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा और मैं सड़क मार्ग से आया. रास्ते भर तिरंगा हाथ में लिए हुए सभी ने मुझे जो प्यार और स्नेह दिया, मैं इस पल को जीवन में कभी नहीं भूल सकता. मैं सिर झुकाकर मणिपुर के लोगों को नमन करता हूं.' प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार हिंसा प्रभावित राज्य में जीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रयासरत है. उन्होंने कहा, 'मणिपुर में जीवन को पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है.' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं आज आपसे वादा करता हूं कि मैं आपके साथ हूं. भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है.' उन्होंने सभी समूहों से अपने सपनों को साकार करने के लिए शांति का मार्ग अपनाने की अपील भी की.