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उपनिरीक्षक भर्ती 2021 पेपर लीक मामला: जांच में नया खुलासा, प्रोबेशनर गिरफ्तार

जयपुर राजस्थान में चर्चित उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में एसओजी ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और प्रशिक्षु उपनिरीक्षक को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एटीएस एवं एसओजी वी.के. सिंह ने बताया कि अनुसंधान के दौरान मिली गोपनीय जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर नागौर जिले के रहने वाले अशोक सिंह राजपुरोहित को हिरासत में लिया गया। जानकारी के मुताबिक, अशोक सिंह ने वर्ष 2021 में आयोजित उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा से पहले कथित रूप से पेपर लीक गिरोह के सदस्य विनोद कुमार रेवाड़ से संपर्क किया। उसने 8 लाख रुपये में सौदा कर परीक्षा से पहले वाट्सऐप पर सॉल्वड पेपर प्राप्त किया और परीक्षा में शामिल हुआ। इस अवैध तरीके से उसने कुल 310.39 अंक हासिल कर लिखित परीक्षा पास की और अंततः मेरिट क्रमांक 396 पर चयनित हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपी ने नियमों को ताक पर रखकर गैरकानूनी तरीके से उपनिरीक्षक के पद पर चयन प्राप्त किया। इस पर तीन सितंबर 2025 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गौरतलब है कि इस पेपर लीक प्रकरण में अब तक 55 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों समेत कुल 124 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी और एटीएस की संयुक्त टीम इस मामले की तह तक जाने के लिए लगातार जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। यह गिरफ्तारी न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पुलिस महकमे में घुसपैठ करने के लिए संगठित अपराध किस हद तक सक्रिय है।

जंग का नया दौर… रूस ने यूक्रेन पर बरसाए सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें

कीव  रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ युद्ध 42 महीने से अधिक समय से चल रहा है और अभी भी इसके रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इस युद्ध के कारण हर दिन जान-माल का नुकसान हो रहा है। यूक्रेन में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और कई शहर तबाह हो चुके हैं। रूस के भी कई सैनिक इस युद्ध में मारे गए हैं। इतने नुकसान के बावजूद, रूस के यूक्रेन पर हमले जारी हैं। बीती रात रूस ने एक बार फिर यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। रूस ने यूक्रेन पर दागे 500 ड्रोन-मिसाइलें रूस ने एक बार फिर यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला करते हुए देर रात 526 ड्रोन-मिसाइलें दागीं, जिनमें 502 ड्रोन और 24 मिसाइलें शामिल थीं। यूक्रेन की वायुसेना ने इस रूसी हमले की जानकारी दी। इस हमले में मुख्य रूप से यूक्रेन का पश्चिमी हिस्सा निशाना बना। यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रूस द्वारा दागे गए 69 ड्रोन और 3 मिसाइलें 14 अलग-अलग स्थानों पर गिरीं। बाकी ड्रोन और मिसाइलों को यूक्रेनी वायुसेना ने नष्ट कर दिया, लेकिन उनका मलबा भी कई जगहों पर गिरा। इस हमले में कई लोग घायल हुए, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस हमले से कई घरों, इमारतों और नागरिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। हाल के दिनों में हमले तेज हाल के दिनों में दोनों पक्षों की ओर से हवाई हमले तेज हो गए हैं। रूस, यूक्रेन की बिजली और परिवहन व्यवस्था को निशाना बना रहा है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द से जल्द युद्ध समाप्त करना चाहते हैं। अगस्त में ट्रंप ने रूसी और यूक्रेनी राष्ट्रपतियों से अलग-अलग मुलाकात की थी। जेलेंस्की ने ट्रंप के युद्धविराम और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ आमने-सामने शांति वार्ता के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, लेकिन क्रेमलिन ने इस पर आपत्ति जताई है। हाल ही में कूटनीतिक गतिविधियों के बीच, पुतिन ने चीन में चीनी नेता शी जिनपिंग, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। वाशिंगटन का दावा है कि ये देश रूस के युद्ध प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। चीन और भारत ने रूसी तेल खरीदा है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को मदद मिल रही है। वहीं, यूक्रेन पर लगातार हो रहे हमलों के बीच जेलेंस्की ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की है। मंगलवार शाम को अपने संबोधन में जेलेंस्की ने कहा कि रूसी ड्रोन हमलों की संख्या बढ़ रही है, जिसमें दिन के उजाले में भी हमले शामिल हैं। उन्होंने सहयोगी देशों से और समर्थन मांगा है, ताकि रूस के हमलों का जवाब दिया जा सके।  

डैम हादसे में 4 लोगों की जान गई, 3 घायल – मुख्यमंत्री साय ने की संवेदना व्यक्त

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर जिले के ग्राम धनेशपुर स्थित लुत्ती (सतबहिनी) डैम टूटने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 लोगों की मृत्यु, 3 लोगों के घायल होने तथा 3 लोगों के लापता होने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायी घटना है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा के कारण उत्पन्न इस प्राकृतिक आपदा से जनहानि के साथ-साथ भवनों को क्षति पहुंची है, फसलों का नुकसान हुआ है और पशुहानि भी हुई है। यह स्थिति प्रभावित परिवारों के लिए बेहद कठिन और दुखदायी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं। घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था कराई गई है तथा लापता लोगों की खोज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घटना में हुई जनहानि के लिए शासकीय नियमों के अनुरूप अनुग्रह सहायता स्वीकृति का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मकान, फसल और पशुहानि का विस्तृत सर्वे कर शीघ्र राहत सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

डबल वोटर ID विवाद: BJP का कांग्रेस पर बड़ा हमला, पवन खेड़ा और राहुल गांधी घिरे

नई दिल्ली  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र होने का आरोप लगाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि पवन खेड़ा की पत्नी के पास भी दो सक्रिय मतदाता पहचान पत्र हैं। भाजपा ने कांग्रेस पर हमले तेज करते हुए राहुल गांधी को भी घेरा है। भाजपा ने कहा है कि राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के नेताओं के आपराधिक कारनामों से खुद को अलग नहीं कर सकते। भाजपा के नए आरोपों पर कांग्रेस, पवन खेड़ा या उनकी पत्नी कोटा नीलिमा की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बता दें कि नीलिमा तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी की सक्रिय नेता हैं। इससे पहले मंगलवार को भाजपा के आरोपों के बाद दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने खेड़ा को नोटिस जारी कर दिया है। पवन खेड़ा को मतदाता सूची में 2 बार नाम दर्ज कराने को लेकर छह दिन के अंदर अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "तेलंगाना के खैरताबाद (60) विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार और पवन खेड़ा की पत्नी, एक दूसरी कांग्रेस नेता कोटा नीलिमा के पास भी दो सक्रिय EPIC (मतदाता फोटो पहचान पत्र) हैं, एक खैरताबाद (तेलंगाना का विधानसभा क्षेत्र) में पंजीकृत है और दूसरा नई दिल्ली में।" मालवीय ने आगे कहा, "अब यह बिल्कुल स्पष्ट है कि कांग्रेस नेताओं के पास कई EPIC नंबर हैं और वे एक से ज्यादा जगहों पर पंजीकृत मतदाता हैं। यह कोई संयोग नहीं है।"  

क्या है DF-5C सिस्टम? US-चीन तनातनी के बीच भारत के लिए क्यों बना खतरे की घंटी

बीजिंग दुनिया की दो आर्थिक महाशक्तियों अमेरिका और चीन के बीच तनातनी और व्यापार प्रतिस्पर्धा से लेकर सामरिक प्रतिस्पर्धा तक की होड़ किसी से छिपी हुई नहीं है। दो दिन पहले चीनी शहर तियनाजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक-दूसरे का हाथ थामे और हंसते-मुस्कुराते सम्मेलन हॉल में प्रवेश किया तो इस तिकड़ी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत पूरी दुनिया को एक नया संदेश दिया था। यह संदेश ऐसे वक्त में आया, जब दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका भारत पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाकर वैश्विक आलोचनाएं झेल रहा है। अब चीन ने द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ को मौके पर आयोजित वि क्ट्री परेड में न केवल राजधानी बीजिंग में अमेरिका के कट्टर दुश्मनों को एक मंच पर लाने की कोशिश की बल्कि कुल 26 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को इसमें शामिल कर ट्रंप को नई टेंशन दी है। इसी विक्ट्री परेड के जरिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका को तीसरी टेंशन भी दे दी। अमूमन अपने हथियारों का प्रदर्शन नहीं करने वाले चीनी सैनिकों ने इस बार न सिर्फ भव्य परेड किया बल्कि अपने अत्याधुनिक हथियारों का भी प्रदर्शन किया। अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन चीन ने बुधवार को अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए जेट लड़ाकू विमान, मिसाइल और नवीनतम इलेक्ट्रॉनिक युद्ध हार्डवेयर सहित अपने कुछ आधुनिक हथियारों को पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाया है। चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने पहली बार हवाई-प्रक्षेपित परमाणु मिसाइल, जेएल-1, का एक सैन्य ट्रक पर प्रदर्शन किया है। यह मॉडल, मौजूद JL-3 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल से काफ़ी छोटा है, जो पनडुब्बी से ही प्रक्षेपित हो सकता है। सैन्य विश्लेषकों ने बताया है कि चीन ने इन दो मिसाइलों के अलावा DF-61 और DF-31 मिसाइलों का भी प्रदर्शन किया है, जो चीनी सेना को जल,थल और नभ -तीनों जगहों से दुश्मनों के ठिकानों पर न्यूक्लियर हमला करने में सक्षम बनाता है और चीन को पूरी सुरक्षा कवच उपलब्ध कराता है। इसी परेड में चीनी सेना ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल DF-5C का भी प्रदर्शन किया है। इस मिसाइल के प्रदर्शन ने दुनिया को संदेश दिया है कि चीन की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता विश्वसनीय, भरोसेमंद और पर्याप्त है। क्या है DF-5C मिसाइल सिस्टम? यह डोंग फेंग-5 सीरीज का अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक न्यूक्लियर मिसाइल सिस्टम है। DF-5C लिक्विड-ईंधन से संचालित मिसाइल है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिसाइल की मारक क्षमता 20,000 किलोमीटर से ज्यादा है और यह टारगेट पर निशाना साधने के मामले में सर्वश्रेष्ठ है। इसका सीधा सा मतलब है कि अमेरिका समेत पूरी दुनिया में कहीं भी यह मिसाइल सर्वनाश कर सकता है। एक ही समय में 10 अलग-अलग ठिकानों पर निशाना DF-5C कथित तौर पर 10 स्वतंत्र ठिकानों पर एक साथ हमले कर सकता है। इसका सीधा सा मतलब ये हुआ कि एक ही मिसाइल एक ही समय में 10 अलग-अलग स्थानों को निशाना बना सकती है। यह मिसाइल दुश्मन के सैन्य ठिकानों और अन्य अहम ठिकानों को एक बार में ही निशाना बना सकती है, और हमलों के क्रम को एडजस्ट कर सकता है। यह दुनिया के किसी भी हिस्से में परमाणु बम गिरा सकता है लेकिन इसे कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम इंटरस्पेट नहीं कर सकता है। भारत की भी बढ़ी चिंता इसका ट्रांसपोर्टेशन तीन अलग-अलग सेक्शन में होता है। इस वजह से इसकी तैनाती गुप्त हो जाकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि DF-5C की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्पीड है। यह आवाज से भी कई गुणा तेज गति से चल सकती है, इसकी वजह से दुनिया का कोई भी एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम इसे इंटरसेप्ट कर पाने में नाकाम रह सकता है। चीन के अत्याधुनिक हथियारों के प्रदर्शन ने भारत की भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में चीन एक साझेदार देश के अलावा एक बड़ी चुनौती भी रहा है।  

आतंकी फंडिंग का पर्दाफाश! TRF ने मलेशिया से जुटाए लाखों रुपये, NIA जांच में खुलासा

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन, द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) के खिलाफ अपनी जांच में महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं। एनआईए ने श्रीनगर के एक व्यक्ति के मोबाइल फोन से 450 से अधिक कॉन्टैक्ट लिस्ट हासिल की है, जिससे टीआरएफ को धन मुहैया कराने वालों की पहचान करने में मदद मिली है। बता दें कि यह संगठन 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद बाद इससे पीछे हट गया था। जांच के दौरान, एनआईए को मलेशिया के जरिए हवाला मार्ग के संभावित इस्तेमाल का पता चला है जिससे टीआरएफ को फंडिंग की जा रही थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच में मलेशिया निवासी सज्जाद अहमद मीर का नाम सामने आया है। एक अन्य संदिग्ध, यासिर हयात के फोन कॉल डिटेल से पता चला कि वह मीर के संपर्क में था और पैसों की व्यवस्था कर रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, हयात ने टीआरएफ के लिए धन जुटाने के लिए कई बार मलेशिया की यात्रा की। हयात ने मीर की मदद से टीआरएफ के लिए 9 लाख रुपये जुटाए, जो संगठन के एक अन्य ऑपरेटिव शफात वानी को दिए गए। वानी टीआरएफ का एक प्रमुख ऑपरेटिव है और संगठन की गतिविधियों को संचालित करता है। यह भी पता चला कि वानी ने मलेशिया में एक विश्वविद्यालय में सम्मेलन में भाग लेने के बहाने यात्रा की थी, हालांकि विश्वविद्यालय ने इस यात्रा को स्पॉन्सर नहीं किया था। एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि हयात न केवल मीर के संपर्क में था, बल्कि वह दो पाकिस्तानी नागरिकों के साथ भी संपर्क में था। उसका मुख्य काम विदेशी ऑपरेटिव्स से संपर्क बनाए रखना और आतंकी संगठन के लिए धन जुटाना था। 13 अगस्त को, एनआईए ने कहा था कि उसने विदेशी फंडिंग के एक निशान का पता लगाया है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। टीआरएफ को 2019 में लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी के रूप में बनाया गया था, ताकि इसे जम्मू-कश्मीर का स्थानीय संगठन दिखाया जा सके। इसका उद्देश्य हिजबुल मुजाहिदीन को रिप्लेस करना और स्थानीय आतंकी गतिविधियों को नई पहचान देना था। पाकिस्तान और लश्कर-ए-तैयबा को जवाबदेही से बचाने के लिए टीआरएफ को बनाया गया था, ताकि कश्मीर में कथित संघर्ष को स्थानीय दिखाया जा सके। इसके अलावा, पाकिस्तान चाहता था कि आतंकी हमले जारी रहें और साथ ही वह फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की निगरानी से भी बच सके। भारत ने टीआरएफ को एक आतंकी संगठन घोषित किया है और पाकिस्तान पर इसका समर्थन करने का आरोप लगाया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद, अमेरिका ने टीआरएफ को एक विदेशी आतंकी संगठन और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी इकाई घोषित किया, जो पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका था। इस कदम ने पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को उजागर कर दिया। एनआईए की जांच अभी भी जारी है, और एजेंसी इस आतंकी संगठन के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।  

तेजस्वी के गढ़ पर नजर! PK बोले- नीतीश लड़ते तो मैं भी वही चुनता

पटना जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने साफ-साफ तो नहीं कहा है लेकिन संकेत दिया है कि बिहार विधानसभा चुनाव में वो राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव की राघोपुर सीट से या फिर रोहतास (सासाराम) में अपने जन्मस्थान की करगहर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने एक साथ दो सीट से लड़ने की भी बात कह दी है। प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार तो चुनाव लड़ते ही नहीं है, नहीं तो अगर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष लड़ते तो वो भी वहीं से लड़ते। पीके के नाम से प्रसिद्ध प्रशांत ने कार्यक्रम में सवाल-जवाब के दौरान यह बात कही है। प्रशांत किशोर से पटना में बुधवार को आयोजित कार्यक्र में चुनाव लड़ने और लड़ाने पर सवाल पूछा गया था। उन्होंने कहा कि वो पहले भी कह चुके हैं और फिर दोहरा रहे हैं कि अगर नीतीश कुमार चुनाव लड़ते हैं तो वो निश्चित तौर पर चुनाव लड़ेंगे। जन सुराज पार्टी के सारे फैसलों की पटकथा लिखने वाले प्रशांत किशोर ने हालांकि कहा कि वो पार्टी से ऊपर नहीं हैं और पार्टी ही तय करेगी कि उन्हें चुनाव लड़ना है या नहीं और अगर लड़ना है तो कहां से। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार लड़ेंगे तो वो पार्टी से लड़कर भी मैदान में उतर जाएंगे। नीतीश कुमार को पिछले दरवाजे का नेता बताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने 20 साल से चुनाव लड़ना बंद कर दिया है। प्रशांत ने कहा कि वो दूसरों से कहते रहे हैं कि आदमी को दो जगह से चुनाव लड़ना चाहिए। या तो आप अपनी जन्मभूमि से लड़िए या फिर कर्मभूमि से। इस बयान का एक मतलब यह निकाला जा रहा है कि प्रशांत किशोर वैशाली जिले की राघोपुर और रोहतास जिले की करगहर दोनों सीट से एक साथ चुनाव लड़ सकते हैं।  

धर्मांतरण के खेल का खुलासा, चंगाई सभा से 5 दबोचे गए

सूरजपुर भटगांव थाना क्षेत्र के बुंदिया में पुलिस ने 5 लोगों को प्रलोभन देकर धर्मपरिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपियों के खिलाफ ग्रामीण रामानंद बरगाह ने थाने में शिकायत की थी उसे मंगल टोप्पो के घर में आयोजित चंगाई सभा में बुलाया गया. जहां उसे बिमारी ठीक करने और अन्य प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने की बात कही गई. रामानंद ने भटगांव थाना में दी गई शिकायत में बताया कि गांव के मंगल साय के घर में चंगाई सभा आयोजित की गई थी. जिसमें उसे भी बुलाया गया था. सभा के दौरान रामानंद के साथ पहुंचे लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए बिमारी ठीक करने और अन्य प्रलोभन दिया गया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की. पादरी समेत 5 आरोपियों को धर्मान्तरण के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायलय पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

आरक्षण विवाद गहराया: मंत्री नाराज, OBC संगठनों ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा

मुंबई  अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कार्यकर्ता लक्ष्मण हाके ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार को मराठों को ‘कुनबी’ जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने की मांग स्वीकार करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ओबीसी समुदाय इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा। इधर, राज्य सरकार के फैसले पर कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल पहले ही नाराजगी दर्ज करा चुके हैं। हाके ओबीसी समूह के तहत मराठों को आरक्षण दिए जाने का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण को कम करना चाहते हैं। उन्होंने पहले मराठों को ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण दिए जाने की मनोज जरांगे की मांग के खिलाफ आंदोलन किया था। देवेंद्र फडणवीस सरकार द्वारा पात्र मराठों को ‘कुनबी’ जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने सहित अधिकतर मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार शाम को मुंबई में अपना पांच दिन से जारी अनशन समाप्त कर दिया। महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को मराठा समुदाय के सदस्यों को उनकी कुनबी विरासत के ऐतिहासिक साक्ष्यों के साथ कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक समिति के गठन की घोषणा की। कुनबी राज्य में एक पारंपरिक कृषक समुदाय है और उन्हें नौकरियों एवं शिक्षा में सरकारी आरक्षण का पात्र बनाने के लिए महाराष्ट्र में ओबीसी श्रेणी की सूची में शामिल किया गया है। सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग द्वारा जारी सरकारी आदेश (जीआर) में हैदराबाद राजपत्र को लागू करने का भी उल्लेख किया गया है। हाके ने जीआर और वंशावली दस्तावेज वाले पात्र मराठों को ‘कुनबी’ जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया कि सरकार को आरक्षण के संबंध में इस तरह का जीआर जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राजपत्र में यह नहीं लिखा है कि मराठा सामाजिक रूप से पिछड़े हैं और उन्हें आरक्षण दिया जाना चाहिए। कार्यकर्ता ने पूछा, 'कौन कहता है कि राजपत्र में दर्ज राजस्व रिकॉर्ड उन्हें आरक्षण के योग्य बनाते हैं?' उन्होंने कहा, 'हैदराबाद राजपत्र में बंजारा को अनुसूचित जनजाति बताया गया है। क्या सरकार बंजारों को अनुसूचित जनजाति का आरक्षण देगी? सरकार को एक मुद्दे को सुलझाने के लिए 10 और मुद्दे नहीं पैदा करने चाहिए। ओबीसी और वीजेएनटी (विमुक्त जाति और घुमंतू जनजातियां) अब सड़कों पर उतरेंगे।' उन्होंने कहा कि नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे ओबीसी आरक्षण में कटौती को तैयार हैं।  

राज मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा- पंजाब के साथ केंद्र कर रहा सौतेला व्यवहार

पंजाब  लगातार भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति के संबंध में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में पुली पर पानी की निकासी का जायज़ा लिया। इस मौके पर उनके साथ अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर खन्ना शिखा भगत, उपमंडल मजिस्ट्रेट खन्ना डॉ. बलजिंदर सिंह ढिल्लों, ड्रेनेज विभाग से एसडीओ जसकरण सिंह सेखों सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि पानी की निकासी के लिए पुली की सफाई करवाई जाए। तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया लोगों से करोड़ों रुपये टोल टैक्स के रूप में वसूलने के बावजूद टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं करवाती। कैबिनेट मंत्री सौंद ने कहा कि पंजाब का सीमावर्ती इलाका बाढ़ की मार झेल रहा है। इंसान प्रकृति के साथ की गई छेड़छाड़ का खामियाजा भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के सभी मंत्री, विधायक और नेता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नेपंजाब के साथ हमेशा ही सौतेली मां जैसा व्यवहार किया है।