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सिर्फ मैदान पर ही नहीं, दौलत में भी दिग्गज हैं गावस्कर

मुंबई लिटिल मास्टर के रुप में लोकप्रिय रहे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर 76 वर्ष की उम्र में भी क्रिकेट से मोटी कमाई कर रहे हैं। खेल से संन्यास के बाद गावस्कर कमेंट्री से जुड़ गये थे। अपने अंदाज के कारण गावस्कर ने कमेंटेटर के तौर पर अलग पहचान बनायी है। संन्यास के कई साल बीत जाने के बाद भी गावस्कर के पास करोड़ों के विज्ञापन हैं। उनके पास महंगी लक्जरी गाड़ियां हैं। उनके पास देश में ही नहीं विेदेश में भी संपत्ति है। उनकी नेटवर्थ में लगातार बढ़ रही है। उन्हें बीसीसीआई से भी हर महीने पेंशन की राशि मिलती है। इसके अलावा वह आईपीएल 2025 के बाद से ही एक सत्र में सबसे अधिक रकम पाने वाले कमेंटेटर भी बन गये हैं। गावस्कर की नेटवर्थ लगभग 250 करोड़ है। उन्होंने ये संपत्ति कमेंट्री, विज्ञापनों और पेंशन से अर्जित की है। एक  रिपोर्ट के मुताबिक गावस्कर आईसीसी और आईपीएल कमेंट्री से करीब 30 से 36 करोड़ कमाते हैं। आईपीएल के पिछले सत्र के बाद से वह एक कमेंट्री में एक सत्र से लगभग 4.17 करोड़ कमा रहे हैं। वहीं बीसीसीआई से जुड़े मैच अनुबंध से वह लगभग 6 करोड़ कमा रहे हैं। बीसीसीआई से उन्हें पेंशन के तौर पर प्रति माह 70 हजार रुपये मिलते हैं।  भारतीय क्रिकेट बोर्ड 75 या उससे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले अपने खिलाड़ियों को हर महीने ये राशि देता है. गावस्कर कई बड़े ब्रैंड्स के विज्ञापन भी करते हैं। उनक क्रिकेट बल्ले बनाने वाली विश्व की सबसे बड़ी बैट कंपनी एसजी के साथ भी करार हुआ है। इसके अलावा वह कारोबार भी करते हैं। साल 1985 में गावस्कर ने सुमेध शाह के साथ मिलकर देश की पहली स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी बनाई। वर्तमान में गावस्कर इस कंपनी के निदेशक हैं।  गावस्कर के पास गोवा में एक आलीशान कोठी है जिसकी कीमत करीब 20 करोड़ है। इसके अलावा दुबई के पॉश इलाके पाल्म जुमैराह में भी गावस्कर का घर है। उनके पास बीएमडब्ल्यू 5 सीरीज और 7 सीरीज की कारें हैं। गावस्कर की गैराज में डेढ़ करोड़ से अधिक की कीमत वाली एमजी हेक्टर प्लस और 1.2 करोड़ से अधिक की बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज कारें हैं। गावस्कर समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उनकी संस्था जरूरतमंद लोगों की सेवा करती है।   

मंत्रालय वल्लभ भवन क्रमांक-1 के रेनोवेशन संबंधी हुई बैठक

भोपाल  मंत्रालय वल्लभ भवन क्रमांक-1 के रेनोवेशन संबंधी बैठक अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में हुई। वर्तमान में इस भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय सहित 19 विभाग कार्य कर रहे हैं। बैठक में विभागों के स्थान परिवर्तन पर विचार-विमर्श किया गया। जीर्णोधार एवं उन्नयन में अग्निशमन, विद्युत, लिफ्ट, शौचालय, एयर कंडीशन, फर्नीचर की व्यवस्था एवं उच्च गुणवत्ता का ध्यान रखे जाने पर बल दिया गया। बैठक में संबंधित विभागों के अपर सचिव, उपसचिव सहित कार्यपालन यंत्री, उपस्थित थे।  

अनियंत्रित होकर खाई में गिरी गाड़ी, पांच मजदूरों की मौत, सीएम साय ने जताया दुख

कबीरधाम आज बह करीब छह बजे कबीरधाम जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आगरपानी के पास एक गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई है। ये गाड़ी शहडोल (एमपी) की तरफ से पंडरिया आ रही थी। इस हादसे में गाड़ी में बैठे पांच मजदूरों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हैं। घटना स्थल पहाड़ी इलाका होने के कारण शवों व घायलों को निकालने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि घाट में 50 फीट गहरी खाई है, इसी में वाहन गिर गया। कुछ घायल फंसे हुए हैं, जिन्हें रेस्क्यू किया जा रहा है। मौके पर कुकदूर थाना की पुलिस पहुंची हुई है। घायलों को कुकदूर के सरकारी अस्पताल में लाया गया। जानकारी के मुताबिक, तीनों घायलों की हालत गंभीर है, जिसे कवर्धा जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। बता दें कि ये वही क्षेत्र है जहां बीते साल मई माह में पिकअप खाई में गिर गई थी, उस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी। कवर्धा जिला अस्पताल में तीन गंभीर रूप से घायल को लाया गया था, जिसमें में दो की मौत हो गई है। वही, एक अन्य को रायपुर रेफर किया जा रहा है। अब मौत के आंकड़े तीन से बढ़कर 5 हो गए है। घटना पर सीएम साय ने जताया दुख     कवर्धा जिले के आगरपानी के पास हुई सड़क दुर्घटना में पांच लोगों के दु:खद निधन और चार अन्य के घायल होने की खबर अत्यंत पीड़ादायक है।     ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। ब्रेक फेल होने के कारण हुआ हादसा इस हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दिया है। शुरुआती जांच के अनुसार ब्रेक फेल के कारण हादसा होना बताया जा रहा है। कुकदूर थाना से मिली जानकारी अनुसार शहडोल (एमपी) से बेमेतरा जा रही बोर गाड़ी ग्राम चांटा थाना कुकदूर के पास ब्रेक फेल होने से अनियंत्रित होकर घाटी में गिर गई। जिससे घटनास्थल पर  तीन लोगों की मौत हो गई थी। घायल 6 लोगों को तुरंत इलाज के लिए कुकदूर अस्पताल भेजा गया था, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई है। चालक हरि वलगन (तमिलनाडु) और वाहन मालिक किशोर तंगवेल (तमिलनाडु) है। वही, मृतकों के नाम भी पुलिस ने जारी किए है, जिसमें गजेंद्र राम पिता रंगू राम उम्र 30 वर्ष निवासी ठेठे टांगर बरा गजोर थाना कुनकुरी, सुभाष राम पिता बलदेव उम्र 25 वर्ष ग्राम बरागजोर थाना कुनकुरी, हरीश पिता चंद्राराम उम्र 19 वर्ष जाति भुईहर ग्राम बरागजोर थाना कुनकुरी, देवधर पिता देवभोराम उम्र 45 वर्ष निवासी नारियरढार कोका भरी थाना भन्सानेल, ये सभी जिला जशपुर (छत्तीसगढ़) के है। राज उम्र 50 वर्ष निवासी तिर चूमगोड़ थाना नामकल जिला नामकल तमिलनाडु निवासी है। मृतक के परिजनों को जानकारी दे दी गई। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम होगा।  

स्कूलों के विलय पर हाई कोर्ट की मुहर, जनहित याचिका एक बार फिर खारिज

लखनऊ   इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के तहत आने वाले स्कूलों के विलय को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की खंडपीठ ने गुरवार को ज्योति राजपूत की याचिका पर यह फैसला दिया है। याचिका पर राज्य सरकार ने भी आपत्ति जताकर अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने कहा कि इस विषय पर सात जुलाई को एकल पीठ ने निर्णय दिया था, जिसमें विलय के उक्त आदेश के विरुद्ध दाखिल याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था, वर्तमान जनहित याचिका में एकल पीठ के सात जुलाई के उक्त निर्णय का कोई जिक्र नहीं है लिहाजा इलाहाबाद हाई कोर्ट रुल्स के प्रावधानों के तहत उक्त जनहित याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के विलय के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका को शुरुआती सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। इस याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर आपत्ति उठाई गई कि मामले में उठाए गए मुद्दे पहले ही सीतापुर के 51 बच्चों की याचिका में एकल पीठ ने निर्णीत कर दिए हैं। ऐसे में समान मुद्दों को लेकर दाखिल यह पीआईएल सुनवाई के योग्य नहीं है। सरकार की आपत्ति पर गौर करने के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। स्थानीय अधिवक्ता ज्योति राजपूत की जनहित याचिका में राज्य सरकार के स्कूलों के विलय या दो स्कूलों को जोड़ने के राज्य सरकार के 16 जून के आदेश को चुनौती देकर रद करने का आग्रह किया गया था। याची ने गांवों के दूरदराज इलाकों में रहने वाले गरीबों के बच्चों को स्कूल जाने के लिए परिवहन व्यवस्था करने का आग्रह किया था। याचिका में आरटीई अधिनियम के तहत राज्य सरकार को बच्चों के परिवहन के दिशानिर्देश तय करने के निर्देश देने का भी आग्रह किया गया था। याची ने स्कूलों के विलय को गरीब बच्चों के हितों के खिलाफ बताया था। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया ने मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ दलील दी कि इसी सात जुलाई को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने स्कूलों के विलय के खिलाफ सीतापुर के 51 बच्चों की दाखिल याचिका समेत एक अन्य याचिका पर विस्तृत फैसला देकर खारिज कर दिया है। ऐसे में समान मामले में यह जनहित याचिका सुनवाई के लायक नहीं है। कोर्ट ने सरकार की ओर से उठाई गई शुरुआती आपत्ति के मद्देनजर जनहित याचिका खारिज कर दी।  

कानूनी मोर्चे पर राहत, पूर्व सीएम कमल नाथ को हाई कोर्ट से मिला सकारात्मक फैसला

इंदौर  मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप मामले की सीडी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ दायर जनहित याचिका गुरुवार को कोर्ट ने खारिज कर दी। एडवोकेट भूपेंद्रसिंह कुशवाह द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि नाथ ने खुद एक साक्षात्कार में कहा था कि उनके पास हनी ट्रैप मामले की सीडी है। मांग की गई थी कि नाथ को आदेश दिया जाए कि वे सीडी एसआईटी को उपलब्ध कराएं। याचिका निरस्त करते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर याचिका दायर की है। किसी राजनेता के राजनीतिक बयान को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। प्रतिपरीक्षण का अवसर दिए बगैर प्रकरण में फैसला लेने के मामले में मप्र हाई कोर्ट ने सीजीएसटी को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सीजीएसटी को आदेश दिया कि वह प्रकरण की दोबारा सुनवाई करे और प्रतिपरीक्षण का अवसर दे। एडवोकेट पीयुष पाराशर ने बताया कि पेपर ट्रेड लिंक के खिलाफ वर्ष 2023 में सीजीएसटी ने एक आदेश पारित किया था। इसमें सीजीएसटी और एसजीएसटी के 3.78 करोड़ रुपये की रिकवरी कंपनी पर निकाली गई थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर नहीं दिया गया था। कंपनी ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका कंपनी ने यह बात बार-बार उठाई, लेकिन हर बार यह कहकर इसे खारिज कर दिया गया कि इससे केस के निराकरण में समय लगेगा। इस पर कंपनी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कंपनी ने कोर्ट को बताया कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार उन्हें गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया जाना था, जो नहीं मिला। कोर्ट ने सभी पक्षकारों के तर्क सुनने के बाद कहा कि अपीलकर्ता को बहस और गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने जनवरी 2023 में जारी आदेश को रद करते हुए कहा कि केस में दोबारा सुनवाई करें।

अब सराफा चौपाटी का स्वरूप बदलेगा, अपने पुराने रूप में नजर आएगी

इंदौर   सराफा चौपाटी में अब सिर्फ 80 परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को बाहर करने पर गुरुवार को हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में मुहर लग गई। परंपरागत दुकानों को निगम से पंजीयन करवाना होगा। नगर निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च होगी। शहरवासियों को जल्द ही ऑन डिमांड कचरा कलेक्शन की सुविधा मिलने लगेगी। शहर में जल्द ही प्लास्टिक और कपड़ों से ईंधन बनने लगेगा। ये वे कुछ प्रस्ताव हैं, जिन्हें गुरुवार को हुई महापौर परिषद की बैठक में स्वीकृति मिल गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय के सभागृह में हुई इस बैठक में निगमायुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, मनीष शर्मा, राकेश जैन और प्रिया डांगी शामिल हुईं। बैठक में 50 से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सभी को स्वीकृति दे दी गई। सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर उठ रहे थे सवाल सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। गुरुवार को हुई एमआईसी की बैठक में परंपरागत 80 दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें बाहर (Indore Shop Removal News) करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ऑन डिमांड कचरा संग्रहण, प्लास्टिक से ईंधन, चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क, रिमूवल कार्रवाई में जब्त सामान को छोड़ने के शुल्क में बढ़ोतरी को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में 500 करोड़ रुपये ऋण लेने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर महापौर भार्गव ने बताया कि स्वच्छता के माडल को अगले स्तर पर ले जाते हुए अब इंदौर में आन डिमांड कचरा संग्रहण कार्य शुरू किया जा रहा है। मोबाइल एप के माध्यम से आन डिमांड कचरा संग्रहण किया जाएगा। मोबाइल एप से सूचना मिलने पर घरों, फैक्ट्रियों और संस्थानों से कचरा तत्काल उठाया जा सकेगा। हानिकारक घरेलू कचरे का निपटान किया जाएगा। पुराने कपड़ों से धागा बनाने की यूनिट को मंजूरी दी गई। प्राणी संग्रहालय में मध्य भारत का पहला आधुनिक फिश एक्वेरियम स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। मृत पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए रोबोटिक सिस्टम और पालतू जानवरों के लिए एनिमल कारकस सुविधा की स्वीकृति। खराब हो चुके कुकिंग आयल की प्रोसेसिंग से बायोडीजल बनाने की योजना को स्वीकृति। 29 गांवों में अमृत 2.0 के तहत सीवरेज सुधार के 61.50 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए। निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक 22 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। बड़ा गणपति फ्लाइओवर की बड़ी बाधा सीवर लाइन की शिफ्टिंग को मंजूरी दे दी गई। अटल बिहारी वाजपेई क्षेत्रीय उद्यान (रीजनल पार्क) को पीपीपी माडल पर संचालित किया जाएगा। एजेंसी तय की जाएगी। नगर निगम कर्मचारियों की उपस्थिति अब चेहरा देखकर लगेगी। इसके लिए फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन को स्वीकृति दी गई। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क के लिए 26.83 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। निपानिया चौराहा पर आइकोनिक स्कल्पचर की स्थापना की जाएगी। नगर निगम के सभी वाहनों की अब ऑनलाइन निगरानी होगी। वर्कशाप को डिजिटलाइज किया जाएगा। सराफा चौपाटी नए रूप में आएगी नजर     निर्देश दे दिए हैं सराफा चौपाटी में सिर्फ परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को हटाया जाएगा। इस संबंध में कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सराफा चौपाटी नए स्वरूप में दिखाई देगी। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर दुकानों को हटाने की समय सीमा तय नहीं     जल्द ही हम सराफा चौपाटी का सर्वे कर परंपरागत दुकानदारों को चिह्नित कर लेंगे। इन दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें हटाई जाएंगी। अभी समय सीमा तय नहीं की है, लेकिन ये कार्रवाई जल्दी ही कर लेंगे। – -शिवम वर्मा, निगमायुक्त इंदौर नगर निगम  

‘100 टेस्ट खेलने पर हो रहा हूं बूढ़ा महसूस’ – मिशेल स्टार्क का मजेदार बयान

किंग्स्टन पिछले सप्ताह क्रेग ब्रैथवेट 100वें टेस्ट की उपलब्धि तक पहुंचने वाले 82वें खिलाड़ी बने थे जबकि मिशेल स्टार्क फ्रंटलाइन तेज गेंदबाजों में इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले केवल 12वें खिलाड़ी बनेंगे। अपने 14 वर्ष के लंबे करियर में स्टार्क वेस्टइंडीज के खिलाफ सबीना पार्क में रविवार से खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट के दौरान इस उपलब्धि तक पहुंच जाएंगे, वह 400 टेस्ट विकेट हासिल करने से भी केवल 5 विकेट दूर हैं।  स्टार्क ने कहा कि उनके लिए यहां तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ी बात है। उन्होंने कहा, ‘बड़ा होते समय मैं हमेशा ही ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलना चाहता था लेकिन मुझे नहीं लगता था कि मैं कभी एक टेस्ट मैच भी खेल पाऊंगा। लेकिन 99 टेस्ट खेलना मेरे लिए बड़े गर्व की बात है।' स्टार्क ने अपनी इस यात्रा में जॉश हेजलवुड और पैट कमिंस के साथ अपनी मित्रता पर भी बात की जिन्होंने उन्हें बतौर गेंदबाज विकसित होने में मदद की जिसमें वोबल सीम पर पकड़ बनाना भी शामिल है।  स्टार्क ने कहा, ‘जब गेंद अधिक हरकत नहीं कर रही होती थी तो मेरे पास अधिक अलग करने के लिए कुछ नहीं हुआ करता था। हां मेरे पास गेंद को रिवर्स कराने की क्षमता थी लेकिन यह खेल के मध्य के हिस्से में संभव था। बतौर गेंदबाज विकसित होने में मेरे दो करीबी मित्रों जोश हेजलवुड और पैट कमिंस जो कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक हैं, ने मेरी काफी मदद की। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है। इसके बाद अलग-अलग चरणों में और दुनिया के अन्य हिस्सों में गेंदबाजी करने में मदद मिली।'  तीनों तेज गेंदबाजों के बीच का रिश्ता और उनके करियर की ओवरलैपिंग प्रकृति, जिसमें उन्होंने एक साथ 37 टेस्ट मैच खेले हैं, ने भी दोनों की मदद की है। स्टार्क ने कहा, ‘मुझे या हम तीनों को इस बात का एहसास है कि हम कितने भाग्यशाली हैं कि हम सब एक ही जगह से हैं। हम साथ में ट्रेनिंग करते हैं, सालों से रिहैब रूम में साथ बैठते हैं। एक-दूसरे को आगे बढ़ाने की क्षमता, चाहे वो एक खराब हफ्ता हो या टेस्ट हफ्ता। मुझे लगता है कि यही हम तीनों के लंबे करियर में खास तौर पर योगदान देता है।'  स्टार्क ने खुद 2022 के अंत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उंगली में चोट लगने के बाद से कोई भी टेस्ट मैच नहीं छोड़ा है, जिसके कारण उन्हें तीन मैचों से बाहर होना पड़ा था। हालांकि उन्होंने एमसीजी में खेले गए उस मैच में भी गेंदबाजी की थी। तेज गेंदबाजी के नुकसान के बारे में उन्होंने कहा, ‘ज्यादातर दिनों में कुछ निशान और कुछ दर्द वाले हिस्से होते हैं। चाहे वो झटके हों या दर्द निवारक दवाएं, मुझे पता है कि मैं क्या कर सकता हूं और क्या नहीं। मैं कभी भी ऐसे मैच में नहीं जाऊंगा जिसके बारे में मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100 फीसदी दे सकता हूं।'  हाल के दिनों में स्टार्क आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं। लेकिन कई वर्षों तक वह आईपीएल में नहीं खेले, जब वह टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देने के लिए वह आसानी से ऐसा कर सकते थे। स्टार्क ने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट शायद सबसे मुश्किल प्रारूप था, या तो मुझे लगता था कि मैं इसके लिए काफी अच्छा हूं या फिर मुझे लगता था कि मैं ऐसा करने में सक्षम हूं। उस मौके को पाने के लिए, मैं उसे बिल्कुल भी हाथ से जाने नहीं देना चाहता था। जिन सालों में मैंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट को मिस किया, मुझे उसका बिल्कुल भी अफसोस नहीं है।'  उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया के लिए 99 मैच खेलने, घर पर कुछ समय बिताने, एलिसा (हीली) और परिवार के साथ कुछ समय बिताने के लिए अपने शरीर को जितना हो सके उतनी अच्छी स्थिति में रखने के लिए जरूरी था। यही वजह है कि मैंने वो चीजें कीं। चाहे अब इसका फायदा मिला हो, 100 टेस्ट से कुछ दिन पहले, या सीरीज जीत या टेस्ट मैच जीत, पीछे मुड़कर देखूं तो मैं इसे नहीं बदलूंगा।'  भविष्य के संदर्भ में स्टार्क आगामी गर्मियों से आगे नहीं देखना चाहते, जिसमें एशेज भी शामिल है। एक ऑल-फॉर्मेट गेंदबाज होने के नाते, वह अगले साल होने वाले टी20 वल्डर् कप में शामिल होंगे और 2027 का वनडे वर्ल्ड कप उनके लिए एक संभावित अतिरिक्त अवसर होगा। टेस्ट क्रिकेट के संदर्भ में, जिसे स्टार्क हमेशा से अपना नंबर 1 प्रारूप बताते रहे हैं, ऑस्ट्रेलिया को अगले अगस्त से शुरू होकर 2027 के मध्य तक काफी मुकाबले खेलने हैं।  स्टार्क ने कहा, ‘एंड्रयू (मैकडोनाल्ड) ने कुछ दिन पहले कहा था कि हम युवा गेंदबाजी समूह नहीं हैं। आने वाले समय पर नजर रखते हुए, हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम उतने ही फिट और प्रभावशाली रहें जितने हम युवा होने पर थे। आगे क्या होगा, मुझे यकीन नहीं है। इस साल आगे क्या होगा, इस बारे में सोचने के लिए मेरे पास कुछ हफ्ते हैं, लेकिन जाहिर है कि आने वाली गर्मियां हमारे लिए एक बड़ा सीजन हैं।'   

शादी का वादा कर युवती से दुष्कर्म, जबरन धर्म बदलवाने के प्रयास की जांच जारी

ग्वालियर देशभर में धर्म छिपाकर शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने के काफी मामले निकलकर सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्वालियर जिले के बहोड़ापुर इलाके में भी आया है, जहां 21 वर्षीय युवती के साथ मुस्लिम युवक ने दुष्कर्म किया। उसने युवती को शादी का झांसा देकर अपने साथ रखा और कई बार गलत काम किया। इसके साथ ही उस पर धर्म परिवर्तन करने का भी दबाव डालता रहा।अब मामले में अब युवती ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। बहोड़ापुर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक, पीड़िता की मुलाकात माधोगंज के लक्कड़खाना क्षेत्र में रहने वाले शान खान से हुई थी। आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और दोनों साथ में रहने लगे। पहले नौ महीने तक पटेल नगर में और फिर बहोड़ापुर स्थित सदाशिव नगर में आरोपी ने युवती को अपने साथ रखा। इस दौरान उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

जिला कलेक्टर ने किया स्टेडियम व स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का बारीकी से निरीक्षण

कोटा कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम, जेके पवेलियन एवं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने खेल मैदानों, विभिन्न खेलों की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक निर्देश प्रदान किए। जिला कलेक्टर ने खेल मैदानों, बैडमिंटन कोर्ट, कुश्ती,कराटे,बॉक्सिंग रिंग, एरोबिक्स, जिम आदि का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। इन गतिविधियों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या की जानकारी ली और निर्देश दिए कि खेलों में रुचि रखने वाले आधिकाधिक लोगों को जोड़ा जाए ताकि उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों का पूरा लाभ मिल सके। जिला कलेक्टर ने महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम का भी निरीक्षण किया और इसके रखरखाव के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर समारिया ने विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों से भी मुलाकात कर परिचय प्राप्त किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर खेल संकुल के विकास एवं उन्नयन की प्रस्तावित योजना की प्रगति के संबंध में उन्होंने कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से जानकारी ली। अधिशासी अभियंता सुमित चित्तौड़ा ने बताया कि अपग्रेडेशन कार्य की डीपीआर तैयार करने हेतु आवश्यक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इस योजना का प्रेजेंटेशन तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। जिला खेल अधिकारी वाई वी सिंह ने खेलों की व्यवस्थाओं के संबंध में जिला कलेक्टर को जानकारी दी। विभिन्न खेल गतिविधियों से अवगत कराया। महिला फुटबॉल अकादमी की प्रभारी मधु चौहान ने अकादमी के संबंध में जानकारी दी और समस्याओं से अवगत कराया।  

बरेली में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, मस्जिद के पास से कांवड़ यात्रा की होगी शुरुआत

बरेली  बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के जोगी नवादा में एक बार फिर सौहार्द बढ़ाने की तैयारी है। कांवड़ियों को पहले जत्था शाहनूरी मस्जिद के पास से निकलेगा। कांवड़ियों पर मुस्लिम समुदाय के लोग फूल बरसाएंगे। दो समुदायों में सौहार्द बढ़ाने में अफसर लगातार कवायद कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर इलाके में फोर्स भी तैनात किया गया है।  हरिद्वार के लिए रवाना होंगे कांवड़िये  शुक्रवार को जोगी नवादा में शाहनूरी मस्जिद के पास से कांवड़ियों का पहला जत्था निकलेगा। शिवनंदन शर्मा के इस जत्थे में कांवड़िये गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार को रवाना होंगे। वहां से गंगाजल लाकर सावन के पहले सोमवार को वह शहर के प्रमुख शिवालयों पर जलाभिषेक करेंगे। इसको लेकर कांवड़ियों में उत्साह है।  जोगी नवादा में पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। कोई विवाद न हो, इसलिए पुलिस अलर्ट है। शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद जब नमाजी चले जाएंगे तो दोपहर करीब तीन बजे कांवड़ियों का जत्था गुजरेगा। बताया जा रहा है कि इस बार मुस्लिम पक्ष के लोग कांवड़ियों के जत्थे पर सौहार्द के फूल बरसाएंगे। 32 साल से मिश्रित बस्ती के वाशिंदों में थी अनबन करीब 32 साल से मौर्य गली में पीपल के पेड़ की डाल की वजह से समस्या बनी हुई थी। यहां सड़क पार कर राकेश की छत पर जा रही डाल की वजह से सड़क पर ऊंचाई वाले वाहन या कोई चीज नहीं ले जाई जा सकती थी। चूंकि ताजियेदार अपने ताजियों की ऊंचाई कम नहीं करते थे, इसलिए करीब डेढ़ सौ मीटर सड़क छह फुट गहराई तक खोदकर ताजिया निकाला जाता था। इसकी वजह से कांवड़ यात्रा को लेकर तनातनी होती थी।  दो साल पहले विवाद के दौरान तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी का तबादला कर दिया गया, इंस्पेक्टर बारादरी समेत कई पुलिसकर्मी निलंबित हुए थे। पेड़ की डाल कटने के बाद से ही जोगी नवादा में सकारात्मक माहौल बनने लगा था। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने डेढ़ महीने के अंतराल में दोनों समुदायों की बस्तियों में 18 बैठकें कर लोगों को एकमत किया था। इसके बाद पिछले सप्ताह ताजिया का जुलूस सौहार्द के माहौल में निकाला गया था।