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भारत के सबसे महंगे स्टॉक ने रचा इतिहास, एक शेयर की कीमत 150000 रुपये के अधिक

मुंबई  डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा एक शेयर की कीमत, हर किसी के पोर्टफोलियो में नहीं हो सकता है ये शेयर. आज देश के सबसे महंगे शेयर MRF लिमिटेड की कीमत बढ़कर 1.5 लाख रुपये से ज्यादा हो गई. एक बार ये देश का सबसे महंगा शेयर हो गया है. पिछले तीन महीने में MRF के शेयर ने तगड़ा रिटर्न दिया है.  दरअसल, बुधवार को MRF का शेयर 1,44,945 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 1,50,995 रुपये तक पहुंच गया, जो कि शेयर के ऑल टाइम हाई बेहद करीब है. MRF का ऑल टाइम हाई प्राइस 1,51,283.40 रुपये है, जो इसने फरवरी 2024 में टच किया था. एक बार फिर MRF के शेयर ने Elcid Investments को पीछे छोड़कर देश का सबसे महंगा शेयर बन गया है.   इसी साल 4 मार्च को शेयर गिरकर 1 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया था, जहां से पिछले तीन महीने में एकतरफा रैली देखने को मिली है, यानी महज तीन में MRF के शेयर ने करीब 50 फीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि पिछले एक साल में शेयर ने 14 फीसदी रिटर्न बनाकर दिया है. 5 साल में रिटर्न का आंकड़ा बढ़कर 132 फीसदी तक हो जाता है. MRF के फिर डेढ़ लाख रुपये के पार जो भी हो, MRF के शेयर के लिए 1.50 लाख रुपये का आंकड़ा एक साइक्लोजिकल बैरिकेड था, जिसने उसने आज पार कर लिया है. MRF कंपनी की कहानी बेहद की रोचक रही है. कंपनी पैसेंजर कारों, दोपहिया, ट्रक, और यहां तक कि भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई विमानों के लिए टायर बनाती है. इसके अलावा, फनस्कूल ब्रांड के तहत खिलौने और पेंट्स भी इसका हिस्सा हैं. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का राजस्व 28,153 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 1,869 करोड़ रुपये रहा, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है. अगर कंपनी के इतिहास पर नजर डालें तो MRF के एक शेयर की कीमत 1995 में करीब 1,100 रुपये थी, पिछले 30 वर्षों में शेयर ने 18.5% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. 2005 तक शेयर मूल्य बढ़कर लगभग 3,500 रुपये हो गया. इस अवधि में कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाई और निर्यात बाजार में प्रवेश किया, जिससे राजस्व में स्थिर वृद्धि हुई. 2005 से 2015 तक MRF ने वैश्विक और घरेलू मांग का लाभ उठाया. कंपनी ने ट्रक, बस, और ऑफ-रोड टायर सेगमेंट में विस्तार किया. 2015 तक शेयर मूल्य 40,000 रुपये के स्तर को पार कर गया, जो 27.8% CAGR का संकेत देता है. इस दौरान कंपनी ने फनस्कूल (खिलौने) और पेंट्स जैसे विविध कारोबार शुरू किए और भारतीय वायुसेना के लिए विशेष टायर बनाए. 2015 के बाद शेयर में ऐतिहासिक उछाल  2015 से 2025 तक MRF के शेयर ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया. जून 2023 में इसका शेयर मूल्य 1 लाख रुपये को पार कर गया, जो भारत में किसी कंपनी का पहला ऐसा रिकॉर्ड था. फिर जनवरी- 2024 में 1.50 रुपये के स्तर को पार किया, उसके बाद शेयर में लंब वक्त तक गिरावट हावी रहा. लेकिन एक बार फिर  MRF के शेयर ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है.   MRF कंपनी की कहानी बेहद ही दिलचस्प है, आइए जानते हैं कैसे गुब्बारे बनाते-बनाते ये टायर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में आई और कैसे इसके शेयर ने देश के सबसे हैवीवेट शेयर का तमगा हासिल किया. गुब्बारे बनाने से हुआ था बिजनेस शुरू टायर की दुनिया का बादशाह बनने से पहले इस कंपनी के फाउंडर के.एम. मामेन मपिल्लई (K. M. Mammen Mappillai) गुब्बारे बनाते थे. मपिल्लई ने साल 1946 में कारोबारी दुनिया में कदम रखा. उन्होंने तिरुवोट्टियूर, मद्रास में एक छोटे से शेड में गुब्बारे बनाने का कारोबार शुरू किया. वे ज्यादातर बच्चों के खिलौने के साथ ही इंडस्ट्रियल ग्लव्स और लैटेक्स से बनी हुई चीजों का निर्माण करते थे. समय के साथ उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया और इस पर आगे बढ़ते हुए साल 1952 में मद्रास रबर फैक्ट्री (MRF) की स्थापना की. ट्रेड रबर बनाने का उनका कारोबर की दुनिया में प्रवेश करने के महज 4 वर्षों के भीतर ही कंपनी तेजी से आगे बढ़ी और साल 1956 तक MRF 50% शेयर के साथ भारत में ट्रेड रबर का मार्केट लीडर बन गया. समय के साथ बदला कारोबार  5 नवंबर 1961 को MRF को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का दर्जा मिला. उस वक्त तक कंपनी मैन्सफील्ड टायर एंड रबर कंपनी के सहयोग से ऑटोमोबाइल, विमान, साइकिल के लिए टायर और ट्यूब बनाती थी. 1965 में कंपनी ने अपने पहले फॉरेन वेंचर के जरिए अमेरिका (US) में टायरों का निर्यात शुरू कर दिया. 80 के दशक में भारतीय ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव आया, किफायती कारों ने दस्तक दी, जिसका उदाहरण मारुति 800 (Maruti 800) है. वहीं टू-व्हीलर इंडस्ट्री ने भी रफ्तार पकड़ ली थी, 1985 में कंपनी ने टू-व्हीलर्स के लिए टायर बनाने शुरू कर दिए. 1993 तक MRF का कारोबार स्थापित हो चुका था और अब ये कंपनी ट्रक, कार, बाइक-स्कूटर बाजार तक में अव्वल बन गई थी. 

सांसदों-विधायकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन, डिप्टी सीएम साव बोले – विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए साबित होगा मिल का पत्थर

सरगुजा मैनपाट में आयोजित भाजपा सांसदों-विधायकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हुआ. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेसवार्ता में प्रशिक्षण शिविर की जानकारी दी. प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, प्रशिक्षण भाजपा की कार्य पद्दति, कार्य योजना का अभिन्न अंग है, इस तरह का प्रशिक्षण बीजेपी कार्यकर्ताओं, शक्ति केंद्र और अलग-अलग मोर्चो को भी समय-समय पर दिया जाता है. प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं को संगठन में कैसा काम करना है, पदाधिकारियों की क्या जिम्मेदारी है. इन सभी विषयों पर हर कोई संसद-विधायकों को बताया जाता है. शिविर में हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के साथ वरिष्ठ राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष समेत कई वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिसे हम अपने कार्यशैली में अपनाने वाले हैं. प्रशिक्षण सत्र के बाद कॉर्डिनेशन में किस तरह बदलाव होगा, इस पर किरण देव ने कहा, हमारी सरकार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत पूरे कैबिनेट के बीच किसी प्रकार से समन्वय को लेकर कोई तकलीफ नहीं होती है. हमारा मूल कार्य राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सेवा के साथ प्रधानमंत्री की परिकल्पना से विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाना है, जिससे इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके. भाजपा का कार्यक्रम हमारे कार्य करने की पद्दति, योजनाओं का महत्वपूर्ण अंग है. राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग लगाया जाता है. ऐतिहासिक रहा प्रशिक्षण शिविर : अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, सांसद-विधायक प्रशिक्षण वर्ग हर एक दृष्टि से ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण रहा है. अंबिकापुर के मैनपाट की खूबसूरती को पूरे देश और दुनिया ने देखा है. इस जगह पर ऐसा कार्यक्रम होना, बहुत ऐतिहासिक रहा है. प्रशिक्षण शिविर बीजेपी के कार्य पद्दति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. हमारे सभी सांसद और विधायक एक साथ तीन दिन एक स्थान पर रहकर कार्यक्रम में शामिल हुए. यह ये बताता है कि बीजेपी में परिवार का भाव कैसे बनता है. सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएंगे डिप्टी सीएम साव ने कहा, हमारी प्रतिबद्धता केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. प्रशिक्षण शिविर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लिए मिल का पत्थर साबित होने वाला है. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ की ताकत और क्षमता उसके माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण और यहां के लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए रहा है. छत्तीसगढ़ के विकास में वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन की होगी बड़ी भूमिका अरुण साव ने कहा, इस आयोजन में शत प्रतिशत उपस्थिति, पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाला है. सूरजपुर विधानसभा में पहली बार बीजेपी जीती है इसीलिए भी यह जगह बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है. इस जगह से निकला हुआ संदेश पूरे देश और विश्व तक पहुंचने वाला है.

पांच महीने के मासूम को लावारिस छोड़कर फरार हो गई मां

तखतपुर  नौ महीने तक कोख में पालने वाली मां क्या इतनी निष्ठुर हो सकती है? यह सवाल तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पाली के लोगों के मन में बार-बार कौंध रहा है, जहां एक मां अपने पांच महीने के मासूम को लावारिस छोड़कर फरार हो गई है. ग्राम पाली में आज सुबह जब मासूम के रुदन से लोगों की नींद खुली. देखा भूख-प्यास से व्याकुल करीबन पांच महीने का दुधमुहां रो रहा है. लोगों ने आस-पास तलाश किया, कहीं उसकी मां होगी, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आई. सोचा कि अब आ जाएगी, तब आ जाएगी, लेकिन मां तो उस मासूम को छोड़कर जा चुकी थी. काफी देर इंतजार करने के बाद जब बच्चे के लिए कोई नहीं आया तो ग्रामीणों को समझ आ गया कि उसकी मां उसे छोड़कर जा चुकी है. इस पर ग्रामीणों ने जूनापारा पुलिस चौकी में सूचना दी. पुलिस वाले मासूम की मां से ज्यादा संवेदनशील निकले. उन्होंने बच्चे को चौकी में दूध पिलाया, और फिर कागजी कार्रवाई पूरी कर एडाप्टेशन सेंटर भेज मासूम के माता-पिता की तलाश में जुट गई.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोधपुर में रेल मंत्री वैष्णव के पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने बुधवार को राजस्थान के जोधपुर प्रवास के दौरान केंद्रीय रेल़, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के निवास पहुंच कर उनके पिता स्व. श्री दाउलाल वैष्णव को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री दाऊलाल जी वैष्णव का गत 8 जुलाई को निधन हो गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दाऊलाल जी वैष्णव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव एवं उनके अन्य परिजन से भेंट एवं चर्चा कर उन्हें दुख की घड़ी में सांत्वना प्रदान की।  

भोपाल में 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव, डॉ. यादव देंगे विशेष उपस्थिति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10 जुलाई को भोपाल में गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम तात्या टोपे नगर के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय में दोपहर 12:30 बजे से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस मौके पर कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण करेंगे और विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल वितरण का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह करेंगे। इस मौके पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक सर्वश्री रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री और भगवान दास सबनानी उपस्थित रहेंगे। नि:शुल्क साइकिल वितरण प्रदेश में इस वर्ष 2025-26 में नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में करीब 4 लाख 30 हजार पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल वितरित की जायेंगी। इस योजना में 195 करोड़ रुपये की राशि व्यय होगी। सांदीपनि विद्यालय के नव-निर्मित भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय के सर्व-सुविधायुक्त भवन का लोकार्पण करेंगे। यह भवन 36 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। भवन में सर्व-सुविधायुक्त प्रयोगशालाएँ, लायब्रेरी तथा ऑडिटोरियम निर्मित हैं। इसके अलावा उत्कृष्ट शिक्षा के लिये स्माल डिजिटल कक्षाएँ, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये नि:शुल्क कोचिंग, कॅरियर काउंसिलिंग और इण्डोर-आउटडोर खेल की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। विद्यालय के आसपास के 10 किलोमीटर दूरी से आने वाले बच्चों के लिये नि:शुल्क परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी है। प्रदेश में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश के समस्त विद्यालयों में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को प्रार्थना सभा के दौरान गुरु पूर्णिमा के महत्व एवं पारम्परिक गुरु-शिष्य संस्कृति पर जानकारी दी जा रही है। विद्यार्थियों को प्राचीन काल में प्रचलित गुरुकुल व्यवस्था एवं उसका भारतीय संस्कृति में प्रभाव विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी हैं। गुरु पूर्णिमा के दूसरे दिन माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा गुरुओं के महत्व पर व्याख्यान और गुरुजनों एवं शिक्षकों के सम्मान के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।  

‘स्पेशल ऑप्स 2’ 18 जुलाई से, सिर्फ जियो हॉटस्टार पर होगी स्ट्रीम

मुंबई, ‘स्पेशल ऑप्स’ का बहुप्रतीक्षित दूसरा सीज़न अब 18 जुलाई से जियोहॉटस्टा9र पर स्ट्रीम होगा। इस शो में के. के. मेनन एक बार फिर रॉ अधिकारी हिम्मत सिंह के किरदार में वापसी कर रहे हैं, एक ऐसा अफसर जो जंग लड़ता है, लेकिन सीमाओं पर नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया की छाया में। उनकी अगुवाई में स्पेशल टीम इस बार उस दुश्मन का सामना करेगी जो दिखाई नहीं देता, लेकिन हर जगह मौजूद है। ‘स्पेशल ऑप्स 2’ की कहानी आज के अनिश्चित वैश्विक माहौल में बुनी गई है। अब लड़ाई सिर्फ बंदूक़ों या बॉर्डर पर नहीं होती — ये क्लाउड में लड़ी जा रही है, और दुश्मन हमारे आस-पास की आम ज़िंदगी में ही छिपा है। जब संगठित साइबर हमले देश की नींव हिलाने लगते हैं, तब हिम्मत सिंह और उनकी टीम एक ऐसी जंग में उतरती है जो बिना चेतावनी, बिना धुएं और बिना किसी सुराग के लड़ी जाती है ,लेकिन इसका असर पूरे देश को झकझोर देता है। शिवम नायर के निर्देशन में बनी इस सीरीज़ में प्रकाश राज, विनय पाठक, ताहिर राज भसीन, करण टैकर, सैयामी खेर, मुज़म्मिल इब्राहिम, गौतमी कपूर, परमीत सेठी और काली प्रसाद मुखर्जी जैसे मंझे हुए कलाकार शामिल हैं, जो अपने-अपने किरदारों के ज़रिए कहानी को और ज़्यादा प्रभावशाली बनाते हैं। के. के. मेनन ने अपने किरदार के बारे में कहा, “हिम्मत सिंह कोई सुपरहीरो नहीं है, वह लाइमलाइट में नहीं रहता, बल्कि खामोशी से अपना फर्ज निभाता है। इस बार की लड़ाई चुपचाप है, लेकिन कहीं ज़्यादा खतरनाक भी। हर फैसला भारी पड़ सकता है। एक कलाकार के तौर पर ऐसा किरदार बहुत कम मिलता है, जो अंदर तक असर छोड़ता है। हमने इस सीज़न में जो मेहनत और भावना डाली है, उम्मीद है दर्शक उसे महसूस करेंगे।” ‘स्पेशल ऑप्स 2’ 18 जुलाई से, सिर्फ जियोहॉटस्टा र पर प्रसारित होगा।  

धामी की कैबिनेट का बड़ा निर्णय—जियो थर्मल ऊर्जा नीति पास, सरकारी योजनाओं का पुनरावलोकन

देहरादून  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कुल छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े फैसले शामिल हैं। बैठक में सबसे अहम निर्णय राज्य की जियो थर्मल ऊर्जा नीति को लेकर लिया गया, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह नीति प्रदेश में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास को बढ़ावा देगी और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। पुष्कर सिंह धामी सरकार ने इसके अलावा राज्य में पुलों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन को भी मंजूरी दी गई है। इससे प्रदेश में निर्माणाधीन और प्रस्तावित पुलों के निर्माण कार्यों की निगरानी और प्रबंधन में तेजी आएगी। बैठक में प्रशासनिक ढांचे में भी सुधार को लेकर अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट बैठक के महत्वपूर्ण प्रस्ताव: सतर्कता विभाग के संशोधित ढांचे को मिली मंजूरी 20 और पद बढ़ाए जाने पर मिली मंजूरी जीएसटी विभाग के ढांचे में किया गया संशोधन प्रदेश में मौजूद पुलों को अपग्रेड करने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट को मिली मंजूरी दो विभागों में बढ़े पद प्रदेश सरकार ने विभागीय कामकाज को बेहतर बनाने के लिए दो प्रमुख विभागों में पदों की संख्या में वृद्धि का निर्णय लिया है। धामी सरकार ने सतर्कता विभाग में 20 नए पद सृजित किए गए हैं, जिससे विभाग में पदों की संख्या 132 से बढ़कर 156 हो गई है। वहीं, जीएसटी (GST) विभाग में भी पदों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। इससे कर संग्रहण और निगरानी की प्रक्रिया और मजबूत की जा सके। खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और विकास को ध्यान में रखते हुए, नए खनिजों के लिए जिला और राज्य स्तर पर खनन न्यास (Mining Trust) के गठन को भी कैबिनेट की हरी झंडी मिली है। पेंशन योजना में अहम बदलाव धामी सरकार ने बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना में अहम बदलाव किए हैं। कैबिनेट ने वृद्धावस्था पेंशन योजना में भी अहम संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब अगर लाभार्थी का पुत्र 18 वर्ष का हो जाता है तो भी पेंशन बंद नहीं होगी। इससे प्रदेश के हजारों पेंशनधारी वृद्धजनों को राहत मिलेगी।  

Slum free होगी एमपी की राजधानी, तोड़े जाएंगे 6 हजार से ज्यादा मकान-दुकान, 24 हजार ईडब्ल्यूएस फ्लैट तैयार किए जाएंगे

भोपाल  राजधानी भोपाल जल्द ही मध्यप्रदेश का स्लम फ्री शहर बनने जा रहा है। यहां अरेरा हिल्स पर झुग्गीवासियों के लिए वल्लभ नगर क्षेत्र में 45 मीटर ऊंचाई की बहुमंजिला इमारतें बनेंगी। 24 हजार ईडब्ल्यूएस फ्लैट तैयार किए जाएंगे। हालांकि इस प्लान पर फिलहाल एयरपोर्ट अथॉरिटी की एनओसी नहीं मिल पाई है। सुरक्षा की दृष्टि से इनकी ऊंचाई 30 मीटर करने को कहा गया है। इस सप्ताह कलेक्टर संबंधितों से बैठक कर मामला निराकृत करेंगे। तय प्लान में यहां ठीक वैसे बहुमंजिला आवासीय टॉवर तय हैं जो, स्मार्ट सिटी में तोड़े गए सरकारी मकानों के बदले में होटल पलाश के सामने बनाए गए हैं। वल्लभ भवन और आसपास के पूरे क्षेत्र के स्लम एरिया के लिए यहीं जगह तय की जाएगी। इसलिए आपत्ति में प्रोजेक्ट अरेरा हिल्स पहले ही शहर के ऊंचाई वाले क्षेत्र में शामिल है। इस पर 45 मीटर से ऊंची बिल्डिंग एयरलाइंस के लिए कहीं बाधा न उत्पन्न कर दें, इसलिए ऊंचाई घटाने का कहा जा रहा है। इससे पहले हमीदिया अस्पताल की नई बिल्डिंग की ऊंचाई पर भी सवाल उठे थे, जिसका चर्चा के बाद निराकरण किया गया। अभी अहमदाबाद में हुए हवाई हादसे के बाद एनओसी में सभी स्थितियों का आंकलन किया जा रहा है। ऐसा स्लम रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम ● 9 क्लस्टर में शहर के स्लम क्षेत्र को बांटा गया ● 6534 झुग्गियों को पहले चरण में हटाएंगे ● 650 एकड़ का क्षेत्र दबा रखा है झुग्गियों ने ● 05 लाख की आबादी स्लम क्षेत्र में रहती है इस समय ● 4000 करोड़ रुपए की जमीन निजी एजेंसियों से विकसित कराई जाएगी 120 से अधिक भवन यहां करीब 18 एकड़ क्षेत्रफल में 120 से अधिक बहुमंजिला टॉवर बनाए जाएंगे। इस काम में कम से कम चार साल का समय लगेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इसके प्लान पर निगम अफसरों से चर्चा की है। अगले एक माह में एजेंसी तय करने के साथ ही जमीनी काम शुरू करने का कहा है। झुग्गी मुक्त होगा शहर झुग्गी मुक्त शहर की दिशा में काम किया जा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी से भी चर्चा की जा रही है। सभी एजेंसियों से चर्चा की जा रही है। निगम जल्द ही जमीनी काम शुरू करेगा। -कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जल संसाधन मंत्री सिलावट ने माना आभार

मंत्रि-परिषद ने किसानों की कृषि सिंचाई जलकर राशि में से ब्याज राशि माफ करने का लिया निर्णय भोपाल  जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने मंत्रि-परिषद की बैठक में किसान हितैषी निर्णय के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किसानों की कृषि सिंचाई जलकर राशि में से ब्याज राशि माफ करने का निर्णय ऐतिहासिक और स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों की कृषि सिंचाई जलकर राशि में से ब्याज राशि (शास्ति दण्ड) माफ करने के निर्णय से प्रदेश के लगभग 35 लाख किसान लाभांवित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में वर्ष 2000 से आज तक के 25 वर्षों में कृषकों पर सिंचाई जलकर की मूल राशि 563 करोड़ 29 लाख रूपये बकाया है। इसमें ब्याज राशि (दण्ड राशि) 84 करोड़ 17 लाख रूपये है।  मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश में कृषि सिंचाई राजस्व की कारगर वसूली एवं चुनौतियों के समाधान तथा कृषकों की आर्थिक स्थिति के दृष्टिगत एक अप्रैल 2025 तक की कुल बकाया जलकर राशि एकमुश्त जमा करने की सुविधा दी जाएगी। यदि कृषक बकाया सिंचाई जलकर की मूल राशि एकमुश्त 31 मार्च 2026 तक जमा करते हैं तो अधिरोपित शास्ति (दांडिक ब्याज) की राशि माफ की जायेगी। इसका लाभ उन किसानों को दिया जायेगा जो उन पर बकाया मूल राशि एकमुश्त जमा करेंगे। वित्त विभाग द्वारा इस अल्पकालीन सुविधा पर सहमति दी गई है। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि राज्य शासन द्वारा पहले भी कृषकों को दांडिक ब्याज से मुक्ति दी गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुये तथा शासन को भी एकमुश्त राजस्व राशि प्राप्त हुई थी।वर्तमान में यह सुविधा पुनः दी जाएगी इससे मध्यप्रदेश सरकार को एकमुश्त राजस्व प्राप्ति तो होगी ही बड़ी संख्या में प्रदेश के किसान भी लाभान्वित होंगे।

सोनी सब के कलाकारों ने गुरुओं के प्रति दिल से कृतज्ञता व्यक्त की

मुंबई, गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सोनी सब के कलाकारों ने जीवन के अनमोल सबक देने वाले अपने गुरुओं के प्रति दिल से कृतज्ञता व्यक्त की। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोनी सब के कलाकार सुमित राघवन, आशी सिंह, कृष्णा भारद्वाज और आरव चौधरी ने अपने जीवन के गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त किया है। ‘वागले की दुनिया: नई पीढ़ी, नए किस्से’ में राजेश वागले का किरदार निभा रहे सुमित राघवन ने कहा, “मेरे लिए ‘गुरु’ शब्द सुनते ही सबसे पहले मेरे पिताजी का चेहरा सामने आता है। वह मेरे पहले शिक्षक, सबसे बड़े आलोचक और सबसे मजबूत सहारा रहे हैं। उन्होंने कभी उपदेश नहीं दिए,बल्कि उन मूल्यों को जीकर दिखाया। जीवन को गरिमा, ईमानदारी और नैतिकता के साथ जीते हुए देखना मेरे लिए सबसे बड़ी सीख रही। उनका हमेशा मानना था कि चाहे आप कितनी भी दूर क्यों न चले जाएं, सबसे ज़्यादा मायने यह रखता है कि आप कितने ज़मीनी बने रहते हैं और दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। एक अभिनेता के तौर पर, मैंने अक्सर उनके शब्दों से ताकत पाई है- 'अपना सर्वश्रेष्ठ दो, और काम को बोलने दो।' गुरु पूर्णिमा उन लोगों को सम्मानित करने के बारे में है जो हमें आकार देते हैं, और मेरे लिए, यह उन्हीं से शुरू और खत्म होता है। जो कुछ भी आज मैं हूं, एक इंसान और कलाकार के रूप में, वह सब उन्हीं की वजह से है।” ‘उफ़्फ़… ये लव है मुश्किल’ में कैरी का किरदा निभा रहीं आशी सिंह ने कहा, “मेरे लिए मेरी माँ ही मेरी गुरु हैं। वह मेरी सबसे बड़ी समर्थक भी हैं और सबसे कड़ी आलोचक भी। उन्हीं की वजह से मैं बेखौफ़ सपने देखती हूं और हर स्थिति में आत्मविश्वास से आगे बढ़ती हूं। इस इंडस्ट्री में मुझे कुछ वरिष्ठ कलाकारों के साथ काम करने का सौभाग्य मिला है जिन्होंने सिखाया कि सफलता का कोई मूल्य नहीं अगर उसमें विनम्रता न हो। ऐसे ही एक व्यक्ति हैं शब्बीर सर, जिनका उफ्फ़…ये लव है मुश्किल के सेट पर अनुशासन और समर्पण बहुत प्रेरणादायक रहा है। उन्हें काम करते देखना अपने आप में एक सबक है। इस गुरु पूर्णिमा पर मैं उन सभी आत्माओं का धन्यवाद करना चाहती हूं जिन्होंने मुझे बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया।” ‘वीर हनुमान’ में केसरी की भूमिका निभा रहे आरव चौधरी ने कहा, “मेरे पहले और सबसे अहम गुरु हमेशा मेरे माता-पिता रहे हैं। उन्होंने मुझे अनुशासन, ईमानदारी और जमीन से जुड़े रहने का मूल्य सिखाया—ऐसी बातें जो कोई किताब नहीं सिखा सकती। बचपन से ही मैंने बजरंग बली को अपना आध्यात्मिक गुरु माना है। 7वीं कक्षा से ही मेरे कुछ स्कूल टीचर्स ने मेरी बुनियादी सोच को आकार दिया। जब मैंने जयपुर में थिएटर करना शुरू किया, तो मेरे थिएटर गुरुओं ने मुझे एक अभिनेता के रूप में विकसित होने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। मुंबई आने के बाद, मुझे इंडस्ट्री के अविश्वसनीय लोगों और प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर, निर्माता, निर्देशकों से सीखने का सौभाग्य मिला। उनमें से प्रत्येक ने अपने तरीके से मेरी यात्रा में योगदान दिया है। आज भी, मेरा मानना है कि सीखना कभी बंद नहीं होता। इस गुरु पूर्णिमा पर, मैं अपने सभी गुरुओं को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने मुझे जीवन भर मार्गदर्शन और प्रेरणा दी है।” ‘तेनाली रामा’ में तेनाली रामा का किरदार निभा रहे कृष्णा भारद्वाज ने कहा, “मैं सच में मानता हूं कि हर व्यक्ति जिससे आप जीवन में मिलते हैं, वह किसी न किसी रूप में आपका गुरु होता है। चाहे वो कुछ पल के लिए मिले हों या जीवनभर साथ रहे।हर कोई कुछ न कुछ सिखा ही जाता है। एक अभिनेता के रूप में मैंने हर तबके के लोगों से कुछ सीखा है ।निर्देशक, सह-कलाकार, स्पॉट दादा, मेकअप आर्टिस्ट , हर एक से कुछ न कुछ मिला है। गुरु पूर्णिमा मेरे लिए सिर्फ बड़े गुरुओं का नहीं, बल्कि उन अनकहे, रोज़मर्रा के शिक्षकों का भी सम्मान है। मैं जीवन का विद्यार्थी बने रहना चाहता हूं, क्योंकि जिस दिन आप सीखना बंद कर देते हैं, उसी दिन आप आगे बढ़ना भी छोड़ देते हैं।”