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सलामत रहें फोन के कंटैक्ट्स

आपके सामने भी कभी इस तरह की स्थिति आई होगी कि आपको अपने जानने वालों से कहना पड़ा हो, मेरा फोन खो गया है… या फिर चोरी हो गया है, आपके पास फलां व्यक्ति का नंबर है क्या… या फिर सोशल साइट्स पर भी इस तरह के पोस्ट देखे जा सकते हैं कि मेरा कंटैक्ट खो गया है आप अपना नंबर शेयर कीजिए…। ऐसे में कई बार लगता है कि अगर कंटैक्ट्स का बैकअप होता, तो इस तरह की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ता। अपने स्मार्टफोन के कंटैक्टस का आप इन तरीकों से बैकअप ले सकते हैं… एंड्रायड फोन सुपर बैकअप: अगर आपके पास एंड्रायड फोन है, तो कंटैक्ट्स बैकअप के लिए सुपर बैकअप एप्लीकेशन का उपयोग कर सकते हैं। इसे यूज करना काफी आसान है। यह कंटैक्ट्स के साथ एसएमएस बैकअप की भी सुविधा देता है। कंटैक्ट्स फोन के इंटरनल स्टोरेज में बैकअप बनता रहता है। आप इसे गूगल ड्राइव में सेव करने के लिए ऑटोमैटिकक अपडेट के ऑप्शन को चुन सकते हैं। अगर आप गूगल कंटैक्ट अपडेट के ऑप्शन को चुनते हैं तो नियमित तौर पर बैकअप बनता रहेगा। हालांकि एप का फ्री वर्जन एड सर्पोटेड है, लेकिन अगर आप एड नहीं चाहते हैं, तो सुपर बैकअप प्रो को परचेज कर सकते हैं। आइओएस माइ कंटैक्ट्स बैकअप प्रो: यह एप्लिकेशन आइओएस डिवाइस यूजर्स के लिए है। इसमें बैकअप व री-स्टोरेशन की आसान सुविधाएं हैं। साथ ही, यह आपके कंटैक्ट्स बैकअप को इमेल एड्रेस पर भी भेजने की सुविधा देता है। फिर आप चाहें, तो उसे ड्रॉपबॉक्स पर भी सेव कर सकते हैं। यहां आप कंटैक्ट्स को वाइ-फाइ के जरिए ब्राउजर पर मैनेज करने के अलावा, रेग्युलर बैकअप और रिमूव का रिमाइंडर भी सेट कर सकते हैं। इस एप्लिकेशन को एपल के एप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। विंडोज फोन कंटैक्ट्स व मैसेज बैकअप: इस एप्लिकेशन के जरिए विंडोज 8.1 यूजर्स अपने कंटैक्ट्स बैकअप के साथ एसएमएस और एसएमएस का बैकअप एसडी कार्ड में ले सकते हैं। हालांकि विंडोज फोन में क्लाउड-बेस्ड बैकअप फंक्शैनलिटी इन-बिल्ट होता है, लेकिन लोकल बैकअप से फायदा यह है कि आप फोन को तेजी से रिस्टोर कर सते हैं। अगर फोन में कंटैक्ट्स और मैसेज का बड़ा डाटाबेस है और नये फोन में बैकअप लेना चाहतें हैं, तो इस एप्लिकेशन के जरिए क्लाउड स्टोरेज की तुलना में ज्यादा तेजी से फोन में कंटैक्ट बैकअप और मैसेज को रिस्टोर किया जा सकता है। हालांकि इस एप्लिकेशन के लिए आपको माइक्रोएसडी कार्ड की जरूरत पड़ेगी। यह आपके एसडी कार्ड में बैकअप रिस्टोर का फोल्डर बना देगा। यहां कंटैक्ट्स वीसीएफ फॉर्मेट में स्टोर होता है और मैसेज एक्सएमएल फॉर्मेट में। ब्लैकबेरी फ्री कंटैक्ट बैकअप:- ब्लैकबेरी 10 यूजर के लिए फ्री कंटैक्ट बैबअप यूजफूल एप्लिकेशन है। आप सिंगल टैप के जरिए कंटैक्ट का बैकअप ले सकते हैं। इस एप्लिकेशन की खासियत है कि आप चाहें तो पूरे फोन का बैकअप ले सकते हैं। इसके अलावा यह डुप्लिकेट कंटैक्ट्स को मर्ज करने का ऑप्शन भी देता है। आप बैकअप को मेल के जरिए भी भेज सकते हैं। पुराने ब्लैकबेरी फोन यूजर फ्री बैकअप कंटैक्ट एप बाइ अमैरा सॉफ्ट ट्राइ कर सकते हैं। कंटैक्ट्स होंगे ऑटोमैटिक अपडेट 6 डिग्री:- ऑटोमैटिक कंटैक्ट बैकअप के लिए इस एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप अपने फोनबुक में कोइ नया कंटैक्ट अपडेट करते हैं, तो यह खुद ही उसे अपडेर कर देगा। इसके अलावा, अगर आपके फ्रेंड्स अलाउ करें, तो यह फ्रेंड्स के फोन में भी कंटैक्ट को सर्च करने का ऑप्शन देता है। आप इस एप की मदद से डुप्लिकेट कंटैक्अ को रिमूव करने के अलावा दूसरे डिवाइस में भी रिस्टोर कर सकते हैं। यह एप आइओएस के साथ एंड्रायड डिवाइस को भी सपोर्ट करता है। एडाप्पट:- यह एप्लिकेशन भी आपके एड्रेस बुक को हमेशा अपटूडेट रखेगा। जब भी कोई फ्रेंड या फिर फैमिली मेंबर कंटैक्ट को अपडेट करता है, तो यह खुद ही एड्रेस बुक को अपडेट कर देगा। यह यूजर को आइडेंटीफाइ करने के लिए इमेल आइडी का इस्तेमाल करता है। एप्लिकेशन डाउनलोड करने के बाद कुछ स्टेप के जरिए आप लोगों को इनवाइट भी कर सकते हैं। इसे डिवाइस के साथ भी आसानी से सिंक किया जा सकता है।  

हाथों की खूबसूरती बनाए रखने के ये 6 नुस्खे

त्वचा को जवां बनाने और निखारने की बात करते हैं तो अपने हाथों को भूल जाते हैं। जबकि देखभाल की सबसे ज्यादा जरूरत हमारे हाथों को होती है, क्योंकि इन पर धूप का प्रभाव सबसे ज्यादा पडता है। इसके अलावा घरेलू कामकाज के दौरान भी हार्ड केमिकल्स का इन पर बहुत प्रभाव पडता है। अगर इनकी ठीक प्रकार से देखभाल की जाए, तो आपके हाथ लम्बे समय तक जवां और खूबसूरत बने रहेंगे। -बढती एज की निशनियां -अपने हाथों पर गौर करें। -हाथों की स्किन का ढीला हा कर लडक जाना। -हाथों की नसों का दिखायी देना। -हथेलियों का हर समय रूखा-सूखा रहना। हाथों की खूबसूरती बनाएं रखें:- 1. दिनभर घर का काम करने से हाथों का मॉइश्चर खत्म हो जाता है और वे खुरदरे हो जाते हैं। बदलते मौसम में शुष्क हवाओं के असर भी हाथ रूखे हो जाते हैं। पानी में काम करने के बाद और सुबह नहाने के बाद अच्छा अब्जॉर्बिग लोशन लगाएं। रात में थोडा हेवी और क्रीम बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं, ताकि क्रीम हाथों में अच्छी तरह से जज्ब हो आए। 2. धूप और धूल के प्रभाव से हाथों में पिगमेंटेशन और टैनिंग भी हो जाती है। इन्हें दूर करने के लिए स्क्रब करके पैक लगाएं। हाथों की ब्लीचिंग भी की जा सकती है। 3. स्क्रबिंग के लिए होममेड स्क्रब जैसे चीनी और बेसन का यूज करें और ताजे फलों का पैक लगाएं। चीनी से सक्रब करने के लिए हथेलियों को गीला करके थोडी सी चीनी लें और तब तक हाथों की मसाज करें जब तक चीनी घुल ना जाए। फिर साफ पानी से हाथ धो लें। इसी तरह 1 चम्मच बेसन में थोडा नींबू का रस, हल्दी और कच्चाा दूध या मलाई मिलाएं। इसे हाथों पर लगा कर स्क्रब करें। 4. सनस्क्रीन ना सिर्फ आपके चेहरे के लिए, बल्कि बॉडी के उन सभी पाट्र्स के लिए जरूरी है, जो सीधे धूप के सम्पर्क में आते हैं। घर से बाहर निकलते समय 15 मिनट पहले चेहरे के साथ-साथ हाथों पर भी सनस्क्रीन लगाएं। 5. नाखूनों के क्यूटिकल्स की भी देखभाल करें। हाथ रूखें हो जाने पर क्यूटिकल्स निकल आते हैं, जिनसे हो कर गंदगी और बैक्टीरिया हमारे शरीर में घुस जाते हैं। हाथ धोने के बाद शिया बटर युक्त मॉइश्चराइजर लगाएं। चाहें, तो नाखूनौं के बेस पर थोडा सा लिप बाम भी लगा सकती हंै। 6. हटाए झुर्रियां हाथों में आयी झुर्रियां आपको अपने हाथ छिपाने के लिए मजबूर ना करें इाके लिए जरूरी है कि हैंड रिजूविनेशन ट्रीटमेंट अपनाया जाए। डर्मा फिल्र्स जैसे ज्यूवडर्म इसके लिए बेहद करागर उपचार है। इस ट्रीटमेंट में हाइएल्यूरोनिक एसिड जैल का इस्तेमाल किया जाता है। यह हमारी स्किन का एक कुरती तत्व है, जो स्किन को वॉल्यूम देता है। इस ट्रीटमेंट के बाद हाथ भरे-भरे दिखते हैं, स्किन का टेक्सचर बेहतर होता है और स्किन में कोलेजन बन कर स्किन में कसाव आता है। हाथों की झुर्रियां हटाने के लिए भी यह अच्छा ट्रीटमेंट है।  

खाटूश्यामजी मंदिर के पास बवाल, श्रद्धालुओं के साथ पुलिस की झड़प

राजस्थान राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी एक बार फिर हिंसा और अव्यवस्था की खबरों के चलते सुर्खियों में है। ताजा मामला सीकर जिले के रींगस स्थित खाटूश्याम मंदिर का है, जहां श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच हुई झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में लाठी-डंडों से की गई मारपीट और भगदड़ के दृश्य सामने आए हैं, जो मंदिर की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। वायरल वीडियो में दिखी बर्बरता वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भीड़ के बीच युवकों और दुकानदारों ने एक-दूसरे पर लाठियां बरसाईं। महिलाएं चीखती-चिल्लाती रहीं लेकिन बर्बरता नहीं रुकी। लाठी-डंडे हवा में लहरते रहे और जो भी सामने आया, उसे पीटा गया। कुछ लोगों के सिर फूटने और चोटिल होने की भी बात सामने आई है। मारपीट इतनी भीषण थी कि श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से FIR दर्ज नहीं हुई है। स्थानीय पुलिस ने सिर्फ यह बताया कि मामले की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है। लेकिन एक के बाद एक ऐसी घटनाओं का सामने आना यह दर्शाता है कि मंदिर प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह विफल नजर आ रहे हैं। कुछ दिन पहले भी हुआ था बड़ा अपराध यह पहली बार नहीं है जब खाटूश्याम मंदिर की व्यवस्था सवालों के घेरे में आई हो। कुछ दिन पहले चिड़ावा निवासी भगवती प्रसाद सोनी की लाखों रुपये की चोरी भी इसी परिसर में हुई थी। वे अपने परिवार के साथ शादी की 50वीं सालगिरह मनाने आए थे, लेकिन इसी दौरान ढाई लाख नकद और 25 ग्राम सोना अज्ञात युवकों ने उनके बैग से उड़ा लिया। सीसीटीवी फुटेज में घटना की कुछ झलकियां कैद होने के बावजूद अब तक आरोपियों का सुराग नहीं मिला। क्राइम के केंद्र में धार्मिक स्थल? पिछले कुछ महीनों में खाटूश्यामजी मंदिर परिसर अपराध और अव्यवस्था का नया गढ़ बनता जा रहा है। जहां एक ओर लाखों श्रद्धालु भगवान श्याम के दर्शन के लिए आते हैं, वहीं दूसरी ओर जेबकतरे, झगड़े, चोरी और हिंसा जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। प्रशासन की लापरवाही, मंदिर ट्रस्ट की निष्क्रियता और पुलिस की सुस्त कार्यशैली इस पवित्र स्थल को अपराधियों के लिए सुरक्षित जगह बना रही है। अब क्या? इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि मंदिर जैसी आस्था की जगह पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं आखिर क्यों हो रही हैं? क्या यह सिर्फ आपसी विवाद है या फिर इसके पीछे संगठित अपराध या दबंगई का एंगल भी हो सकता है? यह जानना और जांचना पुलिस के लिए जरूरी है। अगर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। आस्था के केंद्र को अपराध का अड्डा बनने से रोकना होगा – नहीं तो न भगवान बचाएंगे, न कानून।  

सीएम साय की अध्यक्षता में कैबिनेट, हुआ 12 अहम फैसले

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1-    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के उचित प्रबंधन हेतु अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके वर्ष 2005, 2006, 2007, 2008 तथा 2009 बैच के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किये जाने हेतु 30 सांख्येतर पद निर्मित कर वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 2-    मंत्रिपरिषद द्वारा जनजातीय समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवा, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों के संस्थागत विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन (PanIIT) के मध्य एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन को मंजूरी प्रदान की गई। इस ज्वाइंट वेंचर कंपनी के माध्यम से अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समुदायों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग के लोगों को संस्थागत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से सशक्त एवं विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन एवं पैन आईआईटी का ज्वाइंट वेंचर वंचित समुदायों के विकास के लिए आदिवासी उपयोजना, अनुसूचित जाति उपयोजना आदि के अप्रयुक्त फंड का अभिसरण कर आजीविका एवं सामाजिक आर्थिक बदलाव के लिए कार्य करेगा। कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्य पैन आईआईटी द्वारा किया जाएगा। प्रशिक्षित युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कौशल के साथ फॉरेन लैग्वेज सिखाने का कार्य किया जाएगा। पैन आईआईटी द्वारा प्रशिक्षण देने के लिए जिला प्रशासन एवं विभागों द्वारा आवश्यक शासकीय भवनों का पहचान किया जाएगा एवं उसे ज्वाइंट वेेन्चर कंपनी को हस्तांतरित किया जाएगा। पैनआईआईटी, आईआईटी के पूर्व छात्रों द्वारा बनाई गई सोसायटी है जो राज्य सरकारों के साथ गैर लाभकारी संयुक्त उपक्रम बनाकर, राष्ट्रनिर्माण मिशन, व्यवसायिक, आजीविका शिक्षा व्यवस्था एवं ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वंचित समुदायों के आय में सुधार लाने का कार्य करती है। 3-    मंत्रिपरिषद द्वारा पुराने वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 4-    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम-1994 के नियम, 55 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत वाहन स्वामी अपने पुराने वाहन के फैंसी या च्वाइस नंबर को नए या किसी अन्य राज्य से लाए गए उसी श्रेणी के वाहन में उपयोग कर सकेंगे, इसके लिए आवश्यक शुल्क का भुगतान करना होगा। यदि पुराना नंबर सामान्य नंबर था तो छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम 1994 के नियम 55(2)(ग) के अनुसार आवश्यक शुल्क भरने के बाद इसका उपयोग संभव होगा। यह सुविधा केवल नए वाहन के पंजीयन या अन्य राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर आए वाहनों पर लागू होगी, पहले से राज्य में पंजीकृत वाहनों पर नहीं। शासकीय वाहनों के लिए भी यह सुविधा मिलेगी, इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा। 5-    छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 6-    मंत्रिपरिषद ने राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार के जरिए सशक्त बनाने के लिए छात्र स्टार्ट-अप और नवाचार नीति लागू करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस नीति का उद्देश्य छात्र-केंद्रित नवाचार और इन्क्यूबेशन सिस्टम बनाना, साथ ही बौद्धिक संपदा जागरूकता बढ़ाना है। जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार केंद्र स्थापित करना और कृषि, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य व विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान देना भी इस नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं। इस नीति का लक्ष्य है राज्य के 100 तकनीकी संस्थानों के 50 हजार छात्रों तक पहुंच बनाना, 500 प्रोटोटाइप्स का समर्थन करना, 500 बौद्धिक संपदा अधिकार फाइल करना और 150 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट करना। इससे युवाओं को नई सोच और तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी। 7-    छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप पर अनुमोदन किया गया। 8-    मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र (State Capital Region) के विकास के लिए संबंधित प्राधिकरण की स्थापना हेतु विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर अटल नगर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए इस क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए यह प्राधिकरण कार्य करेगा। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के लिए योजना बनाना, निवेश को बढ़ावा देना, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का काम करेगा। 2031 तक इस क्षेत्र में लगभग 50 लाख लोग रहने की संभावना है, इसलिए भूमि का प्रभावी उपयोग और पर्यावरण की रक्षा करते हुए शहरी विकास सुनिश्चित करना जरूरी है। इस तरह राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों को बेहतर, सतत और सुव्यवस्थित बनाने में मदद करेगा। 9-    छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे अंतर्राज्यीय लेनदेन में इनपुट सेवा वितरक के नियम और अधिक प्रभावी तथा केंद्र सरकार के वित्त अधिनियम, 2025 के संशोधनों के अनुरूप यह होगा। 10-    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के छोटे और मध्यम व्यापारियों को प्रोत्साहित करने तथा न्यायालयों में लंबित कर संबंधी मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। 11-    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे नक्शा बंटवारे और अभिलेखों के अद्यतनीकरण में सहूलियत होगी अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी, जियो-रेफरेंस मैप से भविष्य में कानूनी विवाद कम होंगे। नामांतरण की प्रक्रिया आसान होगी। भूमि धारक की मृत्यु पर संयुक्त खाताधारकों और वारिसों को नामांतरण में सहूलियत होगी। भवन या भूखंड का हस्तांतरण भूमि के अनुपात में हो सकेगा। औद्योगिक नीति, आवास योजना और नगरीय विकास की प्रक्रियाएं सरल होंगी। 12-    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 में संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

एक बगिया मां के नाम परियोजना का प्रशिक्षण 12 जुलाई को

भोपाल "एक बगिया मां के नाम" परियोजना अंतर्गत परियोजना अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) एवं D.P.M. (SRLM) का एक दिवसीय प्रशिक्षण 12 जुलाई को डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी सभागार, विकास भवन अरेरा हिल्स, भोपाल में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्व सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर प्रदेश में "एक बगिया मां के नाम" परियोजना शुरू की गई है। परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश रोजगार गारंटी परिषद द्वारा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में "एक बगिया माँ के नाम" परियोजना अंतर्गत व्यक्तिगत / फलोद्यान के लिये तैयारी, भूमि चयन, पौधों की प्रजाति चयन, देखभाल, सुरक्षा एवं शतप्रतिशत उत्तरजीविता सुनिश्चित करते हुए वैज्ञानिक तकनीकियों का उपयोग पर पौधरोपण की बारीकियों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने शहरी विकास के लिये 12 हजार 360 करोड़ रुपये की दी सौगातें

15 हजार से अधिक रोजगार के नये अवसर होंगे सृजित प्रदेश के सभी शहरों में आयोजित करेंगे ग्रोथ कॉन्क्लेव रियल एस्टेट आज देश का सबसे अधिक प्रोग्रेसिव सेक्टर गिफ्ट सिटी के जैसे मध्यप्रदेश में भी 10 सिटी बनाएंगे सौर ऊर्जा, ग्रीन फील्ड हाईवे, टाउनशिप और स्मार्ट सिटी परियोजना को देंगे बढ़ावा प्रदेश में 10 लाख नए आवास तैयार किये जायेंगे शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा इकोनॉमिक टाइम्स अर्बन ग्रोथ 2025 पुस्तिका का हुआ विमोचन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रियल एस्टेट आज देश का सबसे अधिक प्रोगेसिव सेक्टर है और यह सेक्टर देश के नवनिर्माण में बड़ा सहयोग दे रहा है। रियल एस्टेट के विकास में ही देश का विकास अंतर्निहित है। हम इस सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश के सभी बड़े शहरों में इसी तरह की ग्रोथ कॉन्क्लेव करके और सबको घर मुहैया कराकर नागरिकों के जीवन में खुशहाली लायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर देश की जीडीपी में अब 8.5 प्रतिशत तक योगदान दे रहा है, जो कभी मात्र 3 प्रतिशत हुआ करता था। उन्होंने गुजरात की ‘गिफ्ट सिटी’ का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी ही 10 स्मार्ट सिटीज़ मध्यप्रदेश में विकसित की जाएंगी। उन्होंने घोषणा की है कि प्रदेश में 10 लाख नए आवास तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सेक्टरों के लिए विशेष ग्रोथ कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति और नई दिशा मिलेगी। प्रदेश के समग्र शहरी विकास और रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर स्थित ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में ‘मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में उद्योग, होटल, रियल एस्टेट, एजुकेशन, रिन्यूअल एनर्जी, आईटी आदि क्षेत्रों में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे प्रदेश में 15 हजार से अधिक रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे और शहरी एवं औद्योगिक विकास को नई ऊचाईयां प्राप्त होंगी। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विकास के लिये 12 हजार 360 करोड़ रुपये की सौगातें भी दी। उन्होंने मुख्य रूप से जल प्रदाय, सीवरेज, स्वच्छता और अधोसंरचना निर्माण के लिये 5 हजार 454 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 65 हजार से अधिक हितग्राहियों को 2 हजार 799 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान भी वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, ग्रीन फील्ड हाईवे, टाउनशिप और स्मार्ट सिटी परियोजना को बढ़ावा दिया जायेगा। कॉन्क्लेव में प्राप्त निवेश प्रस्ताव कॉन्क्लेव में सर्वाधिक 12 हजार 473 करोड़ रुपये का निवेश औद्योगिक क्षेत्र में प्राप्त हुआ है। इसी तरह होटल क्षेत्र में 3 हजार 344 करोड़ रूपये, रियल एस्टेट क्षेत्र में 1812.14 करोड़ रुपये, एजुकेशन क्षेत्र में 72.45 करोड़ रूपये, रिन्यूअल एनर्जी क्षेत्र में 500 करोड़ रूपये तथा आईटी क्षेत्र में 100 करोड़ रूपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत 12 निवेशकों से 2 हजार 784 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिये एक हजार 320 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेक्स्ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज ऑफ टुमारो कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश के शहरों को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि सुलभ, स्विफ्ट और सुरक्षित परिवहन, किसी भी आधुनिक शहर की रीढ़ होते हैं। भविष्य की ट्रांसपोर्टेशन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर शहरों में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 582 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरों के सर्वांगीण विकास के लिये दी सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में प्रदेश के शहरों के सर्वांगीण विकास के लिये 12 हजार 500 करोड़ रुपये की सौगातें प्रदान की। मुख्य रूप से इंदौर शहर के लिए अमृत 2.0 अंतर्गत जलप्रदाय एवं सीवरेज योजना हेतु 2,382.03 करोड़ रुपये की सौगात दी गई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उपयोगित जलप्रदाय प्रबंधन और अधोसंरचना विकास हेतु 257 परियोजनाओं के लिए 3,562.27 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 अंतर्गत 45,503 हितग्राहियों का गृह प्रवेश करवाया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 अंतर्गत 19,541 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कुल 65,044 हितग्राहियों को 2,799.26 करोड़ रूपये की राशि अंतरण की गई। शहरी विकास को गति देने के लिये हुए महत्वपूर्ण एमओयू शहरी प्रशासन के विविध घटकों को टेक्नॉलॉजी के माध्यम से इंटीग्रेट करके अधिक कार्यकुशल बनाने के लिए मध्यप्रदेश शासन और भास्कराचार्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। नगरीय विकास विभाग के अन्तर्गत मध्यप्रदेश शहरी विकास कंपनी और हाउसिंग और शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुड़को) के मध्य समझौता निष्पादन हुआ। मध्यप्रदेश शासन और IIM इंदौर के बीच सिंहस्थ 2028 की कार्ययोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए एमओयू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से की रूबरू चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों से चर्चा की और निवेश की संभावनाओं पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया। डॉ. यादव ने मुख्य रूप से हुडको के अध्यक्ष श्री संजय कुलश्रेष्ठ , पटेल इंफ्रा के श्री अरविंद विदुलभाई पटेल, आईटीसी के श्री आशीष पाल, एमकेसी इंफ्रा के श्री केतन पटेल, ओमेक्स ग्रुप के श्री मोहित गोयल, मेडुला सॉफ्ट प्राइवेट लिमिटेड के श्री शांतनु शर्मा, राठी स्टील लिमिटेड के श्री ध्रुव राठी, मध्यप्रदेश होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के श्री सुमित सूरी, टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की सुश्री प्रीति पटेल, डापलमायर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रफुल्ल चौधरी, साई ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड के श्री रितेश दास से रु-ब-रु होकर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ ही मेट्रो से लेकर मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट, झील संरक्षण से लेकर स्मार्ट कमाण्ड सेंटर तक हर क्षेत्र में तेज गति और व्यापक पैमाने पर कार्य शुरू किये गये हैं यह एक शुरूआत है। इसे आगे भी सबके सहयोग से तेज गति … Read more

मंत्री सुश्री भूरिया महिला बाल विकास पर पश्चिमी राज्यों की ज़ोनल मीट में होंगी शामिल

भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 12 जुलाई 2025 को गुजरात के केवड़िया में आयोजित होने जा रही “पश्चिमी क्षेत्रीय राज्यों की ज़ोनल मीट” में मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। बैठक केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला एवं बाल विकास योजनाओं के बेहतर समन्वयन और क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श, केंद्र एवं राज्यों के बीच नीतिगत सहयोग और अनुभवों का आदान-प्रदान, पोषण, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण संबंधी कार्यक्रमों की समीक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान के लिए साझा रणनीति तैयार करना है। बैठक में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, मध्यप्रदेश, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली के महिला एवं बाल विकास विभागों के मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया बैठक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लाड़ली बहना योजना, मोटी आई, सक्षम आंगनवाड़ी अभियान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया, एकीकृत बाल संरक्षण सेवाएं और पोषण ट्रैकिंग जैसे नवाचारों की जानकारी साझा करेंगी। बालिकाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये राज्य में किए जा रहे प्रभावशाली प्रयासों की प्रस्तुति भी देंगी।  

मुस्लिम देशों की बदलती रणनीति: अब्राहम अकॉर्ड से जुड़ने की होड़ शुरू

वॉशिंगटन अब्राहम अकॉर्ड में एक और इस्लामिक देश शामिल हो सकता है। इसके साथ ही इसमें शामिल होने वाले देशों की संख्या 5 हो जाएगी। 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में यह अग्रीमेंट कराया था, जिसमें इजरायल के साथ यूएई, मोरक्को, बहरीन और सूडान ने करार किया था। यह पहला मौका था, जब किसी इस्लामिक देश ने इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य करने की पहल की थी। फिलिस्तीन से जंग के चलते इजरायल हमेशा ही इस्लामिक मुल्कों के टारगेट पर रहा है। यही कारण है कि इजरायल और अमेरिका चाहते हैं कि अब्राहम अकॉर्ड के बहाने तस्वीर को बदल दिया जाए। इसी के तहत अब एक और इस्लामिक देश मॉरिटानिया को साथ लाने की तैयारी है। मॉरिटानिया अरब लीग का सदस्य है और उसकी अब्राहम अकॉर्ड में एंट्री इस्लामिक दुनिया में बड़ी हलचल पैदा कर देगी। यदि उसकी एंट्री हुई तो अब्राहम अकॉर्ड में आने वाला वह 5वां मुस्लिम मुल्क होगा। इसका ऐलान कभी भी हो सकता है। हालांकि इस बारे में अब तक अमेरिका या इजरायल की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। Semafar की न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी अफ्रीकी देश के नेता की मुलाकात वाइट हाउस में बेंजामिन नेतन्याहू से होगी। यह मुलाकात अमेरिका-अफ्रीका समिट से इतर होगी। इस मीटिंग में फैसला हो सकता है कि मॉरिटानिया कब अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होगा। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि सीरिया को लेकर भी चर्चा है कि वह अब्राहम अकॉर्ड का हिस्सा हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया से सभी आर्थिक प्रतिबंध हटा दिए हैं। इससे पहले सीरियाई लीडर अहमद अल शारा से सऊदी अरब में मुलाकात भी की थी। माना जाता है कि सीरिया को अब्राहम अकॉर्ड में लाने के लिए ही ट्रंप ने यह उदारता दिखाई है। यही नहीं लेबनान को लेकर भी कहा जा रहा है कि वह इजरायल के साथ संबंध बेहतर करने की दिशा में कदम उठा सकता है। मॉरिटानिया ने 2010 में तोड़ लिए थे इजरायल से सारे रिश्ते मॉरिटानिया ने 2010 में इजरायल के साथ अपने सभी संबंध समाप्त कर लिए थे। उत्तर पश्चिम अफ्रीका के मुस्लिम देश मॉरिटानिया का क्षेत्रफल 10 लाख वर्ग किलोमीटर है। ऐसे में एक बड़े देश के आने से इजरायल और अमेरिका को ताकत मिलेगी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप भी बीते कुछ दिनों में कई बार दोहरा चुके हैं कि अब्राहम अकॉर्ड का विस्तार होने वाला है। नेतन्याहू का भी कहना है कि अब अब्राहम अकॉर्ड का विस्तार करने के लिए तैयार हैं। इससे मिडल ईस्ट के देशों में शांति और स्थिरता आएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति के पथ पर बढ़ रहा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति के पथ पर बढ़ रहा है। भारत वसुधैव-कुटुम्बकम की संस्कृति पर चल रहा है, जहाँ पूरा विश्व एक परिवार की तरह है। जब सारा विश्व युद्ध में झुलस रहा है, तब भारत जियो और जीने दो का संदेश देकर अपनी उदार संस्कृति का परिचय दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर के केसरबाग क्षेत्र में एक बगिया माँ के नाम नगर वन निर्माण का भूमि पूजन एवं पौधारोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह संयोग है कि आज श्रावण माह का पहला दिन है और इसी दिन केसरबाग में "एक बगिया माँ के नाम" के तहत इंदौर को हरा-भरा और सुंदर बनाने का संकल्प लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के लोग प्रारंभ से ही प्रकृति के निकट रहे हैं और उन्होंने प्रकृति में भी परमात्मा के दर्शन किये है। कार्बन उत्सर्जन को दूर करने में पौधों की बड़ी भूमिका है। पेड़ ऋषि-मुनि के समान होते है, जो प्रकृति से कम और लेते देते अधिक हैं। पौधों में प्राण होते है और भारत के महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र बसु ने वैज्ञानिक रूप से सिद्ध करके दिखाया कि पौधों मे प्राण होते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केसरबाग में आम के पौधे का रोपण किया। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि क्लॉथ मॉर्केट एसोसिएशन ने शासन को केसरबाग में जो चार एकड़ से अधिक जमीन पौधारोपण के लिए दी है, उस पर 51 हजार से अधिक पौधे लगाकर इसे सुन्दर और प्रदेश की सबसे बड़ी बगिया बनाया जाएगा। बगिया में फलदार और औषधीय पौधे लगाये जायेंगे। बीते वर्ष हमने एक दिन में रेवती रेंज मे 12 लाख 40 हजार से अधिक पौधारोपण कर इतिहास रचा था। वर्तमान में सभी पौधे जीवित है और लहरा रहे है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि इस मानसून में इंदौर जिले में 7 लाख पौधों का रोपण हो चुका है और आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में विभिन्न सामाजिक संस्थाएं हजारों की संख्या में पौधारोपण करेंगी। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बेहतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकृति प्रेमी है और वे जल संरक्षण एवं जल संर्वधन की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। मुनि श्री आचार्य विभोव सागर महाराज ने कहा कि पर्यावरण जीवन का आधार और संस्कृति का संरक्षक है। जहॉ वृक्ष होते है, वहाँ बादल अधिक बरसते हैं हर व्यक्ति अपने आंगन में एक पेड़ अवश्य लगाये। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री मधु वर्मा, श्री महेद्र हार्डिया, श्रीमती मालिनी गौड़, सुश्री उषा ठाकुर, श्री गोलू शुक्ला आदि शामिल थे।  

रुचि पहचानकर बनें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज विशेषज्ञ, सवांरे अपना भविष्य

आईटी सेक्टर में प्रोफेशनल्स की मांग बनी हुई है। आज भी यह सेक्टर ट्रेंड प्रोफेशनल्स की कमी से जूझ रहा है। यह जरूरी नहीं कि इस क्षेत्र में प्रवेश लेने के लिए आपके पास बड़ी-बड़ी डिग्रियां हों। वेबसाइट बनाने से लेकर कई अन्य प्रोग्राम्स बनाने में कंप्यूटर लैंग्वेज का हुनर जरूरी है। प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीख कर आप आईटी क्षेत्र में कैसे प्रवेश कर सकते हैं, बता रहे हैं हम…. विभिन्न सर्वेक्षणों से यह बात सामने आई है कि आईटी सेक्टर में जॉब की कोई कमी नहीं है। देश में ही नहीं, ट्रेंड प्रोफेशनल्स के लिए विदेशों में भी नौकरी के अवसर बने हुए हैं। बस जरूरत है तो अपनी रुचि पहचान कर उसका विशेषज्ञ बनने की। अगर आप भी आईटी सेक्टर में करियर का सपना बुन रहे हैं तो आपको कुछ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर मजबूत पकड़ बनानी होगी। दरअसल ये लैंग्वेज मोबाइल एप और वेबसाइट्स बनाने से लेकर डेटा एनालिसिस जैसे कई कार्यों में मददगार होती हैं। जावास्क्रिप्ट इस समय नए-नए व उपयोगी एप्स बनाने में जावास्क्रिप्ट की बड़ी भूमिका है। जावा और जावास्क्रिप्ट में सिर्फ नाम की ही समानता है। जावास्क्रिप्ट का इस्तेमाल वेब एप्स बनाने में किया जाता है। मॉडर्न वेब को बनाने में जावास्क्रिप्ट का इस्तेमाल बखूबी किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल करने वालों को बस एक शिकायत रहती है कि इसकी वजह से वेबसाइट की ब्राउजिंग धीमी हो जाती है। इसके अलावा आज जावास्क्रिप्ट का इस्तेमाल वेब पेजेज में फॉर्म्स ऑथेंटिकेशन, ब्राउजर डिटेक्शन और डिजाइन इम्प्रूव करने में किया जा रहा है। आपके फेवरेट ब्राउजर क्रोम एक्सटेंशंस, एपल के सफारी एक्सटेंशंस, एडोब एक्रोबैट रीडर और एडोब क्रिएटिव सूट जैसी एप्लिकेशंस जावास्क्रिप्ट कोडिंग के बिना अधूरी हैं। मशहूर एप्स और ब्राउजर को तो आपने कई बार इस्तेमाल किया होगा, क्यों न इनके अपग्रेड हो रहे सफर में शामिल हुआ जाए। पीएचपी आज अधिकतर वेबसाइट्स पीएचपी पर बनाई जाती हैं। याहू, फेसबुक, वर्डप्रेस जैसी कई कंपनियों ने न सिर्फ अपनी वेबसाइट्स इसी लैंग्वेज में बनाईं, बल्कि साइट के रखरखाव में भी इसी लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप भी चाहते हैं कि ऐसी किसी बड़ी कंपनी में बतौर प्रोफेशनल जुड़ें तो लैंग्वेज की जानकारी इन कंपनियों में जॉब पाने का एक माध्यम बन सकती है। वेबसाइट्स बनाने के लिए पीएचपी बहुत ही कॉमन लैंग्वेज है। हालांकि कई प्रोग्रामर्स ऐसे भी हैं, जिन्हें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के तौर पर पीएचपी पसंद नहीं। हाई-स्पीड स्क्रिप्टिंग और ऑगमेंटेड कंपाइलिंग कोड प्लगिंग्स जैसी खासियतों के चलते इस लैंग्वेज का फ्यूचर ब्राइट है। पीएचपी से जुड़े कोर्स कर लेने के बाद आप वेब डिजाइनर और वेब डेवलपर जैसे पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। दरअसल पीएचपी सर्वर स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है, जिसका इस्तेमाल वेब डेवलपमेंट के साथ आम प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में भी होता है। ओपन सोर्स होने की वजह से पीएचपी का आज 24 करोड़ से ज्यादा वेबसाइट्स और 20 लाख वेब सर्वर्स में इस्तेमाल हो रहा है। वेब डिजाइनर के रूप में आप शुरुआत में 15 हजार से 20 हजार रुपए पा सकते हैं। अनुभव के बाद अच्छी सेलरी मिलती है। सी सी सबसे पुरानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में से एक है। यहां तक कि कंप्यूटर की थोड़ी बहुत जानकारी रखने वाले के लिए भी सी जाना-पहचाना नाम है। आज भी बहुत सी आईटी कंपनियों में सी प्रोग्रामर की बहुत डिमांड है। इस लैंग्वेज को 70 के दशक में विकसित किया गया था। इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि 1978 में द सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज नाम की 800 पन्नों की एक किताब तक छप गई। यह किताब आज भी मशहूर है। सी लैंग्वेज को सीखने और इसमें एक्सपर्ट होने के बाद आपके लिए देश-विदेश में जॉब की कोई कमी नहीं होगी। आप इस क्षेत्र में काफी आगे तक जा सकते हैं। जावा आज इस लैंग्वेज का इस्तेमाल न सिर्फ कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में किया जाता है, बल्कि मोबाइल फोन आदि की एप्लिकेशन में भी इसके बगैर काम नहीं चलता। दरअसल जावा ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है। इसे क्लाइंट-साइड लैंग्वेज भी कहा जाता है, क्योंकि ईजी कमांड्स, ईजी कोड्स होने की वजह से यह क्लाइंट-साइड वेब ब्राउजर में इस्तेमाल की जाती है। जावा कोर्स करके आप वेब डेवलपर, प्रोग्रामर जैसी जॉब के लिए कोशिश कर सकते हैं। इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की सहायता से एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर बनाना आसान होता है। जावा एक बड़ी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, इसीलिए कंपनी ने इसे कई भागों में बांटा हुआ है। यानी आप बतौर प्रोग्रामर्स जिस वर्ग से संबंधित सॉफ्टवेयर का विकास करना चाहते हैं, उसी में विशेषज्ञता हासिल करें। जावा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पोर्टेबिलिटी व सुरक्षा है। आज दुनियाभर में यह सबसे लोकप्रिय प्रोग्रामिंग लैंग्वैज है। आज हर दिन नई-नई एप सामने आ रही हैं। इन एप को बनाने में जावा की अहम भूमिका होती है। ऑब्जेक्टिव सी सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज काफी पुरानी और एक सफल लैंग्वेज रही है। इसी से प्रेरित होकर बाद में इससे मिलते-जुलते नाम से अन्य लैंग्वेज भी विकसित की गईं। इन्हीं में से एक है ऑब्जेक्टिव सी। सी से प्रेरित होकर बनी इस लैंग्वेज में कई नए एडवांस फीचर जोड़े गए। अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में आईफोन के एप्स बनने में आपकी भी भूमिका हो तो यह लैंग्वेज आपके करियर को ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। दरअसल इस लैंग्वेज का इस्तेमाल आमतौर पर आईफोन की एप्स बनाने में किया जा रहा है। वैसे एपल कंपनी ऑब्जेक्टिव सी के साथ अपनी बनाई हुई लैंग्वेज का भी इस्तेमाल करती है। यूं समझें कि ऑब्जेक्टिव सी आपको एक बेहतरीन करियर देने के लिए बनी है।    पर्ल जब भी टेक्स्ट प्रोसेसिंग की बात आती है तो पर्ल लैंग्वेज को ही याद किया जाता है। पर्ल लैंग्वेज को 80 के दशक में नासा के एक इंजीनियर ने बनाया था। बतौर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज यह एक प्रभावशाली भाषा है। इंजीनियर्स इसे द डक्ट टेप ऑफ द वेब टैग नाम से जानते हैं। इस भाषा में प्रोग्रामिंग करना न सिर्फ आसान है, बल्कि काफी फ्लैक्सिबल भी है। पर्ल को मल्टीटास्किंग लैंग्वेज के रूप में जाना जाता है। सिस्टम प्रोग्रामिंग की कितनी ही मुश्कि लें क्यों न हों, पर्ल लैंग्वेज में सभी हल हैं। इस भाषा में लिखी गई प्रोग्रामिंग पर्ल स्क्रिप्ट के रूप में जानी जाती है। पर्ल की कई खूबियां हैं, जो अपनी समकक्ष भाषाओं से … Read more