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अडानी पर फिर बरसे राहुल, कहा- ओडिशा और केंद्र की सत्ता उन्हीं के हाथ में

भुवनेश्वर कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को ओडिशा के भुवनेश्वर पहुंचे. जहां संविधान बचाव समावेश के तहत लोगों को संबोधित किया. इस दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर हमला किया. उन्होंने कहा, ओडिशा की सरकार अडानी चलाते हैं, उनके लिए जगन्नाथ के रथ रोके गए. साथ ही उन्होंने कहा,गरीबों , दलितों को सरकार में जगह नहीं मिलती है. सबसे पहला काम जातीय जनगणना है. इससे गरीबो, दलितों को अपनी सच्ची शक्ति समझ आएगी. राहुल गांधी ने कहा ओडिशा हो या छत्तीसगढ़, सिर्फ एक ही नाम दिखाई देता है- अडानी.. अडानी.. अडानी… मतलब अडानी ओडिशा की सरकार चलाते हैं, नरेंद्र मोदी को चलाते हैं। जब ओडिशा में श्री जगन्नाथ रथ यात्रा निकलती है, तो लाखों लोग रथ के पीछे चलते हैं। फिर एक ड्रामा होता है और यात्रा के रथ को अडानी और उनके परिवार के लिए रोका जाता है।ये ओडिशा की सरकार नहीं है- ये अडानी जैसे 5-6 अरबपतियों की सरकार है। राहुल ने कहा मैं आपसे पूछना चाहता हूं- आपकी सरकार ने ओडिशा के युवाओं को कितना रोजगार दिया है? ये जो बड़ी-बड़ी इंडस्ट्रीज आती हैं, बड़ी-बड़ी कंपनियां आती हैं, वो आपकी जमीन ले जाती हैं, आपका धन, आपकी प्राकृतिक दौलत ले जाती हैं। लेकिन ये आपके कितने लोगों को रोजगार देती हैं? ये पहले आपके छोटे बिजनेस, छोटी कंपनियों और स्मॉल-मीडियम बिजनेस को खत्म करती हैं और फिर आपकी जमीन, आपका धन, आपका जंगल, आपका जल उठाकर ले जाती हैं। देश में विकास 2-3% लोगों के लिए या 2-3 अरबपतियों के लिए नहीं किया जाता है। विकास ओडिशा की जनता के लिए, गरीब लोगों के लिए, किसानों के लिए किया जाना चाहिए। यहां की सरकार 24 घंटा आपका धन, आपका जंगल और आपकी जमीन आपसे छीनती है। आपको जमीन से हटा देती है, सही मुआवजा नहीं देती, आपको डराती-धमकाती है।हमारे आदिवासी भाई, किसान, मजदूर… जिन पर भी सरकार आक्रमण कर रही है, जिनके खिलाफ भी अत्याचार हो रहा है- उनके साथ कांग्रेस पार्टी के नेता खड़े मिलेंगे, मैं खड़ा मिलूंगा।मैं आपसे कह रहा हूं- कांग्रेस पार्टी आपको पट्टा दिलाकर रहेगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा ओडिशा BJP का मॉडल है। ये लोग 5-6 बड़ी कंपनियों को आपका पूरा का पूरा धन दे रहे हैं।मैं अभी किसानों और महिलाओं के डेलिगेशन से मिला, उनकी आवाज़ सुनी, उनका दुख-दर्द सुना। जल, जंगल और जमीन आदिवासियों के हैं और आदिवासियों के ही रहेंगे। यहां पर आदिवासियों को बिना पूछे, जमीन से हटा दिया जाता है, PESA कानून लागू नहीं किया जाता है। आदिवासियों को पट्टा नहीं दिया जाता है। यह जमीन उनकी है, जल उनका है, जंगल उनका है। कांग्रेस पार्टी PESA कानून लाई थी, ट्राइबल बिल लाई। इन कानूनों को हम लागू करके दिखाएंगे, आदिवासियों को उनकी जमीन वापस दिलवाएंगे। BJP लगातार संविधान पर आक्रमण कर रही है।जिस तरह से महाराष्ट्र में चुनाव चोरी किया गया, उसी तरह से बिहार में चुनाव चोरी करने की कोशिश की जा रही है।चुनाव चोरी करने के लिए चुनाव आयोग ने नई साजिश शुरू की है। चुनाव आयोग BJP का काम कर रहा है, अपना काम नहीं कर रहा है।महाराष्ट्र के लोक सभा और विधानसभा चुनाव के बीच एक करोड़ नए वोटर आ गए, लेकिन अभी तक किसी को नहीं मालूम यह वोटर कौन थे और कहां से आए।हमने चुनाव आयोग से कई बार कहा कि- हमें वोटर लिस्ट दीजिए, वीडियो दीजिए, लेकिन चुनाव आयोग नहीं दे रहा। ये लोग बिहार का चुनाव भी चोरी करना चाहते हैं, पर हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे। राहुल ने कहा कांग्रेस पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता- जिनके DNA में कांग्रेस है। आप हमारे बब्बर शेर हैं, जो ओडिशा की जनता की रक्षा करते हैं।ओडिशा की BJP सरकार का सिर्फ एक काम है, ओडिशा का धन गरीब जनता से चोरी करना। पहले BJD की सरकार यह करती आई, अब BJP की सरकार यही काम कर रही है। एक तरफ ओडिशा की गरीब जनता, दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, कमजोर लोग, किसान, मजदूर हैं। वहीं, दूसरी तरफ पांच-छह अरबपति और BJP की सरकार है। कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता ओडिशा की जनता के साथ मिलकर, इस लड़ाई को जीत सकता है, और कोई नहीं। 

देश के विकास में सरकार के लिये गये निर्णयों में सीएससी का गठन सबसे अग्रणीय निर्णय रहा: मंत्री सारंग

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर जहां एक ओर लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है, वहीं इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के साधन भी उपलब्ध हो रहे है। देश के विकास में सरकार के लिये गये निर्णयों में सीएससी का गठन सबसे अग्रणीय निर्णय रहा। आज भारत देश डिजिटल ट्रांजेक्शन के मामले में नम्बर एक पर है। मंत्री श्री सारंग ने यह बात सीएससी दिवस के उपलक्ष्य में आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यशाला में कहीं। इस अवसर पर सीएससी के राज्य प्रमुख श्री अतुलित राय भी उपस्थित थे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और कल्याण के कार्य किये जा रहे है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पारदर्शिता के साथ योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है, इसमें बीएलई की महत्वपूर्ण भूमिका है। हर व्यक्ति में ईमानदारी और कर्त्तव्य बोध है, इसे जगाने की जरूरत है। सीएससी के माध्यम से लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बीएलई प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लोगों और सरकार का काम कर रहे। उनके व्यवहार, आचरण और कार्य पद्धति से व्यवस्था परिलक्षित होती है। बीएलई द्वारा लोगों के किये गये कार्य से उसे पैसों के साथ दुआएं भी मिलती हैं। मंत्री श्री सारंग ने सुझाव दिया कि सीएससी में सुझाव और शिकायत की भी व्यवस्था हो और वर्ष में सीएससी में परफॉर्मेंस और उनके व्यवहार के आधार पर अवार्ड दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन बीएलई का व्यवहार अच्छा रहे उन्हें सम्मानित करें, जिससे दूसरे लोग भी प्रेरित हों। उन्होंने बीएलई से कहा कि सीएससी में सफाई व्यवस्था उसका उन्नयन और नवाचार करने से आपकी साख बढ़ेगी और विकसित भारत की परिकल्पना पूर्ण होगी। कार्यशाला में सीएससी पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। उज्जैन, अशोकनगर, डिण्डोरी, दमोह, पन्ना, छिंदवाड़ा के एक-एक बीएलई, छतरपुर, सिवनी, देवास के दो-दो कुल 12 बीएलई उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मानित किये गये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आश्वासन– कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में नहीं होगी कमी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी कावड़ यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के साथ अनुकूल व्यवस्थाएँ भी सुनिश्चित की जा रही है। इस संबंध में निर्देश जारी किये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन त्रिवेणी शनिमंदिर से कावड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कावड़ यात्रियों का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कावड़ का पूजन कर कावड़ उठाई और अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर संत श्री उत्तम स्वामी के साथ पैदल चलकर कावड़ यात्रा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी त्यौहार उत्साह के साथ मनाने की परम्परा राज्य सरकार ने शुरू की है। ईश्वर और संतजन के आशीर्वाद से उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियाँ तेजी से की जा रही है। हम इस सोच के साथ सभी तैयारियां कर रहे है कि वर्ष-2028 के बाद यदि प्रतिवर्ष सिंहस्थ जैसे आयोजन हों तो किसी प्रकार की समस्या न आये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन में संतों के लिये आश्रम और अन्य व्यवस्थाओं को जुटाने के लिये "सिंहस्थ धार्मिक सिटी" का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में उज्जैन आने वाले श्रृद्धालुओं के लिये सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया जल का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कावड़ यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में कई संस्कृतियाँ हैं, दुनिया में तो 194 देश है लेकिन कोई देश अपने कोई भी शुभ काम प्रारंभ करने के लिए जल के माध्यम से कोई संकल्प नहीं लेता है। भारतीय संस्कृति जल ही जीवन की संस्कृति और जीवन जीने की पद्धति रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर की कृपा से हम हजारों सालों से जल के गुणों से परिचित हैं। कावड़ यात्रा मे विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, श्री तपन भौमिक और संतों सहित बड़ी संख्या में श्रृद्धालु उपस्थित थे।

बालाघाट के भरवेली में नवनिर्मित पंचायत भवन का किया लोकार्पण

भोपाल मध्यप्रदेश में जिन ग्राम पंचायतों की आबादी 5 हजार से ज्यादा है उन पंचायतों में दो सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 10 से 12 ग्राम पंचायतों के क्लस्टर-क्लस्टर वाली ग्राम पंचायत में उप यंत्री का कार्यालय बनाया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को बालाघाट जनपद पंचायत के ग्राम भरवेली में 64 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित सर्व-सुविधायुक्त ग्राम पंचायत भवन के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते यह बात हुए कही। उन्होंने ग्राम पंचायत भवन परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं समाज सेविका माता सावित्री बाई फुले की प्रतिमा का अनावरण किया और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि भरवेली ग्राम पंचायत भवन लोकार्पण का कार्यक्रम यादगार दिन है। देश के विकास की रीढ़ माने जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी जी एवं महान समाजसेवी सावित्री बाई फुले की प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर सौभाग्य की बात है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल जी के प्रयासों से देश के गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा गया है। उनके द्वारा प्रारंभ की गई यह योजना आज भी फलीभूत हो रही है। समाजसेविका सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा के लिए जो काम किया है उसे भुलाया नहीं जा सकता है। आने वाले समय में प्रदेश में बिना भवन की कोई भी ग्राम पंचायत नहीं रहेगी। राज्य में चरण बद्ध रूप से ग्राम पंचायत भवन बनाए जा रहे हैं और उनके साथ ही सामुदायिक भवन भी बना रहे हैं। जिन ग्राम पंचायतों की आबादी 05 हजार से अधिक है वहां पर दो सामुदायिक भवन बनाये जाएंगे। भरवेली को भी इसका लाभ मिलेगा। मंत्री श्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान में बालाघाट जिले के प्रदेश में तृतीय स्थान पर आने के लिए सराहना करते हुए कहा कि बालाघाट जिले ने इस अभियान में अच्छा कार्य किया है। उन्होंने प्रशासन एवं जन-प्रतिनिधि बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15 जुलाई से 15 अगस्त तक सरकारी भूमि पर पौधारोपण का अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में पौधे लगाने के साथ ही उनके जीवित रहने की गारंटी भी ली जाएगी। पौधे उन्हीं स्थान पर लगाए जाएंगे जहां उनकी सुरक्षा के लिए फेंसिंग की व्यवस्था होगी और गर्मियों के दिनों में पानी की व्यवस्था होगी। 15 अगस्त से 15 सितंबर तक "एक बगिया मां के नाम" अभियान चलाया जाएगा और इसमें ऐसे महिला समूह जिनके पास 01 एकड़ भूमि उपलब्ध है उस पर फलों के पौधे लगवाए जाएंगे। महिला समूह को पहले वर्ष 02 लाख रुपए, दूसरे वर्ष 52 हजार रुपए एवं तीसरे वर्ष 48 हजार रुपए की राशि उनके कार्य की प्रगति पर दी जाएगी।  

8th Pay Commission का तोहफा, कर्मचारियों की सैलरी में होगी जबरदस्त बढ़ोतरी!

नई दिल्ली  करोड़ों सरकारी कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मचारी 8th Pay Commission के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच एक अच्छी खबर सामने आई है, जिससे उनकी खुशी और बढ़ गई है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी 30 से 34 % तक बढ़ सकती है। ब्रोकरेज फर्म एम्बिट कैपिटल का दावा ब्रोकरेज फर्म एम्बिट कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि 8वां वेतन आयोग, वेतन और पेंशन में 30-34% की वृद्धि कर सकता है, जिससे लगभग 1.1 करोड़ लोगों को लाभ होगा। उम्मीद है कि नया वेतनमान जनवरी 2026 से लागू हो जाएगा, लेकिन इसके लिए पहले वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार करनी होगी, फिर उसे सरकार को भेजना होगा और सरकार को उसे मंजूरी भी देनी होगी। अभी तक सिर्फ आयोग के गठन का ऐलान ही हुआ है। आयोग का अध्यक्ष कौन होगा और उसका कार्यकाल क्या होगा, ये फैसले अभी बाकी हैं।   किसे मिलेगा लाभ? 8वें वेतन आयोग से लगभग 1.1 करोड़ लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिनमें करीब 44 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 68 लाख पेंशनर्स शामिल हैं। 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, भत्ते (जैसे महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, परिवहन भत्ता) और रिटायरमेंट बेनिफिट में बढ़ोतरी होगी। क्या होता है फिटमेंट फैक्टर? नए वेतन तय करने का एक खास हिस्सा फिटमेंट फैक्टर होता है. यह वह संख्या है जिसका उपयोग मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है. उदाहरण के लिए सातवें वेतन आयोग ने 2.57 के फैक्टर का इस्तेमाल किया था। उस समय इसने न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह कर दी थी। रिपोर्ट के अनुसार इस बार फिटमेंट फैक्टर 1.83 और 2.46 के बीच हो सकता है. कर्मचारियों और पेंशनर्स को कितनी बढ़ोतरी मिलेगी, इसमें यह सटीक आंकड़ा अहम भूमिका निभाएगा। सैलरी बढ़ोतरी का इतिहास पिछले वेतन आयोगों ने भी सैलरी में महत्वपूर्ण वृद्धि दिखाई है:     छठा वेतन आयोग (2006): इसने कुल वेतन और भत्तों में लगभग 54% की वृद्धि दी थी।     सातवां वेतन आयोग (2016): यह लागू होने पर बेसिक सैलरी में 14.3% और अन्य भत्ते जोड़ने के बाद पहले साल में करीब 23 फीसदी की वृद्धि दिखाई थी। कैसे की जाती है सैलरी की कैलकुलेशन? एक सरकारी कर्मचारी की सैलरी में मूल वेतन, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन भत्ता (TA) और अन्य छोटे-मोटे लाभ शामिल होते हैं। समय के साथ मूल वेतन का हिस्सा कुल पैकेज के 65% से घटकर लगभग 50% रह गया है और अन्य भत्तों का हिस्सा इससे भी ज्यादा हो गया है। इन सभी को जोड़कर ही मासिक सैलरी दी जाती है। पेंशनर्स के लिए भी इसी तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे, हालांकि उन्हें HRA या TA नहीं दिया जाएगा।  

ट्राई साइकिल एवं सहायक उपकरण दिव्यांगजनों को सशक्त करने का माध्यम है : मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को बालाघाट के सांदीपनी विद्यालय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में 240 दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल एवं सहायक उपकरणों का वितरण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा लिल्हारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों को एक सम्मानजनक नाम दिया है। दिव्यांगजनों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए और उन्हें कहीं पर भी आवेदन करने की आवश्यकता नहीं पड़ना चाहिए। मंत्री श्री पटेल ने दिव्यांगजनों की पहचान कर उनके पंजीयन और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने में अच्छा कार्य करने के लिए बालाघाट जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि इस शिविर में दिव्यांगजनों को प्रदाय किए गए उपकरण एवं सामग्री उनके कष्ट कम कर सशक्त और स्वावलंबी बनाने में मदद करेंगे। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा ने कहा कि शासन की मंशानुसार बालाघाट जिले में दिव्यांगजनों का सर्वे कर उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है। अब तक 6615 दिव्यांगजनों को शासकीय योजनाओं से जोड़ा गया है। दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं सामग्री प्रदान करने के लिए यह 10 वां शिविर लगाया गया है। असंगठित क्षेत्र के लोगों को अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अटल पेंशन योजना में 2000 के लक्ष्य के विरुद्ध 12 हजार लोगों को जोड़कर बालाघाट जिला सम्पूर्ण देश में प्रथम स्थान पर है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ ने बताया कि दिसंबर 2024 से अब तक जिले में 06 हजार दिव्यांगजनों को 05 करोड़ 88 लाख रुपए के 14 हजार सहायक उपकरण एवं सामग्री निःशुल्क प्रदाय की गई है। आज के शिविर में 240 दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल एवं सहायक उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं।  

मध्यप्रदेश में फिर घोटाले का खेल, वेतन घपले में ट्रेजरी अफसर सस्पेंड

भोपाल मध्य प्रदेश में आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय की जांच में 50 हजार शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों का डाटा अपडेट न पाए जाने का खुलासा होने के बाद अब शिवपुरी ऐसा दूसरा जिला सामने आया है जहां वेतन घोटाला किया गया। इससे पहले देवास जिले में भी इसी तरह का घपला पकड़ा गया था। शिवपुरी जिले में ट्रेजरी अधिकारी की मिली भगत से डेढ़ करोड़ रुपये का वेतन घोटाला पकड़ा गया है। शिवपुरी के खनियाधाना विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय के लेखापाल सुखनंदन रसगैया और जिला कोषालय कार्यालय में पदस्थ सहायक कोषालय अधिकारी मोहित कुशवाह ने मिलीभगत कर घोटाले को अंजाम दिया। इसमें सुखनंदन रसगैया ने हर माह अपना वेतन बढ़ाकर निकलवाया। इतना ही नहीं जो शिक्षक नहीं थे उन्हें भी शिक्षक बताकर उनके खाते में राशि डाली गई। अपनी पत्नी, बेटे समेत कई सगे संबंधियों को फर्जी तरीके से शिक्षक दर्शाकर उनके बैंक खातों में वेतन का भुगतान किया जाता रहा। इस घोटाले को वर्ष 2018 से अंजाम दिया जा रहा था।   वेतन पास करने के नाम पर 17.19 लाख रुपये रिश्वत ली सहायक कोषालय अधिकारी मोहित कुशवाह ने फर्जी लोगों के वेतन पास करने के नाम पर 17.19 लाख रुपये रिश्वत ली, जिसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिवपुरी शाखा के अपने बैंक खाता में 10 अप्रैल 2023 से अप्रैल 2025 तक अलग-अलग किस्तों में जमा करवाए। घोटाले की भनक लगने पर आयुक्त कोष एवं लेखा भास्कर लक्षकार ने मामले की जांच कराई तो गड़बड़ी प्रमाणित पाई गई। इस मामले में सहायक कोषालय अधिकारी कुशवाह को निलंबित कर दिया है और बर्खास्त करने की कार्रवाई की जा रही है। लेखापाल सुखनंदन रसगैया के विरुद्ध एक मई 2025 को थाना खनियाधाना में एफआईआर दर्ज करा कर निलंबन की कार्रवाई की गई। देवास में किया था ढाई करोड़ का घोटाला मई माह में देवास जिले में ढाई करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ में आया था। इसमें देवास जिले के बागली और हाटपीपल्या के शासकीय कालेज के लिपिकों और उप कोषालय के लिपिक हरि सिंह चौहान ने मिलकर वित्तीय गड़बड़ी की थी। शासकीय कॉलेज के लिपिकों ने कॉलेज की दो करोड़ 51 लाख रुपये की राशि निकालकर अपने और रिश्तेदारों के बैंक खातों में जमा कराया था। इसके बिल बनाकर उप कोषालय भेजे गए जहां उप कोषालय के चौहान ने इन्हें पास भी कर दिया था। जांच कस बाद ट्रेजरी लिपिक व दोनों कॉलेजों के लिपिकों को बर्खास्त कर दिया गया है। सॉफ्टवेयर ने पकड़ी थी बड़ी चूक आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय की जांच में 50 हजार शासकीय अधिकारी-कर्मचारी ऐसे पाए गए थे जिनके ई-केवाईसी अपडेट नहीं थे। इसमें यह पता नहीं चल रहा था कि वे सेवानिवृत्त हो गए या प्रति नियुक्त पर हैं। वहीं इनका छह माह से वेतन आहरण ही नहीं हो रहा था। ऐसे में शक हुआ तो आयुक्त कोष एवं लेखा भास्कर लक्षकार ने सभी छह हजार आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) से रिपोर्ट मांगी थी। पड़ताल की गई तो तब यह बात सामने आई कि कुछ लोग प्रति नियुक्त पर हैं। तो कुछ फर्जी नामों पर भी वेतन आहरण हो रहा है। लेखापाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज मप्र कोष एवं लेखा के आयुक्त भास्कर लाक्षाकार ने कहा कि शिक्षा विभाग के लेखापाल और सहायक कोषालय अधिकारी द्वारा वित्तीय गड़बड़ी करना पाया गया है। लेखापाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। सहायक कोषालय अधिकारी मोहित कुशवाह को निलंबित कर दिया गया है। बर्खास्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। 

IFS अधिकारी अरुण प्रसाद के इस्तीफे को केंद्र सरकार की लगी मोहर

रायपुर  केंद्र सरकार ने 2006 बैच के IFS अधिकारी अरुण प्रसाद के इस्तीफे को मंजूरी दे दी है. भारत सरकार की स्वीकृति के बाद उनका इस्तीफा स्वीकार हो गया है. बता दें कि आईएफएस अरुण दंतेवाड़ा और राजनांदगांव के डीएफओ रह चुके हैं. वर्तमान में वे राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव के पद पर पदस्थ थे. चर्चा है कि अरुण प्रसाद अब निजी क्षेत्र की ओर रुख कर सकते हैं. वे किसी बड़ी निजी कंपनी से जुड़ने जा रहे हैं, जहां उन्हें प्रशासनिक और रणनीतिक सलाहकार की भूमिका मिल सकती है. रमन सरकार की तीसरी पारी में अरुण प्रसाद काफी प्रभावशाली रहे. वहीं कांग्रेस सरकार में वे सीएसआईडीसी के एमडी रहने के साथ ही पौल्यूशन बोर्ड के मेम्बर सिकरेट्री रहे. विष्णुदेव सरकार में भी वे वही हैसियत रखते थे. अरुण प्रसाद लगातार तीसरी सरकार में पौल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेम्बर सिकरेट्री हैं. तमिलनाडु के रहने वाले हैं अरुण प्रसाद अरुण प्रसाद मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं और वे 2006 बैच के IFS अधिकारी हैं. वे वर्तमान में मुख्य वन संरक्षक (C.C.F.) के स्तर के अधिकारी हैं. उनकी कार्यशैली को प्रभावशाली और अनुशासित माना जाता रहा है. उन्होंने दंतेवाड़ा और राजनांदगांव जिलों में डीएफओ के रूप में सेवा दी है और जंगलों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाई है. CSIDC और मंडी बोर्ड में भी निभा चुके हैं बड़ी जिम्मेदारी IFS अरुण प्रसाद ने छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक (MD) के रूप में लंबी सेवा दी. इसके अलावा वे मंडी बोर्ड के एमडी भी रहे. दोनों जिम्मेदारियों में उनके कार्यकाल को प्रभावशाली और नीति-निर्माण में सक्रिय माना गया.

ऑपरेशन सिंदूर पर डोवल का बड़ा बयान, बोले- ‘भारत पूरी तरह सुरक्षित, 23 मिनट में हुआ सबकुछ’

नई दिल्ली  भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। IIT मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए डोवल ने कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि विदेशी मीडिया ने जानबूझकर झूठी खबरें फैलाईं, लेकिन किसी के पास भारत को हुए नुकसान की कोई तस्वीर नहीं है। पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे डोवल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों पर सटीक निशाना साधा था। ये ठिकाने सीमावर्ती इलाकों में नहीं थे और पूरे ऑपरेशन में केवल 23 मिनट लगे। उन्होंने कहा, "हमें अपनी स्वदेशी तकनीक विकसित करनी होगी। ऑपरेशन में इस्तेमाल की गई सामग्री भी ज्यादातर स्वदेशी थी।" विदेशी मीडिया पर भड़के  NSA ने विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "विदेशी मीडिया ने कहा कि पाकिस्तान ने कुछ किया, लेकिन आप मुझे एक भी तस्वीर दिखाइए जिसमें भारत की तरफ से कोई नुकसान हुआ हो। आज के समय में सैटेलाइट तस्वीरें उपलब्ध हैं। 10 मई से पहले और बाद की तस्वीरों में पाकिस्तान के 13 हवाईअड्डे ही दिखाए गए, जिनमें कोई भी नुकसान नहीं था।" उन्होंने आगे कहा, "मैं केवल वही बता रहा हूं जो विदेशी मीडिया ने तस्वीरों के आधार पर प्रसारित किया। हम पाकिस्तान के हवाई अड्डों को नुकसान पहुंचाने में सक्षम हैं। लेकिन भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ।" इस बयान से स्पष्ट हुआ कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तैयारी और रणनीति के साथ अंजाम दिया और किसी भी प्रकार की क्षति से बचा। NSA डोवल ने स्वदेशी तकनीक और रणनीतिक सतर्कता की आवश्यकता पर जोर देते हुए देश की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। 

एयर इंडिया क्रैश पर सरकार गंभीर, जांच एजेंसी AAIB जल्द देगी रिपोर्ट

मुंबई विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट जल्द आएगी और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जा रही है। 12 जून को उड़ान भरने के तुरंत बाद एयर इंडिया का ड्रीमलाइनर विमान क्रैश हो गया था, जिसमें 241 यात्रियों सहित 260 लोगों की मौत हुई थी। यह ड्रीमलाइनर विमान का पहला घातक हादसा था और एएआईबी इसकी जांच में जुटा है। विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने शुक्रवार को कहा कि अहमदाबाद में पिछले महीने हुए घातक एयर इंडिया विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट बहुत जल्द जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस पूरी जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर रहा है। एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (फ्लाइट एआई 171) 12 जून को लंदन के गैटविक जा रहा था। विमान अहमदाबाद से उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकरा गया था। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई। एक यात्री इस हादसे में बच गया।  मंत्री नायडू से जब पूछा गया कि इस हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट कब तक आने की संभावना है, तो उन्होंने कहा, बहुत जल्द… एएआईबी इस पर काम कर रहा है। यह उनकी जिम्मेदारी है, उन्हें अपना काम करने दीजिए। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय यह सुनिश्चित कर रहा है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जिम्मेदार हो। अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के नियमों के अनुसार, एएआईबी किसी भी विमान दुर्घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर सौंप सकता है। यह पहली बार था, जब बोइंग 787 ड्रीमलाइनर जैसे दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले चौड़े आकार वाले विमान की किसी हादसे में पूरी तरह क्षति और जनहानि हुई। 26 जून को इस हादसे को लेकर मंत्रालय ने एक स्थिति रिपोर्ट जारी की थी।