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GST Reforms पर सीएम रेखा गुप्ता का बयान, देश और दिल्ली दोनों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती देश के लिए एक बड़ा उपहार है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी। बुधवार को जीएसटी परिषद की पहली बैठक में शामिल हुईं गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कदम से देश में व्यापार और कारोबार मजबूत होगा। रेखा गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह देश के लिए बहुत बड़ी सौगात है… स्वास्थ्य बीमा और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दरों में कटौती देश के करोड़ों लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद ने जीएसटी की दरों में संशोधन को अपार समर्थन के साथ पारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा तथा यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा। गुप्ता ने कहा, ‘‘ दिल्ली बहुत खुश है और मैं दिल्लीवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को स्वास्थ्य बीमा तथा शिक्षा संबंधी वस्तुओं पर शून्य जीएसटी लगाने के लिए धन्यवाद देती हूं। नवीकरणीय ऊर्जा को समर्थन दिया गया है और इससे दिल्ली को काफी लाभ होगा क्योंकि हम सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे हैं।'' जीएसटी परिषद ने बुधवार को आम सहमति से माल एवं सेवा कर में व्यापक सुधारों को मंजूरी दी। इन सुधारों के तहत साबुन, साइकिल, टीवी और व्यक्तिगत स्वास्थ्य तथा जीवन बीमा पॉलिसी जैसे आम उपयोग के उत्पादों पर जीएसटी की दरें कम की गयी हैं। जीएसटी में पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय कर संरचना को मंजूरी दी गयी है। कुछ चुनिंदा वस्तुओं जैसे महंगी कारें, तंबाकू और सिगरेट के लिए भी 40 प्रतिशत का विशेष स्लैब प्रस्तावित है।  

40 लाख के घर पर कितना होगा फायदा? सीमेंट GST में आई राहत से मिलेगी बचत

नई दिल्ली  त्योहारी सीज़न से ठीक पहले केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है। जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में एक अहम फैसला लिया गया है जिससे घर बनाने वालों और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार ने सीमेंट पर लगने वाले 28% जीएसटी को घटाकर अब 18% कर दिया है। यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होगा। सीमेंट सस्ता, तो मकान सस्ता! घर बनाने में सीमेंट की लागत सबसे बड़ी होती है और यही वजह है कि उस पर जीएसटी कटौती का सीधा असर जेब पर पड़ता है। आमतौर पर किसी भी घर के निर्माण में कुल लागत का करीब 20% खर्च सिर्फ सीमेंट पर होता है। मान लीजिए आप 40 लाख रुपये में मकान बनवा रहे हैं। इसमें से लगभग 8 लाख रुपये का खर्च सिर्फ सीमेंट पर आएगा। पहले इस 8 लाख रुपये पर 28% यानी 2.24 लाख रुपये GST देना होता था, जिससे सीमेंट की कुल लागत बढ़कर 10.24 लाख रुपये हो जाती थी।अब, जब सीमेंट पर जीएसटी 18% हो गया है, तो इस पर 1.44 लाख रुपये टैक्स लगेगा। यानी कुल सीमेंट की लागत घटकर 9.44 लाख रुपये हो जाएगी। इस तरह 80,000 रुपये की सीधी बचत होगी। कुल निर्माण लागत में 2-2.5% की गिरावट सीमेंट सस्ता होने का असर पूरे निर्माण बजट पर पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, जीएसटी कटौती से घर बनाने की कुल लागत में 2 से 2.5 प्रतिशत तक की कमी संभव है। अगर आप 40 लाख का मकान बना रहे हैं, तो आपको कुल मिलाकर 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। एक सीमेंट बैग पर होगी कितनी बचत?       पुरानी कीमत: यदि एक सीमेंट बैग की कीमत 350 रुपये है, तो 28% जीएसटी के साथ उसकी कीमत बनती थी 448 रुपये (350 + 98)     नई कीमत: अब 18% जीएसटी के साथ उसी बैग की कीमत होगी 413 रुपये (350 + 63)     कुल बचत प्रति बैग: 35 रुपये अगर आप मकान निर्माण के लिए हज़ारों बैग सीमेंट इस्तेमाल करते हैं, तो ये बचत लाखों में बदल सकती है।  रियल एस्टेट सेक्टर को भी राहत इस फैसले का असर केवल घर बनाने वालों पर ही नहीं, बल्कि पूरे रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर भी पड़ेगा। कम लागत में मकान बनेंगे, जिससे:     फ्लैट और मकान की कीमतें घट सकती हैं     डवलपर्स की लागत कम होगी     अधिक लोग घर खरीदने की सोचेंगे     निर्माण कार्यों में तेजी आएगी अगर रियल एस्टेट कंपनियां यह लाभ खरीदारों तक पहुंचाती हैं, तो मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी। सीमेंट कंपनियों को मिलेगा डिमांड बूस्ट सीमेंट सस्ता होने से उसकी डिमांड बढ़ने की संभावना भी तेज हो गई है। त्योहारी सीज़न और मानसून के बाद की निर्माण गतिविधियों में उछाल आने की उम्मीद है। कंपनियां प्रति बैग कीमत 10 से 30 रुपये तक घटा सकती हैं, जिससे बाज़ार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।  

बीजेपी गठबंधन टूटा: 2026 से पहले राजनीतिक हलचल तेज

तमिलनाडु  तमिलनाडु की राजनीति में आगामी 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से दो प्रमुख सहयोगियों ने किनारा कर लिया है।    टी.टी.वी. दिनाकरन की पार्टी ने तोड़ा एनडीए से नाता अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) के महासचिव टी.टी.वी. दिनाकरन ने आधिकारिक रूप से एलान किया कि उनकी पार्टी अब एनडीए का हिस्सा नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। दिनाकरन ने साफ किया कि 2024 लोकसभा चुनावों में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का समर्थन किया था, लेकिन आगामी 2026 विधानसभा चुनावों के लिए वह नया गठबंधन बनाने या अकेले चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं, जिसका एलान दिसंबर 2025 में किया जाएगा। NDA से अलग हुए ओ. पन्नीरसेल्वम भी दिनाकरन के अलावा तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) ने भी भाजपा गठबंधन से दूरी बना ली है। चेन्नई के अलवरपेट में आयोजित अपने समर्थकों की बैठक में उन्होंने एनडीए से अलग होने का ऐलान किया और साफ किया कि वर्तमान में उनका समूह किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन में नहीं है। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि पन्नीरसेल्वम जल्द ही राज्यव्यापी दौरे पर निकलेंगे, ताकि अपने राजनीतिक एजेंडे को जनता के सामने रख सकें। 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों में बदलाव तमिलनाडु में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले प्रदेश की राजनीति में गठबंधनों का पुनर्गठन जोरों पर है। वर्तमान में राज्य की सत्ता द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के पास है और मुख्य विपक्ष में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) और भाजपा का गठबंधन है। हालांकि अब AMMK और OPS के एनडीए से हटने के बाद भाजपा के लिए दक्षिण भारत में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।   लोकसभा और विधानसभा में AMMK की स्थिति टी.टी.वी. दिनाकरन की पार्टी AMMK का फिलहाल लोकसभा या विधानसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। दिनाकरन स्वयं कभी AIADMK के प्रभावशाली नेता रहे हैं और संसद (लोकसभा व राज्यसभा) के सदस्य भी रह चुके हैं। 2018 में AIADMK से निष्कासित होने के बाद उन्होंने AMMK की स्थापना की थी। हालांकि फिलहाल उनकी पार्टी की कोई संसदीय ताकत नहीं है, लेकिन तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में उनका प्रभाव अब भी बना हुआ है, खासकर रामनाथपुरम और मदुरै जैसे इलाकों में।  

ढलती उम्र में भी पाएं ग्लोइंग स्किन: जानें आसान होममेड सीरम रेसिपी

अक्सर उम्र बढ़ने, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत डाइट, स्ट्रेस, और पॉल्यूशन के कारण स्किन अपनी टाइटनेस और नेचुरल ग्लो खोने लगती है। जिससे स्किन ढीली, बेजान और झुर्रियों से भरने लगती है। ऐसे में केमिकल युक्त प्रॉडक्ट्स से बेहतर है कि आप घर पर बने नेचुरल सीरम का इस्तेमाल करें। होममेड सीरम में मौजूद नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और हाइड्रेटिंग एजेंट्स स्किन को डीप नरिशमेंट देते हैं, जिससे स्किन को टाइटनेस और ग्लो दोनों मिलते हैं। यहां कुछ बेहतरीन होममेड सीरम की जानकारी दी गई है, जो स्किन की टाइटनेस को बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं। तो आइए जानते हैं इनके बारे में- एलोवेरा और विटामिन ई सीरम एलोवेरा स्किन को हाइड्रेट और विटामिन-ई फ्री रेडिकल्स से बचाता है। इसलिए दो चम्मच एलोवेरा जेल में दो विटामिन ई कैप्सूल मिलाकर रात में सोने से पहले चेहरे पर लगाएं। ग्रीन टी और एलोवेरा सीरम ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन को डिटॉक्स कर और कसाव प्रदान करते हैं। ठंडी ग्रीन टी में एक चम्मच एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें। रोज वॉटर और ग्लिसरीन सीरम रोज वॉटर स्किन को टोन और ग्लिसरीन नमी बनाए रखने में मदद करता है। दो चम्मच रोज वॉटर में एक चम्मच ग्लिसरीन मिलाकर हल्के हाथों से लगाएं। यह सीरम स्किन को सॉफ्ट, टाइट और ग्लोइंग बनाता है। हयालूरोनिक एसिड और गुलाबजल सीरम हयालूरोनिक एसिड स्किन को हाइड्रेटेड और बनाए रखता है।एक चम्मच हयालूरोनिक एसिड में दो चम्मच गुलाबजल मिलाकर इसे चेहरे पर लगाएं।यह स्किन की टाइटनेस को बनाए रखने में सहायक है। एलोवेरा और शहद सीरम एलोवेरा और शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो स्किन को हाइड्रेट और टाइट बनाते हैं।एक चम्मच एलोवेरा में एक चम्मच शहद मिलाकर लगाएं। यह स्किन की लोच बढ़ाकर उसे ग्लोइंग बनाता है। नींबू और शहद सीरम नींबू में मौजूद विटामिन सी और शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण स्किन को पोषण और कसाव प्रदान करते हैं।एक चम्मच नींबू के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं। चंदन और गुलाबजल सीरम चंदन में स्किन को ठंडक और कसावट देने वाले गुण होते हैं।एक चम्मच चंदन पाउडर में दो चम्मच गुलाबजल मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। नारियल तेल और विटामिन ई सीरम नारियल तेल में विटामिन ई मिलाकर चेहरे पर हल्की मसाज करें। यह सीरम स्किन को पोषण और कसावट दोनों प्रदान करता है।

मेथी का पानी है सेहत का खजाना: शुगर कंट्रोल से लेकर वजन घटाने तक बेहद कारगर

क्या आपकी सुबह की शुरुआत चाय या कॉफी से होती है? अगर हां, तो जरा ठहरिए और यह आर्टिकल पूरा पढ़ लीजिए। जी हां, आपके किचन में एक ऐसा जादुई नुस्खा छिपा है जो आपकी सुबह की सबसे अच्छी शुरुआत बन सकता है और साथ ही आपको कई बीमारियों से भी बचा सकता है। हम बात कर रहे हैं मेथी दाना की। यह छोटा-सा सुनहरा मसाला सिर्फ सब्जियों का स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि रोज सुबह खाली पेट इसका पानी पीने से आप मोटापे और शुगर जैसी बड़ी समस्याओं को जड़ से खत्म कर सकते हैं। आइए, आपको बताते हैं रोज खाली पेट इसे पीने से 5 कमाल के फायदे। क्यों फायदेमंद है मेथी का पानी? मेथी के दानों में भरपूर मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इसमें मौजूद कुछ खास कंपाउंड्स आपके शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा कर देते हैं, जिससे ब्लड शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। इसके अलावा, मेथी में गेलेक्टोमैनन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है और आपको बार-बार भूख लगने से रोकता है। मेथी का पानी पीने के फायदे     शुगर करे कंट्रोल: मेथी का पानी डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करता है।     वजन घटाने में मददगार: जैसा कि हमने बताया, मेथी का फाइबर भूख को कम करता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे फैट बर्निंग की प्रक्रिया में तेजी आती है।     पाचन तंत्र को मजबूत बनाए: यह पानी कब्ज, एसिडिटी और गैस जैसी पेट की समस्याओं को दूर करने में भी मदद करता है। इसलिए, मानकर चलिए कि रोज बासी मुंह इसे पीने से आपका डाइजेशन पहले से काफी बेहतर हो जाएगा।     हार्ट हेल्थ को सुधारे: नियमित रूप से सुबह मेथी का पानी पीने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और हार्ट को हेल्दी रखने में काफी मदद मिल सकती है।     त्वचा और बालों के लिए: मेथी के एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को चमकदार और बालों को मजबूत बनाने में भी मददगार होते हैं। कैसे बनाएं मेथी का पानी? इसे बनाना बेहद आसान है। बस इन दो सरल तरीकों को अपनाना होगा:     पहला तरीका: रात को सोने से पहले एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी दाना भिगो दें। सुबह उठकर इस पानी को छानकर खाली पेट पी लें। आप चाहें तो भीगे हुए मेथी दानों को चबाकर भी खा सकते हैं।     दूसरा तरीका: मेथी दानों को पानी में उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो उसे छानकर ठंडा होने के बाद पिएं।  

गरीब परिवारों का पक्का घर का सपना हो रहा साकार

135 दिवस में आवास पूर्ण रायपुर, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्के और सुरक्षित मकान उपलब्ध कराए जा चुके हैं। कच्चे घरों से पक्के घरों में शिफ्ट हुए परिवार अब सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जनपद पंचायत दंतेवाड़ा के ग्राम पंचायत गामावाड़ा के नियद नेल्ला नार क्षेत्र में मात्र 135 दिनों में एक आवास का निर्माण कार्य पूरा किया गया, जबकि सामान्य परिस्थितियों में जिले में निर्माण कार्यों में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। रिकॉर्ड समय में मकान का तैयार होना प्रशासन की दक्षता और प्रतिबद्धता का परिचायक है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को तीन किस्तों में 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके साथ ही 90 दिन का मनरेगा रोजगार भी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि ग्रामीणों को न केवल आवास बल्कि रोजगार का भी सहारा मिल सके। “सबका साथ, सबका विकास” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। सुदूर वनांचल के दंतेवाड़ा जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र में भी इस योजना से लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में आवास निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं। बरसात और निर्माण सामग्री की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद प्रशासन ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिले में अब तक कुल 2118 पक्के मकान बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें केवल जनपद दंतेवाड़ा में 547 मकानों का निर्माण संपन्न हुआ है। जिला प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि जिले का कोई भी परिवार पक्के घर से वंचित न रहे और प्रत्येक परिवार का पक्का मकान का सपना साकार हो सके।

यूएई की एशिया कप टीम तैयार, नए खिलाड़ियों को मिली जगह

अबू धाबी संयुक्त अरब अमीरात ने गुरुवार को आगामी एशिया कप 2025 के लिए 17 सदस्यीय टीम की घोषणा की। एशिया कप में टीम की कमान मुहम्मद वसीम संभालेंगे। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ चल रही त्रिकोणीय सीरीज में मौजूद ज्यादा खिलाड़ियों को स्क्वॉड में जगह मिली है। नए खिलाड़ियों में दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मतिउल्लाह खान और बाएं हाथ के स्पिनर सिमरनजीत सिंह को जोड़ा गया है। एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर से अबू धाबी में होगी। यूएई की टीम ग्रुप ए में मौजूद है। भारत, ओमान और पाकिस्तान भी इस समूह में हैं। यूएई की टीम अपना मुकाबला भारत के खिलाफ खेलेगी। भारत और यूएई के बीच 10 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में मुकाबला खेला जाएगा। यूएई 15 सितंबर को अबू धाबी के जायेद क्रिकेट स्टेडियम में ओमान से खेलेगा। उनका आखिरी ग्रुप मैच 17 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में पाकिस्तान के साथ होगा। ग्रुप चरण के बाद टूर्नामेंट सुपर 4 में प्रवेश करेगा, जहां प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें क्वालीफाई करेंगी। सुपर 4 स्टेज 20 से 26 सितंबर तक चलेगा। दुबई में फाइनल खेला जाएगा, जो 28 सितंबर को होना है। मतिउल्लाह ने एक वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और उनका आखिरी मैच जुलाई में नाइजीरिया के खिलाफ पर्ल ऑफ अफ्रीका सीरीज में था। सिमरनजीत ने पांच वनडे और 11 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में यूएई का प्रतिनिधित्व किया है और हाल ही में दिसंबर 2023 में गल्फ टी20 अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में खेले थे। 2016 के बाद से यह यूएई का पहला एशिया कप होगा। एशिया कप 2025 के लिए यूएई टीम: मुहम्मद वसीम (कप्तान), अलीशान शराफू, अर्यांश शर्मा (विकेटकीपर), आसिफ खान, ध्रुव पाराशर, एथन डिसूजा, हैदर अली, हर्षित कौशिक, जुनैद सिद्दीकी, मतिउल्लाह खान, मुहम्मद फारूक, मुहम्मद जवादुल्लाह, मुहम्मद जोहैब, राहुल चोपड़ा (विकेटकीपर), रोहिद खान, सिमरनजीत सिंह और सगीर खान।  

बप्पा को विदा करते समय इन चीजों का दान देगा घर में सुख-शांति का संदेश

गणपति बप्पा की विदाई का समय नजदीक आ रहा है. इस साल अनंत चतुर्दशी 6 सितंबर, 2025 को मनाई जाएगी. यह दिन गणेशोत्सव के समापन का प्रतीक है, जब भक्तगण भगवान गणेश को अगले साल वापस आने के वादे के साथ भावुक मन से विदा करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर आप बप्पा की विदाई के बाद कुछ खास चीजों का दान करते हैं, तो इससे गणपति जी की कृपा पूरे साल आपके परिवार पर बनी रहती है. आइए जानते हैं कि अनंत चतुर्दशी के दिन किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है. अन्न और वस्त्र का दान गणेश विसर्जन के बाद अन्न और वस्त्र का दान करना बहुत ही पुण्य का काम माना जाता है. आप किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अनाज, जैसे चावल या दाल, और नए कपड़े दान कर सकते हैं. ऐसा करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होती है. गुड़ का दान गुड़ को बहुत शुभ माना जाता है और इसे भगवान गणेश का प्रिय भोग भी माना जाता है. अनंत चतुर्दशी के दिन गुड़ का दान करने से आपकी सारी परेशानियां दूर हो सकती हैं. आप किसी मंदिर में या किसी गरीब को गुड़ का दान कर सकते हैं. मान्यता है कि इससे जीवन में मिठास और खुशहाली आती है. नारियल का दान नारियल को हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र माना जाता है और इसे शुभ कामों में इस्तेमाल किया जाता है. बप्पा की विदाई के बाद नारियल का दान करना बहुत फलदायी होता है. आप नारियल को किसी बहती नदी में प्रवाहित कर सकते हैं या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दे सकते हैं. यह दान आपके जीवन से नकारात्मकता को दूर करने में मदद करता है. मोदक और मिठाई का दान मोदक भगवान गणेश का पसंदीदा पकवान है. गणपति विसर्जन के बाद मोदक या अन्य मिठाई का दान करना बहुत ही शुभ होता है. आप मंदिर में या गरीबों में मोदक और मिठाई बांट सकते हैं. ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से आपको भगवान गणेश का विशेष आशीर्वाद मिलता है और आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. क्यों जरूरी है विसर्जन के बाद दान? हिंदू धर्म में दान का विशेष महत्व बताया गया है. गणपति जी को विघ्नहर्ता और सुखकर्ता कहा गया है. ऐसे में जब उन्हें विदा किया जाता है तो भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए दान-पुण्य का कार्य अवश्य करते हैं. माना जाता है कि यह दान घर से दरिद्रता को दूर कर देता है और सौभाग्य की वृद्धि करता है.

PM नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले मणिपुर में हुई अहम बैठक, तय हुई बड़ी सहमति

मणिपुर  मणिपुर के लिए नई दिल्ली से बड़ी खबर है। पीएम मोदी के मणिपुर दौरे की चर्चा के बीच 'कुकी-जो' परिषद ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 को यात्रियों और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही के लिए खोलने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि उनके ( PM Modi ) पहुंचने से पहले कई फैसले गुडविल के तौर पर लिए जा रहे हैं। फिलहाल केंद्र सरकार की पूरी कोशिश है कि मणिपुर में हालात सामान्य और स्थिर रहें। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) के अनुसार, यह फैसला नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के अधिकारियों और केजेडसी के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई कई बैठकों के बाद लिया गया। केजेडसी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर शांति बनाए रखने के लिए भारत सरकार द्वारा तैनात सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने का वचन दिया है। गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि कुकी-जो परिषद ने एनएच-2 पर शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई है। मणिपुर को नागालैंड और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण जीवनरेखा एनएच-2, मई 2023 में राज्य में भड़के जातीय तनाव के कारण अवरुद्ध हो गई थी। मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच संघर्ष के कारण व्यापक हिंसा, जान-माल की हानि, हजारों लोगों का विस्थापन और गहराता मानवीय संकट उत्पन्न हुआ है। राजमार्ग को फिर से खोलना विश्वास बहाली और हिंसा प्रभावित राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इंफाल और नई दिल्ली के अधिकारियों का मानना है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति आसान होने से विस्थापित परिवारों और राहत शिविरों में रह रहे लोगों की कठिनाइयां कम होंगी। गृह मंत्रालय ने बताया कि गुरुवार को नई दिल्ली में गृह मंत्रालय, मणिपुर सरकार, केएनओ और यूपीएफ के प्रतिनिधियों के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक का समापन त्रिपक्षीय परिचालन निलंबन (एसओओ) समझौते पर हस्ताक्षर के साथ हुआ, जिसमें फिर से बातचीत की गई शर्तों और नियमों (आधारभूत नियमों) को हस्ताक्षर की तिथि से एक वर्ष के लिए प्रभावी माना जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि संशोधित आधारभूत नियमों में दो प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया गया है। मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता और मणिपुर में स्थायी शांति व स्थिरता के लिए बातचीत के माध्यम से समाधान की आवश्यकता। साथ ही, गृह मंत्रालय ने बताया कि केएनओ और यूपीएफ ने संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्रों से सात निर्दिष्ट शिविरों में स्थानांतरण, शिविरों की संख्या कम करने, हथियारों को निकटतम सीआरपीएफ और बीएसएफ शिविरों में स्थानांतरित करने, और सुरक्षा बलों द्वारा कैडरों का कठोर भौतिक सत्यापन करने पर सहमति जताई है, ताकि विदेशी नागरिकों (यदि कोई हों) को सूची से हटाया जा सके।  

घर में लगाएं पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर, नकारात्मक ऊर्जा होगी समाप्त

माना जाता है कि घर में वास्तु नियमों का ध्यान रखने से व्यक्ति के घर-परिवार में सुख-समृद्धि का माहौल बना रहता है। अधिकतर लोग अपने घरों में देवी-देवताओं की तस्वीर भी लगाते हैं। वास्तु की दृष्टि से ऐसा करना काफी शुभ माना गया है। ऐसे में अगर आप वास्तु नियमों का ध्यान में रखते हुए इन तस्वीरों को घर में लगाते हैं, तो इससे आपको काफी लाभ देखने को मिल सकता है। कहां लगाएं हनुमान जी की तस्वीर वास्तु शास्त्र में हनुमान जी की पंचमुखी तस्वीर लगाने के लिए घर के दक्षिण-पश्चिम कोने को सबसे उत्तम माना गया है। यह कोना समृद्धि और स्थिरता के रूप में देखा जाता है। ऐसे में अगर इस दिशा में हनुमान जी की पंचमुखी तस्वीर लगाते हैं, तो इससे आपको वास्तु दोष से राहत देखने को मिल सकती है। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी बढ़ता है। जानिए सही विधि हनुमान जी की तस्वीर लगाने से पहले आपको उस जगह को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए। इसके साथ ही गंगाजल का छिड़काव भी करें। इसके साथ ही ॐ हं हनुमते नमः मंत्र का जप करें। इसके बाद हनुमान जी की पंचमुखी तस्वीर स्थापित करें। इसके साथ ही आपको रोजाना विशेषकर मंगलवार और शनिवार के दिन इस तस्वीर के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। ये तस्वीरें भी हैं शुभ वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में भगवान गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती और अन्य देवी-देवताओं की तस्वीर लगाने से भी सुख-समृद्धि बढ़ती है। देवी-देवताओं की तस्वीरों को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके लगाना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही पूजा स्थल पर देवी-देवताओं की फोटो को हमेशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। न करें ये गलती घर में कभी भी टूटी हुई या फिर खंडित तस्वीरें नहीं रखना चाहिए। इससे वास्तु दोष का खतरा बढ़ सकता है। इन तस्वीरों को सम्मानपूर्वक विसर्जित कर देना चाहिए और क्षमायाचना करनी चाहिए। इसके साथ ही वास्तु में माना गया है कि कभी भी देवी-देवताओं की तस्वीरों को बेडरूम में या फिर बाथरूम के पास नहीं लगाना चाहिए। वरना आपको बुरे परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।