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टैरिफ तनाव और डाक सेवा रोक के बीच भारत की रणनीति

वाशिंगटन  अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ लगने के बाद नियमों में बदलाव भी हो रहा है. अब भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. भारत 25 अगस्‍त से अमेरिका के लिए ज्‍यादातर डाक सर्विस को बंद कर देगा. यह कदम अमेरिकी सरकार की ओर से 30 जुलाई 2025 को जारी एक आदेश के बाद आया है, जिसमें 800 अमेरिकी डॉलर तक के आयातित सामानों पर टैरिफ छूट वापस ले ली गई है.  अमेरिकी सरकार के नियम के तहत 29 अगस्त से, अमेरिका में प्रवेश करने वाले सभी सामान इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमी पॉवर एक्‍ट (IEEPA) टैरिफ इंफ्रा के तहत सीमा शुल्क को आकर्षित करेंगे. हालांकि 100 अमेरिकी डॉलर तक की वस्‍तुएं टैरिफ छूट के तहत रहेंगी.    अमेरिकी आदेश के अनुसार, इंटरनेशनल डाक नेटवर्क के माध्‍यम से माल पहुंचाने वाले एयलाइंस या अमेरिकी सीमा शुल्‍क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) की ओर से अप्रूव अन्‍य पार्टी को भी डाक शिपमेंट पर टैरिफ वसूलने और उसका पेमेंट करना आवश्‍यक है. इस संबंध में CBP ने 15 अगस्‍त को एक दिशानिर्देश भी जारी किया है, लेकिन अभी टैक्‍स कलेक्‍शन और उसे भेजने की व्‍यवस्‍था जैसी कई चीजें अभी तय नहीं हुई हैं.  क्‍यों भारत ने रोकी डाक सर्विस जिस कारण अमेरिका जाने वाली एयरलाइंस ने परिचालन और तकनीकी तैयारी की कमी का हवाला देते हुए 25 अगस्त, 2025 के बाद डाक खेप स्वीकार करने में असमर्थता व्यक्त की है. इन सभी वजहों को ध्‍यान में रखते हुए डा‍क विभाग ने 25 अगस्‍त से अमेरिका जाने वाली सभी प्रकार की डाक वस्‍तुओं की बुकिंग अस्‍थायी तौर से रोकने का फैसला किया है. लेकिन अभी 100 अमेरिकी डॉलर तक के डाक भेजे जा सकते हैं.  स्‍पष्‍टीकरण के बाद ही फिर शुरू होगी सर्विस  पीआईबी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सीबीपी और यूएसपीएस से आगे स्पष्टीकरण मिलने के बाद, इन छूट प्राप्त श्रेणियों को अमेरिका में स्वीकार और भेजा जाता रहेगा. वहीं डाक विभाग सभी हितधारकों के साथ समन्वय में उभरती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और जल्द से जल्द सेवाओं को सामान्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. 

स्कूलों में रोजाना उपस्थिति और अन्य गतिविधियों की फोटो खिंच हो रही मॉनीटरिंग

–    सुदूर क्षेत्र के स्कूलों पर शैक्षणिक गतिविधियों की फोटोग्राफी से की जा रही है ऑनलाइन निगरानी –    पहली तीन घंटियों में गणित, विज्ञान और हिंदी या अंग्रेजी की रीडिंग को मिली प्राथमिकता –    20, 21 एवं 22 अगस्त को राज्य के सभी 38 जिलों के तीन-तीन स्कूलों की कराई गई रैंडम फोटोग्राफी      पटना, शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में अनुशासन के साथ शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं। इनका सही से अनुपालन हो रहा है या नहीं, इसे रोजाना परखा भी जा रहा है। सभी स्कूलों में सुबह लगने वाली एसेंबली एवं प्रार्थना का फोटोग्राफ मांगवाया जाता है। किस स्कूल में क्या गतिविधि हो रही है, इसका फोटोयुक्त प्रमाण चुनिंदा स्कूलों से मंगवाया जाता है। स्कूलों का चयन रैंडम तरीके से किया जाता है। इससे किसी स्कूल को यह जानकारी नहीं होती है कि उससे कब फोटो की मांग होगी। किसी स्कूल का नंबर कभी भी आ सकता है। इस कारण सभी स्कूल अलर्ट मुद्रा में रहते हैं और रोजाना पूरी शिदद्त से रूटीन पालन करते हैं। इससे सभी स्कूलों की जमीनी सच्चाई सामने आ जाती है।   शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ के स्तर से स्कूलों की चुस्त मॉनीटरिंग के लिए यह पूरी व्यवस्था विकसित की गई है। स्कूलों में चलने वाली शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों की निगरानी के लिए औचक फोटोग्राफ मंगवाना शुरू किया है। इन फोटो में संबंधित स्थान का आक्षांस एवं देशांश के अलावा समय समेत अन्य सभी जरूरी बातें अंकित होती हैं। इससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी स्कूलों में विभाग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है या नहीं। विभाग ने विगत 20, 21 और 22 अगस्त को राज्य के सभी 38 जिलों के तीन-तीन स्कूलों का रैंडम तरीके से चयन कर इनमें होने वाली गतिविधियों से सम्बंधित तस्वीरें मंगवा कर समुचित समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि इन स्कूलों में विभाग के दिशा-निर्देश के अनुसार गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था। अगर किसी स्कूल में सुबह निर्धारित समय की गतिविधि नहीं दिखती है, तो उसका कारण उस विद्यालय के प्रमुख को लिखित में बताना पड़ता है। किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर उचित कार्रवाई भी की जाती है। डॉ. एस सिद्धार्थ के इन प्रयासों से सूबे के स्कूलों की पूरी सूरत ही बदल गई है।        सरकारी स्कूलों में छात्रों के आने का समय सुबह 9:30 बजे निर्धारित किया गया है। इसी समय शिक्षक को उपस्थित होकर बच्चों के साथ चेतना सत्र की पूरी अवधि में सक्रिय रहना अनिवार्य है। विद्यालय में पढ़ाई के दौरान शिक्षक और बच्चे दोनों का फोटोग्राफ लेकर सुरक्षित रखा जा रहा है। विभागीय पदाधिकारियों के स्तर से फोटो मांगे जाने पर उसे उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। बता दें कि इसे लेकर शिक्षा विभाग ने इसी वर्ष 4 अगस्त को एक अहम निर्देश जारी किया था, जिसका उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों में अनुशासन को सुदृढ़ बनाना और शिक्षकों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना है।        यह आदेश शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों, जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों, अन्य संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर कई तरह के दिशा-निर्देश दिए हैं। इस पत्र के माध्यम से सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विद्यालयों में बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति समय पर हो और स्कूल में अनुशासन का माहौल बना रहे। इस अनुशासन के जरिए शिक्षकों पर पूरी निगरानी रखी जाएगी।         डॉ. एस सिद्धार्थ के इस लिखित आदेश के अनुसार, स्कूलों में लाउडस्पीकर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। स्कूल शुरू होने से 15 मिनट पहले राष्ट्रगान बजाया जा रहा है। चेतना सत्र शुरू होने से पहले स्कूल का मेन गेट बंद कर दिया जाता है और देर से आने वाले छात्रों को अगले दिन स्कूल में प्रवेश नहीं दिये जाने का नियम बनाया गया है। आधे घंटे के चेतना सत्र में प्रार्थना, बिहार राज्य गीत, राष्ट्रगीत, सामान्य ज्ञान, तर्क ज्ञान, शब्द ज्ञान और प्रेरक कहानियां सुनाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इस दौरान बच्चों के नाखून, बाल और यूनिफॉर्म की जांच भी की जा रही है। स्कूल की पहली तीन घंटियों में गणित, विज्ञान और हिंदी या अंग्रेजी की रीडिंग को प्राथमिकता दी जानी है, ताकि बच्चों में गणित कौशल, वैज्ञानिक नवाचार और वाक् कौशल विकसित हो सके।

जयशंकर ने ट्रंप को दिया करारा जवाब, कहा– समझौता नहीं होगा, अन्याय नहीं सहेंगे

नई दिल्ली  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी टैरिफ पर ट्रंप को जमकर सुनाया है। रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को जयशंकर ने पूरी तरह से गलत बताया है। इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2025 में बोलते हुए कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा है। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने हितों को लेकर कोई समझौता नहीं करते वाला है। सीमा नहीं पार होनी चाहिए जयशंकर ने कहा कि कुछ सीमाए हैं, जिनका पालन करना होगा। हमारे लिए मुख्य तौर पर हमारे किसान और छोटे उत्पादक अहम हैं। इस मामले में हम पीछे नहीं हअ सकते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे सफल या अफसल होने की बात कह सकते हैं। लेकिन बतौर सरकार हम अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए अडिग हैं। हम इसको लेकर दृढ़ हैं। जयशंकर ने कहा कि यह कुछ ऐसा है, जिस पर हम समझौता नहीं कर सकते। टैरिफ और तेल विवाद एस जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया कि टैरिफ मुद्दे को गलत तरीके से तेल विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीन और अन्य यूरोपीय देश तो हमसे ज्यादा मात्रा में रूस से तेल आयात कर रहे हैं। लेकिन टैरिफ वाली बात उनके ऊपर लागू नहीं हो रही है। जयशंकर ने आगे कहा कि जब लोग कहते हैं कि भारत युद्ध के लिए रूस को पैसा दे रहा है, तो उन्हें यह भी देखना चाहिए कि रूस-यूरोपीय व्यापार भारत-रूस व्यापार से कहीं अधिक बड़ा है। इस बात में काफी विरोधाभास है। नए राजदूत से टिप्पणी पर इनकार जयशंकर ने साफ कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित में निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। उन्होंने इसे रणनीतिक स्वायत्तता बताया। भारत-अमेरिका संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि तनाव के बावजूद बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि हम दो बड़े देश हैं… लाइनें कटी नहीं हैं, लोग एक-दूसरे से बात कर रहे हैं, और हम देखेंगे कि यह कहां जाता है। वाशिंगटन के नए राजदूत के बारे में पूछे जाने पर, जयशंकर ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।  

पंजाब-हिमाचल को जोड़ते पुल पर बंद की गई आवाजाही! लोग परेशान

हाजीपुर  भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड द्वारा पौंग डैम से 74995 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद ब्यास दरिया पर बने एक महत्वपूर्ण रियाली मंड पुल को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है। पानी का तेज बहाव और उच्च जलस्तर पुल के ढांचे पर दबाव डाल रहा है, जिससे इसकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह पुल जो पंजाब हिमाचल को जोड़ता है। वर्तमान में भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पुल के दोनों ओर बैरिकेड लगा दिए हैं और लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। पुल की मरम्मत और सुरक्षा का आकलन करने के लिए एक विशेषज्ञ टीम को मौके पर भेजा गया है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए पौंग बांध से टर्बाइनों और स्पिलवे गेट के माध्यम से कुल 74995 क्यूसेक पानी शाह नहर बैराज में छोड़ा जा रहा है। शाम 6 बजे पौंग डैम झील में पानी की आवक 39 हजार 549 क्यूसेक नोट की गई और डैम का जलस्तर 1383.43 फीट दर्ज किया गया। शाह नहर बैराज से 63 हजार 270 क्यूसेक पानी ब्यास दरिया में और 11500 क्यूसेक पानी मुकेरियां हायडल नहर में छोड़ा जा रहा है। जलस्तर में अचानक वृद्धि से ब्यास नदी के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पंजाब के गुरुदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर और कपूरथला जिलों के निवासियों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और सभी आवश्यक कदम उठा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। 

बिहार के गांवों में तराशे जा रहे हैं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी

–    राज्य के कुल 8053 में से 7467 में खेल क्लबों के गठन के लिए चुनाव सम्पन्न –    154 नगर पंचायतों में से 140 में गठित हो चुके हैं खेल क्लब –    सभी ग्रामीण स्टेडियम में खेल की आधारभूत संरचनाओं के साथ उपलब्ध होंगी स्तरीय खेल प्रशिक्षक की सुविधाएं        पटना, बिहार सरकार राज्य में व्विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को तराशने का अभियान शुरू कर दिया है। खिलाड़ियों की क्षमतावर्द्धन और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए राज्य के हर ग्राम पंचायत से लेकर नगर पंचायतों में खेल क्लबों के गठन की प्रक्रिया लगभग हो चुकी है। इसके साथ ही, प्रखंडस्तर पर आउटडोर स्टेडियम का निर्माणकार्य भी तेजी से चल रहा है। इन स्टेडियमों में एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल, हॉकी समेत कई अन्य खेलों के न केवल आयोजन की बल्कि इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को निखारने की सभी सुविधाएं शामिल हैं। इन क्लबों और स्टेडियमों में होने वाली खेल गतिविधियों में 14 से 45 वर्ष आयुवर्ग के खिलाड़ियों को शामिल किया जा रहा है। इन सभी ग्रामीण स्टेडियमों में विभिन्न खेलों के लिए न सिर्फ बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी बल्कि विभिन्न खेलों से जुड़े प्रशिक्षकों को बी यहाँ तैनात किया जा रहा है। ताकि खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशा जा सके। खेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 38 जिलों के कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से 7467 ग्राम पंचायतों में खेल क्लबों के गठन के लिए चुनाव सम्पन्न करा लिए गए हैं। जबकि शेष 586 ग्राम पंचायतों में क्लब के गठन के लिए चुनाव प्रक्रिया शीघ्र ही सम्पन्न कर ली जाएगी। इसी तरह, राज्य के कुल 154 नगर पंचायतों में से 140 नगर पंचायतों में भी क्लबों के गठन के लिए चुनाव सम्पन्न हो चुका है। शेष 14 नगर पंचायतों में भी यह अपने अंतिम चरण में है। विगत बुधवार को खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव बी राजेंदर ने विभाग की समीक्षा बैठक में अपने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शेष बचे सभी ग्राम व नगर पंचायतों के खेल क्लब के पदधारकों के चुनाव व चयन का कार्य पूर्ण कर उन पंचायतों को चिन्हित किया जाए, जहां क्लबों के पदाधिरियों के पद  रिक्त हैं। उन्होंने इसकी सूची विभाग को अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस बैठक में खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री राजेंदर ने राज्य के सभी 534 प्रखंडों में बन रहे आउटडोर स्टेडियम के निर्माण की भी समीक्षा की। जिसमें पाया गया कि राज्य के 534 में से 257 प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माणकार्य पूर्ण कर लिया गया है।    जबकि 46 प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने समीक्षा बैठक में पाया कि २९ प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। जबकि दस प्रखंड स्तरीय स्टेडियम का निर्माण कार्य फिलहाल अपूर्ण है। उन्होंने ऐसे अधूरे व अनिर्मित स्टेडियम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के लिए बिहार राज्य भवन निर्माण निगम और संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया है।

शिमला की सड़क पर नोटों की बारिश, दिल्ली निवासी ने 19 हजार रुपए बिखेरे

शिमला हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां के रिज मैदान इलाके में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एक शख्स ने शुक्रवार को नोटों की बारिश कर दी। जिसके बाद वहां लोगों की भीड़ लग गई और वे उसका वीडियो बनाने लगे। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन नोटों को उठाने के लिए कोई इंसान आगे नहीं आया। बल्कि वहां मौजूद लोगों ने इस बारे में पुलिस को खबर कर दी। जिसके बाद पुलिस ने आकर सड़क पर पड़े उन नोटों को उठवाया और उन्हें उड़ाने वाले उस शख्स को अपने साथ थाने ले गई। हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस ने वह सारी राशि उसी व्यक्ति को वापस उसी शख्स को दे दी। पुलिस के अनुसार शख्स ने करीब 19 हजार रुपए की रकम उड़ाई थी, जो उसे वापस कर दी गई। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहां खड़े लोगों ने बिखरे नोटों को हाथ भी नहीं लगाया विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नोटों की यह बारिश दिल्ली से आए एक शख्स ने शिमला के रिज इलाके में स्थित 'टका बेंच' से महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास की थी। वह दोस्तों के साथ घूमने आया था। इस दौरान उसने 50, 100 और 200 रुपए के नोट के रूप में हजारों रुपए उड़ा दिए। लोगों ने जब इस बारे में वहां तैनात पुलिसकर्मियों को बताया तो उन्होंने उस शख्स को जाकर उसे ऐसा करने से रोका और उसे मालरोड पर स्थित पुलिस कंट्रोल रूम ले गए। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद लोगों की मदद से वहां सड़क पर पड़े नोटों को उठवाया और उन्हें भी थाने ले गए। शख्स ने बताई इस हरकत को करने की वजह पुलिस ने जब उस शख्स से इस हरकत को करने की वजह के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह जरूरतमंदों की मदद के लिए यह राशि लेकर आया था, हालांकि जब उसे कोई ऐसा इंसान नहीं मिला, तो उसने उन्हें उड़ाते हुए रिज मैदान पर पैसों की बारिश कर दी। वहीं जब पुलिस ने उसके दोस्तों से उस शख्स के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार है, और कुछ समय के अंतराम पर ऐसी हरकतें करता रहता है। जिसके बाद पुलिस ने उसे उसके उड़ाए 19 हजार रुपए के अलग-अलग नोट और समझाइश देकर चलता कर दिया। 

इत्र की खुशबू और आध्यात्मिक सर्किट से महका उत्तर प्रदेश पर्यटन

पुरी में आईएटीओ सम्मेलन में उत्तर प्रदेश बना आकर्षण का केंद्र विगत साढ़े 8 वर्षों में योगी सरकार ने पर्यटन को दिया नया आयाम कन्नौज के इत्र और अयोध्या के दीपोत्सव ने सम्मेलन में बटोरीं सुर्खियां  2030 तक यूपी को भारत का सबसे विविध पर्यटन गंतव्य बनाने का लक्ष्य आस्था, संस्कृति और आधुनिकता का संगम है उत्तर प्रदेश काशी विश्वनाथ धाम, श्रीराम मंदिर व कुंभ से अंतरराष्ट्रीय पहचान इको-टूरिज्म, वेलनेस और परफ्यूम टूरिज्म पर मुख्यमंत्री का फोकस लखनऊ/पुरी (ओडिशा), मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। ओडिशा के पुरी में चल रहे भारतीय पर्यटन ऑपरेटर संघ (आईएटीओ) के 40वें वार्षिक सम्मेलन में उत्तर प्रदेश चर्चा का मुख्य केंद्र रहा। 22 से 25 अगस्त तक आयोजित इस सम्मेलन का विषय “रीजुवेनेट इनबाउंड @2030” है और इसमें लगभग 1000 प्रतिनिधि (टूर ऑपरेटर, ट्रैवल मीडिया, होटल उद्योग और नीति निर्माता) शामिल हुए हैं। सम्मेलन के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश पर्यटन का स्टॉल सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना, जहां कन्नौज की सैकड़ों साल पुरानी इत्र बनाने की परंपरा, काशी-अयोध्या-प्रयागराज का आध्यात्मिक त्रिकोण और दीपोत्सव व रंगोत्सव जैसे भव्य सांस्कृतिक आयोजनों की झलक प्रस्तुत की गई। विशेष रूप से कन्नौज के इत्र और परफ्यूम टूरिज्म ने प्रतिनिधियों का मन मोह लिया। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य स्टॉल का उद्घाटन ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रावती परिदा ने किया। सम्मेलन में भाग लेते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आईएटीओ सम्मेलन हमारे लिए बड़ा अवसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाया जा रहा है। कन्नौज का इत्र, दीपोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजन और धार्मिक धरोहर हमारे पर्यटन की खास पहचान हैं। हमारा लक्ष्य है कि 2030 तक यहां आने वाला हर पर्यटक यूपी की संस्कृति और आध्यात्मिकता से गहरा जुड़ाव महसूस करे। पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल अपनी धरोहर और स्मारकों को दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां नई पर्यटन सुविधाएं, निजी निवेश और नए अनुभवों पर भी तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि नदी पर्यटन, वेलनेस, एग्रो टूरिज्म और परफ्यूम टूरिज्म जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे प्रदेश आने वाले पर्यटकों को एक संपूर्ण अनुभव मिलेगा। यूपी टूरिज्म पर विशेष चर्चा सम्मेलन के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नेटवर्किंग सत्रों में रामायण सर्किट, वाराणसी के रिवरफ्रंट और दुधवा-बुंदेलखंड के इको-टूरिज्म पर विशेष चर्चा हुई। इन चर्चाओं ने यह साफ किया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन केवल धार्मिक धरोहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक और सतत पर्यटन मॉडल की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने बीते वर्षों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। काशी विश्वनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, प्रयागराज में कुंभ का सफल आयोजन, मथुरा-वृंदावन में विकास कार्य, नए हवाईअड्डों और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है। आज यूपी में आने वाला हर पर्यटक यहां की आस्था, संस्कृति और आधुनिकता का संगम देखता है।  यूपी का प्रयास, पर्यटक न केवल यादें, बल्कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिकता से जुड़ाव की भावना भी लेकर जाए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आईएटीओ सम्मेलन हमें उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे बहुमुखी पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है। कन्नौज में इत्र पर्यटन से लेकर दीपोत्सव जैसे विश्वस्तरीय सांस्कृतिक उत्सवों तक, हम ऐसे अनुभव निर्मित कर रहे हैं जो विरासत को नवीनता के साथ जोड़ते हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वर्ष 2030 तक, उत्तर प्रदेश आने वाला प्रत्येक पर्यटक न केवल यादें, बल्कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिकता से जुड़ाव की भावना भी लेकर जाए। अगले दो दिन तक जारी रहेगा कार्यक्रम अगले दो दिनों तक उत्तर प्रदेश पर्यटन सम्मेलन में अपने कार्यक्रम जारी रखेगा और निवेशकों व साझेदारों को प्रदेश में पर्यटन की नई संभावनाएं दिखाएगा। यह सम्मेलन साबित करता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश न केवल भारत के पर्यटन का भविष्य गढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के महानिदेशक सुमन बिल्ला, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की चेयरमैन नीलू शर्मा और उत्तर प्रदेश पर्यटन के अधिकारी मौजूद थे।

सभी उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त: Google ने दी विशेष सर्विस का उपहार

नई दिल्ली  गूगल ने यूजर्स को तगड़ा गिफ्ट दिया गया है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने ऐलान किया है कि Google Veo 3 इस वीकेंड हर यूजर के लिए फ्री रहेगा। पिचाई ने यह ऐलान एक X पोस्ट में किया है। पिचाई ने गूगल के पोस्ट को रीपोस्ट किया है। गूगल के पोस्ट के अनुसार इस वीकेंड जेमिनी ऐप में यूजर Veo 3 के जरिए फ्री में तीन वीडियो जेनरेट कर सकते हैं। गूगल इस ऑफर के साथ अपने इस शानदार मीडिया टूल का एक्सपीरियंस ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को देना चाहता है। मंथली सब्सक्रिप्शन चार्ज 1999 रुपये आमतौर पर विओ 3 जेमिनी ऐप के प्रो सब्सक्रिप्शन के साथ आता है। भारत में इसका मंथली सब्सक्रिप्शन चार्ज 1999 रुपये है। हालांकि, नए यूजर्स को कंपनी एक महीने का फ्री ट्रायल दे रही है, लेकिन पहली बार इसे सभी के लिए फ्री कर दिया गया है। सीईओ पिचाई का भी कहना है कि इस ऑफर का मकसद ज्यादा से ज्यादा यूजर्स तक क्रिएटिव अवसर पहुंचाना है। अब तक का सबसे अडवांस्ड वीडियो मॉडल विओ 3 को गूगल ने I/O 2025 में दुनिया के सामने पेश किया था। इसने तेजी से दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह कंपनी का अब तक का सबसे अडवांस्ड वीडियो मॉडल है और विजुअल के साथ यह सिंक्रोनाइज्ड ऑडियो भी जेनरेट करने वाला पहला मॉडल है। गूगल वीओ 3 अभी टेक्स्ट प्रॉम्प्ट पर काम करता है। इंडियन यूजर्स के लिए गूगल ने Veo 3 Fast मॉडल को रोलआउट किया है। यह एक ऑप्टिमाइज्ड वर्जन है, जो नॉर्मल से थोड़ा फास्ट वीडियो जेनरेट करता है। कंपनी इसे ऐंड्रॉयड और iOS पर गूगल जेमिनी ऐप के जरिए ऑफर करेगी। इस वीकेंड के फ्री ट्रायल के साथ गूगल को उम्मीद है कि यूजर्स को वीओ 3 की काबिलियत को देख सकेगें। सबसे जरूरी बात यह है कि यूजर इसके बारे में अपना फीडबैक भी देंगे। पिचाई ने इस कदम को गूगल की अपने क्रिएटिव टूल के एक्सपैंशन के लगातार कमिटमेंट का हिस्सा बताया और इशारा किया कि भविष्य के अपडेट में यूजर इनपुट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मंत्री ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में नगर विकास विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक संपन्न

सामान्य जल भराव व बाढ़ प्रभावित जनपदों में जलस्तर कम होने के साथ ही सभी क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाए 100% डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और अपशिष्ट निस्तारण पर जोर अगले 3 महीने व्यापक सफाई अभियान करने के निर्देश संचारी रोग फैलने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई नगरों के आसपास कूड़े के पहाड़ और गलियों में परंपरागत कूड़े के ढेर अब नगरों की शब्दावली से होंगे दूर बड़े निकाय छोटे निकायों का कूड़ा लेकर उन्हें प्रोसेस करें बाढ़ प्रभावित जिलों में फ्लड मैन्युअल बनाने के निर्देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन से दो अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जाए :मंत्री   के शर्मा लखनऊ, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में नगर विकास विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जल स्तर कम होते ही स्वच्छता अभियान चलाने, बाढ़ प्रभावित जिलों में नगर विकास विभाग द्वारा अपना फ्लड मैन्युअल बनाने एवं प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन से दो अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चलाए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान मंत्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही नगर निकायों में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए।उन्होंने अगले तीन महीने तक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाए जाने के दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में संचारी रोग फैलने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी एवं निकायकर्मी इसकी विशेष निगरानी रखें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लापरवाही बरती गई और संचारी रोग फैलने की स्थिति उत्पन्न हुई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। मंत्री शर्मा ने सभी बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए फ्लड मैनुअल तैयार करने के निर्देश दिए ताकि बाढ़ प्रबंधन एवं राहत कार्य समयबद्ध और प्रभावी ढंग से किए जा सके। उन्होंने कहा कि अक्सर अधिकारियों के स्थानांतरण होते रहते हैं, फ्लड मैन्युअल से किसी भी अधिकारी को बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए अग्रिम कार्य योजना बनाने एवं आवश्यक कार्यवाही करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही नगर विकास मंत्री ने सामान्य जल भराव के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जनपदों के अधिकारी सामान्य जल भराव वाले क्षेत्रों में जाएं, वहां कारण पता करें और ऐसे स्थाई उपाय करें कि भविष्य में वहां जल भराव की स्थिति उत्पन्न ना हो।इसके साथ ही संपूर्ण कार्य का डॉक्यूमेंटेशन भी करें।उन्होंने लखनऊ विधानसभा परिसर का उदाहरण देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया की जो भी उपाय हो वह स्थाई और ऐसे हो कि अगले वर्ष वहां जल भराव किसी भी कीमत पर ना हो। इसके अतिरिक्त, नगर विकास मंत्री ने स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी नगर निकाय यह सुनिश्चित करें कि 100% डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण हो तथा 100% अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में लखनऊ मॉडल को अपनाते हुए सभी नगर निकाय प्रभावी ढंग से कार्य करें।बैठक में नगर विकास मंत्री ने यह भी कहा कि स्वच्छता और अपशिष्ट निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार के लिए तकनीक और नवीन उपायों का उपयोग किया जाए। नगर विकास मंत्री ने कहा की नगरों के पास आसपास कूड़े के पहाड़ और गलियों में परंपरागत कूड़े के जो देर हैं अब नगरों के शब्दावली से दूर होने चाहिए उन्होंने बड़े निकायों को छोटे निकायों का कूड़ा लेकर प्रोसेस करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे अपने-अपने स्तर से स्वच्छता अभियान में सहयोग करें और कूड़ा इधर-उधर न फेंके।नगर विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन से दो अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चलाए जाने के निर्देश दिए। बैठक में वाराणसी,प्रयागराज के साथ ही विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी दी।मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की शहरी निकायों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए।इस बैठक में राजधानी लखनऊ से वरिष्ठ अधिकारी अजय कुमार शुक्ला,अनुज झा,ऋतु सुहास सहित सभी संबंधित जिलों के अधिकारी वर्चुअल जुड़े रहे।

हरियाणा के खिलाड़ियों की हुई मौज, इस गांव में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

रोहतक  हरियाणा के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी आई है। रोहतक के गांव खरावड़ में आधुनिक सुविधा से लैस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इसके बनने से गांव के खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए कहीं बाहर या फिर प्राइवेट एकेडमी में नहीं जाना होगा। जानकारी के मुताबिक खरावड़ ग्राम पंचायत गांव में ही आधुनिक सुविधाओं से लैस स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण करवाने जा रही है। इसके लिए पंचायत ने 2.02 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार कर HSRDC को भेज दिया है। जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।