samacharsecretary.com

बरसाती नदी में फंसी कार, गूगल मैप की गलती से हुआ हादसा, छात्रों को बचाया गया

सहारनपुर  उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले के सरसावा इलाके में एक मामला बिलकुल चौंकाने वाला सामने आया, जहां 4 छात्र नेता मीडिया मैप के भरोसे एक ऐसे रास्ते पर निकल पड़े, जो अंततः जीते जागते बरसाती नदी में जा पहुंचा। गनीमत रही कि छात्रों ने चुस्ती दिखाई और नदी से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। जानिए,  क्या था पूरा मामला? छात्र नेता सूर्य अपने तीन दोस्तों आदित्य, वरुण और अंशुल के साथ अंबाला के शाहबाद स्थित महर्षि मारकंडेश्वर मंदिर दर्शन करने निकला था। जब वह सरसावा, सहारनपुर के पास पहुंचे, तो उन्होंने गूगल मैप के माध्यम से मंदिर का रास्ता देखा और उसे फॉलो करना शुरू कर दिया। मैप ने उन्हें 'सिरोही पैलेस' के पास एक संकरी-सी गलियारे जैसी सड़क दिखाई दी। उन्होंने उसी रास्ते पर मोटरकार मोड़ दी। रास्ता शुरुआत में सही लगने लगा, लेकिन अचानक सड़क नदी की ओर मुड़ गई और गाड़ी बरसाती नदी में जा गिरी। खतरा और हिम्मत का संगम कार तेज रफ्तार से नदी में धस गई थी। छात्रों में डर का माहौल बनने लगा और पानी तेजी से कार के अंदर भरने लगा। लेकिन चारों ने संयम दिखाया और शीशा नीचे करके एक-एक कर पानी से छलांग लगाई, तैरकर सुरक्षित बाहर आए। पुलिस और ग्रामीणों ने की सहायता घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। 112 पर कॉल करने पर थोड़ी देर में पुलिस टीम भी पहुंच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर कड़ी मेहनत से पूरी तरह पानी में डूबी कार को बाहर निकाला।   क्या कह रहे छात्र और ग्रामीण? छात्रों का कहना है कि उन्हें मंदिर का रास्ता गूगल मैप पर दिखा, जिसके चलते हम परेशान हुए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यह मार्ग मोटरसाइकिल तक के लिए भी जोखिम वाला है, कारों के लिए बिल्कुल अनुचित है। ग्रामीणों ने उस 'गलत' नक्शे की ओर निराशा जताई और कहा कि वास्तव में यह सड़क तो अक्सर गूगल पर दिखता रहता है, लेकिन वहां चलकर फंसना ही होता है।  

बिल न चुकाने वालों के खिलाफ नगर निगम का कड़ा कदम, काटे जा रहे कनेक्शन

अमृतसर नगर निगम के कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख के दिशा-निर्देशों और एडिशनल कमिश्नर सुरिंद्र सिंह के आदेशों के तहत पानी और सीवरेज विभाग द्वारा अवैध कनैक्शनों और बकाया जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें कई लोगों के पानी और सीवरेज के कनैक्शन काट दिए गए। इन डिफॉल्टरों को पहले ही विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जा चुके थे और बार-बार कहने के बावजूद भुगतान न करने के कारण यह कार्रवाई की गई। एडिशनल कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने बताया कि नगर निगम ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में जागरूकता कैंप लगाए थे और जनता से अपील की थी कि वे इन कैंपों में आकर अपने अवैध कनैक्शन नियमित करवा लें और बकाया राशि का भुगतान करके विभागीय कार्रवाई से बचें। पिछले वर्ष 4.72 करोड़ व इस वर्ष 1.69 करोड़ रही आमदन अतिरिक्त कमिश्नर सुरिंद्र सिंह के अनुसार इसके अलावा पानी व सीवरेज विभाग द्वारा अवैध कनैक्शनों और बकाए की अदायगी के लिए 1310 रिहायशी व 373 कमर्शियल अदारों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 600 कनैक्शन रैगुलर कर दिए गए हैं। पानी व सीवरेज विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-26 दौरान कुल 4.72 करोड़ रुपए आमदन हुई है जबकि पिछले वर्ष इस दौरान यह आमदन 1.69 करोड़ रुपए थी। इसी तरह विभाग को इस वर्ष 3 करोड़ से अधिक की आमदन हुई है जोकि पिछले वर्ष के इस समय दौरान 280 प्रतिशत अधिक हुई है। एडिशनल कमिश्नर सुरिंद्र सिंह ने बताया कि जारी किए नोटिसों के अनुसार पानी व सीवरेज के कनैक्शन काटने की यह कार्रवाई रोजाना जारी रहेगी। उन्होंने शहरवासियों को अपील की कि डिस्कनैक्शन की कार्रवाई से बचाव के लिए जल्द से जल्द बकाया की अदायगी की जाए और लिए गए अवैध कनैक्शनों संबंधी विभाग से बनती वांछित प्रवानगी ली जाए। 

आपदा से पशुओं का जीवन बचाने के लिए सरकार चला रही पशु चारा वितरण कार्यक्रम

* चारा वितरण का काम पशुओं की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है * जिला प्रशासन के सहयोग से जिला पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा चलाया जा रहा यह कार्यक्रम * बाढ़ जैसी आपदा में पशुपालकों को मदद पहुंचा रही है बिहार सरकार पटना, आपदा से प्रभावित पशुओं का जीवन बचाने के लिए बिहार सरकार का पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग पशु चारा वितरण कार्यक्रम चला रहा है। इसका लाभ इन दिनों बाढ़ प्रभावित इलाकों के पशुपालकों को हो रहा है। पशु चारा वितरण कार्यक्रम के तहत बाढ़ प्रभावित इलाकों के पशुओं के लिए विभाग इन दिनों पशु चारा मुहैया करवा रहा है। इससे बाढ़ जैसी आपदा में पशुपालकों को बड़ी मदद मिल रही है और पशुओं के जीवन की रक्षा हो रही है। पशु चारा वितरण कराने का कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से जिला पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा सम्पन्न किया जाता है। पशुओं के जीवन की रक्षा के लिए चारा वितरण का काम पशुओं की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है। जिसमें  सामान्यतः बड़े जानवरों के लिये 6 किलोग्राम, छोटे जानवरों के लिए 3 किलोग्राम तथा भेड़-बकरियों के लिये 1 किलोग्राम चारा की आवश्यकता होती है। पशु शिविरों / अस्थायी शिविरों में एक बार में तीन दिन / एक सप्ताह के लिए चारा वितरण कराया जाता है। साथ ही, बाढ़ की स्थिति के अनुसार शिविर संचालन तक चारा वितरण कराया जाता है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से शिविरों / अस्थाई शिविरों में पशुओं की संख्या के अनुसार चारा वितरण हो रहा है। चारा वितरण के पहले सभी प्रभावित पशुओं की प्रकार / संख्या के आधार पर गणना कर पशुपालकवार टोकन वितरण किया जाता है। इस टोकन के आधार पर क्रमानुसार चारा का प्रबंध कर वितरित किया जाता है। विशेष जानकारी पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना स्थित आपदा कोषांग (दूरभाष संख्या 0612-2230942) या पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना (दूरभाष संख्या 0612-2226049) से प्राप्त की जा सकती है।

पीएम मोदी के बिहार दौरे पर चिराग पासवान का बयान, विपक्ष के सवालों का किया खंडन

पटना केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे और विपक्ष के बयानों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि बिहार प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में है, जिसका सबूत पिछले एक साल में उनके लगभग नौवें दौरे से मिलता है। चिराग ने दावा किया कि इस बार भी पीएम बिहार को करोड़ों रुपये की सौगात देकर जाएंगे। प्रधानमंत्री का बिहारी और बिहार के लिए प्यार साफ दिखता है, जो राज्य को विकसित करने की गति को बढ़ाएगा। विपक्ष ने पीएम के दौरे पर सवाल उठाए, लेकिन चिराग ने इसे उनकी हताशा करार दिया। उन्होंने कहा, “विपक्ष को यह नागवार गुजर रहा है कि पीएम बिहार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। पहले वे कहते थे कि पीएम बिहार नहीं आते और सिर्फ चुनाव के समय याद करते हैं। लेकिन अब पीएम ने बिहार के लिए लाखों-करोड़ों की योजनाओं का शुभारंभ किया है।” चिराग ने बताया कि कई नई योजनाओं की शुरुआत भी पीएम के हाथों होगी। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “उनके पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए सिर्फ झूठ बोलते हैं। केंद्र सरकार या डबल इंजन सरकार पर प्रहार करने के लिए उनके पास कोई आधार नहीं है।” लालू यादव ने पोस्ट कर कहा कि पीएम नीतीश कुमार और बिहार की राजनीति का “पिंडदान” करके चले जाएंगे। इस पर चिराग ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा, “यह शब्दावली गलत है। नीतीश कुमार के लिए इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना उचित नहीं है। नीतियों पर सवाल उठाएं, लेकिन इस तरह की बात कहना मेरी निंदा के योग्य है।” तेजस्वी यादव ने दावा किया कि 2029 में राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे। चिराग ने इस पर करारा जवाब दिया और कहा, “राजद और कांग्रेस पूरी तरह कमजोर हो चुके हैं। राजद ने बिहार में जनाधार खो दिया है और कांग्रेस देशभर में सिमट गई है। फिर भी वे राहुल गांधी को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में घूम रहे हैं, जो उनकी कमजोरी को दर्शाता है।” संसद में आए नए बिल को लेकर तेजस्वी के बयान को चिराग ने घबराहट का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, “यह लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से घबराए हुए हैं। जब भी भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसा जाता है, कांग्रेस और राजद जैसे दलों को तकलीफ होती है, क्योंकि उनका आधार ही भ्रष्टाचार रहा है। कांग्रेस के शासनकाल में हुए घोटाले और राजद के भ्रष्टाचार की चर्चा दुनिया में है। केंद्र सरकार जब ऐसे बिल लाती है, तो इनका पर्दाफाश होता है।” चिराग ने जोर देकर कहा कि जब भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होती है, तो ये दल परिवार के अन्य सदस्यों को सत्ता सौंपते हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की नीतियां बिहार को आगे बढ़ाने और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में मदद करेंगी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की।  

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का जेवरा पीएचसी पर आकस्मिक निरीक्षण, खामियों पर जताई सख़्ती

उपलब्ध दवाइयों की जांच कर सुविधाओं के संबंध में ली जानकारी, मरीजों से की बातचीत रायपुर,   स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज बेमेतरा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जेवरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के भी साथ में उपस्थित थे। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर अस्पताल के कार्य प्रणाली के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने दवाइयों के स्टाक और उपलब्धता की जांच करते हुए दवाइयों की एस्सपायरी डेट की भी जांच और दवाइयों के रखने के तरीकों तथा साफ सफाई की भी जांच की। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के पंजीयन कक्ष, ओपीडी एवं अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण कर वहाँ के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पंजीयन कक्ष में पहुँचकर उपस्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिदिन इलाज हेतु आने वाले एवं अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के वार्ड में पहुँचकर भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके समुचित इलाज तथा अस्पताल में उन्हें प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, पेयजल, दवाइयां,अस्पताल के शौचालय, स्नानागार आदि के व्यवस्थाओं के संबंध में भी मरीजों से जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मौके पर उपस्थित चिकित्सकों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा मरीजों के बेहतर इलाज, दवाइयां आदि सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा।

हर घर अन्न-हर थाली में पोषणः प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से बिहार में 2 करोड़ से अधिक परिवार हो रहे हैं लाभान्वित

ई-पीओएस मशीन से राशन वितरण में आई पारदर्शिता और दक्षता पटना, बिहार सरकार खाद्य सुरक्षा की दिशा में निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। वर्तमान में राज्य में 2.06 करोड़ परिवार आज राशन कार्ड के माध्यम से प्रतिमाह खाद्यान्न का लाभ उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत बिहार में प्रतिमाह औसतन 4,25,019 मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पूर्विकता प्राप्त गृहस्थी (PHH) के 1.83 करोड़ परिवारों को प्रत्येक लाभुक को 05 किलोग्राम खाद्यान्न (1 किलोग्राम गेहूँ एवं 4 किलोग्राम चावल) निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है तथा अन्त्योदय अन्न योजना (AAY) के अंतर्गत 22.81 लाख परिवारों को प्रति परिवार 35 किलोग्राम खाद्यान्न (7 किलोग्राम गेहूँ एवं 28 किलोग्राम चावल) निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा जन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त बनाने हेतु सभी जनवितरण केंद्रों पर ई-पीओएस मशीन (ई-पॉइंट ऑफ सेल) की व्यवस्था की गई है जिसमें हर लाभुक का नाम, पहचान, वितरित खाद्यान्न की मात्रा, वितरण की तारीख एवं समय का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। प्रत्येक लेन-देन की जानकारी रियल टाइम में नियंत्रण कक्ष तक पहुँचती है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश समाप्त हो गई है। इस तकनीक ने राशन वितरण प्रणाली को और अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया है।

रंगे हाथ रिश्वत लेते लेखपाल की एंटी करप्शन ने की गिरफ्तारी

संतकबीरनगर उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए लेखपाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बेलाल अहमद की शिकायत पर यह कार्रवाई कार्रवाई की गई है। जमीन पैमाइश के एवज में लेखपाल ने रिश्वत मांगी थी। खलीलाबाद तहसील परिसर का मामला यह पूरा मामला जिले के खलीलाबाद तहसील परिसर का है। जहां, लेखपाल राम अवध सिंह ने जमीन पैमाइश के एवज में पांच हजार की रिश्वत मांगी थी। जिसके बाद पीड़ित बेलाल अहमद ने एंटी करप्शन टीम को शिकायत की। उसके बाद उन्होंने प्लान बनाकर बेलाल अहमद को बताए गए जगह पर पैसे लेकर भेज दिए। मगहर निवासी बेलाल अहमद ने जैसे ही लेखपाल को 5 हजार रूपए दिए। एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लेखपाल को अरेस्ट करके बखिरा थाना लाया गया है। जहां आगे की कार्रवाई की जा रही है।

कुत्ते के साथ अत्याचार, रस्सी से बाइक के पीछे बांधकर कई किलोमीटर दौड़ाया गया

लखनऊ राजधानी लखनऊ से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां पर 3 नाबालिग लड़कों ने एक कुत्ते को अपनी बाइक के साथ बांध लिया और फिर उसे कई किलोमीटर तक दौड़ाया। लड़के काफी तेजी से बाइक दौड़ा रहे थे और पीछे-पीछे कुत्ता भाग रहा था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को देखकर लोग गुस्से से भड़क गए और थाने में शिकायत दर्ज कराई है।  थाने में केस कराया दर्ज  बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है। जिसमें तीन किशोर एक बाइक पर सवार हैं। उन्होंने एक कुत्ते को रस्सी से बाइक के पीछे बांधा है। उसे कई किलोमीटर तक दौड़ाते रहे। रास्ते में एक राहगीर ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने किसी की भी बात नहीं सुनी और बाइक को दौड़ाते चले गए। इंस्टाग्राम पर ये रील पोस्ट की गई है। जिसके बाद ‘AASRA- दी हेल्पिंग हैंड्स’ संस्था की संस्थापक ने हजरतगंज थाने में तहरीर देकर मामला दर्ज कराया है।  आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग  ये तीनों नाबालिग लड़के हेलमेट के बिना थे और एक बाइक पर सवार थे, जो ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे थे। AASRA संस्था की संस्थापक चारु खरे ने मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने उस अकाउंट के बारे में भी जानकारी दी, जिस पर ये वीडियो वायरल किया गया था।    यह घटना न केवल पशु क्रूरता अधिनियम, बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट का भी गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। 

अमित शाह बोले, राहुल गांधी कर रहे हैं संस्थाओं पर विश्वास कम करने का प्रयास

कोच्चि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोच्चि में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को मान न दिए जाने का आरोप लगाया। शाह आगामी महत्वपूर्ण स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर भाजपा के राज्य नेतृत्व को तैयार करने हेतु शुक्रवार को केरल की वाणिज्यिक राजधानी कोच्चि के एक दिवसीय दौरे पर हैं। एक कार्यक्रम में शाह ने बताया कि देश को नुकसान पहुंचाने वाली स्थितियां पिछली सत्ता की देन है। उन्होंने कहा, “जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण देश के लिए नासूर जैसा है। 2014 में नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इन तीनों की जगह ‘पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस’ की शुरुआत हुई है और जिसे पूरा देश अनुभव कर रहा है। करप्शन को दूर करने का प्रयास देश के पीएम ने किया है। चूंकि स्थिरता है, इसलिए लंबे समय तक नीतियां चल रही हैं। इस 11 साल के कालखंड को जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो पाते हैं कि जनता के देश में पहले जो सवाल था कि भविष्य कैसा होगा, वो अब नहीं है। आज 140 करोड़ लोग मानते हैं कि 2047 में भारत टॉप पर होगा और इसे लेकर कोई कंफ्यूजन नहीं है। वहीं, राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर बोले, जब से वो मुखिया बने हैं तब से संवैधानिक संस्थाओं को शक की नजर से देख रहे हैं। अभी जो एसआईआर हो रहा है, वो 2003 में भी हुआ था, 1961 में भी हुआ था और 1970 में भी हुआ था। तो अब समस्या क्या है? अगर एसआईआर से कोई भी नागरिक या राजनीतिक पार्टी संतुष्ट नहीं है, तो वह असेंबली के रिटर्निंग ऑफिसर, जिला कलेक्टर और राज्य के चीफ इलेक्शन ऑफिसर के सामने अपील कर सकता है। शाह ने सदन में पेश तीन विधेयकों को लेकर कहा कि लोकतंत्र में नैतिकता का स्तर बनाए रखने की जिम्मेदारी सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की है। ये बिल किसी पार्टी के लिए नहीं है। ये बिल भाजपा के मुख्यमंत्रियों पर भी लागू होगा और प्रधानमंत्री पर भी लागू होगा। बता दें कि मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संघ राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) बिल 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025 और संविधान (130वां संशोधन) बिल 2025 पेश किए थे। जिसमें प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति गिरफ्तार होकर जेल से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केन्द्र या राज्य सरकार के मंत्री के रूप में शासन नहीं चला सकता है। विपक्ष ने इन बिलों का विरोध किया।  

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

  166 महतारी सदन हेतु 49 करोड़ 80 लाख रुपये जारी अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति, 50 से अधिक महतारी सदन पूर्ण महतारी सदन में कमरा,  बरामदा, हाल, किचन, स्टोररूम, पेयजल हेतु ट्यूबवेल और सामुदायिक शौचालय जैसी होंगी सुविधायें रायपुर, प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार महतारी सदन का निर्माण कार्य किया जाना है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयास से 166 महतारी सदन की स्वीकृति आदेश जारी किया गया है, इसके लिए 49 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है।  उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं द्वारा बैठने की स्थान न होने की शिकायत की और बैठने हेतु स्थान दिलाने की मांग की जाती रही इसलिए महतारी सदन बनाने का विचार आया। ततपश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति इसी उद्देश्य को पूर्ति के लिये जारी किया गया है। कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 30 लाख होगी। 5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाया जाएगा। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे। प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे। महतारी सदन में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा।