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सीएम विष्णु देव साय ने सूरजपुर में 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के तिलसिवां में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया और 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सूरजपुर के नए बस स्टैंड स्थित अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया तथा किसान मेला सह जैविक मेला का वर्चुअली शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। यह अवसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के अनेक आयामों को स्पर्श किया है और अब हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया।  मुख्यमंत्री साय ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल जी को नमन करता हूँ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों को नई पहचान दी। वे देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वाजपेयी जी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का भी स्मरण किया। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में मोदी की गारंटी के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस, 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद, श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना, बुजुर्गों के लिए 19 तीर्थ स्थलों की यात्रा और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना शामिल है।  मुख्यमंत्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं और मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि कुख्यात नक्सली बसवराजू का सफाया किया गया है तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य ने स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण पर उपस्थित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। उन्हीं के द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई, जिससे गांव-गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर जनहित एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पुल-पुलियों, पेयजल आपूर्ति और शहरी विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों से न केवल ग्रामीण अंचलों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि नगरीय निकायों में भी आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले को 211 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 78 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 37 कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 04, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 03, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 20, नगरीय निकाय विभाग के 04, आदिवासी विकास विभाग के 03 तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 03 कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही 132 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से होने वाले 55 कार्यों का भूमि पूजन किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 14, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 04, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22, जल संसाधन विभाग सूरजपुर के 07, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 04, पुलिस विभाग का 01 तथा आदिवासी विकास विभाग के 03 कार्य सम्मिलित हैं। समारोह में मुख्यमंत्री साय ने किसान मेला सह जैविक मेला सह प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण का भी शुभारंभ किया। आयोजित मेले में कृषि यंत्रों, जैविक खाद, कीटनाशक एवं बीज की नवीनतम किस्मों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने रोजगार से जुड़े ऐसे आयोजनों को युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी हितग्राहियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मछली पालन विभाग से आइस बॉक्स व नाव-जाल, समाज कल्याण विभाग से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, स्वास्थ्य विभाग से वयवंदन, आयुष्मान एवं सिकल सेल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी और चेक, महिला एवं बाल विकास विभाग से एलआईसी बॉण्ड, महिला समूहों को ऋण चेक व बकरी पालन हेतु ऋण, कृषि विभाग से सिंचाई पंप, रामतिल बीज और नलकूप-पंप अनुदान प्रदान किए गए। साथ ही एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के 25 हितग्राहियों को रोजगार स्वीकृति आदेश भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणी पैकरा, श्रीमती रेखा राजवाड़े, लवकेश पैकरा, सूरजपुर जिले के रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

एफबीआई और भारतीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई: सिंडी रोड्रिगेज गिरफ्तार, 6 वर्षीय बेटे की हत्या का आरोप

वॉशिंगटन अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने भारतीय पुलिस के साथ समन्वय में एक ऑपरेशन चलाकर सिंडी रोड्रिगेज सिंह नामक महिला को गिरफ्तार किया है। सिंडी रोड्रिगेज अमेरिका में वांछित थी और उस पर अपने ही 6 साल के बेटे की हत्या का गंभीर आरोप है। एफबीआई ने भारतीय पुलिस, इंटरपोल के साथ समन्वय कर भारत से रोड्रिगेज को गिरफ्तार किया। रोड्रिगेज को अब वापस अमेरिका ले जाया जा रहा है। जहां एफबीआई सिंडी रोड्रिगेज को टेक्सास पुलिस को सौंपेगी। टेक्सास में ही सिंडी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने दी जानकारी एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया कि एफबीआई ने अमेरिका के शीर्ष 10 भगोड़े अपराधियों में से एक सिंडी रोड्रिगेज सिंह को गिरफ्तार किया है। सिंडी अपने बेटे की हत्या के आरोप में वांछित थी। काश पटेल ने बताया कि मार्च 2023 में टेक्सास के एवरमैन में पुलिस ने सिंडी के बेटे की तलाश शुरू की, क्योंकि वह कई दिनों से दिखाई नहीं दिया था। सिंडी ने पुलिस से बेटे के बारे झूठ बोला और पुलिस को गुमराह किया। पुलिस पूछताछ के बाद सिंडी अमेरिका से फरार होकर भारत पहुंच गई। अक्तूबर 2023 में सिंडी के खिलाफ बेटे की हत्या का मामला दर्ज किया गया। उसी साल नवंबर में पुलिस ने सिंडी की गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया। काश पटेल ने बताया कि बीते सात महीनों में एफबीआई ने शीर्ष 10 भगोड़ों में से चार को गिरफ्तार किया गया है। काश पटेल ने सहयोग के लिए भारतीय पुलिस और प्रशासन को धन्यवाद भी दिया है। सिंडी रोड्रिगेज पर 25 हजार डॉलर का इनाम घोषित था। सिंडी रोड्रिगेज मेक्सिको और भारतीय मूल की है। 

रायपुर: खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने की विभागीय समीक्षा बैठक

रायपुर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर वर्ष 2024-25 के चावल जमा एवं आगामी विपणन वर्ष 2025-26 हेतु धान खरीदी की आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में मंत्री श्री बघेल ने केन्द्रीय पूल में चावल जमा की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की तथा इसमें तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस वर्ष चावल का कन्वर्ज़न नहीं किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा में चावल जमा सुनिश्चित हो। आगामी खरीफ वर्ष में उपार्जन हेतु किसान पंजीयन की समीक्षा करते हुए मंत्री जी ने एग्री पोर्टल पर छूटे हुए किसानों का पंजीयन तत्काल करने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त मंत्री श्री बघेल ने उपार्जन केन्द्रों में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर देते हुए प्रत्येक जिले में 5-5 उपार्जन केन्द्रों को एल-5 (एक्सेलेंट) श्रेणी में लाने के निर्देश दिये। साथ ही, नये उपार्जन केन्द्रों के प्रस्ताव भी प्रस्तुत करने का आदेश दिया। बैठक में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की सुचारू व्यवस्था हेतु एफ.आर.के. व्यवस्था एवं बारदाने की उपलब्धता को वृहद रूप देने पर भी विशेष निर्देश दिये गये। बैठक में खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, एमडी नागरिक आपूर्ति निगम श्रीमती किरण कौशल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लुण्ड्रा को 10 करोड़ का विद्युत विस्तार, सीएम साय ने दी मंजूरी

रायपुर लुण्ड्रा विकासखंड के ग्रामीणों को लंबे समय से झेल रही लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति की समस्याओं से अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधायक प्रबोध मिंज की मांग पर क्षेत्र में विद्युत विस्तार कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के बाद लुण्ड्रा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को स्थायी समाधान मिलेगा।          स्वीकृति के अनुसार ककनी में 10 किलोमीटर 33 केवी लाइन और 9 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार किया जाएगा। इसी तरह तुरियाबीरा में 10 किलोमीटर 33 केवी और 7 किलोमीटर 11 केवी लाइन बिछाई जाएगी। कुंवरपुर पंचायत में भी 1 किलोमीटर 33 केवी तथा 21 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार होगा।          विधायक प्रबोध मिंज ने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के लोग वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रहे थे। जनता की समस्याओं को दूर करना उनकी पहली प्राथमिकता है और मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे।           ग्रामीणों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए विधायक मिंज का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब उनके गांवों में गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

₹582 करोड़ की लागत से भोपाल में 700Km वाटर नेटवर्क, 30 हजार परिवारों तक पहुँचेगा नल-जल

भोपाल  राजधानी भोपाल में अमृत योजना-2.0 के तहत जलापूर्ति से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 700 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, साथ ही नई टंकियां, इंटकवेल और फिल्टर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी गुरुवार 21 अगस्त को कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में भूमिपूजन समारोह का आयोजन करेंगे, जिसमें जलापूर्ति कार्यों के लिए 582.32 करोड़ रुपये की लागत से भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति, और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र और अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। अमृत योजना-2.0 का उद्देश्य अगले 30 से 40 वर्षों के लिए जलापूर्ति प्रणाली को मजबूत करना है, ताकि बढ़ती जनसंख्या के अनुसार जलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमृत योजना-2.0 के तहत 582.32 करोड़ रुपए की लागत से जलापूर्ति संबंधी कार्यों एवं वार्डों में 50 अन्य विकास कार्य के लिए भूमिपूजन करेंगे। वहीं, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र, अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी देंगे। साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष एवं एमआईसी मेंबर रविंद्र यति, राजेश हिंगोरानी, मनोज राठौर समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। 36 बड़ी टंकियां, 4 फिल्टर प्लांट भी जानकारी के अनुसार, अमृत योजना-2.0 से शहर में वाटर नेटवर्क बिछाया जाएगा। अगले 30 से 40 साल के लिए स्कीम लाई गई है। ताकि, आबादी के हिसाब से सिस्टम काम करता रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां, 700 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।

उपराष्ट्रपति चुनाव: सुदर्शन रेड्डी का नामांकन, विपक्ष के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी

 नई दिल्ली INDIA ब्लॉक के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार  सुदर्शन रेड्डी ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. इस मौके पर सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष-राज्यसभा नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सपा नेता रामगोपाल यादव, एनसपी (SP) प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत समेत विपक्ष के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे. इससे पहले एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने कल नामांकन दाखिल किया था. सूत्रों के अनुसार, सुदर्शन रेड्डी चार सेट में नामांकन दाखिल किया. सेट में 20 प्रस्तावक और 20 समर्थक शामिल रहे. बी. सुदर्शन रेड्डी ने नामांकन दाखिल करने से पहले स्वतंत्रता सेनानियों और महान नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की. नंबर गेम में भले ही विपक्ष पीछे हो, लेकिन उसने भी मुकाबले को दिलचस्प बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. खास बात यह है कि विपक्ष ने भी दक्षिण भारत से ही उम्मीदवार उतारा है. ऐसे में इस बार का चुनाव “दक्षिण बनाम दक्षिण” की तस्वीर पेश कर रहा है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स (X) पर नामांकन का कार्यक्रम साझा किया. विपक्षी INDIA गठबंधन के तमाम नेता सुबह 11 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में एकत्र होंगे. इसके बाद वे सामूहिक रूप से राज्यसभा महासचिव और इस चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर पी.सी. मोदी के कार्यालय जाएंगे और नामांकन दाखिल करेंगे. विपक्ष के 'सुदर्शन चक्र' में कौन-कौन से दल उलझेंगे, कौन एनडीए का देगा साथ?  उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया तो कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को संयुक्त उम्मीदवार बनाया है. इसके चलते उपराष्ट्रपति पद के चुनाव का मुकाबला अब काफी रोचक हो गया है, क्योंकि इंडिया ब्लॉक ने सुदर्शन के नाम का ऐलान करते हुए साफ कर दिया है कि यह वैचारिक लड़ाई है. सीपी राधाकृष्णन के ज़रिए बीजेपी के 'तमिल' दांव में फंसे इंडिया ब्लॉक ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद के लिए गैर-राजनीतिक चेहरे पर भरोसा जताकर जबरदस्त 'सुदर्शन चक्र' चलाया है. बी. सुदर्शन को उम्मीदवार बनाकर विपक्ष को एकजुट रखने के साथ-साथ सत्तापक्ष के सहयोगी और समर्थक दलों को भी उलझा दिया है. एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं, जबकि इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से हैं, जो एक समय आंध्र प्रदेश में हुआ करता था. उपराष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी का सियासी पलड़ा भले ही भारी हो, लेकिन कांग्रेस ने बी. सुदर्शन को उतारकर विपक्षी एकता का संदेश देने के साथ-साथ एनडीए के सहयोगी दलों को असमंजस में डाल दिया है. विपक्ष ने गैर-राजनीतिक चेहरे को उतारा इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार बी. सुदर्शन गैर-राजनीतिक चेहरे हैं, उनका किसी भी सियासी दल से जुड़ाव नहीं रहा है. यही वजह है कि विपक्ष पूरी तरह एक साथ खड़ा नजर आ रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार, सपा के सांसद धर्मेंद्र यादव, डीएमके सांसद कनिमोझी और टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय सहित इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने उपराष्ट्रपति के लिए बी. सुदर्शन को विपक्ष का संयुक्त उम्मीदवार घोषित किया. 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग से दूर रहने वाली ममता बनर्जी की पार्टी पूरी मुस्तैदी के साथ खड़ी है. रेड्डी पर आम सहमति बनने के बाद, आम आदमी पार्टी से लेकर ममता तक साथ हैं. टीएमसी नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करके सुदर्शन रेड्डी के नाम पर समर्थन ले लिया है. बी. सुदर्शन के नाम पर इंडिया ब्लॉक पूरी तरह से एकजुट खड़ा नजर आ रहा है. इसके अलावा इंडिया ब्लॉक से अलग हो चुकी आम आदमी पार्टी ने बी. सुदर्शन को समर्थन दिया है. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह लड़ाई केवल उपराष्ट्रपति चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और संविधान के बीच की लड़ाई है. उनका कहना था कि बीजेपी के उम्मीदवार आरएसएस से जुड़े हुए हैं, जबकि विपक्षी दलों के साझा उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी कभी किसी राजनीतिक दल या किसी विशेष विचारधारा से नहीं जुड़े. वे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं और हमेशा निष्पक्षता और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं. विपक्ष के 'सुदर्शन चक्र' में उलझे दल बीजेपी ने सीपी राधाकृष्णन के नाम का ऐलान कर डीएमके को जिस तरह से कशमकश में फंसा दिया था, उसी तरह अब इंडिया ब्लॉक की तरफ से बी. सुदर्शन के उम्मीदवार बनने के बाद चंद्रबाबू नायडू, जगन मोहन रेड्डी और केसीआर जैसे नेताओं के लिए धर्मसंकट पैदा हो गया है. बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म आंध्र प्रदेश के रंगारेड्डी जिले में हुआ है, जो फिलहाल अब तेलंगाना का हिस्सा है. इस तरह से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के सियासी क्षत्रपों को भी साधने का दांव माना जा रहा है. आंध्र प्रदेश में टीडीपी सत्ता में है तो वाईएसआर कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है. तेलंगाना में बीआरएस विपक्ष में है. बीआरएस और वाईएसआर न ही एनडीए के साथ हैं और न ही इंडिया ब्लॉक के साथ हैं. इस तरह से उपराष्ट्रपति के चुनाव में टीडीपी से लेकर वाईएसआर और केसीआर की भूमिका काफी अहम है. इसके अलावा बीजेडी भी किसी भी गठबंधन के साथ नहीं है. एनडीए के बड़े सहयोगी टीडीपी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के सीएम हैं. टीडीपी ने सुदर्शन रेड्डी के नाम से पहले एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के साथ होने का दावा किया था, लेकिन अब उसके सामने कशमकश की स्थिति खड़ी हो गई है. यही धर्मसंकट वाईएसआर कांग्रेस के जगन मोहन रेड्डी के साथ भी खड़ी हो गई है. विपक्ष ने तेलुगू प्रत्याशी उतारकर जगन रेड्डी को सियासी तौर पर उलझा दिया है. तेलंगाना से ताल्लुक रखने वाले बी. सुदर्शन को प्रत्याशी बनाकर राज्य में मुख्य विपक्षी दल बीआरएस के सामने भी टेंशन बढ़ा दी है. केसीआर की बीआरएस के पास राज्यसभा में तीन सदस्य हैं और एक लोकसभा सांसद हैं. बीआरएस सांसद केआर सुरेश ने कहा कि वे राष्ट्रहित के मुद्दों पर सरकार का समर्थन करते रहे हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में अब किसे समर्थन देना है, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है. बीजेडी ने भी अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन 2024 में ओडिशा की सियासत में आए परिवर्तन के बाद नवीन पटनायक ने बीजेपी से दूरी बनाई है. विपक्ष ने जिस तरह गैर-राजनीतिक चेहरे … Read more

बलरामपुर को मिला प्रयास आवासीय विद्यालय, मंत्री रामविचार नेताम की पहल पर 25 करोड़ स्वीकृत

रायपुर बलराम पुर जिला मुख्यालय में 25 करोड़ रूपए की लागत से प्रयास आवासीय विद्यालय बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम की पहल पर प्रयास आवासीय विद्यालय के भवन के लिए राशि की मंजूरी दी है।  मंत्री नेताम ने बताया कि बलरामपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ होने से अंचल के जनजातीय परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इन विद्यालयों में स्कूली शिक्षा के साथ-साथ अखिल भारतीय मेडिकल एवं इंजीनियरिंग परीक्षाआों के साथ-साथ अन्य परीक्षाओं की भी तैयारी करायी जाती है। बलरामपुर आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं। इस विद्यालय के प्रारंभ होने से न केवल जनजातीय बल्कि अन्य वर्गों के प्रतिभावान छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।

मंत्री सारंग: शूटिंग में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनने की राह पर

शूटिंग में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में अग्रसर- मंत्री सारंग मंत्री सारंग: शूटिंग में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनने की राह पर मध्यप्रदेश शूटिंग में अग्रणी बनने की दिशा में, मंत्री सारंग ने दी जानकारी मंत्री सारंग ने राज्य शूटिंग अकादमी का किया निरीक्षण भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अकादमी में अभ्यासरत प्रदेश के प्रतिभावान शूटिंग खिलाड़ियों से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। मंत्री सारंग ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश शूटिंग में देश को अग्रणी राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षित कोचिंग स्टाफ और उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध करा रही है। हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। मंत्री सारंग ने खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान उनकी आवश्यकताओं और सुझावों को भी गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहयोग करेगी। सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने अकादमी परिसर की विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को खिलाड़ियों की सुविधाओं में बेहतरी के निर्देश दिए।  

01 नवंबर को राज्य स्थापना की रजत जयंती एवं 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर होगा वृहद आयोजन अभियान

रायपुर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा आज मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में 28 जिलों के कलेक्टर्स के साथ वीडियो कोफ्रेंसिंग के माध्यम से आदि कर्मयोगी अभियान की तैयारियों के संबंध में बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 28 जिलों के 128 विकासखण्डों एवं 6650 आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में इस अभियान के माध्यम से शत प्रतिशत संतृप्ति के लक्ष्य को प्राप्त किया जाना है इसके लिए अन्य विभागों से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि चिन्हांकित आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में जो भी क्रिटिकल गैप है उसे इस अभियान के अंतर्गत जिला स्तर पर आदि कर्मयोगी, ब्लॉक स्तर पर आदि सहयोगी एवं ग्राम स्तर पर आदिसाथी के माध्यम से पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इस हेतु पूरे प्रदेश से लगभग 1.33 लाख वॉलंटियर तैयार किए जाने का लक्ष्य है, जो कि जमीनी स्तर पर जनजातीय समाज के लोंगों के बीच जाकर अभियान की सफलता को सुनिश्चित करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 6 अगस्त को आदि कर्मयोगी अभियान के संबंध में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे। उन्होंने जिला कलेक्टर्स को 16 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाए जाने के निर्देश भी दिए हैं। प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि इस अभियान हेतु रिस्पॉसिव गवर्नेस प्रोग्राम के तहत राजधानी रायपुर में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मुख्य तत्वाधान में संभागवार जिला मास्टर ट्रेनर्स के चार दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का दूसरा चरण चल रहा है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इसका मुख्य आयोजक है, जबकि इसमें बीआरएलएफ (भारत ग्रामीण आजीविका मिशन) द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया जा रहा है। पहले चरण में 11 से 14 अगस्त तक रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग संभाग एवं द्वितीय चरण 18 से 21 अगस्त में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिला मास्टर ट्रेनर्स को अभियान की सभी सूक्ष्म जानकारियां राज्य मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दी जा रही है। प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन द्वारा 12 अगस्त को संभागवार जिला मास्टर ट्रेनर्स के प्रथम सत्र का शुभारंभ किया गया था। इसी प्रकार 19 अगस्त को केन्द्रीय राज्य मंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय दुर्गादास उइके द्वारा इसके द्वितीय चरण के प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंत्री रामविचार नेताम द्वारा भी सत्र को संबोधित किया गया। प्रमुख सचिव ने बताया कि 01 नवंबर को राज्य स्थापना की रजत जयंती एवं 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर वृहद आयोजन किया जाना है। इसमें आदि कर्मयोगी, आदि सहयोगी एवं आदिसाथी की सहभागिता को सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने 16 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 के मध्य जिलों में ष्सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियानष् के रूप में मनाए जाने के संबंध में रूपरेखा को शीघ्र अंतिम रूप दिए जाने के र्निदेश दिए। उन्होंने जिला स्तर, ब्लॉक स्तर एवं ग्राम स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों को शामिल किए जाने के निर्देश दिए। बैठक को राज्य नोडल अधिकारी हृदेश कुमार, प्रबंध संचालक, ट्राईफेड द्वारा भी वर्चुअली मोड संबोधित कर जिला कलेक्टर्स को अभियान की सफलता सुनिश्चित करने का आव्हान किया गया। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स को अभियान की पूरी रूपरेखा की जानकारी होनी चाहिए। इस हेतु एक व्यापक कार्ययोजना बनाकर उसपर पूरी गंभीरता के साथ काम किया जाए। साथ ही जिला स्तर, ब्लॉक स्तर एवं ग्राम स्तर पर भी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि सभी जिला कलेक्टेरट में सूचना पटल आदि पर पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा आदि कर्मयोगी अभियान का बिन्दुवार व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए इस संबंध में स्थानीय स्तर पर इन अभियानों से संबंधित सामाचारों को भी चस्पा किया जाना चाहिए, ताकि लोगों के मध्य अभियान को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस हेतु जिलों में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के डलळवअ पोर्टल पर जाकर जिलों में की जा रही गतिविधियों की फोटो सीधे अपलोड की जा सकती हैं। साथ ही अन्य राज्यों में इस संबंध में की जा रही अच्छी गतिविधियों का अवलोकन कर उसका अनुसरण किया जा सकता है। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, संयुक्त सचिव बी.के. राजपूत एवं अपर संचालक संजय गौड़ उपस्थित थे।

राजस्व कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता और गति: मंत्री टंक राम वर्मा

राजस्व कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता और गति: मंत्री टंक राम वर्मा मंत्री टंक राम वर्मा का आश्वासन, राजस्व कार्य होंगे समय पर और पारदर्शी नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन से लेकर एग्रीस्टेक व जिओ-रिफ्रेंसिंग तक, जनता को मिलेगी त्वरित सुविधा: मंत्री टंक राम वर्मा रायपुर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विभागीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, एग्रीस्टेक और जिओ-रिफ्रेंसिंग जैसे सीधे जनता से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा कर कार्याे की प्रगति की जानकारी ली गई। मंत्री वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को राजस्व सेवाओं के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सभी कार्य समय-सीमा में और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे कार्य ग्रामीणों व किसानों की आजीविका से जुड़े हैं, ऐसे में इनकी समय पर पूर्ति सर्वाेच्च प्राथमिकता है। एग्रीस्टेक और जिओ-रिफ्रेंसिंग की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को नवीनतम तकनीक का अधिकतम उपयोग कर डिजिटल समाधान अपनाने के निर्देश दिए। मंत्री वर्मा ने कहा तकनीक से न केवल कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार और विवादों पर भी अंकुश लगेगा। जनता को पारदर्शी और त्वरित सेवा मिले, यही हमारी प्राथमिकता है। नई तकनीक अपनाने से  भूमि से जुड़े विवादों का भी त्वरित निराकरण संभव हो सकेगा। बैठक में राजस्व विभाग के सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। मंत्री वर्मा ने सभी अधिकारियों को राजस्व कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों को कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री के निर्देशों को अमल में लाने का भरोसा दिलाया।