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मासिक शिवरात्रि कल : जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और खास उपाय

हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का बहुत अधिक महत्व होता है। प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस शुभ दिन पर देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना की जाती है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति के लिए उपवास भी रखा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से भोलेनाथ अपने भक्तों को सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस समय वैशाख माह चल रहा है। इस शुभ दिन पर देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना की जाती है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति के लिए उपवास भी रखा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से भोलेनाथ अपने भक्तों को सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस समय भाद्रपद मास चल रहा है। भाद्रपद मास की मासिक शिवरात्रि 21 अगस्त को है। आइए जानते हैं मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और उपाय- मुहूर्त- भाद्रपद, कृष्ण चतुर्दशी प्रारम्भ – 12:44 पी एम, अगस्त 21 भाद्रपद, कृष्ण चतुर्दशी समाप्त – 11:55 ए एम, अगस्त 22 पूजा का शुभ मुहूर्त- ब्रह्म मुहूर्त 04:26 ए एम से 05:10 ए एम प्रातः सन्ध्या 04:48 ए एम से 05:53 ए एम अभिजित मुहूर्त 11:58 ए एम से 12:50 पी एम विजय मुहूर्त 02:34 पी एम से 03:26 पी एम गोधूलि मुहूर्त 06:54 पी एम से 07:16 पी एम सायाह्न सन्ध्या 06:54 पी एम से 08:00 पी एम अमृत काल 05:49 पी एम से 07:24 पी एम निशिता मुहूर्त 12:02 ए एम, अगस्त 22 से 12:46 ए एम, अगस्त 22 गुरु पुष्य योग 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22 सर्वार्थ सिद्धि योग 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22 अमृत सिद्धि योग 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22 पूजा-विधि: इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ-स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। शिवलिंग का गंगा जल, दूध, आदि से अभिषेक करें। भगवान शिव के साथ ही माता पार्वती की पूजा अर्चना भी करें। भगवान गणेश की पूजा अवश्य करें। किसी भी शुभ कार्य से पहलेभगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। भोलेनाथ का अधिक से अधिक ध्यान करें। ऊॅं नम: शिवाय मंत्र का जप करें। भगवान भोलेनाथ को भोग लगाएं। पूजा सामग्री लिस्ट : मासिक शिवरात्रि की पूजा के लिए पंचामृत के लिए दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल,फल,फूल, मिठाई कच्चा दूध, चंदन, धूप-दीप, भांग,धतूरा, बिल्वपत्र, शिव परिवार की प्रतिमा या तस्वीर, पंचमेवा, इत्र, कपूर ,रोली,मौली, जनेऊ समेत पूजा की सभी सामग्री एकत्रित कर लें। शिवजी को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें- जल, दूध, दही, शहद, इत्र, घी, चंदन।  

चुनावी संग्राम तेज: अखिलेश ने ‘तीन तिगाड़ा’ पर साधा निशाना

लखनऊ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार, चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन को लेकर करारा हमला बोला है. अखिलेश यादव ने तीनों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और कुछ सवाल पूछे हैं. साथ ही लोकतंत्र पर डाका डालने का आरोप भी लगाया है. खासकर जिलाधिकारी की संलिप्तता की जांच की मांग उठाई है. अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, डीएम लोगों से जनता का एक मासूम सवाल है, क्यों इतने सालों बाद आया जवाब है? जिस तरह कासगंज, बाराबंकी, जौनपुर के DM हमारे 18000 शपथपत्रों के बारे में अचानक अति सक्रिय हो गए हैं, उसने एक बात तो साबित कर दी है कि जो चुनाव आयोग कह रहा था कि ‘एफ़िडेविट की बात गलत है’ मतलब एफिडेविट नहीं मिले, उनकी वो बात झूठी निकली. अगर कोई एफिडेविट मिला ही नहीं, तो ये जिलाधिकारी लोग जवाब किस बात का दे रहे हैं. अब सतही जवाब देकर खानापूर्ति करेन वाले इन जिलाधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए. कोर्ट संज्ञान ले, चुनाव आयोग या डीएम में से कोई एक तो गलत है ही ना? आगे अखिलेश यादव ने कहा, जो सीसीटीवी पर पकड़े गये हों उनके द्वारा अपने घपलों पर दी गयी सफाई पर किसी को भी रत्ती भर विश्वास नहीं है. झूठ का गठजोड़ कितना भी ताकतवर दिखे पर आखिरकार झूठ हारता ही है, क्योंकि नकारात्मक लोगों का साझा-गोरखधंधा अपने-अपने स्वार्थों की पूर्ति करने के लिए होता है, ऐसे भ्रष्ट लोग न तो अपने ईमान के सगे होते हैं, न परिवार, न समाज के, तो फिर भला अपने साझेदारों के कैसे होंगे. ये बेईमान लोग देश और देशवासियों से ताउम्र दगा करते हैं और अंततः पकड़े जाने पर अपमान से भरी जिंदगी जीने की सजा काटते हैं. भाजपा सरकार, चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत वो ‘चुनावी तीन तिगाड़ा’ हैं, जिसने सारा काम बिगाड़ा है और देश के लोकतंत्र पर डाका डाला है. अब जनता इस ’त्रिगुट’ की अदालत लगाएगी.

भारत-रूस की नजदीकी पर अमेरिकी चिंता! टैरिफ के बीच बढ़ेगा व्यापार व तेल आपूर्ति

नई दिल्ली अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ के बीच रूस का बड़ा बयान है। रूस का कहना है कि यदि किसी देश में भारतीय उत्पादों पर रोक लग रही है तो रूस के बाजार में उनका स्वागत है। भारत में रूसी मिशन के डिप्टी चीफ रोमन बाबूश्किन ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अर्थव्यवस्था को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है, लेकिन उसे यह ध्यान रखना चाहिए कि दोस्त कभी पाबंदियां नहीं लगाते। रूस कभी इस तरह की पाबंदियां नहीं लगाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और रूस ने हमेशा कठिन समय में सहयोग कायम रखा है। हम भारत को कच्चे तेल की सप्लाई जारी रखेंगे और इसके लिए मेकेनिज्म तैयार किया है। इसके अलावा रोमन बाबूश्किन ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग से इतर पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात होगी। इस मीटिंग में कई अहम मसलों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि उन्होंने व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर कहा कि इसकी तारीखें तय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक यह 100 अरब डॉलर के पार हो जाएगा। इसके अलावा भारत को फर्टिलाइजर और तेल, गैस आदि की सप्लाई करने में रूस पहले नंबर पर कायम है। रूसी राजदूत ने कहा कि अमेरिका की रणनीति गलत है और उस पर ही भारी पड़ रही है। टैरिफ वार के चलते डॉलर पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ व्यापारिक असंतुलन को खत्म करने के लिए रूस कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि भारतीय निर्यात रूस में बढ़े। हम चाहते हैं कि मशीनरी, फार्मा, चाय और चावल जैसी चीजों का आयात भारत से बढ़ा लें। यही नहीं उनका कहना था कि अमेरिका ने टैरिफ अटैक का जो फैसला लिया है, वह गलत और एकतरफा है। यही नहीं उनसे मीडिया से सवाल किया कि क्या भारत की ओर से रूस से तेल खरीद रोकी जा सकती है। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा नहीं लगता है। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ चर्चा करेंगे और सारे मसलों को दूर करेंगे। रूसी दूत बोले- भारत को देते हैं तेल में एक्स्ट्रा डिस्काउंट, सप्लाई चलती रहेगी रूसी राजनयिक ने कहा कि भारत हमारे लिए बहुत मायने रखता है। राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के मसले पर पीएम मोदी से दो बार फोन पर बात की है। उन्होंने कहा कि भारत की जरूरत का 40 फीसदी तेल रूस मुहैया करा रहा है और दुनिया भर के अन्य देशों के मुकाबले 5 फीसदी डिस्काउंट देता है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस की दोस्ती स्वाभाविक है। हमने साथ मिलकर ब्रह्मोस मिसाइल तैयार की है। इसके अलावा अन्य हथियारों पर भी काम कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने चीनी विदेश मंत्री के भारत दौरे का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रूस, भारत और चीन का सहयोग महत्वपूर्ण है। हम चाहते हैं कि यह जल्दी और मजबूती से आगे बढ़े। 'ऑपरेशन सिंदूर में हो गई रूसी हथियारों की टेस्टिंग' उन्होंने भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि यह रूसी हथियारों की टेस्टिंग का भी मौका था। उन्होंने कहा कि हमारे एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की इस जंग में टेस्टिंग हो गई। भारत जब भी एयर डिफेंस सिस्टम तैयार करेगा तो रूस उसका हिस्सा रहेगा।

एक ही परिवार के तीन बच्चे रहस्यमयी तरीके से गायब, पीछे छोड़ा हैरान करने वाला संदेश

जयपुर शहर के सांगानेर इलाके से एक ही परिवार के तीन बच्चे लापता होने से इलाके में खलबली मच गई है। तीनों बच्चे 14 अगस्त को स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे। शाम को बच्चे जब वापस घर नहीं लौटे तो परिजनों ने स्कूल में जाकर पूछताछ की, जहां पता चला की बच्चे स्कूल पहुंचे ही नहीं थे। इसके बाद परिजनों ने सांगानेर सदर थाना और अशोक नगर थाने में बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। लापता हुए बच्चों में सांगानेर के रहने वाले विजयसिंह के दो बेटे मोहित सिंह (10) और नितिन सिंह (9) और एक उनकी बहन का बेटा अरमान (9) शामिल हैं। 14 अगस्त को मोहित और नितिन सुबह साढ़े सात बजे अपने स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे। वहीं बहन का बेटा अरमान भी अपने घर से अशोक नगर स्थित स्कूल जाने के लिए निकला था। बच्चों के लापता होने के बाद परिवार को घर पर एक चिट्ठी भी मिली है जिसमें लिखा है कि हम घर छोड़कर जा रहे हैं। हमें ढूंढने की कोशिश न करें, पांच साल बाद आ जाएंगे। बहरहाल सांगानेर सदर पुलिस और अशोक नगर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर बच्चों की खोजबीन शुरू कर दी है लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। इसी बीच सांगानेर सदर थाना सीआई अनिल जैमन ने बताया- रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने कई लोकेशन पर सीसीटीवी फुटेज चेक किए, जिसमें तीनों बच्चे गांधी नगर रेलवे स्टेशन के आसपास दिखाई दिए थे, उन्होंने कपड़े चेंज कर लिए थे। इसके बाद बच्चे कहां गए, कोई जानकारी नहीं है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार मोहित और अरमान के पास मोबाइल फोन हैं लेकिन दोनों ने फोन बंद कर रखे हैं। पुलिस की साइबर टीम इस पर पूरी नजर रखे हुए है। करणी विहार से भी गायब हुए दो बच्चे इधर जयपुर के करणी विहार इलाके से भी दो बच्चों के लापता होने की खबर है। करणी विहार थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दो चचेरे भाई संजय सिंह और समीर सिंह 15 अगस्त को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। इन बच्चों के परिवार को बच्चों के गायब होने के बाद एक फोन भी आया था, जिसमें सामने वाले पक्ष ने परिजनों के साथ गाली-गलौज करते हुए बात की थी।

मनी लॉन्ड्रिंग केस: चैतन्य बघेल से पूछताछ के लिए ईडी को मिली 5 दिन और

 रायपुर प्रदेश में हुए 32 सौ करोड़ के शराब घोटाला और मनी लांड्रिंग मामले में कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। अब 23 अगस्त तक ईडी चैतन्य से नए तथ्यों पर पूछताछ करेगी। कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भी बेटे से मिलने पहुंचे थे। मंगलवार को न्यायिक रिमांड खत्म होने पर चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान ईडी ने नए साक्ष्यों के आधार पर कस्टोडियल रिमांड की मांग की। कोर्ट में इस पर लंबी बहस हुई। बचाव पक्ष ने रिमांड की मांग को अवैधानिक बताया। वकीलों ने तर्क दिया कि दर्ज एफआईआर आइपीसी की धाराओं के तहत हुई है, जिसमें केवल प्रथम न्यायिक रिमांड तक ही कस्टडी मांगी जा सकती है। वहीं, ईडी के वकील ने पंजाब और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए रिमांड को वैधानिक ठहराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष कोर्ट ने ईडी की मांग स्वीकार कर ली। 16.70 करोड़ मिलने का दावा ईडी के मुताबिक, शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग केस में चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपये मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से निकली ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में लगाया गया। पैसे को सफेद करने के लिए फर्जी निवेश दिखाया गया और सिंडिकेट के साथ मिलकर करीब 1,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। जांच में सामने आया कि चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में भी घोटाले की रकम का निवेश हुआ। ईडी ने प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज व डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। मामले में ईडी की पूछताछ जारी है।

महंगाई भत्ता बढ़ोतरी: MP वित्त विभाग ने तय की लिमिट, 2028-29 तक 94% होगा डीए

भोपाल  मध्यप्रदेश में अधिकारी-कर्मचारियों का अगले 3 साल में 30 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता (DA) बढ़ेगा। अभी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत डीए मिल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक इसे 9 प्रतिशत बढ़ाकर 64 प्रतिशत करने का टारगेट है। इसमें से 4 प्रतिशत तो दिवाली तक ही बढ़ेगा। जबकि शेष 5 प्रतिशत मार्च के आखिर से पहले दिया जाएगा।सरकार हर साल डीए बढ़ाकर चुनावी साल 2028-29 तक महंगाई भत्ता 94 प्रतिशत कर देगी। दरअसल, सरकार ने रोलिंग बजट की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें ये प्रावधान किए गए हैं। वहीं, विभागवार बजट की लिमिट भी तय कर दी है। अब अलग-अलग कार्यों के लिए विभाग प्रमुख इसी बजट में बदलाव कर सकेंगे। लेकिन, विभागों को तय लिमिट से अधिक बजट का प्रावधान नहीं होगा। अभी आधा वित्तीय वर्ष न बीता हो पर सरकार ने 2026-27 के बजट की तैयारी शुरू कर दी है। अभी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो अगले साल बढ़कर 74 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यानी एक साल में 19 प्रतिशत तक की महंगाई भत्ता की वृद्धि होगी। इसके हिसाब से सभी विभागों को स्थापना व्यय की गणना करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पहली बार सरकार एक साथ तीन वर्ष की वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन करके बजट तैयार करा रही है। हर वर्ष स्थापना बजट बढ़ता जा रहा है। भारत सरकार बढ़ा सकती महंगाई भत्ता आगामी वर्षों में ढाई लाख से अधिक रिक्त पदों की पूर्ति किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि वे स्थापना का आकलन भी उसी हिसाब से करते हुए बजट प्रस्ताव तैयार करें। वर्ष 2026-27 के लिए कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में संभावित वृद्धि को देखते हुए 74 प्रतिशत की दर से स्थापना व्यय की गणना करने के लिए कहा गया है। दरअसल, वर्ष 2025-26 की शेष अवधि के लिए भारत सरकार तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है। इसके अनुरूप प्रदेश में भी वृद्धि होगी, जिससे यह 58 प्रतिशत हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि भारत सरकार जब से महंगाई भत्ता बढ़ाएगी तब से ही प्रदेश के कर्मचारियों को उसका लाभ दिया जाएगा। यद्यपि, पेंशनरों के मामले में ऐसा नहीं है। अभी भी उन्हें 53 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिल रही है क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार में 55 प्रतिशत करने को लेकर सहमति अब तक नहीं दी है। राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार महंगाई राहत में वृद्धि के लिए दोनों के मध्य सहमति होना आवश्यक है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी का कहना है कि पेंशनरों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। अभी भी कर्मचारियों की तुलना में हमें दो प्रतिशत महंगाई राहत कम दी जा रही है। पुराना एरियर भी अभी तक नहीं दिया गया है। मार्च तक 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता देगी सरकार रोलिंग बजट की सरकार की कवायद के बीच यह बात भी सामने आई है कि 2026-27 के बजट के लिए प्रस्तावित महंगाई भत्ते के पहले सरकार को इसे 64 प्रतिशत तक पहुंचाएगी। अभी प्रदेश के कर्मचारियों को राज्य सरकार सातवें वेतनमान पर 55 फीसदी महंगाई भत्ता दे रही है। माना जा रहा है कि इस साल दिवाली के समय और फिर अगले साल फरवरी-मार्च में सरकार 2 किस्तों में 4 प्रतिशत और 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता देकर इसे 31 मार्च के पहले 64 प्रतिशत तक पहुंचा देगी। 5वें और 6वें वेतनमान वालों को भी मिलेगा फायदा वित्त विभाग ने कहा है कि जिन विभागों में छठवें या पांचवें वेतनमान पाने वाले कर्मचारी हैं, उन्हें भी हर साल 10 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाकर दिया जाएगा। छठवें वेतनमान में वर्तमान में 252% तक महंगाई भत्ता दिया जाता है। इसके आधार पर वर्ष 2026-27 में 265 प्रतिशत, वर्ष 2027-28 में 280 और वर्ष 2028-29 में 295 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसके हिसाब से विभागों को रोलिंग बजट में प्रावधान करना होगा। प्रदेश सरकार के उपक्रम, निगम, मंडल में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इसी तर्ज पर महंगाई भत्ता दिया जाना है। 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक होंगे खर्च प्रदेश में स्थापना व्यय पर सरकार प्रतिवर्ष बजट का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा व्यय करती है। 2023-24 में वेतन-भत्ते और पेंशन मिलकर व्यय 72 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, जो 2024-25 में 75 हजार करोड रुपये से अधिक हो गया 2025-26 में 79 हजार करोड़ रुपये व्यय अनुमानित है। इसे देखते हुए 26-27 में यह राशि 85 हजार करोड रुपये तक पहुंच सकती है। आठवें वेतनमान को लेकर भी तैयारी उधर, भारत सरकार ने आठवें वेतनमान आयोग का गठन कर दिया है। इसे देखते हुए प्रदेश के साढ़े सात लाख नियमित सरकारी कर्मचारियों और साढ़े चार लाख पेंशनरों को नया वेतनमान देने की तैयारी राज्य सरकार ने भी शुरू कर दी है। सातवां वेतनमान मूल वेतन में 2.75 का गुणा करके निर्धारित हुआ था। तब लगभग सात से 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन में वृद्धि हुई थी।

खूंटी में मासूम के साथ हैवानियत, 15 वर्षीय किशोर पर कार्रवाई की मांग

खूंटी झारखंड के खूंटी जिले में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म किए जाने के आरोप में एक किशोर को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मिली जानकारी के अनुसार, जरियागढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में सोमवार को 15 वर्षीय लड़के ने बच्ची को मिठाई देने के बहाने फुसलाया, उसे सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। जरियागढ़ थाने के प्रभारी अधिकारी बीरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने किशोर को पकड़ लिया, जिसने शराब पीने के बाद अपराध किया। किशोर ने स्कूली शिक्षा भी छोड़ दी है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की युगांडा प्रधानमंत्री से मुलाकात, मठ निर्माण पर हुई चर्चा

  छतरपुर  छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने युगांडा की प्रधानमंत्री रोबिना नब्बान्जा से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने मानवता, वैश्विक प्रेम, शांति और सामंजस्य पर आध्यात्मिक चर्चा की। अपने प्रकल्पों से अवगत कराया है। यहां विशेष भेंट के दौरान खास प्रतिनिधि मंडल मौजूद रहा। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि युगांडा की प्रधानमंत्री रोबिना नब्बान्जा और धीरेंद्र शास्त्री वार्ता करते हुए दिखाई देख रहे हैं। उद्योगपति डॉ. सुधीर रूपरेला, भारतीय समुदाय के अध्यक्ष परेश मेहता, पूर्व सांसद संजय तन्ना, दीपक दोरलता और राजस्थानी एसोसिएशन के सदस्य भी उपस्थित हैं। पीएम रोबिना ने इन प्रयासों और कार्यों की तारीफ की प्रधानमंत्री को जब बागेश्वर धाम द्वारा भारत में किए जा रहे सामाजिक कार्यों, गरीब बेटियों के लिए सामूहिक विवाह, प्रतिदिन हजारों लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा और जरूरतमंद मरीजों के लिए बन रहे कैंसर अस्पताल की जानकारी मिली, तो उन्होंने इन प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्हें इन कार्यों की प्रेरणा भारतीय शास्त्रों और संस्कृति से मिलती है, जिसमें “नर को नारायण” मानकर सेवा का संदेश दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बागेश्वर धाम आने का न्यौता भी दिया। विश्व शांति के लिए भारतीय जीवन शैली सर्वोत्तम- बागेश्वर महाराज बागेश्वर महाराज ने कहा कि विश्व शांति के लिए भारतीय जीवनशैली और सनातन धर्म का मार्ग ही सर्वोत्तम है। एक सनातनी संपूर्ण विश्व को अपना परिवार मानकर उसके कल्याण की कामना करता है। हमें ऐसी महान संस्कृति को समझने और जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में जो लोग मानवता की सेवा कर रहे हैं, बागेश्वर धाम उन सभी के प्रति सम्मान व्यक्त करता है। मुलाक़ात के अंत में युगांडा की प्रधानमंत्री ने बाला जी सरकार का आशीर्वाद प्राप्त किया। बागेश्वर महाराज से युगांडा की उन्नति एवं उत्थान के लिए कामना की। वहीं, अब युगांडा से मिले खास प्रस्ताव को लेकर बाबा बागेश्वर के भक्तों में खुशी का माहौल है।  

कक्षा में बवाल! छोटे विवाद ने लिया खतरनाक रूप, छात्रों पर चला चाकू

बिलासपुर स्कूल में पुरानी रंजिश को लेकर छात्रों ने मिलकर एक छात्र और उसके दोस्त पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में घायल छात्रों का स्कूल प्रबंधन की ओर से इलाज कराया गया। इसके बाद घटना की सूचना स्वजन को दी गई। स्वजन की शिकायत पर पुलिस ने हमलावर छात्रों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, तारबाहर क्षेत्र में रहने वाले आवेश मिर्जा तारबाहर क्षेत्र के भारतमाता स्कूल में 11वीं के छात्र हैं। मंगलवार को वे स्कूल में थे। इसी दौरान उनके दोस्त ने किसी काम से अपनी कक्षा में बुलाया। तब आवेश स्कूल के पहली मंजिल पर स्थित अपने दोस्त के क्लास की ओर गए। क्लास के बाहर ही छह से आठ छात्र खड़े थे। उन्होंने पहले हुए विवाद को लेकर आवेश से गाली-गलौज की। इसका विरोध करने पर छात्रों ने मिलकर उसकी पिटाई की। इसी बीच किसी ने उसे चाकू से मार दिया। इस हमले में आवेश लहूलुहान हो गया। इधर मारपीट होते देख आवेश का दोस्त बीच-बचाव करने आया। तब छात्रों ने उस पर भी चाकू से मार दिया। इधर मारपीट और चाकूबाजी की जानकारी मिलते ही स्कूल के प्रबंधन और टीचर वहां पहुंच गए। आनन-फानन में घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के बाद घटना की जानकारी घायल छात्रों के स्वजन को दी गई। इस पर स्वजन भी स्कूल पहुंच गए। वे घायल छात्रों को लेकर सीधे तारबाहर थाना पहुंचे। स्वजन ने घटना की शिकायत की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।  

डिप्टी कलेक्टर की पोस्टिंग का विरोध तेज, महिला-बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के आवास पर जुटे अधिकारी

बुरहानपुर मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में बुरहानपुर जिला की डिप्टी कलेक्टर लता शरणागत की अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के रूप में नियुक्ति पर सरकारी अधिकारियों के एक वर्ग ने विरोध जताया है. महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के एक ग्रुप ने भोपाल में विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया से मुलाकात की और शरणागत की अतिरिक्त निदेशक के रूप में नियुक्ति का विरोध किया.  उन्होंने शीर्ष पद पर उनकी 'जूनियर' हैसियत का हवाला दिया और शरणागत की नियुक्ति रद्द करने का अनुरोध किया. मंत्री भूरिया ने बाद में बताया कि अधिकारियों की मांग जायज है और वह इस संबंध में जरूरी कदम उठाएंगी. उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति विभाग के ही वरिष्ठ अधिकारियों में से की जाती है. मंत्री ने बताया कि शरणागत के मामले में उनकी नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा की गई थी. इससे पहले, अधिकारियों के एक समूह ने भूरिया को एक ज्ञापन सौंपा और उनसे शरणागत की नियुक्ति के संबंध में जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया. महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त निदेशक (इंदौर संभाग) डॉ. संध्या व्यास ने कहा कि शरणागत को अतिरिक्त निदेशक के पद पर नियुक्त करना नियमों के विरुद्ध है और इससे विभाग में भारी रोष है. व्यास ने कहा, "अधिकारी इस नियुक्ति से नाराज हैं क्योंकि शरणागत की नियुक्ति से विभाग के अधिकारियों की वरिष्ठता का हनन हुआ है." महिला मंत्री भूरिया को सौंपे ज्ञापन में, अधिकारियों ने बताया कि शरणागत 2008 बैच की अधिकारी हैं, जबकि विभाग में कई वरिष्ठ संयुक्त निदेशक 2009 से इसी पद पर कार्यरत हैं.  ज्ञापन में कहा गया है कि यह प्रमुख विभाग महिलाओं और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाता है, जिनके लिए विशेषज्ञता की जरूरत होती है और एक डिप्टी कलेक्टर इन विषयों का विशेषज्ञ नहीं होता.