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परिवार से ही निकला गुनहगार! युवक की हत्या का राज PM रिपोर्ट से खुला, मामा गिरफ्तार

गरियाबंद पुलिस ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के दर्रीपारा में युवक जयलाल की लाश मिलने के मामले में बड़ा खुलासा किया है. सोमवार को घर के बरामदे में युवक की संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिली थी. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी. डीएसपी और टीआई ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था. पीएम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने और गला घोंटकर हत्या का खुलासा हुआ. युवक का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका मामा चंद्राकुमार नायक ही निकला. आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. क्या है पूरा मामला बता दें कि 18 अगस्त को कोतवाली थाना क्षेत्र के दर्रीपारा के एक घर में युवक की संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिली थी. मृतक की पहचान जयलाल निषाद के रूप में हुई थी. जिसके चेहरे और शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान मिले थे. स्थानीय लोगों ने उस वक्त नशे में विवाद के कारण घटना की आशंका जताई थी. मामा क्यों बना भांजे का हत्यारा ? युवक जयलाल की पीएम रिपोर्ट से सर में चोंट और गला घोट हत्या करने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू किया. संदेही मामा चंद्रकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो उसने बताया कि शराबी भांजे आए दिन घर आकर विवाद करता था. दोनों एक ही गांव में रहते थे. ऐसे में रोज रोज के विवाद से छुटकारा पाने मामा ने वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने हत्यारे मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

PM और RSS पर आपत्तिजनक कार्टून: इंदौर कार्टूनिस्ट सोशल मीडिया पर लिखेंगे माफीनामा

 इंदौर इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस से माफी मांगेंगे। विवादित कार्टून बनाने के चलते इंदौर के युवक ने हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट से मालवीय की शिकायत की थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई। मालवीय ने कोर्ट में कहा कि वह आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अशोभनीय व्यंग्य चित्र बनाने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर माफीनामा प्रकाशित करेंगे। मालवीय की ओर से पैरवी कर रहीं एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच के समक्ष मालवीय का पक्ष रखा। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की युगल पीठ कर रही है। पीठ ने मालवीय को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा अगली सुनवाई तक बढ़ा दी। वकील ने कहा- सोशल मीडिया से हटा देंगे कार्टून एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट के समक्ष कहा, "पहले के आदेश के अनुसार माफ़ीनामा पहले ही प्रस्तुत कर दिया है। यह कार्टून सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। मालवीय अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी माफ़ीनामा प्रकाशित करेंगे।"बता दें कि एक माह पहले 15 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मालवीय की जमानत पर सुनवाई करते हुए उनके द्वारा प्रकाशित कुछ कार्टूनों पर नाराजगी व्यक्त की थी। अब केस की सुनवाई अगले हफ्ते होगी। कोर्ट ने कहा- 10 दिन में माफीनामा प्रकाशित करें मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने कहा कि जांच जारी रहने के कारण पोस्ट को हटाया नहीं जाना चाहिए। नटराज ने कहा कि माफ़ीनामा सोशल मीडिया पर इस वचन के साथ प्रकाशित किया जाए कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेंगे। जांच में सहयोग कर सकते हैं। पीठ ने सहमति जताते हुए कहा कि मालवीय 10 दिनों के भीतर माफ़ीनामा प्रकाशित करें। विवादित कार्टून का ये है मामला एफआईआर के अनुसार, मालवीय के कार्टून में आरएसएस की वर्दी पहने एक व्यक्ति को शॉर्ट्स उतारे हुए और प्रधानमंत्री मोदी को इंजेक्शन लगाते हुए दिखाया गया था। इस कार्टून से भावनाएं आहत होने पर इंदौर के विनय जोशी ने पुलिस से शिकायत कर दी थी। पोस्ट में कथित तौर पर भगवान शिव से जुड़ी टिप्पणियां भी थीं, जिन्हें उच्च न्यायालय ने "अपमानजनक" पाया।

स्कूल में खून-खराबा: छात्र की हत्या से अहमदाबाद में उपजा बवाल, तोड़फोड़ और झड़पें

अहमदाबाद अहमदाबाद के एक निजी स्कूल में दो बच्चों के बीच मामूली झगड़े ने हत्या और सांप्रदायिक तनाव का खौफनाक रूप ले लिया। अहमदाबाद के खोखरा में मंगलवार को 10वीं क्लास के एक बच्चे को 9वीं के छात्र को चाकू से गोद डाला। अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद बवाल मच गया। पीड़ित और आरोपी छात्र के अलग-अलग समुदाय से होने की वजह से सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया। उग्र भीड़ ने बुधवार को स्कूल में तोड़फोड़ मचा दी। बताया जा रहा है कि 15 साल का मृतक छात्र एक निजी स्कूल में पढ़ता था। आठवीं क्लास एक बच्चे से एक सप्ताह पहले किसी बात को लेकर उसके कजिन का झगड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक एक सप्ताह पहले पीड़ित छात्र के चचेरे भाई का झगड़ा 9वीं क्लास के एक छात्र के साथ हुआ था। मंगलवार को जब पीड़ित उनसे बात करने गया तो जिससे झगड़ा हुआ था उसके दोस्त ने चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी छात्र को पकड़ लिया है और उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी जब्त किया है और घटना के समय मौजूद रहे बच्चों से बयान लिया गया है। आरोपी छात्र के दूसरे समुदाय से होने की वजह से घटना ने सांप्रदायिक तनाव का भी रूप से लिया। स्कूल में हत्या जैसी घटना से आक्रोशित परिजनों के अलावा हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी बुधवार को उग्र प्रदर्शन करने लगे। स्कूल में तोड़फोड़ की गई। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी केस दर्ज करने की मांग की तो बहुत से लोग स्कूल से दूसरे समुदाय के सभी बच्चों को हटाने की मांग करने लगे। स्कूल के भीतर बड़ी संख्या में लोग घुस गए और तोड़फोड़ करने लगे। सूचना पाकर बड़ी संख्या में पुलिकर्मी स्कूल पहुंचे। नारेबाजी के बीच भीड़ और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कई परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल में कुछ छात्र हथियार और ड्रग्स जैसी चीजें लेकर आते थे, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उन्हें रोकने के लिए समय रहते कोई कदम नहीं उठाया।  

मध्यप्रदेश में बारिश का कहर, 23 जिलों में अलर्ट; भोपाल में झमाझम, नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट खुले

भोपाल  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रतलाम समेत 23 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में हल्की बारिश होने के आसार हैं। भोपाल में सुबह से रुक-रुककर पानी गिर रहा है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 में से 5 गेट 5-5 फीट तक खोले गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून टर्फ, डिप्रेशन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी होने से मध्यप्रदेश में अगले चार दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होगी। आज नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। तवा डैम ओवरफ्लो, 5 गेट से छोड़ा जा रहा पानी मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर 1164.10 फीट तक पहुंच गया है। डैम के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने आज बुधवार 20 को सुबह 6:30 बजे से 13 में से 5 गेट को 5-5 फीट तक खोल दिया है। तवा परियोजना संभाग इटारसी के कार्यपालन यंत्री के अनुसार, इन गेटों से लगभग 43,010 क्यूसेक पानी तवा नदी में छोड़ा जा रहा है। यह इस सीजन में दूसरी बार है जब डैम के गेट खोलने पड़े हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है। तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में निरंतर वर्षा जारी है। प्रशासन ने तवा और नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें नदी के किनारे न जाने की चेतावनी भी दी गई है।तवा डैम के एसडीओ एन के सूर्यवंशी ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नर्मदापुरम जिले में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम सक्रिय हो गया है। मंगलवार शाम को अच्छी बारिश हुई और बुधवार सुबह से भी लगातार बारिश जारी है। पचमढ़ी और सारणी क्षेत्र में बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह 6 बजे जलस्तर 1164.10 फीट पहुंचा  मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस साल 18 जून को मानसून ने जिले में दस्तक दी थी। जिले का कुल कोटे का 55 प्रतिशत यानी 29 इंच बारिश जुलाई में ही हो चुकी थी। अगस्त माह में अब तक कम बारिश हुई थी। अब तक जिले में औसतन 39 इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग ने बाकी अगस्त में अच्छी बारिश का अनुमान जताया है, जिससे औसतन बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है। 20 दिन बाद खोले तवा डैम के 5 गेट तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में निरंतर बारिश और जल आवक को देखते हुए बुधवार सुबह 6:30 बजे डैम के 5 गेट 5 फीट तक खोले गए। 31 जुलाई को गेट बंद कर दिए गए थे। 20 दिन बाद गेट दोबारा खोले गए हैं। प्रशासन ने लोगों को दी सलाह प्रशासन ने तवा डैम और नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की सलाह दी है। जिले में 38.40 इंच औसत बारिश जिले में 18 जून को मानसून ने दस्तक थी। जून से 19 अगस्त तक जिले में 38.40 इंच औसत बारिश हो चुकी है। जुलाई माह में ही औसतन 29 इंच से ज्यादा बारिश हुई। अगस्त में उम्मीद के मुताबिक अबतक कम बारिश हुई है। मंगलवार को करीब 1 घंटे तक तेज बारिश हुई। शहर में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। जिससे शहर के जय स्तंभ चौक, गांधी प्रतिमा तिराहे के सामने सड़क पर पानी भरा गया।    

लापरवाही की इंतहा! वैन में भेड़-बकरियों की तरह भरे बच्चे, हादसे में मची चीख-पुकार

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में आज सुबह स्कूली बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो गया. यहां एक स्कूली वैन में भेड़-बकरियों की तरह बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था. इसी दौरान वैन अंनियंत्रित होकर खेत में पलट गई. जानकारी के मुताबिक हादसा चेरा गांव पारा में हुआ और वैन में करीब 30 बच्चे सवार बताए जा रहे है. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बच्चों को वैन से बाहर निकाला. हादसे में कुछ बच्चे घायल हुए है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. यह वैन महादेवपुर स्थित मॉडल पब्लिक स्कूल की बताई जा रही है . बच्चों ने बताया कि वे स्कूल की छुट्टी के बाद घर जा रहे थे तभी ये हादसा हो गया. अब इस मामले में डिंडो चौकी पुलिस जांच कर रही है कि, ये वैन स्कूल की है या निजी ट्रेवल एजेंट की. हालांकि इस हादसे ने ट्रैफिक पुलिस पर भी सवाल खड़े कर दिए है, क्योंकि यदि एक मारूति वैन जिसमें 5-7 लोग ही बैठ सकते है ऐसे में कैसे इसमें 30-30 बच्चों को ले जाया जा रहा था ?

BCCI ने घोषित की Women’s World Cup 2025 टीम, 15 खिलाड़ियों की किस्मत चमकी

मुंबई  बीसीसीआई ने  आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया। हरमनप्रीत कौर को 15 सदस्यीय टीम की कमान सौंपी गई है। उन्हें गोल्डन चांस मिला है। वह पहली बार 50 ओवर फॉर्मेट के वनडे वर्ल्ड में भारत की कप्तानी करेंगी। ओपनर स्मृति मंधाना को उपकप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टूर्नामेंट 30 सितंबर से भारतीय सरजमीं पर शुरू होगा। भारत ने अब तक महिला वनडे वर्ल्ड कप नहीं जीता है। नीतू डेविड की अगुवाई वाली चयन समिति ने स्टार प्लेयर शेफाली वर्मा को वर्ल्ड कप स्क्वॉड में जगह नहीं दी। नीतू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि टीम अच्छा खेल रही है। हमें लगा कि इसमें ज्यादा बदलाव करने का कोई फायदा नहीं है। इसीलिए शेफाली टीम में नहीं है। लेकिन वो हमारी रणनीति का हिस्सा बनी हुई है। शीर्षक्रम की बल्लेबाज प्रतीका रावल को टीम में चुना गया है। उन्होंने पिछले 14 वनडे में शानदार प्रदर्शन किया है। हरलीन देओल को भी अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है। चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड में हालिया सीरीज में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाली क्रांति गौड़ और श्रीचरणी को भी चुना है। बॉलिंग अटैक की कमान रेणुका सिंह ठाकुर संभालेंगी। रेणुका महिला प्रीमियर लीग के बाद पैर की चोट के कारण बाहर हो गई थीं। वह श्रीलंका में टॉई सीरीज में भी नहीं खेल पाईं। बता दें कि वर्ल्ड कप के अलावा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की महिला वनडे सीरीज के लिए भी भारतीय स्क्वॉड की घोषणा की गई है। वर्ल्ड कप और ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए स्क्वॉड में सिर्फ एक बदलाव है। तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर अमनजोत कौर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आराम दिया गया है लेकिन वह वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 14 सितंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज आयोजित होगी। सीरीज के शुरुआती दो मैच मुल्लांपुर के स्टेडियम में होंगे जबकि अंतिम मुकाबले दिल्ली में खेला जाना है। महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के लिए भारतीय स्कॉड: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (वीसी), प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी, ऋचा घोष (विकेटकीपर), क्रांति गौड़, अमनजोत कौर, राधा यादव, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर) और स्नेह राणा। ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए भारतीय स्कॉड: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी, ऋचा घोष (विकेटकीपर), क्रांति गौड़, सयाली सतघरे, राधा यादव, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), स्नेह राणा।

JOB ALART :12,543 पद पर जल्‍द आने है बहाली! बिहार एसएससी की परीक्षाओं से सरकारी नौकरी का मौका

JOB ALART : बिहार एसएससी से बड़ी खुशखबरी! इस साल 12,543 पदों पर होगी बहाली, युवाओं को मिलेगा रोजगार  JOB ALART :12,543 पद पर जल्‍द आने है बहाली! बिहार एसएससी की परीक्षाओं से सरकारी नौकरी का मौका  JOB Vacancy :1 करोड़ रोजगार के मिशन की ओर सरकार ने बढ़ाया कदम, एसएससी से इस साल होगी 12,543 पदों पर बहाली  JOB Vacancy : अब इंतजार खत्म! बिहार एसएससी की तेज रफ्तार भर्ती प्रक्रिया, 12,543 पदों पर बहाली शुरू पटना  बिहार सरकार बहाली का जल्‍द मौका आने वाला है। युवाओं के लिए अब सरकारी नौकरी का दरवाज़ा पहले से कहीं ज्यादा तेज़ी से खुल रहा है। राज्य सरकार ने 50 लाख युवाओं को रोजगार और नौकरी देने का लक्ष्य पूरा करने के बाद अब 1 करोड़ का नया लक्ष्य तय किया है। इस अभियान में सबसे अहम भूमिका निभा रहा है बिहार कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी)। इस साल आयोग की ओर से 12,543 पदों पर बहाली की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अगस्त में क्षेत्र सहायक के 201 पदों के लिए लिखित परीक्षा हो चुकी है। इसके साथ ही द्वितीय इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के तहत 12,199 पदों पर और प्रयोगशाला सहायक के 143 पदों पर नियुक्ति की तैयारी है। कई जिलों का रिजल्ट जारी, बाकी जल्द कार्यालय परिचारी (विशिष्ट) पदों के लिए गया और सीवान को छोड़कर 25 जिलों का रिजल्ट प्रकाशित कर दिया गया है। इन दोनों जिलों का परिणाम भी जल्द आने वाला है। वहीं, कार्यालय परिचारी के 238 पदों के लिए इस साल 11 मई को और कल्याण व्यवस्थापक या निम्नवर्गीय लिपिक के 56 पदों के लिए 29 जून को परीक्षा आयोजित की गई थी। आने वाले महीनों में बड़ी भर्ती इसके अलावा चतुर्थ स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की 1481 पदों की बहाली जल्‍द आने वाली है। कार्यालय परिचारी या परिचारी (विशिष्ट) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर 3727 पदों के लिए भी बहाली प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इन परीक्षाओं की तैयारी आयोग की ओर से लगभग पूरी कर ली गई है। पहले की तुलना में बड़ा बदलाव कुछ साल पहले तक एसएससी सिर्फ 1-2 परीक्षाएं ही आयोजित करता था। उनका भी रिजल्ट आने में महीनों और कभी कभी तो सालों लग जाते थे। लेकिन अब बिहार में बहाली के हालात बदल चुके हैं। एसएससी हर साल 3 से 5 प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कर रहा है और तय समय पर रिजल्ट भी दे रहा है। बहाली का इंतजार करने वालों का इंतजार खत्‍म ऐसे में राज्‍य सरकार में बहाली का इंतजार करने वालों का सपना जल्‍द साकार होने वाला है। राज्य एसएससी के अध्यक्ष आलोक राज का कहना है कि अब निर्धारित समय में परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं और रिजल्ट भी समय पर घोषित किए जा रहे हैं। इससे विभागों में खाली पड़े पदों को जल्दी भरा जा रहा है। सरकार के 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के संकल्प को पूरा करने में आयोग अहम भूमिका निभा रहा है।

सड़क हादसे में दर्दनाक मौत: टक्कर के बाद धधके वाहन, चालक और क्लीनर नहीं बच सके

उन्नाव उन्नाव-हरदोई मार्ग पर बुधवार सुबह तीन बजे मौरंग लदे डंपर और केमिकल ड्रम लड़े डीसीएम में आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के तुरंत बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। संभल जिला निवासी डीसीएम चालक और कानपुर देहात निवासी डंपर चालक व क्लीनर जिंदा जल गए। डीसीएम के क्लीनर ने कूदकर जान बचाई। पुलिस दमकल की मदद से आग बुझाई। हादसे के कारण मार्ग तीन घंटे जाम रहा। पुलिस के मुताबिक हादसा चालक को झपकी आने से हुआ है। संभल जिला के थाना असमौली के गांव गहरे की माड़िया निवासी डीसीएम चालक महिपाल (30) अपने भांजे/क्लीनर, संभल जिले के ही फतेहपुर उनमा निवासी सोनू के साथ कानपुर जा रहा था। उन्नाव-हरदोई मार्ग पर बुधवार सुबह बांगरमऊ कोतवाली के कस्बा गंजमुरादाबाद पहुचा था तभी मुरे कंपनी मोड़ पर मौरंग लदे डंपर से आमने-सामने टक्कर हो गई। तेज टक्कर होने से दोनों वाहनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और आग लग गई। डीसीएम क्लीनर सोनू ने कूदकर खुद की जान बचाई, वहीं डीसीएम चालक महिपाल और कानपुर देहात जिले के थाना भोगनीपुर के गांव चोरा निवासी चालक पवन (30) और जालौन जिला निवासी क्लीनर सुमित वाहनों में ही फंस गए और तीनों की जिंदा जल गए। पीआरवी की सूचना पर अग्निशमन विभाग की टीम पहुंची और दमकल की मदद से  आग पर बुझाई। बांगरमऊ कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि दोनों में किसी चालक को झपकी आने यह हादसा होने का अनुमान है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कर दिया गया है।

लड़की की तलाश में ढिलाई से नाराज़ ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी

झुंझनू जिले के जसरापुर गांव में अचानक एक लड़की के लापता होने से पूरे इलाके में चिंता और गुस्से का माहौल बन गया। वार्ड नंबर 13 की यह लड़की सुबह अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। अंततः उन्होंने खेतड़ी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने से ग्रामीण और परिजन नाराज हो गए। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जसरापुर-खेतड़ी मार्ग पर जाम लगाकर धरना दे दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आमजन और स्कूल जाने वाले बच्चे घंटों फंसे रहे। ग्रामीणों का आरोप था कि जसरापुर के पास एक अज्ञात युवती का शव देखा गया था लेकिन मौके पर पहुंचने पर वह गायब था। इससे संदेह और बढ़ गया कि कहीं प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं कर रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की घटनाओं से बेटियां असुरक्षित हो गई हैं और पुलिस का रवैया बेहद गैर जिम्मेदाराना है। धरने की अगुवाई राजकुमार सिंह निर्वाण कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी है कि यदि पुलिस 72 घंटे में लड़की को सुरक्षित बरामद नहीं करती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरना और जाम की सूचना पर खेतड़ी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक तनावपूर्ण माहौल रहा। आखिरकार पुलिस और प्रशासन के आश्वासन पर जाम खोला गया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब केवल नतीजे चाहिए, महज आश्वासन से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही अपराधियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक बेटियां घर से सुरक्षित लौटने की गारंटी से वंचित रहेंगी। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि पुलिस हर घटना के बाद खानापूर्ति करके आश्वासन देकर शांत कराने की कोशिश करती है लेकिन हकीकत में न तो अपराध कम हो रहे हैं और न ही बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। करीब तीन घंटे तक चला यह विरोध झुंझुनू जिले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर गया। अब देखना होगा कि पुलिस 72 घंटे की इस समय सीमा में लड़की को खोज पाती है या फिर और बड़ा आंदोलन उभरकर सामने आता है।  

बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट पर भड़के रामभद्राचार्य, उठाया धार्मिक समानता का सवाल

वृंदावन  प्रख्यात रामकथा वाचक और पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर को अपने नियंत्रण में लेने के कदम पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि अगर मस्जिदों और चर्चों के खिलाफ ऐसा कदम नहीं उठाया जा सकता, तो मंदिरों को इससे बचना चाहिए.  मंदिर के लिए एक ट्रस्ट बनाने और बांके बिहारी कॉरिडोर विकसित करने की राज्य सरकार की योजना पर पूछे गए सवालों के जवाब में, उन्होंने कड़ी असहमति जताई. रामभद्राचार्य ने कहा- "मैं मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाने के सरकार के फैसले से सहमत नहीं हूं." आपको बता दें कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य  वृंदावन स्थित तुलसी पीठ छत्तीसगढ़ कुंज में एक सप्ताह तक श्रीमद्भागवत कथा का पाठ करने पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुए बांके बिहारी मंदिर को लेकर यूपी सरकार के कदम से अपनी असहमति जाहिर की.  उन्होंने आगे कहा, "मुझे समझ नहीं आ रहा कि सरकार मंदिरों को अपने नियंत्रण में क्यों लेना चाहती है और उनका धन क्यों जब्त करना चाहती है, जबकि वह किसी मस्जिद या चर्च का अधिग्रहण नहीं कर सकती." मालूम हो कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता को अध्यादेश के माध्यम से ट्रस्ट की स्थापना और गलियारे के निर्माण का कारण बताया है.  रामभद्राचार्य का बयान मथुरा पहुंचे तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा- जो लोग सनातन धर्म का विरोध करेंगे, उनको लेकर हमने वचन दिया है कि उन्हें उचित और कठोरतम प्रसाद देंगे.  वहीं, धर्मांतरण के मसले पर उन्होंने कहा कि ये मामला बहुत संवेदनशील है और हमें संयम से काम लेना पड़ेगा. आज आवश्यकता है कि अपनी  कन्याओं को समझाया जाए. वह वीरांगना लक्ष्मीबाई बने. जबकि, मंदिरों के अधिग्रहण के बारे में रामभद्राचार्य ने कहा- जब मस्जिद और चर्च का अधिग्रहण नहीं हो सकता है तो मंदिर का भी अधिग्रहण नहीं होना चाहिए. हम इसका विरोध करते हैं. भगवान श्री कृष्ण जन्म स्थान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह श्री कृष्ण जन्मस्थान के मामले में भी गवाही देने आएंगे और सबको अपने उत्तर से चुप करेंगे. रामभद्राचार्य ने राम जन्म भूमि मंदिर के लिए गवाही दी थी.