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मेकाहारा जांच मशीनों पर उठे सवाल, स्वास्थ्य मंत्री का तीखा जवाब विपक्ष पर भारी

रायपुर सदन की कार्यवाही के तीसरे दिन डॉ. भीम राव अम्बेडकर मेमोरियल अस्पताल (मेकाहारा) की बंद पड़ी जांच मशीनों और मशीनों की खरीदी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को घेरा. स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस विधायक के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में पांच साल आपकी भी सरकार थी. कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने प्रश्नकाल में मेकाहारा में बंद पड़ी जांच की मशीनों की मरम्मत का मामला उठाया हुए कहा कि मशीनों में से कई मशीन एक संख्या में थे जो वर्षों से ऐसी ही पड़ी है. मशीनों की खरीदी क्यों नहीं हो रही और खरीदी की प्रक्रिया क्या है? स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने बताया कि 161 मशीन स्थापित है 50 मशीन बंद है. अभी 70 करोड़ की खरीदी कर रहे हैं. 11 मशीनों का सुधार कार्य चल रहा है. इस पर कांग्रेस विधायक ने सवाल किया कि कैंसर की जांच करने वाले मशीन क्यों नहीं है? स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वो जांच मशीन की श्रेणी में नहीं इलाज की श्रेणी में आता है, और यह मशीन विदेश से आता है. लेकिन हम उस मशीन को चालू भी करेंगे. विधायक शेषराज ने सवाल जारी रखते हुए कहा कि यह मशीन पिछले 9 साल पहले आपके ही कार्यकाल में खरीदी गई थी. 9 साल पहले खरीदी गई मशीन अभी तक चालू क्यों नहीं कर पाए है? इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में एक अच्छे सोच के साथ मशीन की खरीदी की गई थी, लेकिन कुछ कारणवश अगर चालू नहीं कर पाए, तो अभी करवा रहे है. लेकिन 5 साल आपकी भी सरकार थी. इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मैने पिछले 5 साल में भी यह कहा है बार बार की वह मशीन अगर चालू होगी तो उससे कई लोगों का इलाज किया जा सकता है कोई अनियमितता होगी तो उसकी भी जांच करा सकते हैं.

विदिशा में GRP की बड़ी कार्रवाई, रेलवे स्टेशन से किया 20 बच्चों का रेस्क्यू , 6 तस्कर गिरफ्तार

विदिशा   मध्य प्रदेश के विदिशा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरपीएफ और सोशल वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त कार्रवाई में 20 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। यह बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं, और इन्हें मुंबई होते हुए सूरत ले जाया जा रहा था, जहां इनसे साड़ी फैक्ट्रियों में काम करवाया जाना था। ऐसे हुआ बच्चों का रेस्क्यू  विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की दीपा शर्मा ने बताया कि जानकारी मिली थी कि बड़ी संख्या में बच्चों को ले जाया जा रहा है । जानकारी के आधार पर ये कार्रवाई की गई। हमारी टीम ने आरपीएफ के साथ मिलकर रात भर स्टेशन पर निगरानी की, और सुबह करीब 5 बजे ट्रेन के पहुंचते ही कार्रवाई को अंजाम दिया गया। रेस्क्यू के दौरान कुछ तस्कर मौके से फरार हो गए, जबकि 6 आरोपी को पकड़ लिया गया है। ट्रेन का स्टॉपेज दो मिनिट का था , चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया और 34 लोगों को उतारा गया, जिनमें से 20 बच्चे नाबालिक निकले । जानकारी ये भी है कि कुछ बच्चे ट्रेन से आगे निकल चुके हैं, जिन्‍हें उज्जैन स्टेशन पर रेस्क्यू किया जाएगा। पकड़े गए लोगों से हो रही पूछताछ  रेस्क्यू किए गए बच्चों को अब बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा और फिर बाल संप्रेषण गृह में अस्थाई रूप से रखा जाएगा। फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम, बच्चों को ले जाने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।  जानकारी के अनुसार ये सभी बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं और इन्हें ट्रेन के ज़रिए मुंबई होते हुए गुजरात के सूरत शहर ले जाया जा रहा था। वहां इनसे साड़ी फैक्ट्रियों में जबरन मजदूरी करवाई जानी थी। विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की प्रमुख दीपा शर्मा ने बताया कि संस्था को इन बच्चों की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर आरपीएफ के साथ मिलकर रात भर स्टेशन पर निगरानी की गई। सुबह करीब 5 बजे जैसे ही संदिग्ध ट्रेन स्टेशन पर पहुंची टीम ने तत्काल कार्रवाई कर ट्रेन को चेन पुलिंग के ज़रिए रोका।  कार्रवाई के दौरान कुल 34 लोगों को ट्रेन से उतारा गया जिनमें से 20 बच्चे नाबालिग पाए गए। मौके पर हड़कंप मच गया, कुछ तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले लेकिन 6 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दीपा शर्मा ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कुछ बच्चे ट्रेन से आगे निकल चुके हैं जिन्हें उज्जैन स्टेशन पर रेस्क्यू करने की तैयारी की जा रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को अब बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा और उसके बाद अस्थाई रूप से बाल संप्रेषण गृह में रखा जाएगा। फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम पकड़े गए तस्करों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा करने के लिए हर पहलू की गहन जांच कर रही है। मानव तस्करी क्या है ("मानव तस्करी" का अर्थ)? मानव तस्करी एक संगठित अपराध है जिसमें लोगों को धोखे से, जबरदस्ती या लालच देकर उनका शोषण करने के लिए कहीं और ले जाया जाता है, जैसे कि जबरन मजदूरी या यौन शोषण के लिए। "मानव तस्करी" से कैसे बचा जा सकता है? लोगों को जागरूक बनाकर, बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखकर, और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस या सामाजिक संस्थाओं को देकर मानव तस्करी से बचा जा सकता है। "मानव तस्करी" की सूचना कहां दी जा सकती है? आप 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 100 (पुलिस) या किसी भी नजदीकी थाने या सामाजिक संस्था को "मानव तस्करी" की जानकारी दे सकते हैं। क्या बच्चों को काम पर लगाना "मानव तस्करी" में आता है? अगर किसी नाबालिग को जबरन या धोखे से मजदूरी करवाई जा रही है, तो वह मानव तस्करी और बाल शोषण दोनों की श्रेणी में आता है। क्या "मानव तस्करी" के लिए सज़ा का प्रावधान है? हाँ, भारत में "मानव तस्करी" एक गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है।  

कानपुर प्रशासनिक तनातनी में नया मोड़, नेमी फिर बने सीएमओ

कानपुर  कानपुर में डीएम और सीएमओ विवाद में फिर नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कानपुर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के निलंबन आदेश को स्थागित कर दिया गया है। इसके बाद डॉ. नेमी को कुर्सी फिर मिल गई है। इस संबंध में शासन से आदेश जारी हो गया है। वहीं सीएमओ डॉ. नेमी की जगह चार्ज लेने वाले डॉ. उदयनाथ को फिलहाल श्रावस्ती भेज दिया गया है। 19 जून को हुए थे निलंबित आपको बता दें कि डॉ. हरिदत्त नेमी दिसंबर 2023 में कानपुर के सीएमओ बनाए गए थे। इसके बाद जनवरी 2024 में जितेन्द्र प्रताप सिंह कानपुर के जिलाधिकारी बनाए गए। फरवरी में डीएम जितेंद्र ने अस्पतालों का निरीक्षण शुरू कर दिया। इसमें कई खामियां मिलीं। सीएमओ समेत कई गैरहाजिर मिले थे। इसके अलावा डीएम को एक और गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद डीएम ने सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर दी। इसके बाद सीएमओ और डीएम में तनातनी हो गई। इसके बाद शासन ने 19 जून को सीएमओ डॉ. हरिदत्त को निलंबित कर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी श्रावस्ती के पद पर तैनात डॉ. उदय नाथ को कानपुर सीएमओ का चार्ज मिल गया। हाईकोर्ट से स्टे के बाद विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई इसके बाद डॉ. नेमी हाईकोर्ट पहुंच गए। हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट से राहत पाते ही सीएमओ की कुर्सी पर कब्जा करने पर ऑफिस पहुंचे। नेमी की मुश्किलें फिर बढ़ गई। इस दौरान सीएमओ ऑफिस में हाईवोल्टेज ड़ामा हुआ। इस पर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। शासन ने उन्हें प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों में दोषी पाया। नेमी पर लगे ये आरोप चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक (प्रशासन) को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए एक माह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की तरफ से जारी आदेश के अनुसार ,डॉ. नेमी पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की चयन प्रक्रिया में निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने, शासनादेशों की अनदेखी कर वित्तीय शक्तियों का अनुचित प्रयोग करने, नियमों के विरुद्ध स्थानांतरण आदेश जारी करने के आरोप लगे। इसके अलावा अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण में शिथिलता बरतने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों का अनुपालन न करने और अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगे है। अब निलंबन का आदेश स्थागित अब इस मामले में शासन ने हाईकोर्ट के स्टे आदेश के अनुपालन में उनका निलंबन आदेश स्थागित कर दिया है। डॉ. नेमी की जगह लेने वाले डॉ.उदयनाथ को श्रावस्ती भेज दिया है। डॉ .नेमी को फिर सीएमओ की कुर्सी मिल गई।  

भारतीय सेना की बढ़ेगी ताकत, US से आ रहे रात के अंधेरे में भी हमला करने वाले अपाचे हेलिकॉप्टर

नई दिल्ली अमेरिका से अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी इसी सप्ताह होने जा रही है। पहली खेप के तहत कुल तीन अपाचे हेलिकॉप्टर मिलेंगे, जो रात के अंधेरे में भी टारगेट को खोजने और मार करने में सक्षम होंगे। अमेरिकी सेना में लंबे समय से तैनात इन हेलिकॉप्टरों की काफी डिमांड रही है। अब तक करीब 20 देशों को अमेरिका की ओर से इन हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार भारत इन हेलिकॉप्टरों को पाकिस्तान से लगती सीमा पर तैनात करने की तैयारी में है। 2 जुलाई को ही खबर आई थी कि इन हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी का इंतजार खत्म होगा और इसी महीने ये भारत आ सकते हैं। इन हेलिकॉप्टरों को 'हवाई टैंक' भी कहा जाता है। अमेरिका से आने वाले AH-64Es अपाचे हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर होगी। भारतीय सेना की ओर से इन हेलिकॉप्टरों के लिए अलग से बेड़ा पहले ही तैयार कर लिया गया है। जोधपुर में 15 महीने पहले ही इसकी शुरुआत हो चुकी है। लेकिन हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी अटक गई थी। इसकी वजह थी कि दुनिया के भू-राजनीतिक समीकरण बदल गए और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भी ट्रेड टैरिफ आदि में व्यस्त था। बता दें कि पहले ही इंडियन एयरफोर्स के पास दो स्क्वैड्रन पठानकोट और जोरहाट में ऐक्टिव हैं। बता दें कि 2015 में भी भारत सरकार ने 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों की डील अमेरिका से की थी। उस ऑर्डर की पूरी डिलिवरी अमेरिका की ओर से जुलाई 2020 में कर दी गई थी। इसके बाद 2020 में भारत ने 6 हेलिकॉप्टर और खरीदने की डील की थी। इसके तहत पहली खेप की डिलिवरी मई से जून 2024 के बीच की जानी थी। लेकिन इसमें देरी होती गई। बता दें कि अमेरिकी कंपनी बोइंग और टाटा की ओर से भी एक जॉइंट वेंटर हैदराबाद में चल रहा है। यहां तैयार किया गया एक अपाचे हेलिकॉप्टर 2023 में भारतीय सेना को मिला था। इस हेलिकॉप्टर की खासियत यह है कि अंधेरे में भी यह अटैक कर सकता है। इसके अलावा किसी भी मौसम में यह सटीक डेटा हासिल कर सकता है। रात के अंधेरे में भी कर लेता है टारगेट की तलाश इन हेलिकॉप्टरों में नाइट विजन नेविगेशन सिस्टम है। इसके माध्यम से रात के अंधेरे में भी टारगेट की तलाश की जा सकती है। बता दें कि अपाचे हेलिकॉप्टरों को ना सिर्फ आक्रमण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है बल्कि इन्हें सुरक्षा और शांति ऑपरेशनों के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।  

भारत को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं का विकास करना चाहिए: CDS जनरल अनिल चौहान

नई दिल्ली  CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि भारत को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं का विकास करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने खासतौर से ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने जानकारी दी है कि पाकिस्तान की तरफ से भारत के खिलाफ चलाए गए ड्रोन नाकाम रहे थे और कोई नुकसान नहीं पहुंचा सके। हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने भी दावा किया था कि पाकिस्तान की कार्रवाई में भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान जनरल चौहान ने कहा कि भारतीय बलों ने इस्लामाबाद की तरफ से चलाए गए ड्रोन्स को काइनैटिक और नॉन काइनैटिक साधनों से तबाह कर दिया था। उन्होंने कहा, '10 मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने हथियार रहित ड्रोन का इस्तेमाल किया, इनमें से कोई भी भारतीय सैन्य और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा सका।' उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ड्रोन सही सलामत हालत में भी बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया है कि भारत में बने काउंटर UAS सिस्टम भारत की जमीनी स्थिति और जरूरतों के हिसाब से बने हैं और सैन्य ऑपरेशन के दौरान काफी अहम हैं। उन्होंने कहा, 'विदेशी तकनीकों पर निर्भरता हमारी तैयारी को कमजोर करती है, उत्पादन बढ़ाने की हमारी ताकत को सीमित करती है। ऐसे में हर समय उपलब्ध रहने के लिए जरूरी पुर्जों की कमी हो जाती है।' पीटीआई के अनुसार, सीडीएस ने कहा, 'आज के युद्ध को अतीत के हथियारों से नहीं जीता जा सकता है। आज के युद्ध को कल की तकनीक से लड़ा जाना चाहिए।' NSA पहले ही खोल चुके पोल शुक्रवार को IIT मद्रास के एक कार्यक्रम में पहुंचे डोभाल ने कहा, 'पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे…। आप मुझे एक तस्वीर बता दें, जो दिखाता हो कि भारतीय क्षेत्र में कहीं नुकसान हुआ हो। वो लोग लिखते हैं, न्यूयॉर्क टाइम्स…, लेकिन तस्वीरें दिखाती हैं कि 10 मई के पहले और बाद में पाकिस्तान में 13 एयर बेस की हालत क्या थी।' उन्होंने कहा, 'हमें अपनी स्वदेशी तकनीक विकसित करने की जरूरत है।' उन्होंने कहा, 'हमें बहुत गर्व है कि वहां बहुत सारा स्वदेशी सामान लगा था। ब्रह्मोस से लेकर रडार तक हमने पूरी तरह से भारतीय सामान का इस्तेमाल किया था। हमने पाकिस्तान के पास 9 आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने का फैसला किया था। हम एक भी नहीं चूके। हमने वहां के अलावा कहीं भी हमला नहीं किया।'  

अपहरण कर युवक को बनाया बंधक, वीडियो भेजकर फिरौती मांगी; चार आरोपी पकड़े गए

अलवर अलवर में शेयर मार्केटिंग और ट्रेडिंग से जुड़े एक युवक का अपहरण कर उसे जंगल में ले जाकर बुरी तरह पीटने और उसका वीडियो बनाकर 3.5 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने बदमाशों के दिए अकाउंट में 50 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए थे। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोकेशन ट्रेस की और बूंदी टोल से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित युवक को छुड़वा लिया। अपहृत युवक हंसराज ने जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से लौट रहा था, तभी बोलेरो में सवार कुछ लोगों ने उसे जबरन रोक लिया और आंखों पर कपड़ा बांधकर कार में डाल लिया। कार में लगातार उसे पीटा गया। इसके बाद जंगल में ले जाकर आरोपियों ने एक वीडियो शूट किया, जिसमें हंसराज गिड़गिड़ा रहा है- "पेमेंट कर दे भाई, वरना मैं इनके हाथों मर जाऊंगा।" यह वीडियो वॉट्सऐप के जरिए परिवार को भेजा गया। पीड़ित के मुताबिक आरोपी लगातार अलग-अलग आरोप लगाते रहे, कभी छेड़छाड़, कभी साइबर ठगी तो कभी सीधी फिरौती की मांग। आरोपियों ने हंसराज से 50 हजार रुपए एक खाते में ट्रांसफर करवाए, जिसे बाद में अलवर स्थित एटीएम से एक स्थानीय युवक द्वारा निकाला गया। इससे पुलिस को शक है कि वारदात में गैंग का स्थानीय नेटवर्क भी सक्रिय है। थानाधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि पीड़ित के भाई देशराज ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ ही देर में उन्हें मारपीट का वीडियो मिला, जिससे मामला गंभीर हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बदमाशों के पास परिवार की हर गतिविधि की जानकारी थी। इससे संकेत मिले कि कोई जानकार व्यक्ति गैंग से जुड़ा हो सकता है। एएसपी तेजपाल सिंह ने बताया कि परिजनों द्वारा रुपये भेजने के बाद आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और अलग-अलग टीमों को भेजा गया। बूंदी टोल नाके पर पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया और पीड़ित युवक को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह एक संगठित गैंग है जो फिरौती, ठगी और अपहरण जैसी वारदातों में संलिप्त है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।

इंग्लैंड की WTC रेस में गिरावट, टीम इंडिया किस पायदान पर है?

नई दिल्ली बुधवार 16 जुलाई को आईसीसी ने इंग्लैंड की टीम के खाते में से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी डब्ल्यूटीसी के 2 अंक काट लिए। इसका नुकसान इंग्लैंड की टीम को पॉइंट्स टेबल में उठाना पड़ा, क्योंकि टीम को एक पायदान नीचे खिसकना पड़ गया है। लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में स्लो ओवर रेट के कारण इंग्लैंड की टीम के दो WTC पॉइंट्स काटे गए हैं। इसके अलावा बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली टीम पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया है। इंग्लैंड ने यह मैच 22 रन के करीबी अंतर से जीता था। इंग्लैंड को हुए इस नुकसान के बाद WTC की पॉइंट्स टेबल क्या है, भारतीय टीम किस पायदान पर है? ये जान लीजिए। ICC के फाइन के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में इंग्लैंड के खाते में पॉइंट्स 24 से घटकर 22 हो गए हैं। इस कारण उसका जीत प्रतिशत (पीसीटी) 66.67 प्रतिशत से घटकर 61.11 प्रतिशत हो गया है। श्रीलंका को इसका फायदा मिला, जिसका प्रतिशत 66.67 है और वह इंग्लैंड को पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। ऑस्ट्रेलिया अब तक अपने तीनों मैच जीतकर 100 प्रतिशत अंकों के साथ डब्ल्यूटीसी तालिका में शीर्ष पर है, जबकि भारत का जीत प्रतिशत 33.33 है और टीम पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है। बांग्लादेश की टीम पांचवें पायदान पर है, जिसका जीत प्रतिशत 16.670 है। हालांकि, टीम ने कोई मैच नहीं जीता है, बल्कि उनका एक मैच ड्रॉ रहा था, जिसके लिए आपको चार पॉइंट्स मिलते हैं। वेस्टइंडीज की टीम इस पॉइंट्स टेबल में छठे नंबर पर है, जिसका खाता नहीं खुला है। वहीं, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड दो अन्य टीमें पॉइंट्स टेबल में अभी कहीं नहीं हैं, क्योंकि दोनों ने अभी तक इस नए चक्र में एक भी टेस्ट मुकाबला नहीं खेला है। पाकिस्तान का तो हाल फिलहाल में कोई टेस्ट मैच ही शेड्यूल नहीं है। पोजिशन    टीम    मैच खेले    जीत    हार    ड्रॉ    अंक    जीत प्रतिशत 1.    ऑस्ट्रेलिया    3    3    0    0    36    100 2.    श्रीलंका    2    1    0    1    16    66.670 3.    इंग्लैंड    3    2    1    0    24    61.110 4.    भारत    3    1    2    0    12    33.330 5.    बांग्लादेश    2    0    1    1    4    16.670 6.    वेस्टइंडीज    3    0    3    0    0    0

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष ने जताई संतुष्टि, बिजली बढ़ोतरी पर सरकार का जवाब प्रभावी

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष में इतिहास बन गया. बिजली दर में वृद्धि पर विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव आसंदी ने अस्वीकार्य कर दिया. लेकिन प्रस्ताव अस्वीकार्य होने के बाद भी विपक्ष ने हंगामा नहीं किया. वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा विषय को गंभीरता से लेने पर आभार जताया. इस पर सत्तापक्ष ने मेजें थपथपाई. शून्यकाल में नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बिजली दर में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिजली दर में वृद्धि से पूरा छत्तीसगढ़ परेशान है. गरीबों को बिजली दर में वृद्धि आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है. विपक्ष ने जो स्थगन दिया है, उस पर चर्चा होनी चाहिए. इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में वक्तव्य देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 हेतु घोषित बिजली टैरिफ में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो कि विगत वर्षों में न्यूनतम वृद्धि में से एक है. यह निर्णय जनसुनवाई की प्रक्रिया के बाद पारदर्शी ढंग से लिया गया है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर स्टील और रोलिंग मिल उद्योगों तक ने सराहा है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घरेलू विद्युत दरों में केवल 10 से 20 पैसे तक की मामूली वृद्धि की गई है, जबकि कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है — जिसका सीधा असर किसानों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह राशि शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में पहले से अग्रिम भुगतान की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के कृषक वर्ग पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े. सरकार किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा कर रही है. उद्योगों को बढ़ावा — स्टील इंडस्ट्री की दरों में कटौती मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखने हेतु मिनी स्टील, रोलिंग मिल और फेरो एलॉय जैसे ऊर्जा-गहन उद्योगों की दरों में कटौती की है. यह निर्णय उद्योगों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में औसतन 23.55 घंटे/दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 23.45 घंटे/दिन बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. विशेष रूप से कृषि फीडरों में 18 घंटे प्रतिदिन की आपूर्ति दी जा रही है, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक आंकड़ों में शामिल है. तकनीकी और वाणिज्यिक हानि (AT&C Loss) को 2020-21 में 23.14% से घटाकर 2024-25 में 13.79% किया गया है. यह उपलब्धि दक्ष संचालन, पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी सुधारों का प्रमाण है. कोरबा में 1320 मेगावॉट का नया प्लांट वर्तमान टैरिफ में केपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान का भी समावेश है जिसके अंतर्गत ट्रांसमिशन कंपनी के लिए ₹2433 करोड़, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के लिए ₹3977 करोड़ और जनरेशन कंपनी के लिए ₹2992 करोड़ का प्रावधान है. कोरबा में 1320 मेगावॉट के प्लांट की स्थापना का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिसकी लागत ₹15,800 करोड़ है. इससे छत्तीसगढ़ भविष्य में ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनेगा और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए डबल अनुदान योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹78,000 तक केंद्र सरकार से अतिरिक्त 2 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹30,000 तक राज्य शासन से अनुदान दिया जाएगा. यह योजना छत्तीसगढ़ के घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी पहल है. ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपए के करार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि पॉवर कंपनी/शासन द्वारा 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के करार किए गए हैं, जिससे आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन और रोजगार दोनों के क्षेत्र में क्रांति आएगी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हमारी प्राथमिकता है कि बिजली उपभोक्ताओं को न केवल निर्बाध आपूर्ति मिले, बल्कि वह गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और टिकाऊ हो. वर्तमान और भावी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित करेगा. नेता प्रतिपक्ष ने सीएम को दिया धन्यवाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने काम करने की बात कही है. उन बातों से हमें लगा कि वह ध्यान दे रहे हैं. हमें लगा कि उन्होंने इसको सीरियस माना है. इसलिए हमने उनका धन्यवाद दिया.

ठगी, धमकी और मौत: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लूटी जिंदगी

बेंगलुरु ऑनलाइन फ्रॉड के मामले हर दिन आ रहे हैं। सरकार की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए कैंपेन भी चलाए गए हैं कि वे किसी फर्जी जांच अधिकारी, पुलिस और जज के झांसे में ना आएं। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज भी नहीं होती। यह बात भी बार-बार बताई जा रही है। फिर भी लोग ऐसे मामलों में झांसे में आ रहे हैं और अपनी पूंजी खो रहे हैं। बेंगलुरु में तो बेहद दर्दनाक घटना हुई है, जिसमें स्कैमर के झांसे में आए बिजली विभाग के क्लर्क ने पहले तो 11 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। फिर जब उसे हकीकत का पता चला तो वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया और आत्महत्या कर ली। कुमार नाम के शख्स को किसी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए फोन किया था और अरेस्ट कर लेने की धमकी दी थी। कुमार के सुसाइड नोट से पता चला है कि उन्हें ब्लैकमेल किया गया और अलग-अलग बैंक खातों में 11 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। शख्स ने कहा कि मैं इस ठगी से परेशान था और अपनी जिंदगी ही समाप्त कर रहा हूं। यह मामला कर्नाटक केलागेरे गांव का है। कुमार ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। कुमार बेंगलुरु इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड यानी BESCOM में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थे। कुमार ने आत्महत्या का कारण बताते हुए लिखा है कि मुझे विक्रम गोस्वामी नाम बताते हुए एक शख्स का कॉल आया था। उसने दावा किया कि वह सीबीआई का अधिकारी है और मेरे नाम का अरेस्ट वॉरंट उसके पास है। उसे पहले 1.95 लाख रुपये जमा कराने की धमकी दी गई। उसने ऐसा कर दिया तो फिर और रकम की डिमांड हुई। धीरे-धीरे उसने 11 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद भी वसूली खत्म नहीं हुई और कुमार ने टेंशन में आकर जान दे दी। कुमार ने नोट में लिखा है कि वह इस दबाव से आजिज आ चुके थे। खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाला शख्स उन्हें अब भी परेशान कर रहा था। अपने सुसाइड नोट में कुमार ने उन मोबाइल नंबरों का भी जिक्र किया है, जिनसे उन्हें कॉल आते थे। इस मामले में अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा ट्रांजेक्शन और सुसाइड नोट का भी वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। कुमार का फोन भी लॉक था, जिसके चलते पुलिस का चैलेंज बढ़ गया था।  

फिल्मी जोड़ी से अब पैरेंट्स की जोड़ी: कियारा और सिद्धार्थ को हुई बेबी गर्ल

मुंबई बॉलीवुड के स्टार कपल कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा पेरेंट्स बन गए हैं. इस कपल के घर एक बेबी गर्ल ने जन्म लिया है. इसकी जानकारी खुद एक्टर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दी है. शादी के 2 साल बाद एक्ट्रेस ने 15 जुलाई यानी मंगलवार की रात को बेटी को जन्म दिया है. इस कपल ने इसी साल 28 फरवरी को प्रेग्नेंसी की न्यूज फैंस के साथ शेयर किया था. एक रिपोर्ट के अनुसार, कियारा आडवाणी ने बेबी गर्ल को मुंबई के रिलायंस अस्पताल में जन्म दिया है. वहीं मां और बेटी दोनों को स्वस्थ बताया जा रहा है. इस खबर के मिलने के बाद ये फैंस इस कपल को बधाइयां दे रहे हैं. 28 फरवरी को प्रेग्नेंसी का ऐलान करते हुए इस कपल ने एक फोटो शेयर किया था. जिसमें दोनों अपने हाथ में छोटे-छोटे मोजे पकड़े हुए थे. इस फोटो को शेयर करते हुए कियारा आडवाणी ने कैप्शन में लिखा, ‘जल्द आ रहा है हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा.’ 2023 में हुई थी कपल की शादी बता दें कि कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने 7 फरवरी 2023 में सात फेरे लिए थे. राजस्थान के जैसलमेर में सूर्यगढ़ पैलेस में कपल ने अपने परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शाही अंदाज में शादी किया था. इस कपल की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की पहली मुलाकात फिल्म ‘शेरशाह’ के सेट पर हुई थी. सेट में दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. सिद्धार्थ और कियारा का वर्कफ्रंट वर्कफ्रंट की बात करें, तो सिद्धार्थ मल्होत्रा जल्द ही फिल्म ‘परम सुंदरी’ में नजर आने वाले हैं. वहीं, 14 अगस्त 2025 को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘वॉर 2’ में कियारा आडवाणी नजर आने वाली हैं.