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Bargi Cruise हादसा: चश्मदीद का दावा- एम्बुलेंस में नहीं था मेडिकल स्टाफ, जांच टीम को दिए वीडियो सबूत

जबलपुर. मध्य प्रदेश के बहुचर्चित बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और बचाव कार्य में शामिल रहे बरगी निवासी नीरज मिश्रा ने जांच आयोग के समक्ष कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची 108 एम्बुलेंस में चालक के अलावा कोई मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था, जिसके कारण घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका। इस संबंध में उन्होंने वीडियो, पेन ड्राइव और 14 बिंदुओं पर आधारित विस्तृत शिकायत न्यायिक जांच आयोग को सौंपी है। नीरज मिश्रा ने न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस संजय द्विवेदी को सौंपे गए दस्तावेजों में कहा है कि क्रूज डूबने के बाद कई लोगों को स्थानीय लोगों ने पानी से बाहर निकाला था। इनमें कुछ लोग जीवित थे और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। आरोप है कि मौके पर पहुंची एम्बुलेंस में न तो कोई अटेंडर मौजूद था और न ही कोई प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ, जिससे शुरुआती उपचार नहीं मिल पाया। उन्होंने आयोग को एक वीडियो भी सौंपा है, जिसमें कथित रूप से एम्बुलेंस चालक यह स्वीकार करता दिखाई दे रहा है कि वह अकेले मौके पर पहुंचा था। राहत और बचाव कार्य पर उठे सवाल शिकायत में दावा किया गया है कि हादसे के बाद प्रशासनिक प्रतिक्रिया अपेक्षित स्तर की नहीं थी। नीरज मिश्रा के अनुसार शाम 5:30 बजे से 6:15 बजे के बीच हुई घटना के बाद भी राहत और बचाव दल समय पर सक्रिय नहीं हो सके। SDRF और अन्य आपदा प्रबंधन संसाधनों के देर से पहुंचने के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मोटर बोट, प्रशिक्षित गोताखोर और आपदा राहत दल तत्काल सक्रिय हो जाते, तो जनहानि को कम किया जा सकता था। बीमा और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल शिकायत में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार क्रूज और यात्रियों के लिए बीमा व्यवस्था होना आवश्यक है। आरोप है कि दुर्घटनाग्रस्त क्रूज और उसमें सवार पर्यटकों का कोई बीमा नहीं था, जबकि यात्रियों से टिकट शुल्क लिया गया था। इसके अलावा लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, आपातकालीन संचार व्यवस्था और मौसम संबंधी सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर भी जांच की मांग की गई है। 13 लोगों की गई थी जान गौरतलब है कि 30 अप्रैल की शाम बरगी बांध के बैकवॉटर क्षेत्र में 41 लोगों को लेकर निकला क्रूज पानी में डूब गया था। इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया था। 60 दिन में देनी है रिपोर्ट राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच समिति पर्यटन विभाग के अधिकारियों, रिसॉर्ट प्रबंधन और क्रूज चालक के बयान दर्ज कर चुकी है। आयोग को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। अब प्रत्यक्षदर्शी द्वारा प्रस्तुत नए साक्ष्यों और शिकायतों के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। हादसे की वास्तविक वजह, सुरक्षा मानकों की स्थिति और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर आयोग की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

PM मोदी के ‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री साय ने जताई खुशी

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वाेच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाडि़यों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि ष्एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है” वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढि़यों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत – सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, … Read more

झारखंड में झटका: डीजल-टोल बढ़ते ही बस किराया बढ़ा, झुमरीतिलैया से यात्रा हुई महंगी

कोडरमा आगामी एक जून से बस में सफर करना महंगा हो जाएगा। विभिन्न जगहों के लिए 15 से 30 प्रतिशत तक मूल्य में वृद्धि की गयी है। कोडरमा जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन की शनिवार को हुई बैठक में उक्त निर्णय लिया गया। झुमरीतिलैया स्थित बस स्टैंड के समीप हुई बैठक की अध्यक्षता धर्मेंद्र उर्फ बंशी यादव ने जबकि संचालन सचिव संजय यादव ने किया। बैठक में मोहन यादव, गोरेलाल यादव, बैजू लाला, संतोष यादव समेत कई अन्य मौजूद थे। बैठक के बाद अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया कि इस महीने में डीजल के दर में चार बार वृद्धि के साथ ही मोटर पार्ट्स के सा, टायर, टोल टैक्स में वृद्धि हुई है, इससे किराया बढ़ाना हम लोगों की मजबूरी हो गई है। झुमरीतिलैया से खुलने वाली लगभग 55 बसों जिनमें 15 एसी और 30 नॉन एसी से यात्रा करने वाले लोगों का सफर महंगा होगा। झुमरीतिलैया से चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, गिरिडीह तथा बिहार के नवादा रजौली के लिए यात्रियों को लाने ले जाने एसी में 50 रूपया और नॉन एसी में 30 रूपया तक की वृद्धि एक जून से प्रभावी होगी। इस तरह यात्रियों को 15 से 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त भाड़ा देना होगा। इसके पूर्व 5 साल पहले किराए में बढ़ोतरी की गई थी। लिए गये निर्णय अनुसार, झुमरीतिलैया से रांची के लिए एसी में 350 की जगह 400, नॉन एसी में 300 की जगह 350, हजारीबाग के लिए एसी में 120 की जगह 150 और नॉन एसी में 120 की जगह 140, रामगढ़ के लिए एसी में 200 की जगह 250 और नॉन एसी में 200 की जगह 220, गिरिडीह के लिए नान एसी में 200 की जगह 250, नवादा के लिए एसी में 170 की जगह 200 और नॉन एसी में 150 की जगह 180 जबकि चतरा के लिए नॉन एसी में 200 की जगह 220 रुपए देने होंगे। इधर, ट्रांसपोर्टिंग किराया के भी बढ़ने से सामानों के मूल्य में वृद्धि होने वाली है जिसका आम से खास लोगों की जेब पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

’प्रधानमंत्री आवास की चाबी, किसान क्रेडिट कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और फलदार पौधों का किया गया वितरण’

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत टेम्पू में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास के 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। शिविर में जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने मुख्य रूप से उपस्थित होकर विभिन्न विभागों द्वारा चयनित हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 534 आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को आवास की चाबी प्रदान की गई। कृषि विभाग द्वारा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए, जिससे उन्हें खेती-किसानी के लिए आसान ऋण सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों एवं ग्रामीणों को फलदार पौधों का वितरण किया गया, वहीं वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधों का वितरण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म संपन्न कराई गई तथा छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष परमेश्वर भगत, जनप्रतिनिधि गण सहित सभी 13 ग्राम पंचायतों के सरपंच अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु बन रहा है तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सोना-चांदी के दाम गिरे: MCX पर सिल्वर क्रैश, गोल्ड भी नरम

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में बीते हफ्ते के चार कारोबारी दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर खासतौर पर चांदी की कीमत जमकर टूटी. इस ताजा गिरावट के साथ अब 1 किलो चांदी की वायदा कीमत (1 Kg Silver Price) अपने हाई लेवल से 1.90 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है, जिसे इस कीमती धातु ने जनवरी महीने में छुआ था. वहीं बात सोने की करें, तो तमाम उतार-चढ़ाव के बाद ये पीली धातु भी मामूली गिरावट में रही है. चांदी की कीमत में इतनी गिरावट बीते सप्ताह के ज्यादातर कारोबारी दिनों में चांदी की कीमत में गिरावट ही देखने को मिली है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 3 जुलाई वाली चांदी का एमसीएक्स पर भाव (MCX Silver Price) 2537 रुपये प्रति किलोग्राम कम होकर 2,67,000 रुपये प्रति किलो पर आ गया. इस हिसाब से हफ्तेभर में गिरावट को देखें, तो इससे पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 1 किलो चांदी का भाव वायदा कारोबार में 2,71,846 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था और इसकी कीमत 4,846 रुपये प्रति किलो तक गिर गई है. न केवल वायदा कारोबार, बल्कि घरेलू मार्केट में भी चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिली है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेटेड रेट्स देखें, तो 1 किलोग्राम की चांदी बीते सप्ताह के 2,66,000 रुपये के मुकाबले ये गिरकर 2,63,350 रुपये पर आ गई. हाई से क्रैश दिख रही चांदी वहीं अगर चांदी के ताजा भाव की तुलना इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से करें, तो पहले बता दें कि एमसीएक्स पर जनवरी 2026 में चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर पार करने में कामयाब हुई थी और 4,57,328 रुपये के उच्चतम स्तर पर जा पहुंची थी, लेकिन यह लेवल छूने के बाद ये कीमती धातु लगातार क्रैश (Silver Price Crash From High) होती गई. फिलहाल की गिरावट के बाद अब चांदी हाई लेवल से 1,90,328 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है. Gold का दाम अब इतना एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में जहां तेज गिरावट दर्ज की गई, तो वहीं सोने का भाव भी तमाम उतार-चढ़ाव के बाद मामूली गिरावट में रहा. MCX Gold Rate पर नजर डालें, तो 22 मई को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,61,320 रुपये था, जबकि बीते शुक्रवार को ये 1,61,049 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं 5 जून की एक्सपायरी वाला वायदा सोना अपने हाई लेवल 2,02,984 रुपये की तुलना में अब 41,935 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है. इसके अलावा घरेलू मार्केट में बात करें, तो आईबीजेए के मुताबिक 10 ग्राम सोने का भाव 1,58,117 रुपये से कम होकर 1,56,463 रुपये पर आ गया. यानी सोना घरेलू बाजार में 1654 रुपये सस्ता हो गया है.

भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, 100 से ज्यादा अफसर सस्पेंड

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीधे तौर ये कह दिया है कि प्रदेश में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रहेगा। यहां अपराधियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश की कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपराधियों और भ्रष्ट अधिकारियों को बेहद सख्त संदेश दिया है। शनिवार को 'राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन' के अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में अब न तो अपराध पनपेगा, न भ्रष्टाचारियों को पनाह मिलेगी और न ही कानून तोड़ने वालों को बख्शा जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'राजस्थान में यदि कोई अपराधी पैर पसारेगा, तो वह वापस नहीं जा पाएगा; उसे उसके सही मुकाम (जेल) तक पहुंचाया जाएगा।' भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' और बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जनसेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ के मूलमंत्र पर चलते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। सीएम बोले: करप्शन में 100 अधिकारी हुए सस्पेंड सरकार ने अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 103 अधिकारियों को निलंबित (सस्पेंड) किया है। 6 अफसरों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। 11 भ्रष्ट अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही रिश्वतखोरी, ट्रैप, पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति के 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी गई है, जबकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अन्य मामलों में भी कठोर कार्रवाई अमल में लाई गई है।सीएम ने कर्मचारियों को नसीहत दी कि वे भ्रष्ट आचरण के दलदल से पूरी तरह दूर रहें। स्वच्छ सर्वेक्षण में 16 वें स्थान की तारीफ की नगरीय निकायों की भूमिका की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में जयपुर ग्रेटर को देश में 16वां स्थान मिला था। लेकिन अब हमें रुकना नहीं है, बल्कि प्रदेश के सभी शहरों को देश के सबसे स्वच्छ और सर्वश्रेष्ठ शहरों की श्रेणी में लाना है। यह लक्ष्य नगरीय निकाय कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है, क्योंकि वे जनता और सरकार के बीच की सबसे मजबूत कड़ी हैं। किया 4 लाख नौकरियों का वादा इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं को संबल देते हुए प्रदेश में चार लाख सरकारी नौकरियां देने के अपनी सरकार के संकल्प को एक बार फिर दोहराया। खुशेंद्र तिवारी

गर्मी से राहत दिलाने वाला गुलाब-मिश्री शरबत: घर पर बनाएं नेचुरल कूल ड्रिंक

चिलचिलाती गर्मी और झुलसाती लू शरीर को बेहाल कर देती है. ऐसे मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना और पेट को ठंडक पहुंचाना सबसे जरूरी होता है. बाजार में मिलने वाले केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स युक्त कोल्ड ड्रिंक्स कुछ देर के लिए तो राहत देते हैं लेकिन सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं. अगर आप इस गर्मी खुद को और अपने परिवार को एकदम तरोताजा रखना चाहते हैं, तो घर पर प्राकृतिक गुणों से भरपूर गुलाब और मिश्री का ठंडा-ठंडा शरबत बनाएं. आयुर्वेद में गुलाब और मिश्री दोनों की तासीर बेहद ठंडी मानी गई है जो न सिर्फ शरीर का तापमान सामान्य करती है बल्कि आपको दिनभर के लिए गजब की एनर्जी भी देती है. आइए जानते हैं इस रिफ्रेशिंग और खुशबूदार शरबत को बनाने की बेहद आसान रेसिपी. गुलाब और मिश्री के शरबत की रेसिपी ताजा लाल गुलाब की पंखुड़ियां: 1 कप (अच्छी तरह धुली हुई) धागे वाली मिश्री: 1/2 कप (पिसी हुई) ठंडा पानी: 3 से 4 गिलास नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच तुलसी या सब्जा के बीज: 1 छोटा चम्मच (पानी में भिगोए हुए) बर्फ के टुकड़े बनाने का तरीका गुलाब का पेस्ट बनाएं: सबसे पहले साफ की हुई गुलाब की पंखुड़ियों को मिक्सी के जार में थोड़ा सा पानी डालकर दरदरा या स्मूथ पीस लें. एक बड़े जग या बर्तन में ठंडा पानी लें और उसमें पिसी हुई धागे वाली मिश्री डालकर अच्छी तरह चम्मच से तब तक घोलें जब तक मिश्री पूरी तरह पानी में मिल न जाए. मिश्री चीनी का एक हेल्दी और ठंडा विकल्प है. अब इस मिश्री के पानी में पिसा हुआ गुलाब का पेस्ट और नींबू का रस मिलाएं. नींबू का रस डालने से गुलाब का रंग बहुत खूबसूरत निखर कर आता है और शरबत में एक बढ़िया खट्टा-मीठा ट्विस्ट मिलता है. अगर आप शरबत को और अधिक सेहतमंद और ठंडा बनाना चाहते हैं, तो इसमें पहले से भीगे हुए सब्जा मिला दें. यह पेट की गर्मी को शांत करने में बहुत मददगार होते हैं. तैयार शरबत को अच्छी तरह मिक्स करें और छलनी की मदद से गिलासों में छान लें. ऊपर से बर्फ के टुकड़े और कुछ ताजी गुलाब की पंखुड़ियां डालकर एकदम ठंडा-ठंडा सर्व करें.

Illegal Mining के खिलाफ पंजाब पुलिस का अभियान तेज, कई जगहों पर कार्रवाई

हाजीपुर. हाजीपुर पुलिस द्वारा इलाके में अवैध माइनिंग (खनन) करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किए जाने का समाचार प्राप्त हुआ है। इस संबंध में जानकारी देते हुए हाजीपुर थाने की एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर अमरजीत कौर ने बताया कि मुकेरियां के माइनिंग इंस्पेक्टर हरदीप सिंह द्वारा पुलिस को एक एंडोर्समेंट शुदा शिकायत दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद हाजीपुर पुलिस के ए.एस.आई. रविंदर सिंह ने अपनी पुलिस पार्टी के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस की जांच के दौरान गांव निक्कूचक की जमीन में टिपर और पोकलेन मशीन की मदद से नाजायज (अवैध) तौर पर माइनिंग होती पाई गई। माइनिंग इंस्पेक्टर हरदीप सिंह की शिकायत और मौके के हालात को देखते हुए हाजीपुर पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की अगली कार्रवाई और उचित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

भंडारा खाकर लौट रहे लोगों पर गिरी बिजली, अनूपपुर में दो की मौत और एक घायल

अनूपपुर. धार्मिक नगरी अमरकंटक नगर क्षेत्र में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक दो बराती क्षेत्र में शाम लगभग 4 बजे तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक और एक युवती की मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस जाने से मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य किशोरी घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बराती में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर तीनों अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से 18 वर्षीय हर्ष टांडिया और 17 वर्षीय आरती वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। 17 वर्षीय राधा भी बिजली की चपेट में आकर घायल हो गई। डॉक्टरों ने दोनों को किया मृत घोषित घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने हर्ष टांडिया और आरती वर्मा को मृत घोषित कर दिया। घायल राधा का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

घर पर बनाएं देसी उबटन: बेसन, चंदन और केसर से पाएं ग्लोइंग स्किन

 हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन साफ,  चमकदार और बेदाग दिखे. इसके लिए लोग कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार घरेलू नुस्खे भी बेहद असरदार साबित होते हैं. उन्हीं में से एक है उबटन, जिसका इस्तेमाल पुराने समय से ही चेहरे की देखभाल के लिए किया जाता रहा है. अगर आप भी नेचुरल तरीके से अपनी स्किन में निखार लाना चाहते हैं तो घर पर आसानी से बनने वाला यह देसी उबटन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. यह उबटन न सिर्फ आपकी डेड स्किन में मदद करता है, बल्कि चेहरे को गहराई से साफ करके उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में भी मदद करता है. आइए जानते हैं कि घर पर देसी उबटन कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 2 चम्‍मच बेसन 1 चम्मच चंदन पाउडर 1 चम्मच केसर पाउडर 2 चम्‍मच चावल का आटा 1 चम्‍मच मसूर दाल का पाउडर देसी उबटन कैसे बनाएं ? इस देसी उबटन को बनाने के लिए एक बाउल में सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें गुलाब जल डालकर एक स्मूथ पेस्ट बना लें. इसके बाद चेहरे को साफ पानी से धोकर उबटन को पूरे चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें. जब उबटन सूख जाए तो हल्के हाथों से रगड़ते हुए ठंडे पानी से चेहरा धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इस उबटन को इस्तेमाल हफ्ते में 1 से 2 बार करें. देसी चीजों से बना यह उबटन स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इनके रेगुलर इस्‍तेमाल से त्‍वचा साफ, ग्‍लोइंग और हेल्‍दी बनती है. इस उबटन में मौजूद बेसन, चंदन, केसर, चावल का आटा और मसूर दाल डेड स्किन को हटाकर चेहरे को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाते हैं. इन बातों का रखें ध्यान कभी भी उबटन लगाने के बाद चेहरे को जोर-जोर से न रगड़ें. उबटन का इस्तेमाल करने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर कर लें. अगर किसी भी तरह की एलर्जी, खुजली या जलन महसूस हो तो इसे चेहरे पर लगाने से बचें.