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भंडारा खाकर लौट रहे लोगों पर गिरी बिजली, अनूपपुर में दो की मौत और एक घायल

अनूपपुर. धार्मिक नगरी अमरकंटक नगर क्षेत्र में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक दो बराती क्षेत्र में शाम लगभग 4 बजे तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक और एक युवती की मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस जाने से मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य किशोरी घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बराती में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर तीनों अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से 18 वर्षीय हर्ष टांडिया और 17 वर्षीय आरती वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। 17 वर्षीय राधा भी बिजली की चपेट में आकर घायल हो गई। डॉक्टरों ने दोनों को किया मृत घोषित घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने हर्ष टांडिया और आरती वर्मा को मृत घोषित कर दिया। घायल राधा का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

घर पर बनाएं देसी उबटन: बेसन, चंदन और केसर से पाएं ग्लोइंग स्किन

 हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन साफ,  चमकदार और बेदाग दिखे. इसके लिए लोग कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार घरेलू नुस्खे भी बेहद असरदार साबित होते हैं. उन्हीं में से एक है उबटन, जिसका इस्तेमाल पुराने समय से ही चेहरे की देखभाल के लिए किया जाता रहा है. अगर आप भी नेचुरल तरीके से अपनी स्किन में निखार लाना चाहते हैं तो घर पर आसानी से बनने वाला यह देसी उबटन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. यह उबटन न सिर्फ आपकी डेड स्किन में मदद करता है, बल्कि चेहरे को गहराई से साफ करके उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में भी मदद करता है. आइए जानते हैं कि घर पर देसी उबटन कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 2 चम्‍मच बेसन 1 चम्मच चंदन पाउडर 1 चम्मच केसर पाउडर 2 चम्‍मच चावल का आटा 1 चम्‍मच मसूर दाल का पाउडर देसी उबटन कैसे बनाएं ? इस देसी उबटन को बनाने के लिए एक बाउल में सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें गुलाब जल डालकर एक स्मूथ पेस्ट बना लें. इसके बाद चेहरे को साफ पानी से धोकर उबटन को पूरे चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें. जब उबटन सूख जाए तो हल्के हाथों से रगड़ते हुए ठंडे पानी से चेहरा धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इस उबटन को इस्तेमाल हफ्ते में 1 से 2 बार करें. देसी चीजों से बना यह उबटन स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इनके रेगुलर इस्‍तेमाल से त्‍वचा साफ, ग्‍लोइंग और हेल्‍दी बनती है. इस उबटन में मौजूद बेसन, चंदन, केसर, चावल का आटा और मसूर दाल डेड स्किन को हटाकर चेहरे को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाते हैं. इन बातों का रखें ध्यान कभी भी उबटन लगाने के बाद चेहरे को जोर-जोर से न रगड़ें. उबटन का इस्तेमाल करने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर कर लें. अगर किसी भी तरह की एलर्जी, खुजली या जलन महसूस हो तो इसे चेहरे पर लगाने से बचें.  

वोटर लिस्ट में बड़ा फेरबदल: SIR से लाखों नाम होंगे वेरिफाई, 3 महीने में आएगी फाइनल लिस्ट

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने SIR के तीसरे फेज का काम शुरू कर दिया है। वोटर ल‍िस्‍ट को अपडेट करने के ल‍िए बूथ लेवल पर वोटरों के वेर‍िफ‍िकेशन की प्रक्र‍िया शुरू कर दी गई है। वोटरों की डिटेल्‍स, प्रूफ करने वाले कागज और वोटर कार्ड जांचने का काम महीनेभर चलेगा। उसके हफ्तेभर बाद वोटर ल‍िस्‍ट का ड्राफ्ट जारी क‍िया जाएगा। यह कच्‍चा ल‍िस्‍ट होगा, इसमें फेरबदल हो सकेगा। जो लोग वोटर वेर‍िफ‍िकेशन में गलती से छूट जाएंगे, उन्‍हें ड्राफ्ट ल‍िस्‍ट से पता चल जाएगा और फ‍िर इसमें अपना नाम जुड़वाने के ल‍िए अपील कर सकेंगे। या फ‍िर कागज सही होने के बावजूद ज‍िन्‍हें वेर‍िफाई नहीं क‍िया जाएगा, वे लोग कंपलेन कर सकेंगे, प्रूफ दे सकेंगे। वोटरों को इसके ल‍िए एक महीने का समय दिया गया है। ऐसे ज‍ितने भी अपील होंगे, क्‍लेम होंगे, सबको दुबारा वेरिफाई क‍िया जाएगा और इसे एक महीने में कर ल‍िया जाएगा। यानी क्‍लेम‍ करने के ल‍िए वोटरों को एक महीने का समय और फ‍िर एक महीना कर्मचार‍ियों को द‍िया जाएगा दुबारा व‍ेर‍िफाई करने के ल‍िए। इसके बाद वोटरों की फाइनल ल‍िस्‍ट जारी कर दी जाएगी। यानी हर राज्‍य में तीन महीना और एक हफ्ता लग जाएगा। क‍िस राज्‍य में कब SIR, कब आएगी नई वोटर ल‍िस्‍ट ? 19 राज्‍यों और केंद्र शास‍ित प्रदेशों में 37.74 करोड़ वोटरों की गहन जांच और सत्‍यापन का काम द‍िसंबर में जाकर खत्‍म होगा। इन सभी राज्‍यों में एकसाथ SIR नहीं होगा, ग्रुप में होगा। 30 मई से ओडिशा और उत्‍तर पूर्व के तीन राज्‍यों स‍िक्किम, मण‍िपुर, म‍िजोरम में SIR शुरू हो चुका है और वहां 6 सितंबर को फाइनल ल‍िस्‍ट आ जाएगी। उत्‍तराखंड में 8 जून को SIR शुरू होगा, 15 स‍ितंबर को फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट आएगी। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हर‍ियाणा और चंडीगढ़ में 15 जून से शुरू होगा, फाइनल ल‍िस्‍ट आएगी 22 स‍ितंबर को। 25 जून से पंजाब और तंलंगाना में होगा, ल‍िस्‍ट आएगी 1 अक्‍टूबर को। द‍िल्‍ली, महाराष्‍ट्र, कर्नाटक, झारखंड और मेघालय में 30 जून से SIR होगा, 7 अक्‍टूबर को फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट आ जाएगी। नागालैंड में 16 अगस्‍त से, त्रिपुरा में 15 स‍ितंबर से SIR होगा। ल‍िस्‍ट आएगी 22 नवंबर और 23 द‍िसंबर को। SIR क्‍या होता है, क्‍यों जरूरी है? सभी लोगों का नाम वोटर ल‍िस्‍ट में होना चाह‍िए और कोई भी छूटना नहीं चाह‍िए। बशर्ते वह सही हो। बस यहीं शुरू हो जाती है स्‍क्रूटनी की ड्यूटी। पात्रता है क‍ि आप वोटर हों। क्‍या सभी लोग वोटर हैं? नहीं। भारत के नागर‍िक हों और कम से कम 18 साल के हों। 18 साल के होते ही आप खुद अप्‍लाई कर वोटर कार्ड बनवा सकते हैं। बस नागर‍िकता प्रूफ करने वाले मान्‍य कागज जमा करने होते हैं। फि‍र अलग से इतने बड़े स्‍तर पर अभियान क्‍यों? आप जहां के वोटर होते हैं उसी लोकेशन पर हमेशा नहीं रहते। आप जब दूसरी जगह श‍िफ्ट हो जाते हैं तो वहां के वोटर बन जाते हैं, वहां के वोटर ल‍िस्‍ट में आपका नाम जुड़ जाता है। पर कानून और न‍ियम होने के बावजूद अक्‍सर होता है क‍ि पुराने ल‍िस्‍ट में भी आपका नाम पड़ा रह जाए। बच्‍चे बड़े होते हैं, वोटर बनते हैं, और वोटर ल‍िस्‍ट में नए नाम जुड़ते चले जाते हैं। पर बुजुर्ग वोटर जब गुजर जाते हैं, या जो लोग असमय चले जाते हैं, उनका नाम भी वोटर ल‍िस्‍ट में पड़ा रह जाता है। ये तो हुए वाज‍िब और व्‍यावहार‍िक कारण। कई लोग जानबूझकर अलग-अलग जगहों के लिए वोटर कार्ड बनवा लेते हैं। क‍िसी पार्टी, नेता को वोट देकर ज‍िताने के चक्‍कर में या आइडेंटिटी कार्ड के ल‍िए। अलग-अलग आइडेंटिटी से सरकारी योजनाओं का ज्‍यादा फायदा लेने के लिए भी ऐसा क‍िया जाता है। एक और बड़ा मामला है, नागर‍िक नहीं हो और वोटर कार्ड बनवा ल‍िया हो। अभी सबसे बड़ा व‍िवाद का प्‍वाइंट यही है। एक से ज्‍यादा वोटर कार्ड और ब‍िना नागर‍िकता के वोटर कार्ड, दोनों कानूनन जुर्म हैं और ये डुप्लिकेट कार्ड की कैटेगरी मे आते हैं। ऐसा भी होता है क‍ि आपने वोटर कार्ड तो बनवा ल‍िया, पर क‍िसी कारण से उस क्षेत्र के वोटर ल‍िस्‍ट में आपका नाम नहीं जुड़ा हो। इस तरह चार कैटेगरी- ऐबसेंट, श‍िफ्टेड, डेड और डुप्लिकेट के डेटा को अपडेट करना जरूरी हो जाता है और इसी एक्‍सरसाइज को SIR कहते हैं, स्‍पेशल इंटेंसिव र‍िवीजन सुप्रीम कोर्ट ने क्‍यों कहा क‍ि SIR सही है? संव‍िधान और चुनाव से जुड़े कानून चुनाव आयोग को SIR कराने का अध‍िकार देते हैं। क‍िसी क्षेत्र में वोटरोंं का बदलना बहुत सामान्‍य है और यह चुनाव आयोग की ड्यूटी है क‍ि सही वोटरों की पहचान सुन‍िश्‍च‍ित करे। इसके ल‍िए SIR की जो प्रक्र‍िया आयोग ने अपनाई, उस पर भी सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी है। चुनाव आयोग ने SIR को जरूरी बताते हुए कहा था क‍ि पिछले 20 वर्षों में तेजी से हुए शहरीकरण और पलायन के कारण वोटर ल‍िस्‍ट में बड़े पैमाने पर नाम जोड़े गए, हटाए गए। एक वोटर का नाम एक से ज्‍यादा ल‍िस्‍ट में आने, दो वोटर कार्ड होने जैसी गड़बड़‍ियां बढ़ गई थी। हालांक‍ि अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है क‍ि वोटर ल‍िस्‍ट से नाम कटने या नाम नहीं जुड़ने का यह मतलब नहीं क‍ि वह नागर‍िक नहीं है। चुनाव आयोग क‍िसी को नागर‍िक होने या न होने का सर्टिफ‍िकेट नहीं देता। SIR का इंपैक्‍ट स‍िर्फ वोटर ल‍िस्‍ट तक ही रहेगा। ज‍िनका नाम ल‍िस्‍ट से बाहर हुआ है, उसे आयोग अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दे और सही साबित होने पर उसे दोबारा शाम‍िल करना सुन‍िश्चित करे। बिहार में हुए SIR के ख‍िलाफ दायर केस में सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। इससे मौजूदा SIR की प्रक्रि‍या और चुनाव आयोग को बल म‍िला है। जहां SIR, वहां कब हैं चुनाव? 2027 में 7 राज्‍यों में व‍िधानसभा चुनाव होंगे। पंजाब, उत्‍तराखंड, गोवा, मण‍िपुर में मार्च से पहले चुनाव होंगे, मई से पहले उत्‍तर प्रदेश में और द‍िसंबर से पहले गुजरात और ह‍िमाचल प्रदेश में। उत्‍तर प्रदेश में SIR हो चुका है, फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट अप्रैल में आ चुकी है। पंजाब, उत्‍तराखंड, मण‍िपुर में इसी फेज में SIR है। ह‍िमाचल प्रदेश में SIR बाकी है और अभी वाले शेड्यूल में नहीं है। वहां फरवरी 2027 में जनगणना पूरी … Read more

तबादला घोटाले पर गिरी गाज: व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अफसर निलंबित, जांच शुरू

लखनऊ उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व वाली सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. विभाग के प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा और प्रधान सहायक इमरान अहमद पर गंभीर आरोप लगने के बाद यह कार्रवाई की गई है. इस कदम को राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. ट्रांसफर के नाम पर करते थे धन उगाही जानकारी के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं. वहीं निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कराया. विभागीय सूत्रों के मुताबिक सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा पर कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि स्थानांतरण सत्र के दौरान विभाग में तबादलों के नाम पर धन उगाही का खेल चल रहा था और इसमें उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई. बताया जा रहा है कि तबादले कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से मोटी रकम वसूली जाती थी. सूत्रों का दावा है कि स्थानांतरण कराने के बदले करीब 10 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था. वहीं प्रधान सहायक इमरान अहमद के खिलाफ भी कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं. उन पर भ्रष्टाचार, कर्मचारियों के उत्पीड़न और धार्मिक आधार पर भेदभाव करने के आरोप लगाए गए हैं. इतना ही नहीं, विभागीय जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि वह कुछ लोगों के साथ मिलकर एक संगठित तरीके से काम कर रहे थे. ऐसे करते थे उगाही आरोप है कि अलग-अलग नामों से विभाग में शिकायतें दर्ज कराई जाती थीं और बाद में उन्हीं शिकायतों के निस्तारण या कार्रवाई रोकने के नाम पर संबंधित कर्मचारियों से धन की मांग की जाती थी. इस तरह विभाग में भय और दबाव का माहौल बनाकर कथित रूप से धन उगाही की जाती थी. सरकारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा को देवीपाटन मंडल से संबद्ध किया गया है. दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. इस कार्रवाई के बाद व्यावसायिक शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है. विभाग के कर्मचारियों के बीच इस मामले की व्यापक चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

RS चुनाव बना सियासी रण: JMM-कांग्रेस में खींचतान, BJP की भी एंट्री से मुकाबला दिलचस्प

 धनबाद Jharkhand Rajya Sabha Election झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाला चुनाव इस बार राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। एक जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है, लेकिन उससे ठीक पहले सत्ताधारी महागठबंधन के भीतर उम्मीदवारों को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। JMM, Congress, RJD & CPI ML माले के बीच सीट बंटवारे को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। इसी बीच भाकपा माले ने भी खुलकर राज्यसभा की एक सीट पर अपना दावा पेश कर दिया है। इससे महागठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरण और जटिल हो गए हैं। महागठबंधन के सामने माले की नई चुनौती भाकपा माले ने राज्यसभा चुनाव में पूर्व विधायक विनोद सिंह को उम्मीदवार बनाने की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में उसने महागठबंधन का मजबूत सहयोगी बनकर भूमिका निभाई थी और सरकार गठन में भी समर्थन दिया था। माले के प्रदेश सचिव मनोज भक्त और विधायक अरूप चटर्जी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी ने सत्ता में भागीदारी नहीं मांगी थी, लेकिन अब राज्यसभा में प्रतिनिधित्व चाहती है। माले के दो विधायक हैं और पार्टी इसे अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी के रूप में देख रही है। ऐसे में गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर दबाव बढ़ गया है। झामुमो में अंजनी सोरेन सबसे आगे, परिवार से ही होगा एक उम्मीदवार राज्यसभा की दोनों सीटों पर झामुमो की नजर है, हालांकि कांग्रेस भी एक सीट की दावेदार बनी हुई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी बहन अंजनी सोरेन का नाम सबसे आगे चल रहा है। झामुमो के भीतर यह तर्क दिया जा रहा है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से रिक्त हुई सीट पर उनके परिवार के किसी सदस्य को भेजा जाना चाहिए। अंजनी सोरेन लंबे समय तक ओडिशा की राजनीति में सक्रिय रही हैं। हालांकि पार्टी के भीतर कल्पना सोरेन और लता सोरेन के नामों पर भी चर्चा जारी है। कल्पना सोरेन को प्रभावी वक्ता माना जाता है, लेकिन पार्टी का एक वर्ग उन्हें राज्य की राजनीति से दूर भेजने के पक्ष में नहीं है। नाथवाणी की सक्रियता और कांग्रेस की दावेदारी ने बढ़ाई सियासी हलचल राज्यसभा चुनाव को लेकर उद्योगपति परिमल नाथवाणी का नाम भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वह एक बार फिर झारखंड से राज्यसभा जाने के प्रयास में हैं और झामुमो नेतृत्व से संपर्क साध रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस भी गठबंधन धर्म का हवाला देकर एक सीट की मांग पर अड़ी हुई है। यदि कांग्रेस को एक सीट मिलती है तो झामुमो के हिस्से में केवल एक सीट आएगी। ऐसे में उम्मीदवार चयन और सहयोगी दलों की संतुष्टि, दोनों ही सत्ताधारी गठबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की बैठक के बाद ही सामने आएगा। भाजपा बहुमत से दूर, फिर भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी विपक्षी NDA के पास फिलहाल 24 विधायक हैं, जबकि एक सीट जीतने के लिए 28 मतों की जरूरत है। इसके बावजूद BJP चुनावी मुकाबले से पीछे हटने के मूड में नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और धनबाद के उद्योगपति नंदलाल अग्रवाल के नाम संभावित उम्मीदवारों के रूप में चर्चा में हैं। धनबाद के नंदलाल अग्रवाल उर्फ नंदू अग्रवाल बड़े उद्योगपति हैं। वह चुनाव को मैनेज करने की क्षमता रखते हैं। भाजपा को उम्मीद है कि राजनीतिक परिस्थितियां उसके पक्ष में बन सकती हैं। वहीं जेएलकेएम विधायक जयराम महतो का एक वोट भी दूसरी सीट के समीकरण में अहम माना जा रहा है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग, रणनीतिक समर्थन और अंतिम समय के राजनीतिक समीकरण राज्यसभा चुनाव को रोमांचक बना सकते हैं। फिलहाल संख्या बल महागठबंधन के पक्ष में है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और सीट बंटवारे पर मचा घमासान चुनाव को पूरी तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बना चुका है। राज्यसभा चुनाव में पैसे का भी जमकर खेल होता है। झामुमो गठबंधन इसे लेकर अभी से आशंकित है।

अक्षरधाम और ताज के बाद टिफनी ट्रंप जैसलमेर में, सूर्यागढ़ होटल में ठहराव और हाई अलर्ट सुरक्षा

 जैसलमेर दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर और आगरा में ताज महल का दीदार करने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप (Tiffany Trump) आज (रविवार) राजपूताना शान का अनुभव करने राजस्थान के जैसलमेर (Jaisalmer) पहुंच गई हैं. करीब 11 बजे जैसलमेर एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त उनके पति माइकल बलोस (Michael Boulos) ने हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन भी किया है. इस दौरान एयरपोर्ट को भारी पुलिस फोर्स के साथ-साथ एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती भी देखी गई. लक्जरी सूर्यागढ़ होटल में ठहरेंगी टिफनी सूत्रों के मुताबिक, टिफनी ट्रंप और उनके पति का जैसलमेर के मशहूर और बेहद आलीशान सूर्यागढ़ होटल (Suryagarh Hotel) में रुकने का कार्यक्रम है. अपने दो दिवसीय इस निजी दौरे में टिफनी ट्रंप मरुस्थलीय सौंदर्य और राजस्थानी संस्कृति का करीब से अनुभव करेंगी. उनका संभावित कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले वे विश्व प्रसिद्ध सोनार किला (Jaisalmer Fort) देखने जाएंगे. उसके बाद नक्काशीदार पटवों की हवेली और ऐतिहासिक गड़ीसर लेक घूमने जाएंगी. शाम के समय वह सम (Sam Sand Dunes) के रेतीले धोरों में मरुस्थलीय सौंदर्य और राजस्थानी लोक संस्कृति का आनंद लेंगी. वह सोमवार को अपना जैसलमेर दौरा पूरा कर यहां से प्रस्थान करेंगी. भारत-पाक सीमा का हाई-अलर्ट चूंकि जैसलमेर एक संवेदनशील सीमावर्ती जिला (Border District) है और यहां से भारत-पाकिस्तान की सीमा सटी हुई है, इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी के दौरे को लेकर सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. उन्हें स्टेट गेस्ट (State Guest) का दर्जा दिया गया है. खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस लगातार समन्वय कर रही हैं. पर्यटन स्थलों से लेकर उनके होटल तक के रूट पर ट्रैफिक रेगुलेशन और कड़े सुरक्षा घेरे की व्यवस्था की गई है. ट्रंप परिवार का जैसलमेर से पुराना नाता यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप परिवार का कोई सदस्य मरुधरा की धरती पर कदम रख रहा है. इससे पहले नवंबर 2018 में डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप के पति और तत्कालीन व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर (Jared Kushner) भी जैसलमेर आ चुके हैं. वह इसी सूर्यागढ़ होटल में एक हाई-प्रोफाइल शादी में शामिल होने पहुंचे थे, तब भी अमेरिका और राजस्थान पुलिस ने मिलकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की थी.      दिल्ली और आगरा में बिताए यादगार पल जैसलमेर पहुंचने से पहले टिफनी और माइकल बलोस ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत नई दिल्ली से की थी. शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली के स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर (Akshardham Temple) के दर्शन किए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मंदिर की भव्यता की तस्वीरें भी साझा कीं. इसके बाद शनिवार को इस जोड़े ने आगरा पहुंचकर ताज महल का दीदार किया और यूनेस्को विश्व धरोहर के सामने तस्वीरें खिंचवाईं.

गर्मी में भी नहीं फटेंगे होंठ: अपनाएं ये 4 आसान घरेलू उपाय

 अक्सर लोग सोचते हैं कि होंठ फटने की समस्या सिर्फ सर्दियों के मौसम में होती है लेकिन ऐसा नहीं है. मई-जून की इस चिलचिलाती गर्मी, तेज धूप और धूल-भरी गर्म हवाओं के कारण होंठों की नाजुक त्वचा अपनी नमी खो देती है. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने से होंठ न सिर्फ फटने और बेजान होने लगते हैं, बल्कि कई बार धूप के संपर्क में आने से इनका रंग भी काला पड़ने लगता है. अगर आप भी फटे और रूखे होंठों से परेशान हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जिनकी मदद से आप गर्मी में भी अपने होंठ को एकदम सॉफ्ट, हाइड्रेटेड और नेचुरल गुलाबी रख सकते हैं. 1. हाइड्रेशन है बेहद जरूरी पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होंठ फटने के सबसे बड़े कारणों में से एक है. शरीर में पानी की कमी होने पर होंठों की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है जिससे वो रूखे और पपड़ीदार होकर फटने लगते हैं. इसलिए आपको हमेशा हाइड्रेट रहना चाहिए और रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए. 2. मलाई और हल्दी का इस्तेमाल रात को सोने से पहले होंठों पर ताजी दूध की मलाई में एक चुटकी हल्दी मिलाकर लगाएं. मलाई में मौजूद फैटी एसिड्स होंठों को डीप मॉइश्चराइज करते हैं और हल्दी अपने एंटी-बैक्टीरियल गुणों से फटी हुई त्वचा को तेजी से ठीक करती है. सुबह उठते ही आपको लिप्स एकदम सॉफ्ट मिलेंगे. 3. चीनी और शहद का स्क्रब अगर होंठों पर पपड़ी जम रही है तो आधा चम्मच शहद में थोड़ी सी पिसी हुई चीनी मिलाकर उंगली से होंठों पर 2 मिनट के लिए हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में स्क्रब करें. यह ट्रिक डेड स्किन को तुरंत हटाकर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है जिससे होंठों का नेचुरल गुलाबीपन वापस आ जाता है. 4. नारियल तेल और चुकंदर अगर आपके होंठ ड्राई होने के साथ ही बहुत काले भी हो गए हैं तो बाजार के केमिकल वाले लिप बाम की जगह नारियल तेल में चुकंदर का रस मिलाकर एक छोटी डिब्बी में रख लें. दिन में जब भी होंठ सूखे लगें तो इसे लगाएं. नारियल तेल होंठों की नमी को लॉक करेगा और चुकंदर का रस आपके लिप्स को बिना किसी नुकसान के खूबसूरत गुलाबी रंग देगा.

“लोग क्या कहेंगे” छोड़ो! असली जिंदगी तब शुरू होगी

संदीप माहेशवरी के मुताबिक हम एक ऐसे समाज में खुद को कैद नहीं करना चाहिए  जहां हमारी खुशियों का रिमोट कंट्रोल दूसरों के हाथों में है.  कोई हमारे बारे में क्या सोचता है, समाज में हमारी प्रतिष्ठा (Status) क्या है और लोग हमारी पोस्ट पर कितने लाइक्स दे रहे हैं. इसी अंधी दौड़ ने आज के युवाओं और प्रोफेशनल्स की मानसिक शांति को छीन लिया है.  दूसरों को प्रभावित (Impress) करने की चाहत में लोग अक्सर अपनी असलियत को छिपाने लगते हैं और एक नकली मुखौटा ओढ़ लेते हैं. इस दिखावे की संस्कृति का सबसे बुरा असर हमारे फैसलों और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.  सिर्फ लोगों की वाह-वाही लूटने के लिए महंगे फोन, आलीशान शादियां या महंगी गाड़ियों के लिए कर्ज (Loan) लेना आज आम हो चुका है.  लेकिन सच तो यह है कि जिन लोगों को दिखाने के लिए आप कर्ज के दलदल में धंस रहे हैं, उन्हें आपकी दिक्कतों से कोई फर्क नहीं पड़ता.  जब महीने के आखिर में मानसिक तनाव और ईएमआई (EMI) का बोझ बढ़ता है, तब इंसान को समझ आता है कि उसने दूसरों के चक्कर में अपनी ही जिंदगी को मुश्किल बना लिया है. खुद के लिए जिएं, दूसरों के लिए नहीं जीवन में सच्ची सफलता और मानसिक सुकून तब मिलता है जब आप दूसरों की नजरों में उठने के बजाय खुद की नजरों में उठते हैं.  समाज की परवाह किए बिना अपनी आर्थिक सीमा (Financial Budget) में रहना और अपने करियर व गोल्स (Goals) पर फोकस करना ही असली समझदारी है. जिस दिन आप लोग क्या कहेंगे के इस सबसे बड़े मानसिक रोग से मुक्त हो जाएंगे, उस दिन आप खुलकर जीना शुरू कर देंगे. दूसरों की नकली दुनिया की तुलना अपने असली जीवन से करना बंद करें.  खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दें, क्योंकि जब आप अंदर से मजबूत और आर्थिक रूप से सुरक्षित होंगे, तो समाज में आपकी असली वैल्यू अपने आप बढ़ जाएगी.

भारतमाला रोड पर रफ्तार का कहर, 7 बैल चपेट में आए; रायगढ़ में 5 ने मौके पर दम तोड़ा

रायगढ़/धरमजयगढ़. धरमजयगढ़ क्षेत्र में भारतमाला सड़क पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में सात बैल तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गए। हादसे में पांच बैलों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना रैरुमा से कुछ दूरी पर स्थित काजूबाड़ी के पास की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात भारतमाला सड़क पर गुजर रहे एक अज्ञात भारी वाहन ने सड़क पर मौजूद बैलों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पांच बैलों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो बैलों के पैर टूटने की सूचना है। हादसे के बाद सड़क पर बैलों के शव बिखर गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।घटना के दौरान एक एर्टिगा कार भी हादसे की चपेट में आ गई, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा। हालांकि कार सवार लोगों को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया।हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि भारतमाला सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है, लेकिन इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से दोषी वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दुर्घटना किस वाहन से हुई। मामले की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार वाहन की जानकारी सामने आ सकेगी।

‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, 73वें दिन भी जारी है रिकॉर्डतोड़ कमाई

 रणवीर सिंह की एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘धुरंधर 2’ लंबे समय बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए हुए है. रिलीज के कई सप्ताह गुजर जाने के बावजूद फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल नजर आ रही है. यही वजह है कि फिल्म लगातार नए रिकॉर्ड अपने नाम करती जा रही है. 73वें दिन भी जारी रही कमाई Sacnilk के ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के 73वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी पकड़ बनाए रखी. सीमित शोज मिलने के बावजूद दर्शकों का रिस्पॉन्स सकारात्मक रहा. यही कारण है कि फिल्म की कुल कमाई लगातार बढ़ती जा रही है. फिल्म का नेट कलेक्शन अब 1100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. कई भाषाओं में मिला शानदार रिस्पॉन्स ‘धुरंधर 2’ को हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज किया गया था. फिल्म को लगभग सभी भाषाओं में अच्छा समर्थन मिला. हिंदी संस्करण ने सबसे अधिक कमाई की, जबकि दक्षिण भारतीय भाषाओं में भी फिल्म ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया. मल्टी-लैंग्वेज रिलीज का फायदा फिल्म को साफ तौर पर मिलता दिखाई दिया. दुनियाभर में भी दिखा फिल्म का दबदबा घरेलू बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फिल्म ने शानदार कारोबार किया. विदेशों में फिल्म को अच्छी ओपनिंग मिली और समय के साथ इसकी कमाई में लगातार इजाफा होता गया. वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में भी फिल्म ने कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं और यह साल की सबसे सफल फिल्मों में शामिल हो चुकी है. दमदार स्टारकास्ट और निर्देशन बना ताकत फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया है, जिन्होंने इससे पहले कई चर्चित प्रोजेक्ट्स पर काम किया है. फिल्म में रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन और राकेश बेदी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए. दर्शकों ने फिल्म की कहानी, एक्शन और कलाकारों के प्रदर्शन को खूब सराहा है. फिल्म की लगातार सफलता यह साबित करती है कि मजबूत कंटेंट और शानदार प्रस्तुति दर्शकों को लंबे समय तक सिनेमाघरों से जोड़े रख सकती है.