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दुर्गा पूजा में ही बाहर आती है मां दुर्गा की सोने की मूर्ति, पुलिस सुरक्षा में होती है पूजा

shardiya navratri : पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के जयपुर राजबाड़ी की दुर्गा पूजा अपनी अनोखी परंपरा, इतिहास और स्वर्ण प्रतिमा के कारण खास पहचान रखती है. यहां मां दुर्गा की स्वर्ण प्रतिमा साल के लगभग 360 दिन बैंक लॉकर में सुरक्षित रहती है. दुर्गा पूजा के अवसर पर षष्ठी के दिन कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मां की स्वर्ण प्रतिमा को बैंक लॉकर से निकालकर जयपुर राजबाड़ी लाया जाता है. इस दौरान यहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं. पूजा संपन्न होने के बाद दशमी के दिन पुलिस सुरक्षा के बीच स्वर्ण प्रतिमा को दोबारा बैंक के लॉकर में सुरक्षित रख दिया जाता है. जयपुर राजबाड़ी की इस पूजा का सबसे बड़ा आकर्षण मां दुर्गा की स्वर्ण प्रतिमा और चांदी का चालचित्र है. मां की प्रतिमा द्विभुजा स्वरूप में है. इस अनोखी प्रतिमा को देखने के लिए पुरुलिया के अलावा दूसरे जिलों और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक जयपुर पहुंचते हैं. करीब 400 साल पुरानी परंपरा राजपरिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, जयपुर राजबाड़ी की दुर्गा पूजा करीब 400 साल पुरानी परंपरा से जुड़ी है. मान्यता है कि राजा जयसिंह के समय से इस क्षेत्र में राजपरिवार की धार्मिक परंपराओं की शुरुआत हुई. बाद में राजा काशीनाथ सिंह के समय पूजा के दौरान मंदिर में आग लगने की घटना हुई. इसके बाद राजा ने मां दुर्गा की स्वर्ण प्रतिमा स्थापित करने का संकल्प लिया. राजपरिवार से जुड़ी मान्यता के अनुसार, राजा काशीनाथ सिंह को सपने में मां दुर्गा ने स्वर्ण प्रतिमा स्थापित करने का संकेत दिया था. इसके बाद बनारस के कारीगरों को बुलाकर स्वर्ण प्रतिमा और चांदी का चालचित्र तैयार कराया गया. राजपरिवार के मुताबिक, प्रतिमा और चालचित्र के निर्माण में बड़ी मात्रा में सोने और चांदी का इस्तेमाल किया गया था. चोरी के बाद बदली सुरक्षा व्यवस्था जयपुर राजबाड़ी में हुई चोरी की एक घटना के बाद स्वर्ण प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर व्यवस्था बदली गई. बताया जाता है कि चोर राजबाड़ी में घुसे और कई कीमती सामान व आभूषण लेकर फरार हो गए. इसके बाद पुलिस की सलाह पर स्वर्ण प्रतिमा को पूजा के दिनों को छोड़कर पूरे साल बैंक लॉकर में रखने का फैसला किया गया. ये परंपरा तभी से जारी है. पूजा के समय पुलिस सुरक्षा में प्रतिमा राजबाड़ी लाई जाती है और पूजा समाप्त होने के बाद फिर बैंक लॉकर में रख दी जाती है. देवी की पूजा का इतिहास जयपुर राजपरिवार के सदस्य प्रशांत नारायण सिंह देव के मुताबिक, यह पूजा कई पीढ़ियों से चली आ रही है. उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में यहां मिट्टी की प्रतिमा और पारंपरिक तरीके से पूजा होती थी. बाद में एक घटना के बाद स्वर्ण प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा शुरू हुई. उन्होंने बताया कि राजा काशीनाथ सिंह को स्वप्न में मां दुर्गा की स्वर्ण प्रतिमा स्थापित करने का संकेत मिला था. इसके बाद राजपरिवार ने अपने कोष से सोना निकालकर बनारस के कारीगरों से मां की स्वर्ण प्रतिमा तैयार कराई. उन्होंने यह भी बताया कि आज सुरक्षा कारणों से मां की स्वर्ण प्रतिमा बैंक लॉकर में रखी जाती है और पूजा के समय पुलिस सुरक्षा के बीच राजबाड़ी लाई जाती है. उनके मुताबिक, पहले पूजा चार दिनों की होती थी. जबकि इस बार पूजा को पांच दिनों तक आयोजित करने की तैयारी है. कितनी भव्य होती है देवी की पूजा? राजबाड़ी की पुरानी परंपराओं से जुड़ी रूनी बनर्जी ने बताया कि पहले दुर्गा पूजा राजबाड़ी में बेहद भव्य तरीके से आयोजित होती थी. उस समय राजबाड़ी में हाथी, घोड़े और बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी होती थी और पूजा का स्वरूप काफी विशाल हुआ करता था. लेकिन चोरी की घटना के बाद स्वर्ण प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था हुई. उन्होंने बताया कि यह पूजा षष्ठी से शुरू होती है और पुलिस की कड़ी निगरानी में पूरी व्यवस्था संचालित होती है. आज भी पूजा के दौरान दूर-दूर से लोग जयपुर पहुंचते हैं और राजबाड़ी की पूजा और स्वर्ण प्रतिमा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं.

राज्य शासन ने पैराक्वेट डाइक्लोराइड के उपयोग पर लगाया प्रतिबन्ध

मानव और पशुओं के लिए है ख़तरनाक निर्माता कम्पनियों के पास बचा स्टॉक तत्काल नष्ट करने के निर्देश भोपाल   राज्य शासन ने पैराक्वेट डाइक्लोराइड नामक कीटनाशक के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कीटनाशक मानव और पशुओं के लिए बेहद हानिकारक है। भारत सरकार ने इस संबंध में पहले ही अधिसूचना  जारी कर दी है। किसान कल्याण और कृषि  विकास विभाग ने इस खतरनाक कीटनाशक का निर्माण करने वाली कंपनियों द्वारा विक्रय और भण्डारण पर तत्काल रोक लगाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।  जिन निर्माताओं के पास पैराक्वेट डायक्लोराइड के पंजीकरण  प्रमाण पत्र है उन्हें तत्काल केन्द्रीय कीटनाशी बोर्ड और पंजीकरण समिति को वापस करने के निर्देश दिए हैं। इस कीटनाशक के बचे स्टाक को वापस बुलाकर नियम, प्रक्रिया अनुसार नष्ट करने की कार्रवाई करने के लिए भी निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत पैराक्वेट डाइक्लोराइड के नए रजिस्ट्रेशन और पहले से जारी सभी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट्स को रद्द कर इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। दुनिया के लगभग 70 देशों में इसका उपयोग पहले से प्रतिबंधित है। कैसे काम करता है? यह पौधों के हरे हिस्सों के संपर्क में आते ही उन्हें तेजी से जलाकर नष्ट कर देता था। इसे 'ग्रामोक्सोन' (Gramoxone) जैसे ट्रेड नाम से भी जाना जाता है। यह इंसानों और जानवरों के लिए अत्यधिक विषैला है। इसके शरीर में जाने या संपर्क में आने से फेफड़े और गुर्दे (किडनी) गंभीर रूप से खराब हो जाते हैं। इसका कोई विशिष्ट एंटीडोट (विषारोधी इलाज) उपलब्ध नहीं है। किसान मूंग की फसल में पैराक्वेट डाइक्लोराइड का उपयोग फसल की कटाई से ठीक पहले पत्तियों को सुखाने और फसल को जल्दी पकाने के लिए करते हैं। इसका छिड़काव करने से मूंग के हरे पौधे और पत्तियां 24 से 72 घंटों के भीतर पूरी तरह सूख जाती हैं। पत्तियां सूख जाने से फसल को काटना और थ्रेसिंग करना आसान हो जाता है, जिससे मजदूरों का खर्च और समय बचता है। भारत सरकार के नियमों के अनुसार इसका  उपयोग मूंग की फसल पर करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद किसान अवैध रूप से इसका शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं। स्वास्थ्य के लिए खतरनाक  यह एक अत्यंत विषैला  केमिकल है। इसके संपर्क में आने या इसके अवशेषों वाली मूंग के सेवन से कैंसर, लिवर, किडनी और मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। यदि यह शरीर में चला जाए या गलती से पिया जाए, तो इसका कोई इलाज या एंटीडोट नहीं है, जिससे यह जानलेवा साबित होता है।          

दुष्यंत गौतम की नियुक्ति से नाराज अंकिता के परिजन

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के परिवार से मुलाकात की। पीड़ित परिवार भाजपा नेता दुष्यंत गौतम पर आरोप लगा रहे हैं, जो हाल ही में सिक्किम के राज्यपाल बने हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इंडिया गेट जा जाकर अंकिता भंडारी के परिवार से मिले। प्रियंका गांधी भी पहुंची हैं। अंकिता भंडारी के माता-पिता मामले के विरोध में इंडिया गेट पर हैं और वे भाजपा के दुष्यंत गौतम पर आरोप लगा रहे हैं, जिन्हें हाल ही में सिक्किम का गवर्नर बनाया गया है। महिला कार्यकर्ता योगिता भयाना भी इंडिया गेट पर उनके साथ हैं। दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता के माता-पिता की ओर से हत्याकांड में शामिल वीआईपी के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिए जाने के बावजूद मामले में सीबीआई जांच नहीं कराई गई। इसके बजाय भाजपा सरकार ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके विरोध में कांग्रेस ने गांधी पार्क में मौन उपवास रखा है।   कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता के माता-पिता की ओर से हत्याकांड में शामिल वीआईपी के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिए जाने के बावजूद मामले में सीबीआई जांच नहीं कराई गई। इसके बजाय भाजपा सरकार ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके विरोध में कांग्रेस ने गांधी पार्क में मोन उपवास रखा है। कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले को महिला विरोधी बताते हुए उत्तराखंड के लिए कलंक के समान करार दिया। पार्टी का कहना है कि जब तक मामले में सीबीआई जांच नहीं होती, तब तक इस प्रकरण से जुड़े सवालों का समाधान नहीं हो सकता। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल समर्थकों के साथ देहरादून के गांधी पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने उपवास किया। कांग्रेस ने इस विरोध के माध्यम से अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सवालों की जांच और जवाबदेही की मांग उठाई। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर कांग्रेस नेताओं की ओर से की गई अभद्र टिप्पणी के मुद्दे पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा महानगर कार्यालय में कर्नल अजय कोठियाल ने प्रेस वार्ता की। अंकिता भंडारी के परिजनों से मिलने के बाद राहुल ने कही यह बात राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘वीआईपी’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम ज़रूर मिला। जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है – उस महिला-विरोधी भाजपा से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती। आज, अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार ले कर, अपने घर से मीलों दूर, इंडिया गेट पर बैठे हैं। मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं – उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी।     चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम ज़रूर मिला। जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है – उस महिला-विरोधी BJP से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती। आज, अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार ले कर, अपने घर से मीलों दूर, India Gate पर बैठे हैं। मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं – उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी।

गुरुवार का राशिफल: 15 अक्टूबर को इन राशियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी, धन लाभ के बनेंगे योग

मेष आज धन संबंधी मामलों में आप सफलता देखेंगे। आज का दिन काफी लकी माना जा रहा है। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। बिजनेस कर रहे लोगों की किस्मत साथ देगी। रोमांस से भरपूर रहेंगे आज आप। वृषभ आज का दिन थोड़ा बिजी फील हो सकता है। आपकी सेहत ही आपका धन है। फाइनेंशियल सिचूऐशन थोड़ी गड़बड़ा सकती है। हाइड्रेटेड रहें। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में संकोच न करें। मिथुन आज अपने रास्ते में आने वाले अवसरों का लाभ उठाने का दिन है। फाइनेंशियल स्थिति में थोड़े-बहुत उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। स्किल्स में सुधार करना चाहते हैं, तो अब कदम उठाने का सही समय आ गया है। कर्क आज का दिन आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। उत्साह से भरा रहेगा दिन। आज आपको काम पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। अपनी डाइट को हेल्दी रखें। सिंह आज आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण बड़े पैमाने पर फल देंगे। क्रिएटिव महसूस कर सकते हैं। आगे बढ़ने और दुनिया को यह दिखाने से न डरें कि आप क्या कर सकते हैं। आज जीवन की चुनौतियों को हंस कर पार करें। कन्या जो लोग रिलेशन में हैं, उनके लिए आज अपने जुनून को जगाने और अपनी पार्ट्नर्शिप में फिर से स्पार्क लाने का सही समय है। शाम होते-होते आपकी सभी मुश्किलें कम हो जाएंगी। तुला आज सिनीयर्स के साथ नोक-झोक से बचना बेहतर रहेगा। धन के मामले में लकी रहने वाले हैं आप। वर्क प्रेशर ज्यादा हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। अपनी फाइनेंशियल बॉउन्डरी को मेन्टेन करने पर ध्यान दें। वृश्चिक आज अपनी फाइनेंशियल सिचुएशन पर फोकस करें।अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए आज का दिन शुभ है। थोड़ा इमोशनल फील कर सकते हैं। हेल्थ पर आज कड़ी नजर रखें। धनु आज की एनर्जी आपको अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। आप अपने धन संबंधी मामलों में सफलता देखेंगे। अपनी मां की सेहत पर ध्यान दें। हाइड्रेटेड रहें। एक्सरसाइज करें। मकर अपने साथी से जुड़ने और प्यार बांटने के लिए अपने अट्रैक्शन और कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल करें। अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए समय निकालें। स्ट्रेस से दूर रहें। कुंभ आज आपको अपने फाइनेंस को मैनेज करने में आपका पार्टनर मदद कर सकता है। जीवन में थोड़ी-बहुत हलचल रहेगी। आज खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है। मीन आज आपका दिन खास रहने वाला है। करियर लाइफ थोड़ी बिजी हो सकती है। शाम में अपने लवर के साथ अच्छा टाइम स्पेंड करेंगे। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें। खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है।

पाकिस्तान समेत 31 देशों के क्रू पर बैन, एयर फ्रांस ने मानी इजरायल की शर्त

दुबई एयर फ्रांस ने पुष्टि की है कि वह इस्राइल के उन नए नियमों का पालन कर रही है, जिनके तहत 31 देशों की राष्ट्रीयता वाले पायलटों और केबिन क्रू को इस्राइल के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने से रोका गया है। इनमें पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम बहुल देश शामिल हैं।   फ्रांस की प्रमुख विमानन कंपनी एयर फ्रांस ने पुष्टि की है कि वह इस्राइल के नए प्रतिबंधों का पालन कर रही है। इन नियमों के तहत कुछ देशों की राष्ट्रीयता वाले पायलटों और केबिन क्रू को इस्राइल के हवाई क्षेत्र में आने-जाने वाली उड़ानों में काम करने से रोका गया है। मानवाधिकार और रोजगार कानून से जुड़े विशेषज्ञों ने इस नीति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे एयर फ्रांस के खिलाफ भेदभाव के आरोपों में कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस्राइली मीडिया और फ्रांस की खोजी समाचार वेबसाइट मीडियापार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल ने 31 मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों पर यह प्रतिबंध लगाया है। इनमें अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, ईरान, ओमान, सऊदी अरब, पाकिस्तान और नाइजर शामिल हैं। इन देशों की राष्ट्रीयता वाले लोगों को इस्राइल के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने की अनुमति नहीं है। मुस्लिम देशों के क्रू पर बैन को लेकर क्या बोला एयर फ्रांस? अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने कहा, "अन्य सभी विमानन कंपनियों की तरह एयर फ्रांस को भी उन देशों के अधिकारियों की ओर से तय प्रवेश नियमों का पालन करना होता है, जहां वह सेवाएं देती है। ये नियम उसके यात्रियों और कर्मचारियों, दोनों पर लागू होते हैं।" कंपनी ने बताया कि इस्राइली अधिकारियों की ओर से तेल अवीव जाने वाली उड़ानों के लिए लागू नए नियमों के बारे में संबंधित कर्मचारियों को सूचित कर दिया गया है। एक अक्तूबर को जारी हुआ था निर्देश इस्राइली मीडिया एन12 के अनुसार, परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्रालय ने एक अक्तूबर को विदेशी विमानन कंपनियों को निर्देश दिया था। इसके तहत इस्राइल के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने वाले विमानों के पायलट और केबिन क्रू के पास उन देशों की नागरिकता या दोहरी नागरिकता नहीं होनी चाहिए, जिनके इस्राइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। यह निर्देश 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान को गिराने की साजिश के एक दिन बाद आया था। अब तक की जांच के मुताबिक, ओमान के एक सह-पायलट पर विमान को इजरायल के बेन गुरियन हवाई अड्डे से टकराने की कोशिश करने का आरोप है। उस पर भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हमला करने का भी आरोप है। भारतीय पायलट अस्पताल में भर्ती रहे और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस पर असर की आशंका इस्राइल के इस निर्देश का असर उन दर्जनों विमानन कंपनियों पर पड़ सकता है, जो इस्राइल के लिए, वहां से या उसके हवाई क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरती हैं। चेक गणराज्य की सबसे बड़ी विमानन कंपनी स्मार्टविंग्स ने निर्देश मिलने की पुष्टि की। कंपनी ने कहा कि फिलहाल उसके संचालन पर इसका असर नहीं पड़ा है, लेकिन वह नियमों का पालन करेगी। अमेरिकी विमानन कंपनी यूनाइटेड एयरलाइंस ने इस बारे में कहा कि उसके पास साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। कंपनी ने यह पुष्टि नहीं की कि उसे इस्राइल का निर्देश मिला है या उसने इसके अनुसार कोई बदलाव किया है। मीडियापार्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस के पायलटों और केबिन क्रू के लिए जारी एक आंतरिक ज्ञापन में चेतावनी दी गई थी कि निर्देश का पालन नहीं करने पर कंपनी और संबंधित कर्मचारी को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

1500 किलोमीटर दूर बिहार के कटिहार से साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार

बैंक अधिकारी बनकर पेंशन कार्ड अपडेट एवं टैक्स में छूट का झांसा देकर सेवानिवृत्त कर्मचारी से 6 लाख रूपए की हुई थी ठगी 5 लाख रूपए नगद जब्‍त   भोपाल मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए संचालित “e-Zero FIR” व्यवस्था के तहत देवास पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। बैंक अधिकारी बनकर पेंशन कार्ड अपडेट कराने और टैक्स में छूट दिलाने का झांसा देकर सेवानिवृत्त कर्मचारी से 6 लाख 03 हजार रूपए की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को देवास पुलिस ने 1500 किलोमीटर दूर बिहार के कटिहार जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर ठगी की राशि में से 5 लाख रूपए नगद जब्‍त किए हैं। थाना कोतवाली, देवास क्षेत्र निवासी 62 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी को साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर संपर्क किया। ठगों ने पेंशन कार्ड अपडेट कराने तथा टैक्स में छूट दिलाने का झांसा देकर उनसे कुल6 लाख 3 हजार रूपए की राशि विभिन्न माध्यमों से अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। शिकायत प्राप्त होने पर थाना कोतवाली में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम द्वारा साइबर ठगी से संबंधित बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल नंबरों तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम बिहार के कटिहार जिले पहुंची और आरोपी की पतारसी करते हुए उसे गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर उसके घर की अलमारी से साइबर ठगी की राशि में से 5 लाख रूपए नगद विधिवत जब्‍त किए। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ तथा विवेचना में प्राप्त तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगी गिरोह के मुख्य आरोपियों का संबंध जामताड़ा, झारखंड से होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन तथा ठगी की शेष राशि के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। उल्‍लेखनीय है कि जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों की राशि वापस दिलाने के उद्देश्य से संचालित “ऑपरेशन साइबर” के तहत जिला साइबर सेल द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में e-Zero FIR के तहत अब तक कुल 130 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं, जिनमें 26 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं तथा आरोपियों से लगभग 98 लाख 52 हजार रूपए की राशि जब्‍त की गई है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों में त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग, अंतर्राज्यीय साइबर नेटवर्क की पहचान तथा पीड़ितों की राशि सुरक्षित कराने के लिए लगातार समन्वित कार्रवाई की जा रही है।  

पेंशन नियमों में बदलाव, इंदिरा गांधी के नाम से नहीं चलेंगी योजनाएं

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी है। वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए 53,428 करोड़ रुपये मंजूर किए। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए 53,428 करोड़ रुपये मंजूर किए। इसके तहत दिव्यांग पेंशन के नियम बदले गए हैं। अब पात्र दिव्यांगजन जन्म से ही पेंशन का लाभ ले सकेंगे। वहीं, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन योजनाएं मौजूद स्वरूप में जारी रहेगी। इसके अलावा, तीन पेंशन योजनाओं के नाम से इंदिरा गांधी का नाम हटाकर प्रधानमंत्री शब्द जोड़ने का फैसला किया गया है। दिव्यांगता की सीमा 80 से घटाकर 40 फीसदी सरकार ने दिव्यांग पेंशन के लिए दिव्यांगता की सीमा 80 से घटाकर 40 फीसदी कर दी गई है। अब जन्म से ही पात्र दिव्यांगजन पेंशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। नए नियमों के तहत 79 वर्ष तक के लाभार्थियों को हर महीने 375 रुपये और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र वालों को 625 रुपये मिलेंगे। पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि से जुड़े नए दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी कर लागू किए जाएंगे। तीन पेंशन योजनाओं से पूर्व पीएम इंदिरा गांधी का नाम हटेगा     राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा।     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना अब प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना होगा।     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना कहलाएगी।     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना होगा।     जबकि राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना नाम दिया जाएगा। 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा सरकार के इस फैसले से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलेगा। वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के साथ परिवार लाभ योजना पहले की तरह जारी रहेगी। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी। इसके तहत गरीब परिवारों को आर्थिक मदद दी जाती है। योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है, ताकि देशभर में पात्र लोगों को समान रूप से सहायता मिल सके। दिव्यांग पेंशन के नियम दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत बदले गए हैं। इसमें 40 फीसदी दिव्यांगता को मानक माना गया है। साथ ही, दिव्यांगजनों को समान श्रेणी की दूसरी योजनाओं के मुकाबले कम से कम 25 फीसदी अधिक सहायता देने का प्रावधान है।  

राष्ट्रपति मुर्मु 15 अक्टूबर को करेंगी सरस मेले का शुभारंभ

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर दिल्ली-एनसीआर से बाहर पहली बार विजयवाड़ा में 'राष्ट्रीय सरस मेला': 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी शुभारंभ   ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई उड़ान: विजयवाड़ा में सजेगा 34 राज्यों की 1000 लखपति दीदियों का महाकुंभ- शिवराज सिंह चौहान 'वोकल फॉर लोकल' से सशक्त भारत: माननीय राष्ट्रपति की मौजूदगी में शुरू होगा 650 से अधिक स्टॉल्स वाला राष्ट्रीय सरस मेला- शिवराज सिंह चौहान जन-जन तक पहुंच के लिए दिल्ली से बाहर राष्ट्रीय सरस मेले के आयोजन में पहली बार कृष्णा नदी के तट पर दिखेगी मिनी भारत की झलक- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश)/नई दिल्ली केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित पुन्नमी घाट पर, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रीशिवराज सिंह चौहान की पहल पर पहली बार दिल्ली-एनसीआर से बाहर ‘राष्ट्रीय सरस आजीविका मेला 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक एवं भव्य मेले का औपचारिक शुभारंभ 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीशिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रीएन. चंद्रबाबू नायडू, उप-मुख्यमंत्रीपवन कल्याण, राज्य के राज्यपाल और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।   दिल्ली-एनसीआर से बाहर पहली ऐतिहासिक पहल प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रीशिवराज सिंह चौहान के राष्ट्रीय आयोजनों को विकेंद्रीकृत कर देश के विभिन्न हिस्सों तक ले जाने के विज़न के तहत यह पहला मौका है जब राष्ट्रीय स्तर का सरस मेला दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं से बाहर आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्रीचौहान ने कहा कि यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि देश के सुदूर गांवों की महिलाओं की आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन और उनकी हुनरमंदी का राष्ट्रीय उत्सव है।   34 राज्यों की 1,000 से अधिक दीदियां और 650 से ज्यादा स्टॉल्स दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) और आंध्र प्रदेश 'सर्फ़' (SERP) के सहयोग से आयोजित इस मेले में देश के 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की लगभग 1,000 महिला उद्यमी और कारीगर भाग ले रही हैं। मेले में 650 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं, जहाँ पारंपरिक हथकरघा, हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और घरेलू वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी।   6 करोड़ 'लखपति दीदी' का लक्ष्य मेले के दौरान माननीय राष्ट्रपति और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री की उपस्थिति में 'लखपति दीदी संग्रह' (Lakhpati Didi Compendium) और 'सरस शक्ति एप्लिकेशन' का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही देशभर में 6 करोड़ लखपति दीदियां तैयार करने के राष्ट्रीय संकल्प को प्रदर्शित करती एक विशेष फिल्म भी दिखाई जाएगी।   विशेष आकर्षण: इंडिया फूड कोर्ट और लाइव डेमो इंडिया फूड कोर्ट: देश के 28 राज्यों की 200 से अधिक महिला शेफ अपने-अपने क्षेत्रों के पारंपरिक और लजीज व्यंजन (जैसे लिट्टी चोखा, हैदराबादी दम बिरयानी, मक्के दी रोटी-सरसों का साग, वन सुंदरी आदि) शुद्ध देसी मसालों के साथ लाइव तैयार करेंगी।  थीमैटिक पवेलियन: मेले में लखपति दीदी पवेलियन, नॉलेज पवेलियन, कन्वर्जेंस पवेलियन और लाइव डिमोंस्ट्रेशन पवेलियन बनाए गए हैं। यहाँ मिट्टी के बर्तन बनाने से लेकर कढ़ाई-बुनाई की लाइव कला देखने को मिलेगी, साथ ही अमेजन, फ्लिपकार्ट, नाबार्ड और प्रमुख उद्योग मंडलों के विशेषज्ञ महिलाओं को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स की ट्रेनिंग देंगे। माननीय राष्ट्रपति स्वयं स्टॉल्स का भ्रमण कर महिला उद्यमियों से बातचीत करेंगी और विभिन्न राज्यों की लखपति दीदियों के साथ दोपहर का भोजन भी साझा करेंगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश के नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मेले में पहुँचें और 'वोकल फॉर लोकल' तथा 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को मजबूत करते हुए इन ग्रामीण दीदियों के हुनर व उत्पादों को अपना पूरा समर्थन दें।  

वैशाली नाव हादसा: 13 शव देख दहला कलेजा

हाजीपुर बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार रात हुए नाव हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गांव में एक साथ 13 बच्चों के शव कतार में देख सबका कलेजा दहल गया। जिधर नजर जाती सभी की नम आंखें और उदास चेहरे ही दिख रहे थे। पूरे गांव में बुधवार को किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला। एक जगह गुमसुम बैठे एकटक निहारते लोग और बीच-बीच में रोने की आवाज माहौल को गमगीन बना रही थी। सबके दिल में छिपा दर्द आंसू बनकर बाहर आ रहा था। बच्चे मंगलवार शाम को ट्यूशन पढ़कर बिना बताए ही भोज खाने के लिए चले गए थे। इसी दौरान गंगा नदी के ढाब में उनकी नाव पलट गई। रामपुर श्यामचंद गांव के लोगों के लिए मंगल का वार अमंगल साबित हुआ। घटना के संबंध में बताते-बताते सुरेश राय फफक पड़े। इनकी दो बेटियों की मौत डूबने से हो गई। उन्होंने कहा, मंगलवार की शाम गांव के सभी बच्चे उनके दरवाजे पर ट्यूशन पढ़ रहे थे। शिक्षक बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर चले गए। इसके बाद सभी बच्चे चौकी पर अपना कॉपी-किताब छोड़कर भोज खाने जाने का प्लान बनाने लगे। घर वालों को बिना बताए भोज खाने चले गए घर से कुछ दूरी पर ही ढाब के उस पार एक श्राद्ध कार्यक्रम में लोगों को भोज खाने जाना था। ट्यूशन पढ़ने के बाद बच्चे अपने अन्य चचेरे भाई-बहनों के साथ परिजनों को बिना बताए भोज खाने निकल पड़े। चुपके से सभी घाट पर पहुंचे और बच्चे एक-एक करके नाव पर सवार हो गए।   नाव पर सवार थे 25 बच्चे, किनारे से 7 मीटर पहले पलटी नाव उन्होंने बताया कि नाव में कुल 25 बच्चे सवार थे। दूसरे किनारे पहुंचने से करीब 5 से 7 मीटर पहले ही नाव डूब गई। नाव पर सवार सभी लोग चीखने-चिल्लाने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास लोग घाट की ओर दौड़ते हुए भागे। उन्होंने देखा कि सभी बच्चे ढाब के पानी में उपला रहे हैं। ग्रामीण भी शोर मचाते हुए बच्चों को बचाने के लिए पानी में कूदे। कुछ को तो बचा लिया गया, लेकिन कई नहीं बच पाए। ढाब के दूसरे किनारे से लोग चिल्लाते रहे, पर किसी ने नहीं सुना नाव की बायीं ओर करीब एक फीट लकड़ी का पटरा उखड़ा था। भोज खाने के लिए सभी लोग नाव सवार होने लगे तभी दूसरी साइड के लोग तेज-तेज आवाज में बोल रहे थे कि पांच से अधिक लोग नहीं बैठें, नाव की स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि, उन लोगों की बात नाव में बैठे बच्चों और अन्य लोगों तक नहीं पहुंची। नाव में अधिक भार होने की वजह से ढाब के बीच में पहुंचते ही नाव डगमागाने लगी और धीरे-धीरे पानी बढ़ने लगा। नाव में बैठे बच्चे और अन्य लोग पानी निकालने के लिए हर संभव प्रयास करते रहे। उन्होंने काफी पानी निकाला, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। नाव दूसरे छोर पर पहुंचने से पहले ही डूब गई। जिस स्थान पर नाव डूबी वहां पर गहराई 20 से 25 फीट थी। रात होने की वजह से रेस्क्यू करने में ग्रामीणों को काफी परेशानी हुई। जब लोग हल्ला मचाते हुए घटनास्थल की ओर दौड़े। उस वक्त जिसके हाथ में जो लगा बांस, रस्सी, बांस का फट्टा लेकर पानी में कूद गए। अंधेरा होने की वजह से पानी में कुछ नहीं दिख रहा था। पानी में डूबे लोगों को आवाज के सहारे ही बचाया गया। अंधेरे में कौन कहां है या नहीं पता चल पाया और किस ओर है या है भी नहीं, यह लोगों को पता चल पाया। इससे एक ही झटके में 13 की जान चली गई।

मेधावी विद्यार्थियों की शिक्षा में बाधा ना बने आर्थिक अभाव : ए. श्रीजा

स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार और राज्य शिक्षा केंद्र स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भोपाल में हुआ राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने पर हुआ मंथन भोपाल आर्थिक अभाव के कारण किसी भी मेधावी विद्यार्थी की शिक्षा बाधित न हो, इस दिशा में राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसएस) देश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की शैक्षिक निरंतरता के लिए एक बड़ा संबल है। यह बात भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की आर्थिक सलाहकार तथा भारतीय आर्थिक सेवा की अधिकारी श्रीमती ए. श्रीजा ने राजधानी भोपाल में कही। स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार और राज्य शिक्षा केंद्र स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को एक निजी होटल में राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसएस) विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की आर्थिक सलाहकार तथा भारतीय आर्थिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी श्रीमती ए. श्रीजा ने कहा कि अक्सर कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चे किशोरावस्था में ही पढ़ाई के स्थान पर आजीविका अर्जित करने की ओर ध्यान देने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप उनकी शिक्षा प्रभावित होती है। वहीं, छोटी-मोटी मेहनत-मजदूरी से वे न तो अपने परिवार की आर्थिक कठिनाइयों को दूर कर पाते हैं और न ही अपने भविष्य को बेहतर बना पाते हैं। ऐसे परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने और उनकी शैक्षणिक निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। कक्षा 9 से 12 तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति राज्य शिक्षा केंद्र के संयुक्त संचालक श्री प्राचीश जैन ने कहा कि राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी विद्यार्थियों को कक्षा 8 के बाद उन्हें माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर तक शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक, निर्धारित पात्रता एवं नवीनीकरण संबंधी शर्तें पूरी करने पर, प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस प्रकार पात्र विद्यार्थी अधिकतम चार वर्षों में कुल 48 हजार रुपये की छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। छात्रवृत्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है। संयुक्त संचालक श्री जैन ने कहा कि, कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र एवं मेधावी विद्यार्थियों को जानकारी के अभाव, आवेदन में त्रुटियों अथवा सत्यापन में देरी के कारण छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित न रहना पड़े। इसके लिए अधिकारियों एवं शिक्षकों को योजना की पात्रता शर्तों, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीयन तथा संस्थान एवं जिला स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में भारत सरकार के अधिकारियों और योजना से जुडी टीम के सदस्यों ने सहभागियों को समुचित मार्गदर्शन भी प्रदान किया है। प्रदेश में योजना के और अधिक प्रभावी क्रियान्वयन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे पढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही विद्यालयों, शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर छात्रवृत्ति का लाभ अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। पात्रता और चयन के प्रमुख नियम उल्लेखनीय है कि योजना अंतर्गत शासकीय, शासकीय अनुदान प्राप्त एवं स्थानीय निकाय के विद्यालयों में कक्षा 8 में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थियों को लाभ प्राप्त होता है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक ना हो। साथ ही विद्यार्थी ने कक्षा 7 में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को प्राप्तांक में 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों का चयन मानसिक योग्यता एवं शैक्षिक अभिरुचि परीक्षण के आधार पर राज्य स्तरीय परीक्षा के माध्यम से होता है। कार्यशाला में भारत सरकार के राष्ट्रीय स्कॉलरशिप प्रकोष्ठ की संचालक श्रीमती श्रीकला पी. वेणुगोपाल, सलाहकार श्री राघवेन्द्र खरे, मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, योजना से जुड़े विभिन्न जिलों के नोडल अधिकारी तथा अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यशाला में योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति से लाभान्वित चयनित विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की। विद्यार्थियों ने अपने परिवारों की आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता ने उनकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। उन्होंने छात्रवृत्ति से मिले संबल के आधार पर अपनी वर्तमान शैक्षणिक उपलब्धियों और भविष्य की तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी।