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बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का बड़ा ऐलान, हाईवे जाम करने की तैयारी

समराला लंबे समय से लंबित चला आ रहा गन्ने के बकाए का भुगतान न होने से क्षुब्ध गन्ना किसानों ने एक बार फिर सरकार से टक्कर लेने का फैसला कर लिया है। प्राप्त जानकारी अनुसार दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को 1 जुलाई से अनिश्चितकाल के लिए जाम करने का बड़ा ऐलान किया है। इस फैसले के चलते आने वाले दिनों में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दोआबा किसान कमेटी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष जंगवीर सिंह चौहान ने बताया कि गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर 18 मई को जालंधर स्थित गन्ना विभाग के कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस समय परियोजना अधिकारी और संबंधित विभाग ने आश्वासन दिया था कि 30 मई तक किसानों के खातों में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 142 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा करवा दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महीना बीत जाने के बावजूद किसानों के खातों में अभी तक एक भी रुपया नहीं पहुंचा है। अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए हैं और उनके द्वारा बनाया गया नया पोर्टल भी पूरी तरह विफल साबित हुआ है। किसान नेता ने कहा कि अब गन्ने की अगली फसल तैयार होने वाली है, लेकिन किसानों को पिछली फसल का भुगतान भी नहीं मिला है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। सरकार किसानों की मदद करने के बजाय उनका वैध बकाया देने से भी बच रही है। जंगवीर सिंह चौहान ने पंजाब सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 जून तक किसानों के खातों में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई, तो 1 जुलाई को दोआबा किसान कमेटी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और टांडा में जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह जाम कर देंगे।

पूजा पाल का सियासी सफर: अतीक से टकराव से लेकर BJP में बड़ी जिम्मेदारी तक

लखनऊ  भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए नई प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है. इस लिस्ट में एक चर्चित नाम समाजवादी पार्टी की बागी नेता पूजा पाल का है. पूजा पाल को यूपी बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया गया है।  पूजा पाल को पिछले साल समाजवादी पार्टी (SP) से निकाल दिया गया था क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री की तारीफ की थी. पार्टी से निकाले जाने के कुछ वक्त बाद उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात भी की थी। प्रयागराज का प्रतिनिधित्व करने वाली पाल को पार्टी विरोधी गतिविधियों और गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप में समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया था।  अतीक अहमद से पूजा पाल की अदावत क्यों? पूजा पाल को समाजवादी पार्टी से तब निकाला गया, जब उन्होंने पूर्व सांसद और विधायक अतीक अहमद के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की सख्त कार्रवाई की सार्वजनिक रूप से तारीफ की थी. पूजा ने अतीक अहमद पर ही अपने पति राजू पाल की हत्या का आरोप लगाया था. यह हत्या उनकी शादी के महज नौ दिन बाद ही कर दी गई थी।  यूपी विधानसभा में पूजा पाल ने योगी की 'जीरो-टॉलरेंस' नीतियों की तारीफ करते हुए कहा था, "मैं मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं कि उन्होंने मुझे इंसाफ दिलाया, जबकि किसी और ने मेरी बात नहीं सुनी।  इसके बाद, कुछ ही घंटों के अंदर समाजवादी पार्टी ने अखिलेश यादव के हस्ताक्षर वाला निष्कासन पत्र जारी किया, जिसमें पार्टी के निर्देशों को लगातार न मानने और संगठन के लिए नुकसानदेह गतिविधियों में शामिल होने का हवाला दिया गया था।  पूजा पाल कौन हैं? पूजा पाल, बीएसपी के पूर्व विधायक राजू पाल की पत्नी हैं. राजू पाल की हत्या उनकी शादी के सिर्फ 10 दिन बाद ही कर दी गई थी. राजू पाल की हत्या का आरोप माफिया डॉन अतीक अहमद के भाई अशरफ पर लगा था. बीएसपी ने पूजा पाल को इलाहाबाद शहर की पश्चिमी सीट पर हुए उपचुनाव में अतीक अहमद के भाई अशरफ के खिलाफ मैदान में उतारा था, लेकिन वह हार गईं थीं।  साल 2007 के चुनावों में पूजा पाल को फिर से BSP ने टिकट दिया. 2012 में वे दोबारा उसी सीट से चुनी गईं. फरवरी 2018 में बीजेपी नेता और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात के बाद मायावती ने उन्हें बीएसपी से निकाल दिया था. पूजा 2019 में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं और 2022 के विधानसभा चुनाव में कौशाम्बी जिले की चैल सीट से जीत हासिल की। 

भरत तिवारी मामले में भावुक पल, आयोग अध्यक्ष ने मां को दिया न्याय का भरोसा

भोजपुर. भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण की न्यायिक जांच के सिलसिले में गुरुवार को न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष एवं पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा बिलौटी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने मृतक भरत भूषण तिवारी के स्वजन से मुलाकात की और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। परिवार का दर्द सुना, निष्पक्ष जांच का आश्वासन स्वजन से बातचीत के दौरान न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने कहा कि वह परिवार के दर्द को समझते हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद पीड़ा होना स्वाभाविक है। घटना की सच्चाई सामने लाने और व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से ही उन्हें जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष ने स्वजन से जांच में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने घटना से संबंधित सभी फोटो, वीडियो और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए कहा कि मामले से जुड़ी हर जानकारी का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। मोबाइल लौटाने की उठी मांग इस दौरान मृतक के भाई ने भरत भूषण तिवारी का मोबाइल फोन वापस दिलाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि मोबाइल फिलहाल पुलिस के कब्जे में है। इस पर न्यायमूर्ति सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि वह इस संबंध में डीएम और एसपी से बातचीत करेंगे। सुरक्षा को लेकर जताई चिंता मृतक के स्वजन ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की। परिवार का कहना था कि घटना के बाद भय का माहौल बना हुआ है। इस पर न्यायमूर्ति सिन्हा ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और परिवार की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई की मांग मृतक की मां आशा देवी और पिता काशीनाथ तिवारी ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाएगी। वहीं, उनके गांव पहुंचने की सूचना पर दिनभर लोगों की भीड़ जुटी रही और आयोग स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाकर जांच को आगे बढ़ाने में लगा रहा।

पुलिस और बदमाशों के बीच चली गोलियां, गुरदासपुर में एनकाउंटर के दौरान आरोपी घायल

गुरदासपुर. कुछ दिन पहले बटाला शहर में एक नामी कपड़ा व्यापारी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में से एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में पहले दो युवकों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान बलदेव सिंह उर्फ करण और कुलदीप सिंह, निवासी गांव खजाला, के रूप में हुई थी। जानकारी के अनुसार, थाना सिविल लाइन की पुलिस बलदेव सिंह उर्फ करण को अवैध हथियार की बरामदगी के लिए थाना घुमाण क्षेत्र में लेकर गई थी। इस दौरान आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी की टांग में लगी और वह घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी बटाला डॉ. महिताब सिंह, एसपी Investigation रमणिंदर सिंह, डीएसपी सिटी सुखइंदर सिंह, डीएसपी श्री हरगोबिंदपुर, थाना सिविल लाइन के एसएचओ गुरमीत सिंह तथा सीआईए स्टाफ के प्रभारी सुखराज सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। घायल आरोपी को तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल बटाला में भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई थी। साथ ही पुलिस मुठभेड़ और हथियार बरामदगी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। 

बस्तर रेंज को मिला नया IG, IPS बद्रीनारायण मीणा संभालेंगे कमान

रायपुर. राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी बद्रीनारायण मीणा को बस्तर रेंज के नए आईजी नियुक्त किए हैं। इसका आदेश आज गृह (पुलिस) विभाग ने जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के पद पर पदस्थ बद्रीनारायण मीणा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, जगदलपुर के पद पर पदस्थ किया गया है। राज्य सरकार द्वारा जारी इस प्रशासनिक आदेश के बाद मीणा अब बस्तर रेंज की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। बस्तर क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल होने के कारण यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार के आदेश के अनुसार यह पदस्थापना आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। NIA के आईजी बनाए गए हैं सुंदरराज पी बता दें कि बस्तर आईजी छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके चलते बस्तर आईजी का पद खाली था। वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी लंबे समय तक बस्तर रेंज के आईजी रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने बस्तर के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चलाए, जिससे माओवादी संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान का प्रमुख चेहरा रहे सुंदरराज पी सुंदरराज पी की रणनीति केवल सशस्त्र कार्रवाई तक सीमित नहीं रही। उन्होंने खुफिया तंत्र को मजबूत करने, स्थानीय युवाओं को सुरक्षा अभियानों से जोड़ने, नए सुरक्षा कैंप स्थापित करने और सड़क व विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। अबूझमाड़ जैसे इलाकों में सुरक्षा बलों की पहुंच बढ़ाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्यकाल में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।

बेअदबी मामले में CM मान का बड़ा खुलासा, कहा- गले के निशान बताते हैं पूरी साजिश

चंडीगढ़  बेअदबी मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा पलटवार करते हुए दावा किया है कि उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश रची गई है. वीडियो में दिख रहा शख्स वह नहीं, बल्कि उनके चेहरे का मास्क पहनने वाला व्यक्ति है. इस दौरान, सीएम मान ने गले के निशान से लेकर हुलिये तक कई सबूत पेश भी किए. साथ ही, उन्‍होंने दावा किया कि लोगों के मन में उनके खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि धर्म का इस्तेमाल राजनीति के लिए करना गलत है और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले के पीछे पैसे देने वालों का भी खुलासा किया जाएगा।  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर कई बड़े दावे किए हैं. उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसे सियासी फायदे के लिए तैयार कराया गया है. इस नकली वीडियो के जरिए सिर्फ उनकी छवि खराब करने की कोशिश नहीं है, बल्कि लोगों के मन में उनके खिलाफ धार्मिक आधार पर नफरत पैदा करने की साजिश भी है।      प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगवंत मान ने एक वीडियो भी दिखाई. उनका कहना था कि वीडियो बनाने का दावा करने वाले जगमन समरा के हाथ में उनके चेहरे वाला मास्क साफ दिखाई देता है. वीडियो में जिस व्यक्ति को दिखाया गया है, उसने उनका मास्क पहना हुआ है।      उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वीडियो असली होती तो उसमें उनके गले पर बचपन के ऑपरेशन का निशान क्यों नहीं दिखाई देता. उन्होंने कहा कि मेरे गले पर बचपन से ऑपरेशन का निशान है, लेकिन वायरल वीडियो में ऐसा कोई निशान नहीं है।      मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति हमेशा चश्मा लगाए हुए नजर आता है, क्योंकि आंखों से असली पहचान छिपाई नहीं जा सकती. होटल के कमरे में गुरु साहब की तस्वीर लगाए जाने की बात भी पूरी तरह गलत है।      उन्होंने कहा कि नवंबर 2016 के बाद वह कभी कनाडा गए ही नहीं, जबकि वीडियो बनाने वाला व्यक्ति कनाडा में बैठा है. सीएम भगवंत मान ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में राजनीतिक साजिश रची गई है. कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी मिलकर उनके खिलाफ सांझा मोर्चा बनाकर काम कर रहे हैं।      उनका कहना था कि उनकी सरकार ने बेअदबी कानून, पालकी साहब वाली गाड़ियों के टोल और पवित्र शहरों को विशेष दर्जा देने जैसे कई अहम फैसले किए हैं, जिन्हें पहले की सरकारें नहीं कर सकीं. इसी वजह से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।      मुख्यमंत्री मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि गुरुद्वारों के बाहर उनके खिलाफ बोर्ड क्यों लगाए जा रहे हैं, जबकि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के प्रधान खुद सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वह सुखबीर बादल के सिपाही हैं।      भगवंत मान ने कहा कि वह पहले भी अकाल तख्त साहिब गए थे और अगर दोबारा बुलाया जाएगा तो फिर जाएंगे. उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने कार्यवाही को लाइव करने की भी अपील की थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. अब अलग-अलग क्लिप जारी कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।  गुरु नानक नाम लेवा संगत के हाथों अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह इस नकली वीडियो को अकाल तख्त साहिब को भी भेजेंगे ताकि उसकी निष्पक्ष जांच हो सके. उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला गुरु नानक नाम लेवा संगत पर छोड़ते हैं. साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि जगमन समरा को इंटरपोल की मदद से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में यह भी सामने लाया जाएगा कि इस वीडियो को बनवाने के लिए पैसा किसने दिया था. मान ने कहा कि चाहे जितनी कोशिश कर ली जाए, पंजाब के लोगों के मन में उनके खिलाफ नफरत पैदा करने की यह साजिश सफल नहीं होगी। 

निर्धन परिवार, वृद्धजन और दिव्यांग साथी स्वयं को बेसहारा न समझें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बुजुर्गों और असहाय लोगों का आदर करना हमारा धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निर्धन परिवार, वृद्धजन और दिव्यांग साथी स्वयं को बेसहारा न समझें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अंत्योदय का संकल्प हो रहा है सिद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 33 लाख 92 हजार 695 सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए 203 करोड़ 56 लाख रुपये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय से हितग्राहियों को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि घर में बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद होना, तपती धूप में ठंडी छांव के समान होता है। हमारी संस्कृति में बुजुर्गों, असहायों और समाज के सबसे कमजोर वर्ग को आदर देना केवल कर्तव्य नहीं बल्कि हमारा धर्म माना गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी कोशिश है कि राज्य का कोई भी निर्धन परिवार, माताएं, बहनें या हमारे दिव्यांग साथी स्वयं को बेसहारा न समझें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अंत्योदय का संकल्प सिद्ध हो रहा है। इसी दिशा में राज्य सरकार भी गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों के कल्याण में जुटी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण के लिए मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम से विभिन्न जिलों के हितग्राही वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 33 लाख 92 हजार 695 से अधिक भाई-बहनों और बुजुर्गों के खातों में माह मई महीने की 203 करोड़ 56 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, संजय शुक्ला, मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर कार्यक्रम में उपस्थित थी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन सरकार के स्नेह, सम्मान और सुरक्षा का वचन है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन केवल आर्थिक सहायता नहीं है, अपितु निर्धन परिवारों, दिव्यांग साथियों में आपके प्रति सरकार का स्नेह, सम्मान और सुरक्षा का वचन है। राज्य सरकार सभी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है। सरकार प्रत्येक नागरिक के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने किसान हितैषी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश के किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज दिया जाएगा और इसे चुकाने की समयावधि 31 मार्च नहीं होगी, बल्कि किसान जिस तारीख को कर्ज लेंगे, उसे अगले 12 माह की अवधि में ऋण भरना होगा। 10 साल में देश के 25 करोड़ से ज्यादा लोग बाहर आए गरीबी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का प्रत्येक नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहा है। पिछले 10 वर्षों में देश के 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से 80 करोड़ से अधिक लोगों को हर महीने मुफ्त राशन मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान भारत, जल-जीवन मिशन, उज्जवला योजना जैसी योजनाओं ने जन-कल्याण का इतिहास लिखा है। राज्य सरकार अधिकांश कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी है। सरकार गरीब, युवा, नारी और किसान कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से वरिष्ठजन, माताएं-बहनें और हितग्राही वर्चुअली सम्मिलत हुए।  

संपत्ति विवाद पर सियासत तेज, कांग्रेस के आरोपों के बीच CM मोहन यादव के समर्थन में मंत्री मैदान में

भोपाल  सीएम मोहन यादव और उनके परिवार पर जमीनों की खरीद फरोख्त के आरोप पर बीजेपी ने अब हमलावर रुख अपना लिया है। मामले में सीएम के बचाव में प्रदेश के मंत्रियों की फौज उतर आई। बीजेपी ने राज्य सरकार के आधा दर्जन मंत्रियों के बयानों के वीडियो जारी किए जिसमें सीएम मोहन यादव पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया गया है। बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह से लेकर तुलसी सिलावट, चेतन काश्यप, कृष्णा गौर, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इंदर सिंह परमार ने इस मामले में कांग्रेस पर पलटवार किया। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने तो सीएम CM Mohan Yadav पर गलत आरोप लगाने पर कांग्रेस को मानहानि का नोटिस देने की भी बात कही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सीएम के रिश्तेदारों की संपत्ति भी जोड़ रही है। प्रदेश कांग्रेस ने सीएम डॉ. मोहन यादव व उनके परिवार के सदस्यों पर कई एकड़ जमीन खरीदने के आरोप लगाए हैं। बुधवार को इस मामले में बीजेपी नेताओं और मंत्रियों ने न केवल सीएम पर लग रहे आरोपों का बचाव किया बल्कि रॉबर्ट वाड्रा के बहाने कांग्रेस को ही घेरा। प्रदेश के लोक निर्माण विभाग यानि पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने सीएम मोहन यादव पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का षड्यंत्र रचा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक दिवालियापन के दौर से गुजर रही है। सीएम मोहन यादव के रिश्तेदारों की संपत्ति को उनसे जोड़ा मंत्री राकेश सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि जब रॉबर्ट वाड्रा का नाम भूमि घोटालों में आता है तो कांग्रेसी इसे व्यक्तिगत बताते हुए किनारा करते हैं जबकि सीएम मोहन यादव के रिश्तेदारों की संपत्ति को उनसे जोड़ा जाता है। उन्होंने मामले में कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि उसे मानहानि का नोटिस देंगे। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सरकारी और निजी ट्रस्ट में अंतर होता है, यह कांग्रेस समझ नहीं पाई। जिस वीर भारत न्यास को 1 रुपए में उज्जैन में भूमि देने का आरोप लगाया जा रहा है, वह संस्कृति विभाग का हिस्सा है, न कि निजी न्यास। उन्होंने बताया कि अब लीगल सेल पूरे प्रकरण को देख रहा है। बीजेपी ने सभी मंत्रियों के बयानों के बाकायदा वीडियो जारी किए सरकार के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों तुलसी सिलावट, चेतन काश्यप, कृष्णा गौर, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इंदर सिंह परमार ने भी जमीन विवाद पर सीएम मोहन यादव का पक्ष प्रस्तुत किया। इससे पहले शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी मामले में कांग्रेस पर सवाल दागे थे। बीजेपी ने सभी मंत्रियों के बयानों के बाकायदा वीडियो जारी किए हैं।

भारत पर Amazon का बड़ा दांव, PM मोदी से मुलाकात में CEO ने बताया ₹1220000000000 लाख करोड़ निवेश और विस्तार का प्लान

नई दिल्ली अमेजन ने भारत में एक और बड़े निवेश का एलान किया है। Amazon के CEO एंडी जेसी भारत दौरे पर हैं, और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से मुलाकात की। इस दौरान एंडी जेसी ने घोषणा की है कि कंपनी 2030 तक AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए देश में अतिरिक्त $13 बिलियन (1.22 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। यह अतिरिक्त निवेश Amazon द्वारा भारत में $35 बिलियन के नए निवेश की घोषणा के छह महीने के भीतर किया गया है। कंपनी के अनुसार, दिसंबर 2025 में घोषित $35 बिलियन और 25 जून को घोषित $13 बिलियन के निवेश को मिलाकर, 2010-2030 के बीच भारत में Amazon का कुल निवेश $88 बिलियन से ज़्यादा हो गया है। AI में भारी निवेश इस नए निवेश के साथ, Amazon भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने वाली सबसे बड़ी ग्लोबल कंपनियों में से एक बन गई है। इसके अलावा, Amazon भारत में सबसे बड़ी विदेशी निवेशक, ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने वाली सबसे बड़ी कंपनी और देश में सबसे ज़्यादा नौकरियां देने वाली कंपनियों में से एक है। अमेज़न के CEO एंडी जेसी ने कहा: "हम एक दशक से भी पहले भारत आए थे और तब से अपने अलग-अलग बिज़नेस के ज़रिए ग्राहकों, सेलर्स, डेवलपर्स, स्टार्ट-अप्स और कंपनियों को सेवा दे रहे हैं। हमें बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, खासकर हमारे ई-कॉमर्स, AI और क्लाउड बिज़नेस में ज़बरदस्त ग्रोथ हुई है।" 20 साल में 88 अरब डॉलर का निवेश अमेजन ने भले ही 6 महीने के भीतर 48 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान कर डाला है, लेकिन साल 2010 से 2030 तक के कुल निवेश को देखा जाए तो अमेजन ने भारत में करीब 88 अरब डॉलर का निवेश कर दिया है. हालिया निवेश घोषणा के बाद अमेजन भारत में ग्‍लोबल एआई और क्‍लाउड इन्‍फ्रा पैसे लगाने वाली सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है. साथ ही यह सबसे बड़ी विदेशी निवेशक भी बन चुकी है. अमेजन भारत में सबसे बड़ी विदेशी निर्यात करने वाली ई-कॉमर्स कंपनी के साथ ही जॉब पैदा करने वाली विदेशी कंपनी भी है।  कई साल से भारत में दे रहे सेवाएं अमेजन के सीईओ ने बताया कि उनकी कंपनी दशकों पहले भारत आई थी और इसके बाद से ही यहां लगातार सेवाएं दे रही है. अमेजन आज अपने कस्‍टमर्स, सेलर, डेवलपर्स, स्‍टार्टअप और छोटी कंपनियों सहित तमाम कारोबार को सेवाएं दे रही है. अभी तक का प्रदर्शन काफी बेहत रहा है, खासकर ई-कॉमर्स, एआई और क्‍लाउड के बिजनेस में अमेजन काफी अच्‍छा काम कर रही है।  पीएम मोदी की जमकर तारीफ एंडी जेसी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद कहा क‍ि अमेजन भारत में अपने विकास के साथ यहां छोटे कारोबारियों की मदद करने और जॉब पैदा करने में भी सहयोग दे रही है. हमने अगले 5 साल में 48 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है, जो देश के हर क्षेत्र की डिमांड के हिसाब से किया जाएगा. हम पीएम मोदी के विजन से काफी प्रभावित हैं, जो विकसित और आत्‍मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं के जरिये लॉन्‍ग टर्म में विकास का हिस्‍सा बनने के लिए प्रेरित करते हैं।  38 लाख नौकरियां पैदा करने में मदद एंडी जेसी ने कहा कि पीएम मोदी के इस विजन के साथ अमेजन ने करीब 38 लाख नौकरियां पैदा की हैं और 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात में भी मदद की है. इसके अलावा 1.5 करोड़ से ज्‍यादा छोटे कारोबारियों तक एआई का फायदा पहुंचाने के साथ साल 2030 तक 40 लाख सरकारी स्‍कूलों तक भी एआई की सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्‍य है. साल 2026 से 2030 के बीच भारत में अमेजन 48 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जिसमें से 21 अरब डॉलर का इस्‍तेमाल तो सिर्फ एआई और क्‍लाउड निवेश में किया जाएगा।  भारत को लेकर क्या हैं प्राथमिकताएं एंडी जेसी ने कहा, "जैसे-जैसे हम भारत में Amazon का विस्तार कर रहे हैं, हमारे बिज़नेस की प्राथमिकताएं भारत की प्राथमिकताओं के साथ मेल खाती जा रही हैं – जैसे AI तक पहुंच को आसान बनाना, छोटे बिज़नेस को डिजिटल बनाना, रोज़गार पैदा करना और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना। भारत में अपने बिज़नेस की बढ़ती मांग को पूरा करने और देश को इन प्राथमिकताओं को हासिल करने में मदद करने के लिए हम अगले पाँच सालों में $48 बिलियन से ज़्यादा का निवेश कर रहे हैं।" एंडी जेसी ने यह भी कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित और आत्मनिर्भर भारत' के विज़न से प्रेरित हैं और भारत के साथ लंबे समय तक पार्टनर बने रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  

समय आने पर होगा फैसला, BJP-अकाली गठबंधन पर नितिन नबीन ने दिए संकेत

अमृतसर   पंजाब में शिरोमणि अकाली दल या किसी अन्य अकाली धड़े के साथ भविष्य में गठबंधन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितिन नबीन ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि गठबंधन को लेकर अभी दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं और इस संबंध में कोई भी फैसला सही समय आने पर ही लिया जाएगा। अपने हालिया पंजाब दौरे के दौरान जालंधर में आयोजित एक मीडिया कॉन्क्लेव में पूछे गए सवाल के जवाब में नबीन ने कहा, "कुछ निश्चित मुद्दों को सही समय आने पर हल कर लिया जाएगा।" भाजपा नेता ने इस बात को दोहराया कि मौजूदा हालात में पार्टी का पूरा ध्यान पंजाब के हर विधानसभा क्षेत्र में अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने पर है। नबीन ने कहा, "अभी हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जब चुनाव नजदीक आएंगे और राजनीतिक गतिविधियां बढ़ेंगी, तब हम उस समय की परिस्थितियों का आकलन करेंगे और उसी के आधार पर (गठबंधन पर) निर्णय लेंगे। आज के दिन हम न तो गठबंधन के पक्ष में हैं और न ही इसके खिलाफ हैं।" पार्टी की तात्कालिक रणनीति को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने फिलहाल अपने दम पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। नबीन ने कहा, "हम अपनी खुद की ताकत से आगे बढ़ना चाहते हैं। समय के साथ कई चीजें अपने आप स्पष्ट हो जाएंगी। जहां तक गठबंधन का सवाल है, तो उस पर फैसला लेने के लिए अभी काफी वक्त है। आज इसका समय नहीं है, सही समय को आने दीजिए।" छह महीने बाद जनता के संदेश का होगा आकलन नितिन नबीन ने बताया कि राज्य के नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी अगले छह महीने तक अपनी तय योजनाओं और रणनीति के तहत काम करेगी। उन्होंने कहा, "अगले छह महीनों में हम खुद को मजबूत आधार पर स्थापित करेंगे, हर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक मुद्दे को उठाएंगे और सीधे जनता के बीच जाएंगे। भविष्य में गठबंधन करना है या नहीं, यह आगे तय होगा। हम देखेंगे कि हमें जनता की तरफ से क्या संदेश मिलता है। हम छह महीने बाद इस पर दोबारा फैसला लेंगे।" भाजपा नेता के इस बयान ने 'द ट्रिब्यून' की उस पूर्व रिपोर्ट की भी एक तरह से पुष्टि कर दी है, जिसमें यह संकेत दिया गया था कि पंजाब में दोनों पुराने सहयोगियों के बीच दोबारा साथ आने का अध्याय अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है।