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कोलगेट ने राहुल द्रविड़ को किया नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त

मुंबई कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड ने दिग्गज क्रिकेटर और भारतीय टीम के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ को कोलगेट टोटल का नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है। इस अवसर पर कोलगेट टोटल के ब्रांड एंबेसडर राहुल द्रविड़ ने कहा, “खेलों में प्रदर्शन की बात हो तो हर छोटी चीज मायने रखती है। मौखिक स्वास्थ्य भी ऐसा ही एक अहम पहलू है। इतना कि दुनिया भर की कई टीमें और हंसी फ्लिक जैसे कोच अब खिलाड़ियों के लिए डेंटल चेक-अप अनिवार्य करते हैं। मेरे लिए कोलगेट टोटल इसलिए खास है क्योंकि यह 8 डेंटल समस्याओं को रोकता है और आपको वह प्रोएक्टिव बढ़त देता है।” कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड के मार्केटिंग, ईवीपी, गुंजित जैन ने कहा, “अच्छा स्वास्थ्य हमेशा से खेल प्रदर्शन से जुड़ा रहा है। नींद, व्यायाम और पोषण के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन जिस छिपे हुए पहलू पर अब तक बात नहीं हुई, वह है मौखिक स्वास्थ्य। मुंह के जर्म्स शरीर में जाकर सूजन बढ़ा सकते हैं, मसल रिकवरी को धीमा कर सकते हैं और स्टैमिना को प्रभावित कर सकते हैं। राहुल द्रविड़ जैसे निरंतरता और विश्वसनीयता के प्रतीक के साथ साझेदारी कर, हम इस वैज्ञानिक तथ्य को मुख्यधारा में ला रहे हैं और कोलगेट टोटल की श्रेष्ठ तकनीक को उजागर कर रहे हैं, जो जर्म बिल्ड-अप से तीना गुना बेहतर लड़ती है और 8 डेंटल समस्याओं से बचाव करती है।”  

जेल में बंद सुशील कुमार को राहत मिलेगी या नहीं? हाईकोर्ट ने पुलिस को भेजा नोटिस

नई दिल्ली पहलवान सागर धनखड़ की मौत के मामले में आरोपी पहलवान सुशील कुमार की जमानत अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। इस मामले पर 4 मई को सुनवाई होगी। पहलवान सुशील कुमार ने छह फरवरी को रोहिणी कोर्ट के नियमित जमानत याचिका खारिज करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पहलवान सुशील कुमार मई 2021 में हुए सागर हत्याकांड में आरोपी हैं और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं। राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ की हत्या के मामले में 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य आरोपी पहलवान सुशील कुमार की जमानत रद्द कर दी थी और एक सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय करोल और प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने सागर धनखड़ के पिता द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को स्वीकार किया था। याचिका में सुशील कुमार को जमानत देने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुशील कुमार और अन्य लोगों पर 4 मई, 2021 को कथित संपत्ति विवाद को लेकर शहर के छत्रसाल स्टेडियम के पार्किंग स्थल में हरियाणा के रोहतक के रहने वाले पूर्व जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ और उनके दो दोस्तों सोनू और अमित कुमार पर कथित रूप से हमला करने का आरोप है। सागर धनखड़ की मौत के बाद 18 दिनों तक फरार रहने के बाद सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, 18 दिनों तक चले इस लुका-छिपी के खेल के दौरान सुशील कुमार ने पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की यात्रा की थी। आखिर में उन्हें दिल्ली के मुंडका इलाके में गिरफ्तार किया गया था, जहां वे कुछ नकदी लेने गए थे और उन्होंने एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी से स्कूटी भी उधार ली थी। अक्टूबर 2022 में, दिल्ली की एक निचली अदालत ने सुशील कुमार और 17 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिससे उनके मुकदमे की शुरुआत हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद ने सुशील कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए थे, जिनमें हत्या, दंगा और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं।  

चिन्नास्वामी नहीं, हुबली में होगा रणजी फाइनल मुकाबला

चेन्नई कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) इस बार मंगलवार को कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच होने वाले रणजी ट्रॉफी का फाइनल की मेजबानी करेगा और यह मुकाबला चिन्नास्वामी स्टेडियम की जगह हुबली में खेला जाएगा। केएससीए के पास इस मैच को बेंगलुरू या हुबली में से एक जगह कराने का विकल्प था। हालांकि, गृह मंत्रालय की एक्सपर्ट कमिटी द्वारा सुझाए गए बदलावों के निर्माण कार्य अभी जारी होने के कारण ही मैच को हुबली स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। केएससीए के एक प्रवक्ता ने कहा, “दर्शकों के प्रवेश और कई जरूरी जगहों पर काम जारी है और उन रास्तों को चौड़ा किया जा रहा है। इसके अलावा भी कई अहम कार्य हो रहे हैं। इन निर्माणों के बीच रणजी फाइनल को जिस तरह की सुविधा मिलनी चाहिए वो दे पाना संभव नहीं था।” उत्तराखंड को पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर मात देने वाली आठ बार की चैंपियन कर्नाटक 2014-15 सीजन के बाद पहली बार खिताब जीतने मैदान में उतरेगी। फाइनल में कर्नाटक का सामना 67 सालों में पहली बार फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर की टीम से होगा। आंकड़ों की बात की जाये तो इससे पहले दोनों टीमें चार बार भिड़ंत कर चुकी है और हर बार कर्नाटक को जीत मिली है।  

छक्कों का किंग कौन? T20 WC 2026 में भारत नंबर-1, USA-इटली ने मचाया धमाल

नई दिल्ली  टी20 का मतलब है चौके-छक्कों की बरसात…फैंस को यही धूम धड़ाका इस फॉर्मेंट की ओर आकर्षित करता है। भारत-श्रीलंका में इस समय टी20 वर्ल्ड कप जारी है, जिसमें कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। ग्रुप स्टेज लगभग खत्म हो गई है, आज यानी शुक्रवार, 20 फरवरी को ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और ओमान के बीच खेला जाना है। अभी तक हुए 39 मुकाबलों में 1000 से अधिक चौके और 500 से ज्यादा छ्क्के लगे हैं। आईए एक नजर उन टीमों पर डालते हैं, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभी तक सबसे ज्यादा छक्के लगाए हैं। इस लिस्ट में सरप्राइज यह है कि पाकिस्तान से ज्यादा छक्के अभी तक इटली और यूएसए की टीमें लगा चुकी है, जो टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। भारत ने लगाए सबसे ज्यादा सिक्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभी तक खेले गए 39 मैचों में कुल 502 छक्के लगे हैं। इनमें से सबसे अधिक छक्के टीम इंडिया ने लगाए हैं। जी हां, भारत अभी तक इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाला देश है। 502 में से सबसे अधिक 40 छक्के भारतीय खिलाड़ियों के बल्ले से निकले हैं, इनमें से 11 छक्के तो अकेले ईशान किशन ने ही लगाए हैं। बता दें, ईशान किशन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज हैं। उनके अलावा पाकिस्तान के ओपनर साहिबजादा फरहान ने भी इतने ही छक्के लगाए हैं। इटली का नाम हैरान कर देने वाला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाली टॉप-5 टीमों में सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाला नाम इटली का है। इटली सुपर-8 के लिए तो क्वालीफाई नहीं कर पाई, मगर टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने फैंस का खूब मनोरंजन किया। इटली ने इस टी20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के बराबर 34 छक्के लगाए। उनके ऊपर दो ही टीमें -इंग्लैंड और वेस्टइंडीज- है, जिन्होंने 36-36 सिक्स लगाए है। पाकिस्तान के आगे यूएसए और इटली हैरानी की बात यह भी है कि साहिबजादा फरहान द्वारा 11 छक्के लगाए जाने के बाद पाकिस्तान इस लिस्ट में 9वें पायदान पर है। पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 28 सिक्स लगाए हैं। उनसे ज्यादा छक्के तो यूएसए (33) ने लगाए है, जो लिस्ट में 6ठे पायदान पर है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली टॉप-10 टीमें- भारत- 40 इंग्लैंड- 36 वेस्टइंडीज- 36 अफगानिस्तान- 34 इटली- 34 यूएसए- 33 न्यूजीलैंड- 32 साउथ अफ्रीका- 31 पाकिस्तान- 28 स्कॉटलैंड- 26

‘अब नहीं तो कभी नहीं’—ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ओमान कप्तान जतिंदर सिंह का बड़ा बयान

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया और ओमान के बीच टी20 विश्व कप 2026 का आखिरी मुकाबला शुक्रवार को पाल्लेकेले में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया और ओमान की टीमें जारी टी20 विश्व कप से बाहर हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने जारी टूर्नामेंट में दो, जबकि ओमान ने तीन मुकाबले गंवाए हैं। 2009 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई है। मुकाबले से पहले ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया इस समय अच्छा नहीं कर रही है और उन्हें हराने का सबसे अच्छा समय है। ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह ने कहा, ''ये मौका है और हमारे खिलाड़ी तैयार हैं। क्योंकि टी20 में मोमेंटम और महत्वपूर्ण क्षणों का खेल है। अगर आप, मुझे लगता है, उन क्षणों को सही तरीके से खेलते हैं, तो उस खास दिन पर आप कुछ भी कर सकते हैं। इस समय ऑस्ट्रेलिया भी अभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है। उन्हें हराने का सही समय है।'' उन्होंने आगे कहा, ''वो भी टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। इसलिए कैंप में माहौल यह है कि लड़के वाकई बहुत पॉजिटिव हैं क्योंकि हमने बेहतर क्रिकेट खेलने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से चीजें हमारे पक्ष में नहीं रहीं। लेकिन मुझे विश्वास है कि लड़के अगले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच का इंतजार कर रहे हैं और वहां अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में छह वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय विश्व कप खिताब जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम मंगलवार को कैंडी में जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच मैच बारिश के कारण रद्द होने के बाद अगले दौर में जगह बनाने की दौड़ से बाहर हो गई। इस मैच के रद्द हो जाने से जिम्बाब्वे को एक महत्वपूर्ण अंक मिला जिससे उसने श्रीलंका के साथ ग्रुप बी से सुपर आठ में प्रवेश कर लिया। कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने से अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी में कुछ दम दिखाया लेकिन उसके गेंदबाज फिर से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। उसे इससे पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ उलटफेर का शिकार होना पड़ा था। यही कारण है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने टीम के स्वदेश लौटने पर उसके प्रदर्शन की गहन समीक्षा करने का फैसला किया है।

बाहर होने के बाद राशिद खान का दर्द छलका, ICC से की अपील- छोटी टीमों को मिले बराबरी का मंच

नई दिल्ली अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में कनाडा को हराकर टी20 वर्ल्ड कप से शानदार तरीके से विदा लेने के बाद कहा कि क्रिकेट खेलने वाले मजबूत देशों के साथ और द्विपक्षीय सीरीज होनी चाहिए क्योंकि इनसे अनुभव मिलता है। अफगानिस्तान ने टूर्नामेंट रोमांचक क्रिकेट खेला और एक मुकाबले में स्कोर बराबर होने के बाद दूसरे सुपर ओवर में साउथ अफ्रीका से हार गया। हालांकि स्पिन गेंदबाजी के इस दिग्गज ने कहा कि अगर अफगानिस्तान को नियमित रूप से क्रिकेट खेलने वाले मजबूत देशों के खिलाफ मौके मिलते हैं तो वह काफी आगे बढ़ सकता है। राशिद ने कनाडा को 82 रन से हराने के बाद कहा, ''कुछ विभाग में सुधार की जरूरत है। बड़ी टीमों के खिलाफ मध्यक्रम बल्लेबाजी बिखर गई और डेथ ओवर में गेंदबाजी में भी सुधार चाहिए। पर यह सुधार तब होता है जब आप द्विपक्षीय सीरीज में बड़ी टीमों के साथ खेलते हैं।'' उन्होंने मैच में 19 रन देकर दो विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। इस दिग्गज खिलाड़ी ने कहा कि टीम टूर्नामेंट के लिए अच्छी तैयारी के साथ आई थी और उसने जबरदस्त क्रिकेट खेला। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि दक्षिण अफ्रीका से मिली करीबी हार महंगी पड़ी। राशिद ने कहा, ''हम (टूर्नामेंट के लिए) अच्छी तरह तैयार थे। हमने जबरदस्त क्रिकेट खेला। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच ने सच में सभी को दुखी किया। हमें उन (पहले दो) मैचों में से एक में जीत दर्ज करनी थी और देखना था कि टूर्नामेंट कैसा होता है। हम इस विश्व कप से सकारात्मक चीजें लेकर आगे बढ़ेंगे। '' मुख्य कोच जोनाथन ट्रॉट का कार्यकाल खत्म हो गया और राशिद ने इसे टीम के लिए भावुक पल बताया। उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि हमने उसके साथ कुछ बहुत अच्छे पल बिताए। हम अभी जहां हैं, वहां उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई है। उनका जाना हमारे लिए भावनात्मक पल है। लेकिन जिंदगी ऐसी ही होती है। हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। '' इब्राहिम जदरान को 56 गेंद में नाबाद 95 रन बनाने के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।

शादाब खान को अफरीदी की सख्त नसीहत: खेल से जवाब दो, आलोचना खुद थम जाएगी

इस्लामाबाद टी20 वर्ल्ड कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में छिड़ी बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व क्रिकेटर जहां मौजूदा टीम और उसके कुछ सीनियर खिलाड़ियों की आलोचना कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तानी टीम के मौजूदा खिलाड़ी शादाब खान ने भी उन पर पलटवार किया है। अब पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने शादाब को नसीहत दी है कि परफॉर्म करो। मजबूत टीमों के खिलाफ परफॉर्म करो, हम खुद खामोश हो जाएंगे। दरअसल भारत से हार के बाद शाहिद अफरीदी ने कहा था कि अगर उनके हाथ में होता तो वह बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी और शादाब खान को टीम से बाहर कर देते। इस पर शादाब ने बिना किसी का नाम लिए पलटवार किया था कि हमने तो वर्ल्ड कप में भारत को एक बार हराया भी है, उन लोगों ने तो एक बार भी ऐसा नहीं किया है। शादाब खान की ये टिप्पणी अफरीदी को रास नहीं आई है। उन्होंने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर कहा, 'शादाब ने बिल्कुल ठीक कहा। हम नहीं जीते, वो जीते। उन्हें इज्जत मिली पर वो इज्जत संभाल नहीं पाए। 2021 के बाद उन्होंने जब कर दिया, तब उनके आपस के प्रॉब्लम्स संभाल नहीं पाए। एक व्यक्ति के तौर पर और एक टीम के तौर पर भी नहीं संभाल पाए।' अफरीदी ने आगे कहा, ‘शादाब को ये भी पता होना चाहिए कि जब उससे परफॉर्मेंस नहीं हो रही थी, तब टीम से बाहर किया जा रहा था, हम ही टीवी चैनलों पर बैठ कर बोलते थे कि शादाब बैकबोन है, शादाब के ओवर्स बहुत इम्पॉर्टेंट हैं, बैटिंग भी कर लेता है। ईमानदारी से कहूं तो शादाब एक बहुत अच्छा लड़का है। बहुत अच्छे से सबसे मिलता है।’ भारत से हार के बाद पाकिस्तान ने नामीबिया पर बड़ी जीत दर्ज की थी और उस मैच में शादाब खान ने गेंद और बल्ले दोनों से अच्छा प्रदर्शन किया था। उसी प्रदर्शन के बाद उन्होंने आलोचनाओं को लेकर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों पर कटाक्ष किया था। अब शाहिद अफरीदी ने शादाब को याद दिलाया है कि उनका प्रदर्शन नामीबिया जैसी टीम के खिलाफ आया है। उन्होंने कहा,'हम भी जब क्रिकेट खेलते थे, हमारे बारे में भी बहुत बातें की हैं पूर्व क्रिकेटरों ने। लानत है तक बोला गया था। हमने उनको बर्दाश्त किया और परफॉर्मेंस की, छोटी टीम के खिलाफ नहीं, बड़ी टीम के खिलाफ। हम परफॉर्मेंस से जवाब देते थे।' शाहिद अफरीदी ने शादाब को नसीहत देते हुए कहा कि परफॉर्म करो, आलोचक अपने आप चुप हो जाएंगे। उन्होंने कहा, 'शादाब मियां, आपकी परफॉर्मेंस भी नामीबिया के खिलाफ थी, आप न्यूजीलैंड के खिलाफ करें। बेटा परफॉर्म करो। मुश्किल वक्त में हम आपके साथ खड़े रहे। आपने आक्रामक क्रिकेट नहीं खेली, उसके बावजूद आप पाकिस्तान टीम में आ गए। परफॉर्मेंस करके हमें जवाब दो ताकि हम भी खामोश हो जाएं। परफॉर्म करो, वर्ल्ड कप खत्म हो जाए, हम खुद खामोश हो जाएंगे बेटा जी।'  

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026: बर्फीली वादियों में दिखेगा स्पोर्ट्स पॉलिसी का दम

गुलमर्ग गुलमर्ग में होने वाले खेलो इंडिया विंटर गेम्स का अगला संस्करण सरकार की ‘खेलो भारत’ नीति का आदर्श उदाहरण बनने वाला है। 23-26 फरवरी के दौरान आयोजित होने वाले संस्करण से पहले पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलनी शुरू हो गई है। पिछले साल जुलाई में केंद्रीय खेल मंत्रालय द्वारा शुरू की गई खेलो भारत नीति का मकसद भारत के स्पोर्टिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है, साथ ही आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के लिए बड़े इवेंट्स का फायदा उठाना है। आधारभूत संरचना का विकास, प्रतिभा की पहचान और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को बढ़ावा देकर, यह नीति पर्यटन, उत्पादन और खेल तकनीक जैसे जुड़े हुए क्षेत्र को भी बढ़ावा देना चाहती है। गुलमर्ग में खेलों का आयोजन होता रहा है। इससे यात्रियों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। विंटर ओलंपियन समेत भारत के टॉप स्कीयर के हिस्सा लेने से, इस इवेंट ने पूरे इलाके में जोश भर दिया है, खासकर उन लोगों में जिनकी रोजी-रोटी खेल पर्यटन पर निर्भर करती है। स्थानीय व्यापार में सक्रियता बढ़ी है। शीन वुड्स टैंगमर्ग के एक होटल मालिक आबिद ने कहा कि इवेंट से हफ्तों पहले बुकिंग बढ़ गई थी। मध्य प्रदेश, हरियाणा, केरल, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर के एथलीटों से भरी लॉबी की ओर इशारा करते हुए वे कहते हैं, “हमारे लिए, यह सिर्फ पर्यटन से कहीं ज्यादा है। यह हमारी पहचान है। जब गेम्स होते हैं, तो गुलमर्ग देश के दिल जैसा लगता है। आप अलग-अलग भाषाएं सुनते हैं। ऐसा लगता है जैसे पूरा देश एक कमरे में है।” गुलमर्ग में विंटर गेम्स के विकास में लगातार वृद्धि देखी गई है। 2020 के पहले एडिशन में 1,123 एथलीटों ने हिस्सा लिया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर मेडल सूची में सबसे ऊपर था। 2021 में हिस्सा लेने वाले एथलीट बढ़कर 1,208 हो गए, जिसमें मेजबान इलाके ने 18 स्वर्ण पदक जीते। 2023 संस्करण में 1,395 एथलीट के साथ सबसे ज्यादा लोग आए, क्योंकि जम्मू और कश्मीर ने 26 स्वर्ण, 25 रजत और 25 कांस्य पदक जीते। हालांकि 2024 और 2025 संस्करण में कम इवेंट और प्रतिभागी थे। आर्मी, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक जैसी टीमों ने अच्छा परफॉर्म किया था। जैसे-जैसे छठा एडिशन पास आ रहा है, पूरा ध्यान प्रयोग की जगह विरासत बनाने पर आ गया है। 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, कश्मीर में घरेलू यात्रियों की संख्या 2024 में लगभग 26 लाख की तुलना में 2025 में काफी कम होकर लगभग 10.47 लाख रह गई। हालांकि, पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस साल नए साल की भीड़ और विंटर गेम्स को लेकर बढ़ते उत्साह की वजह से यात्रियों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी हुई है। गुलमर्ग के 2,300 होटल और हट बेड इवेंट के समय के लिए पहले से ही 50 प्रतिशत से ज्यादा बुक हो चुके हैं। होटल और रिजॉर्ट के अलावा, खेल आय के मौके भी दे रहे हैं। कोंगदूरी की ढलानों पर, स्लेज खींचने वाले अल्ताफ हुसैन और मुहम्मद रफीक यात्रियों की भीड़ के लिए तैयारी कर रहे हैं। हुसैन कहते हैं, “यह हमारा सीजन है। जब खेल शुरू होते हैं, तो गुलमर्ग में जान आ जाती है।” उन्होंने कहा, “आमतौर पर दूरी और समय के हिसाब से हर यात्री पर हम 500 रुपये से 1,500 रुपये कमाते हैं। पीक टाइम में प्रतिदिन की कमाई 1,500 रुपये से 3,000 रुपये तक होती है।” 2026 संस्करण में चार श्रेणियों स्की माउंटेनियरिंग, अल्पाइन स्कीइंग, नॉर्डिक स्कीइंग (क्रॉस-कंट्री), और स्नोबोर्डिंग में खेल आयोजित किए जाएंगे। खेलो इंडिया विंटर गेम्स सिर्फ एक प्रतियोगिता से कहीं ज्यादा बनकर उभर रहा है। यह इस बात का एक ठोस सबूत है कि खेल नीति कैसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे सकती है, राष्ट्रीय खेल संस्कृति को मजबूत कर सकती है, और गुलमर्ग को भारत की विंटर स्पोर्ट्स कैपिटल के तौर पर अपनी जगह फिर से पक्की कर सकती है।  

अभिषेक शर्मा की ‘डक हैट्रिक’ से बढ़ी चिंता, भारत की बल्लेबाजी पर उठे सवाल

नई दिल्ली भारत ने टी 20 विश्व कप में अपने चारों ग्रुप मैच जीत लिए हैं लेकिन सुपर आठ में जाने से पहले ओपनर अभिषेक शर्मा का फ़ॉर्म भारत की सबसे बड़ी चिंता होगी। भारत ने मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप के इतने ही मैचों में चार जीत हासिल की हैं और फिर भी, इस फ़ॉर्मेट में नंबर 1 बैटर के बल्ले से एक भी रन की जरूरत नहीं पड़ी। लगातार तीन डक के बाद, अभिषेक ने यह पक्का कर दिया है कि कॉम्पिटिशन की सबसे खतरनाक बैटिंग लाइन-अप भी अपने सबसे अच्छे रूप में नहीं है। भारत के असिस्टेंट कोच, रयान टेन डेशकाटे ने फिलहाल इस छोटी सी चिंता को नज़रअंदाज़ कर दिया है, कम से कम सबके सामने तो ज़रूर। बुधवार को नीदरलैंड्स पर भारत की 17 रन की जीत के बाद टेन डेशकाटे ने कहा, “उसने कल रात नेट्स में बहुत अच्छी बैटिंग की, उसने 90 मिनट बैटिंग की।” “आपको उसे थोड़ी जगह भी देनी होगी। वह ग्रुप फेज में बहुत अच्छा महसूस नहीं कर रहा था, उसने कुछ दिन हॉस्पिटल में बिताए और (नामीबिया के खिलाफ) गेम मिस कर दिया। यह उसके लिए अब तक बहुत निराशाजनक टूर्नामेंट रहा है। लेकिन मैंने कल रात उसकी बॉल स्ट्राइकिंग में कुछ बहुत अच्छे संकेत देखे। इसलिए उसके बारे में कोई चिंता नहीं है, जब दूसरा फेज आएगा तो वह ठीक हो जाएगा।” यह समझा जा सकता है कि अभिषेक का इस कॉम्पिटिशन में एक भी रन न खरीद पाना चिंता की बात क्यों नहीं है। पहली बात, वह डेढ़ साल के शानदार प्रदर्शन के दम पर टूर्नामेंट में आया है, जिसने उसे दुनिया की रैंकिंग लिस्ट में टॉप पर पहुंचाया है। दूसरी बात, उसके आउट होने का कोई खास पैटर्न नहीं है, जबकि अमेरिका और पाकिस्तान दोनों ने माना है कि उन्होंने बाएं हाथ के इस खिलाड़ी के आउट होने की प्लानिंग में काफी समय बिताया था। उन्होंने संजय कृष्णमूर्ति की गेंद पर डीप कवर में कैच दे डाला, सलमान आगा की गेंद पर मिड ऑन पर पुल करने में चूक गए, और आर्यन दत्त की गेंद पर पुल करने से चूक गए। असल में कोई पैटर्न नहीं है। यह देखते हुए कि बाकी बैट्समैन ने अलग-अलग मौकों पर अच्छा खेला है, अभिषेक की मुश्किलों ने अभी तक टीम को परेशान नहीं किया है, ठीक वैसे ही जैसे ज़्यादातर दिनों में होता है जब अभिषेक रन नहीं बना पाए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन की धमाकेदार बल्लेबाजी ने यह पक्का कर दिया कि अभिषेक का जल्दी आउट होना चिंता की बात नहीं है। इससे पहले, इसी तरह के दुर्लभ शुरुआती आउट में, संजू सैमसन ने बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरी लगाई थीं, जब अभिषेक क्लिक नहीं कर पाए थे। टी20 में भारत का दबदबा ओपनर्स द्वारा शुरुआती कंट्रोल हासिल करने की वजह से आया है। ऊपर से देखें तो, पिछले वर्ल्ड कप के बाद से ओपनिंग स्लॉट पर कब्जा करने वाले सभी खिलाड़ियों ने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है, इतना कि रोहित शर्मा और विराट कोहली की जगह भरना मुश्किल नहीं था, और पुरानी यादों के लिए भी, उनकी कमी महसूस नहीं हुई। लेकिन थोड़ा हटकर देखें, तो आपको जितना अंदाज़ा होगा, उससे कहीं ज़्यादा बातें छिपी हुई हैं। ओपनर्स – अभिषेक, संजू सैमसन, शुभमन गिल, ईशान किशन और यशस्वी जायसवाल – की अपनी-अपनी काबिलियत ने इस सच्चाई को छिपा दिया है कि भारत को इस दबदबे के दौर में अच्छी ओपनिंग पार्टनरशिप नहीं मिल रही है, जहाँ उन्होंने अपने लगभग 80 प्रतिशत मैच जीते हैं। उस कंट्रोल का ज़्यादातर दबाव नंबर 3 – ईशान किशन, तिलक वर्मा और उनके जैसे खिलाड़ियों पर पड़ा है, खासकर उस समय जब सूर्यकुमार यादव भी संघर्ष कर रहे थे। डेशकाटे इस बात की पुष्टि करते हैं कि हालांकि यह ध्यान देने वाली बात है, लेकिन बहुत सारे खिलाड़ी हैं जो अलग-अलग समय पर योगदान दे रहे हैं, जो टीम के लिए काम करता है। डेशकाटे ने कहा, “टीम का रिकॉर्ड खुद बोलता है। हमेशा कोई एक ऐसा खिलाड़ी होता है जो हमें पावरप्ले से बाहर निकाल देता है, भले ही हम दो या तीन विकेट जल्दी गंवा दें। हम फिर भी पावरप्ले से काफ़ी मजबूती से बाहर निकलने में कामयाब रहते हैं।” अभिषेक का रन न बनाना अभी टीम के लिए चिंता की बात नहीं हो सकती है, लेकिन कॉम्पिटिशन के ज़्यादा अहम स्टेज में आगे बढ़ते हुए, कड़ी टक्कर देने वाली टीमों के खिलाफ, उनका योगदान ही अंतर पैदा कर सकता है। उनके योगदान की कमी पहले ही छोटे-छोटे लेवल पर देखी जा चुकी है। सभी गेम जीतने के बावजूद, भारत की बैटिंग इस कॉम्पिटिशन में अभी तक अपने पीक स्टैंडर्ड के करीब नहीं पहुंच पाई है। क्या अभिषेक शर्मा के शो से कोई फ़र्क पड़ता?  

9 स्टेट, 10 नेशनल और 1 इंटरनेशनल पदक, छतरपुर की बेटी ने 18 साल में रचा इतिहास

छतरपुर  छोरियां छोरों से कम नहीं होतीं तभी तो बुन्देलखंड के छतरपुर की छोरियां जिले का नाम रोशन करने में आगे दिखाई दे रही हैं. हाल ही में क्रांति गौड ने देश की महिला क्रिकेट टीम में खेलकर पूरी दुनिया में छतरपुर का नाम रोशन किया है. ऐसी ही एक किसान की 18 साल की बेटी ने एक दो नहीं बल्कि 20 मेडल जीत कर देश और जिले का नाम आगे बढ़ाया है. वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में 9 राज्य स्तरीय, 10 नेशनल स्तरीय और 1 इंटरनेशनल मेडल अपने नाम किया है. इंटरनेशन प्रेसीडेंट कप में चंद्रकला ने सिल्वर मेडल हासिल किया छतरपुर शहर के वार्ड नम्बर 8 की रहने वाली किसान की 18 साल की बेटी चंद्रकला कुशवाहा को नवम्बर 2025 में उत्तराखंड टिहरी लेक इंडिया में 28 से 30 नवम्बर 2025 तक आयोजित इंटरनेशन प्रेसीडेंट कप प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला, जिसमें 20 देशों की खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. चंद्रकला ने सिल्वर मेडल हासिल कर छतरपुर शहर के साथ-साथ जिला सहित पूरे बुंदेलखंड और देश का नाम रोशन किया है. बचपन से ही गेम का शौक था दरअसल, छतरपुर शहर की रहने वाली किसान की बेटी चंद्रकला कहती हैं कि "बचपन से ही गेम खेलने का शौक था, प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद कक्षा 6वीं में उसने एक्सीलेंस स्कूल में प्रवेश लिया. जब वह कक्षा 7वीं में थी, तभी स्कूल के माध्यम से शूटिंग के लिए चयन हुआ लेकिन शूटिंग ट्रायल में उम्र कम होने के कारण उसका चयन नहीं हो सका. इसके बाद कोच सौरभ कुशवाहा ने मलखंभ सीखने के लिए प्रेरित किया, तो चंद्रकला ने कक्षा 7 वीं में पढ़ाई के दौरान वर्ष 2019-20 में मलखंभ की कक्षा ज्वाइन कर ली. मलखंभ के बाद वाटर स्पोर्ट्स में चयन पहले मलखंभ का अभ्यास किया और फिर कैनोइंग, कयाकिंग, वाटर स्कीइंग यानी वाटर स्पोर्ट्स में चयन. वाटर स्पोर्ट्स की खिलाड़ी बनी चंद्रकला कहती हैं कि मलखंभ कक्षा में सीनियर खिलाड़ी अधिक होने के कारण शुरूआत में मलखंभ अभ्यास करने में उसे कम मौका मिला जिससे उसने अपने घर में छत के कुंदे से रस्सी बांधकर उस पर चढ़ना और अभ्यास करना शुरू किया. इसके बाद कोरोना के समय कुछ दिनों के लिए मलखंभ कक्षाएं बंद हो गईं तो, उसने घर पर ही अपना नियमित अभ्यास जारी रखा. चंद्रकला के पिता नंद किशोर कुशवाहा एक छोटी सी कपड़ों की दुकान भी चलाते हैं, लेकिन बेटी के हुनर और जज्बे को देखकर घर पर ही मलखंभ के आकार की लकड़ी लगवा दी. घर पर नियमित दो से तीन घंटे अभ्यास करने से मलखंभ और योग के आसन करने में वह पूरी तरह से पारंगत हो गई. शुरूआत में दो साल तक मलखंभ खेलकर पदक प्राप्त किए. 2022 में भोपाल स्पोर्ट्स एकेडमी ज्वाइन की फिजिकल अच्छा होने से उसका वाटर स्पोर्ट चयन प्रक्रिया में चयन हो गया. जिसके बाद वर्ष 2022 में उसने भोपाल स्पोर्ट्स एकेडमी ज्वाइन की. एकेडमी में पहुंचने के एक साल बाद ही पहला ब्रांज मेडल 2023 दिसम्बर में जीता. इसके बाद चंद्रकला ने अपना अभ्यास जारी रखा और तीन साल में 20 मेडल हासिल किए. चंद्रकला ने बताया कि, यहां तक पहुंचने में उनके दादा स्व. सरमन लाल कुशवाहा का सराहनीय योगदान रहा, वह हमेशा से ही उत्साह बढ़ाते रहे. चंद्रकला का क्या कहना है वहीं, जब 20 मैडल जीतने वाली चंद्रकला कुशवाहा बताती हैं कि "मेरी शुरुआत मलखंभ से हुई थी और अब वह कैनोइंग, कयाकिंग के लिए पिछले 3 साल से लगातार प्रयासरत थीं तभी जीत पाईं. 20 मैडल मेरे पास है, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड टिहरी सहित भोपाल में आयोजित प्रतिगोगिता में हिस्सा लिया है. परिवार का बहुत सपोर्ट रहता है. मेरी पढ़ाई अभी पंजाब के अमृतसर में चल रही है." क्या बोले चंद्रकला के चाचा छत्तरपुर की चंद्रकला कुशवाहा के चाचा जानकी कुशवाहा बताते हैं बहुत मेहनत की है बेटी को यहां तक पहुंचाने में, गरीब किसान परिवार से हैं हम लोग, बच्ची का हुनर और जज्बा देखकर उसे आगे बढ़ाया. अब बस यही सपना है देश का नाम रोशन करे."