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एशेज टेस्ट में विकेटों की बारिश, एक ही दिन में 20 खिलाड़ी आउट, 116 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया वर्सेस इंग्लैंड चौथे टेस्ट का पहला दिन पूरी तरह से गेंदबाजों के नाम रहा। वर्ल्ड रिकॉर्ड क्राउंड के सामने मेलबर्न में खेले जा रहे इस टेस्ट के पहले दिन दोनों टीमें ऑलआउट हो गई। जी हां, इसका मतलब है कि दोनों टीमों के 10-10 और दिन के कुल 20 विकेट गिरे। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैचों में ऐसा 116 साल बाद हुआ है जब पहले दिन में 20 विकेट गिरे हो। ऑस्ट्रेलिया पहले बैटिंग करते हुए 152 के स्कोर पर ढेर हो गया था, वहीं इंग्लैंड की टीम 110 पर ही सिमट गई। दिन का खेल खत्म होते-होते ऑस्ट्रेलिया को एक ओवर गेंदबाजी करनी पड़ी, हालांकि उन्होंने दूसरे ओवर में विकेट नहीं खोया।   ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैचों के पहले दिन में गिरे सबसे ज्यादा विकेट का रिकॉर्ड 25 का है। 1901/02 की सीरीज में ऐसा हुआ था जब ढाई पारियां एक ही दिन में सिमट गई थी। वहीं 1890 में एक बार पहले दिन 22 विकेट गिरे थे। AUS बनाम ENG टेस्ट में पहले दिन सबसे ज्यादा विकेट 25 – मेलबर्न, 1901/02 22 – द ओवल, 1890 20 – द ओवल, 1882 20 – ओल्ड ट्रैफर्ड, 1909 20 – मेलबर्न, 1894/95 20 – मेलबर्न, 2025/26 19 – पर्थ, 2025/26 वहीं बात ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच की करें तो, यह तीसरा मौका है जब टेस्ट मैच के पहले दिन 20 विकेट गिरे हो, गौर करने वाली बात यह है कि यह तीनों ही घटना मेलबर्न के मैदान पर हुई है। वहीं जो 25 विकेट का रिकॉर्ड है वो भी MCG पर ही बना था। ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट के पहले दिन सर्वाधिक विकेट 25 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, मेलबर्न, 1901/02 22 – ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज, एडिलेड, 1951/52 20 – ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका, मेलबर्न, 1931/32 20 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, मेलबर्न, 1894/95 20 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, मेलबर्न, 2025/26 19 – ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज, सिडनी, 1951/52 19 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, पर्थ, 2025/26 इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी थी। जोश टंग के पंजे के दम पर इंग्लैंड कंगारुओं को 152 के स्कोर पर तो रोकने में कामयाब रहा, मगर उनके बल्लेबाज कुछ कमाल नहीं कर पाए। जो रूट बिना खाता खोले आउट हो गए, कुल 8 खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। हैरी ब्रूक 41 रनों के साथ हाईएस्ट स्कोरर रहे। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 4 रन बना लिए हैं और उनकी लीड 46 की हो गई है।  

99 पर रुके विराट कोहली, लेकिन मैदान पर रच दिया ऐसा कारनामा जो कोई और नहीं कर सका

नई दिल्ली  विराट कोहली के लिए विजय हजारे टूर्नामेंट क्या घट रहा है। पहले मैच में 131 रनों की शतकीय पारी खेलने वाले किंग कोहली ने गुजरात के खिलाफ दूसरे मुकाबले में भी तूफानी अंदाज में 77 रन बनाए, हालांकि वह अपने लगातार दूसरे शतक से चूक गए। कोहली ने शतक से चूकने के बावजूद इतिहास रच दिया। वह अब लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे ज्यादा औसत से रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। जी हां, इस लिस्ट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज माइकल बेवन को पछाड़ा है। गुजरात के खिलाफ 77 रनों की इस पारी के बाद विराट कोहली का लिस्ट ए में औसत 57.87 का हो गया है, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।   यह रिकॉर्ड विराट कोहली से पहले ऑस्ट्रेलिया के माइकल बेवन के नाम था। इस दिग्गज बल्लेबाज ने अपने लिस्ट ए करियर में 15103 रन 57.86 के औसत के साथ बनाए थे। विराट कोहली उनसे बस 0.01 की औसत के साथ आगे हैं। टॉप-5 बल्लेबाजों की इस लिस्ट में चेतेश्वर पुजारा 57.01 की औसत के साथ और ऋतुराज गायकवाड़ 56.68 की औसत के साथ मौजूद हैं। विराट कोहली की अगर गुजरात के खिलाफ पारी की बात करें तो, उन्होंने महज 29 गेंदों पर तूफानी अर्धशतक जड़ा। वहीं 61 गेंदों पर 13 चौकों और एक छक्के की मदद से 77 रनों की पारी खेली। कोहली को दूसरे छोर से लंबा साथ नहीं मिल रहा था, जिस वजह से रनों की गति बढ़ाने के प्रयास में वह स्टंप आउट हो गए। खबर लिखे जाने तक दिल्ली ने गुजरात के खिलाफ 5 विकेट के नुकसान पर 150 रन बोर्ड पर लगा दिए हैं, जिसमें से 77 रन तो अकेले विराट कोहली के ही है। पहले राउंड में जिस तरह टीमों ने बड़े-बड़े स्कोर का पीछा किया था उसको देखकर अगर अंदाजा लगाया जाए तो दिल्ली को जीत के लिए कम से कम 300 रन बोर्ड पर लगाने होंगे।  

जीत के साथ ओडिशा का आगाज़, सर्विसेज पर 4 विकेट की रोमांचक जीत

नई दिल्ली विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के दूसरे राउंड का आगाज आज यानी 26 दिसंबर से होने जा रहा है। पहले दिन जिस तरह बल्लेबाजों ने कहर बरपाया, उतना ही कहर आज गेंदबाज बरपा रहे हैं। रोहित शर्मा गोल्डन डक पर आउट हुए, वहीं विराट कोहली ने 77 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि वह अपने दूसरे शतक से चूक गए। सर्विसेज की टीम 83 के स्कोर पर ढेर हो गई। ओडिशा ने सर्विसेज के खिलाफ दर्ज की जीत ओडिशा ने सर्विसेज को हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की है। उन्होंने विपक्षी टीम के 83 रनों के स्कोर को 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। 83 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत के करीब पहुंची ओडिशा की टीम। टारगेट से बस कुछ ही रन दूर सभी टीमों ने सेट किए टारगेट सभी टीमों ने टारगेट सेट कर दिया है। सौराष्ट्र ने 254, रेलवेज ने 267, दिल्ली ने 255, छत्तीसगढ़ ने 254, सिक्किम ने 151, गोवा ने 285 रनों का टारगेट अपनी विपक्षी टीम को दिए हैं। मुंबई ने 332 विदर्भ ने 366, उत्तर प्रदेश ने 368, बंगाल ने 206, जम्मू कश्मीर ने 342, पाडुंचेरी ने 151, तमिलनाडु ने 281, केरल ने 285, झारखंड ने 302, मेघालय ने 191, अरुणाचंल प्रदेश ने 255, बिहार ने 285 रनों का लक्ष्य अपनी विपक्षी टीमों के लिए रखा है।

पूर्व कप्तान का बड़ा बयान: टी20 वर्ल्ड कप टीम में अभी से वैभव सूर्यवंशी को मौका दो

नई दिल्ली भारत के पूर्व कप्तान और राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष कृष्णमचारी श्रीकांत ने बीसीसीआई से गुजारिश की है कि वैभव सूर्यवंशी को जल्द से जल्द सीनियर सेटअप में शामिल किया जाए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी कम उम्र में टीम इंडिया के सीनियर सेटअप का हिस्सा बन गए थे। टी20 वर्ल्ड कप के लिए इंडिया के स्क्वाड का ऐलान पहले ही हो चुका है लेकिन श्रीकांत का कहना है कि भले ही अब देर हो चुकी है लेकिन चयनकर्ता चाहे तो सूर्यवंशी को फास्ट-ट्रैक करके अब भी वर्ल्ड कप स्क्वाड में शामिल कर सकते हैं। एज-ग्रुप क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी के तेजी से उभार और डोमेस्टिक क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को देखते हुए श्रीकांत ने कहा कि इस युवा की तकनीक और रनों की भूख उसे बाकी से अलग बनाती है। पूर्व कप्तान ने कहा कि सचिन तेंदुलकर ने 16 की उम्र में डेब्यू किया था। वैभव ने भी अपने से बड़े उम्र के प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपनी क्षमता को दिखाया है। उसने हायर लेवल के हिसाब से तेजी से खुद को ढाला है और अब सिलेक्टर को इंतजार करने के बजाय इस प्रतिभा को जल्द से जल्द टी म में लाना चाहिए। वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की तरफ से पहले मैच में इतिहास रच दिया। वह लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सिर्फ 84 गेंदों में 190 रन की पारी खेली थी और अपना शतक सिर्फ 36 गेंद में पूरा किया था। वैभव सूर्यवंशी के अलग-अलग फॉर्मेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से श्रीकांत काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि सिलेक्टर्स को तत्काल इस युवा खिलाड़ी पर ध्यान देना चाहिए। अपने यूट्यूब चैनल चीकी चीका पर श्रीकांत ने कहा, ‘वैभव हर जगह शतक जड़ रहा है। चाहे आईपीएल हो, अंडर19 हो। हर जगह। आप कह सकते हैं कि ये तो अरुणाचल प्रदर्श के खिलाफ था लेकिन वह एक अलग कहानी है। ये लड़का हर किसी को और हर तरह के मैच में कूट रहा है। मैंने पिछले साल भी कहा था कि उन्हें इसे टी20 वर्ल्ड कप के लिए फास्ट-ट्रैक करना चाहिए। हो सकता है कि अब बहुत देर हो गई हो लेकिन अब भी वे उसे टीम में फास्ट ट्रैक कर सकते हैं। इस लड़के के अंदर जबरदस्त संभावना है, क्षमता है। उसे फास्ट ट्रैक किया जाना चाहिए और जल्द ही भारतीय टीम में लाना चाहिए।’ श्रीकांत ने कहा, 'लोग कहते हैं कि अभी उसे कुछ और समय खेलने दो। उसे ये करने दो। उसे वो करने दो। सचिन ने भी कम उम्र में खेला था। सही है कि वह हर स्तर पर शतक जड़ने के बाद इंडिया के लिए खेले थे लेकिन यही चीज इस लड़के के लिए वाइट बॉल क्रिकेट को लेकर किया जा सकता है।'  

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: वैभव सूर्यवंशी ने पाया सम्मान, अवॉर्ड के नियम और पात्रता भी जानें

नई दिल्ली बिहार के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार यानी पीएमआरबीपी असाधारण योग्यताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए बच्चों को दिया जाता है। राष्ट्रीय स्तर के ये पुरस्कार 5 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को बहादुरी, कला और संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल जैसी सात श्रेणियों में उनकी उत्कृष्टता के लिए दिए जाते हैं। पीएमआरबीपी के प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, प्रमाण पत्र और एक प्रशस्ति पुस्तिका दी जाती है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार को रिसीव करने के कारण वैभव सूर्यवंशी विजय हजारे ट्रॉफी के आगे के मैचों में नहीं खेल सकेंगे। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के अपने पहले मुकाबले में शानदार 190 रनों की पारी खेली थी, लेकिन दूसरे राउंड के लिए वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने उनके प्लेइंग 11 में शामिल ना होने का कारण प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार को रिसीव करना बताया। उन्होंने कहा कि, वैभव मणिपुर के खिलाफ शुक्रवार का मैच नहीं खेल पाएगा क्योंकि वह प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार लेने के लिए देश की राजधानी दिल्ली जा चुका है। वैभव को दिल्ली में सेरेमनी के लिए शुक्रवार सुबह 7 बजे रिपोर्ट करना था,जिसमें वह शामिल हुए। उनके कोच ने यह भी बताया कि वैभव सूर्यवंशी विजय हजारे ट्रॉफी के आगे के मैच नहीं खेल पाएंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि वैभव इंडिया अंडर-19 टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथ जुड़कर जिम्बाब्वे के लिए रवाना होंगे, क्योंकि टीम आने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी कर रही है जो अगले साल 15 जनवरी से खेला जाएगा।

सीरीज जीत के लिए मैदान में उतरेगी भारत, तिरुवनंतपुरम की पिच पर कैसा रहेगा खेल का मिजाज?

तिरुवनंतपुरम  इंडिया वुमेंस वर्सेस श्रीलंका वुमेंस 5 मैच की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला आज तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। सीरीज में 2-0 से आगे चल रही हरमनप्रीत कौर की टीम की नजरें जीत की हैट्रिक लगाते हुए सीरीज में अजेय बढ़त बनाने पर होगी। पहले दो मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने श्रीलंका पर पूरी तरह से डोमिनेट किया। पहला टी20 भारत ने 8 विकेट से तो दूसरा 7 विकेट से जीता। हालांकि दीप्ति शर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स ने टीम इंडिया की मुश्किल बढ़ाई हुई है। नंबर-1 टी20 बॉलर दीप्ति शर्मा बीमार होने की वजह से दूसरा टी20 नहीं खेल पाई थी, मगर अब वह फिट हैं। मगर जेमिमा को तीसरे टी20 से पहले अपनी फिटनेस साबित करनी होगी। आईए एक नजर India Womens vs Sri Lanka Womens मुकाबले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर नजर डालते हैं- India Womens vs Sri Lanka Womens पिच रिपोर्ट तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच गेंदबाजों के लिए अच्छी मानी जाती है। पहले दो मुकाबलों में महफिल लूटने वाले बल्लेबाजों को तीसरे T20I में इस पिच पर मुश्किल हो सकती है। हालांकि, पहले इस मैदान पर ओस नतीजा तय करने में अहम भूमिका अदा कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम की नजरें एक बार फिर पहले फील्डिंग करने पर होगी, ताकि वह बाद में टारगेट को आसानी से चेज कर पाए। तिरुवनंतपुरम के इस मैदान पर पहला वुमेंस क्रिकेट का मैच होने वाला है। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम, तिरुवनंतपुरम टी20 रिकॉर्ड मैच- 4 पहले बैटिंग करके जीते गए मैच – 2 (50.00%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 2 (50.00%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 2 (50.00%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 2 (50.00%) हाईएस्ट स्कोर- 235/4 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 173/2 प्रति विकेट औसत रन- 25.88 प्रति ओवर औसत रन- 8.49 पहले बैटिंग करने का औसत स्कोर- 145 इंडिया वुमेंस वर्सेस श्रीलंका वुमेंस स्क्वॉड भारतीय महिला टीम: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, हरलीन देयोल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (डब्ल्यू), स्नेह राणा, अमनजोत कौर, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, जी कमलिनी श्रीलंका महिला टीम: विशमी गुणरत्ने, चमारी अथापथु (कप्तान), हासिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षी डी सिल्वा, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), रश्मिका सेवंदी, इमेशा दुलानी, काव्या कविंदी, निमेश मदुशानी, मल्की मदारा, इनोका राणावीरा, मालशा शेहानी, शशिनी गिम्हानी

बॉक्सिंग डे टेस्ट: जोश टंग के ‘पंजे’ से ऑस्ट्रेलियाई टीम ध्वस्त, दिन का स्कोर 152

सिडनी  ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया 152 रनों के स्कोर पर ऑलआउट हो गई है। मैच के पहले दिन इंग्लैंड के गेंदबाजों का कहर देखने को मिला है। इंग्लिश गेंदबाज जोश टंग ने 5 विकेट हासिल किए हैं। वहीं, एस्किंटन को 2, कार्स को 1 और बेनस्टोक्स को 1 सफलता मिली है। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम ने शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजों को पिच पर टिकने नहीं दिया। 27 रन के स्कोर पर ही ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड को आउट करके इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत की। उसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। ऑस्ट्रेलिया की ओर से माइकल नेसर ने सर्वाधिक 35 रन बनाए। उस्मान ख्वाजा ने 29 और एलेक्स कैरी ने 20 रनों की पारी खेली। ऑस्ट्रिलियाई दिग्गज स्टीव स्मिथ 9 रन के निजी स्कोर पर आउट हुए। ट्रेविस हेड भी 12 रन के स्कोर पर चलते बने। इंग्लैंड के गेंदबाज जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाज जेक वेदरलैंड को उनके निजी स्कोर 10 रन पर चलता किया। उसके बाद टंग ने दिग्गज मानर्स लाबुशेन को भी जो रूट के हाथों कैच आउट करा दिया। टंग ने स्टीव स्मिथ के सामने भी आग उगली। उन्हें ज्यादा समय टिकने नहीं दिया और 9 के व्यक्तिगत स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। जोश टंग ने अपनी धारदार गेंदबाजी से इस पारी के सर्वाधिक स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज माइकल नेसर को भी आउट किया। इसके बाद आखिरी विकेट को भी गिराने में उन्होंने देर नहीं लगाई स्कॉट बोलेंड को भी तुरंत आउट करके ऑस्ट्रेलिया को 152 के स्कोर पर धराशायी कर दिया। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया की इस पारी में कैमरून ग्रीन को रन आउट होकर पवेलियन जाना पड़ा। उन्हें कार्स ने रन आउट किया।

लगातार सीरीज़ और टूर्नामेंट: 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सामने बड़ी चुनौतियां

नई दिल्ली उतार-चढ़ाव भरे 2025 के बाद भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सामने 2026 में बेहद व्यस्त कार्यक्रम रहने वाला है। इस साल की सबसे बड़ी खासियत घरेलू परिस्थितियों में होने वाले टी20 विश्व कप का खिताब बचाने की चुनौती, बड़ी संख्या में वनडे मुकाबले और विदेशी धरती पर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की कठिन परीक्षाएं होंगी। साल 2025 भारत के लिए यादगार रहा। दुबई में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता, जिसमें चार स्पिनरों की रणनीति काफी सफल रही। टी20 अंतरराष्ट्रीय में भी भारत की प्रगति जारी रही और टीम ने घरेलू व विदेशी दौरों पर द्विपक्षीय सीरीज के साथ एशिया कप में भी जीत दर्ज की, हालांकि अभी तक टी20 विश्व कप की ट्रॉफी हाथ में नहीं आई। टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। सिडनी में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के साथ ही भारत को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में 3-1 से हार झेलनी पड़ी और डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। इसी दौरान विराट कोहली, रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जिससे टीम में बड़े बदलाव की शुरुआत हुई। शुभमन गिल को नया टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया और बाद में उन्होंने वनडे टीम की भी कमान संभाली। इंग्लैंड में 2-2 से ड्रॉ रही सीरीज के बाद भारत ने घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज को 2-0 से हराया। हालांकि, न्यूजीलैंड से मिली 3-0 की हार की यादें तब फिर ताजा हो गईं जब दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 2-0 से पराजित किया। टेस्ट टीम में बल्लेबाजी क्रम अब भी स्थिर नहीं है और लगातार प्रयोगों के कारण भूमिका स्पष्टता व दीर्घकालिक योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 2026 में भारत का ध्यान सबसे ज्यादा टी20 क्रिकेट पर रहेगा, जबकि टी20 विश्व कप के बाद वनडे प्रारूप पर फोकस बढ़ेगा। साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड की टीम तीन वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए भारत दौरे पर आएगी। इसके बाद 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका की मेजबानी में टी20 विश्व कप खेला जाएगा। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत इस टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरेगा। मौजूदा फॉर्म और खिलाड़ियों की उपलब्धता को देखते हुए टीम इंडिया के पास खिताब बचाने का सुनहरा मौका होगा। अगर भारत ऐसा करने में सफल रहता है, तो वह घरेलू मैदान पर टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनेगा और कुल तीन खिताब जीतने वाली इकलौती टीम भी। टी20 विश्व कप और आईपीएल 2026 के बाद जून में अफगानिस्तान की टीम एक टेस्ट (डब्ल्यूटीसी चक्र से बाहर) और तीन वनडे खेलने भारत आएगी। इसके बाद जुलाई में भारत इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सफेद गेंद की सीरीज खेलेगा। डब्ल्यूटीसी 2026 के तहत भारत की टेस्ट चुनौतियां अगस्त में श्रीलंका दौरे से शुरू होंगी, जहां दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। यह दौरा खास तौर पर अहम होगा, क्योंकि स्पिन-अनुकूल पिचों पर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ भारत का प्रदर्शन अब तक चिंता का विषय रहा है। सितंबर में यूएई में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज संभावित है। बांग्लादेश दौरे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि वहां की मौजूदा परिस्थितियों के चलते यह दौरा टल सकता है। इसके अलावा 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के टी20 मुकाबलों में भारत की दूसरी पंक्ति की टीम हिस्सा ले सकती है। भारत का घरेलू सत्र सितंबर-अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी20 मैचों से शुरू होगा। इसके बाद अक्टूबर-नवंबर में टीम न्यूजीलैंड के कठिन विदेशी दौरे पर जाएगी, जहां दो टेस्ट, तीन वनडे और पांच टी20 मैच खेले जाएंगे। साल के अंत में दिसंबर में भारत श्रीलंका की मेजबानी करेगा, जहां तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे। यह सीरीज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से अहम मानी जा रही है। तीनों प्रारूपों में लगातार व्यस्त कार्यक्रम के बीच भारतीय खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के लिए कार्यभार प्रबंधन बेहद अहम रहेगा, ताकि टीम विभिन्न द्विपक्षीय सीरीज और बड़े टूर्नामेंटों में ट्रॉफी जीतने के लक्ष्य के साथ लगातार बेहतर प्रदर्शन कर सके।  

भारत की नजरें निर्णायक मुकाबले पर, श्रीलंका के खिलाफ तीसरा टी20 बना सीरीज़ फाइनल

तिरूवनंतपुरम  आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय टीम अपनी लय को कायम रखते हुए खराब फॉर्म से जूझ रही श्रीलंकाई टीम के खिलाफ शुक्रवार को तीसरा टी20 मैच और पांच मैचों की श्रृंखला जीतने के इरादे से उतरेगी। भारत ने विशाखापत्तनम में पहले दो टी20 मैचों में क्रमश: आठ और सात विकेट से जीत दर्ज की है। भारत की यह पिछले 11 टी20 मैचों में नौवीं जीत थी।  श्रीलंका ने आखिरी बार भारत को जुलाई 2024 में दाम्बुला में हराया था। मेजबान टीम के पास शानदार बल्लेबाजी क्रम है और पिछले दोनों मैचों में अलग अलग खिलाड़ियों ने जीत दिलाई है। पहले मैच में जहां जेमिमा रौड्रिग्स चली तो दूसरे में शेफाली वर्मा जीत की सूत्रधार रहीं। भारत की गेंदबाजी ईकाई भी उतनी ही दमदार है और स्पिनरों ने पहले मैच में श्रीलंका को छह विकेट पर 121 और दूसरे में नौ विकेट पर 128 रन पर रोक दिया। युवा एन श्रीचरणी, वैष्णवी शर्मा और क्रांति गौड़ ने अनुशासित, नियंत्रित और प्रभावी गेंदबाजी की है।  हरफनमौला दीप्ति शर्मा बुखार के कारण दूसरा टी20 नहीं खेल पाई लेकिन उनकी जगह आई स्नेह राणा ने चार ओवर में 11 रन देकर एक विकेट लिया। भारतीय टीम को हालांकि क्षेत्ररक्षण पर काम करना होगा चूंकि पहले मैच में पांच कैच छूटे थे हालांकि दूसरे मैच में तीन रन आउट किए। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम यहां अगले तीन मैचों में प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगी।  दूसरी ओर श्रीलंका को उम्मीद है कि जगह बदलने से उसकी किस्मत भी बदलेगी हालांकि दोनों टीमों के प्रदर्शन में जमीन आसमान का अंतर है। श्रीलंका को दोनों मैचों में उसके बल्लेबाजों ने निराश किया। पहले मैच में विष्मी गुणरत्ने ने 43 गेंद में 39 रन बनाये जबकि हसिनी परेरा और हर्षिता समरविक्रमा आक्रामक पारियां नहीं खेल सके। दूसरे मैच में चामरी अटापट्टू के आउट होने के बाद श्रीलंका ने 26 रन के भीतर छह विकेट गंवा दिए।  टीमें :  भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, जेमिमा रोड्रिग्स, शैफाली वर्मा, हरलीन देयोल, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा।  श्रीलंका : चामरी अटापट्टू (कप्तान), हसिनी परेरा, विष्मी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, नीलाक्षिका डी सिल्वा, कविशा दिलहारी, इमेशा दुलानी, कौशिनी नुथ्यांगना, मालशा शेहानी, इनोका राणावीरा, शशिनी गिम्हानी, निमेश मदुशानी, काव्या कविंदी, रश्मिका सेववंडी, मल्की मदारा।  समय : शाम 7 बजे।   

ऑस्ट्रेलियाई ओपन में नया कीर्तिमान बनाने उतरे जोकोविच, फैंस की बढ़ी धड़कनें

माल्टा सर्बिया के टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच की नजरें अब अगले साल होने वाले ऑस्ट्रेलियन ओपन पर लगी हैं। इसमें वह रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम जीतने उतरेंगे। इससे पहले वह एडिलेड इंटरनेशनल में उतरकर अपनी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। हैं। इसी को देखते हुए जोकोविच ने नये ट्रेनिंग पार्टनर फ्रांस के आर्थर काजॉक्स के साथ अभ्यास शुरु कर दिया है। इससे काजॉक्स बेहद उत्साहित हैं। इस युवा खिलाड़ी ने लिखा, तीन शानदार दिन, ट्रेनिंग, सीखने और एक महान खिलाड़ी के साथ अनुभव साझा करने का अवसर मिला। बहुत आभारी हूं। काजॉक्स ने साल 2025 में अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग 58 हासिल की।  उन्होंने एटीपी फाइनल में खेलते हुए कई बड़े खिलाड़ियों को हराया और ग्रैंड स्लैम स्तर पर ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन में दो जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन से प्रभावित होकर ही जोकोविच ने उन्हें ट्रेनिंग पार्टनर बनाया है। इस साझेदारी से दोनों खिलाड़ियों को लाभ हो रहा है। जहां जोकोविच एक युवा से खेलकर इससे अपने खेल को और बेहतर बना रहे हैं। वहीं काजॉक्स को एक शीर्ष खिलाड़ी से खेलने के कारण सीखने का मिल रहा है। जोकोविच जैसे खिलाड़ी के साथ अभ्यास करने से काजॉक्स को तकनीक और रणनीति बनाने का भी अनुभव हो रहा है।