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धोनी को T20 WC 2026 के लिए मिल रहा है खास ऑफर, एक्स-क्रिकेटर ने कर दिया तंज

इंदौर टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बीसीसीआई ने महेंद्र सिंह धोनी को एक बड़ा ऑफर दिया है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि धोनी टी20 विश्व कप के लिए धोनी भारतीय क्रिकेट टीम के मेंटॉर हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आयी है। इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए पूर्व क्रिकेटर मनीष तिवारी ने धोनी पर तंज भी कसा है। मीडिया से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री मनीष तिवारी ने अपने कहा कि "ये तो समय ही बताए, उनको ऑफर दिया है, वो फोन उठाए हैं। जहां तक मुझे पता है उनसे फोन पर बात करना बहुत मुश्किल है। मैसेज का रिप्‍लाई भी कम ही मिलता है। बहुत सारे प्‍लेयर ऐसा कह चुके हैं। वो अगर मैसेज पढ़ते हैं तो क्‍या रिप्‍लाई करेंगे। मैसेज पढ़ेंगे या नहीं पढ़ेंगे। उन्‍हें मेंटॉरशिप दी जारी है तो वह इसे स्‍वीकार करते हैं या नहीं यह तो समय ही बताएगा। वह क्‍या इम्‍पैक्‍ट लेकर आएंगे यह बताना मुश्किल है।"   बता दें कि वर्तमान में भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर हैं। धोनी और गंभीर दोनों ही 2011 के वर्ल्ड कप के दौरान साथ में खेल चुके हैं। ऐसे में यदि धोनी यह जिम्मेदारी संभालते हैं तो, हेड कोच और मेंटॉर की जोड़ी टीम के लिए फायदेमंद हो सकती है। कैसी रहेगी हेड कोच और मेंटॉर की जोड़ी इसे लेकर भी पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि "बतौर कप्‍तान और प्‍लेयर उनका जो अनुभव रहा है वह टीम के काम आएगा। भारतीय टीम के जो नए सितारे उभरकर आ रहे हैं कहीं न कहीं उनकी बहुत इज्‍जत करते हैं, उनकी आत सुनेंगे। एमएस धोनी और हेड कोच गौतम गंभीर की जो जोड़ी बनेगी, वह भी देखने वाली होगी। यह लाजवाब जोड़ी होगी। तो समय ही बताएगा कि क्‍या हो रहा है।" पहले भी रहे हैं मेंटॉर बता दें कि यह पहला मौका नहीं है, जब धोनी को यह जिम्मेदारी मिल रही है। वह इससे पहले भी भारतीय क्रिकेट टीम के मेंटॉर रह चुके हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2021 के दौरान भी वह टीम के मेंटॉर रह चुके हैं। हालांकि उस सीरीज में भारत का प्रदर्शन बहुत ही खराब था। टीम ग्रुप स्टेज से ही हारकर बाहर हो गई थी।

हॉकी में भारत का जलवा, रोमांचक मैच में जापान पर 3-2 की जीत, कप्तान हरमनप्रीत छाए

पटना  बिहार के राजगीर में खेले जा रहे एशिया कप 2025 में भारतीय हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है. भारतीय टीम ने अपने दूसरे पूल मुकाबले में जापान को 3-2 से हरा दिया. 31 अगस्त (रविवार) को खेले गए इस मैच में भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह (5वें मिनट और 46वें मिनट) ने दो गोल दागे. वहीं मनदीप सिंह (4वें मिनट) एक गोल करने में सफल रहे. दूसरी ओर जापान के लिए कवाबे कोसेई (38वें मिनट और 59वें मिनट) ने दोनों गोल किए. जापान के खिलाफ मैच में भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने कुछ बेहतरीन बचाव किए. कृष्ण बहादुर का ये 150वां इंटरनेशनल मुकाबला था. बता दें कि भारतीय टीम ने अपने पहले मुकाबले में चीन को 4-3 से हराया था. अब भारतीय टीम अपने आखिरी पूल मुकाबले में 1 सितंबर (सोमवार) को कजाकिस्तान से भिड़ेगी. ऐसा रहा दोनों के बीच मुकाबला भारतीय टीम ने तूफानी शुरुआत की और पहले ही क्वार्टर में दो गोल दाग दिए. क्वार्टर के चौथे मिनट में ही मनदीप सिंह ने शानदार फील्ड गोल किया. अगले ही मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारतीय टीम को 2-0 से आगे कर दिया. दूसरा क्वार्टर कांटेदार रहा, जहां दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं. दोनों टीमों ने जरूर मौके बनाए, लेकिन गोल पोस्ट में गेंद डाल नहीं सकीं. हाफटाइम तक स्कोर भारत के पक्ष में 2-0 था. तीसरे क्वार्टर में जापान ने आक्रामक खेल दिखाने का प्रयास किया. इसका उसे फायदा भी मिला, जब क्वार्टर के आठवें मिनट में कवाबे कोसेई ने जापान के लिए गोल करके स्कोर 2-1 कर दिया. ये स्कोर तीसरे क्वार्टर के अंत रहा. फिर चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसपर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल कर भारत को 3-1 से आगे कर दिया. जापानी टीम इस गोल को खाने के बाद भी लड़ती रही और खेल खत्म होने से लगभग दो मिनट पहले कवाबे कोसेई गोल करने में कामयाब रहे. एशिया कप में भारतीय टीम को जापान, चीन और कजाकिस्तान के साथ पूल-ए में रखा गया है. वहीं पूल-बी में चीनी ताइपे, मलेशिया, साउथ कोरिया और बांग्लादेश की टीमें हैं. एशिया कप की विजेता टीम को अगले साल होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिलेगा. हॉकी वर्ल्ड कप नीदरलैंड्स और बेल्जियम में 14 से 30 अगस्त तक खेला जाना है. भारत ने कितनी बार जीता एशिया कप? बता दें कि एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट का ये 17वां संस्करण है. भारतीय टीम ने अब तक तीन बार एशिया कप खिताब जीता है. भारतीय टीम आखिरी बार 2017 में इस टूर्नामेंट को जीतने में सफल रही थी. उससे पहले भारत 2003 और 2007 में भी चैम्पियन रहा था. साउथ कोरिया ने सबसे ज्यादा पांच और पाकिस्तान ने 3 बार खिताब जीता. पाकिस्तानी टीम ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर इस बार टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया था. एशिया कप के लिए भारतीय हॉकी टीम: गोलकीपर: कृष्ण बहादुर पाठक, सूरज करकेरा. डिफेंडर: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, सुमित, संजय. मिडफील्डर: मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, राज कुमार पाल, हार्दिक सिंह, राजिंदर सिंह. फॉरवर्ड: मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह, अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह.

भारतीय क्रिकेट में हलचल, पूर्व क्रिकेटर ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी को लेकर दिया बयान

नई दिल्ली  एशिया कप 2025 का आगाज होने में महज कुछ ही दिनों का समय रह गया है, मगर अभी भी क्रिकेट के गलियारों में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्यों श्रेयस अय्यर को इतने अच्छे टी20 रिकॉर्ड के बावजूद स्क्वॉड में मौका नहीं मिला। स्क्वॉड में तो छोड़िए, रिजर्व खिलाड़ियों की लिस्ट में भी उनका नाम नहीं है। क्रिकेट पंडित इसको लेकर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। इस कड़ी में इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने ऐसा बयान दे दिया है जिसने भारतीय क्रिकेट में भूचाल ला दिया है। पनेसर का कहना है कि श्रेयस अय्यर की लीडरशिप स्किल उनके टीम सिलेक्शन में रोड़ा बन रही है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई में कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल 2024 का खिताब जीता। वहीं पंजाब किंग्स को उन्होंने आईपीएल 2025 में फाइनल तक पहुंचाया, जहां उन्हें आरसीबी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। श्रेयस अय्यर को इसके अलावा डोमेस्टिक क्रिकेट में भी कप्तानी का अनुभव है। मोंटी पनेसर ने इंडिया टुडे से कहा, “श्रेयस अय्यर को भारतीय टीम में जगह बनाने में शायद इसलिए दिक्कत हो रही है क्योंकि उनमें लीडरशिप स्किल हैं और फिलहाल, शायद टीम ने इस पर काम कर लिया है। इससे उन्हें (चयनकर्ताओं को) किसी युवा खिलाड़ी को टीम में लाने का मौका मिलता है, जो खेलने में थोड़ा ज्यादा रोमांचक हो, जिसे कोच गौतम गंभीर आसानी से संभाल सकें। इसलिए मुझे लगता है कि आईपीएल में कप्तान होने के नाते उनके लिए टीम में जगह बनाना थोड़ा मुश्किल है।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मेरा मानना ​​है कि अगर वह रन बनाते रहे, तो उन्हें खेलना चाहिए। लेकिन यह सिर्फ़ प्रतिभा की बात है, प्रतिभा अविश्वसनीय है। मुझे लगता है कि भारत पहले कभी इतना भाग्यशाली नहीं रहा कि वह अभी 2 से 3 टीमें बनाकर दुनिया के सामने प्रतिस्पर्धा कर सके।”  

इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज को मिली बहुत बड़ी वॉर्निंग, विराट कोहली जैसे झटका जो रूट को भी लगेगा

इंग्लैंड  इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने दिग्गज बल्लेबाज जो रूट को बहुत बड़ी वॉर्निंग दी है। उन्होंने कहा कि अगर रूट का एशेज में प्रदर्शन खराब रहा तो विराट कोहली की तरह उनके करियर को भी झटका लग सकता है। इंग्लैंड को 21 नवंबर से ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पांच टेस्ट मैचों की एशेज सीरीज खेलनी है। रूट का अभी तक ऑस्ट्रेलिया में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में 27 पारियों में 5.68 की औसत से 892 रन बनाए हैं। बता दें कि भारत के स्टार बल्लेबाज कोहली को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों पर काफी परेशानी हुई थी। यह उनके करियर की आखिरी टेस्ट सीरीज साबित हुई। उन्होंने मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। पनेसर ने कहा, “यह वास्तव में इस बात पर निर्भर करता है कि अगला साल उनके लिए कैसा रहेगा, एशेज कैसी रहेगी, हमने विराट कोहली के साथ बहुत कुछ देखा है। कोहली ऑस्ट्रेलिया गए और उन्हें समझ नहीं आया कि चौथे, पांचवें स्टंप के बाहर की गेंदों का क्या करें। मुझे लगता है कि इसी वजह से उन्होंने या सामूहिक रूप से संन्यास लेने का फैसला किया। अगर जो रूट की एशेज सीरीज अच्छी नहीं रही और वो उनके लिए बहुत बुरी रही तो अचानक एक सीरीज में ही खेल पूरी तरह बदल जाएगा। इंग्लैंड टीम के कोच, कप्तान को पद गंवाना पड़ सकता है। अगर यह बहुत खराब सीरीज रही तो कुछ चीजें हो सकती हैं। अचानक लोग सवाल करने लगते हैं, क्या उनका बेस्ट निकल गया है? इसलिए जब आप ऑस्ट्रेलिया जाते हैं तो यह बहुत अहम है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने अच्छे हैं, आपको ऑस्ट्रेलिया में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।” रूट टेस्ट क्रिकेट में 13453 रन बना चुके हैं, जिसमें 39 शतक शमिल हैं। हालांकि, उन्होंने अभी तक ऑस्ट्रेलिया में कोई शतक नहीं लगाया है। पनेसर का मानना है कि आगामी एशेज सीरीज में रूट के लिए ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी सतहों पर शतकीय सूखा समाप्त करना बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने कहा, "यह उनके लिए बहुत मुश्किल होने वाला है क्योंकि उन्हें एक मजबूत ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का सामना करना होगा और यह शायद अब तक के सबसे मजबूत बॉलिंग अटैक में से एक है। लेकिन उन्होंने जिस तरह का फॉर्म उन्होंने दिखाया है और जो रन बना रहे हैं, वह शायद शतक बनाना चाहेंगे। मुझे यकीन है कि एक टेस्ट मैच ऐसा जरूर होगा जहां विकेट ज्यादा उछाल वाला नहीं होगा, शायद एडिलेड या मेलबर्न में, परिस्थितियों के हिसाब से उसमें उतनी तेजी नहीं होगी। उनके पास मौका है मगर मुझे लगता है कि थोड़ी उछाल वाली या तेज गेंदबाजी उनके लिए थोड़ी मुश्किल खड़ी करेगी।"  

सिख महिला बॉक्सर का धमाका, ब्रिटेन की पहली प्रोफेशनल ने सभी को किया हैरान

लंदन  इंग्लैंड के हल शहर में एक शांत जिम के दरवाज़े पर 13 साल की एक लड़की अपने छोटे भाई के बॉक्सिंग सेशन के शुरू होने का इंतज़ार कर रही थी.उसके पास न ही ग्लव्स थे और न इसमें शामिल होने का कोई इरादा था.आठ साल के बाद चरण कौर ढेसी अब एक प्रोफ़ेशनल बॉक्सर और चर्चित शख़्सियत हैं. 21 साल की उम्र में प्रोफ़ेशनल बॉक्सिंग में उतरने वालीं वह ब्रिटेन की पहली सिख महिला प्रो बॉक्सर हैं. उन्होंने खेल के क्षेत्र और अपने समुदाय में एक नई राह दिखाई है. उन्होंने कहा, "मैंने इतिहास रचा है और अभी तो बस शुरुआत की है." हालांकि, उनकी यह यात्रा आसान नहीं रही है. बॉक्सिंग को एक पुरुष प्रधान खेल माना जाता है.ऐसे में ब्रिटेन में एक दक्षिण एशियाई महिला होने के नाते ढेसी को शक, सांस्कृतिक विरोध और आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ा.लेकिन हर मुक्के के साथ उन्होंने उनकी क्षमताओं पर शक करने वाले हर शख़्स को अपना समर्थक बना लिया.वह कहती हैं, "मेरे समुदाय की पहली महिला होने के नाते यह मेरे लिए बहुत दबाव वाला काम था. लेकिन आप क्या कह सकते हैं? हीरा भी तो दबाव में ही निखरता है." इंग्लैंड की टीम तक का सफ़र दो भाइयों के साथ पली-बढ़ीं ढेसी का परिवार खेलों से प्यार करता था. उनके पिता पढ़ाई से ज़्यादा शारीरिक गतिविधियों को महत्व देते थे.वह कहती हैं, "मेरे माता-पिता ने कभी मेरी पढ़ाई पर ज़ोर नहीं दिया, जिसे लोग अजीब समझते हैं. वह हमेशा बॉक्सिंग के लिए प्रेरित करते थे." ढेसी कहती हैं, "मेरे दो भाई हैं. मेरे पिता ने हम तीनों को ही खेलों में ध्यान देने को कहा."लेकिन बॉक्सिंग शुरुआत में उनकी योजना में शामिल नहीं था. ढेसी ने असल में कराटे से ट्रेनिंग शुरू की थी और उन्हें बॉक्सिंग का पता तब चला जब उनके भाई ने एक स्थानीय जिम जॉइन किया. वह कहती हैं, "मुझे शुरुआत में बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि बॉक्सिंग क्या होती है. यह तो मेरे छोटे भाई की इच्छा थी. मैं उसके साथ जिम गई और बस दरवाज़े पर खड़ी थी, तभी कोच मुझे खेल में शामिल होने के लिए कहने लगे." ढेसी ने शुरुआत में उन्हें मना किया, लेकिन बाद में मौक़ा आज़माया और उन्हें कुछ अलग ही महसूस हुआ.वह कहती हैं, "मैंने एक दिन ट्राई किया और सभी कोच कहने लगे कि मैं कितनी अच्छी हूं. उसी दिन से मैंने इसे जारी रखा. फिर मुझे इंग्लैंड टीम के लिए भी चुना गया." पंजाबी और सिख समुदाय को गर्व उस दिन से ढेसी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. यूथ अमेचर खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने तीन राष्ट्रीय, एक यूरोपियन सिल्वर मेडल और तीन इंटरनेशनल क्राउन्स पुरस्कार जीते. लेकिन उनके लिए यह केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं था. ढेसी प्रोफ़ेशनल बॉक्सिंग में उतरकर रूढ़ियों को तोड़ना चाहती थीं.हालांकि, प्रोफ़ेशनल बनने के बाद उन्हें नई चुनौतियों और अपने ही समुदाय की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. वह कहती हैं, "मुझसे पूछा गया, 'अगर तुम्हें चोट लग गई तो तुमसे कौन शादी करेगा?' 'क्या तुम्हें किचन में नहीं रहना चाहिए'. इस तरह की बातें काफ़ी नकारात्मक थीं. यहां तक कि यह सवाल भी किया गया, 'तुम्हारा प्लान बी क्या है?'" वह कहती हैं, "लेकिन मेरा प्लान ए बॉक्सिंग है और मेरा प्लान बी भी बॉक्सिंग ही है." मई में ढेसी ने इन सवालों का जवाब अपने मुक्कों से दिया जब अपने पहले ही प्रोफ़ेशनल मुक़ाबले में उन्होंने नॉकआउट से जीत हासिल की. इसके बाद यह क्लिप और उनकी कहानी वायरल हो गई. वह कहती हैं, "अचानक वही लोग, जो मेरी क्षमता पर शक कर रहे थे, मेरी तारीफ़ करने लगे कि मैंने पंजाबी और सिख समुदाय को गौरवान्वित किया है." "ये वही लोग हैं जो तब साथ नहीं होते जब आप मेहनत कर रहे होते हैं. लेकिन अब वही सीधे मेरे पास आ रहे हैं. उन्हें एहसास हो गया है कि मैंने रिंग में शानदार प्रदर्शन किया है और यह मज़ाक नहीं है. बॉक्सिंग ही मेरी ज़िंदगी है." अब भी हैं चुनौतियां ढेसी की कामयाबी भले ही सुर्ख़ियों में रही हों, लेकिन उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी अब भी संघर्ष से भरी है. स्पॉन्सरशिप न होने की वजह से उनके पूरे करियर का ख़र्च अब भी उनके माता-पिता उठा रहे हैं. वह कहती हैं, "मैं काम नहीं करती क्योंकि मेरा पूरा ध्यान ट्रेनिंग पर है. इसलिए यह मुश्किल है. मेरे ट्रेनिंग और बेहतर किट के कई मौक़े चूक रहे हैं और मैं उतना बाहर नहीं जा पा रही हूं जितना जाना चाहिए." लेकिन उनके लिए बॉक्सिंग कभी सिर्फ़ बेल्ट या इनामी रक़म तक सीमित नहीं रही. बल्कि यह अपनी जड़ों पर गर्व दिखाने और दूसरों के लिए रास्ता खोलने का एक ज़रिया रही है. वह कहती हैं, "कई सिख लड़कियां बॉक्सिंग में आना चाहती हैं. कई बार इवेंट्स में वे मुझसे मिलती हैं और पूछती हैं कि डर को कैसे दूर किया जाए. तब मैं कहती हूं, 'सुनो लड़कियों, मैं तुम्हें रास्ता दिखाऊंगी और पूरा सहयोग दूंगी'." "सच में, अगर कोई लड़की मुझसे मदद मांगे, चाहे वह लंदन में हो या कहीं और, मैं वहां जाऊंगी. यही मेरी चाहत है. मैं चाहती हूं कि ज़्यादा से ज़्यादा सिख लड़कियां बॉक्सिंग में आएं, और सिख लड़के भी."एक दिन वह मिडलैंड्स में अपना ख़ुद का जिम खोलने का सपना देखती हैं, जहां खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी जा सके.अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए चाहे जो रिंग के अंदर हों या बाहर उनके लिए उनका संदेश साफ़ है.वह कहती हैं, "बस इसे कर ही डालो. आप जो चाहें, कर सकते हैं. जब तक आप ख़ुद पर विश्वास रखते हैं, वही सबसे अहम है. दूसरे क्या सोचते हैं इससे क्या फ़र्क़ पड़ता है?"

गर्मी का असर! भारत-पाक सहित एशिया कप मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली  अमीरात क्रिकेट बोर्ड ने शनिवार को घोषणा की कि संयुक्त अरब अमीरात में भीषण गर्मी के कारण आगामी एशिया कप के 19 में से 18 मैचों का शुरू होने का समय मूल कार्यक्रम से आधे घंटे पीछे कर दिया गया है। संशोधित समय के अनुसार अब मैच स्थानीय समयानुसार शाम 6.30 बजे (भारतीय समयानुसार रात 8 बजे) शुरू होंगे। इस बार टी-20 प्रारूप में आयोजित होने वाला यह महाद्वीपीय टूर्नामेंट नौ से 28 सितंबर तक दुबई और अबू धाबी में खेला जाएगा।   सितंबर में जब टूर्नामेंट खेला जाएगा तो दिन के दौरान तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने और देर शाम तक ऐसे ही रहने की उम्मीद है। इतनी भीषण गर्मी में खेलने से बचने के लिए क्रिकेट बोर्डों ने मैचों के समय को थोड़ा आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। प्रसारकों से यह अनुरोध किया गया और उन्होंने बदलावों पर सहमति जताई। इसका मतलब है कि सभी दिन-रात्रि मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होंगे। इस बदलाव से अप्रभावित एकमात्र मैच टूर्नामेंट का एकमात्र दिन का मैच है, जोकि यूएई और ओमान के बीच होने वाला मुकाबला है। ये मैच 15 सितंबर को अबू धाबी के जायेद क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। अफगानिस्तान और हांगकांग 9 सितंबर को अबु धाबी में आठ टीमों के इस टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलेंगे। ईसीबी ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा, ‘‘एशिया कप 2025 के 19 मैचों में से 18 के शुरू होने का समय अपडेट कर दिया गया है। ये मैच अब स्थानीय समयानुसार शाम 6:30 बजे शुरू होंगे।’’ बयान के अनुसार, ‘‘सोमवार, 15 सितंबर को यूएई और ओमान के बीच मैच स्थानीय समयानुसार दोपहर बाद चार बजे शुरू होगा। यह टूर्नामेंट का दिन में खेले जाने वाला एकमात्र मैच होगा।’’ एशियाई क्रिकेट परिषद ने इससे पहले जो कार्यक्रम जारी किया था उसके अनुसार मैच स्थानीय समयानुसार शाम छह बजे शुरू होने थे।  

जोकोविच ने यूएस ओपन में बनाई चौथे दौर की जगह

न्यूयॉर्क नोवाक जोकोविच ने यूएस ओपन के चौथे दौर में जगह बना ली है। जोकोविच ने गैरवरीय ब्रिटिश खिलाड़ी कैमरन नॉरी को 6-4, 6-7(4), 6-2, 6-3 से हराकर चौथे दौर में जगह बनाई। 38 साल के जोकोविच यूएस ओपन के अंतिम 16 में पहुंचने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले 1991 में जिमी कॉनर्स ने यह उपलब्धि हासिल की थी। जोकोविच ने मेजर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा हार्डकोर्ट जीत के मामले में रोजर फेडरर को पीछे छोड़ते हुए अपनी 102वीं जीत दर्ज की। चार बार के यूएस ओपन चैंपियन ने नॉरी के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड 7-0 तक भी पहुंचाया। जीत के बाद जोकोविच ने कहा, “मुझे लगता है कि किसी भी मैच में आप बिना किसी नाटकीयता के सीधे सेटों में जीतना चाहते हैं और आसानी से जीत हासिल करना चाहते हैं, लेकिन यह संभव नहीं है। मेरी टीम चाहती है कि मैं कोर्ट पर संघर्ष करूं ताकि मैं मैच खेलने में कुछ और समय बिता सकूं। मैंने विंबलडन के बाद से कोई मैच नहीं खेला था।” उन्होंने कहा, “मैं अभी भी कोर्ट पर अपनी लय और लय ढूंढ़ने की कोशिश कर रहा हूं।” पहले सेट में 5-4 की बढ़त लेने के बाद नोवाक जोकोविच को पीठ की समस्या महसूस हुई। सेट खत्म करने के लिए वापस लौटने से पहले उन्होंने इलाज के लिए कुछ देर के लिए कोर्ट छोड़ दिया। दूसरे सेट की शुरुआत उन्होंने ज्यादा सावधानीपूर्वक की। उनकी सर्विस की गति कम रही। जोकोविच को एक कड़े टाईब्रेकर में संघर्ष करना पड़ा, जिसे नॉरी ने जीत लिया। तीसरे सेट में ब्रिटिश खिलाड़ी ने जल्दी ही अपनी सर्विस तोड़ दी, लेकिन जोकोविच ने लगातार तीन गेम जीतकर जवाब दिया। पूरी तरह से नियंत्रण हासिल करते हुए, जोकोविच ने तीसरे सेट को खत्म किया और चौथे सेट में दबदबा बनाते हुए जीत पक्की कर ली। जोकोविच का अगला मुकाबला जान-लेनार्ड स्ट्रफ के साथ होगा।  

मैच के दौरान खोया आपा, 5 खिलाड़ियों को मिली सजा, नितीश राणा और दिग्वेश राठी शामिल

नई दिल्ली  दिल्ली प्रीमियर लीग यानी डीपीएल 2025 का एलिमिनेटर साउथ दिल्ली और वेस्ट दिल्ली के बीच खेला गया था। इस मैच में रनों की बौछार तो हुई ही, साथ ही खिलाड़ियों की झड़प ने हर किसी का ध्यान अपनी और खींचा। एक तरफ नितीश राणा और दिग्वेश राठी के बीच गहमा-गहमी हुई है। वहीं दूसरी ओर कृष यादव, अमन भारती और सुमित माथुर भी आपस में भिड़ गए। मैच के दौरान खिलाड़ियों द्वारा ऐसा बर्ताव देखे जाने के बाद इन सभी को सजा सुनाई गई है और उन पर भारी जुर्माना लगाया गया है। डीपीएल की प्रेस रिलीज के अनुसार, खेल भावना के विपरीत आचरण के लिए दिग्वेश राठी पर अनुच्छेद 2.2 (स्तर 2) के तहत आचार संहिता के उल्लंघन हेतु मैच फीस का 80% जुर्माना लगाया गया है। नीतीश राणा पर अनुच्छेद 2.6 (स्तर 1) के तहत आचार संहिता के उल्लंघन हेतु मैच फीस का 50% जुर्माना लगाया गया है – मैच के दौरान अश्लील, आपत्तिजनक या अपमानजनक हावभाव का प्रयोग करना। अमन भारती पर अनुच्छेद 2.3 (स्तर 1) के तहत आचार संहिता के उल्लंघन हेतु मैच फीस का 30% जुर्माना लगाया गया है – मैच के दौरान सुनाई देने वाली अश्लीलता के प्रयोग हेतु। सुमित माथुर पर अनुच्छेद 2.5 (स्तर 1) के तहत आचार संहिता के उल्लंघन हेतु मैच फीस का 50% जुर्माना लगाया गया है – ऐसी भाषा, क्रिया या हावभाव का प्रयोग करना जो किसी अन्य खिलाड़ी की आक्रामक प्रतिक्रिया को भड़का सकता हो। कृष यादव पर मैच के दौरान विरोधी टीम के खिलाड़ी द्वारा गाली-गलौज करने और खिलाड़ी की ओर बल्ला तानने के बाद सुनाई देने वाली अश्लीलता के प्रयोग के लिए अनुच्छेद 2.3 (स्तर 2) के तहत आचार संहिता के उल्लंघन के लिए मैच फीस का 100% जुर्माना लगाया गया है। बात मैच की करें तो, नितीश राणा के तूफानी शतक के दम पर वेस्ट दिल्ली की टीम एलिमिनेटर मैच में 7 विकेट से जीत दर्ज करने में कामयाब रही। साउथ दिल्ली ने 201 रन बोर्ड पर लगाए थे जिसे वेस्ट दिल्ली ने 17.1 ओवर में ही चेज कर लिया। नितीश राणा ने 55 गेंदों पर 8 चौकों और 15 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 134 रनों की नाबाद पारी खेली।

RCB का ऐलान: चिन्नास्वामी भगदड़ पीड़ितों के हर परिवार को मिलेगा वित्तीय सहायता

नई दिल्ली  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने जून में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में जान गंवाने वालों के लिए बड़ा ऐलान किया है। आरसीबी मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देगी। हर परविार को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। विक्ट्री परेड के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए। फ्रेंचाइजी ने शनिवार को आरसीबी केयर्स के तहत आर्थिक सहायता की घोषणा की। रजत पाटीदार की अगुवाई वाली आरसीबी ने 3 जून 2025 को आईपीएल खिताब जीता था। यह आरसीबी की पहली आईपीएल ट्रॉफी थी। इसके बाद, फ्रेंचाइजी ने अगले दिन विक्ट्री परेड आयोजित की, जिसमें बड़ी तादाद में फैंस आरसीबी के होम ग्राउंड एम चिन्नास्वामी पहुंचे। उसी दौरान स्टेडियम के बाहर भगदड़ मचने से मातम पसर गया। आरसीबी ने एक इमोशनल पोस्ट में कहा, ‘’4 जून 2025 को हमारा दिल टूटा। हमने आरसीबी परिवार के 11 सदस्यों को खो दिया। वे हमारा हिस्सा थे। हमारे शहर, हमारे समुदाय और हमारी टीम को अनोखा बनाने वाली चीजों का हिस्सा। उनकी अनुपस्थिति हम सभी की यादों में हमेशा रहेगी।" फ्रेंचाइजी ने आगे कहा, ‘’उनके द्वारा छोड़े गए खालीपन को कोई भी सहयोग कभी नहीं भर सकता। लेकिन एक शुरुआत के रूप में और गहरे सम्मान के साथ आरसीबी ने उनके परिवारों को 25-25 लाख रुपये देने का फैसला किया है। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं बल्कि करुणा, एकता और निरंतर देखभाल का वादा है। यह आरसीबी केयर्स की भी शुरुआत है। एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता जो सार्थक कार्यों के लिए समर्पित है। उनकी स्मृति को सम्मान देते हुए आगे का हर कदम यह दर्शाएगा कि फैंस क्या महसूस करते हैं, क्या उम्मीद करते हैं और क्या चाहते हैं।" आरसीबी ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को छह रनों से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया और 18 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया। आरसीबी ने निर्धारित 20 ओवरों में 190/9 का स्कोर बनाया था और जवाब में श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम सात विकेट के नुकसान पर 184 रन ही बना सकी। क्रुणाल पांड्या और भुवनेश्वर कुमार ने फाइनल में पंजाब किंग्स के दो-दो खिलाड़ियों को आउट किया।

राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने इस्तीफा देकर मचाया सनसनी

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स को बड़ा झटका लगा है। राहुल द्रविड़ ने हेड कोच के पद से इस्‍तीफा दे दिया है। फ्रेंचाइजी ने एक्‍स पर इस बात की जानकारी दी। राजस्‍थान रॉयल्‍स ने एक पर शेयर पोस्‍ट में द्रविड़ का आभार जताया। फ्रेंचाइजी ने पोस्‍ट के साथ कैप्‍शन में लिखा, पिंक में आपकी उपस्थिति ने युवाओं और अनुभवी, दोनों को प्रेरित किया। हमेशा रॉयल। हमेशा आभारी।