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लंदन मैराथन 2026: केन्या के सावे बने पहले सब-2 घंटे धावक

नई दिल्‍ली  केन्‍या के सेबास्टियन सावे ने लंदन मैराथन में इतिहास रच दिया। सावे दुनिया के पहले धावक बने, जिन्‍होंने आधिकारिक रेस परिस्थितियों में दो घंटे की बाधा को तोड़ दिया। उन्‍होंने 1:59:30 के समय में मैराथन की दौड़ पूरी करते हुए वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया। सावे से पहले केन्‍या के केल्विन किपटुम के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज था, जिन्‍होंने 2023 में शिकागो में 2:30:35 के समय में मैराथन पूरी की थी। सावे कानूनन दो घंटे के अंदर मैराथन की दौड़ पूरी करने वाले पहले धावक बने। उन्‍होंने 2019 में इलियुड किपचोगे के प्रदर्शनी मार्क 1:59:41 को पीछे छोड़ा। केजेलचा और किप्‍लीमो ने ऐतिहासिक रेस में दिया योगदान बता दें कि सेबास्टियन सावे अकेले नहीं, जिन्‍होंने लंदन मैराथन में इतिहास रचा। इथोपिया के योमिफ केजेलचा ने लंदन मैराथन में दूसरा स्‍थान हासिल किया। उन्‍होंने इथोपिया का रिकॉर्ड बनाया और इतिहास में दूसरे सबसे तेज मैराथन दौड़ने वाले धावक बने। योमिफ ने 1:59:41 के समय में दौड़ पूरी की। युगांडा के जैकब किप्‍लीमो तीसरे स्‍थान पर रहे, जिन्‍होंने 2:00:28 के समय में रेस पूरी की। उन्‍होंने लंदन में पिछले वर्ल्‍ड रिकॉर्ड से पहले रेस पूरी की। यह इतिहास की पहली मैराथन बनी, जिसमें तीन लोगों ने एक के बाद एक पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा। पुरुष रेस में गति की गहराई का इससे पता चलता है। अमोस किपरुतु ने निजी सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करते हुए 2:01:39 के समय में मैराथन दौड़ पूरी की और चौथा स्‍थान हासिल किया। ओलंपिक चैंपियन तमिरात टोला 2:02:59 के समय के साथ पांचवें और डेरेसा गेलेटा 2:03:23 के समय के साथ छठे स्‍थान पर रहे। तेज शुरुआत के कारण बना इतिहास धावकों ने मैराथन की शुरुआत में तेज गति अपनाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। सावे, केजेलचा, किप्‍लीमो, टोला, किपरुतु और गेलेटा ने 5 किमी का सफर 14:14 समय में तय किया। यह नियंत्रित गति भी थी, लेकिन संकेत मिल चुके थे कि कुछ विशेष होने वाला है। इन धावकों ने 10 किमी का सफर 28:34 और 15 किमी का सफर 43:10 समय में पूरा किया। मैराथन का आधा हिस्‍सा 1:00:29 के समय में पूरा हुआ। अगले 10 किमी में बढ़त लेने का सिलसिला आगे-पीछे होता रहा, लेकिन जब 30 किमी के पार रेस पहुंची तब गति बनाने का भार एथलीट्स पर दिखने लगा। सावे ने आखिर में लगाया जोर निर्णायक मोड़ 30 किमी और 35 किमी के बीच देखने को मिला, जब सावे ने और केजेलचा ने तेज गति अपनाई और किप्‍लीमो को पीछे छोड़ते हुए 21 सेकंड का अंतर बना दिया। अगले 5 किमी में इन दोनों ने दोबारा गति बढ़ाई और हर कदम के साथ लग रहा था कि मैराथन में अविश्‍वसनीय रिकॉर्ड बनने वाला है। सावे ने जब एक मील की दूरी बची तब केजेलचा को भी पीछे छोड़ दिया और तेजी से अपनी मैराथन दौड़ पूरी करते हुए इतिहास रच दिया। केन्‍याई धावक ने दूसरे हाफ की दौड़ 59:01 के समय में पूरी की और लंदन मैराथन को यादगार बना दिया।

बैडमिंटन में भारत का दबदबा जारी, लक्ष्य-चिराग की जोड़ी ने दिलाई जीत

भारतीय पुरुष टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सोमवार 27 अप्रैल 2026 को डेनमार्क के हॉर्सेंस शहर में ग्रुप ए के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से करारी शिकस्त देकर थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। भारत और चीन इस ग्रुप में शीर्ष पर हैं। भारतीय बैडमिंटन टीम ने सिर्फ 153 मिनट में मुकाबला खत्म कर दिया। लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की जोड़ी ने सीधे गेमों में जीत हासिल कर भारत को 3-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद एचएस प्रणय और एमआर अर्जुन-हरिहरन अमसाकरुनन ने भी अपने-अपने मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया का 5-0 से सूपड़ा साफ कर दिया। साल 2022 के चैंपियन भारत ने कनाडा पर 4-1 से जीत के साथ शुरुआत की थी। चीन ने अपने पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराया था। चीन ने सोमवार को कनाडा को 4-1 से पराजित किया। भारत और चीन अब बुधवार 29 अप्रैल को अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में एक दूसरे का सामना करेंगे, जिससे ग्रुप में शीर्ष स्थान का फैसला होगा। कनाडा के खिलाफ अपना पहला मैच हार जाने वाले लक्ष्य सेन ने शानदार वापसी की। राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले लक्ष्य सेन ने एफ्रेम स्टीफन सैम पर 21-14, 21-16 से जीत हासिल करके भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। अब चीन के खिलाफ मुकाबले में लक्ष्य सेन को शी यूकी जैसी मजबूत चुनौती का सामना करना होगा। यूएस ओपन चैंपियन और हाल में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में उपविजेता रहे आयुष शेट्टी ने श्रेय ढांड को 21-8, 21-6 से आसानी से हराकर भारतीय बढ़त को दोगुना किया। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारत की शीर्ष युगल जोड़ी ने रिजकी हिदायत और जैक यू को 21-14, 21-16 से हराकर स्कोर 3-0 कर दिया। इस जीत से भारत की क्वार्टर फाइनल में जगह सुनिश्चित हो गई। विश्व चैंपियनशिप 2023 और एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता एचएस प्रणय ने आधे घंटे से भी कम समय में ऋषि होंडा भूपति पर 21-11, 21-17 से जीत हासिल की। हरिहरन अमसाकरुनन और एमआर अर्जुन ने दूसरे युगल मुकाबले में एंडिका रामाडियांस्या और एफ्रैम स्टीफन सैम को 21-12, 21-10 से हराया, जिससे भारत क्लीन स्वीप करने में सफल रहा।  

हरमनप्रीत कौर का बयान: टीम को फिर से एकजुट होने की जरूरत

पिछले साल वनडे विश्व कप की चैंपियन बनी भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आने वाले टी20 विश्व कप 2026 से पहले एक बड़ा झटका लगा है। साउथ अफ्रीका से भारतीय टीम को 4-1 से करारी हार मिली है। इस हार को लेकर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा है कि टी20 विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली निराशाजनक हार के बाद भारत को फिर से एकजुट होकर आगे का रास्ता खोजना होगा। भारत ने आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच में 156 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए एक बार फिर बल्लेबाजी में खराब प्रदर्शन किया और उसे 23 रन से हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड में होने वाले टी20 विश्व कप से ठीक दो महीने पहले मिली यह हार एक बड़ा झटका साबित होगी। हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ''हमें एक समूह के तौर पर साथ बैठकर सोचना होगा कि आगे कैसे बढ़ना है। यह हमारे लिए निराशाजनक है, लेकिन इसमें हमारे लिए बहुत सी सकारात्मक बातें और सीखने के लायक चीजें भी हैं।'' भारत की शुरुआत खराब रही और शुरुआती चार ओवर के भीतर ही शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स के विकेट गिर गए और टीम फिर कभी संभल नहीं पाई, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका नियमित अंतराल पर विकेट लेता रहा। हरमनप्रीत ने आगे कहा, ''आज हमने बीच-बीच में अच्छा प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी में, पावरप्ले ही वह चीज थी जिसकी हमें कीमत चुकानी पड़ी। हमें अधिक रन नहीं मिले और दो विकेट भी गंवा दिए। यह निराशाजनक है। हमें कड़ी मेहनत करते रहने की जरूरत है।'' दक्षिण अफ्रीका के लिए कप्तान लॉरा वोलवार्ट ने एक बार फिर मोर्चे से अगुआई करते हुए 56 गेंद पर नाबाद 92 रन बनाए और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के बावजूद पारी को संभाले रखा। वोलवार्ट ने पांच मैच की श्रृंखला में कुल 330 रन बनाए और वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। उन्होंने अपनी पिछली सात अंतरराष्ट्रीय पारियों में छह बार 50 से अधिक रन बनाए हैं। टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनीं वोलवार्ट ने कहा, ''हालांकि, पिछले कुछ महीनों में हमने सभी विभागों में जबरदस्त सुधार किया है। इस लिहाज से यह एक बहुत अच्छा सत्र रहा है।'' पिच के बारे में वोलवार्ट ने कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण सतह थी। उन्होंने कहा, ''आज विकेट थोड़ा मुश्किल था लेकिन पावरप्ले शानदार रहा। मुझे यह पसंद आया कि हमने पावरप्ले में कितनी आक्रामक बल्लेबाजी की। हमें लगा था कि यह एक सपाट विकेट होगा लेकिन जब यह धीमा और कम उछाल वाला निकला तो हमें कोई हैरानी नहीं हुई। पहले बल्लेबाजी करना सही फैसला था। हमेशा कुछ ना कुछ ऐसा होता है जिस पर ध्यान दिया जा सकता है और सुधार किया जा सकता है, और कैचिंग उनमें से एक है।''

मनु भाकर का बड़ा बयान: वैभव सूर्यवंशी बन सकते हैं भारत के अगले सुपरस्टार

नई दिल्ली भारत की दोहरी ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर नए सत्र से पहले आत्मविश्वास से लबरेज हैं और पेरिस खेलों में मिली सफलता के बाद एक बार फिर अपनी प्रतिस्पर्धी भावना को जगाने के लिए दृढ़ हैं। हालांकि सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनसे 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल किया गया, जिनको लेकर मनु ने बड़ा बयान दिया है। मनु भाकर ने वैभव सूर्यवंंशी को लेकर क्या कहा? क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में से एक के तौर पर सामने आने और उन्हें जल्द से जल्द राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की बढ़ती मांगों के बीच मनु ने कहा कि अगर खिलाड़ी तैयार है और उसे सही मार्गदर्शन मिल रहा है तो इस प्रक्रिया को तेज करने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। मनु ने कहा, ‘अगर मार्गदर्शन सही हो और माहौल तरक्की में मददगार हो तो उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है, प्रतिभा की कोई समय-सीमा नहीं होती। इसे छह साल की उम्र में भी पहचाना जा सकता है और 60 साल की उम्र में भी। सही मार्गदर्शन मिलने पर मुझे पूरा यकीन है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं।’ एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप का बेसब्री से इंतजार कर रहीं मनु भाकर इस साल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन चक्र शुरू होने के साथ ही मनु की नजरें एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप पर टिकी हैं। उन्हें विश्वास है कि ये लक्ष्य उनकी उस प्रतिस्पर्धी बढ़त को वापस दिलाएंगे जिसकी बदौलत उन्होंने 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीते थे। 24 वर्षीय पिस्टल निशानेबाज मनु ने कहा, ‘इस साल के आखिर में एशियाई खेल (जापान में) और विश्व चैंपियनशिप होने वाली है इसलिए हम निश्चित रूप से इन दो बड़ी प्रतियोगिताओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।’ झज्जर की इस निशानेबाज ने कहा, ‘मैंने और मेरे कोच ने मिलकर अपनी तैयारियों को लेकर कुछ समय पहले ही चर्चा की थी। हमने योजना बनाई कि आगे कौन-कौन सी प्रतियोगिताएं होने वाली हैं और उनके लिए हमारी तैयारी कैसी होनी चाहिए। मुझे लगता है कि हमने सब कुछ ठीक से तय कर लिया है और उम्मीद है कि हम बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’ मनु अब अगले महीने आईएसएसएफ विश्व कप म्यूनिख में हिस्सा लेंगी।

कोहली ने IPL में पूरे किए 9 हजार रन, रोहित शर्मा नंबर-2 से हैं दूर

नई दिल्ली दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में विराट कोहली ने इतिहास रच दिया है. दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 11 रन बनाते ही किंग कोहली ने आईपीएल में 9 हजार रन पूरे कर लिए हैं. वह आईपीएल में 9000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं. विराट की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं. आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड पहले ही विराट कोहली के नाम है।  विराट ने 9000 रन पूरे करने के लिए काफी आराम से खेला. उन्होंने छठे ओवर की लास्ट गेंद पर इस जादुई आंकड़े को छुआ. 11 रन बनाने के लिए किंग कोहली ने 12 गेंदों का सामना किया और एक चौके के साथ बाकी के रन दौड़कर बनाए. हालांकि, 9 हजार रन पूरे होते ही किंग कोहली टूट पड़े और दो छक्के लगाए. उन्होंने सिक्स लगाकर आरसीबी को जीत दिलाई।  आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज  विराट कोहली- 9012 रन  रोहित शर्मा- 7183 रन शिखर धवन- 6769 रन डेविड वॉर्नर- 6565 रन  केएल राहुल- 5580 रन 81 गेंद पहले जीती बेंगलुरु  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 81 गेंद पहले जीत दर्ज की. गेंदें शेष रहने के लिहाज से आईपीएल की यह दूसरी सबसे बड़ी जीत है. आरसीबी ने दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हराया. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 81 गेंद शेष रहते मैच जीत लिया. जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की घातक गेंदबाजी के सामने दिल्ली कैपिटल्स की टीम 75 रनों पर ढेर हो गई थी. जवाब में आरसीबी ने 6.3 ओवर में मैच जीत लिया. विराट कोहली ने आईपीएल में 9 हजार रन भी पूरे कर लिए. विराट 15 गेंद में 23 और देवदत्त पडिक्कल 13 गेंद में 34 रनों पर नाबाद लौटे. वहीं जैकेब बेथेल ने 11 गेंद में 20 रन बनाए. इससे पहले गेंदबाजी में हेजलवुड ने चार और भुवी ने तीन विकेट चटकाए।  दिल्ली ने बनाया पावरप्ले का सबसे कम स्कोर  पहले बैटिंग करने वाली दिल्ली ने पारवप्ले में सबसे कम रनों का टोटल बनाने का रिकॉर्ड कायम किया. टीम शुरुआती 6 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 13 रन ही बोर्ड पर लगा सकी थी. इससे पहले पावरप्ले में सबसे छोटा टोटल 14 रनों का रहा था।  1. 6 ओवर में सिर्फ 13 रन बना सकी दिल्ली दिल्ली ने पावरप्ले में 6 विकेट खोकर मात्र 13 रन बनाए। यह IPL इतिहास में पावरप्ले का सबसे कम स्कोर है। दूसरे नंबर पर राजस्थान रॉयल्स हैं, जिसने 2009 में RCB के खिलाफ 2 विकेट खोकर 14 रन बनाए थे। 2. दिल्ली ने सिर्फ 7 रन पर 5 विकेट गंवा दिए इस मैच में दिल्ली ने सिर्फ 7 रन बनाने में 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बावजूद यह IPL में सबसे कम रन में 5 विकेट गंवाने का रिकॉर्ड नहीं है। कोच्चि टस्तकर्स केरल की टीम 2011 में डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ सिर्फ 6 रन पर 5 विकेट गंवा बैठी थी। अब कोच्चि टस्कर्स और डेक्कन चार्जर्स दोनों टीमों लीग से बाहर हो चुकी हैं। 3. भुवनेश्वर ने 29वीं बार पहले ओवर में विकेट लिया भुवनेश्वर कुमार ने DC के खिलाफ पहले ओवर में ही डेब्यूटेंट साहिल पारख को क्लीन बोल्ड कर दिया। ये 29वीं बार है, जब उन्होंने IPL में पहले ओवर में ही विकेट लिया हो। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं। टॉप पर ट्रेट बोल्ट हैं, जिन्होंने 32 बार यह कारनामा किया है। 4. भुवनेश्वर ने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लिए दिल्ली के खिलाफ भुवनेश्वर ने पावरप्ले में 3 विकेट लिए। उन्होंने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में अब तक 32 विकेट लिए हैं। वे इस मामले में ट्रेट बोल्ट के साथ नंबर एक पर हैं। बोल्ट ने भी 32 विकेट लिए हैं। मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी ने पावरप्ले में 28-28 विकेट लिए हैं। 5. भुवनेश्वर ने IPL में 25 बार 3+ विकेट लिए भुवनेश्वर ने दिल्ली के खिलाफ 3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट लिए। IPL में उन्होंने 20वीं बार 3 या उससे ज्यादा विकेट लिए। इस लिस्ट में जसप्रीत बुमराह नंबर एक पर हैं, जिन्होंने 25 बार यह स्पेल डाला है। लसिथ मलिंगा ने 19 बार 3+ विकेट लिए हैं और तीसरे नंबर पर हैं। 6. दिल्ली तीसरी बार IPL में 75 या इससे कम रन पर ऑलआउट दिल्ली कैपिटल्स 16.3 ओवर में 75 रन पर ऑलआउट हो गई। यह IPL में तीसरी बार है, जब दिल्ली की टीम 75 या उससे कम स्कोर पर ऑलआउट हुई। RCB इस मामले में नंबर-1 पर हैं, जो 4 बार 75 या इससे नीचे ऑल आउट हुई है।  

टॉप पर कब्जा मजबूत करने उतरेगी पंजाब किंग्स, वापसी की तलाश में राजस्थान रॉयल्स

चंडीगढ़  पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच आज आईपीएल 2026 का 40वां मुकाबला खेला जाना है। मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मैच की शुरुआत शाम साढ़े 7 बजे से होगी। इस मुकाबले को जीतकर पीबीकेएस प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहेगी। पंजाब किंग्स इस सीजन की सबसे बेहतरीन टीम है। उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने की अपनी काबिलियत और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर अपने शुरुआती 7 मैचों में से 6 में जीत हासिल की है, जबकि एक मैच बारिश के चलते बेनतीजा रहा था। इसके विपरीत राजस्थान रॉयल्स को अपनी लय बनाए रखने में काफी संघर्ष करना पड़ा है, लगातार खराब प्रदर्शन के कारण वे प्वाइंट्स टेबल में नीचे खिसक गए हैं। शुरुआथ 4 मैचों में 4 जीत हासिल करने के बाद टीम को अगले 4 मैचों में सिर्फ एक जीत मिली है। वैभव सूर्यवंशी के 36 गेंदों में शतक के बाद भी टीम पिछले मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद से हार गई। राजस्थान रॉयल्स के अभियान को मिडल ओवर्स में अपनी लय बनाए रखने में नाकाम रहने के कारण काफी नुकसान हुआ है। वे अक्सर अपनी मजबूत शुरुआत को मैच जिताने वाले स्कोर में बदलने में असफल रहे हैं। पंजाब किंग्स की बैटिंग का जवाब नहीं पंजाब किंग्स के बल्लेबाजों ने सामूहिक रूप से शानदार प्रदर्शन किया है, खासकर बैटिंग ऑर्डर के ऊपरी क्रम में, जहां उनके ओपनर्स ने पावरप्ले के दौरान बार-बार आक्रामक शुरुआत करते हुए विपक्षी टीम के गेंदबाजों पर शुरू से ही दबाव बना दिया है। दिल्ली के खिलाफ पिछले मुकाबले में टीम ने 265 रनों का लक्ष्य हासिल करके मैच जीता था। पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच आईपीएल इतिहास में अब तक कुल 30 मैच खेले गए हैं, जिसमें आरआर का पलड़ा भारी रहा है। रॉयल्स ने अब तक 17 मुकाबले अपने नाम किए हैं, जबकि किंग्स 13 मैच जीत चुकी है। इस प्रकार हैं दोनों टीमें पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, कूपर कोनोली, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, मार्को जानसेन, अजमतुल्लाह उमरजई, हरप्रीत बराड़, सूर्यांश शेडगे, विष्णु विनोद, जेवियर बार्टलेट, यश ठाकुर, मिशेल ओवेन, हरनूर सिंह, मुशीर खान, पायला अविनाश, लॉकी फर्ग्यूसन, बेन ड्वारशुइस, प्रवीण दुबे और विशाल निषाद। राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिम्रोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, रवि बिश्नोई, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, संदीप शर्मा, शुभम दुबे, एडम मिल्ने, दासुन शनाका, कुलदीप सेन, सुशांत मिश्रा, युद्धवीर सिंह चरक, क्वेना मफाका, विग्नेश पुथुर, यश राज पुंजा, अमन राव पेराला।  

आरसीबी की धमाकेदार जीत, दिल्ली को 9 विकेट से हराकर भुवी-हेजलवुड ने बरपाया कहर

नई दिल्ली नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में धूल भरी आंधी आने से पहले ही, जोश हेज़लवुड और भुवनेश्वर कुमार ने नई गेंद से कहर बरपाते हुए दिल्ली कैपिटल्स को धूल चटा दी। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने चार विकेट लिए, वहीं भुवनेश्वर कुमार, जो उम्र के साथ और भी निखरते जा रहे हैं, ने साबित कर दिया कि वे आज भी क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ नई गेंद गेंदबाजों में से एक क्यों हैं। उनके तीन विकेटों के शानदार प्रदर्शन ने दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाजी क्रम को संभलने से पहले ही ध्वस्त कर दिया। विज्ञापन दो दिन पहले ही 264 रनों का विशाल स्कोर बनाने के बावजूद (और फिर भी हार जाने के बावजूद), दिल्ली कैपिटल्स मात्र 75 रनों पर सिमट गई, जो शनिवार को अकेले केएल राहुल द्वारा बनाए गए स्कोर का आधा था। यह आईपीएल इतिहास का 12वां सबसे कम स्कोर और दिल्ली फ्रेंचाइजी के लिए तीसरा सबसे कम स्कोर था। आरसीबी को 77 रनों के लक्ष्य का पीछा करने के लिए महज 6.3 ओवरों की जरूरत थी। विराट कोहली ने दो गगनचुंबी छक्कों से दिल्ली के प्रशंसकों का भरपूर मनोरंजन किया, जिनमें से एक छक्के ने आरसीबी को अब तक की सबसे शानदार जीत में से एक दिलाते हुए जीत की दहलीज तक पहुंचाया। जैकब बेथेल ने 10 गेंदों में 20 रन बनाकर तूफानी पारी की शुरुआत की, जबकि दिल्ली के नए गेंदबाज काइल जैमीसन और दुशमंथा चमीरा आरसीबी के गेंदबाजों जैसी आक्रामक बल्लेबाजी करने में नाकाम रहे। मध्यावधि विराम के दौरान पिच थोड़ी नरम पड़ गई थी, ऐसे में लक्ष्य का पीछा करना एक औपचारिकता मात्र था; पिच के और अधिक करतब दिखाने से पहले ही मैच खत्म हो गया। कोटला में सत्ता संघर्ष के कारण दंगा हुआ 13 रन पर 6 विकेट गिरने के साथ, जो टूर्नामेंट के इतिहास में पावरप्ले का सबसे कम स्कोर था, कैपिटल्स पर आरसीबी के आईपीएल के सबसे कम स्कोर के कुख्यात रिकॉर्ड को तोड़ने का गंभीर खतरा मंडरा रहा था। इम्पैक्ट प्लेयर अभिषेक पोरेल की जुझारू 30 रनों की पारी (33 गेंदों में) की बदौलत ही यह आपदा बाल-बाल टल पाई। फिर भी, 16.3 ओवर में 75 रन पर ऑल आउट होना निराशाजनक था। पूरी पारी के दौरान, जब दिल्ली के बल्लेबाज लगातार पवेलियन लौटते-पहुंचते रहे, तो खचाखच भरे कोटला स्टेडियम में मौजूद दर्शक अपने स्थानीय हीरो 'कोहली, कोहली' का नाम लेकर सुकून पा रहे थे। यह मैदान पर चल रहे खेल के विनाशकारी माहौल से खुद को अलग रखने का एक तरीका था। 48 घंटों में पिच में इतना बड़ा बदलाव कैसे आ सकता है? यह कोई रहस्य नहीं था। पिच में थोड़ी सी गर्माहट तो थी ही, लेकिन मुख्य कारण पिच का सूखा होना था, जिससे अनुशासित बल्लेबाजों को काफी मदद मिल रही थी। हेज़लवुड और भुवनेश्वर की शानदार बल्लेबाजी दिल्ली की टीम के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुई, जो 264 रनों की अपनी बड़ी जीत के बाद कुछ सुस्ती से जूझ रही थी। वे एक और रनों की बौछार की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन उन्हें एक तूफान का सामना करना पड़ा। हालांकि गेंदबाजी शानदार थी, लेकिन कैपिटल्स का शॉट चयन खराब था; कई बल्लेबाज शनिवार को जो हुआ था, उसकी भरपाई के लिए "जोरदार बल्लेबाजी" करने की मानसिकता में फंसे हुए प्रतीत हुए – पंजाब किंग्स ने मात्र 18.5 ओवरों में 265 रनों का पीछा किया था। पिच में बदलाव कैसे हुआ? सलामी जोड़ी द्वारा हासिल की गई जबरदस्त स्विंग के सामने दिल्ली के बल्लेबाज पूरी तरह से हैरान रह गए। यहां तक ​​कि भुवनेश्वर, जिन्होंने अब 14 विकेट लेकर पर्पल कैप हासिल कर ली है, ने भी परिस्थितियों को देखकर आश्चर्यचकित होने की बात स्वीकार की। "मैं वाकई हैरान था, खासकर पिछले मैच में विकेट की स्थिति को देखते हुए, जिसमें दोनों पारियों में 250 से अधिक रन बने थे। गेंद का इस तरह स्विंग होना अप्रत्याशित था, और हम जानते थे कि हमें स्टंप्स पर आक्रमण करके और विकेट लेकर इसका पूरा फायदा उठाना होगा," भुवनेश्वर ने मध्यांतर के दौरान कहा। भुवी-हेज़लवुड मास्टरक्लास शाम की पहली ही गेंद ने मैच का मिजाज तय कर दिया। अपने आईपीएल करियर की पहली गेंद का सामना करते हुए, महाराष्ट्र के 18 वर्षीय युवा खिलाड़ी साहिल पारिख, जो पथुम निस्संका की जगह बल्लेबाजी करने आए थे, एक सनसनीखेज इनस्विंगिंग यॉर्कर पर बोल्ड हो गए। यह ऐसी गेंद थी जो किसी अनुभवी गेंदबाज को भी आउट कर सकती थी, एक नवोदित खिलाड़ी के लिए तो यह और भी मुश्किल था, खासकर तब जब वह किसी माहिर गेंदबाज का सामना कर रहा हो। विज्ञापन उस गेंद की आक्रामकता ने दिल्ली के ड्रेसिंग रूम में कंपकंपी पैदा कर दी। अगले ओवर में हेज़लवुड को सफलता की उम्मीद जगी। उन्होंने शानदार फॉर्म में चल रहे केएल राहुल को आउट करने के लिए एक तेज़ बाउंसर फेंकी। अतिरिक्त उछाल के कारण राहुल घबरा गए और पुल शॉट खेलने की कोशिश में बल्ले का ऊपरी किनारा लग गया। सीज़न की शुरुआत में शानदार प्रदर्शन के बाद से फॉर्म की तलाश में जूझ रहे समीर रिज़वी अपनी पहली ही गेंद पर लपकने की कोशिश में लपक बैठे। हेज़लवुड ने अपनी लगातार तेज़ फुल लेंथ क्रॉस सीमर गेंद से राहुल का किनारा लिया और गेंद विकेटकीपर के दस्तानों में जा गिरी। हेज़लवुड हैट्रिक के करीब थे, लेकिन ट्रिस्टन स्टब्स ने शुरुआती झटके को झेलते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज को रिकॉर्ड बनाने से रोक दिया। हालांकि, स्टब्स की राहत ज्यादा देर तक नहीं टिकी। भुवनेश्वर ने गेंद की स्विंग का फायदा उठाते हुए दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज को एक शानदार आउटस्विंगर से परेशान किया। स्टब्स ने अपने हाथों को शरीर से काफी दूर रखकर खेला और इसका खामियाजा भुगतना पड़ा, क्योंकि गेंद बल्ले का किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर के हाथों में चली गई। कप्तान अक्षर पटेल छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए और स्थानीय समर्थक उनसे उम्मीद लगाए बैठे थे कि वे उनकी पारी को बचा लेंगे। भुवनेश्वर की गेंदबाज़ी के सामने अक्षर पटेल पूरी तरह से बेबस नज़र आ रहे थे, जो गेंद को दोनों तरफ उछाल रहे थे। एक गेंद को जल्दबाजी में छोड़ने के बाद, अक्षर पटेल एक इनस्विंगर गेंद पर आउट हो गए जो विकेट को छूकर निकल गई, हालांकि चमत्कारिक रूप से … Read more

घर में पस्त हुई दिल्ली, बेंगलुरु के गेंदबाजों ने 75 रन पर समेटी पारी

नई दिल्ली अपने घरेलू मैदान पर खेले गए मुकाबले में दिल्ली की टीम बेंगलुरु के गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। शुरुआती ओवरों से ही नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पूरी टीम महज 75 रनों पर सिमट गई। बेंगलुरु के गेंदबाजों ने शानदार लाइन-लेंथ के साथ दबाव बनाए रखा, जिसका दिल्ली के बल्लेबाज कोई जवाब नहीं दे सके। टॉप ऑर्डर से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कोई भी बड़ी साझेदारी नहीं बन पाई। दिल्ली की पारी में लगातार गिरते विकेटों ने टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। वहीं बेंगलुरु के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने नहीं दिया। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि क्या बेंगलुरु की टीम इस छोटे लक्ष्य को आसानी से हासिल कर मुकाबले में बड़ी जीत दर्ज कर पाएगी।

आरसीबी ने दिल्ली के खिलाफ जीता टॉस, क्या अक्षर ब्रिगेड ले पाएगी पिछली हार का बदला?

दिल्ली  आज आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मुकाबला खेला जा रहा है। दोनों टीमों की दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में टक्कर हो रही है। डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी ने टॉस जीतकर डीसी को बल्लेबाजी का न्योता दिया है। आरसीबी सोमवार को डीसी से हार का बदला लेने की फिराक में होगी। दिल्ली ने 18 अप्रैल को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में आरसीबी के खिलाफ 6 विकेट से जीत दर्ज की थी। अक्षर पटेल की अगुवाई वाली दिल्ली टीम के लिए बेंगलुरु से लोहा लेना आसान नहीं होगा। डीसी को अपने पिछले दो मुकाबलों में पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों हार मिली। रजत पाटीदार की कप्तानी वाली आरसीबी ने पिछले मैच में गुजरात टाइटंस को हराया था। आरसीबी अंक तालिका में दूसरे पायदान पर आरसीबी ने सीजन में सात मैचों में से पांच में विजयी परचम फहराया है। उसके खाते में 10 अंक हैं। आरसीबी अंक तालिका में फिलहाल दूसरे पायदान पर है। डीसी पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर है। उसने सात मैचों में से अभी तक सिर्फ तीन जीते (6 अंक) हैं। पंजाब के खिलाफ 264 रन बनाने के बावजूद हार से आहत दिल्ली को अगर वापसी करनी है तो उसे अपने पिछले प्रदर्शन को भुलाकर नए सिरे से शुरुआत करनी होगी। दिल्ली ने अभी तक बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन उसके गेंदबाज अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं। दूसरी ओर, आरसीबी काफी संतुलित नजर आ रही है। विराट कोहली की अगुवाई में आरसीबी की बैटिंग यूनिट मजबूत है। देवदत्त पडिक्कल की शानदार फॉर्म ने उसे और मजबूती प्रदान की है। उसके मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने भी मैच का सकारात्मक अंत करने में अधिक स्पष्ट भूमिका निभाई है। आरसीबी केवल बल्लेबाजी में ही खतरनाक नहीं है। उसके गेंदबाजों ने भी अहम मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। आरसीबी की संभावित XII: जैकब बेथेल, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलीम डार, जोश हेज़लवुड, सुयश शर्मा दिल्ली कैपिटल्स की संभावित XII: पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश राणा, समीर रिजवी, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), काइल जैमीसन/दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, टी नटराजन, औकिब नबी

मुल्लांपुर में IPL मुकाबला: अजेय पंजाब किंग्स बनाम संघर्ष कर रही राजस्थान रॉयल्स

पंजाब पिछले कुछ मैचों में अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर पाने वाले राजस्थान रॉयल्स को मंगलवार को मुल्लांपुर में होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच में अगर पंजाब किंग्स का अजेय रथ रोकना है तो रन बनाने के लिए जूझ रहे कप्तान रियान पराग को आगे बढ़कर नेतृत्व करना होगा। रिकी पोंटिंग का मुख्य कोच का पद संभालने और श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने के बाद पंजाब किंग्स में आमूलचूल बदलाव देखने को मिले हैं और उसने तब से लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले साल पंजाब किंग्स उप विजेता रही थी और इस साल उसने शुरू से ही अच्छा प्रदर्शन किया है। विराट कोहली ने वर्षों तक अपनी शानदार निरंतरता के दम पर 'लक्ष्य का पीछा करने में माहिर यानी चेज़-मास्टर' का तमगा अपने नाम किया था और अब अय्यर भी उसी राह पर हैं। कप्तान और बल्लेबाज के रूप में उन्होंने बेहद दबाव वाली परिस्थितियों में सराहनीय धैर्य का प्रदर्शन करते हुए पंजाब किंग्स के टूर्नामेंट में अब तक अजेय रहने में अहम भूमिका निभाई है। अय्यर ने शानदार कप्तानी की है, लेकिन उनकी पूरी टीम ने एकजुट होकर अपना योगदान दिया है। पंजाब किंग्स ने पिछले सत्र में आईपीएल के इतिहास के सबसे कम स्कोर का बचाव किया था और अब उसने नयी दिल्ली में शनिवार को भीषण गर्मी के बावजूद रिकॉर्ड 265 रन के लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया था। पंजाब किंग्स की सात मैचों में छह जीत (एक मैच बारिश के कारण रद्द) प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह की विस्फोटक सलामी जोड़ी की बदौलत संभव हो पाई हैं। इन दोनों ने दिल्ली के खिलाफ पावरप्ले में 116 रन बनाकर अपनी टीम को कोटला में रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल करने में मदद की। उस मैच में पंजाब किंग्स के गेंदबाजों की जमकर धुनाई हुई थी, लेकिन बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों और सीमा रेखा छोटी होने के कारण उन्हें ज्यादा दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पंजाब किंग्स अपने इस घरेलू मैदान पर इस सत्र का अपना आखिरी मैच खेलेगा। उसकी टीम अपने आखिरी तीन घरेलू मैच धर्मशाला में खेलेगी, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ होने के कारण वह राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ भी अपना विजय अभियान जारी रखने में सफल रहेगी। राजस्थान रॉयल्स ने टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत की थी लेकिन पहले चार मैच जीतने के बाद उसने अपनी लय खो दी है। युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन टीम निरंतरता बनाए रखने में सफल नहीं रही है। उसने अब तक जो आठ मैच खेलें हैं उनमें कप्तान पराग का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है जिससे उसके मध्य क्रम पर दबाव बन रहा है। पराग ने अभी तक आठ पारियों में केवल 88 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 112.82 है। हर मैच के साथ उन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। राजस्थान रॉयल्स पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अपने मजबूत स्कोर का बचाव नहीं कर पाया था। उसकी फील्डिंग काफी खराब रही और सनराइजर्स ने 239 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर दिया। पराग ने कहा, 'मुझे लगता है कि हर दिन अलग-अलग मैदान, अलग-अलग मैच और उनसे निपटने के अलग-अलग तरीके होते हैं। अभी हमें नहीं पता कि चंडीगढ़ में क्या होगा। मेरे कहने का मतलब यह है कि उन्होंने दिल्ली में बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया था लेकिन चंडीगढ़ एक नया मैदान है, नई पिच है, नई मिट्टी है। इसलिए उम्मीद है कि मैच उस स्थिति तक नहीं जाएगा।' पंजाब किंग्स ने अपने घरेलू मैदान पर खेले गए पिछले मैच में 254 रन बनाए थे और उसके बल्लेबाज अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। टीम इस प्रकार हैं: पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, हरनूर सिंह, प्रभसिमरन सिंह, मिचेल ओवेन, नेहल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, मार्को यानसन, मुशीर खान, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, लॉकी फर्ग्यूसन, हरप्रीत बराड़, विजयकुमार विशाक, यश ठाकुर, कूपर कोनोली, बेन ड्वार्शुइस, प्रवीण दुबे, विशाल निशाद, पाइला अविनाश, विष्णु विनोद। राजस्थान रॉयल्स: शुभम दुबे, शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रियान पराग (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, क्वेना मफाका, संदीप शर्मा, युद्धवीर सिंह चरक, रवि बिश्नोई, अमन राव पेराला, एडम मिल्ने, कुलदीप सेन, दासुन शनाका, सुशांत मिश्रा, विग्नेश मिश्रा पुथुर, रवि सिंह, ब्रिजेश शर्मा। समय: मैच भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे शुरू होगा।