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ममता बनर्जी का हमला: ‘नफरत की राजनीति को बंगाल में जगह नहीं’—बाबरी मस्जिद मुद्दे पर प्रतिक्रिया

मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के शिलान्यास ने प्रदेश की राजनीति को तेज कर दिया है। यह काम सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूँ कबीर द्वारा किया गया है, ऐसे में भले ही टीएमसी ने उन्हें निलंबित कर दिया है लेकिन भाजपा का निशाना सीधा ममता बनर्जी पर ही है। इसी खींचतान के बीच शनिवार 6 दिसंबर को संहति दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल की सदियों पुरानी सह-अस्तित्व की परंपरा को रेखांकित किया और एकता और सद्भाव की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए याद दिलाया कि बंगाल की पहचान अनेकतावाद में निहित है। बनर्जी ने लिखा, "मैं संहति दिवस/संप्रीति दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई देती हूँ। बंगाल एकता की धरती है, टैगोर, नज़रुल, रामकृष्ण और विवेकानंद की धरती है। यह मिट्टी कभी भी विभाजनकारी ताकतों के सामने नहीं झुकी है और न कभी झुकेगी।" गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस छह दिसंबर को बाबरी मस्जीद गिराए जाने की याद में संहति दिवस मनाती है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन और बौद्ध हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम अपनी खुशियाँ साझा करते हैं क्योंकि हमारा मानना है कि धर्म व्यक्तिगत है, लेकिन त्योहार सभी के लिए हैं। सांप्रदायिक नफरत की आग भड़काने और देश को नष्ट करने वालों के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। आइए, हम सब शांति और सद्भाव बनाए रखें।" गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया जब पार्टी के निष्कासित विधायक हुमायूँ कबीर मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की शैली में एक मस्जिद की आधारशिला रख रहे थे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का उद्देश्य मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे अल्पसंख्यक-बहुल जिलों में अल्पसंख्यक वोट बैंक को मजबूत करना है। इस घटनाक्रम से राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थक और तृणमूल कांग्रेस के समर्थक एक दूसरे के आमने सामने आकर खड़े हो गये हैं। दोनों पक्षों के इस रूख से राज्य के पहले से तनावपूर्ण सांप्रदायिक परिस्थितियों में तनाव और गहरा हो गया है। भाजपा समर्थक संगठन भी अपनी शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। रविवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल धार्मिक समागम आयोजित किया जा रहा है, जहाँ लगभग पाँच लाख लोगों के एकजुट होकर भगवद्गीता का पाठ करने की उम्मीद है। विशेषज्ञ इस कार्यक्रम को आगामी विधानसभा चुनावों के पहले हिंदू मतदाताओं को मजबूत करने के लिए एक बड़े प्रयास के रूप में देख रहे हैं। 'पंच लक्ष कंठे गीतापाठ' (पाँच लाख कंठों से गीता पाठ) नामक यह कार्यक्रम विभिन्न धार्मिक संगठनों की एक छत्र संस्था सनातन संस्कृति संसद द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस सामूहिक पाठ को बंगाल में अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक पाठ बताया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि योग गुरु बाबा रामदेव, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और पद्म भूषण से सम्मानित साध्वी ऋतंभरा मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने वाले हैं। बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने भी इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है। आयोजकों ने हालांकि इस कार्यक्रम को विशुद्ध रूप से धार्मिक पहल बताया है, लेकिन भाजपा की प्रमुख हस्तियों की भागीदारी ने इसके राजनीतिक उद्देश्य के बारे में अटकलों को जन्म दिया है। सूत्रों ने पुष्टि की कि भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी जैसे वरिष्ठ नेताओं के इस आयोजन में शामिल होने की संभावना है। बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखे जाने और भाजपा के व्यापक गीता पाठ कार्यक्रम दोनों के लगभग साथ-साथ होने से बंगाल का राजनीतिक संघर्ष तीव्र हो गया है और प्रत्येक खेमा अपने मूल मतदाताओं को सक्रिय करने के लिए धार्मिक प्रतीकों का उपयोग कर रहा है, क्योंकि जल्द ही राज्य में चुनाव होने वाले हैं। तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर यूनीवार्ता को बताया, "शांति, एकता और साझा सांस्कृतिक जुड़ाव के लिए मुख्यमंत्री का आह्वान बढ़ते ध्रुवीकरण को शांत करने और राज्य के उस दीर्घकालिक विश्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से है कि सामाजिक सामंजस्य ही बंगाल की पहचान को परिभाषित करता है, न कि धार्मिक टकराव।"  

नाइटक्लब में लगी आग ने छीनी 14 कर्मचारियों की जान, गोवा हादसे का भयावह वीडियो वायरल

गोवा गोवा के नाइटक्लब में भीषण आग लगने की वजह से कम से कम 25 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है। इनमें से 14 नाइटक्लब में काम करने वाले लोग थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘गोवा के अरपोरा में आग लगने की घटना बहुत दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजन को खो दिया है। घायल लोगों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘‘गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत जी से स्थिति के बारे में बात की। राज्य सरकार प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रही है।’’ प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘गोवा के अरपोरा में हुए हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’ ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नामक नाइट क्लब में शनिवार आधी रात के बाद आग लग गई। यह नाइट क्लब राज्य की राजधानी पणजी से लगभग 25 किलोमीटर दूर अरपोरा में स्थित है। सावंत ने बताया कि मारे गए अधिकतर लोग क्लब की रसोई में काम करते थे। उन्होंने बताया कि मृतकों में तीन महिलाएं और ‘‘तीन से चार पर्यटक’’ भी शामिल हैं। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि 25 लोगों में से तीन की मौत जलने जबकि अन्य की मौत दम घुटने से हुई। मुख्यमंत्री सावंत ने कहा, ‘‘हम क्लब प्रबंधन और उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन की अनदेखी की।’’ सावंत ने कहा, ‘‘तटीय राज्य में यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना ऐसे समय में हुई है जब बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम घटना की गहन जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’ गोवा पुलिस प्रमुख आलोक कुमार ने बताया कि आग सिलेंडर फटने के कारण लगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय विधायक माइकल लोबो ने कहा, ‘‘परिसर से सभी 25 शव बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें बम्बोलिम में स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है।’’ लोबो ने संवाददाताओं को बताया कि अग्निशमन विभाग और पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और रात भर बचाव कार्य में लगी रहीं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सभी क्लब का अग्नि सुरक्षा ऑडिट करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। विधायक ने कहा कि कलंगुटे पंचायत सोमवार को सभी नाइट क्लब को नोटिस जारी कर अग्नि सुरक्षा अनुमतियां दिखाने करने के लिए कहेगी। उन्होंने कहा कि जिन क्लब के पास आवश्यक अनुमतियां नहीं हैं, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।  

पद्मासन में बैठी गांधी की अनोखी मूर्ति की नीलामी, बोली लगाने वालों में जबरदस्त हलचल

लंदन ब्रिटेन में लंदन के प्रतिष्ठित टैविस्टॉक स्क्वायर में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के शुरुआती डिज़ाइन का एक 27 सेंटीमीटर ऊँचा कांस्य मिनिएचर मॉडल अगले सप्ताह इंग्लैंड में नीलामी के लिए रखा जाएगा। इसकी अनुमानित कीमत 6,000 से 8,000 पाउंड तय की गई है।यह मॉडल पोलिश मूर्तिकार फ्रेडा ब्रिलिएंट द्वारा तैयार उस मूल विज़न का पहला और पूरा रूप माना जाता है, जिसके आधार पर 1968 में ब्लूम्सबरी स्थित टैविस्टॉक स्क्वायर में गांधी प्रतिमा स्थापित की गई थी।  सितंबर 2024 में इसी प्रतिमा के प्लिंथ पर “रेस-एग्रेवेटेड” ग्रैफिटी से निशाना बनाया गया था, जिसे गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से पहले साफ किया गया। वूली एंड वालिस नीलामी घर के अनुसार, फ्रेडा ब्रिलिएंट ने 1949 में गांधी की मूर्ति बनाने का विचार रखा था, लेकिन उन्हें टैविस्टॉक स्क्वायर के स्मारक के लिए 1960 के दशक में नियुक्त किया गया। उन्होंने गांधी की तीन मुद्राओं   खड़े हुए, चलते हुए और बैठी हुई पर काम किया। अंततः ध्यानमग्न पद्मासन मुद्रा को “परंपरागत और अंतरंग” बताते हुए चुना गया। नीलामी में पेश किया जाने वाला मॉडल दो मिनी मैकेट्स में से पहला है। दूसरा मैकेट 2019 में 65,000 पाउंड में बेचा गया था। नीलामी विशेषज्ञ विक्टर फॉवेल ने कहा कि ब्रिलिएंट के काम की बढ़ती प्रतिष्ठा को देखते हुए यह मैकेट संग्रहकर्ताओं के लिए एक “दुर्लभ और महत्वपूर्ण अवसर” है। भारत लीग के समर्थन से बनाई गई यह मूर्ति 1968 में टैविस्टॉक स्क्वायर में स्थापित की गई थी, जो महात्मा गांधी के यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में कानून की पढ़ाई के दिनों की याद दिलाती है। यह प्रतिमा आज भी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धांजलियों का केंद्र रहती है।  

बढ़ी सर्दी की दस्तक: दिल्ली-एनसीआर में तापमान लुढ़का, IMD का नया अपडेट जारी

नई दिल्ली दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के सभी प्रमुख राज्यों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि रविवार का दिन इस साल दिसंबर की सबसे ठंडी सुबह साबित हो सकता है। लगातार गिरते तापमान के चलते शीतलहर का असर तेजी से दिख रहा है। दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। राजधानी में लोग एक तरफ प्रदूषण और दूसरी ओर कड़ाके की ठंड की दोहरी मार झेल रहे हैं। दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है और AQI 333 तक पहुंच गया है। 39 निगरानी स्टेशनों में से 35 ने ‘बहुत खराब’ रीडिंग दर्ज की, जिससे राजधानी घने धुंध और स्मॉग की चपेट में है। आईएमडी की चेतावनी -ठंड और कोहरा दोनों बढ़ेंगे आईएमडी ने बताया कि रविवार सुबह हल्का कोहरा, आंशिक रूप से बादल छाए रहने और घनी धुंध की स्थिति बनी रह सकती है। तापमान 8°C से 23°C के बीच रहने का अनुमान है। दिन में उत्तर-पश्चिम दिशा से 15-20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो तापमान में और गिरावट ला सकती हैं। मौसम विभाग ने अनुमान जताया कि 7 से 8 दिसंबर तक मौसम में धीरे-धीरे सुधार होगा और अधिकतम तापमान 24-26 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 8-10 डिग्री सेल्सियस रहेगा। शनिवार के बाद आसमान साफ रहने की संभावना है। आईएमडी ने आगे बताया कि 10 और 11 दिसंबर को पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की संभावना है। 7 और 8 दिसंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ, 7 दिसंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा झारखंड और ओडिशा के कई इलाकों में भी शीतलहर का असर दिख सकता है। उत्तर प्रदेश में भी गिरा पारा उत्तर प्रदेश में भी कड़ाके की ठंड बढ़ रही है और लोगों की परेशानियां बढ़ा रही है। दिसंबर के पहले सप्ताह में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया। कई जिलों में शीतलहर की स्थिति बनने लगी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यूपी में ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा। लखनऊ के अमौसी स्थित आंचलिक मौसम केंद्र के अनुसार, 6 दिसंबर को पूर्वी और पश्चिमी यूपी के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। राजस्थान में रात का पारा 5 डिग्री तक पहुंचा राजस्थान में भी ठंड बढ़ने लगी है। जयपुर, अजमेर और कोटा में रात का तापमान 10 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जबकि शेखावाटी क्षेत्र के कई हिस्सों में तापमान अभी भी 5 डिग्री से नीचे जाने की संभावना बनी हुई है। दिन के समय तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के ऊपरी हिस्सों से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ गुजर रहा है, जिसका हल्का असर राजस्थान के कुछ इलाकों में देखने को मिल सकता है, हालांकि बारिश की कोई संभावना नहीं है। शाम होने पर तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन ठंड का असर स्थिर बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर में इस मौसम की सबसे ठंडी सुबह दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड ने प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। 5 दिसंबर 2025 को न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की सबसे ठंडी दिसंबर की सुबह रही और सामान्य से 3.9 डिग्री कम रहा। राजधानी घने कोहरे से ढकी रही और AQI 333 तक पहुंच गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। शनिवार सुबह हल्की धुंध के कारण विजिबिलिटी बेहद कम रही। आईएमडी की नई एडवाइजरी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि शीतलहर का प्रभाव कई इलाकों में जारी रहेगा और कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रह सकता है। 5 से 11 दिसंबर तक सुबह के समय धुंध और कोहरा छाए रहने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिमी हवाएं दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में थोड़ी राहत ला सकती हैं, लेकिन ये हवाएं ठंड को और बढ़ा देंगी।  

एयर ट्रैवल पर सरकार की बड़ी घोषणा: जानें 500 किमी से लेकर लंबी दूरी तक के नए फिक्स किराए

नई दिल्ली इंडिगो संकट को लेकर सरकार अब सख्त नजर आ रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस संकट से निपटने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार की ओर से इंडिगो को यात्रियों का पैसा तुरंत वापस करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही सरकार ने दूसरी एयरलाइन के किराये में हुए बेहताशा बढ़ोतरी पर भी लगाम लगा दी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूट्स पर सही और वाजिब किराया सुनिश्चित करने के लिए अपनी रेगुलेटरी पावर का इस्तेमाल किया है। सरकार ने एयरलाइन से कहा कि वह तय हवाई किराये से ज्यादा न लें। घरेलू एयरलाइंस यात्रियों से नीचे बताई गई सीमा से अधिक किराया नहीं वसूल सकती हैं। • 500 किमी तक की दूरी: अधिकतम किराया 7500 रुपये • 500-1000 किमी की दूरी: अधिकतम किराया 12000 रुपये • 1000-1500 किमी की दूरी: अधिकतम किराया 15000 रुपये • 1500 किमी से अधिक की दूरी: अधिकतम किराया 18000 रुपये सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देश सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उपरोक्त किराया सीमाएं लागू उपयोगकर्ता विकास शुल्क, यात्री सेवा शुल्क और करों को छोड़कर हैं। ये किराया सीमाएं बिजनेस क्लास और आरसीएस उड़ानों पर लागू नहीं होंगी। सरकार की ओर से कहा गया है कि किराया सीमाएं तब तक लागू रहेंगी जब तक किराये स्थिर नहीं हो जाते या अगला आदेश जारी नहीं होता। ये किराया सीमाएं सभी प्रकार की बुकिंग पर लागू होंगी, चाहे टिकट एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट से खरीदा गया हो या किसी ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट के प्लेटफॉर्म से। एयरलाइंस सभी श्रेणियों में टिकट उपलब्धता बनाए रखेंगी और आवश्यकता होने पर उन सेक्टरों में क्षमता बढ़ाने पर विचार करेंगी जहां मांग अचानक बढ़ गई हो। सरकार ने आदेश दिया है कि एयरलाइंस रद्दीकरण से प्रभावित सेक्टरों में अचानक या असामान्य किराया वृद्धि से बचेंगी। एयरलाइंस प्रभावित यात्रियों को अधिकतम संभव सहायता प्रदान करेंगी, जिसमें संभव होने पर वैकल्पिक उड़ान विकल्प शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सरकार ने इंडिगो से रद्द उड़ानों के लिए रिफंड प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी करने को कहा इंडिगो की उड़ान बाधित होने से हजारों यात्रियों के प्रभावित होने के बीच नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को एयरलाइन को निर्देश दिया कि रद्द की गई उड़ानों के लिए टिकट के रिफंड की प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी कर ली जाए। सरकार ने साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि यात्रियों के छूटे हुए सामानों को अगले दो दिनों में उन तक पहुंचा दिया जाए। यात्रियों के सामान को घर पहुंचाने के दिए निर्देश इसके अलावा, एयरलाइन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जिन यात्रियों का ट्रैवल प्लान रद्द या प्रभावित हुआ है, उनसे कोई रिशेड्यूलिंग चार्जेस न लिए जाएं। मंत्रालय ने साफ किया कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या नियमों का पालन न करने पर तुरंत नियामक कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया कि एयरलाइन यह सुनिश्चित करे कि उड़ान रद्द होने या देरी के कारण यात्रियों के छूटे हुए सामान का पता लगाया जाए और अगले 48 घंटों के भीतर उन तक पहुंचाया जाए। यात्रियों की सुविधा और शिकायत निवारण को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि वह डेडिकेटेड पैसेंजर सपोर्ट और रिफंड फैसिलिटेशन सेल्स स्थापित करें। इन सेल्स का काम होगा प्रभावित यात्रियों से संपर्क करना और यह सुनिश्चित करना कि वे रिफंड और अन्य ट्रैवल अरेंजमेंट्स के लिए बार-बार फॉलो-अप करने की जरूरत न महसूस करें। मंत्रालय ने कहा कि परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने तक ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम सक्रिय रहेगा। इंडिगो का बयान इंडिगो के परिचालन में आ रही समस्याओं पर एयरलाइन की ओर से शनिवार को बयान जारी किया गया। इस बयान में इंडिगो ने कहा कि एयरलाइन पूरे नेटवर्क में अपने परिचालन को पटरी पर लाने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है।  इंडिगो ने कहा, 'हमारी टीमें शेड्यूल को स्थिर करने, देरी को कम करने और इस दौरान ग्राहकों की मदद करने पर केंद्रित हैं। शनिवार को रद्दीकरण की संख्या 850 उड़ानों से नीचे आ गई है, जो कल की तुलना में काफी कम है। हम अगले कुछ दिनों में इस संख्या को धीरे-धीरे कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं।'

छोटे और सीमांत किसानों के लिए सरकार की योजना, 60 वर्ष की उम्र के बाद मासिक पेंशन 3,000 रुपये

नई दिल्ली   केंद्र सरकार किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना है प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना(PM Kisan Maandhan Yojana), जिसके तहत पात्र किसानों को 60 वर्ष की उम्र के बाद हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन(Farmer pension scheme) दी जाती है। यह योजना ऐसी है जिसमें किसान अपने कामकाज वाले वर्षों में एक निश्चित राशि जमा करते हैं और सरकार भी उतनी ही रकम योगदान के रूप में जोड़ती है। क्या है प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना? यह स्कीम 18 से 40 साल तक के छोटे और सीमांत किसानों के लिए बनाई गई है, जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये तक है। योजना में रजिस्ट्रेशन करने के बाद 60 साल की उम्र पूरी होते ही किसान को फिक्स्ड 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है। कितना करना होगा योगदान? किसानों को 60 वर्ष तक हर महीने 55 रुपये से 200 रुपये के बीच राशि जमा करनी होती है। यह रकम उम्र के हिसाब से तय होती है। 60 साल बाद कैसे मिलता है लाभ? उम्र पूरी होते ही पेंशन का भुगतान शुरू हो जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का प्रबंधन LIC करती है और रजिस्ट्रेशन CSC केंद्रों व राज्य सरकारों के माध्यम से किया जाता है। जिन किसानों के पास 2 हेक्टेयर तक खेती योग्य जमीन है और जिनका नाम 1 अगस्त 2019 तक भूमि रिकॉर्ड में दर्ज है, वे इस योजना के लिए पात्र हैं। 6 अगस्त 2024 तक. 23.38 लाख किसान इससे जुड़ चुके हैं।

वित्त मंत्री ने कहा: कस्टम्स सिस्टम का ओवरहॉल जरूरी, व्यापार और आयात-निर्यात प्रक्रिया होगी सरल

नई दिल्ली  इनकम टैक्ससेशन में बदलाव के बाद अब सरकार का अगला फोकस कस्टम ड्यूटी सिस्टम में बदलाव का है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट (HTLS) 2025 में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बजट 2026 से पहले उनकी अगली बड़ी प्राथमिकता कस्टम्स विभाग में व्यापक सुधार करना है। उन्होंने इसे अपना नेक्स्ट बिग क्लीन-अप असाइनमेंट बताया। बातचीत के दौरान उन्होंने देश की आर्थिक चुनौतियों, सुधारों और आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की। क्या कहा वित्त मंत्री ने? आगामी बजट के संदर्भ में वित्त मंत्री ने कहा कि कस्टम्स सिस्टम का ओवरहॉल अब आवश्यक हो गया है। इससे न केवल व्यापार सुगमता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आयात-निर्यात प्रक्रिया और पारदर्शी व सरल होगी। उन्होंने संकेत दिया कि इस दिशा में बड़े कदम जल्द ही दिखने वाले हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि कस्टम्स विभाग को भी उसी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाया जाए, जैसा बदलाव सरकार ने आयकर प्रशासन में फेसलेस सिस्टम के रूप में लागू किया था। उन्होंने कहा कि पहले आम धारणा थी कि आयकर की दरें समस्या नहीं हैं। असली परेशानी टैक्स प्रशासन के तरीके से होती है, जो कभी-कभी दर्दनाक और कष्टदायक बन जाता था। इसी वजह से टैक्स टेररिज्म जैसी नकारात्मक अभिव्यक्ति प्रचलन में आई। लेकिन अब ऑनलाइन और फेसलेस सिस्टम ने आयकर प्रक्रिया को काफी सहज बनाया है। वित्त मंत्री ने बताई सरकार की सफलताएं इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने समिट में उन प्रमुख बाधाओं का भी जिक्र किया जिन्हें सरकार ने पिछले वर्षों में पार किया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को संभालना, वैश्विक युद्धों के कारण खाद्यान्नों पर पड़ा असर, सीमाई तनाव, चुनावी वर्ष में आवश्यक सरकारी खर्च और जम्मू-कश्मीर के बैंकिंग तंत्र व अर्थव्यवस्था को पुनर्स्थापित करना जैसी बड़ी चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटा गया। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद जिस तरह से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा किया गया, वह सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। आपको बता दें कि समिट में राजनीति और मनोरंजन जगत की बड़ी हस्तियां शामिल होने वाली हैं।

लाखों की सैलरी पर EMI का बोझ, भारतीय परिवारों की जेब रह रही खाली

नई दिल्ली आज के समय में देश का युवा वर्ग तेज़ी से तरक्की कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही एक चिंता भी गहराती जा रही है-युवाओं की आय का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च हो रहा है। कार-बाइक के आसान कर्ज, ऑनलाइन शॉपिंग की इएमआई, क्रेडिट कार्ड, सामाजिक कार्यक्रमों पर खर्च और लाइफस्टाइल को लेकर बढ़ती अपेक्षाओं ने युवाओं को आर्थिक दबाव में धकेल रही हैं। युवाओं ने बताया कि उनकी आधी से अधिक सैलरी ईएमआई में चली जा रही है। जिस वजह से उनकी जेब खाली रह जा रही है। इस पर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते वित्तीय अनुशासन अपनाने की आदत डाल ली जाए, तो युवाओं की यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।  आज के समय हर चीज ईएमआई पर आसानी से मौजूद है। घर से लेकर, स्मार्टफोन, टीवी, बाइक, कार आदि सब ईएमआई पर आसानी से मिल जाते हैं। यही नहीं, जिनके पास क्रेडिट कार्ड है, वे विदेश यात्रा भी ईएमआई पर कर आते हैं। इनमें युवा प्रोफेशनल की संख्या काफी ज्यादा है। उन्हें लगता है कि ईएमआई पर यह सब खरीदना और कर्ज पर लग्जरी लाइफ जीना तरक्की और यह सफलता है। लेकिन कभी-कभी इस चमक के पीछे पैसों का एक बड़ा लीकेज छिपा होता है। Zactor के फाउंडर और सीए अभिषेक वालिया ने ऐसी आदतों को लेकर युवाओं को चेतावनी दी है। सीए अभिषेक वालिया ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने एक क्लाइंट के बारे में बताया है। उन्होंने बताया कि एक क्लाइंट ने उन्हें बड़े गर्व के साथ लग्जरी ट्रैवल और प्रीमियम गैजेट्स की कहानियां सुनाईं। लेकिन जब नंबर्स देखे गए, तो कहानी बिल्कुल अलग थी। उन्होंने कहा कि वह आदमी बहुत कॉन्फिडेंट और खुश था। वह बिजनेस क्लास में सफर करने की बात कर रहा था क्योंकि जिंदगी छोटी है और वह आराम का हकदार है। लेकिन जैसे ही उसके खर्चों का हिसाब-किताब सामने आया, तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई। ईएमआई पर ऐश-ओ-आराम वालिया ने पोस्ट में बताया कि वह शख्स ईएमआई के बोझ से दबा था। दुबई की बिजनेस-क्लास टिकट की कीमत ईएमआई पर 78,500 रुपये थी। उसका लेटेस्ट आईफोन 18 महीने की जीरो-कॉस्ट ईएमआई पर 1,28,000 रुपये का था। हर महीने 22,000 रुपये के प्रीमियम कपड़ों के लिए उसने 'पे-लेटर' प्लान लिया हुआ था। मालदीव की 1.6 लाख रुपये की ट्रिप के लिए भी 94,000 रुपये अभी बाकी थे। करीब आधी सैलरी जितनी ईएमआई उसकी सैलरी 1,15,000 रुपये थी। सिर्फ ईएमआई ही 54,200 रुपये की थी। वह अमीर नहीं जी रहा था। वह अपने भविष्य से एक लाइफस्टाइल उधार ले रहा था। सीए अभिषेक वालिया ने समझाया कि जब हर ऐश-ओ-आराम किश्तों में आता है, तो वह लग्जरी नहीं रह जाती, बल्कि एक लंबा बोझ बन जाती है। असली दिक्कत उस आदमी की पसंद में नहीं थी। दिक्कत उसकी टाइमिंग में थी। वह सब कुछ अभी चाहता था, भले ही उसके फाइनेंस इसके लिए तैयार न हों। जाल से बाहर निकलने के बताए टिप्स इस जाल से बाहर निकलने के लिए सीए अभिषेक वालिया ने उसकी सोच को 'पहले खरीदो' से बदलकर 'पहले बनाओ' कर दिया। नया प्लान सीधा और व्यवस्थित था। हर महीने 20,000 रुपये इमरजेंसी फंड के लिए, 15,000 रुपये एसआईपी में और ट्रैवल सिर्फ बोनस या निवेश से मिले रिटर्न से करना था। धीरे-धीरे, दबाव कम होने लगा। सिर्फ सात महीनों में उसकी ईएमआई 54,200 रुपये से घटकर 18,900 रुपये रह गई। उसकी पहली इंटरनेशनल ट्रिप का पेमेंट उसने पहले ही कर दिया था। उसका सेविंग रेट 8 प्रतिशत से बढ़कर 29 प्रतिशत हो गया। उसने अपनी लाइफस्टाइल कम नहीं की। उसने बस उसे जीने का तरीका बदल दिया। सीए अभिषेक वालिया ने कहा कि बहुत से लोग इसलिए नहीं जूझते क्योंकि वे अच्छी चीजें चाहते हैं। वे इसलिए जूझते हैं क्योंकि वे उन्हें बहुत जल्दी चाहते हैं। दिक्कत लग्जरी में नहीं है। दिक्कत जल्दबाजी में है। क्या है 50-30-20 नियम? आर्थिक विशेषज्ञ ने बताया कि युवाओं को अपनी आय का उचित प्रबंधन करने के लिए 50-30-20 नियम अपनाने की सलाह देते हैं। यह नियम सरल है और हर वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। – 50% – आवश्यक खर्च घर का किराया, खाना, सफर, बिजली-पानी, मोबाइल-इंटरनेट, बीमा और अनिवार्य चीज़ें। – 30% – इच्छाएँ घूमना-फिरना, बाहर खाना, शॉपिंग, मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़े खर्च। – 20% – बचत एवं निवेश पीएफ एसआईपी, आरडी, इमरजेंसी फंड, रिटायरमेंट प्लानिंग आदि। इसी के साथ उन्होंने बताया कि यदि युवा इस नियम को अनुशासन के साथ अपनाएँ, तो न केवल कर्ज कम होगा बल्कि भविष्य सुरक्षित भी होगा। मुश्किल नहीं है, बस अनदेखी की आदत है युवा अक्सर मानते हैं कि वित्त प्रबंधन एक कठिन प्रक्रिया है और केवल बड़े लोगों या विशेषज्ञों का काम है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। अगर सही दृष्टिकोण और थोड़ी योजना अपनाई जाए, तो पैसा संभालना मुश्किल नहीं है। – महीने की शुरुआत में बजट बनाएँ – खर्च लिखने की आदत डालें – क्रेडिट कार्ड का उपयोग सीमित रखें – अनावश्यक सब्सक्रिप्शन खत्म करें – आपातकालीन फंड बनाएँ – डिजिटल ऐप से खर्च नियंत्रित करें कर्ज कम करने के स्मार्ट उपाय – सबसे महंगी ब्याज दर वाले कर्ज पहले चुकाएँ – इएमआई की संख्या न बढ़ाएँ, ब्याज घटाने पर ध्यान दें – क्रेडिट कार्ड के न्यूनतम भुगतान की भूल न करें – बचत में से थोड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में लगाएँ – नई खरीदारी तब तक रोकें, जब तक पुराना कर्ज समाप्त न हो जाए आर्थिक समझ ही असली ताकत है आज के समय में जिस तरह बदलती अर्थव्यवस्था, महँगाई और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, उसमें वित्तीय ज्ञान हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य हो गया है। अच्छा वित्त प्रबंधन करियर की सफलता जितना ही महत्वपूर्ण है। युवा यदि अपनी आदतों में थोड़ा-सा बदलाव लाते हैं, तो भविष्य सुरक्षित, तनावमुक्त और आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। कर्ज, खर्च और दिखावे की संस्कृति मिलकर युवाओं को वित्तीय दबाव में ढकेल रहे हैं। लेकिन यदि 50-30-20 नियम को अपनाया जाए, खर्चों का आकलन किया जाए और बचत को प्राथमिकता दी जाए, तो यह समस्या धीरे-धीरे खत्म हो सकती है।  

हॉस्टल में घुसकर बदमाशों का तांडव, दक्षिण अफ्रीका में गोलियों की बौछार से 11 लोग मारे गए

जोहान्सबर्ग  दक्षिण अफ्रीका में भीषण गोलीबारी की घटना सामने आई है। इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। दक्षिण अफ्रीकन पुलिस सर्विस (एसएपीएस) ने इसकी पुष्टि की है कि शनिवार की सुबह प्रिटोरिया में हुई जानलेवा गोलीबारी में 11 लोग मारे गए और 14 घायल हो गए। शनिवार सुबह प्रिटोरिया के पश्चिम में एटेरिजविले के सॉल्सविले हॉस्टल में हुई इस गोलीबारी मामले में जानकारी देते हुए एसएपीएस ने कहा, "25 लोगों को गोली लगी, 11 की मौत की पुष्टि हुई, 14 लोग बच गए और सभी अस्पताल में भर्ती हैं। दक्षिण अफ्रीकन पुलिस सर्विस ने तीन अनजान संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। मरने वालों में तीन नाबालिग हैं, जिनमें 3 और 12 साल के लड़के और 16 साल की लड़की शामिल है। बाकी मरने वाले वयस्क हैं।" स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह घटना सुबह 4:15 बजे के ठीक बाद हुई, लेकिन पुलिस को सुबह करीब 6 बजे अलर्ट किया गया। स्थानीय मीडिया आउटलेट इंडिपेंडेंट ऑनलाइन ने एसएपीएस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रिगेडियर एथलेंडा मैथे के हवाले से कहा, "हमने तुरंत अपने संसाधन भेजे, जिसमें फोरेंसिक और बैलिस्टिक एक्सपर्ट शामिल थे, जो पहले से ही मौके पर थे।  हमारे डिटेक्टिव और सीरियस एंड वायलेंट क्राइम यूनिट इस बात की जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं कि इस शूटिंग की वजह क्या हो सकती है।" मैथे के बयान का हवाला देते हुए, आईओएल ने बताया कि कम से कम तीन अनजान बंदूकधारी हॉस्टल में घुसे, जहां कुछ लोग शराब पी रहे थे, और उन्होंने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

यात्रियों को राहत! इंडिगो क्राइसिस के बीच एयर इंडिया और एक्सप्रेस ने नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स के किराए किए सीमित

नई दिल्ली  इंडिगो क्राइसिस के बीच एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से शनिवार को साफ किया गया कि कंपनी ने नॉन-स्टॉप घरेलू उड़ानों के इकोनॉमी क्लास के हवाई किराए पर अस्थाई सीमा लगा दी है। एयरइंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने क्लियर किया है कि 4 दिसंबर से नॉन-स्टॉप घरेलू उड़ानों के इकोनॉमी क्लास के हवाई किराए को सक्रिय रूप से सीमित कर दिया गया है ताकि रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम द्वारा लागू किए जाने वाले सामान्य डिमांड-सप्लाई मैकेनिज्म को रोका जा सके।" एयरलाइन ने कहा कि कंपनी को थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म से लिए गए वन-स्टॉप या टू-स्टॉप उड़ानों, इकोनॉमी और प्रीमियम इकोनॉमी के कॉम्बिनेशन या बिजनेस केबिन के लास्ट मिनट के यात्रा कार्यक्रमों के स्क्रीनशॉट की जानकारी है। इस पर एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, "तकनीकी रूप से ऐसे सभी बदलावों को सीमित करना संभव नहीं है, लेकिन हम ऐसे प्लेटफॉर्म पर निगरानी रख रहे हैं।" इसके अलावा, एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से यात्रियों की मदद करने और उनके सामान को जल्द से जल्द उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचाने के लिए क्षमता को बढ़ाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले, नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई थी कि मंत्रालय ने सभी एयरलाइन को आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं कि निर्धारित किराया सीमा का सख्ती से पालन किया जाए। मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि यह कदम इंडिगो के ऑपरेशनल क्राइसिस के बीच सभी प्रभावित मार्गों पर फेयर और रिजनेबल किराया सुनिश्चित करने के लिए के लिए उठाया जा रहा है। मंत्रालय ने इंडिया क्राइसिस के इस मौजूदा समय में फेयर लेवल पर कड़ी निगरानी रखे जाने की भी बात कही। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "मंत्रालय रीयल-टाइम डेटा और एयरलाइनों व ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स के साथ एक्टिव कॉर्डिनेशन के जरिए फेयर लेवल पर कड़ी निगरानी जारी रखेगा। निर्धारित मानकों से हट कर आचरण करने पर व्यापक जनहित में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।"