samacharsecretary.com

चीन का सैन्य दांव: ताइवान के खिलाफ बढ़ती चुनौती, फाइटर जेट्स और नौसैनिक घेरा

ताइवान चीन और ताइवान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। ताइवान के समुद्री क्षेत्रों से लेकर हवाई सीमाओं तक चीनी लड़ाकू विमान और नौसैनिक जहाजों की मौजूदगी देखी जा रही है। इसी क्रम में ताइवान के रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने गुरुवार सुबह (स्थानीय समयानुसार) अपने जलक्षेत्र के निकट तीन चीनी सैन्य विमानों की उड़ानों तथा चार चीनी नौसेना के जहाजों की गतिविधियों का पता लगाया। इनमें एक विमान ने मध्य रेखा को पार करते हुए ताइवान के उत्तरी हवाई रक्षा पहचान क्षेत्र (एडीआईजेड) में प्रवेश कर लिया। एक्स पर जारी एक पोस्ट में एमओडी ने बताया कि सुबह 6 बजे (यूटीसी+8) तक ताइवान के आसपास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के तीन विमानों की उड़ानें और चार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन) के जहाजों की उपस्थिति दर्ज की गई। इनमें एक उड़ान ने मध्य रेखा पार की और उत्तरी एडीआईजेड में दाखिल हो गई। हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जरूरी उपाय कर रहे हैं। दरअसल, पिछले बुधवार को भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय (एमएनडी) ने अपने आसपास दो पीएलए विमानों, चार पीएलएएन जहाजों और एक आधिकारिक चीनी जहाज की गतिविधियां महसूस की थीं। एक्स पर पोस्ट में एमएनडी ने बताया कि सुबह 6 बजे (यूटीसी+8) तक ताइवान के परिवेश में दो पीएलए विमान, चार पीएलएएन जहाज तथा एक आधिकारिक जहाज सक्रिय थे। इनमें दोनों उड़ानें मध्य रेखा को पार कर उत्तरी एडीआईजेड में प्रवेश कर गईं। हमने परिस्थिति की निगरानी की और समुचित कार्रवाई की। यह घुसपैठ चीन के ताइवान पर निरंतर सैन्य दबाव की रणनीति का एक हिस्सा मानी जा रही है, जहां बीजिंग ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा घोषित करता है। ये लगातार होने वाली हवाई व समुद्री अतिक्रमणें ताइवान-चीन संबंधों में उभरते तनाव को रेखांकित करती हैं, जो वर्षों से भू-राजनीतिक विवादों से जूझ रहे हैं। उधर, चीन की परमाणु क्षमताओं में हो रही तेज प्रगति और विविधीकरण ने चिंताएं और बढ़ा दी हैं कि यदि पश्चिमी राष्ट्र ताइवान विवाद में हस्तक्षेप करते हैं, तो बीजिंग उनके खिलाफ 'परमाणु धमकी' या यहां तक कि पूर्ण परमाणु युद्ध का सहारा ले सकता है।

पुतिन की ‘विषकन्या’ पर फिर से लगी नजरें, रूस की लाल बालों वाली हसीना को मिला नया टास्क

रूस रूस की मशहूर जासूस अन्ना चैपमैन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्हें रूस से एक नया और महत्वपूर्ण मिशन सौंपा गया है, और अब वह 'म्यूजियम ऑफ रशियन इंटेलिजेंस' की प्रमुख के पद पर आसीन हो गई हैं। यह म्यूजियम रूस की प्रमुख विदेशी जासूसी एजेंसी SVR (जो पहले KGB के नाम से जानी जाती थी) से सीधे जुड़ा हुआ है। बता दें कि अन्ना चैपमैन (उम्र 43 वर्ष) का वास्तविक नाम 'अन्ना रोमानोवा' है। वह पहले यूनाइटेड किंगडम (UK) की नागरिक थीं। 2010 में अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद वह वैश्विक मीडिया की सुर्खियों में छाई रहीं, लेकिन एक हाई-प्रोफाइल जासूसी अदला-बदली के समझौते के तहत उन्हें मॉस्को वापस भेज दिया गया था। बता दें कि जिस म्यूजियम से अन्ना चैपमैन जुड़ी हैं, वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विदेशी जासूसी एजेंसी SVR के प्रेस कार्यालय के अंतर्गत रजिस्टर्ड है, जो मॉस्को के गोर्की पार्क के निकट स्थित है। इसका उद्देश्य रूसी जासूसी के गौरवशाली इतिहास और 'उपलब्धियों' को जनता के सामने लाना है। SVR के वर्तमान प्रमुख और पुतिन के करीबी सहयोगी सर्गेई नारीश्किन की निगरानी में यह म्यूजियम रूसी जासूसों की विरासत का उत्सव मनाएगा और उनकी सफलताओं को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करेगा। अन्ना चैपमैन कौन हैं? रूस की इस लाल बालों वाली 'ब्लैक विडो' पर पश्चिमी देशों की गोपनीय सूचनाएं हासिल करने का आरोप लगा था। लंदन में उन्हें पहली बार प्रसिद्धि मिली, जहां उनके करिश्माई व्यक्तित्व ने उन्हें प्रभावशाली व्यापारियों, राजनेताओं और हाई-प्रोफाइल लोगों के बीच घुसपैठ करने में सहायता की। 'द सन' अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन में एक रूसी एजेंट ने उनके नेटवर्किंग कौशल पर नजर रखी और उन्हें भर्ती कर लिया। उनकी कहानी इतनी रोमांचक थी कि सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उन्हें मार्वल कॉमिक्स की लोकप्रिय किरदार 'ब्लैक विडो' से तुलना करने लगे। बाद में उन्होंने एलेक्स चैपमैन से शादी के माध्यम से ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त की, हालांकि यह शादी उतनी ही अचानक खत्म हो गई जितनी अचानक शुरू हुई थी। पिछले साल जारी अपनी किताब 'बॉन्डीअन्ना: टू रशिया विद लव' में चैपमैन ने खुद को वास्तविक जिंदगी की महिला जेम्स बॉन्ड (007) के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी खूबसूरती और आत्मविश्वास ने उन्हें शक्तिशाली व्यक्तियों तक पहुंचाने में मदद की। किताब में उन्होंने लिखा कि मुझे मालूम था कि पुरुषों पर मेरा प्रभाव कैसा होगा। प्रकृति ने मुझे उदारतापूर्वक आवश्यक गुण प्रदान किए थे। पतली कमर, उभरी हुई छाती और लहराते लाल बाल। बस, इन गुणों को उभारना था। मैंने सादे लेकिन सेक्सी आउटफिट्स, हल्के मेकअप और सहजता का सहारा लिया। सबसे महत्वपूर्ण, मैंने उन्हें खुश करने की अधिक कोशिश नहीं की। और यह जादू की तरह असरदार साबित हुआ। गिरफ्तारी और अमेरिका से निर्वासन चैपमैन 2010 में न्यूयॉर्क में FBI द्वारा एक रूसी 'स्लीपर सेल' के सदस्य के रूप में पकड़ी गईं। यह एक दशक लंबी जांच का हिस्सा था, जिसमें अमेरिका में अवैध रूप से सक्रिय गुप्तचरों का पर्दाफाश हुआ। हालांकि, बाद में एक जासूसी अदला-बदली के सौदे के तहत उन्हें रिहा कर दिया गया। इस सौदे में ब्रिटेन के डबल एजेंट सर्गेई स्क्रिपल को भी शामिल किया गया था, जो बाद में ब्रिटेन लौटे। रूस लौटने के बाद चैपमैन ने अपनी छवि को नया रूप दिया। उन्होंने एक सफल व्यवसायी के रूप में शुरुआत की और फिर टेलीविजन और सोशल मीडिया पर छा गईं। वह आज भी व्लादिमीर पुतिन की कट्टर समर्थक हैं और अब एक बच्चे की मां हैं। अब वह अपने असली नाम 'अन्ना रोमानोवा' से सार्वजनिक मंचों पर एक्टिव हो रही हैं।

H-1B वीज़ा विवाद तेज़: कानूनी अड़चन के बाद संसद में भी तनाव

वॉशिंगटन  अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा आवेदनों पर शुल्क बढ़ाकर 1 लाख डॉलर करने का अब सत्ता पक्ष और विपक्ष यानी रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों ने विरोध किया है और राष्ट्रपति से इस फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है। अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से नए H-1B वीजा आवेदनों पर लगाए गए नए 1,00,000 डॉलर के शुल्क पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी है कि यह नीति अमेरिकी नवाचार और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचा सकती है। 21 अक्टूबर को वाइट हाउस और वाणिज्य विभाग को भेजी गई चिट्ठी में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों समेत अमेरिसी संसद कांग्रेस के सात सांसदों ने नाराजगी और चिंता जताई है। पत्र में कहा गया है कि वीजा पर लगाया गया भारी भरकम शुल्क शुरुआती स्तर के नियोक्ताओं और छोटी कंपनियों, खासकर उन कंपनियों पर विपरीत प्रभाव डालेगा जो अभी तक लाभ कमाने वाली कंपनियों के दायरे में नहीं आ सकी हैं। चिट्ठी में कहा गया है कि नया वीजा शुल्क स्टार्टअप्स और छोटी कंपनियों को तबाह कर सकता है क्योंकि ये कंपनियां बड़ी कंपनियों की तरह भारी वीजा शुल्क का बोझ वहन नहीं कर सकती हैं। सांसदों ने ये चिट्ठी तब लिखी है, जब ट्रंप प्रशासन का यह कदम पहले ही कानूनी अड़चनें झेल रहा है। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने वीजा आवेदनों पर लगाए गए शुल्क के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिस पर अभी सुनवाई जारी है। किस-किस ने किए चिट्ठी पर दस्तखत दरअसल, यह भारी भरकम शुल्क वीज़ा कार्यक्रम की निगरानी को कड़ा करने और उसमें सुधार लाने की रिपब्लिकन की योजना के तहत लाया गया था लेकिन यह विवादों में घिर गई है।न्यूजवीक की रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप को भेजे गए पत्र पर कैलिफोर्निया के सांसद सैम लिकार्डो, कैलिफोर्निया के सांसद जे ओबरनोल्टे, फ्लोरिडा की सांसद मारिया एल्विरा सलाजार, नेब्रास्का के सांसद डॉन बेकन, वर्जीनिया के सुहास सुब्रमण्यम और एरिजोना के ग्रेग स्टैंटन ने हस्ताक्षर किए हैं। प्रतिस्पर्धा कमजोर होगी दोनों दलों के सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप को लिखी चिट्ठी में कहा, “हम इस बात से सहमत हैं कि एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम में सुधार किया जा सकता है और इस प्रणाली को अमेरिका के मूल्यों और कार्यबल की ज़रूरतों के साथ बेहतर ढंग से संरेखित करने के लिए उसमें सुधार जरूरी है। साथ ही, हम इस बात से भी चिंतित हैं कि एच-1बी वीज़ा आवेदनों से संबंधित हालिया घोषणा अमेरिकी नियोक्ताओं के लिए गंभीर चुनौतियाँ पैदा करेगी और कुल मिलाकर हमारी प्रतिस्पर्धात्मकता को कमजोर करेगी।” द्विदलीय समाधान योजना पर जोर सांसदों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी कंपनियों को आवश्यक प्रतिभाएँ नहीं मिल पातीं हैं, तो कई उच्च कुशल कर्मचारी भारत, चीन, इजरायल या यूरोप जैसे देशों में वापस लौटकर ऐसी कंपनियाँ शुरू कर सकते हैं जो सीधे अमेरिकी कंपनियों से मुकाबला करेंगी। सांसदों ने चिट्ठी में ट्रंप प्रशासन को आव्रजन सुधार के लिए द्विदलीय समाधान पर जोर देने के लिए आमंत्रित किया है।

टीटीपी का सीधे शब्दों में चैलेंज — अगर मां का दूध पिया है तो आकर लड़ो: आसिम मुनीर ललकारे गए

काबुल अफगानिस्तान और पाकिस्तान में तनाव चरम पर है। भले ही सीजफायर को आगे बढ़ाया गया हो, लेकिन बीच-बीच में संघर्ष के मामले सामने आ ही जाते हैं। इस बीच, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP या पाकिस्तानी तालिबान) ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर को धमकी दी है। पाकिस्तानी तालिबान ने मुनीर से कहा है कि अगर तुम मर्द हो तो हमारा सामना करो। टीटीपी के सामने आए वीडियोज में उसके कमांडर का कहना है कि मुनीर को अपने सैनिकों को मरने के लिए भेजने के बजाए, अपने टॉप अधिकारियों को जंग के मैदान में भेजना चाहिए। खबर के अनुसार, तमाम वीडियोज में आठ अक्टूबर को खैबर पख्तनूख्वा के कुर्रम इलाके में हुए हमले के फुटेज भी शामिल हें। इसमें टीटीपी ने 22 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया था, जिससे हड़कंप मच गया। हालांकि, पाकिस्तान ने संख्या को छिपाते हुए सिर्फ 11 सैनिकों के मारे जाने की ही बात स्वीकारी। एक वीडियो में टीटीपी का सीनियर कमांडर जिसकी पहचान कमांडर काजिम से हुई है, वह पाकिस्तानी आर्मी चीफ मुनीर को धमकी देते हुए दिखाई दे रहा। वीडियो में काजिम कहता है, ''अगर तुम मर्द हो तो हमारा सामना करो।'' वीडियो में आगे कहता है कि अगर तुमने अपनी मां का दूध पिया है, तब हमसे लड़ाई करो। इस वीडियो से पाकिस्तानी सेना में दहशत व्याप्त हो गई है। पाकिस्तान ने काजिम पर दस करोड़ (पाकिस्तानी रुपये) का इनाम रख दिया है। माना जा रहा है कि काजिम हाल ही में पाक सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर की हत्या में शामिल था। पाकिस्तान के एक अधिकारी ने बताया कि काजिम, जो कुर्रम जिले का रहने वाला है, पाराचिनार जा रहे मिलिट्री काफिलों और शिया समुदाय की गाड़ियों पर हमलों के पीछे भी था। उस पर कुर्रम के डिप्टी कमिश्नर जावेदुल्लाह महसूद की हत्या की कोशिश की साज़िश रचने का भी आरोप है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते 2023 से ही खराब हैं, लेकिन अब ज्यादा तनाव पैदा हो गया है। इस्लामाबाद ने बार-बार इस बात पर चिंता जताई है कि आतंकवादी बॉर्डर पार से हमले करने के लिए अफगान जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

छठ पूजा में बढ़ी IRCTC की डिमांड, यात्री नहीं ले जा रहे घर का बना खाना

नई दिल्ली  छठ पूजा के कारण इस समय उत्तर भारत जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ है। इस दौरान ट्रेन यात्रा को लेकर एक नया ट्रेंड सामने आया है। लंबी यात्रा पर जा रहे यात्री अब घर से खाना ले जाने के बजाय IRCTC की ई-कैटरिंग सेवा से भोजन ऑर्डर करना पसंद कर रहे हैं। इस बढ़ती डिमांड के कारण IRCTC की बेस किचन में अब दोगुना खाना बनाया जा रहा है। IRCTC मील बुकिंग ने तोड़ा रिकॉर्ड आईआरसीटीसी की ई-कैटरिंग सेवा इस त्योहारी सीजन में यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गई है: सामान्य बुकिंग: अप्रैल से सितंबर 2025 तक, IRCTC द्वारा रोजाना औसतन 1 लाख से ज्यादा मील बुक किए गए। त्योहारी सीजन में बढ़ोतरी: छठ के त्योहारी सीजन में यह संख्या बढ़कर रोजाना 1.84 लाख भोजन बुकिंग तक पहुंच गई है। इस बढ़ी हुई डिमांड ने लंबी यात्राओं में यात्रियों को बेहतर और स्वादिष्ट भोजन का विकल्प दिया है। अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड्स का मेन्यू और सुविधा IRCTC की इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत इसका विस्तृत मेन्यू है, जिसमें बाजार के हिसाब से कीमतें और ढेर सारे विकल्प शामिल हैं: मेन्यू के विकल्प: यात्री भारतीय व्यंजनों से लेकर पिज्जा जैसे फास्ट फूड तक चुन सकते हैं। शामिल ब्रांड्स: मैकडॉनल्ड्स, डोमिनोज, केएफसी, पिज्जा हट, बीकानेरवाला, हल्दीराम, बिरयानी बाय किलो, फासूस, बेहरोज बिरयानी, ला पिनोज पिज्जा, लंचबॉक्स, ओवन स्टोरी और स्वीट ट्रुथ जैसे बड़े और प्रसिद्ध फूड ब्रांड्स इस सेवा से जुड़े हैं। Zomato और Swiggy से भी करार IRCTC ने यात्रियों को और अधिक रेस्तरां विकल्प देने के लिए फूड एग्रीगेटर्स जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) के साथ भी करार किया है। यात्री IRCTC की ई-कैटरिंग वेबसाइट या 'फूड ऑन ट्रैक’ ऐप के माध्यम से आसानी से अपना भोजन ऑर्डर कर सकते हैं। आगे का लक्ष्य आईआरसीटीसी भविष्य में इस सेवा का विस्तार करने और मेन्यू में और प्रसिद्ध फूड ब्रांड्स को शामिल करके खाने की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की योजना बना रहा है। यह पहल भारतीय रेलवे की यात्रियों को बेहतर और आरामदायक सफर देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

भारत में ऐसा नहीं होता… — ब्राजीलियन एक्ट्रेस के बोलते ही छिड़ी बहस, वीडियो वायरल

नई दिल्ली एक्ट्रेस और ट्रैवल इन्फ्लुएंसर शेनाज ट्रेजरी ने महिलाओं की शारीरिक आजादी और सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। उन्होंने अपनी हालिया ब्राजील यात्रा का एक वीडियो शेयर किया जिसमें वो एक कैजुअल बिकिनी टॉप, बैकपैक और चौड़ी धारी वाली टोपी पहने हुए सड़कों पर बेफिक्री से साथ घूमती नजर आ रही हैं। शेनाज ने वीडियो के साथ एक कैप्शन भी लिखा, जिसमें कहा, "ब्राजील में बिना किसी की नजर या आलोचना का सामना किए आजादी से घूमना कितना अलग लगता है। ब्राजील में, शरीर बस शरीर ही होता है। भारतीय महिलाओं को यह अनुभव करना चाहिए कि लोगों की आलोचनाओं या घूरने से आजादी का एहसास कैसा होता है। यहां एक महिला होना सुरक्षित और आजाद लगता है। हो सकता है कि मेरा फोन सुरक्षित न हों, लेकिन मेरा शरीर सुरक्षित है।" 'सोचिए अगर मैं दिल्ली या मुंबई में ऐसे…' अपने वीडियो में उन्होंने भारत में अपने अनुभवों से इसकी तुलना करते हुए कहा, "सोचिए अगर मैं दिल्ली या मुंबई में ऐसे चलती हूं, तो वाह। उन्होंने ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे भारत में महिलाओं को अक्सर उनके पहनावे के आधार पर जांच और अनचाहा ध्यान का सामना करना पड़ता है।" शेनाज के वीडियो पर इंटरनेट पर छिड़ी बहस शेनाज का यह वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुआ, तुरंत ही यूजर्स के रिएक्शन की बाढ़ आ गई। किसी ने उनका समर्थन किया तो किसी ने आजादी की उनकी व्याख्या पर सवाल उठाए। एक यूजर ने अपनी निजी राय साझा करते हुए लिखा, "गोवा में बिना कपड़ों के घूमने, पानी में आजादी से कूदने और ठंडे पानी को अपनी त्वचा पर छूने देने, समुद्र तटों पर दौड़ने और ताजी हवा को अपने शरीर पर महसूस करने के बाद, मैं सोचने लगा कि क्या मेरी पत्नी भी गोवा में उतना ही आनंद लेती है जितना मैं लेता था। नहीं। वह हमेशा टी-शर्ट पहने रहती है, यहां तक कि जब वह समुद्र में भी जाती है। हमारी त्वचा आजादी की हकदार है।" 'आजादी' शब्द को किस स्तर तक गिरा दिया- यूजर एक अन्य यूजर ने आलोचनात्मक रुख अपनाते हुए टिप्पणी की, "हमने 'आजादी' शब्द को किस स्तर तक गिरा दिया है!" समर्थकों ने शेनज का बचाव करते हुए कहा कि उनकी पोस्ट कपड़ों के चुनाव से ज्यादा सुरक्षा और सम्मान के बारे में थी। एक यूजर ने लिखा , "कमेंट में सभी नाराज पुरुष और यहां तक कि महिलाएं भी उनकी बात को साबित कर रही हैं। उनका मतलब यह नहीं है कि नग्नता आजादी है। उनका मतलब है कि वह जो चाहें पहन सकती हैं और कोई भी उन्हें कभी छेड़ेगा या परेशान नहीं करेगा। लड़की को जीने दो, भगवान।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "लोग इतने भड़के हुए क्यों हैं? यहां वह बता रही हैं कि कैसे वे अपने काम से काम रख रहे हैं, यह भी नहीं देख रहे कि वह क्या पहन रही हैं, और हां, यही आजादी है!" दूसरी ओर, कुछ लोग इससे सहमत नहीं थे। एक सोशल मीडिया यूजर ने कहा, "आजकल लोग यह विचारधारा क्यों फैला रहे हैं कि जितना कम पहनोगे, उतनी ही आजादी होगी? यह आजादी नहीं है।"

क्या दुनिया परमाणु संघर्ष की कगार पर? रूस ने बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास किया

रूस  वैश्विक तनाव के बीच रूस ने बुधवार को अपनी परमाणु क्षमताओं का व्यापक परीक्षण किया, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर संकेत माना जा रहा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी में रूसी सेना ने ज़मीन, समुद्र और वायु से अपने रणनीतिक परमाणु बलों की ताकत आजमाई। इस अभ्यास में ‘यार्स’ नामक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को प्लेसात्स्क स्टेट टेस्ट कॉस्मोड्रोम से कमचटका के कूरा रेंज की ओर सफलतापूर्वक दागा गया। इसके अलावा, बारेंट्स सागर में तैनात परमाणु-संचालित पनडुब्बी ब्रायंस्क से ‘सिनेवा’ बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया गया। लंबी दूरी के बमवर्षक Tu-95MS विमानों ने भी इस अभ्यास में हिस्सा लिया और हवा से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइलें लॉन्च कीं। रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने बताया कि इस ड्रिल का उद्देश्य कमांड और कंट्रोल सिस्टम की तत्परता का परीक्षण और रणनीतिक बलों की परिचालन क्षमता का आकलन करना था। सभी निर्धारित लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त किए गए, जिससे रूस की परमाणु हमले की तत्परता को बल मिला है। यह अभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन में जारी संघर्ष और अमेरिका के साथ कूटनीतिक तनाव के कारण रूस और अमेरिका के बीच वार्ता ठप पड़ी है। खासकर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीच की बैठक रद्द हो जाने के बाद, इस तरह के परमाणु परीक्षण से वैश्विक मंच पर नये तनाव पैदा होने की संभावना बढ़ गई है।   विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम रूस की तरफ से शक्ति प्रदर्शन है, जो उसके रणनीतिक सुरक्षा हितों को लेकर गंभीरता दर्शाता है। वहीं, कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इस स्थिति को चिंताजनक मान रहे हैं क्योंकि इससे वैश्विक परमाणु शस्त्रागार का पुनः सक्रिय होना और एक परमाणु दौड़ की संभावना बढ़ सकती है। यूक्रेन युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक मतभेदों के बीच इस अभ्यास ने एक बार फिर से दुनिया के लिए चेतावनी भरा संदेश भेजा है – कि परमाणु हथियारों का खतरा आज भी खत्म नहीं हुआ है, और इसके दुष्परिणाम बेहद विनाशकारी हो सकते हैं। क्या यह सिर्फ एक प्रदर्शन है या कहीं विश्व युद्ध का खौफनाक दौर फिर से शुरू होने वाला है? समय ही बताएगा।

पंजाब में टमाटर का बोझ बढ़ा, आम घरों के लिए बन गया महंगा फल

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में टमाटर अब आम सब्जी से हटकर महंगे और दुर्लभ सामान में तब्दील हो गया है। कराची, इस्लामाबाद और लाहौर जैसे बड़े शहरों में टमाटर की कीमतों में अचानक भारी उछाल आया है, जहां एक किलो टमाटर 700 रुपए तक बिक रहा है। कुछ ही हफ्ते पहले तक टमाटर की कीमतें मात्र 100 रुपए प्रति किलो थीं। इस तेजी से बढ़ती कीमत ने न सिर्फ रसोईयों का बजट बिगाड़ दिया है बल्कि रोज़ाना के खाने के स्वाद पर भी गहरा असर डाला है। आपूर्ति प्रणाली में गड़बड़ी ने बढ़ाई कीमतें टमाटर की बढ़ती कीमतों के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण स्थानीय सप्लाई चेन का टूट जाना बताया जा रहा है। हाल ही में आई बाढ़ से फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे बाजार में टमाटर की कमी हो गई है। साथ ही, अफगानिस्तान के साथ व्यापारिक संबंधों में आई रुकावट ने सप्लाई को और प्रभावित किया है। पाकिस्तान अफगानिस्तान से टमाटर के इम्पोर्ट पर निर्भर था, लेकिन हाल ही में सैन्य झड़पों के चलते बॉर्डर पर ट्रकों का आना बंद हो गया है, जिससे बाजार में सामान की कमी और बढ़ गई है। इसके अलावा भारत के साथ भी व्यापार बंद होने के कारण कई वस्तुओं की कीमतें पहले से बढ़ी हुई हैं। सब्जियों की कीमतों में वर्षों से जारी तेजी पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, सब्जियों की कीमतों में कई वर्षों से बढ़ोतरी हो रही है और टमाटर तो अब चिकन से भी ज्यादा महंगा हो गया है। कीमतों में अंतर शहरों के हिसाब से भी देखा जा रहा है। उदाहरण के लिए, पंजाब के झेलम में टमाटर 700 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, वहीं गुजरांवाला में 575 रुपए, फैसलाबाद में हाल ही में 160 से बढ़कर 500 रुपए और मुल्तान में लगभग 450 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। जबकि आधिकारिक रेट केवल 170 रुपए है। लाहौर में होलसेल रेट करीब 400 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया है। अफगान बॉर्डर बंद होने का असर क्वेटा-पेशावर तक पहुंचा अफगानिस्तान बॉर्डर बंद होने की वजह से क्वेटा और पेशावर जैसे प्रमुख बाजारों में भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सैन्य टकराव के बाद अफगान ट्रक पूरी तरह सप्लाई के लिए नहीं आ रहे हैं। ईरान से कुछ हद तक सप्लाई जारी है, लेकिन अफगान बॉर्डर बंद रहने के कारण बाजारों में लगातार दाम बढ़ रहे हैं और स्थिति गंभीर होती जा रही है।

तूफान अलर्ट: 23 से 26 अक्टूबर तक इन 4 राज्यों में भारी बारिश, बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी स्कूल बंद

नई दिल्ली  23 से 26 अक्टूबर तक कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। पूर्वोत्तर मानसून की सक्रियता के चलते तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश समेत कई दक्षिणी राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं और प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। आइए जानें इस मौसमी स्थिति के बारे में विस्तार से।  दक्षिणी भारत में पूर्वोत्तर मानसून ने अपनी पूरी ताकत दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है और धान की फसलें जलमग्न हो गई हैं। मौसम विभाग (IMD) ने तमाम प्रभावित इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए हाई अलर्ट मोड में सभी विभागों को सतर्क रहने को कहा है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में बारिश का कहर जारी है, जहां सुरक्षा को देखते हुए सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। चेन्नई के अलावा तंजावुर, तिरुवारुर, नागपट्टिनम, कडलूर, विलुपुरम, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और कारैकल जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। बुधवार को इन इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई। केमबरमबक्कम, पुझल (रेड हिल्स) और पूंडी बांध से अतिरिक्त जल निकासी की जा रही है ताकि शहर में बाढ़ की स्थिति न बन सके। चेन्नई नगर निगम ने राहत कार्यों को मजबूत करते हुए 106 राहत रसोईयों की व्यवस्था की है। ओडिशा भी भारी बारिश की मार झेल रहा है, जहां अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ तेज आंधी-तूफान के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग ने बताया कि यह अचानक मौसम में बदलाव दो लगातार बन रहे निम्न दबाव क्षेत्रों की वजह से हो रहा है। पुरी, खोरधा, नयागढ़, गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और नबरंगपुर जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तिरुपति में बुधवार को हुई जोरदार बारिश से कई सड़कों पर दो से तीन फुट तक पानी जमा हो गया। प्रकाशम, नेल्लोर, कडप्पा, अन्नमय्या, तिरुपति और चित्तूर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है और राज्य आपदा प्रबंधन बल (SDRF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर बढ़ता जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और मनाली में बर्फबारी हुई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति के टैबो में न्यूनतम तापमान माइनस 0.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे ठंडा स्थान है। हिमाचल के विभिन्न इलाकों में हल्की बारिश भी हुई है। मनाली में 12 मिमी, भरमौर में 11.5 मिमी, कीलॉन्ग में 6 मिमी, भुंतर में 3.6 मिमी, सेओबाग में 4 मिमी, पलमपुर में 2 मिमी और कुकुमसेरी में 1.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।

सिख सैनिकों की दाढ़ी-मूंछ पर टिप्पणी से मचा बवाल, अमेरिकी मंत्री पर राजनीतिक दबाव

वाशिंगटन  अमेरिका में सिख समुदाय के सैनिकों की चिंताओं को उजागर करते हुए एक प्रमुख सांसद ने रक्षा मुख्यालय पेंटागन से अपील की है कि वह सभी सैन्य कर्मियों के दाढ़ी-मूंछ मुंडवाने की अनिवार्यता संबंधी नीति पर पुनर्विचार करे। उन्होंने कहा कि बाल और दाढ़ी न कटवाना सिख धर्म का मूल सिद्धांत है। अमेरिकी कांग्रेस सदस्य थॉमस आर. सुवोजी ने हाल ही में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को लिखे पत्र में कहा कि सिखों ने पहले और दूसरे विश्व युद्ध सहित पीढ़ियों से अमेरिकी सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘सिखों के लिए देश की सेवा करना एक पवित्र कर्तव्य है, जो ‘संत-सिपाही' आदर्श का प्रतीक है। सिख धर्म में केश न काटना और दाढ़ी रखना ईश्वर के प्रति भक्ति का प्रतीक है।'' सुवोजी ने कहा कि सैन्य अनुशासन और वर्दी मानकों का महत्व है लेकिन धार्मिक या चिकित्सीय आधार पर छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिख, मुस्लिम और अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय के कुछ सदस्य चिंतित हैं कि यदि ‘‘दाढ़ी प्रतिबंध'' बिना किसी अपवाद के लागू हुआ, तो वे सेना में सेवा नहीं कर पाएंगे।   पिछले महीने अमेरिकी जनरल और अधिकारियों को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने कहा था, ‘‘हम अपने बाल कटवाने जा रहे हैं, दाढ़ी मुंडवाने जा रहे हैं और मानकों का पालन करने जा रहे हैं… गैर-पेशेवर दिखने का युग खत्म हो गया है। अब दाढ़ी वाले लोग नहीं रहेंगे।'' यह अपील ऐसे समय में की गयी है जब सुवोजी और रिपब्लिकन सांसद यंग किम ने पिछले सप्ताह द्विदलीय भारतीय-अमेरिकी विरासत प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव दिवाली के उपलक्ष्य में पेश किया गया। यह प्रस्ताव भारतीय-अमेरिकियों के योगदान की प्रशंसा करता है और विविध धार्मिक समुदायों के खिलाफ नफरत व हिंसा की घटनाओं की निंदा करता है।