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भरभराती बारिश: राजस्थान में तबाही, मुंबई की फ्लाइट्स भी प्रभावित

नई दिल्ली देश के अधिकतर राज्य इन दिनों मॉनसून के कहर से जूझ रहे हैं. पहाड़ी इलाकों से पानी नीचे आ रहा है, जो सब कुछ बहा ले जाने को तैयार है. वहीं मैदानी इलाकों की नदियां उफान पर हैं, जो बाढ़ की स्थिति पैदा कर रही हैं और सबकुछ डुबोने को तैयार हैं. पड़ोसी राज्य पाकिस्तान में भी बाढ़ के हालात हैं, जिसका असर जम्मू में देखने को मिल रहा है. जम्मू में हालात खराब जम्मू कश्मीर में बारिश और बाढ़ से नदियां उफान पर हैं. कई घर डूब गए हैं और रास्ते बंद हो गए हैं. कठुआ में हालात सबसे ज्यादा खराब है. यहां सैलाबी प्रहार से जबरदस्त तबाही मची है. महानपुर में एक पुराना प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग बारिश से बह गई. गनीमत ये है कि अब ये चालू हालात में नहीं था. हिमाचल में लैंडस्लाइड से भारी तबाही हिमाचल के अलग अलग शहरों में लैंडस्लाइड से भारी तबाही की खबर है. जगह जगह पहाड़ टूटने से सड़कों पर मलबा है. साथ ही बादल फटने से कई इलाके सैलाब की चपेट में हैं. उत्तरखंड के भी कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं. मौसम विभाग ने कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. हर्षिल में फिर भारी बारिश से तेलगाड नदी में उफान हर्षिल में फिर भारी बारिश से तेलगाड नदी उफान पर आ गई है, जिसके चलते पूरे बाजार और गांव को खाली कराया जा रहा है. भारी बारिश से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी में लगातार बड़े बोल्डर आने से भागीरथी का प्रवाह रुकने और झील का जलस्तर बढ़ने का खतरा है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से होटलों, आवासीय भवनों, जीएमवीएन गेस्ट हाउस और पुलिस थाने को खाली कराया है. पंजाब में जबरदस्त सैलाब पंजाब के भी कुछ हिस्से बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं. पठानकोट और आसपास के इलाकों में जबरदस्त सैलाब की मार है. अलग अलग जगहों पर नदियां उफान पर हैं और लोगों की जिंदगी दांव पर है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश से 14 लोगों की जान गई है. प्रदेश सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ़ से जारी आंकड़ों के अनुसार इस मॉनसून में अब तक 91 लोगों की जान गई है और 51 लोग घायल हुए हैं जबकि 40 मकान गिरे हैं. वहीं 51 पशुओं की भी मौत हो गई है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में गई14 लोगों की जान रविवार को उदयपुर के गाँव में 4 बच्चे डूब कर मर गए हैं. वहीं झालावाड़ में कालीसिंध नदी पर घूमने आए दो लोग कार समेत बह गए. नागौर में मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. डीडवाना में मकान ढहने 2 लोग दब गए, सुल्तानपुर में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा बूँदी में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हुई है.  राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार इस मॉनसून में आकाशीय बिजली गिरने से 24 लोगों की मौत हुई है और 16 लोग घायल हुए हैं जबकि पानी में बहने और डूबने से 44 लोग मरे हैं. दीवार गिरन से अबतक कुल 23 लोग मरे हैं और 35 लोग घायल हुए हैं. राजस्थान में आज भी भारी बारिश का अलर्ट है. सवाई माधोपुर में बारिश के तांडव से जल प्रलय सबसे ज्यादा प्रभावित राजस्थान के सवाई माधोपुर में बारिश के तांडव से पूरे इलाके में जल प्रलय से जैसे हालात हो गए हैं. यहां सड़कें डूबी हैं. लोगों के घर-अस्पताल-दुकान-स्कूल सब पानी में समा गए हैं. सीकर में भी अलसुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. भारी बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं. सीकर में पुलिस चौकी में भी भरा पानी जगह-जगह जलभराव के चलते आमजन को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सीकर के बस डिपो स्थित पुलिस चौकी भी पूरी तरह से बारिश के पानी से भर गई. चौकी के अंदर तक पानी भर जाने के कारण वहां रखे कई जरूरी दस्तावेज भी भीग गए, जिससे पुलिस कर्मचारियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. नवसारी में तीन लोग बाढ़ में फंसे गुजरात के नवसारी में भी ऊपरी इलाके में हुई बारिश के चलते मिंढोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे तीन लोग बाढ़ में फंस गए. 24 घंटे से लापता लोगों की सूचना मिलते ही मरोली पुलिस के जवानों और गाँव के सरपंच समेत लोगों ने ड्रोन की मदद से खोज की तो तीनों लोग पानी के बीच सुरक्षित दिखाई दिए. बचाव अभियान चलाकर नाव की मदद से तीनों लोगों को सुरक्षित निकाला. मुंबई में फिर शुरू हुई बारिश मुंबई में भी एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. लोअर परेल, गांधी मार्केट समेत कई इलाके जलमग्न हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण हवाई यातायात भी प्रभावित हो रहा है, जिससे उड़ान संचालन में मामूली देरी हो रही है. इंडिगो ने इसके लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है.    

जहां सस्ती डील, वहां से तेल खरीदेंगे: US से टैरिफ पर भारत की स्थिति

नई दिल्ली भारत की तेल खपत इस समय दुनिया का सबसे बड़ा बातचीत का मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका भारत की रूसी तेल खरीद पर अपनी नाराजगी जता रहा है, तो वहीं भारत ने भी साफ तौर पर कह दिया है कि यह उसकी मर्जी के ऊपर है कि वह कहां से तेल खरीदेगा। इस पर और सफाई से अपनी बात रखते हुए रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा है कि भारतीय कंपनियों को जहां भी बेहतर डील मिलेगी, वहां से तेल खरीदना जारी रखा जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने रूसी तेल खरीद के लिए अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ को गलत बताया। रूसी समाचार एजेंसी ताश को दिए इंटरव्यू में विनय ने कहा कि भारत अपने 1.4 अरब लोगों की हितों का पूरी तरह से ध्यान रखेगा। उन्होंने भारतीय सरकार का स्टैंड साफ करते हुए बताया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के बाद भी सरकार भारतीयों के हितों को साधने में पीछे नहीं हटेगी और राष्ट्रीय हित को हमेशा ही प्राथमिकता देगी। विनय ने कहा, "सबसे पहले, हमने (सरकार) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारा उद्देश्य भारत के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों का ध्यान रखना है। इसके अलावा रूस और कई अन्य देशों के साथ मिलकर वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता लाने में मदद करना है। इसलिए हमारे ऊपर रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिका की तरफ से जो टैरिफ या जुर्माना लगाया गया है वह पूरी तरह से अनुचित, अविवेकपूर्ण और गलत फैसला है। हमारी सरकार ऐसा कोई कदम उठाने में पीछे नहीं हटेगी, जो की देश राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में हो।" कुमार ने कहा कि विश्व का कोई भी व्यापार बेहतर डील और आर्थिक हालात को देखते हुए होता है। इसलिए यदि बेहतर डील और आयात के आधार पर जो सही है वह किया जा रहा है। भारतीय तेल कंपनियों को जहां से भी बेहतर सौदा मिल रहा है वह वहां से खरीदारी करना जारी रखेंगी। वर्तमान स्थिति यही है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच में व्यापार आपसी समझ और दोनों तरफ के लोगों की आम भावनाओं को आधार पर है। यह दोनों देशों की भलाई के लिए है और यह पूरी तरह से बाजार के ऊपर भी है। विनय कुमार का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की तरफ से 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है। इससे भारत के ऊपर टैरिफ 50 फीसदी हो गया है। हालांकि भारत ने इस मुद्दे पर अमेरिका के फैसले को दो मुंहा व्यवहार बताया था। इतना ही नहीं विदेश मंत्रालय ने कहा था कि चीन और यूरोप और खुद अमेरिका भी रूस से व्यापार कर रहा है। यह अमेरिका का दोहरा रवैया है जो कि पूरी तरह से गलत है। कुछ दिन पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने भी भारत के स्टैंड को साफ करते हुए कहा था कि हम हमारी व्यापार नीति, किसानों के हितों और संप्रभुता को लेकर कोई समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। इन हितों को साधने के लिए सरकार को जो करना पड़ेगा सरकार करेगी।

असिस्टेंट प्रोफेसर की सैलरी पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतराज, गाने को भी बताया बेकार

नईदिल्ली  देश में शिक्षकों की स्थिति पर बड़ी टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर उन्हें सम्मानजनक वेतन भी नहीं मिल पा रहा है तो फिर 'गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वरा' गाना ही बेकार है। गुजरात सरकार की आलोचना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कॉन्ट्रैक्चुअल असिस्टेंट प्रोफेसर को मात्र 30 हजार रुपये की सैलरी दी जा रही है, जबकि ऐड हॉक और रेग्युलर असोसिएट प्रफेसर का वेतन 1.2 से 1.4 लाख रुपये के बीच है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा, जो शिक्षक हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करते हैं और उन्हें आने वाले समय के लिए तैयार करते हैं, उनके साथ ही इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बेंच ने कहा, किसी भी देश के लिए शिक्षक रीढ़ की हड्डी की तरह होते हैं जो कि हमारे बच्चों को भविष्य की चुनौतियों और अच्छा जीवन जीने के लिए तैयार करते हैं। शिक्षक ही इस समाज में अपनी रिसर्च, विचारों और मूल्यों के जरिए प्रगति का रास्ता दिखाता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बड़ी ही चिंता की बात है कि समाज में शिक्षक के अमूल्य योगदान को पहचाना नहीं जा रहा है। कोर्ट ने कहा, अगर शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन भी नहीं मिलेगा तो देश में ज्ञान और बौद्धिक सफलता को भी सही स्थान नहं मिल पाएगा। बता दें कि हाई कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार को निर्देश दिया था कि इस मामले में 'समान कार्य, समान वेतन' के सिद्धांत का पालन किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह बड़ी ही चिंता की बात है कि असिस्टेंट प्रोफेसर को पिछले दो दशक से इतनी कम सैलरी दी जा रही है। हमें जानकारी मिली है कि 2720 रिक्तियां थीं जिनमें से अब तक 923 पोस्ट पर ही स्थायी भर्ती हुई है। शिक्षकों की कमी से शिक्षा का कार्य भी बाधित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक 158 ऐड हॉक और 902 कॉन्ट्रैक्चुअल असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्तियां हुई थीं। वहीं 737 पोस्ट अब भी खाली हैं। कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में जगहें खाली होने के बावजूद केवल ऐड हॉक और कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर शिक्षक रखे जा रहे हैं।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान: 26-28 अगस्त को कई जिलों में झमाझम, 7 जिलों के लिए येलो अलर्ट

केरल  केरल के लिए एक बार फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले दो दिनों के लिए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि मंगलवार और बुधवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। किन जिलों में है अलर्ट? IMD के अनुसार, उत्तरी और मध्य केरल के सबसे ज़्यादा प्रभावित होने की आशंका है। मंगलवार (26 अगस्त): त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार (27 अगस्त): यह अलर्ट एर्नाकुलम के साथ-साथ मंगलवार वाले सभी ज़िलों तक बढ़ाया जाएगा। इन 24 घंटों में कुछ जगहों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक की भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों और तटीय निवासियों के लिए चेतावनी IMD ने मछुआरों को भी खास चेतावनी दी है। उन्हें केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटों पर समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि हवा की गति 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जिससे समुद्री स्थिति बहुत खतरनाक हो जाएगी। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है। राज्य में इस महीने की शुरुआत में हुई बारिश और तूफानी हवाओं से भारी नुकसान हुआ था, और अब एक और बारिश की आशंका ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने सभी स्थानीय प्रशासनों को राहत शिविरों की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।  

दिल्ली में भारी बरसात, उत्तर भारत के अन्य राज्यों का मौसम कैसा रहेगा?

नई दिल्ली देशभर में मानसून का दौर जारी है। दिल्ली-एनसीआर, हिमाचल और उत्तराखंड से लेकर केरल तक में झमाझम बारिश हो रही है। महाराष्ट्र में लगातार कई दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसके कारण जन जीवन अस्त-व्यत है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक हिमाचल और उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में 24 से लेकर 26 अगस्त के बीच भारी बारिश होने के आसार जताए गए हैं।   दिल्ली-एनसीआर का मौसम दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई दिनों से बारिश का दौरा जारी है। 24 अगस्त को सुबह से ही हल्की बारिश देखी गई, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की कमी आ सकती है। उत्तर प्रदेश का मौसम उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से लगातार बारिशा हो रही है, जिससे मौसम सुहाना हो गया है। मौसम विभाग ने 25 अगस्त के लिए भी राज्य में बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके बाद बारिश का क्रम कुछ दिनों के लिए रुक जाएगा। बारिश बंद होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, 29 अगस्त के आसपास एक बार फिर मौसम करवट लेगा और 29-30 अगस्त को एक बार फिर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। बिहार में कैसा रहेगा मौसम? बिहार में अभी भी मानसून एक्टिव है। पटना समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। रविवार को पटना, गया, औरंगाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, जहानाबाद, अरवल, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगुसराय, जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर और खगड़िया समेत 29 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम? उत्तराखंड में बारिश ने इस बार भारी तबाही मचाई है। राज्य में गुरुवार को भारी बारिश के कारण पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने के कारण नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया, जिससे एक अस्थायी झील बन गई। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अगस्त को राज्य के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, टेहरी और उत्तरकाशी जिलों में भूस्खलन की आशंका है। हिमाचल में कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में 24 अगस्त को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। जम्मू, कठुआ, मंडी, शिमला और पठानकोट जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है।

सड़क पर मचा कोहराम, टूरिस्ट बस दुर्घटनाग्रस्त, पांच लोगों ने गंवाई जान

न्यूयॉर्क नियाग्रा फॉल्स से न्यूयॉर्क सिटी लौट रही एक टूरिस्ट बस के पलटने से उसमें सवार एक भारतीय समेत पांच लोगों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। बस में भारतीय और चीनी नागरिकों सहित कुल 54 यात्री सवार थे। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा ड्राइवर का ध्यान भटकने की वजह से हुआ है। मृतकों की पहचान रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में बिहार के शंकर कुमार झा (65), न्यू जर्सी की पिंकी चांगरानी (60), चीन के झी होंगझुओ (22) और न्यू जर्सी के झांग शियाओलान (55) और जियान मिंगली (56) शामिल हैं। हादसा कैसे हुआ? न्यूयॉर्क के पेमब्रोक इलाके में अंतरराज्यीय राजमार्ग-90 पर शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ। प्रांतीय पुलिस प्रमुख आंद्रे रे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि ड्राइवर का ध्यान भटक गया जिससे उसने बस पर से नियंत्रण खो दिया और बस पलट गई। रे ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री बस से बाहर गिर गए और मौके पर ही पांच वयस्क यात्रियों की मौत हो गई। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे जिन्हें बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि किसी भी अन्य यात्री को जानलेवा चोटें नहीं आई हैं और हादसे के कारणों की आगे जांच जारी है।  

सड़क पर कहर बरपाते आवारा कुत्ते, 10 साल की मासूम पर झुंड ने किया हमला

करही देश के कई शहरों में आवारा कुत्तों का कहर देखने को मिला है। तीन अलग-अलग राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से सामने आए खौफनाक वीडियो रूह कंपा देने वाले हैं। नगर में श्वानों का आतंक बढ़ गया है। शुक्रवार की शाम को भी 10 श्वानों के झुंड ने एक 10 वर्षीय बालिका के ऊपर हमला बोल दिया। वहीं नगर परिषद अभी तक भी नींद में सोई हुई है। 10 कुत्तों ने बच्ची पर किया हमला जानकारी अनुसार नगर के डाक बंगले (विश्राम गृह) में कार्यरत हीरालाल भाई की 10 वर्षीय पोती शाम को अपने घर से किराना का सामान लेने के लिए बाजार जा रही थी। तभी डाक बंगले के सामने पहले तो चार श्वानों ने उसे गिरा दिया। फिर बाकी के छह श्वानों ने भी बच्ची के ऊपर हमला कर दिया। वहीं स्थित दुकानदारों और राहगीरों ने तत्काल उन्हें भगाया। अन्यथा श्वान बच्ची की अधिक घायल कर देते। घटना के कारण बच्ची बुरी तरह घबरा गई थी। इस तरह की घटना आए दिन नगर के घटती रहती है। आये दिन दो सांड और श्वान से परेशान होते रहते है। लोग कई बार घायल भी हो जाते है, लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ अध्यक्ष व पार्षदों ने भी आज तक इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया। परिषद शायद कोई बड़ी घटना घटने के इंतजार कर रही है। कुत्ते लोगों को कर रहे घायल, अधिकारी मौन नगर में पिछले कुछ महीनों में डॉग बाइट की अनेक घटनाएं हो चुकी है। जब कोई मामला हाई लाइट हो जाता है। उसके बाद नगरीय प्रशासन कुछ हरकत में आता है, कुछ गतिविधियां दिखाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। गर्मी बढ़ने से श्वानों चिड़चिड़े होकर लोगों को काटना शुरू कर देते है। यह सिलसिला चलता रहता है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो जुलाई अगस्त के महीने में ही आंकड़ा पचास को पार कर चुका है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंडलेश्वर के डॉ. स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया जुलाई में 48 और 18 अगस्त तक 26 प्रकरण हो चुके है। प्रतिदिन दो-चार मामले आ ही रहे है। नगर परिषद द्वारा गत माह कुत्ते पकड़ने का अभियान चलाकर लगभग 120 कुत्ते पकड़कर नगर सीमा से बाहर छोड़े गए। उनको टीका लगवाने और नसबंदी जैसी कोई योजना परिषद के पास नहीं है। गत दिनों एक रिटायर्ड रेंजर को श्वानों ने घायल कर दिया। उन्हें जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा था। कई बच्चे भी श्वानों के काटने से घायल हो चुके हैं। पालतू जानवर भी इन श्वानों का शिकार बनते रहे है। लेकिन प्रशासन इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। बदलते मानव व्यवहार से भी कुत्ते हुए हिंसक पशु प्रेमी संस्था थैंक यू नेचर के रेस्क्यू स्पेशलिस्ट अरुण केवट का कहना है कि आज विदेशी नस्ल के श्वानों पाले जा रहे है, जिन पर होने वाले खर्च से कई स्ट्रीट डॉग पाले जा सकते है। हम बाहर श्वान के लिए रोटी नहीं डालते पहले घर की झूठन से श्वान बिल्ली पल जाया करते थे। अब जूठन कचरा गाड़ी में डाल दी जाती है। इसलिए श्वान भुखमरी का शिकार होने से पहले खुद शिकार करने लगे है वे गाय भैंस के छोटे बछड़ों और बकरी के मेमनों को शिकार बनाने लगे है। इसके लिए वे समूह बनाकर हमला करते है। ऐसे होगा समाधान गाय और श्वानों की रोटी हर घर में बनाना शुरू करना चाहिए। परिषद उनको गलत तरीके से पकड़कर गांव से बाहर छोड़ देती है वे दूसरे नगर में जाकर ज्यादा हिंसक हो जाते है। यह समस्या का हल नहीं है। इसके लिए नगर परिषद को वन विभाग पशु चिकित्सालय विभाग के साथ मिलकर योजना बनानी चाहिए, जिसमें पहले पागल और घायल श्वानों को चिह्नित कर एक शेल्टर हाउस में रखकर उनका उपचार किया जाए। एंटी रेबीज के साथ ही नसबंदी की जा सकती है।  

शिक्षक पर हमला सार्वजनिक जगह पर शराब पीने को रोकने पर, बंगाल में दो गिरफ्तार

नई दिल्ली बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बेलघरिया में एक शिक्षक की पिटाई की घटना में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शनिवार तड़के सार्वजनिक रूप से शराब पीने का विरोध करने पर कुछ युवकों के समूह ने कथित रूप से शिक्षक को पीट दिया था। पुलिस ने यह जानकारी दी।कमरहाटी नगरपालिका वार्ड संख्या 31 के अंतर्गत नंदनगर इलाके में यह घटना हुई। पीडि़त शिक्षक का नाम निरुपम पाल है, जो सुबह करीब छह बजे काली पूजा में शामिल होकर घर लौट रहे थे, तभी उन्होंने सडक़ किनारे चार युवकों और एक महिला को शराब पीते देखा।   हमलावरों ने बेरहमी से पीटा शिकायत के मुताबिक, जब पाल ने उन लोगों को ऐसा नहीं करने को कहा तो उन्होंने कथित तौर पर उन (शिक्षक) पर हमला कर दिया। पाल के चेहरे, आंख और छाती पर चोट पहुंची है। पाल ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें बेरहमी से पीटा। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर कई युवक शिक्षक पर बार-बार हमला करते और लात-घूंसा चलाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि शिक्षक खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। पाल ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है, क्योंकि उन्हें डर है कि वे उन्हें फिर से निशाना बना सकते हैं।

स्वतंत्रता दिवस के दिन यूक्रेन ने की रूस के खिलाफ घातक कार्रवाई

नई दिल्ली रूस ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन ने अपने 34वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रूस के कुर्स्क क्षेत्र के परमाणु संयंत्र में ड्रोन हमला कर वहां आग लगा दी। हालांकि, आग पर जल्दी काबू पा लिया गया और रेडिएशन का स्तर सामान्य रहा। रूसी अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन हमलों में कई बिजली और ऊर्जा केंद्र को निशाना बनाया गया था। परमाणु संयंत्र में आग से एक ट्रांफफॉर्मर को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है। फ्यूल टर्मिनल के पास भी लगी आग अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा कि उन्हों मीडिया से इस घटना की जानकारी मिली है, लेकिन स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसी प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा, "हर परमाणु संयंत्र की सुरक्षा हर समय सुनिश्चित होनी चाहिए।" इसी दौरान रूस के लेनिनग्राद क्षेत्र के उस्त-लुगा बंदरगाह पर भी आग लग गई, जहां फ्यूल का बड़ा निर्यात टर्मिनल है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 10 यूक्रेनी ड्रोन गिराए गए थे, जिनका मलबा गिरने से आग लग गई। रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने शनिवार रात से रविवार तक 95 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। वहीं यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि रूस ने भी 72 ड्रोन और एक क्रूज मिसाइल दागी थी, जिनमें से 48 ड्रोन मार गिराए गए या फिर जाम कर दिए गए। बता दें, यूक्रेन ने रविवार को 1991 में सोवियत संघ से मिली आजादी की 34वीं वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कीव के इंडिपेंडेंस स्क्वायर से वीडियो संदेश दिया। जेलेंस्की का संदेश उन्होंने कहा, "हम ऐसा यूक्रेन बना रहे हैं जो सुरक्षित और मजबूत होगा। हमारा भविष्य केवल हमारे हाथ में है और दुनिया भी अब यूक्रेन को बराबरी का दर्जा देती है।" जेलेंस्की ने इस मौके पर अमेरिकी विशेष दूत कीथ केलॉग को यूक्रेन का ऑर्डर ऑफ मेरिट सम्मान भी दिया।

ब्रिटेन पर ट्रंप का बड़ा हमला, टैक्स बोझ से उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा दबाव

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन से आने वाले सैकड़ों उत्पादों  पर 5% तक के आयात शुल्क (टैरिफ)  लगाने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।  ट्रंप  ने ब्रिटेन से आयात किए जाने वाले  400 से अधिक उत्पाद श्रेणियों जिनमें  इस्पात और एल्यूमीनियम  शामिल हैं, पर  25% तक का आयात शुल्क (टैरिफ) लगाकर एक अप्रत्याशित कदम उठाया है। प्रभावित उत्पादों में शैम्पू, वॉशिंग मशीन, मोटरसाइकिल, निर्माण मशीनरी जैसे श्रेणियाँ शामिल हैं।    जेम्स सीरीज (JCB) जैसी कंपनियों ने कहा है कि यह कदम उन्हें "सैकड़ों लाखों पाउंड"  का आर्थिक नुकसान पहुंचाएगा। विशेष रूप से अमेरिका को निर्यात की गई लगभग  30,000 मशीनों पर इसका प्रभाव भारी है  जिनमें हाल ही में  $45 मिलियन का कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है।  अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई “Section 232”  के तहत की गई है, और इसका उद्देश्य अमेरिका में स्टील व एल्यूमीनियम उद्योग की सुरक्षा करना है।  व्यापार समझौते पर असर  मई 2025 में ब्रिटेन और अमेरिका के बीच एक "ब्रेकथ्रू" व्यापार समझौता हुआ था, जिसमें ब्रिटेन के स्टील और एल्यूमीनियम पर लगाया गया 25% टैरिफ ज़ीरो किया जाना था। इस नए आदेश ने उस समझौते को संकट में  डाल दिया है। अमेरिकी प्रशासन ने यह कदम “चुपचाप” उठाया, जिससे कई ब्रिटिश उद्योगों में  उथल-पुथल मच गई है।     ब्रिटेन की प्रतिक्रिया ब्रिटिश वाणिज्य मंत्रालय  और उद्योग संघों ने कहा है कि वे अमेरिका के साथ मिलकर इस मसले का समाधान ढूंढने  और उद्योगों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कार्रवाई करेंगे।  ब्रिटिश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ने भी इस नीति की प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए खुलासा किया कि इससे यूएस सप्लाई चेन में जुड़े यूके के उद्योगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ब्रिटिश कंपनियों का मानना है कि इस फैसले से उनके निर्यात को तगड़ा झटका  लगेगा और कई छोटे उद्योगों को बड़ा नुकसान होगा। हालांकि ट्रंप का कहना है कि यह कदम अमेरिकी उद्योग की रक्षा के लिए है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि   टैरिफ का बोझ उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा । शैम्पू से लेकर वॉशिंग मशीन तक, रोज़मर्रा के कई सामान महंगे हो जाएंगे। इससे मुद्रास्फीति (Inflation) और भी बढ़ सकती है।    कौन-कौन से उत्पाद शामिल? इन टैरिफ में रोज़मर्रा के इस्तेमाल से लेकर बड़े घरेलू उपकरणों तक की लिस्ट शामिल है       शैम्पू, परफ्यूम और कॉस्मेटिक्स       वॉशिंग मशीन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण       स्टील और मैन्युफैक्चरिंग उत्पाद       कपड़े, जूते और घरेलू सामान