samacharsecretary.com

गुजरात की प्राचीन धरती पर मिशन मंगलयान-2 की तैयारी शुरू

अहमदाबाद  कांटेदार झाड़ियां, कठोर रेगिस्तानी इलाका, चंद लोगों की आबादी, न खेती न पानी… फिर भी गुजरात का यह गांव आज मंगलमय है. राज्य के कच्छ जिले में भुज से लगभग 100 किमी दूर स्थित है यह गांव. इसका नाम है मटानोमाध. यह गांव खेती या बसावट के लिए अनुपयुक्त है. लेकिन, अब इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) गुलजार करने वाली है. अब आप सोच रहे होंगे कि इस गांव में ऐसा क्या खास है जो इसरो की नजर पड़ी है. दरअसल, गांव की मिट्टी का मंगल ग्रह से सीधा कनेक्शन है. इसी कारण इसरो अब इस गांव को मंगलयान-2 मिशन का संभावित टेस्ट बेड बनने जा रहा है. दरअसल, यहां 2016 में खोजे गए जारोसाइट नामक खनिज की उम्र को हाल ही में 5.5 करोड़ वर्ष (पेलियोसीन काल) पुराना साबित किया गया है. यह मंगल पर मिले इसी खनिज से पूरी तरह मिलता-जुलता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज पृथ्वी और मंगल के भूवैज्ञानिक इतिहास को जोड़ती है और इसरो को लाल ग्रह की सतह, खनिज विज्ञान तथा जैव रसायन का अध्ययन करने का धरत पर ब्लूप्रिंट देगी. अहमदाबाद के स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (एसएसी), सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) और लखनऊ के बिरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज के शोधकर्ताओं की टीम ने जर्नल ऑफ द जियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया में पिछले महीने प्रकाशित अध्ययन में इसकी पुष्टि की. लीड रिसर्चर आदित्य धरैया ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया- हमारी खोज न केवल पृथ्वी के भूवैज्ञानिक अतीत को मंगल से जोड़ती है, बल्कि एस्ट्रोबायोलॉजी (ग्रहों पर जीवन, उसके उद्गम और विकास का अध्ययन), खनिज अन्वेषण और भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए एक स्थलीय ब्लूप्रिंट प्रदान करती है. रिसर्चर आदित्य धरैया अध्ययन के समय एसपीपीयू के जियोलॉजी डिपार्टमेंट में थे. मंगलयान-2 के लिए क्रांतिकारी यह खोज मंगलयान-2 के लिए क्रांतिकारी हो सकती है, जो 2026 में लॉन्च होने की योजना है और इसमें रोवर, हेलीकॉप्टर, स्काई क्रेन तथा सुपरसोनिक पैराशूट शामिल होंगे. जारोसाइट एक पीला, लोहे से भरपूर सल्फेट खनिज है, जो पृथ्वी पर ऑक्सीजन, लोहा, सल्फर और पोटैशियम युक्त खनिजों के पानी की मौजूदगी में प्रतिक्रिया से बनता है. मंगल पर इसका पता 2004 में नासा के ऑपरचुनिटी रोवर ने लगाया था, जो मंगल पर प्राचीन काल में पानी की मजबूत मौजूदगी का साक्ष्य था. मटानोमाध में यह खनिज क्ले में बारीक कणों के रूप में मिला, जो पानी मिलाने पर फैल जाता है. लैब टेस्ट में वैज्ञानिकों ने पाया कि यह मिश्रण मंगल की सतह पर पाए जाने वाले सल्फेट्स और क्लेस से काफी मिलता है. धरैया ने कहा कि कच्छ में लाखों वर्ष पहले ज्वालामुखी गतिविधि प्रमुख थी. सल्फर युक्त ज्वालामुखी राख समुद्री जल से मिलकर जारोसाइट बना. यह दुर्लभ है, क्योंकि पृथ्वी पर यह आमतौर पर अवसादी चट्टानों में नहीं मिलता. यह साइट मंगल के लिए फील्ड-एनालॉग मिशनों का आदर्श स्थान बन सकती है, जहां रोवर की गति, उपकरण टेस्टिंग, ड्रिलिंग और भू-रसायन प्रयोग किए जा सकेंगे. वैज्ञानिकों का कहना है कि जारोसाइट जैसे सल्फेट्स में जैविक अणु और जीवन समर्थक तत्व फंस सकते हैं, इसलिए मटानोमाध के सैंपल्स मंगल की प्राचीन रसायनिक क्रियाओं और जीवन की संभावना को समझने में मदद करेंगे. वैश्विक स्तर पर जारोसाइट मैक्सिको, कनाडा, जापान, स्पेन और अमेरिका के यूटा-कैलिफोर्निया में मिला है, लेकिन मटानोमाध की दुर्गमता इसे विशेष बनाती है. 2016 में एसएसी की टीम ने कच्छ में इसे पहली बार रिपोर्ट किया, जबकि केरल के वरकाला क्लिफ्स पर भी पाया गया, लेकिन वह पर्यटन स्थल होने के कारण शोध के लिए पूरी तरह उपयुक्त नहीं है. भारत में यह इकलौती साइट नहीं है भारत में मटानोमाध ही एक मात्र साइट नहीं है. इसरो का हिमालयन आउटपोस्ट फॉर प्लैनेटरी एक्सप्लोरेशन (होप) मिशन लद्दाख के हाई-एल्टीट्यूड गांव में मंगल और चंद्रमा की स्थितियों का सिमुलेशन कर रहा है. अगस्त में त्सो कार वैली (4500 मीटर ऊंचाई) में दो क्रू मेंबर्स ने 10 दिनों तक मंगल हेबिटेट के मॉडल में रहकर परीक्षण किया, जहां ऑक्सीजन कम, हवा पतली और तापमान शून्य से नीचे है. लद्दाख पर्यावरणीय परीक्षण के लिए, जबकि मटानोमाध भूविज्ञान और खनिज संरचना के लिए आदर्श है. मंगलयान-2 में चार पेलोड्स- मार्स ऑर्बिट डस्ट एक्सपेरिमेंट (MODEX), रेडियो ऑकल्टेशन, एनर्जेटिक आयन स्पेक्ट्रोमीटर और लैंगमुइर प्रोब होंगे. यह LVM3 रॉकेट से लॉन्च होगा और एयरोब्रेकिंग तकनीक से ऑर्बिट को कम करेगा. मॉम ने 74 मिलियन डॉलर की अपेक्षाकृत बहुत कम लागत में पहली कोशिश में सफलता पाई थी. इसने भारत को एशिया का पहला मंगल ऑर्बिटर बनाने वाला देश बनाया. अब मंगलयान-2 रोवर-हेलीकॉप्टर कॉम्बो के साथ जीवन की खोज करेगा.

पाकिस्तानी नेताओं की चीन में गुप्त बैठक, पीएम शहबाज और जनरल मुनीर शामिल

बीजिंग  चीन में पाकिस्तानी नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तो एससीओ समिट में हिस्सा लेने पहुंचे ही थे। पाकिस्तान आर्मी के चीफ असीम मुनीर भी वहां पहुंच चुके हैं। जब मंगलवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले तो वहां पर असीम मुनीर भी मौजूद थे। इतना ही नहीं, इस दौरान पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार भी वहां मौजूद थे। यह मुलाकात एससीओ सम्मेलन खत्म होने ठीक अगले दिन हुई है। गौरतलब है कि इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चीन गए थे। एससीओ समिट में पहलगाम आतंकी हमले और आतंकवाद को लेकर एक संयुक्त वक्तव्य भी जारी हुआ था। यह भारतीय लिहाज से काफी अहम था, क्योंकि इसमें पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र हुआ। चीनी सेना की परेड में लेंगे हिस्सा असीम मुनीर पाकिस्तान के सबसे ताकतवर लोगों में शुमार हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुनीर का प्रमोशन कर दिया गया था। उन्हें फील्ड मार्शल का पद दिया गया है। मुनीर का दावा था कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने पूरा जवाब दिया था। वह उस पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे, जिसने तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। अब वह बुधवार को द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के खिलाफ चीन की जीत की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चीनी सेना की एक भव्य परेड में शामिल होंगे। सेना प्रमुख के तौर पर दूसरी यात्रा मुनीर के शरीफ़ के साथ उस परेड को देखने जाने की संभावना है, जिसमें चीनी सेना हवाई, जमीनी, इलेक्ट्रॉनिक और मिसाइल प्रणालियों सहित सभी प्रकार के अपने सबसे आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। ये हथियार प्रणालियां पाकिस्तानी सेना के लिए काफ़ी मायने रखती हैं, क्योंकि उसके 80 प्रतिशत से ज़्यादा हथियार चीन से ही आते हैं। सेना प्रमुख के रूप में यह उनकी दूसरी चीन यात्रा है। फील्ड मार्शल के रूप में पदभार संभालने के बाद, जुलाई में चीन की अपनी पहली यात्रा के दौरान, मुनीर ने उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की थी। लेकिन तब वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से नहीं मिले थे। बता दें कि इससे पहले असीम मुनीर अमेरिका भी गए थे। वहां पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें लंच पर आमंत्रित किया था। क्या हुई बात पाकिस्तान के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, जो टीम का हिस्सा भी थे, ने कहा कि मुनीर, शरीफ और शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग पर व्यापक बातचीत की। डार के अनुसार, जिनपिंग ने कहा कि दोनों पक्षों को करीबी चीन-पाकिस्तान के संबंधों की बेहतरी पर काम करना चाहिए। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के हवाले से कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे और चीन-पाकिस्तान मुक्त व्यापार समझौते के उन्नत संस्करणों के निर्माण के लिए चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।  

रेल पर सवार होकर चीन पहुंचे किम जोंग उन, शाही बेड़े में क्या-क्या शामिल?

बीजिंग आमतौर पर किसी देश का सर्वोच्च नेता दूसरे देश की यात्रा के लिए हवाई जहाज का उपयोग करता है, ताकि कम समय में वह वहां पहुंचे और वापस लौट आए। लेकिन उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन हवाई जहाज के बजाय ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं। वे बख्तरबंद रेलगाड़ी में सवार होकर दूसरे देश की सीमा में प्रवेश करते हैं। एक बार फिर उन्होंने चीन जाने के लिए इसी रेलगाड़ी का उपयोग किया और मंगलवार को चीन पहुंचे। 1300 किलोमीटर की दूरी तय की ट्रेन ने उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से चीन की राजधानी बीजिंग तक लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी तय की। बुधवार को बीजिंग में 'विक्ट्री डे' परेड होने वाली है, जिसमें किम जोंग उन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य विश्व नेताओं के साथ शामिल होंगे। उम्मीद है कि इस सैन्य परेड के जरिए वे अमेरिका के खिलाफ अपनी त्रिपक्षीय एकता का प्रदर्शन करेंगे। किम जोंग उन पहली बार लेंगे हिस्सा किम और व्लादिमीर पुतिन उन 26 विश्व नेताओं में शामिल हैं, जो बीजिंग में आयोजित होने वाली इस विशाल सैन्य परेड में शी जिनपिंग के साथ हिस्सा लेंगे। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति और जापानी आक्रामकता के खिलाफ चीन के प्रतिरोध की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हो रही है। यह ऐसा अवसर होगा, जिसमें किम जोंग उन अपने 14 साल के शासनकाल में पहली बार किसी बड़े बहुपक्षीय आयोजन में भाग लेंगे। साथ ही यह पहला मौका होगा, जब अमेरिका को चुनौती देने वाले देशों के नेता किम, शी और पुतिन एक ही स्थान पर एक साथ नजर आएंगे। इस ट्रेन में क्या-क्या है? उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के लिए ट्रेन से इतनी लंबी यात्रा करना कोई नई बात नहीं है। उनके पिता और दादा भी ऐसा कई बार कर चुके हैं। यानी, यह परंपरा उनके दादा ने शुरू की थी, जिसे आज तक कायम रखा गया है। किम जोंग उन के पिता, किम जोंग इल ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। कहा जाता है कि किम जोंग इल को हवाई जहाज से यात्रा करने में डर लगता था, इसलिए वे ट्रेन से सफर करते थे। किम जोंग उन ट्रेन यात्रा बुलेटप्रूफ ट्रेन में 90 डिब्बे इस गहरे हरे रंग की ट्रेन में कॉन्फ्रेंस रूम, ऑडियंस चैंबर, बेडरूम, सैटेलाइट फोन और फ्लैट स्क्रीन टीवी जैसे साधन मौजूद हैं। नवंबर 2009 में दक्षिण कोरिया के एक समाचार आउटलेट ने बताया था कि इस बुलेटप्रूफ ट्रेन में कुल 90 डिब्बे हैं। इन डिब्बों में लाल रंग की लेदर आर्मचेयर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ट्रेन की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस रेलगाड़ी का नाम 'टाएयेनघो' है, जिसका कोरियाई भाषा में अर्थ 'सूरज' है। यह उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग का प्रतीक माना जाता है। उत्तर कोरियाई नेताओं का ट्रेन से क्या है संबंध? बताया जाता है कि लंबी दूरी की यात्राओं के लिए ट्रेन का उपयोग करने की परंपरा किम इल सुंग ने शुरू की थी। किम जोंग उन के दादा, किम इल सुंग, वियतनाम और पूर्वी यूरोप तक ट्रेन से यात्रा करते थे। इस ट्रेन की सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तर कोरिया के सुरक्षा एजेंट संभालते हैं। वे बम या अन्य खतरों को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के मार्ग और अगले स्टेशनों की जांच करते हैं। बता दें कि 2001 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए किम जोंग इल ने दस दिन की ट्रेन यात्रा कर मॉस्को पहुंचे थे।  

भारत ने अमेरिका से कहा- ट्रेड डील पर डेडलाइन की बात नहीं करेंगे

नई दिल्ली  भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति ना बनने पर खिसियाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सोमवार को एक बार फिर भारत को निशाने पर लिया था। ट्रंप ने कहा कि भारत अब टैरिफ कम करने की पेशकश कर रहा है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। इसके एक दिन बाद अब भारत ने एक बार फिर उन्हें दो टूक जवाब दिया है। भारत के वाणिज्य औऱ उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कहा है कि भारत डेडलाइन वाले ट्रेड डील पर कभी चर्चा नहीं करता है। पीयूष गोयल ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर भारत के दृष्टिकोण पर बातचीत करते हुए हुए कहा कि भारत जल्दबाजी में समझौते करने के लिए दबाव में काम नहीं करता। उन्होंने कहा, "हम कभी भी समय-सीमा वाले व्यापार समझौतों पर बातचीत नहीं करते। हम सिर्फ अच्छे और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौतों पर ही बातचीत करते हैं।" अमेरिका के साथ बातचीत जारी- गोयल पीयूष गोयल ने आगे कहा कि भारत अपने सभी समझौतों में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हम एक समान और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए हमेशा तैयार हैं।" केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान यह पुष्टि भी की है कि भारत अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर सक्रिय रूप से चर्चा कर रहा है। गोयल ने कहा, "अभी बहुत कुछ हुआ है, अभी बहुत कुछ होना बाकी है। BTA के लिए अमेरिका के साथ हमारी बातचीत जारी है।’’ छठे दौर की वार्ता स्थगित गौरतलब है कि भारत और अमेरिका मार्च से इस समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। हालांकि 27 अगस्त से 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद अमेरिकी दल ने अगले दौर की वार्ता के लिए भारत का अपना दौरा स्थगित कर दिया है। इसके बाद अभी तक छठे दौर की वार्ता के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है। गोयल ने कार्यक्रम में यह भी कहा है कि भारत ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, ब्रिटेन और चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीए के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है और अन्य देशों के साथ संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।  

पुतिन के गुरु दुगिन बोले: यही है भारत की असली शक्ति, ट्रंप के ब्राह्मण कार्ड पर बड़ा बयान

मॉस्को भारत और अमेरिका के बीच ट्रंप टैरिफ को लेकर तनाव जारी है। डोनाल्ड ट्रंप और उनके सलाहकार बार-बार भारत के खिलाफ बयान देते रहते हैं। सोमवार को राष्ट्रपति के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने रूसी तेल के बहाने 'ब्राह्मणों' पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि रूसी तेल से 'ब्राह्मणों को लाभ हो रहा है, भारतीय जनता के हितों की कीमत पर।' इसके अगले ही दिन, मंगलवार को रूस के प्रोफेसर, राजनीतिक दार्शनिक और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजनीतिक गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने अमेरिका को भारत के बारे में नसीहत देते हुए कहा कि हिंदुओं ने आध्यात्मिक चिंतन का उच्चतम स्तर विकसित किया है और भौतिकता पर काबू पाया है। अब भौतिकवादी पश्चिम की बारी भारत और रूस के संबंध हमेशा से गहरे और मजबूत रहे हैं। रूसी लोग भारत और उसकी संस्कृति की प्रशंसा करते रहे हैं। चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति और पीएम मोदी की दोस्ती पूरी दुनिया ने देखी। इस बीच, व्लादिमीर पुतिन के राजनीतिक गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारतीय संस्कृति भौतिक दुनिया का खुलकर तिरस्कार करती है और इसके अस्तित्व पर हंसती है। हिंदुओं ने आध्यात्मिक चिंतन का सर्वोच्च स्तर हासिल किया है। अब भौतिकवादी पश्चिम की बारी है कि वह हंसे और तिरस्कार करे। अखंड भारत पर भी बोल चुके हैं दुगिन यह पहली बार नहीं है जब दुगिन ने भारत की प्रशंसा की हो। अप्रैल 2024 में उन्होंने कहा था कि भारत हमारी आंखों के सामने एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। विश्व भर में भारतीय मूल के लोग आज महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं। उन्होंने भारत के आर्थिक विकास, वैश्विक प्रभाव और राजनीतिक परिवर्तनों के बढ़ते महत्व पर भी विस्तार से बात की थी। कौन हैं अलेक्जेंडर दुगिन? अलेक्जेंडर दुगिन का पूरा नाम अलेक्सांद्र गेलीविच दुगिन है, एक प्रसिद्ध राजनीतिक दार्शनिक, विश्लेषक और रणनीतिकार हैं। पश्चिमी देशों में उन्हें फासीवादी विचारधारा का कट्टर समर्थक माना जाता है। साथ ही उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गुरु के रूप में भी जाना जाता है। दुगिन ने ही यूक्रेन को नोवोरोसिया (नया रूस) का नाम दिया था। वे रूसी राष्ट्रपति पुतिन और रूस सरकार के बेहद करीबी माने जाते हैं।  

भारी बारिश का कहर: हिमाचल में 6 NH और 1,311 सड़कें बंद, रेल संचालन रुका

शिमला हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मंगलवार को भी भारी बारिश जारी रही। सूबे में भारी बारिश से हालात बेहद खराब हो गए हैं। भारी बारिश के कारण रेल सेवा स्थगित कर दी गई है। छह राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 1,311 सड़कें बंद हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुल्लू और मंडी में लगभग 2 हजार वाहन जहां तहां फंस गए हैं। स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों में भारी से ज्यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश का रेड अलर्ट इस बीच मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और वज्रपात के साथ भारी से ज्यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से ज्यादा भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उना, बिलासपुर और हमीरपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 6 एनएच समेत 1,311 सड़कें बंद हिमाचल प्रदेश में 6 राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 1,311 सड़कें बंद हैं। हिमाचल के मंडी में सबसे ज्यादा 289 सड़कें बंद हैं। शिमला में 241, चंबा में 239, कुल्लू में 169 और सिरमौर जिले में 127 सड़कें बंद बताई जाती हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 3 (मंडी-धरमपुर रोड), एनएच 305 (औट-सैंज), एनएच 5 (ओल्ड हिंदुस्तान-तिब्बत रोड), एनएच 21 (चंडीगढ़-मनाली रोड), एनएच 505 (खाब से ग्रामफू रोड) और एनएच 707 (हाटकोटी से पोंटा) भी बंद हैं। मंडी-कुल्लू में 2,000 से ज्यादा वाहन फंसे बताया जाता है कि शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग-5 सोलन जिले के सनवारा में भूस्खलन के कारण बंद है। इससे दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहन फंसे हुए हैं। यह राजमार्ग हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग के नाम से भी जाना जाता है। धरमपुर-कसौली सड़क भी अवरुद्ध होने का खतरा है। 'द ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, मंडी और कुल्लू में 2,000 से ज्यादा वाहन फंसे हैं। इससे यात्रियों और पर्यटकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सेब उत्पादक किसानों पर तगड़ी मार कटौला होकर जाने वाला वैकल्पिक मार्ग भी एक और भूस्खलन के बाद बंद कर दिया गया है, जिससे मंडी और कुल्लू के बीच यातायात के लिए तत्काल कोई रास्ता नहीं बचा है। इस दोहरी नाकेबंदी ने पूरे क्षेत्र में परिवहन सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। आंतरिक क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है। आंतरिक क्षेत्रों में सड़कें कई दिनों से बंद हैं। इसका सबसे बुरा असर सेब उत्पादक किसानों पर पड़ा है। किसान अपनी फसल को बाजारों तक भेजने में असमर्थ हैं। ट्रेन सेवाएं सस्पेंड सोमवार को शिमला-कालका रेलमार्ग पर भूस्खलन के बाद ट्रेनें रद्द कर दी गईं। अधिकारियों का कहना है कि ये ट्रेन सेवाएं 5 सितंबर तक स्थगित रहेंगी। राज्य में सबसे ज्यादा नैना देवी में सोमवार शाम से 198.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। रोहड़ू में 80 मिमी, जोत में 61.2 मिमी, बग्गी में 58.5 मिमी, कुकुमसेरी में 55.2 मिमी, नादौन में 53 मिमी, ओलिंदा में 50 मिमी, नंगल बांध में 49.8 मिमी, ऊना में 49 मिमी और बिलासपुर में 40.2 मिमी बारिश हुई है। बंद रहे स्कूल सूबे में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट को देखते हुए सोमवार को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नौ जिलों के स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया गया था। मंगलवार को शिमला, कांगड़ा, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, लाहौल एवं स्पीति और सोलन जिलों के अलावा कुल्लू जिले के बंजार, कुल्लू एवं मनाली उपमंडल में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे।

मनोज जरांगे आंदोलन खत्म करने को तैयार, बोले- जीत हमारी हुई, लेकिन शर्त भी होगी पूरी

मुंबई  मुंबई में जारी मराठा आंदोलन पर जल्द ही विराम लगने वाला है। मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि एक बार GR यानी सरकारी प्रस्ताव जारी होने के बाद आजाद मैदान को खाली कर दिया जाएगा। खास बात है कि बंबई उच्च न्यायालय ने भी आंदोलन के लिए मुंबई की सड़कों को रोकने पर आपत्ति जताई थी। मंगलवार को ही महाराष्ट्र सरकार में मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे से मुलाकात की थी। उन्होंने सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है कि मराठाओं को कुनबी प्रमाण पत्र देने के लिए हैदराबाद गजट लागू किया जाएगा, एक महीने के अंदर ही ऐसा ही फैसला सतारा रियासत को लेकर भी लिया जाएगा। साथ ही सितंबर के अंत तक मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लिए जाएंगे। इसके अलावा प्रस्ताव में आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक मुआवजा देने की बात भी शामिल है। जरांगे 29 अगस्त से दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर रहे हैं और ओबीसी समूह के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। दरअसल, हैदराबाद गजट पर जरांगे इसलिए जोर दे रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि साबित करता है कि मराठवाड़ा क्षेत्र में रह रहे मराठाओं को आधिकारिक तौर पर कुनबी माना गया था। महाराष्ट्र में कुनबी समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण मिलता है। खास बात है कि मौजूदा मराठवाड़ा क्षेत्र पहले हैदराबाद राज्य का हिस्सा हुआ करता था। जरांगे ने समर्थकों से कहा, 'हम आपकी ताकत से जीत गए हैं। आज मैंने गरीब की ताकत को समझ लिया है।'  

रील्स से तंग पति ने उठाया खौफनाक कदम, पत्नी की हत्या कर खुद की भी लेने वाला था जान

नई दिल्ली दिल्ली के नजफगढ़ में सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने से परेशान पति ने पत्नी की हत्या कर दी। बीवी की हत्या के बाद उसन खुद भी सुसाइड करने की कोशिश की। सोशल मीडिया के चलते दोनों के बीच लगातार झगड़े होते थे। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अपने पति अमन (35), जो एक ई-रिक्शा चालक है और अपने दो बेटों के साथ पुरानी रोशनपुरा में एक किराए के मकान में रहती थी। एक अधिकारी ने बताया, "ये दंपति उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले थे।" मंगलवार को, सुबह करीब 4.23 बजे नजफगढ़ पुलिस स्टेशन में हत्या की जानकारी देने के लिए एक पीसीआर कॉल आई, जिसके बाद पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर भेजी गई, जहां महिला मृत पाई गई। अधिकारी ने कहा, "शुरुआती जांच से पता चला है कि अमन को अपनी पत्नी के रील्स बनाने और अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्टिव रहने पर ऐतराज था। वह खुद को एक सोशल मीडिया आर्टिस्ट बताती थी, जिसके करीब 6,000 फॉलोअर्स थे।" अधिकारी ने आगे कहा कि इस मुद्दे पर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। पुलिस ने बताया कि मंगलवार को उन दोनों के बीच बहस काफ़ी बढ़ गई, जिसके बाद अमन ने कथित तौर पर अपनी पत्नी का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उसके बाद, उसने फांसी लगाकर और जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे बचा लिया और तुरंत आरटीआरएम अस्पताल ले गई। वहां हिरासत में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज़ किए जा रहे हैं। इस बीच शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि हत्या सहित कानून की उचित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज कर लिया गया है, और आगे की जांच जारी है।  

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से पूछा- राइफल से खुद को गोली मारना कैसे संभव?

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान पुलिस से कड़ा सवाल पूछा। कोर्ट ने पूछा कि क्या कोई व्यक्ति राइफल से अपने सीने में गोली मार सकता है? शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश से पुलिस से यह सवाल पूछा है। यह मामला मौत के मामले को सुसाइड की तरह पेश करने से जुड़ा हुआ है। अदालत ने यह भी पूछा कि क्या क्या सभी एंगल पर जांच हो चुकी है? क्या यह एंगल भी देखा जा चुका है कहीं यह मामला मर्डर का तो नहीं है? सुनवाई के वक्त बेंच ने क्या कहा जस्टिस मनोज मिश्रा और उज्जल भुयान की बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हमारी समझ से यह जांच का विषय है कि क्या कोई व्यक्ति अपने सीने में राइफल से गोली मारने में सक्षम है? अभियोजन पक्ष के अनुसार, ऐसा प्रतीत हुआ कि मृतक ने राइफल से अपनी छाती में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस पर, हाई कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत आरोपी-प्रतिवादी नंबर 2 को अग्रिम जमानत दे दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट को इस बात पर संदेह था कि क्या कोई व्यक्ति राइफल से अपनी छाती में खुद को गोली मार सकता है। इसलिए उसने राज्य के हलफनामे, मृतक की ऑटोप्सी रिपोर्ट और जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री को तलब किया। अदालत ने कहा कि हलफनामे में राइफल की जब्ती और उसकी लंबाई के बारे में जानकारी का खुलासा होना चाहिए। यह है पूरा मामला यह मामला याचिकाकर्ता के 17 वर्षीय बेटे से संबंधित है। उसके बेटे ने भोपाल की एक अकादमी में शॉटगन शूटिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में दाखिला लिया था। यहां पर प्रतिवादी नंबर दो ने बेटे के ऊपर 40 हजार रुपए चुराने का आरोप लगाया। आरोपों के अनुसार, प्रतिवादी नंबर 2 और अकादमी के अन्य छात्रों ने याचिकाकर्ता के बेटे को अपना अपराध स्वीकार करने की धमकी दी। उन्होंने उसका फोन छीन लिया और अपराध स्वीकार करने वाले संदेश भेजे, साथ ही उसकी पिटाई भी की। उनके इस व्यवहार से दुखी और असमर्थ होकर, याचिकाकर्ता के बेटे ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना से पहले मृतक ने क्या किया इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से पहले, मृतक ने अपने एक दोस्त और अपनी बहन को बताया था कि वह आत्महत्या कर रहा है। उसने अपने दोस्त के पास एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसमें उसने अकादमी के छात्रों (प्रतिवादी नंबर 2 सहित) को दोषी ठहराया था। लगभग एक महीने के बाद, भारतीय न्याय संहिता की धारा 107 के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई थी। शुरुआत में, सत्र न्यायालय ने प्रतिवादी नंबर 2 की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि बाद में हाई कोर्ट ने उसे यह राहत प्रदान कर दी। उम्र के संबंध में भी गलती याचिकाकर्ता के अनुसार, हाई कोर्ट ने न केवल उसके बेटे की आत्महत्या की घटना को मामूली बना दिया, बल्कि मृतक को दबाव न झेल पाने का दोषी ठहराया और आरोपी के कृत्यों का बचाव किया। यह दावा किया गया है कि हाई कोर्ट ने मृतक की उम्र 18 मानकर गलती की, जबकि घटना के समय वह 17 साल का था, और इस प्रकार, एक नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर अपराध लागू होता है। याचिकाकर्ता का यह भी तर्क है कि प्रतिवादी नंबर 2 एक प्रभावशाली परिवार से संबंधित है। उसकी हिरासत में पूछताछ आवश्यक है क्योंकि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी उसने जांच में सहयोग नहीं किया।  

TMC मंच हादसे के बाद कोलकाता पुलिस की सख्ती, सेना का ट्रक रोका

कोलकाता  सेना द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों में बांग्लाभाषी प्रवासी श्रमिकों पर कथित अत्याचार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस द्वारा बनाए गए मंच को गिरा दिए जाने के एक दिन बाद कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में सेना के एक ट्रक को रोक लिया। ट्रक चला रहे सैन्यकर्मी के खिलाफ खतरनाक तरीके से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न करीब 11 बजे राइटर्स बिल्डिंग के सामने हुई। उन्होंने कहा, 'वाहन इतनी तेज रफ्तार से चल रहा था कि मोड़ लेते समय एक बड़ा हादसा हो सकता था। कोलकाता पुलिस के आयुक्त मनोज वर्मा का वाहन ट्रक के पीछे चल रहा था।' कोलकाता पुलिस द्वारा जारी सीसीटीवी वीडियो में यातायात अधिकारियों द्वारा ट्रक को रोके जाने से लेकर तक की घटनाओं को दर्शाया गया है। वीडियो में सेना का वाहन बीबीडी बाग नॉर्थ रोड के बाएं किनारे पर राइटर्स बिल्डिंग ट्रैफिक सिग्नल पर धीमा होता हुआ दिखाई देता है, जहां से उसने अचानक दक्षिण की ओर दाहिनी ओर मुड़ने का प्रयास किया। वीडियो के अनुसार, ट्रक वर्मा की कार से टकराने से बाल-बाल बच गया और यह दुर्घटना से बचने के लिए सिग्नल पर दाहिनी ओर से तेजी से आगे निकल गया। वर्मा का वाहन सेना के ट्रक के पीछे चल रहा था। व्यस्त चौराहे पर यातायात का प्रबंधन कर रहे पुलिस अधिकारियों ने ट्रक को तेजी से जाते हुए देखा और उन्होंने नियमों का उल्लंघन करने के लिए उसे रोक दिया, क्योंकि चौराहे पर लगे यातायात संकेतों में वाहनों को सड़क के बाएं किनारे से दाहिनी ओर मुड़ने से मना किया गया था। सेना के अधिकारियों के अनुसार, ट्रक कोलकाता स्थित सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय फोर्ट विलियम से बीबीडी बाग के पास ब्रेबोर्न रोड स्थित पासपोर्ट कार्यालय जा रहा था। अधिकारी ने बताया कि सेना के दो जवानों को ले जा रहे ट्रक को बाद में हेयर स्ट्रीट पुलिस थाने ले जाया गया। उन्होंने बताया कि चालक के खिलाफ खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के लिए मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फोर्ट विलियम के अधिकारी भी घटना के बारे में पुलिस से बात करने के लिए पुलिस थाने पहुंच गए हैं। सेना के अधिकारियों ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस ने वाहन को राइटर्स बिल्डिंग के पास मोड़ते समय रोका था। उन्होंने कहा कि यातायात के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। मंगलवार को हुई इस घटना से के स्थल से कुछ ही दूरी पर सेना के अधिकारियों ने मध्य कोलकाता के मायो रोड पर गांधी प्रतिमा के पास बनाए गए तृणमूल कांग्रेस के मंच को सोमवार को इस आधार पर तोड़ना शुरू कर दिया था कि पार्टी ने कार्यक्रम की अनुमति की अवधि पार कर ली थी। मायो रोड रक्षा बलों के स्वामित्व और प्रशासन वाला क्षेत्र है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तृणमूल के खिलाफ ‘प्रतिशोध की राजनीति’ के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ‘भारतीय सेना का दुरुपयोग’ करने का आरोप लगाया था।