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किशमिश खाने वालों के लिए अलर्ट! इस ब्रांड को तुरंत करें वापिस

नई दिल्ली अगर आप स्वास्थ्य के प्रति सजग हैं और अमेरिकी गोल्डन किशमिश का सेवन करते हैं तो सावधान हो जाइए। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने हाल ही में इसके बारे में एक नोटिस जारी किया है, जिसके तहत बाजार से गोल्डन किशमिश के पैक को वापस करने का आदेश दिया गया है। FDA ने अपने नोटिस में कहा है कि गोल्डन किशमिश के पैक में एक एक ऐसा केमिकल पाया गया है, जिससे किशमिश का सेवन करने वालों को जान का खतरा है। इस आदेश के बाद न्यू जर्सी के निरवाना फुड्स ने अपने 28 औंस के गोल्डन किशमिश के पैकेट्स को बाजार से वापस मंगवा लिया है। FDA के मुताबिक इस किशमिश के पैकेट्स में सल्फाइट्स पाए गए हैं, जो इंसानों में गंभीर एलर्जी पैदा करते हैं। नोटिस में कहा गया है कि इस केमिकल के सेवन से जान को भी खतरा पहुंच सकता है और मरीजों को जानलेवा एनाफिलेक्टिक का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, किशमिश की रिफाइनिंग के दौरान उसके कालेपन और गंदगी को दूर करने के लिए सल्फाइट का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अमेरिकी सरकार के नियमों के अनुसार गोल्डन किशमिश के पैकेट्स पर इसका स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य है। अस्थमा के मरीजों के लिए काल अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, यह केमिकल इसलिए भी चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि अमेरिका में लगभग 6 फीसदी वयस्क और 8 फीसदी बच्चे एलर्जी रोगों से प्रभावित हैं। निरवाना फुड्स के जिस लॉट्स को बाजार से वापस बुलाया गया है, वह न्यूयॉर्क के महाराजा सुपर मार्केट और न्यू जर्सी एवं न्यूयॉर्क के विलेजर फार्मर्स मार्केट स्टोर्स में बेचे गए थे। CDC के मुताबिक, सल्फाइट के सेवन से किसी बीमार या संवेदनशील व्यक्ति की जान जा सकती है। इसके अलावा आम जन को इससे गले में सूजन, सांस लेने में परेशानी, ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट या बेहोशी जैसी परेशानियां हो सकती हैं, जिसमें तुरंत इलाज की जरूरत है। अस्थमा और दमा के मरीजों के लिए यह काल है। देर करने पर जान जाने का जोखिम होता है। क्यों होता है इस केमिकल का इस्तेमाल? बता दें कि गोल्डन किशमिश के सप्लायर्स किशमिश को सुनहरा रंग देने और उसकी सफाई करने के लिए सल्फरडाइऑक्साइड और सल्फाइट का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, गहरे रंग की गोल्डन किशमिश को इस तरह के केमिकल से सफाई की जरूरत नहीं होती। बड़ी बात यह भी है कि सल्फाइट प्राकृतिक रूप से टमाटर, प्याज और वाइन जैसे पदार्थों में भी पाया जाता है।गोल्डन किशमिश को भारत में सुल्ताना किशमिश भी कहा जाता है। यह बीज रहित किस्म के सूखे सफेद अंगूर होते हैं। ये सुनहरे रंग के होते हैं और अन्य किशमिशों की तुलना में ज़्यादा गाढ़े, मीठे और रसीले होते हैं। यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिसमें प्रोटीन, आयरन और आवश्यक विटामिन भी होते हैं।  

रिजिजू का दो टूक: ऑपरेशन सिंदूर पर खुली है सरकार, ट्रंप का दावा अलग नजरिए से देखें

नई दिल्ली  केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को कहा कि मॉनसून सत्र के दौरान सरकार ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम आतंकी हमला जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। सत्र 21 जुलाई सोमवार से शुरू होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार किसी भी मुद्दे से पीछे नहीं हटेगी और संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध है। रिजिजू ने ये बातें ऑल पार्टी मीटिंग के बाद कहीं। सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में रिजिजू से जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीज़फायर दावे को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल किया गया, तो रिजिजू ने कहा कि सरकार संसद में ही इस पर जवाब देगी, बाहर नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में हमेशा मौजूद रहते हैं जब भी कोई बड़ा मुद्दा उठता है। रिजिजू के मुताबिक, सरकार मॉनसून सत्र में 17 विधेयक (बिल) पेश करने की योजना बना रही है और बहस के दौरान सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। सर्वदलीय बैठक में 51 दल हुए शामिल उन्होंने कहा, "हम खुले दिल से चर्चा के लिए तैयार हैं। हम संसदीय नियमों और परंपराओं का सम्मान करते हैं।” ऑल पार्टी बैठक में 51 दलों के 54 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें सभी दलों – एनडीए, यूपीए (इंडिया ब्लॉक) और निर्दलीय सांसदों – ने अपने मुद्दे रखे और बहस की मांग की। रिजिजू ने कहा, "हम अलग-अलग विचारधाराओं से हो सकते हैं, लेकिन संसद को ठीक से चलाना सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है।" न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा पर महाभियोग प्रस्ताव किरण रिजिजू ने बताया कि सांसदों द्वारा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग लाने की मांग की गई है। 100 से अधिक सांसदों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। सरकार इस मानसून सत्र में ही प्रस्ताव लाएगी, लेकिन इसके पेश किए जाने की तारीख अभी तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा, "महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा। टाइमलाइन बाद में बताई जाएगी।" छोटे दलों को कम बोलने के समय मिलने पर भी बोले रिजिजू रिजिजू ने यह भी माना कि जिन दलों के सांसद कम संख्या में हैं, उन्हें अक्सर संसद में बोलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय को लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के समक्ष उठाएगी और इसे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया जाएगा ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।  

ड्रैगन का जल-जाल: भारत के लिए क्यों खतरनाक है चीन का नया मेगा डैम?

नई दिल्ली चीन ने भारतीय सीमा पर नया बांध बनाना शुरू कर दिया है। यह बांध तिब्बत में ब्रह्मपुत्र पर बनाया जा रहा है। चीनी परिषद ने अपनी वेबसाइट पर इस बांध को लेकर जानकारी दी है।बनकर तैयार होने के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा बांध होगा। चीन की इस हरकत ने भारत ने माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। इसके पीछे कई वजहें हैं। असल में यह बांध नहीं, बल्कि चीन का एक वॉटर बम है, जिसे वह भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर सकता है। इसके अलावा इस बांध की लोकेशन ऐसी है जो भारत के लिए रणनीतिक लिहाज से काफी अहम है। इसके अलावा इस लोकेशन पर टैक्टोनिक प्लेट्स के टकराने से भूकंप का खतरा भी बना रहता है। भारतीय सीमा के करीब चीन भारतीय सीमा के नजदीक यह बांध बना रहा है। चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने इस बांध के निर्माण का ऐलान कर दिया है। यह बांध चीन के न्यिंगची शहर में ब्रह्मपुत्र नदी के निचले क्षेत्र में बनाया जा रहा है। यह बांध हिमालय पर्वतमाला में एक विशाल घाटी पर बनाया जाएगा। इसी जगह पर ब्रह्मपुत्र नदी एक विशाल ‘यू-टर्न’ लेकर अरुणाचल प्रदेश और फिर बांग्लादेश में प्रवेश करती है। ब्रह्मपुत्र नदी चीन में सांगपो के नाम से जानी जाती है। यह नदी दक्षिण-पश्चिमी तिब्बत में कैलाश पर्वत के पास जिमा यांगजोंग ग्लेशियर से निकलती है। इसकी लंबाई 1,700 किलोमीटर है। यह भारत में अरुणाचल प्रदेश की सियांग नदी में, फिर असम में ब्रह्मपुत्र और बाद में बांग्लादेश पहुंचती है। भारत के लिए क्यों चिंता भारत में इस बात को लेकर चिंताएं उत्पन्न हो गईं कि बांध के आकार और पैमाने के कारण चीन को जल प्रवाह को नियंत्रित करने का अधिकार तो मिलेगा ही, साथ ही इससे बीजिंग को युद्ध के समय सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ लाने के लिए बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने में भी मदद मिलेगी। साल 2020 में एक ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक ने रिपोर्ट पब्लिश की थी। इसके मुताबिक चीन तिब्बत के पठार की नदियों को कंट्रोल करके भारत को परेशानी में डाल सकता है। इतनी है लागत यह बांध 167.8 अरब डॉलर की लागत से बनाया जा रहा है। यहां पर पांच हाइड्रोपॉवर स्टेशंस बनेंगे। यहां बने जल विद्युत स्टेशन से हर साल 300 अरब किलोवाट घंटे से अधिक बिजली पैदा होने की उम्मीद है। इससे चीन में करीब 30 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा। अभी तक चीन में यांग्ज्ती नदी पर बना था, जहां सबसे ज्यादा बिजली पैदा होती है। भारत की क्या तैयारी भारत भी अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बना रहा है। भारत और चीन ने सीमा पार नदियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए 2006 में विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र (ईएलएम) बनाया थ्ज्ञा। जिसके तहत चीन बाढ़ के मौसम के दौरान भारत को ब्रह्मपुत्र नदी और सतलुज नदी पर जल विज्ञान संबंधी जानकारी प्रदान करता है। लेकिन यह बांध बन जाने के बाद यह सिस्टम कितना काम करेगा यह देखने वाली बात होगी।  

राहुल बनाम लेफ्ट: RSS तुलना पर INDIA गठबंधन में तनाव चरम पर

नई दिल्ली बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। एनडीए और महागठबंधन, दोनों में ही घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग पर बातचीत जारी है। इस बीच कांग्रेस ने लेफ्ट पार्टी को लेकर एक बयान देकर खलबली मचा दी है। राहुल ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की विचारधारा एक जैसी है। उनके इस बयान के बाद इंडिया गठबंधन में दरार की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। सूत्रों के अनुसार शनिवार को इंडिया गठबंधन की वर्चुअल बैठक में इस मुद्दे को वामपंथी नेताओं द्वारा जोरदार ढंग से उठाया गया। राहुल गांधी ने केरल के कोट्टायम में पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की पुण्यतिथि पर आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मैं RSS और CPI(M) दोनों से विचारधारा को लेकर समान रूप से लड़ता हूं। मेरी सबसे बड़ी शिकायत यह है कि इन दोनों में लोगों के प्रति संवेदना नहीं है। राजनीति में होना मतलब लोगों को महसूस करना, उन्हें सुनना और छूना भी जरूरी है।" वामदलों ने जताई आपत्ति बैठक में सीपीआई नेता डी राजा ने इस मुद्दे को बिना नाम लिए उठाते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियां कैडरों में भ्रम फैलाती हैं और गठबंधन की एकता को नुकसान पहुंचा सकती हैं। एक अन्य नेता ने याद दिलाया कि INDIA गठबंधन का नारा था, "देश बचाओ, बीजेपी हटाओ", न कि आपसी मतभेद को बढ़ावा देना। राहुल गांधी की टिप्पणी पर सीपीआई(एम) महासचिव एम.ए. बेबी ने एक तीखा वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी द्वारा CPI(M) और RSS की तुलना करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे यह जाहिर होता है कि उन्हें केरल और भारत की राजनीतिक हकीकत की सही समझ नहीं है।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2004 में कांग्रेस सरकार वामपंथी दलों के समर्थन से ही बनी थी। उन्होंने कहा, "डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार CPI(M) के समर्थन के बिना नहीं बन सकती थी।" बेबी ने राहुल गांधी के वायनाड से चुनाव लड़ने को लेकर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा, "वह जिस सीट से लड़े, वहां उन्हें BJP या RSS से नहीं, बल्कि CPI उम्मीदवार से मुकाबला करना पड़ा।" गौरतलब है कि राहुल गांधी ने वायनाड से CPI उम्मीदवार एनी राजा के खिलाफ चुनाव जीतने के बाद सीट छोड़ दी थी और अब वह रायबरेली से सांसद हैं। बाद में वायनाड सीट से प्रियंका गांधी उपचुनाव जीत चुकी हैं। आलोचना होगी, लेकिन तुलना नहीं: सीपीआईएम एम.ए. बेबी ने कहा कि वामपंथी दल कांग्रेस की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हैं, लेकिन कभी कांग्रेस की तुलना बीजेपी या RSS से नहीं करते। उन्होंने कहा, "हम कांग्रेस की आलोचना स्वतंत्र रूप से करते हैं, लेकिन कभी उन्हें RSS या BJP जैसा नहीं कहते।" कांग्रेस और CPI(M) राष्ट्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन केरल में दोनों दल प्रतिद्वंद्वी मोर्चों का नेतृत्व करते हैं। कांग्रेस के नेतृत्व में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और वाम दलों के नेतृत्व में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF)। बीजेपी यहां अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश कर रही है। बिहार की बात करें तो 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में लेफ्ट की पार्टियां भी शामिल हैं।  

अहमदाबाद में जहर खाकर एक ही परिवार के 5 लोगों ने दी जान, शहर में सनसनी

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक ही परिवार के पांच लोगों ने कथित रूप से जहर खाकर जान दे दी। मृतकों में पति-पत्नी उनकी दो बेटियां और एक बेटा शामिल है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए हैं। सामूहिक खुदकुशी की वजह अभी पता नहीं चल सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अहमदाबाद ग्रामीण के एसपी ने बताया कि बावला स्थित किराए के मकान में एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने जहरीला तरल पदार्थ पीकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण अभी पता नहीं चल सका है। सभी मूल रूप से ढोलका के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान विपुल वाघेला (32), उसकी पत्नी सोनल (26) और उनके बच्चों करीना (11), मयूर (8) और राजकुमारी (5) के रूप में हुई है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए स्थानीय अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस को सामूहिक आत्महत्या का शक भाषा के मुताबिक, अहमदाबाद जिले में शनिवार देर रात एक दंपती और उनके तीन बच्चों के शव उनके घर से बरामद किए गए। पुलिस को शक है कि यह सामूहिक आत्महत्या का मामला है। पुलिस अधीक्षक अहमदाबाद (ग्रामीण) ओम प्रकाश जाट ने बताया कि यह घटना बगोदरा गांव में हुई और पुलिस को इसकी सूचना देर रात करीब 2 बजे मिली। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि इस कदम के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अधिकारी ने कहा, ‘‘ एक व्यक्ति, उसकी पत्नी और उसके तीन बच्चों ने बगोदरा स्थित अपने किराए के मकान में जहर खाकर जान दे दी। व्यक्ति ऑटो-रिक्शा चलाकर अपना गुजारा करता था और परिवार द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।’’ पुलिस और फॉरेंसिक टीम घर की तलाशी लेने के साथ ही सबूत इकट्ठे कर रही हैं। इसके साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पहले भी हो चुकीं ऐसी घटनाएं 8 जून 2025 : इससे पहले गुजरात के मेहसाणा जिले में आर्थिक तंगी के चलते एक दंपती ने अपने 9 साल के बेटे के साथ कडी कस्बे के पास नर्मदा नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मृतकों में 38 साल के धर्मेश पंचाल, 36 साल की उनकी पत्नी उर्मिला और 9 साल के बेटे प्रकाश शामिल था। पुलिस ने धर्मेश की कार से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था। पुलिस के अनुसार, परिवार आर्थिक संकट के कारण तनाव में था। 13 अप्रैल 2025 : गुजरात के साबरकांठा जिले के वडाली कस्बे में एक किसान ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रात में जहर खा लिया था। पति-पत्नी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वडाली थाना पुलिस ने बताया था कि दंपती, उनके दो बेटों और एक बेटी को शनिवार सुबह उल्टियां होने लगी, जिसके बाद पड़ोसियों ने एम्बुलेंस बुलाई और परिवार के पांचों सदस्यों को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें हिम्मतनगर के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां किसान की शाम के वक्त और उनकी पत्नी की रविवार सुबह मौत हो गई। मृतकों की पहचान विनू सागर (42) और उनकी पत्नी कोकिलाबेन (40) के रूप में हुई थी।  

पुतिन की भारत यात्रा से पहले अंतरराष्ट्रीय हलचल, क्या बदलेगा भू-राजनीतिक समीकरण?

नई दिल्ली रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते बढ़ते वैश्विक तनाव और अमेरिका-नाटो के तीखे ऐतराज के बावजूद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल के अंत में भारत दौरे पर आने वाले हैं। उनका यह दौरा भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के सिलसिले में होगा, जो 2021 के बाद पहली बार नई दिल्ली में आयोजित होगा। यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब अमेरिका और नाटो (NATO) में शामिल देश रूस पर लगातार प्रतिबंध बढ़ा रहे हैं और भारत से रूसी रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर पुनर्विचार करने का दबाव बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस सम्मेलन के दौरान रक्षा उद्योग में सहयोग, ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी, परमाणु ऊर्जा सहयोग, आर्कटिक क्षेत्र में भारत की भूमिका का विस्तार और हाई-टेक सेक्टर में संयुक्त रोडमैप पर काम जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। हाल ही में पुतिन ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर रूस ने भारत को उर्वरक निर्यात बढ़ाया है, जिससे भारतीय खाद्य सुरक्षा को बल मिला। वहीं, भारत और रूस के बीच नए परमाणु संयंत्र के दूसरे स्थान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी इस शिखर सम्मेलन के दौरान पूरी हो सकती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा था कि भारत-रूस शिखर सम्मेलन महत्वपूर्ण है। पिछली बार यह मॉस्को में हुआ था, अब बारी भारत की है। तारीखें आपसी सहमति से तय की जाएंगी। अमेरिका और NATO को क्यों है आपत्ति? रूस के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीद और रक्षा साझेदारी जारी रखी है। अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से दूरी बनाए, खासकर उच्च तकनीक और सैन्य मामलों में कोई व्यापार नहीं करे। वहीं, NATO देश इस बात चिंतित हैं कि भारत का यह रुख G7 और पश्चिमी दुनिया की रणनीति को कमजोर कर सकता है। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि भारत अपनी विदेश नीति स्वतंत्र रूप से तय करता है। रूस एक पुराना और भरोसेमंद सहयोगी है। ऑपरेशन सिंदूर से पहले पुतिन ने दिया था भारत को समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच आखिरी बातचीत ऑपरेशन सिंदूर से ठीक पहले हुई थी। रूस ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का समर्थन किया था। इस सैन्य अभियान में रूसी रक्षा प्रणालियों की अहम भूमिका रही। रूसी S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली और भारत-रूस संयुक्त ब्रह्मोस प्रोजेक्ट ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। इन प्रणालियों ने पाकिस्तान की चीन निर्मित सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक निष्क्रिय किया। SCO समिट में भी हो सकती है मोदी-पुतिन मुलाकात अगर प्रधानमंत्री मोदी चीन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेते हैं, तो वहां भी उनकी पुतिन से अलग से मुलाकात संभव है।  

कंगना का विवादित बयान बना चर्चा का विषय, मंडी में आई आपदा को बताया ‘भारी-भरकम’ भूकंप

मंडी अभिनेत्री एवं मंडी की सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान से चर्चाओं में हैं। दिल्ली में एक एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कंगना ने मंडी संसदीय क्षेत्र में आई आपदा को भारी-भरकम भूकंप बता दिया। इससे एक बार फिर वह सोशल मीडिया यूजर्स और कांग्रेस के निशाने पर हैं। इंटरव्यू में कंगना ने संसद के सत्र को लेकर उत्साहित होने की बात कही। पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की। मंडी संसदीय क्षेत्र में आई आपदा को भारी भरकम भूकंप बताते हुए कहा कि इस संबंध में अलग-अलग मंत्रालय से मिलने को लेकर काम किया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर और विश्वभर में भारत की स्थिति को लेकर भी खुशी जताई। बता दें कि पहले कंगना आपदा के बीच मंडी में न होने को लेकर सोशल मीडिया से लेकर कांग्रेस नेताओं के निशाने पर रहीं। बाद में स्थिति संभालने आपदा प्रभावित क्षेत्र सराज में दौरा करते हुए उनके मीडिया को दिए बयान काफी चर्चा में रहे। अपने बयान में उन्होंने आपदा को लेकर कोई फंड न होने की बात कही थी। अब बादल फटने के बाद हुई तबाही को कंगना ने भारी भरकम भूकंप बता दिया है। यूजर्स वीडियो पर टिप्पणी करते हुए सांसद की कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठा रहे है और ज्ञान रखने की सलाह दे रहे हैं।

जेपी नड्डा की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक, मानसून सत्र को लेकर रणनीति पर चर्चा

 नई दिल्ली संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले आज (20 जुलाई) सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक सुबह 11:00 बजे संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस बैठक में सरकार सभी राजनीतिक दलों से संसद के दोनों सदनों के सुचारु संचालन चलाने को लेकर बात कर रही है। इस सत्र में केंद्र सरकार 8 विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भाग ले रहे हैं, जहां सरकार का प्रतिनिधित्व संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और उनके कनिष्ठ मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कर रहे हैं। कांग्रेस के गौरव गोगोई और जयराम रमेश, राकांपा-शरद पवार की सुप्रिया सुले, द्रमुक के टी.आर. बालू और आरपीआई (ए) नेता एवं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले भी बैठक में शामिल हो रहे हैं। मानसून का यह सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 21 बैठकें होंगी। गौरतलब है कि 12 अगस्त से 18 अगस्त के बीच कोई बैठक निर्धारित नहीं की गई है। सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के बाद आप सांसद संजय सिंह कहते हैं, मैं सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे जेपी नड्डा से अनुमति लेकर किसी अन्य महत्वपूर्ण बैठक में जा रहा हूं। मैंने अपनी पार्टी की ओर से जो मुद्दा उठाया है, वह यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार कह रहे हैं कि उन्होंने ट्रेड डील के नाम पर सीजफायर करवाया, सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। दिल्ली में झुग्गियां तोड़ी गईं और मैंने यह मुद्दा उठाया है और सरकार को इसे रोकना चाहिए।  बिहार में एसआईआर की यह कवायद बंद होनी चाहिए… अगर सरकार जवाब नहीं देती है, तो हम सदन के अंदर और बाहर सवाल उठाएंगे। इससे पहले मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री रिजिजू ने कहा था कि सरकार महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मामलों और लंबित विधेयकों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, संसद शुरू होने वाली है। संसद में जो भी मुद्दा आएगा, हम उसे सुनेंगे। कल खरगे जी और राहुल जी के साथ मेरी बहुत अच्छी बैठक हुई। मैं अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ नियमित बैठकें करता रहता हूं। एक संसदीय मंत्री होने के नाते, सभी के साथ समन्वय बनाए रखना मेरी जिम्मेदारी है। आठ नये विधेयक पेश करेगी केंद्र सरकार केंद्र सरकार सोमवार (21 जुलाई 2025) से शुरू हो रहे मानसून सत्र में कुल आठ नये विधेयकों को पेश करने की योजना बनाई है जिनमें भू-विरासत स्थलों और भू-अवशेषों के संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित एक विधेयक भी शामिल है। मानसून सत्र के लिए प्रस्तावित विधेयकों में राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक शामिल है।

फिल्मी अंदाज में लूटपाट! फर्जी अफसर बनकर की बड़ी ठगी

नई दिल्ली दिल्ली में बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर फर्जी सीबीआई रेड का मामला सामने आया है। फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर आए ठगों ने वजीराबाद इलाके में बिल्डर के घर छापा मारा और फिर परिवार को बंधक बनाकर तीन लाख रुपये और 8 तोले सोने के गहने ठग लिए। पुलिस ने पीड़ित के महिला रिश्तेदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी राजा बांठिया ने रविवार को बताया कि पीड़ित इशरत जमील परिवार सहित वजीराबाद इलाके में रहते हैं। इशरत पेशे से बिल्डर हैं और 10 जुलाई की रात को पत्नी एवं दो बेटियों के साथ घर पर थे। इसी दौरान सफेद शर्ट एवं काली पैंट पहने महिला समेत तीन शख्स घर में जबर्दस्ती घुस गए। मुंह ढके तीनों शख्स ने परिवार को बंधक बना लिया। एक ने खुद को सीबीआई अधिकारी सुनील दुबे बताया और कहा कि पीड़ित के घर की जांच का वारंट है। हालांकि, पीड़ित ने वारंट दिखाने को कहा तो उन्होंने उसे अपशब्द बोल कर धमका दिया। करीब दो घंटे तक बंधक बनाया पीड़ित ने बताया कि करीब दो घंटे तक परिवार को बंधक बना कर रखा गया। इस दौरान तीनों ने पूरे घर को खंगाला और अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे तीन लाख रुपये कैश एवं गहने निकाल लिए। आरोपियों ने पीड़ित की बेटी के स्कूल रजिस्टर पर रिसीविंग भी दे दी। बदमाशों के जाने के बाद डरे सहमे पीड़ित बिल्डर ने पुलिस को इसकी सूचना दी। करीब दो सौ कैमरे खंगालने पर बाइक नंबर से मिला सुराग डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि एसआई सरताज खान की टीम ने जांच शुरू की। करीब दो सौ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। वारदात में शामिल बदमाश एक फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक पर आए थे। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज के जरिये बाइक के आने एवं जाने के रास्ते को तलाशा गया। एसआई सरताज ने बाइक का असली रजिस्ट्रेशन नंबर ढूंढ़ निकाला जो करावल नगर निवासी शायना के नाम पर दर्ज था। इसी जानकारी के आधार पर शुक्रवार को मसूरी से शायना एवं केशव प्रसाद को और हरिद्वार से विवेक को गिरफ्तार कर लिया। गृहस्थी बसाने के लिए वारदात पुलिस अधिकारी ने बताया कि शायना और केशव एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। लेकिन परिवार के दबाव में आकर केशव ने हरिद्वार में दुकान खोल ली थी। शायना को केशव के साथ शादी कर गृहस्थी बसाने के लिए रुपयों की जरूरत थी। उसे दूर के रिश्तेदार इसरत की आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी थी। इसलिए शायना ने केशव के साथ वहां लूटपाट की योजना तैयार की। केशव ने अपने पड़ोसी विवेक को भी इसमें शामिल कर लिया। पूछताछ में मालूम हुआ कि वारदात के बाद रुपयों का बंटवारा हुआ और केशव ने अपनी दुकान के लिए सामान खरीदा। इसके बाद होटल में घूमने में रुपये खर्च कर दिए। दस लाख रुपये होने की उम्मीद थी शायना को उम्मीद थी कि इशरत के घर में करीब दस लाख कैश रुपये रखे होंगे। उसे इशरत के घर का ठीक-ठीक पता भी नहीं मालूम था। उसे जानकारी थी कि उसे गली संख्या, मस्जिद, लिफ्ट और टॉप फ्लोर पर फ्लैट होने की जानकारी थी। इसी के आधार पर तीनों शख्स पीड़ित के घर पर पहुंच गए। पशु प्रेमी और ट्यूटर है शायना पुलिस अधिकारी ने बताया कि शायना करावल नगर में रहती है। आसपास के लोगों ने बताया कि वह पशु प्रेमी है और घायल जानवरों की मरहम पट्टी करती है। इसके अलावा स्थानीय बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती है।    

भारत-ईएफटीए FTA लागू होने को तैयार, गोयल बोले- ऐतिहासिक अवसर

नई दिल्ली  भारत और चार देशों के यूरोपीय समूह ईएफटीए के बीच मुक्त व्यापार समझौता एक अक्तूबर से लागू होगा। दोनों पक्षों ने 10 मार्च, 2024 को व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें। भारत और चार देशों के यूरोपीय समूह ईएफटीए के बीच मुक्त व्यापार समझौता एक अक्तूबर से लागू होगा। दोनों पक्षों ने 10 मार्च, 2024 को व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत, भारत को समूह से 15 वर्षों में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई है, जबकि स्विस घड़ियों, चॉकलेट और कटे और पॉलिश किए गए हीरों जैसे कई उत्पादों को कम या शून्य शुल्क पर अनुमति दी गई है। गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "भारत-ईएफटीए टीईपीए 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा।" यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के सदस्य आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं। समूह ने 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है – समझौते के कार्यान्वयन के बाद 10 वर्षों के भीतर 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तथा अगले पांच वर्षों में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर- जिससे भारत में 1 मिलियन प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। यह भारत द्वारा अब तक हस्ताक्षरित किसी भी व्यापार समझौते में सहमत अपनी तरह की पहली प्रतिज्ञा है। यह प्रतिबद्धता इस समझौते का मुख्य तत्व है, जिसे पूरा होने में लगभग 16 वर्ष लगे, जिसके बदले में भारत ने EFTA देशों से आने वाले कई उत्पादों के लिए अपने बाजार खोल दिए। इस समूह में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार स्विट्जरलैंड है। शेष तीन देशों के साथ भारत का व्यापार कम है। इस समझौते में भारत अपनी टैरिफ लाइनों या उत्पाद श्रेणियों का 82.7 प्रतिशत हिस्सा देने की पेशकश कर रहा है, जो ईएफटीए निर्यात का 95.3 प्रतिशत है, जिसमें से 80 प्रतिशत से अधिक आयात सोना है। घरेलू ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पाद, जैसे घड़ियां, चॉकलेट, बिस्कुट और घड़ियां, कम कीमत पर उपलब्ध हो जाएंगे, क्योंकि भारत व्यापार समझौते के तहत इन वस्तुओं पर सीमा शुल्क को 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर देगा। सेवा क्षेत्र में, वाणिज्य मंत्रालय ने पहले कहा था कि भारत ने ईएफटीए को 105 उप-क्षेत्रों की पेशकश की है, जैसे लेखांकन, व्यावसायिक सेवाएं, कंप्यूटर सेवाएं, वितरण और स्वास्थ्य। दूसरी ओर, देश ने स्विट्जरलैंड से 128 उप-क्षेत्रों में, नॉर्वे से 114, लिकटेंस्टीन से 107 और आइसलैंड से 110 उप-क्षेत्रों में प्रतिबद्धताएं हासिल की हैं। जिन क्षेत्रों में भारतीय सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा, उनमें कानूनी, दृश्य-श्रव्य, अनुसंधान एवं विकास, कंप्यूटर, लेखांकन और लेखा परीक्षा शामिल हैं। इसके अलावा, यह समझौता घरेलू निर्यातकों को यूरोपीय संघ (ईयू) के बाज़ारों में एकीकृत होने का अवसर प्रदान करेगा। स्विट्ज़रलैंड के वैश्विक सेवा निर्यात का 40 प्रतिशत से अधिक यूरोपीय संघ को होता है। भारतीय कंपनियाँ यूरोपीय संघ तक अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए स्विट्ज़रलैंड को एक आधार के रूप में देख सकती हैं। 2024-25 में भारत-ईएफटीए द्विपक्षीय व्यापार 24.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।