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भारी बारिश से पाकिस्तान में तबाही, 657 लोग गंवाए जीवन

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में जारी भीषण मानसूनी बारिश ने तबाही मचा दी है। देशभर में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जून के अंत से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 657 लोगों की मौत हो गई है और करीब 1,000 लोग घायल हुए हैं। सोमवार को अकेले 400 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की गई, जिनमें अधिकतर मामले बन्नू, स्वात, शंगला, बाजौर, पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) से सामने आए। बारिश और बाढ़ से दर्जनों घर बह गए, गांवों में अंतिम संस्कार खुले मैदानों में होने लगे और पहाड़ी घाटियों में मातम छा गया। इस त्रासदी ने एक बार फिर पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता और संस्थागत तैयारियों की कमी को उजागर कर दिया है। यह बात पाकिस्तान ऑब्जर्वर में प्रकाशित शोधार्थी ज़फ़र ख़ान सफ़दर के लेख में सामने आई। खैबर पख्तूनख्वा (के-पी) प्रांत में सबसे अधिक जनहानि हुई, जहां बीते 15 वर्षों में सरकार ने महज नारेबाजी और वादों के सिवा कुछ ठोस कदम नहीं उठाए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान का बहुचर्चित "बिलियन ट्री सुनामी प्रोजेक्ट" एक बड़े घोटाले के रूप में सामने आया है। इसमें न तो वादे के मुताबिक पेड़ लगाए गए, न भूमि का सही उपयोग हुआ, बल्कि अरबों रुपये की हेराफेरी हुई और स्वात व दिर की पहाड़ियां अब भी उजड़ी पड़ी हैं। इसके अलावा, के-पी के मलम जब्बा भूमि घोटाले ने प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। सोमवार को के-पी के स्वाबी जिले में ही 17 लोगों की मौत हो गई। यहां बादल फटने से दर्जनभर घर डूब गए और भूस्खलन ने कई बस्तियों को निगल लिया। स्वाबी के डिप्टी कमिश्नर नसरुल्लाह ख़ान ने बताया कि डालोरी गांव में बादल फटने से 12 घर पूरी तरह डूब गए, जबकि गडून अमजई के पहाड़ी इलाकों में भारी तबाही हुई। पाकिस्तान ऑब्जर्वर ने रिपोर्ट में कहा कि के-पी में अनियंत्रित पेड़ कटाई और वनों की अंधाधुंध कटान ने प्राकृतिक सुरक्षा कवच को नष्ट कर दिया है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यदि सरकार ने वनों की सुरक्षा, जलग्रहण क्षेत्रों की बहाली और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त रखने पर गंभीरता दिखाई होती, तो अनगिनत लोगों की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन हकीकत यह है कि सैकड़ों मौतें सिर्फ बाढ़ और बारिश से नहीं बल्कि सरकारी लापरवाही, कुप्रबंधन और जवाबदेही के अभाव से हुई हैं।

डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री का बयान: भारत के अमीर परिवारों का रूसी तेल पर लाभ

नई दिल्ली  भारत पर 50 फीसदी शुल्क लगा चुके अमेरिका का कहना है कि रूसी तेल की खरीद के मामले में चीन की स्थिति अलग है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकार में वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को कहा है कि रूसी तेल खरीदकर भारत मोटा मुनाफा कमा रहा है। भारत ने पहले भी कहा है कि उसे रूसी तेल खरीदने के कारण अमेरिका और यूरोपीय संघ की तरफ से निशाना बनाया जा रहा है। सीएनबीसी से बातचीत में बेसेंट ने कहा है कि भारत ने यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी तेल बेचकर काफी मुनाफा कमाया है। उन्होंने कहा, 'यह… भारतीय मध्यस्थता यानी सस्ता रूसी तेल खरीदना और एक उत्पाद के रूप में दोबारा बेचना युद्ध के दौरान ही शुरू हुआ, जो बिल्कुल अस्वीकार्य है।' साथ ही उन्होंने कहा कि भारत का रूसी तेल खरीदना 'अमीर भारतीय परिवारों' को फायदा पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी कुल जरूरत का 1 फीसदी से भी कम रूस से खरीदता था, लेकिन अब 'ये 42 प्रतिशत तक पहुंच गया है।' उन्होंने कहा, 'भारत सिर्फ मुनाफा कमा रहा है, वह इसे बेच रहे हैं…। उन्होंने 16 बिलियन ज्यादा प्रॉफिट कमाया है। इनमें कुछ भारत के रईस परिवार हैं।' चीन को लेकर अमेरिका की रणनीति का भी बेसेंट ने बचाव किया है। उन्होंने कहा कि बीजिंग 'का तेल आयात अलग-अलग स्थानों से हैं और ऐसे में उनकी स्थिति अलग है।' खास बात है कि चीन भी रूसी तेल खरीदता है, लेकिन अमेरिका ने बीजिंग पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। भारत के अलावा ट्रंप ने ब्राजील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।  

नाबालिग लड़की की शादी पर SC का फैसला, NCPCR की अपील अस्वीकृत

नई दिल्ली मुस्लिम लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में आयोग पक्षकार नहीं था, इसलिए उसे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है। दरअसल, 2022 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में 21 वर्षीय मुस्लिम युवक और 16 वर्षीय मुस्लिम लड़की के प्रेम विवाह को मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत वैध माना था। यह मामला तब अदालत में पहुंचा था जब विवाहित जोड़े ने अपनी सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने जोड़े को सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके विवाह को मान्यता दी थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ एनसीपीसीआर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना की अगुवाई वाली बेंच ने मंगलवार को आयोग से सख्त लहजे में पूछा कि एनसीपीसीआर का इस मामले से क्या लेना-देना है? जब दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है और हाईकोर्ट ने उन्हें सुरक्षा दी है, तो आयोग इस आदेश को कैसे चुनौती दे सकता है? जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर दो बच्चों को हाईकोर्ट संरक्षण देता है तो एनसीपीसीआर यह नहीं कह सकता कि उन्हें सुरक्षा न दी जाए। आयोग के पास इस आदेश को चुनौती देने का कोई औचित्य नहीं है। एनसीपीसीआर के वकील ने अपनी दलील में कहा कि वे कानून का सवाल उठा रहे थे कि क्या 18 साल से कम उम्र की लड़की को सिर्फ पर्सनल लॉ के आधार पर कानूनी तौर पर शादी करने की योग्यता रखने वाला माना जा सकता है। हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में कानून का कोई सवाल ही नहीं उठता। सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की ओर से दायर अर्जी को भी खारिज कर दिया।

PM मोदी से मिले वांग यी, ट्रंप टैरिफ और सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर हुई बातचीत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भी अहम बैठक की। बता दें कि सीमा वार्ता में वांग और डोभाल दोनों ही अपॉइंटेड स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने और सीमा पर शांति कायम करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इससे पहले सोमवार को वांग यी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी।   वांग यी के साथ बैठक के बाद अजीत डोभाल ने कहा कि पिछले साल अक्तूबर में रूस के कजान में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात काफी सफल रही। इस मुलाकात के बाद दोनों देश एक नया ट्रेंड स्थापित करने में सफल रहे। इस मीटिंग के बाद दोनों देशों के रिश्तों को काफी मजबूती मिली। दोनों देशों के बीच एक नया माहौल बना है।  

इजरायल की सख्ती रंग लाई, गाजा संघर्ष में पीछे हटने को मजबूर हुआ हमास

गाजा  गाजा में इजरायल के बढ़ते दबाव का असर अब साफ दिखने लगा है। लंबे समय से संघर्ष कर रहा हमास आखिरकार पीछे हटता नजर आ रहा है। उसने इजरायल को 60 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव  दिया है। इस समझौते के तहत हमास आधे बंधकों को रिहा करेगा, बदले में इजरायल को अपनी जेलों में बंद कुछ फलस्तीनियों को छोड़ना होगा। इजरायली मीडिया ने हमास के  प्रस्ताव की पुष्टि की  इजरायली मीडिया ने हमास के इस प्रस्ताव की पुष्टि कर दी है, लेकिन अब तक इजरायल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें भी इस बारे में मीडिया से ही जानकारी मिली है और इससे यह साफ है कि हमास भारी दबाव में है। मिस्र के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह प्रस्ताव अमेरिकी विशेष दूत  स्टीव विटकोफ की सुझाई योजना पर आधारित है। इस योजना को इजरायल पहले ही स्वीकार कर चुका है। काहिरा में मध्यस्थता बैठकों में हमास के प्रतिनिधियों,  कतर के प्रधानमंत्री अब्दुलरहमान अल थानी  और  मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी ने भी चर्चा की।   हजारों फिलीस्तीनी  छोड़ रहे अपने घर इजरायल की ओर से संभावित बड़े जमीनी हमले की आशंका से हजारों फिलीस्तीनी अपने घर छोड़ रहे हैं। गाजा सिटी के पूर्वी इलाकों से लोग पश्चिम और दक्षिण की ओर भाग रहे हैं। बेत लाहिया इलाके के आश्रय प्रबंधक अहमद महेसेन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में करीब 995 परिवार दक्षिण की ओर चले गए हैं।    तबाही और मौतों का सिलसिला       फिलीस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय  के अनुसार, ताजा इजरायली हमलों में 60 लोगों की मौत हुई है।      अब तक 22 महीने से जारी युद्ध में  62,000 से अधिक फिलीस्तीनी मारे जा चुके हैं।       सोमवार को सहायता पाने की कोशिश में 7 फिलीस्तीनी मारे गए।      पिछले 24 घंटों में भूख और कुपोषण से 5 और मौतें हुईं।       7 अक्टूबर 2023 से अब तक  263 लोग भूख से मारे गए हैं  जिनमें 112 बच्चे शामिल हैं।       ऑस्ट्रेलियाई राजनयिकों के वीजा रद्द  इजरायल ने फिलीस्तीनी प्राधिकरण में तैनात ऑस्ट्रेलियाई राजनयिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। यह कदम तब उठाया गया जब ऑस्ट्रेलिया ने फिलीस्तीनी राज्य को मान्यता देने का फैसला किया और एक इजरायली सांसद का वीजा रद्द कर दिया था।

नागपुर में पहली बार जन्माष्टमी के उपलक्ष में मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

नागपुर  MCB जिला अंतर्गत नागपुर क्षेत्र में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व में नागपुर रामलीला मैदान में मटकी फोड़ आयोजन किया गया जो की नागपुर क्षेत्र में यह आयोजन पहली बार हुआ है नागपुर क्षेत्र के जनता में इस आयोजन क़ो देखकर काफ़ी उत्साहित है लोग। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती चंपा देवी पावले बीजेपी जिला अध्यक्ष वरिष्ठ तिथि के रूप में  नर्मदा प्रसाद राय दिनेश राय जमुना पांडे संजय राय धनेश यादव सरपंच ललन सिंह मुनीम  राम सिँह पावले सिंह भाजपा मंडल महामंत्री अमित राय ओबीसी मोर्चा के जिला जितेंद्र पुनीत चंदेल अमित साहू मनोज शुक्ला रमाशंकर सिंह  दीपक यादव महेश राय सेमरा सरपंच शारदा बैगा सत्यम राय चौकी प्रभारी शेष नारायण सिँह डी सी बघेल वरिष्ठ पत्रकार जो की अतिथियों के द्वारा प्रथम पुरस्कार द्वितीय पुरस्कार द्वितीय पुरस्कार से प्रकाशित किया गया और मुख्य अतिथि श्रीमती चंपा देवी जी आयोजक समिति को बहुत-बहुत बधाई दी और शुभकामनाएं की और आगे भी इसे और अच्छा किया जाए और क्षेत्र के लिए बड़ी बात है ग्रामीण क्षेत्र में भी इसी प्रकार का आयोजन होता रहे ।

25% टैरिफ वार्निंग बेअसर, इंडियन ऑयल रूस से कच्चा तेल खरीदने के फैसले पर अडिग

नई दिल्ली  सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) ने रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने सोमवार को कहा कि चालू तिमाही में रूस से तेल आयात जारी रहेगा। हालांकि, यह निर्णय कंपनी की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। कंपनी ने यह भी बताया कि अब रूसी तेल पर मिलने वाली छूट घटकर केवल 1.5 से 2 डॉलर प्रति बैरल रह गई है, जो पहले की तुलना में काफी कम है। अमेरिका की चेतावनी, ट्रंप की धमकी इंडियन ऑयल का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने का खतरा बना हुआ है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखी, तो उसे 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। "भारत भारी मात्रा में रूसी तेल खरीद रहा है और उसे मुनाफे पर खुले बाजार में बेच भी रहा है। भारत को इस बात की परवाह नहीं है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में कितने लोगों की मौत हो रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि इस पर फैसला लेने के लिए उन्हें दो से तीन हफ्ते का समय चाहिए।   रूसी तेल का आयात बढ़ा इंडियन ऑयल ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में उसके कुल कच्चे तेल आयात में रूस का हिस्सा 24 प्रतिशत रहा, जबकि 2025 में यह 22 प्रतिशत था। कंपनी ने कहा कि वर्तमान तिमाही में भी वह आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रूसी तेल की खरीद जारी रखेगी। रिफाइनिंग क्षमता में भारी निवेश इंडियन ऑयल वित्त वर्ष 2026 में अपने कारोबार पर 34,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इसमें से 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये रिफाइनरी संचालन पर और 15,000 से 16,000 करोड़ रुपये पेट्रोकेमिकल्स, मार्केटिंग, पाइपलाइन और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पर खर्च किए जाएंगे। कंपनी देशभर में अपनी रिफाइनिंग कैपेसिटी बढ़ाने पर भी काम कर रही है: पानीपत रिफाइनरी की क्षमता को 15 MMTPA से 25 MMTPA तक बढ़ाया जा रहा है, जो साल के अंत तक चालू हो सकती है। बरौनी (बिहार) रिफाइनरी की क्षमता को 6 MMTPA से 9 MMTPA किया जाएगा। वहीं, गुजरात की कोयली रिफाइनरी का विस्तार 13.7 MMTPA से 18 MMTPA तक किया जाएगा।  

बारिश का कहर जारी, बादल फटने से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बहा पुल और दुकानें

हिमाचल प्रदेश  हिमाचल प्रदेश में मॉनसून ने जमकर तबाही मचाई हुई है। अब राज्य के कुल्लू जिले की लग घाटी में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में तीन दुकानें, एक पुल और बाग-बगीचे बह गए हैं। इस आपदा के बाद कुल्लू और बंजार में सभी स्कूल और कॉलेज बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कनौण गांव में हुआ भारी नुकसान सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक स्थानीय निवासी ने बताया कि कनौण गांव में बूबू नाले पर बना पुल पूरी तरह बह गया है और वहां मौजूद तीन दुकानों का नामोनिशान तक मिट गया है। बादल फटने से न सिर्फ दुकानें बल्कि खेत और फसलें भी तबाह हो गई हैं। 2 नेशनल हाईवे समेत 389 सड़कें बंद रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। राज्य में कुल 389 सड़कें बंद हो गई हैं जिनमें 2 नेशनल हाईवे भी शामिल हैं। इसके अलावा कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। इस मॉनसून सीजन में हिमाचल में बादल फटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ दिन पहले किन्नौर में भी बादल फटा था जहां आईटीबीपी की 17वीं बटालियन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 413 से ज़्यादा तीर्थयात्रियों की जान बचाई थी।  

श्रद्धालुओं की उम्मीदों पर पानी, इस साल नहीं होगी किन्नर कैलाश यात्रा

हिमाचल  खराब मौसम के चलते इस साल की किन्नर कैलाश यात्रा रद्द कर दी गई है। यह फैसला लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और रास्तों की खराब स्थिति को देखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है। इस यात्रा में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। यात्रा काफी कठिन मानी जाती है क्योंकि इसमें ऊंचे पहाड़ों और खतरनाक रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन इस साल मौसम की अप्रत्याशित स्थिति ने यात्रा को असंभव बना दिया है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रास्तों पर कई जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे आगे बढ़ना जोखिम भरा हो गया है। इसके अलावा, अचानक बाढ़ और चट्टानें गिरने का भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा करने का प्रयास न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। यह निर्णय सभी की भलाई के लिए लिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

भारत-चीन रिश्तों में नया मोड़, वांग यी बोले- भारत को प्रतिद्वंद्वी नहीं, सहयोगी मानें

चीन  चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि भारत-चीन संबंध में सहयोग की ओर लौटने की दिशा में सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं। यी ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं बल्कि साझेदार के रूप में देखना चाहिए। आधिकारिक मीडिया ने मंगलवार को अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। खबर के अनुसार सोमवार को नयी दिल्ली पहुंचे वांग ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। उनकी यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की प्रस्तावित यात्रा से पहले हुई है। बैठक में वांग ने जयशंकर से कहा कि चीन-भारत संबंध में सहयोग की ओर लौटने की दिशा में सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के 75 साल पूरे हुए हैं और अतीत से सबक सीखा जा सकता है। उनका यह बयान पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद चार साल से अधिक समय में संबंधों में आई दरार की ओर स्पष्ट संकेत था। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ' ने बताया कि उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के लिए सही रणनीतिक धारणा रखना, एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी या खतरे के बजाय साझेदार और अवसर के रूप में देखना तथा विकास एवं पुनरुद्धार में अपने बहुमूल्य संसाधनों का निवेश करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को प्रमुख पड़ोसी देशों के लिए आपसी सम्मान और विश्वास के साथ सह-अस्तित्व, साझा विकास और अनुकूल सहयोग हासिल करने के सही तरीके तलाशने चाहिए।   वांग ने कहा कि चीन मैत्री, ईमानदारी, परस्पर लाभ और समावेशिता के सिद्धांतों को कायम रखने और भारत सहित पड़ोसी देशों के साथ मिलकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध, खूबसूरत और मैत्रीपूर्ण क्षेत्र बनाने के लिए काम करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को भरोसा करना चाहिए, एक दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, बाधाओं को दूर करना चाहिए, सहयोग का विस्तार करना चाहिए। खबर के अनुसार, वांग और जयशंकर के बीच बातचीत के बाद दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने पर सहमत हुए। अमेरिका की परोक्ष रूप से आलोचना करते हुए वांग ने कहा कि दुनिया बदल रही है और एकतरफा धमकाने की प्रथा बढ़ गई है, जिससे स्थिति तेजी से बदल रही है।