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धनतेरस विशेष: जब मां लक्ष्मी ने चुना एक साधारण किसान का घर

हर साल कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन समुद्र मंथन के समय प्रकट हुए भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है, जो अपने हाथ में अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए थे। साथ ही, इस दिन मां लक्ष्मी का पूजन भी विधिपूर्वक किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान धन्वंतरि और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन, सुख और समृद्धि बनी रहती है। धनतेरस से जुड़ी एक पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आती हैं। यदि घर स्वच्छ और दीपों से प्रकाशित हो, तो देवी लक्ष्मी प्रसन्न होकर उसमें वास करती हैं और घर में धन-संपत्ति की वृद्धि होती है। इसी कारण लोग इस दिन घर की साफ-सफाई करते हैं और दीप जलाकर मां लक्ष्मी का स्वागत करते हैं। धनतेरस की कथा प्राचीन काल की बात है। एक बार भगवान विष्णु ने पृथ्वी लोक पर भ्रमण करने की इच्छा प्रकट की। जब वे चलने लगे, तो मां लक्ष्मी ने भी निवेदन किया, "प्रभु! मैं भी आपके साथ पृथ्वी पर जाना चाहती हूं।" भगवान विष्णु मुस्कराए और बोले, "देवी, यदि तुम मेरे साथ चलना चाहती हो तो एक शर्त है, तुम्हें मेरी आज्ञा का पालन करना होगा।" माता लक्ष्मी ने सहर्ष यह शर्त स्वीकार कर ली। दोनों पृथ्वी लोक की ओर प्रस्थान कर गए। कुछ समय पश्चात भगवान विष्णु को दक्षिण दिशा की ओर जाने की इच्छा हुई। उन्होंने माता लक्ष्मी से कहा, "देवी, आप यहीं ठहरें। मैं थोड़ी देर में लौटता हूं।" परंतु माता लक्ष्मी, सौंदर्य और आकर्षण की देवी, वहां न रुकीं और चुपचाप प्रभु के पीछे-पीछे चल दीं। रास्ते में उन्हें एक सुंदर सरसों का खेत दिखाई दिया। खेत की हरियाली और पीले-पीले फूलों ने माता का मन मोह लिया। वे वहां रुकीं, सरसों के फूलों से श्रृंगार किया और पास में लगे गन्ने का रस पीया। यह दृश्य जब भगवान विष्णु ने देखा, तो वे क्रोधित हो उठे। उन्होंने माता लक्ष्मी से कहा, "तुमने मेरी आज्ञा का उल्लंघन किया है। इसलिए तुम्हें दंड मिलेगा। अब तुम्हें बारह वर्षों तक इस किसान के घर निवास करना होगा।" भगवान का वचन सत्य हुआ। मां लक्ष्मी को बारह वर्षों तक उसी किसान के घर रहना पड़ा। परंतु जहां लक्ष्मी का वास हो, वहां दरिद्रता कैसे टिक सकती है? देखते ही देखते वह गरीब किसान धन-धान्य से भर गया। उसका घर संपन्नता से चमक उठा। बारह वर्ष पूरे होने पर भगवान विष्णु माता लक्ष्मी को वापस ले जाने आए। लेकिन किसान मां लक्ष्मी को छोड़ने को तैयार नहीं था। तब माता लक्ष्मी ने उसे प्रेमपूर्वक समझाया, "पुत्र! मैं वर्ष में एक दिन तुम्हारे घर जरूर आऊंगी। यदि तुम कार्तिक मास की त्रयोदशी के दिन अपने घर को स्वच्छ रखोगे, दीपक जलाओगे, और श्रद्धा से मेरा पूजन करोगे, तो मैं सदा तुम पर अपनी कृपा बनाए रखूंगी।" किसान ने माता की बात मानी और विधिपूर्वक पूजन किया। तभी से यह परंपरा चली आ रही है कि धनतेरस के दिन घर की सफाई की जाती है, दीप जलाए जाते हैं और माता लक्ष्मी का पूजन कर संपत्ति, सुख और समृद्धि की कामना की जाती है।

दिवाली 2025: तिथि का संशय खत्म, जानिए कब और किस समय करें लक्ष्मी-गणेश पूजन

हर साल की तरह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या यानी दिवाली का त्योहार देश भर में धूमधाम से मनाया जाता है. दिवाली प्रकाश का पर्व है और इसे दीपावली भी कहा जाता है. दिवाली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है. इस दिन भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद वापिस अयोध्या आए थे. इस बार दिवाली की तिथि को लेकर लोग असमंजस में हैं. कुछ लोगों का मानना है कि इस बार दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी तो वहीं कुछ लोग 21 अक्टूबर को दिवाली की सही तारीख बता रहे हैं. तो आइए कुछ खास ज्योतिर्विदों से जानते हैं कि दिवाली किस दिन मनाना फलदायी होगा और साथ ही दिवाली की सही डेट क्या है और लक्ष्मी-गणेश पूजन का मुहूर्त क्या रहेगा.  दिवाली 2025 तिथि  दीपावली का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है. इस बार कार्तिक अमावस्या तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 21 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगा. ऐसे में अमावस्या की तिथि के अनुसार कुछ विद्वान या पंडित दिवाली 20 अक्टूबर को मनाने की सलाह दे रहे हैं तो वहीं कुछ 21 अक्टूबर को दिवाली मनाने के पक्ष में हैं. ज्योतिर्विदों के मुताबिक, दरअसल दिवाली की प्रदोष काल व्यापिनी तिथि 20 अक्टूबर को ही प्राप्त हो रही है. वहीं, 21 अक्टूबर को तीन प्रहर से अधिक अमावस्या और साढ़े तीन प्रहर से अधिक प्रतिपदा होने के कारण उस दिन लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त उपलब्ध नहीं हो रहा है. इसी कारण, 20 अक्टूबर को ही दीपावली का पर्व मनाया जाएगा. दिवाली 2025 लक्ष्मी गणेश पूजन मुहूर्त इस बार दिवाली पर पूजन के लिए दो मुहूर्त मिलेंगे. पहला शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में है. इस दिन प्रदोष काल शाम 05 बजकर 46 मिनट से रात्रि 08 बजकर 18 मिनट के बीच रहेगा, जिसमें वृषभ काल शाम 7 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 03 मिनट तक रहेगा. इसमें भी मां लक्ष्मी का पूजन किया जा सकता है.  इसके अलावा, लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे खास शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 08 मिनट से शाम 08 बजकर 18 मिनट के बीच का रहेगा. यानी लक्ष्मी पूजन के लिए आपको 1 घंटे 11 मिनट का समय मिलेगा.  दिवाली पूजन विधि दिवाली पर पूर्व दिशा या ईशान कोण में एक चौकी रखें. चौकी पर लाल या गुलाबी वस्त्र बिछाएं. पहले गणेश जी की मूर्ति रखें. फिर उनके दाहिने ओर लक्ष्मी जी को रखें. आसन पर बैठें और अपने चारों ओर जल छिड़क लें. इसके बाद संकल्प लेकर पूजा आरम्भ करें. एक मुखी घी का दीपक जलाएं. फिर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को फूल और मिठाइयां अर्पित करें. इसके बाद सबसे पहले गणेश और फिर मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें. अंत में आरती करें और शंख ध्वनि करें. घर में दीपक जलाने से पहले थाल में पांच दीपक रखकर फूल आदि अर्पित करें. इसके बाद घर के अलग-अलग हिस्सों में दीपक रखना शुरू करें. घर के अलावा कुएं के पास और मंदिर में दीपक जलाएं. दीपावली का पूजन लाल, पीले या चमकदार रंग के वस्त्र धारण करके करें. काले, भूरे या नीले रंग से परहेज करें. दिवाली का महत्व  दिवाली के दिन भगवान राम लंका पर विजय प्राप्त करके वापस अयोध्या आए थे. इस दिन से हर साल कार्तिक अमावस्या पर दिवाली मनाई जाती है. दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधिवत पूजा अर्चना की जाती है, साथ ही भगवान राम के आने की खुशी में दीप जलाए जाते हैं. 

धनतेरस 2025 राशिफल: मकर वालों को मिलेंगे अच्छे संकेत, बाकी राशियों का भी जानें भविष्यफल

मेष राशि- आज आपको ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती है। कोई नई स्किल सीखने का मौका मिल सकता है। आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। आर्थिक रूप से स्थिति अच्छी होगी। व्यापारियों को नई पार्टनरशिप से मुनाफा होगा। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। वृषभ राशि- आज आपको अपने खान-पान का ध्यान रखना चाहिए, वरना इसका प्रभाव सेहत पर पड़ेगा। आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। आत्मविश्वास पहले से ज्यादा होगा। हालांकि आज आप छोटी-छोटी चीजों पर खर्च कर सकते हैं, जिससे परेशानी हो सकती है। रोमांस के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। व्यावसायिक स्थिति अच्छी होगी। मिथुन राशि- आज आपकी एनर्जी ज्यादा रहेगी, जिससे आप जरूरी कामों को निपटाने में सफल रहेंगे। आपका धन बेकार की चीजों पर खर्च हो सकता है, जिससे मानसिक तनाव हो सकता है। अगर आप धन संचय करना चाहते हैं, तो एक आर्थिक प्लान बनाकर चलें। माता-पिता का साथ मिलेगा। सिंगल जातकों के लिए योग्य विवाह प्रस्ताव आ सकते हैं। जीवनसाथी के साथ एक शानदार दिन बिताएंगे। कर्क राशि- आज आपकी सेहत में सुधार होगा। धन के बचाने में सफल रहेंगे। आज किसी भाई-बहन की मदद करने की जरूरत पड़ सकती है। दूसरों पर जरूरत से ज्यादा खर्च करने से बचें। आज आपको लवर का सहयोग मिलेगा। ऑफिस की समस्याओं को सुलझाने की कोशिश में तनाव आपके दिमाग पर छा सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। सिंह राशि- आज आपका कोई सपना हकीकत में बदल सकता है। अपने उत्साह पर काबू रखें। धन की स्थिति में सुधार होगा। यात्रा से रोमांटिक रिलेशनशिप को बढ़ावा मिलेगा। नए प्रोजेक्ट या किसी महत्वपूर्ण काम को करने के लिए दिन अनुकूल रहने वाला है। आज जीवनसाथी के साथ तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। कन्या राशि- आज आपकी लाइफस्टाइल में बदलाव करने से सेहत अच्छी हो सकती है। आज आपको अपने पैसों को संभालकर रखने में परेशानी हो सकती है। बेकार की चीजों पर खर्च करने से बचें, वरना परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लव लाइफ अच्छी रहेगी। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। तुला राशि- आज आपको अपने धैर्य पर काबू रखना चाहिए। आज किसी करीबी दोस्त की मदद से कुछ करोबारियों को धन लाभ होने की संभावना है। प्यार और रोमांस आपको ख़ुशमिजाज रखेंगे। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहेगी। आज फैसले को सोच-समझकर कर लें। आपका कोई पुराना दोस्त आपके जीवनसाथी के साथ पुरानी यादें ताजा कर सकता है। वृश्चिक राशि– आज आपको मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। आर्थिक परेशानियां दूर हो सकती हैं। परिवार में किसी बाहरी व्यक्ति का दखल रिश्तों में परेशानी ला सकता है। उच्चाधिकारियों का साथ मिलेगा। यात्रा से लाभ के संकेत हैं। कारोबारियों को आज मुनाफा होगा, जिससे व्यापार विस्तार करने में आसानी होगी। धनु राशि- आज आप जीवनसाथी के चेहरे पर मुस्कान बिखेर सकते हैं। आज आप अच्छा पैसा कमाएंगे- लेकिन इसे अपने हाथों से फिसलने नहीं दें। आज रोमांस की स्थिति अच्छी रहेगी। काम के बोझ के बावजूद भी आप अपने कार्यस्थल पर एनर्जेटिक बने रह सकते हैं। जीवनसाथी के साथ भविष्य को लेकर चर्चा कर सकते हैं। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहेगी। मकर राशि- आज सिंगल जातकों की लाइफ में कोई खास व्यक्ति आ सकता है। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। आप अपने वर्कप्लेस पर एनर्जेटिक बने रह सकते हैं, जिसे सीनियर्स भी नोटिस करेंगे। आज आप पार्टनर के किसी राज को जानकार परेशान हो सकते हैं। धन की स्थिति में सुधार होगा। व्यापारियों को नई पार्टनरशिप मिल सकती है। कुंभ राशि- आज आपको जीवनसाथी की सेहत पर नजर रखने की जरूरत है। अप्रत्याशित मुनाफे के जरिए आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। आपकी फिजूलखर्ची घर में तनाव पैदा कर सकती है। आप एक्स्ट्रा कामों को निपटाने के लिए आज का दिन चुन सकते हैं। काम में आपकी मेहनत रंग लाएगी। मीन राशि- आज आपको कई स्रोतों से धन लाभ होगा। जीवन में खुशियों का आगमन होगा। अपने काम और प्राथमिकताओं पर फोकस करें। आज जीवनसाथी के साथ कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बन सकता है। व्यापार में विस्तार के योग हैं। नौकरी पेशा करने वालों को ग्रोथ के अवसर मिल सकते हैं।

मकर राशि को मिलेगा बड़ा लाभ! जानें 17 अक्टूबर को आपकी राशि का क्या है योग

मेष राशि- आज मेष राशि वालों को मानसिक शांति की प्राप्ति होगी। धन लाभ होने की संभावना है, लेकिन आपको अपने गुस्से पर काबू रखना होगा। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे और भविष्य के बारे में बातचीत कर सकते हैं। नौकरी पेशा करने वालों को कलीग का सहयोग और तारीफ मिलेगी। व्यापार करने वालों के लिए शुभ दिन है। वृषभ राशि- आज आपको अपने खानपान पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि सेहत बिगड़ सकती है। यात्रा के संकेत हैं, लेकिन फलीभूत नहीं होगी। आज का दिन आपको थकाने वाला और तनावपूर्ण साबित हो सकता है, लेकिन आर्थिक तौर पर फायदेमंद भी साबित होगा। अपने जीवनसाथी के साथ सुकून, आराम और प्यार पाएंगे। किसी नई स्किल को सीख सकते हैं। मिथुन राशि– आज आपके जीवन में खुशियों का आगमन होगा। कार्यक्षेत्र या व्यापार में कोई भी लापरवाही आज आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। बच्चों की सेहत पर नजर रखें। आप अपने सपनों को साकार होते देखेंगे। आज आप अपने खाली समय का सदुपयोग करेंगे और उन अधूरे कामों को पूरा करने की कोशिश करेंगे। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कर्क राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। धन के मामलों में सावधानी बरतें, वरना नुकसान हो सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताना सुखद रहेगा। आज प्यार में अनबन का सामना करना पड़ सकता है। आज आपको बॉस का सहयोग मिलेगा, जिसका फायदा अप्रेजल में मिलेगा। जीवनसाथी आपको कोई खास सरप्राइज दे सकता है। सिंह राशि- आज आपको ध्यान और योग का फायदा मिलेगा, मानसिक तनाव दूर होगा। अगर आप छात्र हैं और विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं, तो घर की आर्थिक तंगी आज आपको परेशान कर सकती है। कुछ जातकों की दोस्ती रोमांस में बदल सकती है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत आज रंग लाएगी। आज आपको लोगों के साथ गपशप करने से बचना चाहिए। कन्या राशि- आज आपके घर पर मेहमानों का आगमन हो सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे धन का आगमन होगा। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। जीवनसाथी के साथ किसी पुरानी याद को ताजा कर मन खुश होगा। व्यापारिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। तुला राशि- ऑफिस में आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि ज्यादा काम लेने से बचें। आज आपको अपना धन खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। व्यवसायियों को अपने प्रमोटरों से धन लाभ हो सकता है।। अपने जीवनसाथी के साथ कुछ समय बिताना भी बहुत जरूरी है। धन लाभ के संकेत हैं। वृश्चिक राशि– आज आपकी यात्रा लाभकारी रहेगी। आज निवेश के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र में चीजें आपके लिए काफी बेहतर हो सकती हैं। आप अपने जीवनसाथी के साथ एक बेहतरीन शाम बिता सकते हैं। आर्थिक लाभ के संकेत हैं। धनु राशि- आज आपको धन लाभ हो सकता है। आपको अपनी लीडरशिप स्किल दिखाने का मौका मिलेगा। दूसरों को प्रभावित करने की आपकी क्षमता आपको सकारात्मक परिणाम दिलाएगी। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। व्यापारियों को विदेश यात्रा का मौका मिल सकता है। मकर राशि- आज आपको भाई-बहन से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। महत्वपूर्ण टास्क या कार्यों को पूरा करने के लिए दिन अनुकूल रहने वाला है। साहसिक कदम और फैसले अनुकूल परिणाम लाएंगे। परिवार के साथ यात्रा के योग हैं। जीवनसाथी आपके साथ समय बिताकर खुश होगा। कुंभ राशि- आज आपको किसी पारिवारिक मामले को हल करना पड़ सकता है। पुराने निवेशों से इनकम में वृद्धि होने की संभावना है। दोस्त और जीवनसाथी आपके लिए खुशियां लाएंगे। काम के सिलसिले में भागदौड़ करनी पड़ सकती है। आज आप अपने वैवाहिक जीवन के सबसे खास दिन का अनुभव करेंगे। ऑफिस में अपने कार्यों को निपटा लें। मीन राशि– आज आपको अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। किसी भी जरूरी कागजात या धन से जुड़े मामले पर साइन करते समय सावधानी बरतें, वरना नुकसान हो सकता है। महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात हो सकती है। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा।

रमा एकादशी 2025: 17 अक्टूबर को है व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा का सही तरीका

कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि में एकादशी का व्रत रखा जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की आराधना करने से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है. बता दें कि रमा एकादशी को कार्तिक शुक्ल एकादशी भी कहा जाता है. इस बार यह व्रत 17 अक्टूबर को रखा जाएगा. जानते हैं व्रत का शुभ मुहूर्त, कथा, और उपाय के बारे में. रमा एकादशी व्रत तिथि और मुहूर्त  पंचांग के अनुसार, रमा एकादशी का व्रत हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. एकादशी तिथि की शुरुआत 16 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 17 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 12 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. 17 अक्टूबर को उदयातिथि मान्य रहेगी, इसलिए 17 अक्टूबर को रमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. पूजा के लिए शुभ मुहूर्त  अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. अमृत काल मुहूर्त सुबह 11 बजकर 26 मिनट से दोपहर 1 बजकर 07 मिनट तक रहेगा. पारण का समय 18 अक्टूबर 2025, सुबह  6 बजकर 24 मिनट से 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगा.  रमा एकादशी पूजन विधि  7 अक्टूबर की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. स्नान के बाद स्वच्छ, पीले या सफेद वस्त्र धारण करें, क्योंकि ये दोनों रंग भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रिय हैं. पूजा स्थल को शुद्ध कर गंगाजल का छिड़काव करें. अब दीप प्रज्वलित करें और भगवान विष्णु के समक्ष बैठकर व्रत का संकल्प लें. पूजा प्रारंभ करते समय भगवान विष्णु का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शुद्ध जल) से अभिषेक करें. इसके बाद उन्हें पीला चंदन, अक्षत (चावल), मौली (रक्षा सूत्र), पुष्प, तुलसीदल, मेवा अर्पित करें.  भगवान विष्णु की पूजा के पश्चात माता लक्ष्मी की भी विधिवत पूजा करें. उन्हें कमल पुष्प, गुलाब या पीले फूल अर्पित करें. पूजन के बाद रमा एकादशी व्रत कथा अवश्य सुनें या पढ़ें. अंत में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त आरती करें. आरती के पश्चात परिवार के सभी सदस्य “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ लक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जप करें.  व्रतधारी दिनभर उपवास रख सकते हैं. अगले दिन द्वादशी तिथि को प्रातः पूजा कर ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को दान दें, उसके बाद व्रत का पारण करें.  रमा एकादशी पूजा मंत्र  ॐ नमोः नारायणाय॥ ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥ दन्ताभये चक्र दरो दधानं, कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्। धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया, लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।। रमा एकादशी उपाय  रमा एकादशी के दिन काली चींटियों को आटा या चीनी खिलाने की परंपरा अत्यंत शुभ मानी जाती है. यह उपाय रुके हुए कार्यों को पूर्ण करने वाला माना जाता है. रमा एकादशी पर देवी लक्ष्मी की पूजा में कुछ विशेष वस्तुएं चढ़ाने का विधान है. इस दिन माता को मखाना, खीर, कमल का पुष्प, बताशा, कौड़ी और सुगंधित धूप-दीप अर्पित करें. मखाना और खीर समृद्धि और शुद्धता का प्रतीक हैं. कमल का पुष्प माता लक्ष्मी का प्रिय फूल है, जो वैभव और शांति लाता है. बताशा मिठास और सौहार्द का प्रतीक है. कौड़ी को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है; इसे अर्पित करने से आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है.  रमा एकादशी व्रत कथा  पौराणिक कथा के अनुसार, राजा मुचुकुन्द, जो अत्यंत पराक्रमी और धर्मपरायण थे, उन्होंने अपने जीवन में कई बार युद्ध और पाप कर्मों से मुक्ति के लिए भगवान विष्णु का शरण लिया. एक दिन देवर्षि नारद उनके दरबार में आए और उन्हें रमा एकादशी का व्रत करने की महिमा सुनाई. उन्होंने बताया कि यह व्रत भगवान विष्णु और देवी रमा (लक्ष्मी) को प्रसन्न करने वाला है, जो जीवन के समस्त कष्टों से मुक्ति देता है. राजा मुचुकुन्द ने श्रद्धा पूर्वक यह व्रत किया. इसके प्रभाव से वे न केवल पापों से मुक्त हुए, बल्कि उन्हें स्वर्गलोक की प्राप्ति भी हुई. कहा जाता है कि इसी दिन देवी लक्ष्मी स्वयं विष्णु के साथ पृथ्वी पर आती हैं और भक्तों को धन, वैभव और सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं. 

साफ-सफाई करते समय इन 5 चीजों को कभी बाहर मत फेंकें, दिवाली पर बढ़ती है खुशहाली

दिवाली का त्यौहार नजदीक आते ही हर घर में साफ-सफाई का दौर शुरू हो जाता है। लोग अपने घर की हर चीज को नया और चमकदार बनाने में लग जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सफाई करते वक्त कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें भूलकर भी घर से नहीं निकालना चाहिए? माना जाता है कि ये वस्तुएं घर में लक्ष्मीजी का वास बनाए रखती हैं और सुख-समृद्धि लाती हैं। अगर इन्हें गलती से भी बाहर फेंक दिया जाए, तो मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। आइए जानते हैं, ऐसी कौन-सी चीजें हैं जिन्हें दीपावली की सफाई के दौरान घर से कभी नहीं निकालना चाहिए। शंख या कौड़ी दिवाली की सफाई के दौरान पूजा के सामान में अगर पुराना शंख या कौड़ी मिल जाए तो उसे भूलकर भी फेकना नहीं चाहिए। क्योंकि ये दोनों ही चीजें माता लक्ष्मी का प्रतीक मानी जाती हैं। ऐसे में मान्यता है कि इन्हें घर से बाहर निकालने पर, मां लक्ष्मी भी चली जाती हैं। झाड़ू झाड़ू का संबंध भी माता लक्ष्मी से है। दिवाली की सफाई के दौरान झाड़ू को भी घर से नहीं फेंकना चाहिए। दिवाली का दिन मां लक्ष्मी को खुश करने का दिन होता है। ऐसे में जब झाड़ू को घर से बाहर फेंका जाता है तो लक्ष्मी रूठ कर चली जाती है। इसलिए दीपावली की सफाई में झाड़ू को भूलकर भी ना फेंके। लाल कपड़े अक्सर लोग दीपावली के सफाई के दौरान पुराने कपड़े भी घर से बाहर निकाल देते हैं। लेकिन अगर अपने घर में कहीं पर भी लाल कपड़ा रखा हुआ है, तो उसे दीपावली की सफाई के दौरान भूल कर भी घर से बाहर ना करें या किसी को ना दें। लाल कपड़े को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है और इसमें मां लक्ष्मी का वास होता है। इसलिए दीपावली की सफाई के दौरान भूल कर भी लाल कपड़े को घर से बाहर नहीं निकालना चाहिए। पुराने सिक्के अगर आपको पुराने सिक्के मिल जाए, जिनका इस्तेमाल भले ही आज के दौर में नहीं होता है, लेकिन फिर भी उन्हें दीपावली की सफाई के दौरान घर से बाहर ना निकालें। दरअसल सिक्के पुराने हो या नए दोनों में ही मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में दीपावली के समय में इन्हें घर से बाहर निकालना यानी मां लक्ष्मी को घर से बाहर निकालना है, और इससे घर में दरिद्रता आती है।

लक्ष्मी आगमन से पहले करें ये सफाई, घर से बाहर करें अलक्ष्मी की निशानियां!

वास्तु शास्त्र के अनुसार दिवाली से पहले घर की सफाई और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना बेहद जरूरी माना जाता है। ऐसा करने से माता लक्ष्मी का आगमन होता है और घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दीवाली के दौरान घर अशुभ चीजों को रखने से नेगेटिव वाइब्स का वास होता है, इसलिए दिवाली से पहले घर से अशुभ चीजों को बाहर का रास्ता दिखाएं। आइए जानते हैं कि दिवाली से पहले किन अशुभ चीज़ों को घर से बाहर निकाल देना चाहिए वास्तु के अनुसार टूटा हुआ फर्नीचर, आईना, बर्तन या इलेक्ट्रॉनिक सामान नकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं। ये घर में दरिद्रता और अशांति को आकर्षित करते हैं। इन्हें तुरंत हटा दें। टूटा हुआ शीशा घर में टूटा हुआ शीशा रहना शुभ नहीं माना जाता। इससे नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए दिवाली से पहले टूटे हुए शीशे को घर से बाहर करें। पुराने कपड़े और जूते-चप्पल बहुत पुराने या फटे कपड़े, जूते-चप्पल नकारात्मक तरंगों के वाहक होते हैं। इन्हें घर में रखने से मन अशांत रहता है और तरक्की में बाधा आती है। अगर घर में फटे-पुराने जूते चप्पल हैं, तो उन्हें भी दीवाली की सफाई के दौरान घर से बाहर करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, फटे-पुराने जूते चप्पल को घर में रखने से दुर्भाग्य आता है और मां लक्ष्मी का आगमन नहीं होता। इसलिए इस दिवाली पर घर में भूलकर भी फटे-पुराने जूते चप्पल न रखें। बंद घड़ियां वास्तु के अनुसार बंद घड़ियां रुकी हुई प्रगति और समय की रुकावट का प्रतीक हैं। इन्हें या तो ठीक करवाएं या घर से बाहर करें। घर में बंद घड़ी को नहीं रखना चाहिए। बंद घड़ी को नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इससे व्यक्ति को करियर और आर्थिक तंगी का समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सूखे और मुरझाए पौधे सूखे पौधे या मुरझाए फूल जीवन ऊर्जा को कमजोर करते हैं। इन्हें हटाकर हरे-भरे पौधे लगाएं, ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। पुरानी झाड़ू वास्तु के अनुसार पुरानी झाड़ू दरिद्रता का प्रतीक होती है। दीवाली से पहले झाड़ू बदलना शुभ माना जाता है। नई झाड़ू को घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में छिपाकर रखें। बेकार के कागज़ और टूटी मूर्तियां पुराने बिल, बेकार कागज़, या टूटी देवी-देवताओं की मूर्तियां घर में नहीं रखनी चाहिए। यह लक्ष्मी जी के आगमन में बाधा डालती हैं। इन्हें सम्मानपूर्वक विसर्जित करें। मंदिर में किसी देवी-देवता की खंडित प्रतिमा (टूटी हुई) है, तो उसे नदी में विसर्जित कर दें। एक्सपायर कॉस्मेटिक या दवाइयां एक्सपायर चीज़ें स्थिर नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करती हैं। इन्हें हटाने से स्वास्थ्य और ऊर्जा में सुधार होता है।   मकड़ी के जाले और धूल-मिट्टी दीवाली से पहले घर में कोनों, छत और दीवारों की अच्छी सफाई करें। मकड़ी के जाले नकारात्मक शक्तियों के प्रवेश द्वार माने जाते हैं। बेकार इलेक्ट्रॉनिक सामान जो इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं लंबे समय से खराब हैं, उन्हें घर में रखना ऊर्जा प्रवाह को बाधित करता है। इन्हें हटा दें या रीसायकल करें। पुराने रिश्तों और झगड़ों की यादें फोटो, पत्र या ऐसी चीजें जो पुराने दुःख या विवादों की याद दिलाती हैं, उन्हें घर से हटा दें। इससे मानसिक शांति और नई ऊर्जा आती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिवाली से पहले घर की भौतिक और ऊर्जात्मक सफाई दोनों आवश्यक हैं। जब घर अशुभ वस्तुओं से मुक्त होता है, तब ही माता लक्ष्मी की कृपा, धन, और सौभाग्य का वास होता है।

नेगेटिव एनर्जी से बचना है? अपनाएं ये फेंगशुई उपाय, घर में आएगी खुशहाली

घर की सजावट आदि के लिए हम कई तरह की चीजें रखते हैं। फेंगशुई में माना गया है कि कुछ विशेष वस्तुओं को घर में रखने से आपके घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है, साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। चलिए जानते हैं कि वह चीजों कौन-सी हैं। लगाएं ये तस्वीरें फेंगशुई के मुताबिक आपको अपने घर में सूर्योदय, पहाड़, झरने और घोड़ों की तस्वीर लगाने से विशेष लाभ मिल सकता है। इससे व्यक्ति के लिए समृद्धि और सफलता की संभावनाएं और भी बढ़ जाती हैं। फेंगशुई के अनुसार, घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में परिवार की मुस्कुराती हुई तस्वीरें लगाने से रिश्तों में मजबूती आती है। रख सकते हैं ये पौधे फेंगशुई में माना गया है कि घर में बांस का पौधा रखने से समृद्धि में इजाफा होता है। इसे आप उस स्थान पर रखें जहां घर के सदस्य एक साथ बैठते हों। इसके साथ फेंगशुई के अनुसार, घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में मनी प्लांट का पौधा लगाना भी काफी शुभ माना गया है। इससे आर्थिक स्थिरता बनी रहती है। पैसों की समस्या से मिलेगी राहत फेंगशुई में कछुए को धन और समृद्धि का प्रतीक के रूप में देखा जाता है। ऐसे में आप फेंगशुई के मुताबिक कछुए की मूर्ति को घर की उत्तर दिशा में रख सकते हैं। इससे धन संबंधी समस्याओं में राहत देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही घर में फव्वारा या एक्वेरियम रखने पर भी आपको बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। इसे रखने के लिए घर की उत्तर या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को सबसे उत्तम माना गया है। नेगेटिवि एनर्जी रहेगी दूर फेंगशुई में माना गया है कि विंड चाइम सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि पॉजिटिव एनर्जी को भी बढ़ाता देता है। इससे नेगेटिवि एनर्जी का प्रभाव कम होता है और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है। ऐसे में आपको अपने मुख्य द्वार या खिड़कियों पर विंड चाइम जरूर लगाना चाहिए।  

प्रदोष काल के बाद लक्ष्मी पूजन शुभ, जानिए इस बार कब और कैसे मनाई जाएगी दीपावली

इस वर्ष दो अमावस्या तिथियों के कारण दीपावली की तारीख को लेकर क्षेत्र में असमंजस बना हुआ था। सीहोर के विद्वान ब्राह्मणों ने शास्त्रानुसार स्पष्ट किया है कि 20 अक्तूबर सोमवार को ही दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। पंडित जी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार वही तिथि श्रेष्ठ मानी जाती है, जिसमें प्रदोष काल में अमावस्या व्याप्त हो। प्रदोष काल में ही लक्ष्मी पूजन श्रेष्ठ धर्मशास्त्रों में प्रदोष काल अर्थात सूर्यास्त के पश्चात का समय को लक्ष्मी पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। 20 अक्तूबर को यह काल अमावस्या तिथि के अंतर्गत आ रहा है, जिससे इस दिन का पूजन शुभ और फलदायी माना गया है। दो दिन पूजन में दोष नहीं, पर पर्व एक दिन ही पंडित शर्मा ने बताया कि यदि कोई साधक 21 अक्तूबर को भी पूजन करता है तो इसमें कोई दोष नहीं, क्योंकि लक्ष्मी पूजन एक विशेष आराधना है। किंतु पर्व का उत्सव एक ही दिन 20 अक्तूबर को शास्त्रसम्मत माना गया है। तिथि गणना के अनुसार 20 को प्रदोष में अमावस्या ज्योतिष गणना के अनुसार 20 अक्तूबर को अमावस्या दोपहर 3:44 बजे से प्रारंभ होकर 21 अक्तूबर सायं 4:50 तक रहेगी। मंगलवार को सूर्यास्त 5:54 पर होने से उस दिन सूर्यास्त के पूर्व ही अमावस्या समाप्त हो जाएगी। इसलिए 20 अक्तूबर की रात्रि को ही प्रदोष व्यापिनी अमावस्या का पूर्ण प्रभाव रहेगा। नक्तव्रत पारण का विधान भी 20 को ही संभव नक्तव्रत पारण जो लक्ष्मी पूजन का एक आवश्यक भाग है, ये केवल 20 अक्तूबर को ही संभव है। इसी कारण मुख्य दीपोत्सव का आयोजन इसी दिन किया जाएगा। पंडितों के अनुसार इस रात्रि में लक्ष्मी-गणेश पूजन कर दीपदान करने से समृद्धि की प्राप्ति होती है।पंडित गणेश शर्मा के अनुसार  “नक्तव्रत पारण”  दो शब्दों से मिलकर बना है। नक्त अर्थात रात्रि व्रत अर्थात उपवास या संयम का नियम। इसका अर्थ है, दिन भर उपवास रखकर रात्रि में पारण यानि भोजन ग्रहण करना। इस व्रत में व्यक्ति पूरे दिन जल, फल या एकदम निराहार रहकर रात्रि में, जब शुभ मुहूर्त आता है या पूजा सम्पन्न होती है, तब भोजन करता है। दीपावली की रात लक्ष्मी माता का आगमन माना गया है। इस दिन लक्ष्मी पूजन  के पहले अनेक श्रद्धालु नक्तव्रत का संकल्प लेते हैं। इसका उद्देश्य होता है शुद्ध तन-मन से देवी लक्ष्मी की आराधना करना, और पूजा के पश्चात् ही अन्न ग्रहण करना। 23 अक्तूबर को भाई दूज का पर्व दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का समापन 23 अक्तूबर को भाई दूज के साथ होगा। बहनें अपने भाइयों के दीर्घायु होने की कामना करते हुए तिलक करेंगी और प्रेमपूर्वक भोजन कराएंगी। 

आज किसका चमकेगा भाग्य? 16 अक्टूबर 2025 का दैनिक राशिफल पढ़ें मेष से मीन तक

मेष राशि- आज मेष राशि के जातक आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और आज कुछ अलग कर सकते हैं। हालांकि आपके खर्चे बढ़ेंगे, लेकिन आपकी इनकम में भी वृद्धि होगी। माता-पिता की सेहत में सुधार होगा। ऑफिस में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ने की संभावना है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। वृषभ राशि- आज आपके जीवन में कई खुशनुमा पल आएंगे। बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। आर्थिक लाभ की संभावना है। इमोशनल रूप से आप परेशान हो सकते हैं, जीवनसाथी के साथ समय बिताएं। अटके हुए काम पूर्ण हो सकते हैं। व्यावसायिक सफलता मिल सकती है। मिथुन राशि- आज आपको अपने मूड में बदलाव करने की जरूरत है। किसी करीबी व्यक्ति के साथ वाद-विवाद हो सकता है, इसलिए शांत रहें। रोमांस रोमांचक रहेगा। शादीशुदा जातक ऑफिस रोमांस से बचें, वरना रंगे हाथ पकड़े जा सकते हैं। आप आज अपने जीवनसाथी के साथ अपने जीवन का सबसे अच्छा दिन बिताएंगे। कर्क राशि- आज आपको धन कमाने के अवसर प्राप्त होंगे। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है लेकिन शाम तक सब अच्छा हो जाएगा। ऑफिस में आपको अपनी क्रिएटिविटी दिखाने का मौका मिलेगा। यात्रा में लाभ हो सकता है। कार्यस्थल पर किसी सीनियर का सहयोग आपको महत्वपूर्ण टास्क में सफलता दिला सकता है। सिंह राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। धन के मामले में सतर्कता बरतने की जरूरत है। आज कोई करीबी आपसे उधार मांग सकता है, जिससे आपको आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ सकता है। यात्रा को फिलहाल के लिए टाल दें। जीवनसाथी के साथ एक शानदार दिन गुजारेंगे। व्यापारिक स्थिति अच्छी होगी। कन्या राशि- आज आपको अपनी फीलिंग्स पर कंट्रोल रखने की जरूरत है। परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताएं, मन प्रसन्न रहेगा। कारोबारियों को आज अच्छी खबर मिल सकती है। कड़ी मेहनत आज रंग लाएगी और नौकरी करने वाले जातकों को मनमुताबिक परिणाम मिलेंगे। धन की स्थिति अच्छी रहेगी। तुला राशि- आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आपकी करियर में उन्नति हो सकती है। परिवार की समस्याओं को सुलझाने के लिए आज का दिन अनुकूल रहने वाला है। आप अपने लक्ष्यों की ओर शांति से आगे बढ़ेंगे और सफलता हासिल करेंगे। वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। वृश्चिक राशि- आज आपको मानसिक परेशानी से छुटकारा मिलेगा। निवेश से दूर रहें। प्यार में निराशा आपको परेशान नहीं करेगी। आज खर्चों के कारण आपके जीवनसाथी के साथ आपके रिश्ते में खटास आ सकती है। आर्थिक बजट बनाकर चलें, वरना भविष्य में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। धनु राशि- आज आपको अपनी पर्सनल व प्रोफेशनल परेशानियों का समाधान मिलेगा। आप बचत करना शुरू कर सकते हैं, जिससे भविष्य में आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी। ऑफिस में अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन मिलेगा। दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। मकर राशि- आज आपको परिवार के साथ समय बिताकर अपने मूड में बदलाव करने की जरूरत है। सिंगल जातकों का सामना किसी सच्चे इंसान से हो सकता है। अपनों का साथ मिलेगा। जीवन में सुख-समृद्धि के आने से मन प्रसन्न रहेगा। कार्यस्थल पर परिणाम आपके मुनमुताबिक रहेंगे। लेकिन आज आपको अपने दोस्तों से मिलने के लिए भी समय निकालना चाहिए। कुंभ राशि- आज ऑफिस में आपकी ग्रोथ में अड़चनें आ सकती हैं। आपको अपने धन निवेश और बचत के बारे में अपने परिवार के सदस्यों से बात करने की जरूरत है। किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। व्यावसायिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। धन की स्थिति पहले से बेहतर होगी। मीन राशि- आज का दिन आपके लिए खुशनुमा रहने वाला है। जीवनसाथी के साथ एक यादगार शाम बिताएंगे। व्यापार में मुनाफा होगा। नौकरी करने वाले जातकों को अच्छे अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। आज विद्यार्थियों को परीक्षा के डर को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए, आपकी कोशिशें जरूर सकारात्मक परिणाम देंगी।